Author: NewseDay

  • युवा अवसरों से जुड़ रहे, प्रदेश में 3.80 लाख पंजीयन; मंत्री सारंग बोले- 6 लाख का लक्ष्य

    युवा अवसरों से जुड़ रहे, प्रदेश में 3.80 लाख पंजीयन; मंत्री सारंग बोले- 6 लाख का लक्ष्य

    विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027

    प्रदेश के 3.80 लाख युवाओं ने किया ऑनलाइन पंजीयन; 6 लाख पंजीयन का लक्ष्य
    पीएम मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं मिल रहें नए अवसर : मंत्री सारंग

    भोपाल

    खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 (15 से 29 वर्ष) युवाओं को नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की एक संरचित, योग्यता-आधारित यात्रा में भाग लेने का एक राष्ट्रव्यापी अवसर है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उन युवाओं की पहचान करना, उन्हें प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है, जो 2047 तक विकसित भारत में योगदान देना चाहते हैं। मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के 3.80 लाख युवाओं ने माय भारत पोर्टल में ऑनलाइन पंजीयन किया है और सरकार ने 6 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

    मंत्री सारंग ने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश के लिए ट्राइबल लीडरशिप, नेचुरल रिसोर्सेस और इन्क्लूसिव डेवलपमेंट थीम निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवा प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश के युवा बड़ी संख्या में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। अंतिम चरण में चयनित युवा 10-12 जनवरी 2027 को प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

    प्रतियोगिता की महत्वपूर्ण तिथियां

    मंत्री सारंग ने बताया कि 17 अगस्त-30 सितंबर तक विकसित भारत क्विज, 5-19 अक्टूबर तक विकसित भारत निबंध प्रतियोगिता, 10-16 नवंबर जिला चैंपियनशिप, 17 नवंबर–7 दिसंबर राज्य स्तरीय और 10-12 जनवरी, 2027 राष्ट्रीय स्तर, नई दिल्ली इन दिनांकों में निर्धारित कार्यक्रम चरणबद्ध तरीकों से किए जाएंगे।

    विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवा प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच

    मंत्री सारंग ने बताया कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवा प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त मंच है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बढ़ चढ़ कर मध्यप्रदेश के युवा प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं को आपस में संवाद करने, विभिन्न संस्कृतियों को समझने तथा भारत की विविधता का सम्मान एवं उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की नेतृत्व क्षमता एवं विविध प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना, जिसमें लोकगीत, लोकनृत्य, चित्रकला, भाषण, कविता लेखन आदि क्षेत्र शामिल हैं।

    क्विज़ से लेकर चैंपियन तक

    विकसित भारत चैलेंज 5 चरणों वाले मार्ग का अनुसरण करेगा। पहले चरण में (विकसित भारत प्रश्नोत्तरी): डिजिटल क्विज प्रतियोगिता MY Bharat पोर्टल आयोजित की जा रही है। दूसरे चरण में (निबंध लेखन और मूल्यांकन) डिजिटल क्विज प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे। फिर भारत सरकार द्वारा प्राप्त विषयों का निबंध का मूल्यांकन राज्य स्तर पर किया जाएगा। तीसरे चरण में (जिला स्तर पर पीपीटी प्रतियोगिता और मूल्यांकन) निबंध प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागी जिला स्तर पर निर्धारित विषयों में पीपीटी प्रस्तुतीकरण देंगे। फिर जिला स्तर पर मूल्यांकन एवं चयन होगा। चौथे चरण में (राज्य स्तर पर पीपीटी प्रतियोगिता और मूल्यांकन) जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागी राज्य स्तर पर निर्धारित विषयों में पीपीटी प्रस्तुतीकरण देंगे। फिर राज्य स्तर पर मूल्यांकन एवं चयन होगा। और अंतिव व पांचवें चरण में (राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता) भारत मंडपम, नई दिल्ली: राज्य स्तर पर चयनित युवा माननीय प्रधानमंत्री के समक्ष राष्ट्रीय युवा महोत्सव में सहभागिता करेंगे।

