Author: NewseDay

  • वर्ल्डफिश के साथ एमओयू को मंजूरी, मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा

    वर्ल्डफिश के साथ एमओयू को मंजूरी, मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा

    वर्ल्डफिश के साथ एमओयू को मंजूरी, मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा

    लखनऊ, 
     प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसकी संभावनाओं को विस्तार देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्ल्डफिश उत्तर प्रदेश फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर के संचालन के लिए राज्य सरकार, मत्स्य विभाग और वर्ल्डफिश के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी गई।

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 13.31 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। एमओयू के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तौर-तरीकों से बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ मत्स्य पालकों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है।

  • कोटेदारों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब हर कुंतल पर 125 रुपये लाभांश

    कोटेदारों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब हर कुंतल पर 125 रुपये लाभांश

    कोटेदारों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब हर कुंतल पर 125 रुपये लाभांश

    100 रुपये के आधारभूत लाभांश के बाद अब 25 रुपये और मिलेंगे

    आजीविका होगी आसान, राशन वितरण व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं यानी राशन कोटेदारों के हित में बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरित होने वाले खाद्यान्न पर कोटेदारों को 25 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त राज्य मार्जिन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से प्रदेश के राशन विक्रेताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।

    100 रुपये के आधारभूत लाभांश के बाद और 25 रुपये
    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इससे पहले 1 सितंबर 2026 के आदेश के तहत उचित दर विक्रेताओं के आधारभूत लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति कुंतल किया था। अब इसके अतिरिक्त 25 रुपये प्रति कुंतल का राज्य मार्जिन दिए जाने से कोटेदारों की आय में और बढ़ोतरी होगी। 

    वितरण खर्च से घट रही थी कोटेदारों की बचत
    वर्तमान व्यवस्था में खाद्यान्न की सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के चलते राशन वितरण की प्रक्रिया में कोटेदारों को विभिन्न खर्च वहन करने पड़ते हैं। इसके कारण उनकी मासिक बचत अत्यंत सीमित रह जाती थी। ऐसे में अतिरिक्त राज्य मार्जिन मिलने से उन्हें प्रत्यक्ष वित्तीय राहत मिलेगी और परिवार का भरण-पोषण पहले की तुलना में आसान होगा।

    जुलाई से लागू होगा फैसला, 9 माह में 168.75 करोड़ का खर्च
    कैबिनेट के इस फैसले को जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 से मार्च 2027 तक 9 माह के लिए राज्य सरकार पर 168.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित व्यय करीब 225 करोड़ रुपये होगा। प्रदेश में सालाना औसतन 90 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरित किया जाता है।

  • वैभव सूर्यवंशी के चयन पर बोले संजू सैमसन, ‘टीम के हित में लेने पड़ते हैं कठिन फैसले’

    वैभव सूर्यवंशी के चयन पर बोले संजू सैमसन, ‘टीम के हित में लेने पड़ते हैं कठिन फैसले’

    नई दिल्ली
    द‍िल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन ने बल्ले से ऐसा जवाब दिया, जिसका इंतजार लंबे समय से था. उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों पर 57 रनों की तूफानी पारी खेली और भारत की 7 विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाई. मैच के बाद संजू ने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि आलोचना, बाहर के शोर और वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी खुलकर बात की.

    संजू ने माना कि भारतीय क्रिकेटरों के आसपास होने वाली लगातार चर्चा और आलोचना का उन पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि अनुभव ने उन्हें ऐसी चीजों से निपटना जरूर सिखाया है, लेकिन वह इंसान हैं और चीजें उन्हें प्रभावित करती हैं.

    संजू ने कहा- मैं Wi-Fi बंद करने की कोशिश करता हूं. लेकिन कभी-कभी Wi-Fi ऑन हो जाता है और कुछ कमेंट्स दिख जाते हैं.

