Author: NewseDay

  • महंगे रेटिनॉल सीरम का देसी विकल्प, गाजर और एलोवेरा से बनाएं नेचुरल एंटी-एजिंग सीरम घर पर

    महंगे रेटिनॉल सीरम का देसी विकल्प, गाजर और एलोवेरा से बनाएं नेचुरल एंटी-एजिंग सीरम घर पर

     बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर बारीक रेखाएं (फाइन लाइन्स), झुर्रियां, स्किन का ढीलापन और डार्क स्पॉट्स आना स्वाभाविक है. आजकल स्किनकेयर में रेटिनॉल को एंटी-एजिंग के लिए सबसे असरदार माना जाता है. लेकिन बाजार में मिलने वाले रेटिनॉल सीरम बेहद महंगे होते हैं और कई बार संवेदनशील त्वचा पर जलन, लालिमा या ड्राइनेस पैदा कर देते हैं. अगर आप बिना किसी केमिकल और जलन के त्वचा में कसाव, बेदाग निखार और जवानी जैसा ग्लो पाना चाहते हैं, तो विटामिन A से भरपूर गाजर और एलोवेरा की मदद से घर पर ही 100% नेचुरल प्लांट-बेस्ड रेटिनॉल सीरम बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं.

    सामग्री:
    ताजी गाजर (कद्दूकस की हुई) – 1 छोटी (विटामिन A का बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत)

    रोजहिप ऑयल या स्वीट आलमंड ऑयल (बादाम तेल) – 1 बड़ा चम्मच

    एलोवेरा जेल – 2 बड़े चम्मच (ताजा या बाजार का)

    गुलाब जल – 1 बड़ा चम्मच

    विटामिन E कैप्सूल – 1

    ग्लिसरीन – 1/2 छोटा चम्मच

    बनाने का तरीका:
    कद्दूकस की हुई गाजर में 1 बड़ा चम्मच बादाम तेल या रोजहिप ऑयल मिलाएं. अब डबल बॉइलर  मेथड से धीमी आंच पर इस मिश्रण को 8-10 मिनट तक स्टीम दें ताकि गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन (विटामिन A) तेल में आ जाए. ठंडा होने पर सूती कपड़े से छानकर तेल अलग कर लें.

    एक कांच के बाउल में 2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल, 1 बड़ा चम्मच तैयार किया हुआ गाजर का तेल, 1 बड़ा चम्मच गुलाब जल, 1/2 छोटा चम्मच ग्लिसरीन और 1 विटामिन E कैप्सूल का तेल डालें.

    एक चम्मच की मदद से इस पूरे मिश्रण को 2 मिनट तक अच्छे से फेंटें. धीरे-धीरे इसका टेक्सचर एकदम बाजार जैसे हल्के, मखमली और नारंगी-रंग के सीरम जैसा हो जाएगा.

    इस सीरम को किसी साफ और सूखी ड्रॉप वाली कांच की डार्क बोतल में भर लें. इसे आप फ्रिज में रखकर 12-15 दिनों तक आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं.

    रोज रात को चेहरा अच्छे से धोकर सुखा लें. 3-4 बूंद सीरम लेकर चेहरे और गर्दन पर नीचे से ऊपर की तरफ हल्के हाथों से मसाज करें और रातभर लगा रहने दें.

  • बिहार में बच्चों के लिए थानों में अलग सुरक्षित जगह, 2 अक्टूबर से शुरू होगी हेल्प डेस्क व्यवस्था

    बिहार में बच्चों के लिए थानों में अलग सुरक्षित जगह, 2 अक्टूबर से शुरू होगी हेल्प डेस्क व्यवस्था

    पटना
     बिहार में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के सभी पुलिस थानों में अब चाइल्ड हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। इसकी शुरुआत गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर से होगी। गृह विभाग ने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए यह पहल की है। पुलिस मुख्यालय ने गुरुवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी।

    थाने में बच्चों के लिए अलग और सुरक्षित जगह
    निर्देश के मुताबिक चाइल्ड हेल्प डेस्क को थाने के ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जहां बच्चों और उनके अभिभावकों की आसानी से पहुंच हो।

    इसे पुलिस थाने के लॉकअप से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। डेस्क पर चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे।

