Author: NewseDay

  • इंडियास्किल्स प्रतियोगिता के लिए अब 22 सितंबर तक करें आवेदन

    इंडियास्किल्स प्रतियोगिता के लिए अब 22 सितंबर तक करें आवेदन

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इंडियास्किल्स प्रतियोगिता 2026-27 में प्रतिभाग करने के इच्छुक युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 सितंबर 2026 कर दी गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने युवाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि तक अपना पंजीकरण अवश्य करा लें।

    इच्छुक अभ्यर्थी स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा जारी किए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी पंजीकरण किया जा सकता है। तिथि बढ़ाए जाने से प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

    जिला स्तर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक प्रतिभा दिखाने का अवसर

    इंडियास्किल्स प्रतियोगिता युवाओं को अपनी व्यावसायिक एवं तकनीकी दक्षता प्रदर्शित करने के लिए व्यापक मंच उपलब्ध कराती है। प्रतियोगिता की प्रक्रिया जिला स्तर से शुरू होकर मंडल, राज्य, रीजनल और राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ती है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिल सकता है। प्रतियोगिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन, कोडिंग, वेल्डिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित विभिन्न कौशल क्षेत्रों में प्रतिभागियों को अपनी दक्षता प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

    पदक के साथ पुरस्कार राशि भी

    प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पदक के साथ पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाती है। राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता को 20 हजार रुपये, रजत पदक विजेता को 15 हजार रुपये और कांस्य पदक विजेता को 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं रीजनल स्तर पर यह पुरस्कार राशि क्रमशः 75 हजार, 50 हजार और 25 हजार रुपये है। राष्ट्रीय स्तर पर सफल प्रतिभागियों को इससे अधिक पुरस्कार राशि के साथ विशेष सम्मान प्राप्त होता है।

    विशेषज्ञों से प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी

    इंडियास्किल्स में प्रतिभाग करने वाले युवाओं को उनकी संबंधित स्किल के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से प्रतिभागियों की क्षमता को निखारने का प्रयास किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को आगे वर्ल्डस्किल्स जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल सकता है।

    कौशल के साथ रोजगार और आय के अवसर

    यह पहल युवाओं को केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखती, बल्कि कौशल आधारित करियर के नए अवसरों से भी जोड़ती है। इंडियास्किल्स की प्रक्रिया के दौरान प्रशिक्षकों और असेसरों की आवश्यकता होती है। पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विजेताओं को प्रशिक्षक और असेसर के रूप में कार्य करने के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आईटीआई में प्रशिक्षक के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अनुसार, इंडियास्किल्स प्रतियोगिता युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने और कौशल आधारित करियर की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है। तिथि बढ़ाए जाने से अब अधिक युवाओं को इसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा।

  • अतिक्रमण मुक्त 25 एकड़ बंजर भूमि पर उगी समृद्धि

    अतिक्रमण मुक्त 25 एकड़ बंजर भूमि पर उगी समृद्धि

    रायपुर

     ​सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के तहसील सरिया स्थित ग्राम सुखापाली में बदलाव की एक अनूठी और प्रेरणादायक कहानी आकार ले रही है। जिस 25 एकड़ शासकीय भूमि पर वर्षों से भू-माफिया और अतिक्रमणकारियों का कब्जा था, आज वही भूमि महिलाओं के श्रम, दृढ़ संकल्प और सरकारी योजनाओं के बेहतर अभिसरण (Convergence) से हरी-भरी होकर आर्थिक समृद्धि का केंद्र बन चुकी है। 'हरियाली स्व-सहायता समूह' की 14 महिलाएं इस भूमि के जरिए न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि राज्य के 'लखपति दीदी' अभियान की नई पहचान बनकर उभर रही हैं।

    ​कब्जे से मुक्ति: अतिक्रमण से आजीविका तक का सफर

    ग्राम सुखापाली की करीब 25 एकड़ शासकीय भूमि लंबे समय से अतिक्रमण की चपेट में थी। राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयास से इस भूमि को सफलतापूर्वक मुक्त कराया गया। प्रशासन ने भूमि को केवल अपने आधिपत्य में लेने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का जरिया बनाने की दूरदर्शी योजना तैयार की।