    उन्होंने कहा कि कुछ सीनियर खिलाड़ी उनके बारे में कुछ कहते हैं और कुछ नहीं कहते. यह पूरी तरह उनकी पसंद और उस समय की मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है. कोई पॉज‍िट‍िव शब्द चुन सकता है तो कोई नकारात्मक.

    संजू ने कहा कि अब वह इतने मैच्योर और अनुभवी हो चुके हैं कि इन चीजों को संभाल सकें. हालांकि, उन्होंने साफ माना कि कभी-कभी उन्हें बुरा लगता है.

    उन्होंने कहा- मैं मशीन नहीं हूं. मैं रोबोट नहीं हूं. आप थोड़ा प्रभावित तो होते ही हैं. लेकिन फिर आप खुद से बात करते हैं और खुद को याद दिलाते हैं कि आप कौन हैं और आपको क्या करना है.

    'बाहर का शोर असर करता है, लेकिन माइंडसेट साफ होना चाहिए'
    संजू ने माना कि भारत में क्रिकेटरों के लिए बाहरी शोर (Outside Noise) से बचना आसान नहीं है. सोशल मीडिया, आलोचना और लगातार होने वाली चर्चाओं के बीच खिलाड़ी को अपने माइंडसेट को लेकर स्पष्ट रहना जरूरी है.

    उन्होंने कहा कि उन्हें खुद से यह तय करना होता है कि तैयारी कैसे करनी है और किस तरह खेलना है.

    संजू ने कहा- अगर मैंने उन चीजों पर ध्यान दिया होता तो मैं इस तरह बल्लेबाजी नहीं कर पाता. गेंद को मारने से पहले मैं 10 बार सोचता. अगर गेंद बाहर चली जाती, तो फिर से Wi-Fi की समस्या हो जाती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

    वैभव की एंट्री पर संजू ने क्या कहा?
    संजू के लिए मौजूदा दौर में ओपनिंग स्लॉट को लेकर चुनौती इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से अपनी दावेदारी मजबूत की है.
    वैभव ने इस सीजन करीब 700-800 रन बनाकर जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसका जिक्र खुद संजू ने किया. उन्होंने माना कि टीम में वैभव को मौका मिलना स्वाभाविक था.संजू ने कहा; भारतीय टीम चलाना आसान काम नहीं है. आप देखिए, 15 साल के लड़के ने 700-800 रन बनाए हैं.

    उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट से पहले भी वैभव ने शानदार प्रदर्शन किया था और किसी न किसी तरह उसे टीम में शामिल करना जरूरी था.

    संजू ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने दो-तीन मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था. दूसरी तरफ वैभव फॉर्म में थे और उस सीरीज में मैच जीतने की इच्छा के साथ आए थे. ऐसे में लीडरश‍िप के नजरिए से वैभव को मौका देना समझ में आने वाली बात थी.

    गौतम गंभीर पर संजू सैमसन ने क्या कहा?
    संजू ने वैभव को मौका देने के फैसले को लेकर किसी तरह की शिकायत करने के बजाय टीम मैनेजमेंट की स्थिति को समझने की बात कही.

    उन्होंने कहा कि वह खुद कप्तान रहते हुए कई बार मुश्किल फैसले ले चुके हैं. इसलिए वह जानते हैं कि ऐसे फैसले लेना कितना आसान नहीं होता.

    संजू के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में सबसे ज्यादा जरूरी चीज कम्युनिकेशन है.उन्होंने बताया कि सीरीज के दौरान टीम के अंदर इस मामले पर काफी बातचीत हुई. यहां तक कि सीरीज शुरू होने से पहले भी हेड कोच गौतम गंभीर ने उनसे काफी बात की थी.

    'कठिन फैसला लेना मुश्किल'
    संजू ने टीम के लीडरश‍िप ग्रुप की भी तारीफ की. उनके मुताबिक टीम मैनेजमेंट के लिए लोकप्रिय फैसले लेना आसान होता है, लेकिन टीम के हित में कठिन फैसला लेना ज्यादा मुश्किल होता है.