    बच्चियों के मामलों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती
    बच्चियों से जुड़े मामलों के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। डेस्क पर प्रदर्शित संपर्क नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।

    बच्चों और उनके अभिभावकों की ओर से मिलने वाली ई-शिकायतों और सहायता के अनुरोधों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी। शिकायत और उस पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा।

    पुलिस अधिकारियों की होगी नियमित निगरानी
    गृह विभाग ने यह व्यवस्था बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू करने का फैसला लिया है।

    चाइल्ड हेल्प डेस्क की नियमित निगरानी डीएसपी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और जिला स्तर के अन्य वरीय अधिकारी करेंगे।

    2 अक्टूबर तक व्यवस्था, 5 अक्टूबर तक रिपोर्ट
    सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 2 अक्टूबर तक सभी थानों में चाइल्ड हेल्प डेस्क की व्यवस्था लागू कर दी जाए। इसके बाद 5 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी।

    नई व्यवस्था के जरिए बच्चों और उनके अभिभावकों को थाने में शिकायत दर्ज कराने और सहायता पाने के लिए अलग, सुलभ और सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

  • कलेक्टर एवं एसपी ने धनगवां सहकारी समिति का किया निरीक्षण

    कलेक्टर एवं एसपी ने धनगवां सहकारी समिति का किया निरीक्षण

    कलेक्टर एवं एसपी ने धनगवां सहकारी समिति का किया निरीक्षण 

    कलेक्टर ने समिति कार्यालय के सामने के अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश

    कलेक्टर ने धान खरीदी पंजीयन को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ाने और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

    अनूपपुर 
    कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने आज जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित धनगवां का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान समिति कार्यालय के सामने स्थानीय लोगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने दूरभाष के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को समिति कार्यालय के सामने किए गए अतिक्रमण को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को नियमानुसार हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर झा ने समिति प्रबंधक से आगामी धान खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। समिति प्रबंधक ने बताया कि धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है और किसान पंजीयन करा रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक किसानों तक पंजीयन की जानकारी पहुंचाई जाए तथा इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं।

    कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को समिति परिसर में धान खरीदी संबंधी बोर्ड लगाने तथा धान उपार्जन के लिए पंजीयन की तिथि स्पष्ट रूप से चस्पा करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को पंजीयन प्रक्रिया एवं निर्धारित तिथियों की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पटवारी एवं कोटवार के माध्यम से ग्राम पंचायतों में मुनादी कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी पंजीयन से जुड़ी जानकारी किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, जिससे कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे।

    निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम घूमें, IRCTC लाया लखनऊ से कश्मीर का शानदार टूर पैकेज

    श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम घूमें, IRCTC लाया लखनऊ से कश्मीर का शानदार टूर पैकेज

    लखनऊ
     लखनऊ से शुरू होने वाला IRCTC का ‘जन्नत-ए-कश्मीर’ हवाई टूर पैकेज कश्मीरी वादियों की सैर करने के लिए एक शानदार विकल्प है। 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस 5 रात और 6 दिन के टूर के दौरान पर्यटकों को श्रीनगर, सोनमर्ग, पहलगाम और गुलमर्ग की सैर का आनंद मिलेगा।

    इस पैकेज के तहत लखनऊ से श्रीनगर आने-जाने की यात्रा फ्लाइट के जरिए तय होगी, जबकि ठहरने के लिए 3 सितारा होटल और पारंपरिक हाउस बोट का इंतज़ाम रहेगा। यात्रा के दौरान डल झील, सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम, खिलनमर्ग, बेताब घाटी, चंदनवारी और अरु घाटी जैसे खूबसूरत स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।

    यात्रियों को अलग से करना होगा भुगतान
    इसके साथ ही यात्री शंकराचार्य मंदिर, मुगल गार्डन, निशात बाग, चश्मेशाही, शालीमार गार्डन और हजरतबल दरगाह के दर्शन भी कर सकेंगे। गुलमर्ग में मशहूर गोंडोला केबल कार की सुविधा उपलब्ध रहेगी, लेकिन इसके लिए यात्रियों को अलग से भुगतान करना पड़ेगा।