    ​योजनाओं का अभिसरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

     ​बंजर और असिंचित भूमि को मॉडल फार्म में बदलने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया। वीबीग्रामजी (VB-GramG) योजना के तहत जमीन को कृषि योग्य बनाकर आवश्यक शेड का निर्माण कराया गया। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से पूरे 25 एकड़ क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चैन-लिंकिंग फेंसिंग कराई गई और आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई। क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के माध्यम से समूह को 10 लाख रुपये की ऋण सहायता दी गई।

    ​7,300 अमरूद के पौधे और अंतर-फसली मॉडल

     ​प्राप्त वित्तीय सहायता से समूह ने उच्च गुणवत्ता वाले वीएनआर (VNR) और पिंक ताइवान किस्म के करीब 7,300 अमरूद के पौधों का रोपण किया। चूंकि अमरूद के बाग से फल आने में समय लगता है, इसलिए महिलाओं की दैनिक आय बनी रहे, इसके लिए स्मार्ट अंतर-फसली (Inter-Cropping) मॉडल अपनाया गया।
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    महिलाओं ने अमरूद के पौधों के बीच खाली पड़ी जमीन पर खीरा, लौकी और मखना जैसी सब्जियों व नकदी फसलों की खेती शुरू की। स्थानीय मंडियों और बाजारों में इन फसलों की बिक्री से समूह को तत्काल और नियमित आय प्राप्त होने लगी है।

    ​महिला सशक्तिकरण और 'लखपति दीदी' का सपना

     ​कब्जे से मुक्त हुई शासकीय भूमि पर आज खेती, बागवानी और आधुनिक सिंचाई का जो संगम दिख रहा है, उसने सुखापाली गांव के आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया है। 'हरियाली स्व-सहायता समूह' की 14 महिलाएं अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक कृषि उद्यमी के रूप में स्थापित हो रही हैं।

    ​शासकीय भूमि के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का यह अभिनव प्रयोग पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन चुका है, जो यह साबित करता है कि इच्छाशक्ति और सही नीति से बंजर व अतिक्रमित भूमि को भी 'समृद्धि का आधार' बनाया जा सकता है।

  • महतारी वंदन योजना बनी प्रीति बैगा के परिवार का मजबूत सहारा

    महतारी वंदन योजना बनी प्रीति बैगा के परिवार का मजबूत सहारा

    रायपुर

     मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत ठाड़पथरा की मती प्रीति सुजान बैगा के लिए महतारी वंदन योजना नियमित आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। योजना के तहत उन्हें प्रत्येक माह एक हजार रुपये की राशि प्राप्त हो रही है, जिससे परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में उन्हें आर्थिक सहायता मिल रही है।

    नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू खर्च में मिली राहत

    मती प्रीति सुजान बैगा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि से उन्हें घर की जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। वे इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से राशन, सब्जी और अन्य घरेलू जरूरतों की पूर्ति में करती हैं। नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्हें छोटे-छोटे घरेलू खर्चों के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव का सामना कम करना पड़ता है।

    परिवार की जरूरतों में मिल रहा योजनाओं का संयुक्त लाभ

    प्रीति बैगा को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से नियमित रूप से खाद्यान्न का लाभ भी मिल रहा है। एक ओर महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, वहीं दूसरी ओर पीडीएस के माध्यम से खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। इन दोनों योजनाओं के संयुक्त लाभ से उनके परिवार के घरेलू बजट को राहत मिली है और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ हुई है।

    महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में पहल

    महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें परिवार की आवश्यकताओं में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है। प्रीति बैगा जैसी महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि नियमित आर्थिक सहयोग दैनिक जीवन की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रहा है।

    राज्य सरकार की योजनाओं से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा संबल

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। महतारी वंदन योजना और पीडीएस जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं तथा जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक एवं खाद्य सुरक्षा का सहयोग मिल रहा है। इन योजनाओं का लाभ विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।

    मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार

    मती प्रीति सुजान बैगा ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। प्रीति का कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सहयोग मिल रहा है।

  • धमतरी के 97 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों में उकेरी ‘मेरे सपनों के भारत’ की स्वर्णिम तस्वीर