    युवा प्रतिभा, नेतृत्व और नवाचार को प्रदर्शित करने वाली 6 श्रेणियां

    VBYLD-2027 (विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग) 6 प्रमुख श्रेणियों के माध्यम से युवाओं के लिए कई अवसर उपलब्ध कराएगा। विकसित भारत चैलेंज (यह प्रमुख मंच है जो युवाओं को प्रश्नोत्तरी, निबंध प्रतियोगिता और प्रस्तुति-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से 2047 तक विकसित भारत के लिए अभिनव विचारों और समाधानों को व्यक्त करने में सक्षम बनाता है), सांस्कृतिक प्रतियोगिता (लोकनृत्य, लोकगीत, चित्रकला, भाषण कला और कविता लेखन प्रतियोगिताएं, जो युवाओं को भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेंगी), भारत के लिए डिजाइन (वास्तविक दुनिया की विकासात्मक चुनौतियों के लिए समाधान विकसित करने पर केंद्रित एक राष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता), हैकिंग फॉर सोशल कॉज (एक टेक्नोलॉजी-आधारित नवाचार चुनौती जो सामाजिक और विकासात्मक चुनौतियों के लिए स्केलेबल डिजिटल समाधान आमंत्रित करती है), युवा उद्यमी चुनौती (VBYLD 2027 के लिए एक नया ट्रैक, जो युवा उद्यमियों को राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप स्टार्टअप पिच और व्यावसायिक योजनाएं प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित करता है) और युवा संसद (इसे VBYLD 2027 में एकीकृत किया गया है, जिसके राष्ट्रीय फाइनलिस्ट राष्ट्रीय VBYLD में भाग लेंगे) शामिल हैं।

     

  • सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक, भविष्य के उद्योगों का नया गंतव्य बन रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

    सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक, भविष्य के उद्योगों का नया गंतव्य बन रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

    भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    नए दौर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहा छत्तीसगढ़, भविष्य के उद्योगों पर हमारा फोकस : मुख्यमंत्री

    सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक, भविष्य के उद्योगों का नया गंतव्य बन रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

    छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों की नई संभावनाओं का केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में किया ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ

    देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी तीन दिवसीय औद्योगिक मेले में ले रहे हिस्सा

    नई औद्योगिक विकास नीति से छत्तीसगढ़ में निवेश को मिली नई गति, प्रस्तावों के साथ धरातल पर भी उतर रही परियोजनाएं : मुख्यमंत्री साय

    आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी सहित नए एवं उभरते सेक्टरों पर राज्य सरकार का विशेष फोकस

    निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ उद्योगों के लिए ‘एक्सीलरेटर’ की भूमिका निभा रही राज्य सरकार

    स्थानीय संसाधनों के वैल्यू एडिशन और युवाओं के रोजगार को औद्योगिक विकास का आधार बना रही सरकार

    मुख्यमंत्री ने औद्योगिक स्टॉलों का किया अवलोकन, देशभर से आए उद्यमियों से किया आत्मीय संवाद

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, पर्याप्त मानव संसाधन और देश के मध्य में अनुकूल भौगोलिक स्थिति हमारी स्वाभाविक ताकत है। राज्य सरकार इन खूबियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की भूमिका केवल उद्योगों के लिए नियामक की नहीं है। हम सरकार को उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि निवेश का प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग के धरातल पर स्थापित होने तक हर चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था मिले।

    मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक आयोजन के लिए रायपुर का चयन किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता बढ़ती है, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक गतिविधियों का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर उद्योग और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में भी 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं। 18 से 20 सितम्बर तक आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों की भागीदारी इस आयोजन के महत्व को दर्शाती है।

    उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक मेला केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी नहीं है। यह उद्यमियों के बीच संवाद, अनुभव, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे, नई संभावनाओं पर चर्चा होगी और युवाओं को उद्योग तथा उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

    नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली नई गति

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें।

    उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेशकों को प्रोत्साहन, नए एवं उभरते सेक्टरों को बढ़ावा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नीति लागू होने के बाद प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और प्रसन्नता की बात है कि अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक आधार को विविधता देने के लिए आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न नए और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य प्रारंभ होना इस बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण है।

    उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ नए उद्योगों और तकनीक आधारित कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य में टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है।

    निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं सरल, सरकार बनेगी सहभागी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य में उद्योग तभी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, जब निवेशकों को नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं मिलें। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में काम किया है, ताकि निवेशकों को विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।

