Author: NewseDay

  • जिम्बाब्वे के लिए खेलते हुए टेलर ने तोड़ा महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का यह कीर्तिमान

    जिम्बाब्वे के लिए खेलते हुए टेलर ने तोड़ा महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का यह कीर्तिमान

    हरारे
    जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने में नया इतिहास लिख दिया है। टेलर का वनडे करियर इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास में सबसे लंबा हो गया है। जिम्बाब्वे की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज खेल रही है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर सीरीज का पहला मैच हो रही है। इसमें ब्रेंडन टेलर जिम्बाब्वे की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हैं।

    टेलर ने 2004 में डेब्यू किया था
    40 साल के ब्रेंडन टेलर ने 20 अप्रैल 2004 को अपना वनडे डेब्यू किया था। 31 अगस्त 2025 के बाद अब वह 15 सितंबर 2026 को जिम्बाब्वे के लिए मैच खेल रहे हैं। अभी तक सबसे लंबे वनडे करियर के मामले में वह तीसरे नंबर पर थे लेकिन अब टॉप पर आ गए हैं। ब्रेंडन टेलर का वनडे करियर 22 साल और 146 दिन लंबा हो गया है।

    सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड टूटा
    अभी तक सबसे लंबे वनडे करियर का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज था। उनका करियर 22 साल और 91 दिन का था। सचिन ने 18 दिसंबर 1989 को अपना पहला मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। उनके वनडे करियर का आखिरी मैच 18 मार्च 2012 को हुआ था। श्रीलंका के दिग्गज ओपनर सनथ जयसूर्या तीसरे और पाकिस्तान के जावेद मियांदाद चौथे नंबर पर हैं।

    पुरुष वनडे क्रिकेट में सबसे लंबा करियर
    22 साल 146 दिन – ब्रेंडन टेलर (जिम्बाब्वे, 2004–)
    22 साल 91 दिन – सचिन तेंदुलकर (भारत, 1989-2012)
    21 साल 184 दिन – सनथ जयसूर्या (श्रीलंका, 1989-2011)
    20 साल 272 दिन – जावेद मियांदाद (पाकिस्तान, 1975-96)
    20 साल 187 दिन – सीन विलियम्स (जिम्बाब्वे, 2005-25)

    • 2022 में ब्रेंडन टेलर पर आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट ने साढ़े तीन साल का बैन लगा दिया था।
    • टेलर पर कार्रवाई कथित भ्रष्ट लोगों से मिले प्रस्ताव की जानकारी तुरंत न देने के कारण की गई थी।
    • बैन खत्म होने के बाद उन्होंने 2025 में फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की।

    सचिन और जयसूर्या से आधे मैच भी नहीं खेले
    ब्रेंडन टेलर का वनडे करियर का यह 208वां मैच है। सचिन ने 463 जबकि जयसूर्या ने 445 वनडे मैच खेले थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले से पहले खेले 207 वनडे की 2025 पारियों में ब्रेंडन टेलर के नाम 6704 रन हैं। वह 11 शतक और 39 फिफ्टी लगा चुके हैं। उनका औसत 35.28 जबकि स्ट्राइक रेट 76.52 का है। 2015 में कोलपैक डील साइन करने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास भी ले लिया था। लेकिन 2017 में काउंटी डील से रिलीज होने के बाद उन्होंने एक बार फिर इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी का फैसला किया।

  • नोवाक जोकोविक के पांचवें से 12वें स्थान पर खिसकने के बाद टेनिस रैंकिंग में हुआ ऐतिहासिक बदलाव

    नोवाक जोकोविक के पांचवें से 12वें स्थान पर खिसकने के बाद टेनिस रैंकिंग में हुआ ऐतिहासिक बदलाव

    नई दिल्ली
    असली रोनाल्डो के नाम से मशहूर ब्राजील के रोनाल्डो नजारियो ने जब अपने देश को उनके पांच में से आखिरी विश्व कप जिताया था, उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और पुरुष टेनिस रैंकिंग में नंबर वन ऑस्ट्रेलिया के लेटन हेविट थे।