    धमतरी के 97 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों में उकेरी ‘मेरे सपनों के भारत’ की स्वर्णिम तस्वीर

    रायपुर

     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विकासखंड स्तर पर आयोजित दो दिवसीय ‘मेरे सपनों का भारत’ विषयक चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में स्कूली विद्यार्थियों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। 1,483 विद्यालयों के लगभग 97,754 विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक कला और ओजस्वी विचारों के माध्यम से एक शिक्षित, आत्मनिर्भर, हरित और तकनीकी रूप से सक्षम भारत का खाका प्रस्तुत किया।
           
    ​प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा। अभियान की मूल भावना 'सेवा, सहभागिता और सर्वांगीण विकास' को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले में जनभागीदारी का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

    ​60 हजार से अधिक बच्चों ने चित्रों से दिए सामाजिक संदेश
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    चित्रकला प्रतियोगिता में 1,483 विद्यालयों के 60,608 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कैनवास और कागजों पर रंगों के जरिए बच्चों ने केवल कला का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि आधुनिक शिक्षा, हरित व स्वच्छ पर्यावरण, डिजिटल तकनीक, उन्नत कृषि, महिला सशक्तिकरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की अपनी परिकल्पना को जीवंत कर दिया। चित्रों में औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं का सुंदर संतुलन दिखाई दिया।

    ​ओजस्वी भाषणों में झलकी राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता
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    इसी क्रम में भाषण प्रतियोगिता में 37,146 विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने विचारों को तार्किक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, नागरिक कर्तव्यों, विज्ञान व तकनीक के उपयोग और सामाजिक समरसता जैसे गंभीर विषयों पर विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों का मानना था कि देश का स्वर्णिम भविष्य केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सक्रिय योगदान और संकल्पों से निर्मित होता है।
       
    ​भविष्य की नींव और सशक्त भावी पीढ़ी
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    सेवा संकल्प अभियान से विद्यार्थियों का यह जुड़ाव आने वाले समय के सशक्त भारत की दिशा तय करता है। धमतरी जिले के हजारों बच्चों की यह सक्रिय भागीदारी यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत का उज्ज्वल भविष्य बड़े सपनों के साथ-साथ उन्हें पूरा करने के लिए आज लिए गए छोटे-छोटे संकल्पों से साकार होगा

  • हॉक की उड़ान, दिलों में अरमान, आसमान में तिरंगा बना तो गूंजा जय हिंदुस्तान

    हॉक की उड़ान, दिलों में अरमान, आसमान में तिरंगा बना तो गूंजा जय हिंदुस्तान

    मेरठ

    रविवार की सुबह लगभग साढे़ बजे आसमान में सबसे पहले विमानों की गूंजती गर्जना सुनाई दी… फिर देखते ही देखते नौ विमान एक साथ नजर आए और हजारों निगाहें वहीं ठहर गईं। पलक झपकते विमान नीचे आए, तेजी से पलटे और फिर आसमान की ऊंचाई में पहुंच गए। कुछ क्षण बाद धुएं की लकीरों ने आसमान पर तिरंगा उकेर दिया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर विमानों ने दिल की आकृति बनाई तो न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप तालियों और जय हिंद के नारों से गूंज उठी। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के एयर शो का रविवार को दूसरा दिन था। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो ने प्रदेश में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, अनुशासन और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की योगी सरकार की पहल को भी नई ऊर्जा दी। करतबों के बीच मैदान लगातार तालियों और ‘भारत माता की जय’, ‘जय हिंद’ के नारों से गूंजता रहा।

    पांच मीटर के फासले पर क्रास हुए विमान

    सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो के दूसरे दिन शनिवार की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ थी। वायुसेना ने लगभग 30 मिनट तक रोमांच और शौर्य से भरा हवाई प्रदर्शन किया। हर करतब के साथ भारत माता की जय और जय हिंद के नारे वातावरण में गूंजते रहे। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर आए हॉक एमके-132 विमानों ने ऐसा तालमेल दिखाया कि दर्शकों की आंखें कुछ देर के लिए जैसे आसमान पर जम गईं। कई बार दो विमान एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर साथ उड़ते दिखाई दिए। कभी विमान तेजी से नीचे आते और उसी रफ्तार में ऊपर उठ जाते तो कभी दो विमान आमने-सामने से क्रास होते हुए नजर आए। यह दृश्य आते ही मैदान में मौजूद लोगों के मुंह से अनायास चीख निकल गई और अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी।