    उन्होंने कहा कि उद्योगों को समय पर आवश्यक भूमि, अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि उद्यमी अपना समय और ऊर्जा प्रक्रियागत जटिलताओं में लगाने के बजाय उत्पादन, नवाचार, विस्तार और रोजगार सृजन में लगाएं।

    खनिज, ऊर्जा और वन संपदा छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल है। कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिज यहां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इन संसाधनों का प्रदेश के भीतर अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन हमारी औद्योगिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है। प्रदेश में इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा सहित अनेक प्रकार की लघु वनोपज और औषधीय संसाधन उपलब्ध हैं। इनका वैज्ञानिक प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन कर वनांचल में उद्योग एवं रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय समुदायों और जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के भी नए रास्ते खुलेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता का एक और मजबूत आधार है। प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है। ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। पर्याप्त बिजली, जल संसाधन, मानव संसाधन, प्राकृतिक संपदा और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ छत्तीसगढ़ को उद्योगों के लिए स्वाभाविक रूप से अनुकूल बनाता है।

    स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़ेगा औद्योगिक विकास

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब उससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। इसीलिए नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। अधिक संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा औद्योगिक विकास है, जिसमें प्रदेश का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला न रहे, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमशीलता के बल पर रोजगार देने वाला भी बने। एमएसएमई और स्टार्टअप इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक, बाजार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    बस्तर में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक संभावनाएं

    मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में आगे बढ़ा रही है।

    उन्होंने कहा कि बस्तर के जलप्रपात, घने वन, प्राकृतिक स्थल और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। होम-स्टे जैसी पहलों के माध्यम से पर्यटन को सीधे स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए उद्यमियों से आग्रह किया कि वे औद्योगिक मेले के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को भी देखें और प्रदेश में उपलब्ध निवेश की विविध संभावनाओं को करीब से समझें।

    उद्योगों की लंबी उड़ान के लिए तैयार है छत्तीसगढ़ : उपमुख्यमंत्री अरुण साव

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का 14वां संस्करण छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उद्योगों के क्षेत्र में नई और लंबी उड़ान के लिए तैयार है।

    उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों से आए उद्यमियों को एक-दूसरे के उत्पाद, तकनीक, नवाचार और अनुभव को समझने तथा नई व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने का अवसर देगा। उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने उद्यमियों से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं के साथ प्रदेश के पर्यटन और तीर्थ स्थलों को भी देखने का आग्रह किया।

    निवेश प्रस्ताव अब धरातल पर ले रहे आकार : उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन

    उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लागू नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। सरकार के प्रयासों से प्रदेश में निवेश प्रस्ताव आने के साथ उनका क्रियान्वयन भी धरातल पर दिखाई देने लगा है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में छोटे और बड़े नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिनसे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। लघु उद्योगों को प्रोत्साहन, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और नए निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। अलग-अलग सेक्टरों में संवाद और कार्यशालाओं के माध्यम से उद्यमियों को राज्य की नीतियों तथा उपलब्ध अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

    लघु उद्योग भारती के प्रकाश चंद्र गुप्त ने कहा कि संगठन पिछले 32 वर्षों से देश के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को संगठित करने तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को केंद्र एवं राज्य सरकारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि भारत में लघु और विकेंद्रीकृत उद्योगों की समृद्ध परंपरा रही है। वर्तमान समय में इन्हें आधुनिक बाजार, नई तकनीक और मजबूत व्यावसायिक नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी उद्देश्य से उद्यमियों को साझा मंच उपलब्ध करा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन में उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ नए व्यावसायिक संपर्क बनाने, नवाचार साझा करने और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं पर संवाद करने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया अवलोकन, उद्यमियों से जाना उनके नवाचारों के बारे में

    इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 में देश और प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों द्वारा बड़ी संख्या में स्टॉल लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मेले के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और प्रदर्शित उत्पादों, तकनीकों एवं नवाचारों की जानकारी ली।