    इन तीनों महापुरुषों को अपने क्षेत्रों से संन्यास लिए लंबा वक्त हुआ, कई अन्य लोगों ने इनकी जगह ले ली लेकिन साल 2002 से अब तक एक लिस्ट ऐसी रही जहां तीन महापुरुष डटे ही रहे, अब वो लिस्ट भी बदल गई।

    रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच बाहर
    साल 2002 के बाद पहली बार पुरुष टेनिस रैंकिंग के शीर्ष-दस में बिग थ्री यानी रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविक का नाम नहीं होगा। 39 वर्षीय जोकोविक सोमवार को आई रैंकिंग में पांचवें स्थान से खिसककर 12वें स्थान पर आ गए हैं।

    अक्टूबर 2002 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। फेडरर साल 2022 और नडाल 2024 में संन्यास ले चुके हैं लेकिन जोकोविक लगातार शीर्ष दस में बने हुए थे। एक दिलचस्प बात ये भी है कि लेटन हेविट के 17 वर्षीय बेटे क्रूज हेविट बहुत तेजी से पेशेवर टेनिस में आगे बढ़ रहे हैं।

  • पुणे के नवलें ब्रिज के पास मराठी एक्ट्रेस कल्याणी नंदकिशोर की कार रोककर पैसे ऐंठने की कोशिश

    पुणे के नवलें ब्रिज के पास मराठी एक्ट्रेस कल्याणी नंदकिशोर की कार रोककर पैसे ऐंठने की कोशिश

    मराठी एक्ट्रेस कल्याणी नंदकिशोर ने अपने साथ हुए एक डरावने सड़क हादसे का खुलासा किया है. एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि मुंबई से सातारा जाते वक्त पुणे के नजदीक नवलें ब्रिज के पास कुछ लोगों ने उनकी कार को जानबूझकर टक्कर मारी और इसके बाद उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की.

    कल्याणी के मुताबिक, कार रोकने के बाद इन लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें जबरदस्ती अपनी गाड़ी में ले जाने की कोशिश भी की. इस दौरान उनके हाथ पर चोट के निशान आए. एक्ट्रेस ने वीडियो में इस घटना को लेकर महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए.

    नवलें ब्रिज के पास क्या हुआ?
    कल्याणी ने बताया कि वह मुंबई से सातारा की तरफ जा रही थीं. इसी दौरान नवलें ब्रिज के पास कुछ लोगों ने उनकी कार को जानबूझकर टक्कर मारकर रोक लिया. उनका आरोप है कि इसके बाद उनसे पैसे की मांग की गई.

    मामला यहीं नहीं रुका. कल्याणी के मुताबिक, उन लोगों ने उन्हें जबरदस्ती अपनी कार में ले जाने की कोशिश की. खुद को बचाने की कोशिश में उनके हाथ पर चोट भी आई. एक्ट्रेस ने अपनी आपबीती बताते हुए यह सवाल भी उठाया कि अगर एक महिला के साथ सड़क पर ऐसी स्थिति पैदा हो जाए तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है.

    रात 11 बजे पहुंचीं थाने, सुबह 6 बजे तक चली शिकायत की प्रक्रिया
    कल्याणी ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में बताया कि उन्होंने इस मामले में नरहे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी वर्षा देशमुख और ठिटे साहेब का सहयोग के लिए शुक्रिया भी अदा किया.

    हालांकि, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर एक्ट्रेस ने सवाल जरूर उठाए. कल्याणी के मुताबिक, वह रात करीब 11 बजे पुलिस स्टेशन पहुंची थीं और सुबह 6 बजे तक वहीं रहीं. उन्होंने सोशल मीडिया वीडियो में अपने अनुभव को साझा करते हुए यह भी बताया कि पुलिस शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया उनके लिए कितनी लंबी रही.

    सुप्रिया सुले ने की सख्त कार्रवाई की मांग
    इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले को गंभीरता से लेने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की.

    सुप्रिया सुले ने लिखा कि पुणे के नवलें ब्रिज इलाके में कुछ लोगों के कल्याणी नंदकिशोर की कार रोककर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की घटना सामने आई है. उन्होंने इसे बेहद गंभीर और आपत्तिजनक घटना बताया.