    किराए की बात करें तो अकेले यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति शुल्क 49,100 रुपये तय किया गया है। दो लोगों के एक साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 43,000 रुपये और तीन लोगों के शेयरिंग पर 41,500 रुपये प्रति व्यक्ति किराया लगेगा। बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए बेड सहित पैकेज का शुल्क 33,100 रुपये और बिना बेड के 30,500 रुपये रखा गया है।

    IRCTC उत्तरी क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा के अनुसार इस टूर पैकेज में बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगी। यात्रा के इच्छुक लोग पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ स्थित IRCTC कार्यालय जाकर बुकिंग करा सकते हैं या फिर IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट irctctourism.com के जरिए सीधे ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

     

  • स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर जोर, छत्तीसगढ़ में 9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की तैयारी

    स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर जोर, छत्तीसगढ़ में 9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की तैयारी

    कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का जोर, 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

     9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया

    छत्तीसगढ़ सरकार की रोजगार और कौशल विकास पहल से युवाओं को मिल रहे अवसर 

    रायपुर
    युवाओं को विकास के केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ की श्री विष्णु देव साय की सरकार कौशल विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, उद्यमिता और खेल क्षेत्र में अवसरों का विस्तार कर रही है। पिछले करीब तीन वर्षों में जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सत्ता संभाली है, युवाओं को सक्षम, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं और पहल शुरू की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य शिक्षा और प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ते हुए राज्य की युवा आबादी को विकास की नई ताकत में बदलना है। लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल, आत्मनिर्भर, नवाचारी और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार मानव संसाधन के रूप में विकसित करना है।

    18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है

            प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राज्य के 26 जिलों में करीब 18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, 35 हजार और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है, ताकि प्रशिक्षण को उद्योगों और बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार बनाया जा सके।

    युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था

         मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की उम्मीद हैं। हमारा प्रयास है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध हो। युवा सशक्तीकरण विकसित छत्तीसगढ़ के हमारे विजन का केंद्र है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप है।”

    पारदर्शी भर्ती पर फोकस

            युवा केंद्रित एजेंडे में रोजगार के साथ सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दी गई है। राज्य में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर भर्ती को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है।

     युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार द्वारा निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था

            सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर देने के लिए CG-ACE पहल शुरू की है। इसके तहत NEET, CLAT, JEE, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार

          युवा विकास की रणनीति में विष्णु देव साय सरकार ने उच्च शिक्षा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया है। उच्च शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपये किया गया है। राज्य के पांच सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के कॉलेज शामिल हैं। इसी तरह, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की तर्ज पर कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT) विकसित किए गए हैं। आने वाले समय में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी इनके विस्तार की योजना है।

          धनंजय राठौर
          संयुक्त संचालक, 
         जनसम्पर्क (रायपुर)

  • रणबीर कपूर की राम के रोल में कास्टिंग पर फिर उठे सवाल, रामानंद सागर के पोते ने बताई वजह

    रणबीर कपूर की राम के रोल में कास्टिंग पर फिर उठे सवाल, रामानंद सागर के पोते ने बताई वजह

    रणबीर कपूर की फिल्म रामायण लगातार सुर्खियों में चल रही है. हाल ही में इसका पहला गाना जय जय राम आया था, जिसने लोगों के बीच तगड़ा बज बनाया. गाने में राम-सीता की भूमिका में रणबीर और साई पल्लवी खूब चमके. लोगों के मन में कास्टिंग और विजुअल्स को लेकर जो सवाल थे, वो भी मेकर्स ने कम करने की कोशिश की. हालांकि अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो रामायण से पूरी तरह सहमत नहीं हैं.

    रणबीर पर फिर उठाए सवाल
    रणबीर कपूर को भगवान राम की भूमिका में देखना अभी भी कई लोग स्वीकार नहीं कर रहे हैं. इनमें से एक टीवी का सबसे आइकॉनिक धारावाहिक रामायण बनाने वाले रामानंद सागर के पोते शिव सागर भी हैं. उन्होंने शुरू से रणबीर की कास्टिंग पर सवाल उठाए हैं. इसके पीछे की वजह एक्टर के निभाए पुराने किरदार रहे हैं. अब शिव सागर का कहना है कि रणबीर की पर्सनैलिटी उन्हें भगवान राम से ज्यादा भगवान कृष्ण के किरदार के लिए सही लगती है. उन्होंने साफ किया कि उन्हें रणबीर से कोई व्यक्तिगत परेशानी नहीं है.

    वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में रामानंद सागर के पोते ने भगवान राम की भूमिका पर अपनी राय देते हुए कहा- मेरे लिए भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं. यानी सद्गुण, गरिमा, संयम और आदर्श आचरण की मिसाल. भगवान राम को लेकर मेरी समझ भगवान कृष्ण से काफी अलग है. कृष्ण चंचल, शरारती और अपनी लीलाओं से भरे हुए हैं, जबकि राम के व्यक्तित्व में एक गंभीरता, अनुशासन और शांति दिखाई देती है.

    'ये सिर्फ उस किरदार को लेकर मेरी निजी समझ है. मुझे लगता है कि रणबीर में एक एक्टर के तौर पर ऐसी खूबियां हैं, जो उन्हें भगवान कृष्ण जैसे किरदार के लिए बहुत अच्छा बना सकती हैं. लेकिन जब मैं भगवान राम की कल्पना करता हूं, तो मेरे मन में एक ऐसा व्यक्ति आता है जो ज्यादा संयमी, गंभीर और अंदर से शांत हो. ये रणबीर की एक्टिंग पर कोई टिप्पणी नहीं है. बात सिर्फ भगवान राम के उस व्यक्तित्व और स्वभाव की है, जिसे मैं अपने मन में उनसे जोड़कर देखता हूं.'

    रणबीर से है खास कनेक्शन
    इसी बातचीत में रामानंद सागर के पोते ने कपूर खानदान संग अपने पुराने रिश्तों पर भी बात की. उन्होंने बताया कि रणबीर के परदादा पृथ्वीराज कपूर ने उनके दादा को इंडस्ट्री में बतौर राइटर ब्रेक दिलाया था. उनकी बहन रणबीर-आलिया का घर सजा चुकी हैं. इसलिए उनका कपूर खानदान संग एक खास कनेक्शन भी है.

    बात करें फिल्म रामायण की, तो इंडिया में ये 8 नवंबर को रिलीज होगी और वर्ल्डवाइड 6 नवंबर को रिलीज की जाएगी. इसमें रवि दुबे, सनी देओल, यश, अरुण गोविल, लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, रकुल प्रीत सिंह जैसे एक्टर्स नजर आएंगे. ये दो पार्ट में बनाई जा रही मूवी है, जिसे नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं.

  • महादेव घाट पर महाआरती और ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम, मुख्यमंत्री साय समेत कई हस्तियां रहीं मौजूद

    महादेव घाट पर महाआरती और ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम, मुख्यमंत्री साय समेत कई हस्तियां रहीं मौजूद

    रायपुर
    खारुन नदी के पावन तट, महादेव घाट, रायपुर पर नगर पालिका निगम रायपुर द्वारा आयोजित भव्य महाआरती एवं “आशीर्वाद का दिया — जनसेवा से देशसेवा” कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, साध्वी प्रज्ञा जी, माननीय श्रीमती कौशल्या साय जी, विधायकगण, निगम-आयोग एवं मंडल के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे जी के साथ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू जी उपस्थित हुई l

    भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने एवं जन्मदिवस के शुभ अवसर पर तेलीबांधा, रायपुर में आयोजित भव्य ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू जी ने सहभागिता की।

    इस अवसर पर 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे रायपुर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। इस ऐतिहासिक आयोजन का गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में रिकॉर्ड दर्ज हुआ।

    साथ ही ‘प्रोजेक्ट अक्षरा – स्क्रीन से दूरी, पढ़ना है जरूरी’ का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और उन्हें अनावश्यक स्क्रीन समय से दूर करना है।

    🪔 आशीर्वाद का दीया | ऐतिहासिक अवसर 🪔

     

  • छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन की बड़ी पहल, प्रदेश के दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास का बनेगा रोडमैप

    छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन की बड़ी पहल, प्रदेश के दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास का बनेगा रोडमैप

    छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रदेश की दीर्घकालिक
    अधोसंरचना विकास की बनेगी समग्र कार्ययोजना
    रायपुर