    प्रदर्शनी में पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियों एवं उपचार पद्धतियों से लेकर आधुनिक मशीनरी, आईटी और नवीन तकनीक आधारित औद्योगिक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और औद्योगिक प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद कर उनकी व्यावसायिक गतिविधियों, नवीन तकनीकों और औद्योगिक अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने उद्यमियों से छत्तीसगढ़ में उपलब्ध निवेश अवसरों और उद्योगों के लिए विकसित किए जा रहे अनुकूल वातावरण पर भी चर्चा की।

    मुख्यमंत्री साय ने आयोजन को देशभर के उद्यमियों के बीच संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए लघु उद्योग भारती के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आयोजन की तैयारियों और औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों, सदस्यों एवं प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों, सामर्थ्य और नई संभावनाओं के साथ औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े—सभी प्रकार के उद्योगों के लिए सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देशभर के उद्यमियों का आह्वान किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की संभावनाओं को समझें, निवेश करें और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी तथा देशभर से आए उद्यमी एवं औद्योगिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • TMC के ‘जोड़ाफूल’ पर रोक, ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ और दूसरे गुट को मिला ‘लिफाफा’ सिंबल

    TMC के ‘जोड़ाफूल’ पर रोक, ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ और दूसरे गुट को मिला ‘लिफाफा’ सिंबल

    कोलकाता/नई दिल्ली 
     चुनाव आयोग ने टीएमसी में टूट के बाद ममता बनर्जी गुट को नए नाम की मंजूरी दे दी है। ममता बनर्जी गुट ने तीन नामों का विकल्प पेश किया था, इस आधार पर आयोग ने ' ऑल इंडिया तृणमूल ममता कांग्रेस ( AITMC ) का नाम दिया है। उनका चुनाव चिन्ह फुटबॉल खिलाड़ी होगा। जबकि बागी रितब्रत गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम के साथ लिफाफा चुनाव चिन्ह दिया गया है। रितब्रत गुट ने आयोग को दो नाम सुझाए थे। गुरुवार को विवाद पर सुनवाई के बाद निर्वाचन आयोग ने टीएमसी का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया था।

    गुरुवार को फ्रीज हुआ था दो फूल वाला सिंबल
    गुरुवार को चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों के दावों पर विचार किया था। करीब एक सप्ताह पहले भी आयोग ने ममता बनर्जी गुट और रितब्रत बनर्जी से दावों के समर्थन में दस्तावेज देने को कहा था। रितब्रत बनर्जी ने दावा किया था कि टीएमसी के संविधान के मुताबिक, ममता बनर्जी का अध्यक्ष पद का कार्यकाल पहले ही खत्म हो चुका था। अब नई कार्यकारिणी ने अरुप रॉय को अध्यक्ष चुना है। ममता बनर्जी ने गुट ने कहा कि पार्टी के संविधान के मुताबिक ममता बनर्जी ही पार्टी की अध्यक्ष हैं। उनके पास ही नई कार्यकारिणी और पदों पर नियुक्ति का अधिकार है। इसके बाद चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव से पहले सिंबल विवाद पर निर्णय सुरक्षित रख गया। गुरुवार को आयोग ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और चुनाव चिन्ह पत्तियों के साथ दो फूल को फ्रीज कर दिया था।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निंदा
    चुनाव आयोग के फैसले से ममता बनर्जी गुट के सांसद कल्याण बनर्जी ने असंतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला स्वीकार नहीं है, मगर परिस्थितियों के आगे कुछ किया नहीं जा सकता है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी टीएमसी के सिंबल और नाम फ्रीज किए जाने पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी वोट लूट के बाद अब पार्टी लूट रही है। यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं, बल्कि हर वोटर की लड़ाई है, जो निष्पक्ष चुनाव चाहता है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बीजेपी की कठपुतली है।

    11 बजे तक चुनाव आयोग ने मांगे थे नए नाम और चिन्ह
    तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी घमासान और पार्टी के टूटने के बाद चुनाव आयोग ने यह अंतरिम आदेश जारी किया था। आयोग ने स्पष्ट किया था कि ममता बनर्जी का गुट यानी 'कालीघाट-तृणमूल' और विरोधी गुट यानी 'ऋतब्रत-तृणमूल', दोनों में से कोई भी 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम या पुराना 'जोड़ाफुल' सिंबल इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।

    आयोग ने दोनों गुटों को आज सुबह 11 बजे तक अपनी पसंद के तीन नए नाम और चुनाव चिन्हों की लिस्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।