    सुले ने पुणे की कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताई और कहा कि गृह विभाग के अधीन आने वाले इलाके में इस तरह नागरिकों को परेशान किया जाना चिंता का विषय है. उन्होंने राज्य के गृह मंत्री से मामले को गंभीरता से लेने और संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की.

    कल्याणी ने महाराष्ट्र सरकार से भी लगाई गुहार
    कल्याणी नंदकिशोर ने अपने वीडियो के आखिर में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से भी इस मामले में सख्त कदम उठाने की अपील की है. फिलहाल एक्ट्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और दर्ज शिकायत के बाद मामले को लेकर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है. कल्याणी ने जिस तरह अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर साझा की है, उससे सड़क पर महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं.

  • बिना इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए 3 विदेशी यात्रियों ने पकड़ी इंटरनेशनल फ्लाइट, दिल्ली एयरपोर्ट की चूक पर Air India को शो-कॉज

    बिना इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए 3 विदेशी यात्रियों ने पकड़ी इंटरनेशनल फ्लाइट, दिल्ली एयरपोर्ट की चूक पर Air India को शो-कॉज

     नई दिल्ली
    दिल्ली एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल पैसेंजर्स की आवाजाही से जुड़ी एक गंभीर चूक सामने आई है, जिसने सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला तीन विदेशी यात्रियों से जुड़ा है, जो दिल्ली पहुंचने के बाद तय प्रक्रिया पूरी किए बिना ही अपनी अगली इंटरनेशनल फ्लाइट तक पहुंच गए. अब इस मामले में मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने एअर इंडिया से जवाब तलब किया है. एयरलाइन को बताना होगा कि आखिर यह चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। 

    यह मामला 4 सितंबर का है. तीन इटैलियन पैसेंजर एअर इंडिया की फ्लाइट से अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे. इसके बाद उन्हें लुफ्थांसा की दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली फ्लाइट पकड़नी थी. नियम के मुताबिक दिल्ली पहुंचने के बाद इन यात्रियों को अराइवल इमिग्रेशन एरिया में जाकर निर्धारित इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी थी. लेकिन सूत्रों के मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. यात्रियों को इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया की ओर ले जाया गया और वहीं से वे लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार हो गए। 

    एअर इंडिया को शो कॉज नोटिस

    मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया के सीईओ तेवोल्डे गेब्रेमारियम (Tewolde Gebremariam) को शो कॉज नोटिस जारी किया है. एयरलाइन से 9 बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा गया है. मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया को जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया है. एयरलाइन को 19 सितंबर तक यह बताना होगा कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. सिविल एविएशन​ मिनिस्ट्री ने अपने नोटिस में यात्रियों को संभालने और उन्हें एस्कॉर्ट करने वाले एअर इंडिया और SATS के कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। 

    सबसे अहम सवाल यह है कि तीनों यात्रियों को इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर रूट से क्यों ले जाया गया, जबकि उन्हें दिल्ली के अराइवल इमिग्रेशन एरिया से होकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी थी. यानी जांच का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित है कि यात्रियों को किस प्रक्रिया के तहत और किसकी निगरानी में ट्रांसफर एरिया तक पहुंचाया गया. मिनिस्ट्री ने लुफ्थांसा की दिल्ली-म्यूनिख फ्लाइट का ऑनवर्ड बोर्डिंग पास अमृतसर में जारी किए जाने पर भी सवाल उठाया है. नोटिस के मुताबिक हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत स्पोक एयरपोर्ट पर इस तरह का बोर्डिंग पास जारी करने की अनुमति नहीं होती. मिनिस्ट्री ने एअर इंडिया के नोडल अधिकारी और पूरे सुपरवाइजरी मैकेनिज्म से भी जवाब मांगा है. एअर इंडिया ने फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। 