    उन्होंने कहा- हार्ड डिसीजन लेना आसान नहीं है. बहुत लोकप्रिय फैसले लेना आसान है. लेकिन मुझे लगता है कि एक लीडरशिप ग्रुप के तौर पर हम टीम को सबसे आगे रखते हुए कुछ वाकई कठिन फैसले ले रहे हैं. संजू ने आगे कहा कि इन फैसलों के लिए नेतृत्व समूह को श्रेय दिया जाना चाहिए.

    यानी दूसरे टी20 में बल्ले से शानदार वापसी करने वाले संजू ने मैच के बाद एक और अहम बात साफ कर दी- उनके लिए चयन की दौड़ में मौजूद दूसरे खिलाड़ियों से ज्यादा जरूरी टीम का हित है. वैभव की तारीफ करते हुए उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कठिन चयन फैसलों को समझने के लिए आपसी बातचीत और टीम के लक्ष्य पर भरोसा जरूरी है.

  • पंजाब में गैंगस्टर्स पर कड़ा शिकंजा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग भी निशाने पर

    पंजाब में गैंगस्टर्स पर कड़ा शिकंजा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग भी निशाने पर

    चंडीगढ़
     आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने मंगलवार को कहा कि भगवंत मान सरकार के नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त अभियान ने इस लड़ाई को पंजाब की सीमाओं से बाहर पहुंचा दिया है।

    पंजाब पुलिस दुनिया भर से एक दर्जन से ज़्यादा गैंगस्टरों को वापस ला चुकी है, जिसमें हाल ही में लॉरेंस बिश्नोई का करीबी करमवीर देव भी शामिल है, जिसे कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था।

    बलतेज पन्नू ने कहा कि अमेरिका, दुबई, मलेशिया से लेकर मोल्दोवा तक, मान सरकार ने पंजाब पुलिस को हाई-टेक बनाया है और अपराध रोकने और गैंगस्टरों का पीछा करने के लिए बेहतर इक्विपमेंट से लैस किया है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि पंजाब में अपराध में शामिल कोई भी गैंगस्टर दुनिया के किसी भी कोने को सुरक्षित जगह नहीं मान सकता।

    मीडियाकर्मियों को किया संबोधित
    प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “सत्ता में आने के बाद, भगवंत मान सरकार ने नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई को प्राथमिकता दी है। हमने पंजाब में एक्टिव क्रिमिनल नेटवर्क को खत्म करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की हैं और विदेश भागे गैंगस्टरों का भी पीछा किया है।”
    विपक्ष पर निशाना साधते हुए आप पंजाब मीडिया इंचार्ज ने कहा, "विपक्ष के पास पंजाब के लोगों को देने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह बार-बार मुद्दे उठाकर पंजाब सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है और संगठित अपराध के खिलाफ़ हो रही कार्रवाई को नज़रअंदाज़ कर रहा है।"

    बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब का इतिहास बताता है कि 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी हुई थी। उन्होंने कहा, "अगर हम पंजाब में गैंगस्टरवाद के इतिहास को देखें, तो 2007-2017 के समय में यह घटना काफ़ी बढ़ गई थी। यह वह समय था जब 'गैंगस्टर' शब्द पंजाब की पहचान और पब्लिक डिस्कोर्स का हिस्सा बन गया था।"

    उन्होंने कहा कि 2017-2022 की कांग्रेस सरकार के दौरान भी यही हाल रहा। उन्होंने कहा, "इन नेटवर्क को खत्म करने के बजाय, कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश से एक गैंगस्टर को पंजाब की जेल में लाकर वीआईपी सुविधाएं दीं। उत्तर प्रदेश सरकार को उसकी वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा।"

    गैंगस्टरों के खिलाफ हो रही लगातार कार्रवाई: बलतेज पन्नू
    भगवंत मान सरकार के तरीके से इसकी तुलना करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, "हमने यह तरीका बदल दिया है। पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू की और उनके विदेश भागने के बाद भी उनका पीछा करती रही। पंजाब पुलिस की लगातार कोशिशों की वजह से अब तक एक दर्जन से ज़्यादा गैंगस्टर विदेश से वापस लाए जा चुके हैं।"