    ममता और ऋतब्रत ने क्या-क्या नाम दिए?
    चुनाव आयोग की डेडलाइन से पहले दोनों धड़ों ने अपने-अपने नए नाम और प्रतीकों की लिस्ट आयोग को सौंप दी है।

    ममता बनर्जी ('कालीघाट-तृणमूल') गुट के विकल्प:
    3 संभावित नाम: 'ममता सरभारतीय तृणमूल कांग्रेस', 'सरभारतीय तृणमूल कांग्रेस ममता', और 'तृणमूल ममता कांग्रेस'।

    चुनाव चिन्ह के विकल्प: सूत्रों के मुताबिक इस गुट ने फुटबॉल खिलाड़ी और क्रिकेट बैट जैसे प्रतीकों को अपनी पहली पसंद बताया है।

    ऋतब्रत गुट ('ऋतब्रत-तृणमूल') के विकल्प:
    3 चुनाव चिन्ह:
    इस गुट ने चुनाव आयोग के फ्री-सिंबल लिस्ट में से 'ब्लैक बोर्ड', 'लिफाफा' और 'टॉर्च' की मांग की है।

    तृणमूल की टूट पर मचा सियासी घमासान
    तृणमूल का नाम और सिंबल छिन जाने के बाद राज्य और देश की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, "तृणमूल पहले ही टूट चुकी थी, अब उसका नाम और सिंबल भी चला गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तरफ से पीएम मोदी को जन्मदिन का ये लेट-नाइट गिफ्ट है।"

    वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में जारी फूट और कानूनी स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग का यह फैसला पूरी तरह से तर्कसंगत और निष्पक्ष है।

    बहरहाल, 28 साल बाद अपने ही बनाए नाम और चुनाव चिन्ह से महरूम हुईं ममता बनर्जी के लिए यह उप-चुनाव एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बनने जा रहा है।

     

  • अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह की स्मृति में CM यादव ने दी श्रद्धांजलि

    अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह की स्मृति में CM यादव ने दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह को अर्पित की श्रद्धांजलि 

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 169वें बलिदान दिवस पर माल गोदाम चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिमा स्‍थल के समीप बने देव स्‍थल पर पूजन-अर्चन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलिदान स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम जबलपुर को बधाई देते हुये कहा कि सरकार जनजातीय अंचलों के महानायकों और महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। रानी दुर्गावती सहित अनेक जनजातीय नायकों के योगदान को स्मरण करते हुए उनकी गौरवशाली विरासत को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गढ़ा मंडला और किला सहित ऐतिहासिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के माध्यम से नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा रहा है।

    कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जनजातीय कार्य तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव संग्रहालय पहुंचकर अमर शहीदों को किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती चिकित्सालय के सामने स्थित राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह संग्रहालय में बंदीग्रह में पहुंचकर उनकी गौरव गाथा को याद करते हुए राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमाओं पर पुष्‍पांजली अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन किया। उन्होंने संग्रहालय परिसर में स्थित सरग नसैनी पर भी पूजन-अर्चन किया।

  • रांची में तंजानिया प्रतिनिधिमंडल का कृषि एक्सपोजर विजिट, ड्रोन और IoT तकनीक से हुए रूबरू

    रांची में तंजानिया प्रतिनिधिमंडल का कृषि एक्सपोजर विजिट, ड्रोन और IoT तकनीक से हुए रूबरू

    रांची
    तंजानिया के खनिज मंत्रालय के 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कोल मैनेजमेंट (IICM) में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ‘उन्नत कृषि’ परियोजना का एक्सपोजर विजिट किया. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को परियोजना के उद्देश्य, प्रमुख गतिविधियों और किसानों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी गई.
    ऑटोमेटेड इरिगेशन सिस्टम और कृषि ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो

    प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि ICT और IoT आधारित आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से डेटा आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस दौरान ऑटोमेटेड इरिगेशन सिस्टम और कृषि ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो भी दिखाया गया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से खेती में होने वाले बदलावों और इसके व्यावहारिक उपयोग को करीब से समझा.