    क्या है हब-एंड-स्पोक सिस्टम?
    एअर इंडिया कुछ रूट्स पर हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत काम करती है. अमृतसर से जुड़ी कुछ उड़ानें भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं. आसान भाषा में समझें तो इस व्यवस्था में विदेश जाने वाले यात्री स्पोक एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके बाद हब एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें मुख्य रूप से सिक्योरिटी चेक के बाद अपनी इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़नी होती है. लेकिन इस मामले में अमृतसर-दिल्ली और दिल्ली-म्यूनिख की उड़ानें इस व्यवस्था के तहत नहीं थीं. इसलिए यात्रियों को दिल्ली में अराइवल इमिग्रेशन की निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना जरूरी था। 

    गृह मंत्रालय ने भी बुलाई बैठक
    मामले को लेकर गृह मंत्रालय ने भी मंगलवार को अधिकारियों और संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई है. गृह मंत्रालय ने इसे सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी गंभीर चूक बताया है. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पी बालाजी (एअर इंडिया में ग्रुप हेड- गवर्नेंस, रेगुलेटरी, कंप्लायंस और कॉर्पोरेट अफेयर्स) समेत इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के कमिश्नर और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है. गृह मंत्रालय ने संबंधित मिनिस्ट्री से हब-एंड-स्पोक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर एक प्रेजेंटेशन भी मांगी है। 

  • 100 फीट के भव्य पंडाल में विराजे कचहरी चौक के राजा, पार्वती-परमेश्वर के साथ बालाजी-जगन्नाथ भी देंगे दर्शन

    100 फीट के भव्य पंडाल में विराजे कचहरी चौक के राजा, पार्वती-परमेश्वर के साथ बालाजी-जगन्नाथ भी देंगे दर्शन

    जांजगीर चांपा
     गणेश चतुर्थी के दिन घर घर बप्पा का आगमन हो गया है. पंडालों में भी गणेश जी विराजमान हो गए हैं. छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में कचहरी चौक पर भव्य गणेश पंडाल बनाया गया है. 100 फीट के इस गणेश पंडाल में सोमवार को 20 फीट के गणपति बप्पा विराजमान हुए. गणेश जी की स्थापना विधि विधान से की गई। 

    क्यों खास है कचहरी चौक का गणेश पंडाल
    जिला मुख्यालय के कचहरी चौक पर इस बार तिरुपति बालाजी मंदिर के तर्ज पर पंडाल बनाया गया है. पंडाल 100 फीट ऊंचा और 80 फीट चौड़ा है. इस पंडाल को कोलकाता से आए कारीगरों ने दिनरात की मेहनत से बनाया है. पंडाल को खूबसूरत झालरों से सजाया गया है।

        समिति पिछले 18 साल से गणेश उत्सव मना रही है. तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया है -अवि सिंह, सदस्य, गणेश उत्सव समिति 

    मां पार्वती और पिता शंकर के साथ 20 फीट के गणपति
    कचहरी चौक के राजा के रूप में भगवान गणेश की लगभग 20 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है. भगवान गणेश के साथ मां पार्वती और भगवान शंकर भी है. इसके अलावा तिरुपति बालाजी, भगवान जगन्नाथ के दर्शन भी श्रद्धालुओं को मिलेंगे. भटगांव के कलाकारों ने सभी प्रतिमाओं को तैयार किया है. कलाकारों ने सभी मूर्तियां मिट्टी से बनाई है. साथ ही जल प्रदूषण करने वाले कैमिकल रंगों का भी उपयोग नहीं किया है। 

        कचहरी चौक के गणेश को देखने को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. लोग बढ़चढ़ कर भगवान गणपति के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. समिति के कार्यकर्ताओं में भी काफी उत्साह है-भूपेंद्र नेमी, सदस्य, गणेश उत्सव समिति 

    गणेश पंडाल में कोलकाता का लाइट एंड साउंड शो
    जांजगीर चांपा गणेश उत्सव समिति हर साल कुछ नया कर लोगों को आकर्षक झांकी दिखाने का प्रयास करती है. इस बार आकर्षक पंडाल के साथ ही कोलकाता का लाइट एंड साउंड शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो आज से शुरू होगा। 

  • कोई जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे, सम्मानजनक घर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य: राजेश अग्रवाल