    उन्होंने कहा कि वापस लाए गए गैंगस्टरों में सचिन बिश्नोई, मनप्रीत सिंह उर्फ पीता, रमनजीत सिंह उर्फ रोमी, परमिंदर सिंह उर्फ पिंडी, अनमोल बिश्नोई, अमृतपाल उर्फ मेहरो, गुरविंदर सिंह और जोबनदीप सिंह उर्फ जोबन बिल्ला शामिल हैं।

    बलतेज पन्नू ने कहा, "अनमोल बिश्नोई, जिसे बड़े गैंगस्टर में से एक माना जाता है और लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी है, उसे अमेरिका से वापस लाया गया। अमृतपाल उर्फ मेहरो, जिस पर विदेश भागने से पहले एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर की हत्या का आरोप है, उसे दुबई से लाया गया। गुरविंदर सिंह को मलेशिया से लाया गया था।"

    उन्होंने आगे कहा, "दो दिन पहले, एजीटीएफ टीम गैंगस्टर अमृतपाल उर्फ अमृत ढल्लम को मोल्डोवा से वापस लाई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने टीम से मुलाकात की और उनके प्रयासों की तारीफ की।"

    करमवीर देव की वापसी का प्रोसेस पूरा हो गया: बलतेज पन्नू
    बलतेज पन्नू ने कहा कि एक और बड़े गैंगस्टर करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव (देव) को भी पंजाब वापस लाने का प्रोसेस पूरा हो गया है। उन्होंने कहा, "करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव, जिसे देव के नाम से भी जाना जाता है, लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी है। उसे कनाडा से डिपोर्ट किया गया है और दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद एजीटीएफ टीम उसे पंजाब ला रही है।"
    "
    बलतेज पन्नू ने कहा, "यह मान सरकार के ढृढ़ संकल्प को दिखाता है कि पंजाब में अपराध में शामिल कोई भी गैंगस्टर दुनिया के किसी भी हिस्से को अपनी सुरक्षित जगह नहीं मान सकता।"

    पंजाब पुलिस को मजबूत करने पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, "पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस को बहुत मजबूत और मॉडर्न बनाया है। यह सिर्फ़ बेहतर गाड़ियां देने तक सीमित नहीं है। हमने अपने जवानों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट से लैस किया है।

  • पंजाब में सेकेंड हैंड वाहन खरीदने वालों को राहत, RC ट्रांसफर अब बिना OTP

    पंजाब में सेकेंड हैंड वाहन खरीदने वालों को राहत, RC ट्रांसफर अब बिना OTP

     लुधियाना
     पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का कारोबार करने वाले डीलरों के लिए राहत की खबर है। राज्य परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों की आरसी ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को आसान कर दिया है।

    अब कार, मोटरसाइकिल, स्कूटर, ट्रक समेत पुराने वाहनों की आरसी नए मालिक के नाम करवाने के लिए पुराने वाहन मालिक के मोबाइल नंबर और उस पर आने वाले ओटीपी की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब आधार कार्ड और निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर पहचान संबंधी प्रक्रिया पूरी कर आरसी ट्रांसफर करवाई जा सकेगी।

    दरअसल, पिछले साल परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों की आरसी ट्रांसफर करने के लिए दस्तावेजों में पुराने वाहन मालिक का मोबाइल नंबर अटैच करना अनिवार्य किया था।

    इसका उद्देश्य वाहन के वास्तविक मालिक की पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि करना था, ताकि चोरी के वाहन या किसी अन्य विवाद की स्थिति में वाहन की जानकारी सत्यापित की जा सके। आरसी ट्रांसफर के दौरान पुराने वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता था।