    किसानों से किया संवाद
    विजिट के दौरान तंजानिया के प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना से जुड़े किसानों और टीम के सदस्यों से संवाद किया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने तकनीक आधारित खेती, कृषि उत्पादकता और किसानों को होने वाले लाभों से जुड़े कई सवाल पूछे. उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को लेकर अपनी रुचि भी व्यक्त की.

    तंजानिया में भी इस तरह की आधुनिक कृषि
    प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप सेड्रोन तकनीक, मोबाइल ऐप और डेटा आधारित कृषि व्यवस्था के बारे में जानकारी ली. सदस्यों ने तंजानिया में भी इस तरह की आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखाई. इस अवसर पर सीसीएल की ओर से जॉन बोदरा, निधि समृद्धि फाउंडेशन की ओर से रवि शंकर कुमार, सूरज सिन्हा, चंचल कच्छप, स्मार्ट फार्मर सुखदेव उरांव, घुमेश्वर उरांव, राजेश उरांव, सोमरा उरांव, सीमा देवी, उषा देवी और मुन्नी गाड़ी सहित अन्य किसान एवं परियोजना टीम के सदस्य मौजूद रहे.

    ग्रामीण विकास में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
    सीसीएल की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित ‘उन्नत कृषि’ परियोजना के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. परियोजना से जुड़े आदिवासी युवा और किसान ड्रोन तकनीक और मोबाइल ऐप जैसे आधुनिक साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

    आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम
    विजिट को तकनीकी ज्ञान, अनुभव और कृषि क्षेत्र में संभावित सहयोग के आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया. परियोजना से जुड़े लोगों ने कहा कि उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर किसान आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं.

  • महंगे रेटिनॉल सीरम का देसी विकल्प, गाजर और एलोवेरा से बनाएं नेचुरल एंटी-एजिंग सीरम घर पर

    महंगे रेटिनॉल सीरम का देसी विकल्प, गाजर और एलोवेरा से बनाएं नेचुरल एंटी-एजिंग सीरम घर पर

     बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर बारीक रेखाएं (फाइन लाइन्स), झुर्रियां, स्किन का ढीलापन और डार्क स्पॉट्स आना स्वाभाविक है. आजकल स्किनकेयर में रेटिनॉल को एंटी-एजिंग के लिए सबसे असरदार माना जाता है. लेकिन बाजार में मिलने वाले रेटिनॉल सीरम बेहद महंगे होते हैं और कई बार संवेदनशील त्वचा पर जलन, लालिमा या ड्राइनेस पैदा कर देते हैं. अगर आप बिना किसी केमिकल और जलन के त्वचा में कसाव, बेदाग निखार और जवानी जैसा ग्लो पाना चाहते हैं, तो विटामिन A से भरपूर गाजर और एलोवेरा की मदद से घर पर ही 100% नेचुरल प्लांट-बेस्ड रेटिनॉल सीरम बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं.

    सामग्री:
    ताजी गाजर (कद्दूकस की हुई) – 1 छोटी (विटामिन A का बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत)

    रोजहिप ऑयल या स्वीट आलमंड ऑयल (बादाम तेल) – 1 बड़ा चम्मच

    एलोवेरा जेल – 2 बड़े चम्मच (ताजा या बाजार का)

    गुलाब जल – 1 बड़ा चम्मच

    विटामिन E कैप्सूल – 1

    ग्लिसरीन – 1/2 छोटा चम्मच

    बनाने का तरीका:
    कद्दूकस की हुई गाजर में 1 बड़ा चम्मच बादाम तेल या रोजहिप ऑयल मिलाएं. अब डबल बॉइलर  मेथड से धीमी आंच पर इस मिश्रण को 8-10 मिनट तक स्टीम दें ताकि गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन (विटामिन A) तेल में आ जाए. ठंडा होने पर सूती कपड़े से छानकर तेल अलग कर लें.

    एक कांच के बाउल में 2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल, 1 बड़ा चम्मच तैयार किया हुआ गाजर का तेल, 1 बड़ा चम्मच गुलाब जल, 1/2 छोटा चम्मच ग्लिसरीन और 1 विटामिन E कैप्सूल का तेल डालें.

    एक चम्मच की मदद से इस पूरे मिश्रण को 2 मिनट तक अच्छे से फेंटें. धीरे-धीरे इसका टेक्सचर एकदम बाजार जैसे हल्के, मखमली और नारंगी-रंग के सीरम जैसा हो जाएगा.