    कोई जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे, सम्मानजनक घर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य: राजेश अग्रवाल

    हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता: मंत्री राजेश अग्रवाल

    लखनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मिले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    17 सितंबर को आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर ‘सेवा संकल्प अभियान‘ में सहभागी बनने का किया आह्वान

    रायपुर, 
     सरगुजा दौरे के दौरान नगर पंचायत लखनपुर पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की स्थिति, योजना से मिले लाभ तथा आवास से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से अनेक परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है।
    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया है, उससे देश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद भी मजबूत हुई है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े। 

    हितग्राहियों से चर्चा के दौरान मंत्री अग्रवाल ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवास निर्माण से संबंधित आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

    ‘सेवा संकल्प अभियान‘ से जुड़कर जनभागीदारी को मजबूत करने का आह्वान

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी के भाव को निरंतर मजबूती मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि 17 सितंबर की संध्या 7 बजे अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करें और सेवा, समर्पण तथा जनभागीदारी के इस संकल्प से जुड़ें। उन्होंने कहा कि घरों में प्रज्ज्वलित होने वाला आशीर्वाद का दीया समाज में सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी देगा।

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान‘ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली का प्रकाश फैलाया है, उसी तरह ‘आशीर्वाद का दीया‘ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

    उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित नागरिकों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ें।

    इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने मंत्री अग्रवाल से अपने अनुभव साझा किए और योजना से मिले लाभ के संबंध में जानकारी दी। हितग्राहियों ने बताया कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद बढ़ी है। मंत्री अग्रवाल ने हितग्राहियों की बातों को सुना और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से संबंधित सुझावों पर भी चर्चा की।

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और जनसेवा को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्की छत देकर उनके जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव तभी तैयार होगी, जब प्रत्येक परिवार के पास सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हों। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को मजबूत करते हुए सेवा और सामाजिक सरोकारों की इस भावना को और व्यापक बनाया जा सकता है।

  • UCC को लेकर OP चौधरी ने गिनाईं मुस्लिम महिलाओं की मुश्किलें, कहा- समान कानून से परंपराएं रहेंगी सुरक्षित

    UCC को लेकर OP चौधरी ने गिनाईं मुस्लिम महिलाओं की मुश्किलें, कहा- समान कानून से परंपराएं रहेंगी सुरक्षित

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में लागू करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने यूसीसी को संविधान के अनुच्छेद 44 में वर्णित नीति निर्देशक तत्वों का हिस्सा बताते हुए इसे भाजपा के घोषित एजेंडे का हिस्सा बताया। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में विपक्षी दलों के कुछ मुख्यमंत्रियों के शामिल नहीं होने पर भी सवाल उठाए। भारत-चीन संबंधों और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना पीएलए की तैनाती में कमी की खबरों पर भी चौधरी ने केंद्र की कूटनीति की सराहना की।

    अमित शाह के बयान का किया समर्थन
    अमित शाह के 2029 तक भाजपा शासित प्रदेशों में समान नागरिक संहिता लागू करने के बयान पर ओपी चौधरी ने कहा कि शाह अपने संकल्पों को दृढ़ता से लागू करने के लिए जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने यूसीसी को अपने घोषित एजेंडे और चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के लिए समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई है। यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत कानूनों में समानता की दिशा में आगे बढ़ना है।
    विपक्ष भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है

    उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूसीसी नहीं होने के कारण मुस्लिम समाज की महिलाओं को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने संपत्ति में अधिकार, तीन तलाक और बहुविवाह जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी वर्ग की महिलाओं को समान अधिकार मिलना जरूरी है। यूसीसी को लेकर आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति पर उठने वाली आशंकाओं को खारिज करते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि विपक्षी ताकतों की ओर से इस संबंध में भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आदिवासी परंपरा को कोई नुकसान नहीं
    उन्होंने दावा किया कि समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति को कोई नुकसान नहीं होगा। आदिवासी समुदाय को इस मुद्दे पर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। भाजपा यूसीसी को एक प्रगतिशील और समान अधिकारों वाले समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है। इसके माध्यम से महिलाओं को अधिक समान और उचित अधिकार देने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