    ओटीपी की बाध्यता हुई खत्म
    ओटीपी की पुष्टि के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होती थी। वाहन डीलरों का कहना है कि मोबाइल ओटीपी की बाध्यता खत्म होने से पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त में तेजी आएगी।

    खरीदार को वाहन खरीदने के बाद पुराने मालिक के मोबाइल पर ओटीपी आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में आसान होगी।

    आरसी नए मालिक के नाम से ट्रांसफर करवाई जा सकेगी
    कार डीलर शशिकांत और अनूप ने बताया कि अब यह निर्भरता खत्म होने से ग्राहकों को राहत मिलेगी। आरटीओ मनकंवल सिंह ने बताया कि अब वाहन के निर्धारित दस्तावेजों और आधार कार्ड से पहचान संबंधी प्रक्रिया पूरी कर आरसी नए मालिक के नाम ट्रांसफर करवाई जा सकेगी। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी।

     

  • 18 लाख पूर्व सैनिकों को मिलेगा फायदा, 13 जिलों में ECHS पॉलीक्लीनिक के लिए मुफ्त जमीन

    18 लाख पूर्व सैनिकों को मिलेगा फायदा, 13 जिलों में ECHS पॉलीक्लीनिक के लिए मुफ्त जमीन

    पूर्व सैनिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की राह आसान, 13 जिलों में ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक के लिए मुफ्त जमीन

    योगी सरकार की बड़ी पहल, 18 लाख पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य लाभ के लिए बढ़ेगा ईसीएचएस नेटवर्क

    लखनऊ
     योगी सरकार ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत प्रदेश के 13 जिलों में पॉलीक्लीनिक की स्थापना/निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों और स्थानीय प्राधिकरणों की भूमि स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (एलएमए), सेंट्रल कमांड और भारत सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे संबंधित पॉलीक्लीनिक के निर्माण की राह आसान होगी और पूर्व सैनिकों को अपने नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

    करीब 18 लाख पूर्व सैनिकों को मिलेगा स्वास्थ्य सुविधा का लाभ
    उत्तर प्रदेश में करीब 18 लाख भूतपूर्व सैनिक हैं। ईसीएचएस के माध्यम से इन्हें बेहतर चिकित्सा लाभ शीघ्र प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना में लाभार्थियों को कैशलेस उपचार प्रदान करने का प्रयास है। ऐसे में प्रदेश में नए पॉलीक्लीनिक स्थापित होने से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा।

    13 जिलों में पॉलीक्लीनिक के लिए भूमि की जरूरत
    ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक की स्थापना/निर्माण के लिए प्रदेश के 13 जिलों में भूमि की आवश्यकता बताई गई है। इनमें इटावा, जालौन, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बांदा, गाजीपुर, मिर्जापुर, देवरिया, सुल्तानपुर, आजमगढ़ और गोंडा शामिल हैं। इन जिलों में ग्राम पंचायतों अथवा स्थानीय प्राधिकरणों की उपलब्ध भूमि को पॉलीक्लीनिक निर्माण के लिए नि:शुल्क हस्तांतरित किए जाने की योजना है।

    केंद्र सरकार की ईसीएचएस योजना से कैशलेस इलाज
    पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना, भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की प्रमुख योजना है। इसे 1 अप्रैल 2003 को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य ईसीएचएस पॉलीक्लीनिकों, सशस्त्र सेना चिकित्सा सुविधाओं, सरकारी और पैनलबद्ध निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से भूतपूर्व सैनिक पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को नि:शुल्क बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है।

    जमीन मिलने से निर्माण प्रक्रिया होगी आसान
    पॉलीक्लीनिकों के निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था से परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रस्ताव के तहत ग्राम पंचायतों और स्थानीय प्राधिकरणों की भूमि को स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (एलएमए), सेंट्रल कमांड, भारत सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित किया जाना है। इससे चिन्हित जिलों में ईसीएचएस स्वास्थ्य ढांचे को विस्तार देने का रास्ता तैयार होगा।

  • योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, अयोध्या में 26 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा NSG केंद्र

    योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, अयोध्या में 26 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा NSG केंद्र

    अयोध्या में बनेगा एनएसजी का क्षेत्रीय केंद्र, योगी कैबिनेट ने 26 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने को दी मंजूरी

    16.90 करोड़ की भूमि निशुल्क गृह मंत्रालय को हस्तांतरित होगी, राम मंदिर ही नहीं पूरे यूपी की बढ़ेगी सुरक्षा

    आवंटित भूमि का अगले तीन वर्षों में करना होगा उपयोग, किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं होगी उपयोग

    देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं, अतिथियों और पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़ा अहम फैसला

    लखनऊ
    अयोध्या धाम-राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में अयोध्या की तहसील मिल्कीपुर में 26 हेक्टेयर यानी करीब 65 एकड़ बंजर भूमि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए गृह मंत्रालय को निशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे अयोध्या में किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राम मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामरिक केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, विशिष्ट अतिथियों और पर्यटकों का लगातार आना हो रहा है। ऐसे में क्षेत्र की सुरक्षा संवेदनशीलता भी काफी बढ़ी है। इसी को देखते हुए अयोध्या में एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र की स्थायी तैनाती जरूरी हो गई है।

    कैबिनेट ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के उपयोग के लिए एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने के लिए गृह मंत्रालय के पक्ष में मिल्कीपुर तहसील के ग्राम पूरे लालखां की 26 हेक्टेयर बंजर भूमि निशुल्क हस्तांतरित करने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है। संबंधित भूमि का बाजार मूल्य 16.90 करोड़ रुपये बताया गया है।

    केवल एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र के लिए होगा भूमि का उपयोग
    हस्तांतरित की जाने वाली भूमि का उपयोग केवल एनएसजी क्षेत्रीय हब की स्थापना के लिए किया जाएगा। इसका किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। भूमि आवंटन को लेकर राजस्व विभाग के शासनादेश में निर्धारित प्रावधानों के तहत अयोध्या की विशेष सुरक्षा संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा के सर्वोच्च महत्व को देखते हुए अपवादस्वरूप शिथिलता प्रदान की गई है।

    यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवंटित भूमि का अगले तीन वर्षों की अवधि में प्रस्तावित उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किए जाने या भविष्य में इसकी आवश्यकता समाप्त होने की स्थिति में भूमि स्वत: उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के निवर्तन पर वापस आ जाएगी। यानी भूमि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा।

    अयोध्या समेत पूरे प्रदेश की सुरक्षा को मिलेगा मजबूत कवच
    अयोध्या में एनएसजी क्षेत्रीय हब की स्थापना से सिर्फ श्रीराम मंदिर परिसर और अयोध्या क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था ही मजबूत नहीं होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश और आस-पास के अति-संवेदनशील एवं सामरिक प्रतिष्ठानों की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगी।

  • यूपी चुनाव से पहले BJP का बूथ मिशन तेज, नितिन नवीन 20 सितंबर को सहारनपुर में करेंगे मंथन

    यूपी चुनाव से पहले BJP का बूथ मिशन तेज, नितिन नवीन 20 सितंबर को सहारनपुर में करेंगे मंथन

    लखनऊ
    यूपी विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी भाजपा के साथ कदमताल करने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए प्रांतवार रोडमैप बनाने की तैयारी है। इसी क्रम में संघ परिवार और भाजपा की समन्वय बैठक बुधवार को राजधानी लखनऊ में होगी। इस बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष सहित अन्य पदाधिकारी भाग लेंगे। वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी यूपी आ रहे हैं। वह 20 को सहारनपुर में बूथों की नब्ज टटोलेंगे।