    इस सीरम को किसी साफ और सूखी ड्रॉप वाली कांच की डार्क बोतल में भर लें. इसे आप फ्रिज में रखकर 12-15 दिनों तक आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं.

    रोज रात को चेहरा अच्छे से धोकर सुखा लें. 3-4 बूंद सीरम लेकर चेहरे और गर्दन पर नीचे से ऊपर की तरफ हल्के हाथों से मसाज करें और रातभर लगा रहने दें.

  • बिहार में बच्चों के लिए थानों में अलग सुरक्षित जगह, 2 अक्टूबर से शुरू होगी हेल्प डेस्क व्यवस्था

    बिहार में बच्चों के लिए थानों में अलग सुरक्षित जगह, 2 अक्टूबर से शुरू होगी हेल्प डेस्क व्यवस्था

    पटना
     बिहार में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के सभी पुलिस थानों में अब चाइल्ड हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। इसकी शुरुआत गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर से होगी। गृह विभाग ने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए यह पहल की है। पुलिस मुख्यालय ने गुरुवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी।

    थाने में बच्चों के लिए अलग और सुरक्षित जगह
    निर्देश के मुताबिक चाइल्ड हेल्प डेस्क को थाने के ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जहां बच्चों और उनके अभिभावकों की आसानी से पहुंच हो।

    इसे पुलिस थाने के लॉकअप से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। डेस्क पर चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे।

    बच्चियों के मामलों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती
    बच्चियों से जुड़े मामलों के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। डेस्क पर प्रदर्शित संपर्क नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।

    बच्चों और उनके अभिभावकों की ओर से मिलने वाली ई-शिकायतों और सहायता के अनुरोधों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी। शिकायत और उस पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा।

    पुलिस अधिकारियों की होगी नियमित निगरानी
    गृह विभाग ने यह व्यवस्था बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू करने का फैसला लिया है।

    चाइल्ड हेल्प डेस्क की नियमित निगरानी डीएसपी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और जिला स्तर के अन्य वरीय अधिकारी करेंगे।

    2 अक्टूबर तक व्यवस्था, 5 अक्टूबर तक रिपोर्ट
    सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 2 अक्टूबर तक सभी थानों में चाइल्ड हेल्प डेस्क की व्यवस्था लागू कर दी जाए। इसके बाद 5 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी।

    नई व्यवस्था के जरिए बच्चों और उनके अभिभावकों को थाने में शिकायत दर्ज कराने और सहायता पाने के लिए अलग, सुलभ और सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

  • कलेक्टर एवं एसपी ने धनगवां सहकारी समिति का किया निरीक्षण

    कलेक्टर एवं एसपी ने धनगवां सहकारी समिति का किया निरीक्षण

    कलेक्टर एवं एसपी ने धनगवां सहकारी समिति का किया निरीक्षण 

    कलेक्टर ने समिति कार्यालय के सामने के अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश

    कलेक्टर ने धान खरीदी पंजीयन को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ाने और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

    अनूपपुर 
    कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने आज जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित धनगवां का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान समिति कार्यालय के सामने स्थानीय लोगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने दूरभाष के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को समिति कार्यालय के सामने किए गए अतिक्रमण को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को नियमानुसार हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर झा ने समिति प्रबंधक से आगामी धान खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। समिति प्रबंधक ने बताया कि धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है और किसान पंजीयन करा रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक किसानों तक पंजीयन की जानकारी पहुंचाई जाए तथा इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं।

    कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को समिति परिसर में धान खरीदी संबंधी बोर्ड लगाने तथा धान उपार्जन के लिए पंजीयन की तिथि स्पष्ट रूप से चस्पा करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को पंजीयन प्रक्रिया एवं निर्धारित तिथियों की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पटवारी एवं कोटवार के माध्यम से ग्राम पंचायतों में मुनादी कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी पंजीयन से जुड़ी जानकारी किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, जिससे कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे।

    निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम घूमें, IRCTC लाया लखनऊ से कश्मीर का शानदार टूर पैकेज