    प्रदेश में अधोसंरचना विकास को गति देने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत एवं एकीकृत अधोसंरचना तैयार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। लोक निर्माण विभाग को मिशन का नोडल विभाग बनाया गया है।
    बैठक में मिशन के तहत प्रदेश के सड़क, ऊर्जा, ट्रांसमिशन, जल, सिंचाई, संचार, फाइबर नेटवर्क तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति और कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रदेश के रोड नेटवर्क के लिए आगामी 20 वर्षों का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में वर्तमान अधोसंरचना की स्थिति, भविष्य की जरूरतों, कनेक्टिविटी की आवश्यकताओं और संभावित विकास क्षेत्रों का समग्र आकलन किया जाए। इसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं की प्राथमिकता तय कर उनके क्रियान्वयन की कार्ययोजना तैयार की जाए।
    मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी के साथ ऊर्जा, जल, सिंचाई, संचार एवं डिजिटल कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख अधोसंरचना घटकों को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ देखा जाए। प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकता का आकलन कर यह निर्धारित किया जाए कि आने वाले वर्षों में किस प्रकार की अधोसंरचना और किन क्षेत्रों में विकसित की जानी है।

    इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब की संभावनाओं का होगा अध्ययन
    मुख्य सचिव ने प्रदेश में इंटरमॉडल ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़क एवं रेल सहित विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने तथा माल परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक परियोजनाओं को चिन्हित करने को कहा। उन्होंने अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए नए फंडिंग मैकेनिज्म की संभावनाओं का भी अध्ययन करने के निर्देश दिए। निजी एवं सार्वजनिक निवेश सहित विभिन्न वित्तीय विकल्पों का परीक्षण कर परियोजनाओं के लिए उपयुक्त वित्तीय व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।

    दीर्घकालिक योजना के साथ बनेगा वार्षिक एक्शन प्लान
    मुख्य सचिव ने कहा कि 20 वर्षीय मास्टर प्लान के साथ वार्षिक एक्शन प्लान भी तैयार किया जाए। इसमें प्रत्येक वर्ष प्रस्तावित कार्यों, उनकी प्राथमिकता, आवश्यक संसाधनों और समय-सीमा का स्पष्ट निर्धारण हो। उन्होंने परियोजनाओं की प्रॉपर प्लानिंग एवं मैपिंग के साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने देश के अन्य राज्यों में विकसित की जा रही आधुनिक अधोसंरचना परियोजनाओं का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों के एक्सपोजर विजिट आयोजित करने को भी कहा, इससे वहां अपनाई जा रही बेहतर तकनीकों एवं कार्यप्रणालियों को छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाया जा सके। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मिशन के कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
    बैठक में मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • MP पुलिस के 7 वरिष्ठ अफसरों को मिली बड़ी राहत, IPS कैडर वर्ष तय; DIG बनने का रास्ता साफ

    MP पुलिस के 7 वरिष्ठ अफसरों को मिली बड़ी राहत, IPS कैडर वर्ष तय; DIG बनने का रास्ता साफ

    भोपाल
    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 1998 बैच के 7 वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति का वर्ष (कैडर वर्ष) तय कर दिया है। 27 वर्षों के लंबे सेवाकाल के बाद इन सभी अधिकारियों को आईपीएस 2016 बैच आवंटित किया गया है। आईपीएस सीनिओरिटी रूल्स 1988 के तहत 27 साल से अधिक की सेवा पर अधिकतम 9 वर्ष का वेटेज दिया जाता है।

    इसी नियमावली के तहत गणना वर्ष (2025) में से 9 साल घटाकर इन अफसरों को 2016 का बैच मिला है। गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, यह सभी अफसर 2016 बैच के प्रमोटेड आईपीएस राजेंद्र कुमार वर्मा के ठीक नीचे और 2017 बैच के सीनियर आईपीएस अंकित जायसवाल के ठीक ऊपर रहेंगे।

    प्रमोट हुए अधिकारियों के नाम
    निमिषा पांडे, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ और समर वर्मा।

    पदोन्नति का फायदा
    सर्विस लेंथ काउंट होने से इन अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक व सिलेक्शन ग्रेड मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे वे भविष्य में डीआईजी (DIG) पद की पात्रता भी हासिल कर लेंगे।

  • युवा धर्म संसद में मोहन भागवत का संदेश, बोले- भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा धर्म से होती है पूरी

    युवा धर्म संसद में मोहन भागवत का संदेश, बोले- भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा धर्म से होती है पूरी