    बच्चों और युवाओं में एयर शो का अलग ही उत्साह दिखाई दिया। कोई हाथ से विमानों की दिशा बताता रहा तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए रहा। बच्चों ने कहा कि विमान इतनी तेजी से कलाबाजी कर रहे थे कि आंखें हटाने का मन ही नहीं हुआ। कई बच्चों ने इसे पहली बार प्रत्यक्ष देखा और कहा कि प्रदर्शन ने उन्हें वायुसेना के बारे में जानने तथा देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी।

    तीन दशक से शौर्य दिखा रही सूर्यकिरण: रक्षा राज्य मंत्री
    दूसरे दिन एयरशो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रहे। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम करीब 30 वर्षों से देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर अपने प्रदर्शन से भारतीय वायुसेना की क्षमता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि आसमान में दिखने वाला यह प्रदर्शन केवल रोमांच नहीं, बल्कि साहस, पराक्रम, धैर्य और अनुशासन का परिचय है। ऐसे आयोजन युवाओं को सेना और वायुसेना से जुड़कर राष्ट्रसेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ में सूर्यकिरण का प्रदर्शन युवाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला अवसर रहा। उन्होंने कहा कि सेना के जवान कठिनतम परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और वायुसेना के पायलट आसमान में जिस कौशल का प्रदर्शन करते हैं, उससे भारतीय सैन्य शक्ति का एक अलग आयाम सामने आता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरणा देते हैं।

    राज्य मंत्री डा. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि सेना प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान का विषय है। मेरठ क्रांति की धरती है और यहां सेना के प्रति लोगों का जुड़ाव हमेशा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।
    इस दौरान विधानपरिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज, विधानपरिषद सदस्य अश्वनी त्यागी, डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ़ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तथा भारी संख्या में आम जनमानस  मौजूद रहे।

    दूसरे दिन भी मेरठ के तीन पायलटों का जलवा

    सूर्यकिरण के इस प्रदर्शन में मेरठ से जुड़े तीन पायलटों की भी भूमिका रही। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों को उड़ाया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से प्रदर्शन के संचालन की कमान संभाली। स्थानीय पायलटों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।

    रास्ते में रुककर भी देखा शो, बाद में दो किमी तक जाम

    एयर शो देखने के लिए सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। परिवारों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे और युवा पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया था। इसके बावजूद कार्यक्रम खत्म होने के बाद वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। आसपास की सड़कों पर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। कई लोग कार्यक्रम स्थल तक पहुंच ही नहीं सके और रास्ते में खड़े होकर आसमान में करतब देखते रहे। शो की यादें मोबाइल में कैद कर लौट रहे लोगों की राह कुछ पल के जाम ने जरूर रोक दी, लेकिन चेहरों पर एयर शो का रोमांच देर तक बना रहा।

    हर उम्र के चेहरे पर दिखाई दिया रोमांच

    हर उम्र के लोगों पर एयर शो का रोमांच दिखाई दिया। सबसे ज्यादा बच्चे रोमांचित नजर आए। विमान की गर्जना सुनते ही बच्चे आसमान की ओर उंगली उठाकर एक-दूसरे को विमान दिखाते रहे। जैसे ही दो विमान बेहद कम दूरी से आमने-सामने क्रास हुए, कई बच्चों के मुंह से एक साथ ‘ओह…’ निकल पड़ा। अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। छात्र अविरल ने उत्साहित होकर कहा, जब दोनों विमान एक-दूसरे की तरफ आए तो लगा अब क्या होगा, लेकिन पायलट ने इतनी तेजी से विमान मोड़ा कि हम देखते ही रह गए।

    छात्रा अनन्या ने कहा, मैं एक भी करतब मिस नहीं करना चाहती थी। विमान आते ही मोबाइल ऊपर कर देती थी। जब तिरंगा बना तो सच में बहुत अच्छा लगा, उस समय वीडियो बनाना भी भूल गई और बस आसमान देखती रह गई। सौरभ ने कहा, पहले विमान सिर्फ टीवी और वीडियो में देखे थे, लेकिन आज सामने से इतनी ऊंचाई पर उड़ते देखा तो लगा जैसे कोई फिल्म चल रही हो। सबसे ज्यादा मजा तब आया जब सारे विमान एक साथ घूमे।