    संघ की समन्वय बैठक लखनऊ के बंथरा स्थित रिजार्ट में होगी। इस बैठक में अवध और कानपुर प्रांत के संघ, भाजपा और विचार परिवार के सदस्य संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। दरअसल संघ और भाजपा ने संगठनात्मक रूप से प्रदेश को छह प्रांतों में बांट रखा है। इसके जरिए जहां एक ओर संघ और अखिल भारतीय पदाधिकारी जमीनी फीडबैक लेंगे, वहीं समन्वय पर भी जोर दिया जाएगा। इस दौरान विचार परिवार के सदस्य संगठनों के पदाधिकारी सरकार और संगठन से जुड़े विषय साझा करेंगे।

    समन्वय बैठक में भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी व प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, अवध और कानपुर क्षेत्र के अध्यक्ष और प्रभारी शामिल होंगे। बैठक में भाग लेने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष मंगलवार की रात ही लखनऊ पहुंच गए। एयरपोर्ट पहुंचने पर पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। वहां से वे पार्टी के राज्य मुख्यालय पहुंचे।

    गोरक्ष-अवध और काशी क्षेत्र को मथेंगे तावड़े
    भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े छह दिनी प्रवास पर आएंगे। वे बुधवार को राजधानी लखनऊ पहुंचेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वे 17 और 18 सितंबर को गोरखपुर में गोरक्ष क्षेत्र की बैठकें करेंगे। उसके बाद अवध क्षेत्र की बैठकें अयोध्या में प्रस्तावित है। फिर काशी क्षेत्र की बैठकें तावड़े प्रयागराज में करेंगे। इन संगठनात्मक बैठकों के जरिए वे जहां क्षेत्रवार जमीनी फीडबैक लेंगे, वहीं चुनावी तैयारियों की रणनीति पर चर्चा भी करेंगे।

    20 को सहारनपुर में नितिन नवीन
    वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए भाजपा अब संगठन की सबसे निचली कड़ी को सीधे सक्रिय करने की तैयारी में है। जिले में होने वाला शक्ति केंद्र संयोजकों का प्रस्तावित सम्मेलन महज संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर पार्टी की तैयारियों को परखने और चुनावी रणनीति को जमीन तक पहुंचाने का बड़ा सियासी मंच माना जा रहा है। 20 सितंबर को सहारनपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में पश्चिमी यूपी के करीब 4800 शक्ति केंद्र संयोजकों का जुटना भाजपा के संगठनात्मक नेटवर्क की ताकत का बड़ा प्रदर्शन होगा।

    भाजपा ने बूथ संगठन को मजबूत करने के लिए छह से आठ बूथों को मिलाकर शक्ति केंद्र बनाए हैं। प्रत्येक शक्ति केंद्र का संयोजक बूथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, मतदाता संपर्क और पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में सम्मेलन के जरिए पार्टी नेतृत्व को जमीनी फीडबैक हासिल करने का अवसर मिलेगा। बैठक में संगठन की सक्रियता, मतदाता संपर्क और बूथ प्रबंधन की स्थिति पर चर्चा संभावित है। साथ ही कमजोर क्षेत्रों और संगठन की कमियों को चिन्हित कर उन्हें दुरुस्त करने की रणनीति भी बनाई जा सकती है। कार्यक्रम का स्थान और समय अभी तय नहीं हुआ है, जिस पर पार्टी स्तर पर मंथन जारी है।

    4800 शक्ति केंद्र, मजबूत बूथ नेटवर्क
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा ने बूथों को शक्ति केंद्रों में संगठित किया है। एक शक्ति केंद्र के अंतर्गत करीब छह से आठ बूथ आते हैं। इन केंद्रों की जिम्मेदारी संभालने वाले संयोजक पार्टी और बूथ कार्यकर्ताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सम्मेलन में इनकी सक्रियता और जिम्मेदारियों की समीक्षा भी अहम रहेगी।