  • महिला राइडर को टक्कर मारकर फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार, गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस में बड़ा एक्शन

    महिला राइडर को टक्कर मारकर फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार, गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस में बड़ा एक्शन

    गुरुग्राम 

    गुरुग्राम के हिट एंड रन मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। महिला बाइक राइडर सिया चौहान को टक्कर मारने वाले आरोपी कल्याण बैंसला को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि, इस हादसे का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में है। वहीं गुरुग्राम पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए थाना सेक्टर-56 में एफआईआर दर्ज की थी। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास की धारा एफआईआर में जोड़ दी गई है।

    सिया ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए थे सवाल
    बता दें कि इससे पहले गुरुग्राम की महिला बाइक राइडर सिया ने पुलिस के एक्शन पर सवाल उठाए थे। हादसे को लेकर पीड़िता सिया ने बताया कि, उन्हें घुटनों में चोट लगी है। हादसे के समय उन्होंने राइडिंग शूज और राइडिंग ग्लव्स पहन रखे थे, जिसकी वजह से उन्हें चोट कम लगी। उनके मुताबिक, अगर उन्होंने ये सुरक्षा उपकरण नहीं पहने होते तो उनके हाथ पर लगी चोट इतनी गंभीर हो सकती थी कि कंधे की हड्डी भी टूट सकती थी।

    वीडियो फुटेज से मिली सुराग 

    गुरुग्राम पुलिस ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए थाना सेक्टर-56 में अभियोग दर्ज किया था। शुरुआत में लापरवाही से वाहन चलाने से संबंधित बीएनएस की धारा 281 और 125 के तहत केस दर्ज किया गया था।

    घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के गहन विश्लेषण के बाद पुलिस के सामने कार चालक द्वारा सिया की बाइक की तरफ जानबूझकर कार मोड़ने का तथ्य आया। इसके आधार पर मामले में बीएनएस की धारा 109 यानी हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई।

    घटना के बाद फरार था आरोपी
    13 सितंबर को गोल्फ कोर्स रोड पर हुई घटना के बाद कल्याण बैंसला फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बड़े स्तर पर तलाश शुरू की थी और तीन विशेष टीमों का भी गठन किया गया था।

    अब राजस्थान के दौसा से गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से घटना को लेकर पूछताछ करेगी और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    राइडर सिया को मारी टक्कर
    सिया अपनी Aprilia RS 457 बाइक से अन्य राइडरों के साथ जा रही थीं। घटना के बाद इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित हुआ था। बाद में सिया ने भी वीडियो जारी कर कार चालक पर जानबूझकर टक्कर मारने का आरोप लगाया था।

    सिया के अनुसार, कार चालक ने पहले उन्हें रुकने का इशारा किया था। जब वह नहीं रुकीं तो चालक ने कार उनकी बाइक की तरफ मोड़ दी और टक्कर मार दी।

    हत्या के प्रयास की धारा जुड़ी
    पुलिस के अनुसार, मामले में जोड़ी गई बीएनएस की धारा 109 में 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। वीडियो फुटेज के विश्लेषण के आधार पर यह धारा जोड़ी गई है।

    कल्याण बैंसला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब घटना के पूरे क्रम और वीडियो फुटेज से सामने आए तथ्यों की जांच आगे बढ़ाएगी।

    वहीं सिया ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि, आरोपी न्यूज रिपोर्टर्स को बयान दे रहा है और अपनी बात रख रहा है। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने में इतनी देर क्यों कर रही है। सिया ने कहा कि उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में गाड़ी का नंबर भी बताया था। इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

    रविवार की है घटना
    दरअसल, यह घटना गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड की है, जिसका वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ था। महिला बाइकर सिया चौहान, अपनी बाइक चला रही थी। तभी एक कार उसका पीछा करने लगी। जब महिला नहीं रुकी तो आरोपी ने बाइकर को टक्कर मार दी। महिला का कैमरा चालू था, ऐसे में यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई थी।

  • पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी तो दर्ज हुई FIR, JPSC-JSSC आंदोलन फिर तेज होने के आसार

    पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी तो दर्ज हुई FIR, JPSC-JSSC आंदोलन फिर तेज होने के आसार

    रांची

    रांची में 21 अगस्त को पुलिस और छात्रों की झड़प के बाद JPSC-JSSC आंदोलन के नेताओं समेत 14 नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों पर शनिवार 22 अगस्त को FIR दर्ज की गई है। इससे छात्र आंदोलन फिर से शुरू होने की आशंका है।

    झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच पुलिस ने आंदोलन के नेताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 21 अगस्त को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के मामले में रांची पुलिस ने कम से कम तीन FIR दर्ज की हैं। इन मामलों में 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 200 से अधिक अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर सरकारी काम में बाधा डालने, प्रशासन के तय रूट का पालन नहीं करने और पुलिस से भिड़ने के आरोप हैं।

    JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के प्रमुख नेता नामजद
    रांची के कोतवाली थाने में दर्ज मामलों में JPSC-JSSC Reforms Manch के नेताओं कुणाल प्रताप सिंह, पीयूष कुमार और रविंद्र पासवान के नाम शामिल हैं। रांची सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, शुक्रवार की झड़प के संबंध में तीन FIR दर्ज की गई हैं। इनमें 14 नामजद आरोपियों के अलावा 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। यह मंच झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और नियुक्तियों से जुड़े विवाद को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहा है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तीन में से एक FIR पुलिस की ओर से दर्ज की गई है। इसमें सरकारी काम में बाधा डालने और प्रशासन की ओर से निर्धारित रूट का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। बाकी दो FIR व्यक्तिगत शिकायतों के आधार पर दर्ज हुई हैं। पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि हिंसा या कथित उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

    नेताओं के पुतले जलाने को लेकर विवाद
    21 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित मार्ग का पालन नहीं कर रहे थे, जिसके कारण विवाद बढ़ा। कोतवाली थाना प्रभारी सानोज चौधरी ने भी झड़प की वजह प्रदर्शनकारियों द्वारा निर्धारित रूट का पालन नहीं करना बताया।

    वहीं, JPSC-JSSC Reforms Manch के नेता कुणाल सिंह ने पुलिस के आरोप से अलग दावा किया है। उनका आरोप है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं ने हिंसा शुरू की। इस मामले में दोनों पक्षों के दावों में स्पष्ट अंतर है और FIR में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
    सिर्फ रांची नहीं, चार जिलों में टकराव

    छात्रों की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री और राहुल गांधी के पुतला दहन अभियान को राज्य के कई हिस्सों में विरोध का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, रांची के अलावा हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा में भी प्रदर्शन के दौरान टकराव हुआ। हजारीबाग में पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। यानी 21 अगस्त का विवाद केवल रांची तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य के कई जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन और विरोध आमने-सामने आ गए।

    JPSC-JSSC विवाद क्या है?
    झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले कई सप्ताह से छात्र आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं। इससे पहले प्रदर्शनकारी CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग भी उठा चुके हैं। छात्र 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे थे।

    इस आंदोलन को लेकर सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के दौर भी हुए हैं। 8 अगस्त को सरकार और JPSC-JSSC Reforms Manch के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन छात्र नेताओं ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया था। सरकार ने छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया था।

    हाईकोर्ट के फैसलों के बाद विवाद और बढ़ा
    इस पूरे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट के हालिया आदेश भी महत्वपूर्ण हैं। हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को JSSC-CGL के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी। इससे एक दिन पहले अदालत ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षाओं से संबंधित नियुक्तियां रद्द करने की अधिसूचनाओं पर भी रोक लगाई थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगाई गई।

    यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य सरकार ने लंबे छात्र आंदोलन के बाद भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर कदम उठाए थे, लेकिन हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आंदोलनकारी संगठनों ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। JPSC-JSSC Reforms Manch ने सरकार पर अदालत के सामने कमजोर पक्ष रखने और इसे “कानूनी ड्रामा” बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि यह आंदोलनकारियों का आरोप है, सरकार की ओर से इस रिपोर्ट में उस आरोप पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