  • कार्रवाई का बढ़ा दायरा, एक सप्ताह में ₹2 करोड़ 48 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त

    कार्रवाई का बढ़ा दायरा, एक सप्ताह में ₹2 करोड़ 48 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चोरी एवं नकबजनी की वारदातों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्ताह में पुलिस ने चोरी की वारदातों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए विभिन्न जिलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 2 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

    प्रमुख कार्यवाही

    मुरैना

    थाना सिविल लाइन पुलिस ने चार आरोपियों के कब्जे से 41 लाख 21 रुपये से अधिक नगदी, अवैध 32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा राउंड, धारदार चाकू, लोहे का सरिया, घटना में प्रयुक्त i-20 कार, दो बैग, चार मोबाइल एवं नोटबुक सहित लगभग 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

    इसके अतिरिक्‍त थाना बागचीनी पुलिस ने टावर से चोरी करने वाली अंतरजिला गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी में प्रयुक्त वाहन, कटर एवं अन्य उपकरण तथा चोरी किए गए माल सहित लगभग 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की। इस प्रकार दोनों कार्यवाहियों में लगभग 65 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

    धार

    थाना मनावर पुलिस ने तमिलनाडु पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में 385 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग 55 लाख रुपये है, जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

    वहीं थाना राजगढ़ पुलिस ने 24 घंटे में तीन चोरी की बाइक बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिनकी कीमत करीब 2 लाख 25 रुपये है। इस प्रकार जिले में लगभग 57 लाख 25 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

    ग्वालियर

    पुलिस ने सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले चार शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से लगभग 45 लाख रुपए की चोरी की संपत्ति जब्त की है। इंदौर

    राऊ पुलिस ने मालिक की क्रेटा कार से 27 लाख रुपये की चोरी की वारदात का CCTV एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खुलासा करते हुए आरोपी नौकर को गिरफ्तार किया। आरोपी से 24 लाख 50 हजार रुपये जब्त किए।

    छतरपुर

    थाना ओरछा रोड पुलिस ने ग्राम धमौरा में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण एवं घटना में प्रयुक्त हुंडई एक्सटर कार सहित लगभग 24 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।

    राजगढ़

    थाना मलावर पुलिस ने चोरी के अपराध में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की तांबे की विद्युत केबल के दो बंडल (करीब 80 फीट) एवं वारदात में प्रयुक्त बोलेरो वाहन सहित लगभग 10 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

    जीआरपी

    रेलवे स्टेशन उज्जैन पर महिलाओं के हाथ से सोने के कंगन काटकर चोरी करने वाली गैंग के चार आरोपियों को जीआरपी उज्जैन ने गिरफ्तार कर छह सोने के कंगन, कुल 69 ग्राम, एवं चार कटर बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 9 लाख 50 हजार रुपये है।

    विदिशा

    थाना कुरवाई पुलिस ने बर्तन बेचने की आड़ में ग्रामीण क्षेत्रों में घरों की रेकी कर चोरी करने वाली अंतरराज्यीय महिला चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।

    उज्जैन

    थाना पंवासा पुलिस ने सूने मकानों में चोरी के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया 11 पत्तियों वाला सोने का हार बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 2 लाख 20 हजार रुपये है।

    खंडवा

    थाना पदमनगर पुलिस ने नकबजनी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से करीब 2 लाख रुपये की चोरी गई संपत्ति एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है।

    छिंदवाड़ा

    थाना कुण्डीपुरा पुलिस ने शासकीय हाई स्कूल माल्हनवाड़ा से साउंड सिस्टम, 32 इंच LCD एवं 65 इंच LG इंटरएक्टिव पैनल चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की चोरी गई संपत्ति जब्त की।

    देवास

    ऑपरेशन त्रिनेत्रम् के तहत पुलिस ने रक्षाबंधन की रात आठ दुकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज एवं मुखबिर सूचना से आरोपी की पहचान कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और चोरी की संपत्ति जब्त की है।