    जमीनी फीडबैक पर रहेगा जोर
    शक्ति केंद्र संयोजकों से भाजपा नेतृत्व को सीधे जमीनी स्थिति की जानकारी मिलने की उम्मीद है। मतदाता संपर्क, बूथ की सक्रियता और संगठनात्मक कमजोरियों का फीडबैक चुनावी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में होने वाला सम्मेलन संगठन को नीचे तक और सक्रिय करने का संदेश भी देगा।

  • किसानों के लिए बड़ी राहत, 6 लाख तक का लंबी अवधि का ऋण सिर्फ 6% ब्याज पर

    किसानों के लिए बड़ी राहत, 6 लाख तक का लंबी अवधि का ऋण सिर्फ 6% ब्याज पर

    किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर लंबी अवधि के लिए छह लाख तक का ऋण 

    राज्य सरकार द्वारा कृषकों को वितरित ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा

    ऋण की किस्तों का भुगतान नियत तिथि पर करने वाले किसानों को ही मिलेगा ब्याज अनुदान

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए दिया जाएगा। इससे किसानों को कृषि एवं ग्रामीण जरूरतों के लिए कम ब्याज पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

    दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा कृषकों को वितरित ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसका आकलन प्रतिवर्ष कृषकों को विगत वर्ष (योजना आरम्भ होने के पश्चात) में दिये गये ऋणों के अवशेष मूलधन व आगामी वर्षों में वितरित ऋणों के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तावित योजना में देय 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान उन्हीं ऋणी कृषकों को अनुमन्य होगा, जो नियत देय किस्तों का भुगतान नियत तिथि को करेंगे।

  • लश्कर बंद पूर्णतया सफल, शहरवासियों को नलों में डेली चाहिए साफ़ पानी – जयवीर भारद्वाज

    लश्कर बंद पूर्णतया सफल, शहरवासियों को नलों में डेली चाहिए साफ़ पानी – जयवीर भारद्वाज

    लश्कर बंद पूर्णतया सफल, शहरवासियों को नलों में डेली चाहिए साफ़ पानी – जयवीर भारद्वाज      

      सिंधिया, यादव, तोमर को हिन्दू महासभा ने धिक्कार पत्र भेजा

                                                                                                       
    ग्वालियर 

     अखिल भारत हिंदू महासभा जिला ग्वालियर के तत्वाधान में 15 सितंबर आधे दिन का लश्कर बंद का सफल आयोजन किया। आज दिनांक 15 सितंबर को दोपहर 12:00 बजे हिंदू महासभा भवन, दौलतगंज लश्कर, में प्रतिदिन नलों में पानी देने, शहर की गड्ढे वाली सड़कों को ठीक करने , बिगड़ती कानून व्यवस्था,कमर तोड़ महंगाई कम करने, 205 लाख करोड रुपए विदेशी कर्ज से मुक्ति दिलाने,बेलगाम भ्रष्टाचार रोकने,7 जून 2025 को भितरवार में हिंदू देवी देवताओं का बांध एवं धर्मांतरण करने वालों के विरुद्ध अभी तक कार्रवाई न कर दें जांच में प्रकरण देकर हिंदुओं के साथ विश्वास घात करने, मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव के इशारे पर ताजियों  को 20 फुट ऊंचाई की छूट और गणेश प्रतिमाओं पर ऊंचाई पर प्रतिबंध जिला प्रशासन ने लगाकर धर्म विरोधी कार्यो के विरोध में हिन्दू महासभा धिक्कार पत्र केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर को लेकर भेजे गए चार दिन के अंदर यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हिंदू महासभा चरण वद्व आंदोलन जारी रखेगी अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज जानकारी दी कि  आज लाकर बंद को सफल बनाने में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू सेन,युवा महामंत्री धर्मेंद्र बरेलिया,राहुल गुप्ता, रोहित जाटव, मनीष माहौर , हेमराज जाटव , सूरज माहौर , दीपक जाटव के नेतृत्व में दाल बाजार,लोहिया बाजार, दौलतगंज,सराफा बाजार,नया बाजार,दुकानदारों से बंद का समर्थन करने पर धन्यवाद ज्ञापित किया ।