    आंदोलन पर बढ़ता पुलिस दबाव
    रांची में ताजा FIR ऐसे समय दर्ज हुई हैं जब JPSC-JSSC भर्ती विवाद को लेकर आंदोलन लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का विषय बना हुआ है। इससे पहले भी विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था तथा पुलिस ने बल प्रयोग किया था। 11 अगस्त को ABVP के प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस से झड़प हुई थी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
    अब 21 अगस्त की घटना में 14 नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने से आंदोलन के अगले चरण को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस कार्रवाई के बीच छात्र संगठन भर

  • नीम करोली बाबा के चार सरल सूत्र: बिना शर्त प्रेम, निस्वार्थ सेवा, ईश्वर का स्मरण और सत्य का मार्ग

    नीम करोली बाबा के चार सरल सूत्र: बिना शर्त प्रेम, निस्वार्थ सेवा, ईश्वर का स्मरण और सत्य का मार्ग

    आज की तेज-तर्रार और भागदौड़ भरी जिंदगी में जब इंसान तनाव, अविश्वास और अकेलेपन से जूझ रहा है, तब मन की शांति और सही राह पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है. स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसी दुनिया की बड़ी हस्तियों को दिशा देने वाले नीम करोली बाबा ने जीवन जीने का कोई बहुत जटिल दर्शन नहीं दिया, बल्कि 4 बेहद सरल बातें बताईं. अगर इन 4 सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए, तो किसी भी इंसान की दुनिया बदल सकती है.

    1. बिना किसी शर्त के प्रेम (Unconditional Love)
    "हर इंसान से प्रेम करो, नफरत का बोझ मत उठाओ."
    बाबा नीम करोली के अनुसार, सच्चा प्रेम केवल अपनों तक सीमित नहीं होना चाहिए. इसका अर्थ है हर इंसान के प्रति अपने मन में करुणा और इंसानियत रखना.  किसी से विचार अलग हो सकते हैं या आप उनसे दूरी बना सकते हैं, लेकिन मन में दुश्मनी और कड़वाहट पालकर खुद को ही नुकसान पहुंचता है.  नफरत छोड़ना दूसरों के लिए नहीं, बल्कि खुद के मानसिक सुकून के लिए जरूरी है.

    2. निस्वार्थ सेवा ही असली साधना है (Selfless Service)
    "सेवा के बिना प्रेम अधूरा है."
    सोचना आसान है, लेकिन कर्म में ढालना ही असली परीक्षा है. बाबा का मानना था कि सेवा के लिए करोड़ों रुपये या बड़े साधनों की जरूरत नहीं होती.

    किसी भूखे को भोजन कराना,

    किसी उदास व्यक्ति की बात सुन लेना,

    या किसी बुजुर्ग का हाथ थाम लेना.

    यह छोटी-छोटी मदद ही ईश्वर की असली पूजा है.  दूसरों के जीवन को आसान बनाना ही आध्यात्मिक प्रगति है.

    3. हर स्थिति में ईश्वर को याद रखना (Remember God)
    "चाहे सुख हो या दुख, उस परमात्मा का ध्यान न छूटे."
    जीवन में जब सब अच्छा चल रहा होता है, तब हम अहंकार में आ जाते हैं और जब बुरा वक्त आता है, तो निराश होकर बिखर जाते हैं.  बाबा का यह सूत्र हमें याद दिलाता है कि परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन ईश्वर का चिंतन मन को हमेशा स्थिर और शांत रखता है. यह हमें हर स्थिति में विनम्र रहना सिखाता है.

    4. सत्य की राह पर चलना (Speak the Truth)
    सच बोलना केवल नैतिकता नहीं, मन की शांति की चाबी है."
    झूठ बोलने से इंसान के मन में हमेशा पकड़े जाने का डर बना रहता है, जो मानसिक शांति छीन लेता है. सच बोलने से मन हल्का, साफ और निडर रहता है. नीम करोली बाबा कहते हैं कि सत्यवादी व्यक्ति का आचरण ही उसकी सबसे बड़ी ताकत बनता है.