    एक अन्य कार्रवाई में थाना विजयागंज मंडी पुलिस ने पनडुब्बी मोटर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई छह पनडुब्बी मोटर जब्त कीं। इस प्रकार जिले में लगभग 91 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

    सागर

    मोतीनगर पुलिस ने घर में चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया। आरोपियों के कब्जे से लगभग 70 हजार रुपये के सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य संपत्ति जब्त की है।

    मध्यप्रदेश पुलिस की तत्परता, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग एवं बेहतर समन्वय से चोरी की घटनाओं में आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी तथा चोरी गई संपत्ति की बरामदगी सुनिश्चित की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन की संपत्ति की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

     

  • जबलपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, रांझी में 100 बेड के हाईटेक अस्पताल से दो लाख लोगों को राहत

    जबलपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, रांझी में 100 बेड के हाईटेक अस्पताल से दो लाख लोगों को राहत

     जबलपुर

    रांझी में 100 बिस्तरों वाला नया सिविल अस्पताल भवन बनकर लगभग तैयार है, लेकिन इसके औपचारिक उद्घाटन और पूर्ण संचालन का इंतज़ार है। इसके शुरू होने से उपनगरीय क्षेत्र रांझी सहित आसपास के एरिया के तकरीबन दो लाख लोगों को फायदा मिलेगा।
    100 बिस्तरों का नया भवन बनकर तैयार

    दरअसल रांझी क्षेत्र में स्थित सिविल अस्पताल अब स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बड़ी सौगात पाने जा रहा है। जहां 45 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला हाईटेक 100 बिस्तरों का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है। अस्पताल बन जाने के बाद अब रांझी और आसपास के इलाकों के लोगों को इलाज के लिए शहर की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

    फिलहाल रांझी सिविल अस्पताल सिर्फ रेफरल सेंटर के तौर पर ही जाना जाता था। जहां हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज जैसे गंभीर मामलों में यहां प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज या शहर के निजी अस्पतालों में भेज दिया जाता था। ऐसे में 20 से 25 मिनट का कीमती समय रास्ते में ही निकल जाता है, जो कई बार मरीज की जान पर भारी पड़ता था।
    विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक जांच सुविधाओं से बदलेगी व्यवस्था

    नया भवन शुरू होने के बाद हालात पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। अस्पताल में आधुनिक जांच मशीनें लगाई गई हैं। 100 बेड का हॉस्पिटल शुरू होने के बाद चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी और पैरामेडिकल व नर्सिंग स्टाफ की भी तैनाती होगी। इससे सामान्य ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों का इलाज भी यहीं संभव हो सकेगा।

    गौरतलब है रांझी सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 300 से 350 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। रांझी के छह वार्डों के अलावा मटामर, सोनपुर, मानेगांव, मोहनिया, खमरिया, पिपरिया और उमरिया जैसे इलाकों की बड़ी आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है। इसके मुकाबले संसाधनों की कमी अब तक सबसे बड़ी चुनौती रही है।

    सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया नए भवन के चालू होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा काफी बढ़ेगा। जरूरी जांच सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टर और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा।

    ऑपरेशन थिएटर, लिफ्ट, रैंप और पैथोलॉजी लैब से लैस

    पहली मंजिल पर एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, दूसरी मंजिल पर पुरुष और महिला वार्ड, तीसरी मंजिल पर अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और भवन में सीढ़ी, रैंप, और तीन लिफ्ट सहित बाहर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है। इसके अलावा दो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं, जिसमें माइनर ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। एक पैथोलॉजी लैब जिसमें जांच की सुविधाएं होंगी। नई ओपीडी वार्ड, इमरजेंसी वार्ड और अन्य संसाधन भी उपलब्ध होंगे।

     

  • उज्जैन में आईटी क्षेत्र के विकास के साथ युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उज्जैन में आईटी क्षेत्र के विकास के साथ युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। आईटी पार्क एवं इंजीनियरिंग कैंपस के माध्यम से युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीकों से जुडऩे के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में आईटी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में आईटी पार्क एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगी। आईटी पार्क के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जा रहे है। इन विकास कार्यों का उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी नवाचार और उद्योगों के विस्तार को गति देना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई तकनीक और नवाचार के माध्यम से प्रदेश के प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सकता है। आईटी क्षेत्र के विस्तार से प्रदेश में नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। इससे प्रदेश के समग्र विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए निगरानी की जा रही है। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आवश्यक विकास कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। शहर के विकास, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी सुविधाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए राज्य सरकार समन्वित रूप से कार्य कर रही है।