    श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम घूमें, IRCTC लाया लखनऊ से कश्मीर का शानदार टूर पैकेज

    लखनऊ
     लखनऊ से शुरू होने वाला IRCTC का ‘जन्नत-ए-कश्मीर’ हवाई टूर पैकेज कश्मीरी वादियों की सैर करने के लिए एक शानदार विकल्प है। 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस 5 रात और 6 दिन के टूर के दौरान पर्यटकों को श्रीनगर, सोनमर्ग, पहलगाम और गुलमर्ग की सैर का आनंद मिलेगा।

    इस पैकेज के तहत लखनऊ से श्रीनगर आने-जाने की यात्रा फ्लाइट के जरिए तय होगी, जबकि ठहरने के लिए 3 सितारा होटल और पारंपरिक हाउस बोट का इंतज़ाम रहेगा। यात्रा के दौरान डल झील, सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम, खिलनमर्ग, बेताब घाटी, चंदनवारी और अरु घाटी जैसे खूबसूरत स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।

    यात्रियों को अलग से करना होगा भुगतान
    इसके साथ ही यात्री शंकराचार्य मंदिर, मुगल गार्डन, निशात बाग, चश्मेशाही, शालीमार गार्डन और हजरतबल दरगाह के दर्शन भी कर सकेंगे। गुलमर्ग में मशहूर गोंडोला केबल कार की सुविधा उपलब्ध रहेगी, लेकिन इसके लिए यात्रियों को अलग से भुगतान करना पड़ेगा।

    किराए की बात करें तो अकेले यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति शुल्क 49,100 रुपये तय किया गया है। दो लोगों के एक साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 43,000 रुपये और तीन लोगों के शेयरिंग पर 41,500 रुपये प्रति व्यक्ति किराया लगेगा। बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए बेड सहित पैकेज का शुल्क 33,100 रुपये और बिना बेड के 30,500 रुपये रखा गया है।

    IRCTC उत्तरी क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा के अनुसार इस टूर पैकेज में बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगी। यात्रा के इच्छुक लोग पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ स्थित IRCTC कार्यालय जाकर बुकिंग करा सकते हैं या फिर IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट irctctourism.com के जरिए सीधे ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

     

  • स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर जोर, छत्तीसगढ़ में 9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की तैयारी

    स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर जोर, छत्तीसगढ़ में 9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की तैयारी

    कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का जोर, 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

     9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया

    छत्तीसगढ़ सरकार की रोजगार और कौशल विकास पहल से युवाओं को मिल रहे अवसर 

    रायपुर
    युवाओं को विकास के केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ की श्री विष्णु देव साय की सरकार कौशल विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, उद्यमिता और खेल क्षेत्र में अवसरों का विस्तार कर रही है। पिछले करीब तीन वर्षों में जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सत्ता संभाली है, युवाओं को सक्षम, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं और पहल शुरू की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य शिक्षा और प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ते हुए राज्य की युवा आबादी को विकास की नई ताकत में बदलना है। लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल, आत्मनिर्भर, नवाचारी और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार मानव संसाधन के रूप में विकसित करना है।

    18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है

            प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राज्य के 26 जिलों में करीब 18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, 35 हजार और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है, ताकि प्रशिक्षण को उद्योगों और बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार बनाया जा सके।

    युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था

         मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की उम्मीद हैं। हमारा प्रयास है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध हो। युवा सशक्तीकरण विकसित छत्तीसगढ़ के हमारे विजन का केंद्र है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप है।”

    पारदर्शी भर्ती पर फोकस

            युवा केंद्रित एजेंडे में रोजगार के साथ सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दी गई है। राज्य में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर भर्ती को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है।

     युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार द्वारा निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था

            सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर देने के लिए CG-ACE पहल शुरू की है। इसके तहत NEET, CLAT, JEE, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार

          युवा विकास की रणनीति में विष्णु देव साय सरकार ने उच्च शिक्षा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया है। उच्च शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपये किया गया है। राज्य के पांच सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के कॉलेज शामिल हैं। इसी तरह, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की तर्ज पर कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT) विकसित किए गए हैं। आने वाले समय में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी इनके विस्तार की योजना है।

          धनंजय राठौर
          संयुक्त संचालक, 
         जनसम्पर्क (रायपुर)