    उज्जैन 
    रिलिजन धर्म नहीं, धर्म जीवन का अनुशासन है। किसी इच्छा की पूर्ति, भय, लोभ या प्राण बचाने के लिए भी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन धर्म नित्य रहता है।

    यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कही। वे उज्जैन में ‘युवा धर्म संसद’ को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जिस भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा मनुष्य करता है, वह धर्म के पालन से प्राप्त होती है। धर्म का सेवन जीवन के सुख देने के साथ व्यक्ति को मोक्ष की ओर भी अग्रसर करता है।उन्होंने महाभारत की फलश्रुति का उल्लेख करते हुए कहा कि सुबह भारत सावित्री का स्मरण करने और उसके भाव को दिनभर जीवन में रखने से महाभारत सुनने का फल प्राप्त होता है।

    उन्होंने कहा कि आज धर्म को लेकर भ्रम का एक कारण अपनी भाषा और धर्म के वास्तविक अर्थ को भूल जाना है। पश्चिमी लोगों ने भारत में धर्म के आचरण और उससे जुड़े कर्मकांड व अनुशासन को देखा और उसे अपने यहां के ‘रिलिजन’ के समान समझ लिया। बाद में हम भी धर्म को रिलिजन कहने लगे।

    वक्ता ने कुश्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कुश्ती सीखने के लिए अखाड़े में जोर-बैठक लगाना जरूरी है, वैसे ही धर्म के कर्मकांड और अनुशासन उसके अभ्यास का हिस्सा हैं। कर्मकांड धर्म का एक अंग है, पूरा धर्म नहीं। उन्होंने कहा- ‘रिलिजन धर्म नहीं है।’

    1,700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे
    गीता भवन में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित सेवाज्ञ संस्थानम् के इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 1,700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल होने पहुंचे हैं। दूसरे दिन करीब 300 विद्वान, शिक्षक, शोधकर्ता और धर्माचार्य भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत उद्घाटन सत्र में, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को समापन सत्र में शामिल होंगे।

    सेवाज्ञ संस्थानम् की ओर से सिद्धपीठ हनुमत निवास अयोध्या के पीठाधीश्वर एवं संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरणजी महाराज के मार्गदर्शन में यह आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और काञ्चीपुरम् के बाद यह युवा धर्म संसद का छठा संस्करण है। अगले साल इसका आयोजन द्वारका में किया जाएगा।

    देशभर से चयनित युवाओं का विशेष उद्बोधन सत्र भी होगा
    दूसरे दिन सुबह युवा धर्म संसद का विधिवत उद्घाटन होगा। कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत, आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण महाराज, संरक्षक-सेवाज्ञ संस्थानम्, प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, कुलगुरु-केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और आशीष कुमार आशु, अध्यक्ष-सेवाज्ञ संस्थानम् शामिल होंगे। इस दौरान धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा पर व्याख्यान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना-विचार संघर्ष पर संवाद तथा देशभर से चयनित युवाओं का विशेष उद्बोधन सत्र होगा।

    व्याख्यान सत्र में प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर भी शामिल होंगे
    उद्घाटन सत्र के बाद दोपहर 12 से 2 बजे तक व्याख्यान सत्र आयोजित होगा। इसमें अवधेशानंद गिरि जी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा; मनोज मुंतशिर, प्रसिद्ध पटकथा लेखक एवं गीतकार; प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय; स्मृति अनंतलक्ष्मी जी, सह-संस्थापिका एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शिका, अनादि फाउंडेशन और जे. नंद कुमार जी, राष्ट्रीय संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।

    25 राज्यों से 1,700 युवा कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे
    सह-मीडिया प्रमुख बादल सिंह ने बताया कि युवा धर्म संसद का छठा संस्करण इस बार उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर से करीब 1,700 छात्र-छात्राओं के साथ लगभग 300 विद्वान, शिक्षक और प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन को ध्यान में रखते हुए युवा धर्म संसद का आयोजन किया गया है।

    इससे पहले काशी, अयोध्या, हरिद्वार, मथुरा और कांचीपुरम में इसका आयोजन हो चुका है। इन आयोजनों में करीब 7,100 प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। इस बार रजिस्ट्रेशन जुलाई में शुरू हुए थे और 31 अगस्त को बंद कर दिए गए।