    आईटी पार्क परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। परियोजना के लिए लगभग 2.16 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है। इसमें कुल प्रस्तावित 15,480 वर्गमीटर बिल्ट-अप एरिया का निर्माण किया जाना है। इसमें से 11,436 वर्गमीटर क्षेत्र आईटी कंपनियों के लिए आरक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान इंदौर रोड पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से निर्माणाधीन पीएम एकता मॉल एवं महाकाल भक्त निवास के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी भी अधिकारियों से ली। उन्होंने दोनों परियोजनाओं के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे इनका लाभ आमजन और उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर रोड स्थित महामृत्युंजय द्वार का भी निरीक्षण किया। उन्होंने महामृत्युंजय द्वार निर्माण की विशेषताओं एवं इससे संबंधित जानकारी से अधिकारियों को अवगत कराया।

    निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारी एवं कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आईटी पार्क के निर्माण एवं अब तक की प्रगति की जानकारी दी।

     

  • भजनलाल शर्मा का मजबूत नेतृत्व, निकायों में खिला कमल, कांग्रेस की पिक्चर साबित हुई फ्लॉप शो

    भजनलाल शर्मा का मजबूत नेतृत्व, निकायों में खिला कमल, कांग्रेस की पिक्चर साबित हुई फ्लॉप शो

    जयपुर
     मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मजबूत रणनीति और नेतृत्व से प्रदेश के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। जिससे नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में कमल खिला। मुख्यमंत्री की अगुवाई और मार्गदर्शन में मिशन मोड पर यह चुनाव लड़ा गया। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष और विभिन्न मुख्यमंत्रियों ने राजस्थान में भाजपा के दमदार प्रदर्शन और जीत पर मुख्यमंत्री की रणनीति को सराहा और उनकी प्रशंसा की।

    मुख्यमंत्री ने निकाय चुनाव में टिकट वितरण में पार्टी और संगठन को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने चुनाव का मोर्चा खुद संभाला तथा बड़े नेताओं को संभागवार जिम्मेदारी दी और प्रतिदिन फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर 10 नगर निगमों में रोड शो किए। निकाय चुनाव के परिणामों के बाद सभी पार्षदों को एकजुट रखा और निर्दलीयों को साधा।

    मुख्यमंत्री की इस रणनीति से कांग्रेस की जीत के दावे और उनकी पिक्चर फ्लॉप शो साबित हुई। उनकी अगुवाई में भरतपुर और डीग जिले की 90 प्रतिशत नगरपालिकाओं में भाजपा ने अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की और भरतपुर नगर निगम में भी निर्विरोध कमल खिलाया। जयपुर में लगातार सातवीं बार नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अपना निर्विवाद नेतृत्व साबित किया है।

    राजस्थान में इस बार एक साथ सभी 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद सहित 252 नगर पालिकाओं में चुनाव एक साथ हुए हैं। इन निकायों में दमदार जीत सरकार के ढाई साल के काम पर जनता की मोहर है। इससे पहले मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुए चुनाव में पिछले साल 7 में से 5 उपचुनाव में भाजपा जीती थी।

    आंकड़े बोलते हैं, फर्क साफ है –
    कांग्रेस राज (2018-23) में – मात्र 11 निकाय निर्विरोध
    – 3 भाजपा
    – 6 कांग्रेस
    – 2 निर्दलीय

    भाजपा राज (भजनलाल सरकार) में – 33 निकायों में निर्विरोध –
    – 30 भाजपा
    – 2 कांग्रेस
    – 1 भाजपा समर्थित

    11 के मुकाबले 33 – जनता का भरोसा भाजपा के साथ, जयपुर का रोड शो रहा चर्चित –
    जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में मुख्यमंत्री के रोड शो ने राजधानी की जीत में अहम भूमिका निभाई। परकोटे से ही भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशी सुनील कोठारी जीते हैं। मुख्यमंत्री ने रोड शो में परकोटे के लोगों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने लव जिहाद, धर्मांतरण कानून, डिस्टर्ब एरिया बिल, यूसीसी की चर्चा के साथ महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों में देखने को मिला।

    विपक्ष की रणनीति को किया फेल –
    कांग्रेस ने जातिगत समीकरण और होटल पॉलिटिक्स की रणनीति अपनाई, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सोशल इंजीनियरिंग और वन स्टेट-वन इलेक्शन की रणनीति के आगे विपक्ष की हर चाल फेल हो गई। कांग्रेस को पार्षदों को होटलों में बंद करना पड़ा, फिर भी पार्षद भागते रहे, जबकि भाजपा ने पहले ही 33 बोर्ड निर्विरोध बनाकर बढ़त ले ली।

  • वीर गार्जियन 2026 में दिखी भारत-जापान की दोस्ती, तेजस में साथ उड़े दोनों देशों के एयर चीफ

    वीर गार्जियन 2026 में दिखी भारत-जापान की दोस्ती, तेजस में साथ उड़े दोनों देशों के एयर चीफ

    जयपुर
    राजस्थान की सूर्यनगरी जोधपुर का एयरफोर्स स्टेशन 20 सितंबर 2026 को भारत और जापान के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों और सैन्य कूटनीति के एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना। भारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच आयोजित द्विपक्षीय हवाई रक्षा अभ्यास 'वीर गार्जियन 2026' (Exercise Veer Guardian 2026) के दौरान भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल टेकहीरो मोरिटा ने भारत के पूरी तरह स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान LCA तेजस (LCA Tejas) में एक साथ आसमान में उड़ान भरी। किसी विदेशी वायुसेना प्रमुख द्वारा भारत में निर्मित फाइटर जेट में इस तरह सॉर्टी (Sortie) लगाना भारत के रक्षा विनिर्माण और 'मेक इन इंडिया' अभियान की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

    जोधपुर के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एयरबेस पर 9 सितंबर से शुरू हुआ यह संयुक्त हवाई युद्धाभ्यास 22 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। रविवार को अभ्यास की प्रगति और तैयारियों की समीक्षा करने के लिए जोधपुर पहुंचे दोनों मित्र देशों के वायुसेना प्रमुखों ने उड़ान भरने से पहले एयरबेस पर तैनात भारतीय और जापानी सैन्य दस्तों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और एक यादगार ग्रुप फोटो भी खिंचवाया। इसके बाद भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और जापानी जनरल टेकहीरो मोरिटा ने स्वदेशी तेजस ट्रेनर विमान में बैठकर जोधपुर के आसमान में गर्जना की।

    स्वदेशी LCA तेजस में उड़ान और रक्षा कूटनीति का नया संदेश
    जोधपुर के एयर स्पेस में तेजस विमान द्वारा भरी गई यह उड़ान केवल एक साधारण अभ्यास सॉर्टी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक मजबूत रणनीतिक संदेश छिपा हुआ है:

    भरोसे और तकनीकी क्षमता का प्रतीक: किसी विदेशी मित्र देश के वायुसेना प्रमुख का भारत के स्वदेशी फाइटर जेट तेजस में सवार होकर उड़ान भरना भारतीय एयरोस्पेस इंजीनियरिंग पर दुनिया के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: इस ऐतिहासिक सॉर्टी से भारतीय रक्षा उद्योग और तेजस विमान के निर्यात संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है।

    चीफ्स की सीधी सहभागिता: दोनों वायुसेना प्रमुखों ने खुद कॉकपिट में बैठकर युद्ध कौशल और विमान की परिचालन क्षमताओं का जायजा लिया।

    'वीर गार्जियन 2026' में कौन-कौन से आधुनिक फाइटर जेट्स दिखा रहे हैं दम?
    राजस्थान के पश्चिमी सीमांत क्षेत्र जोधपुर में आयोजित हो रहे इस 14 दिवसीय युद्धाभ्यास में दोनों देशों के सबसे आधुनिक और खतरनाक लड़ाकू विमान अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं:

    भारतीय वायुसेना (IAF): भारत की तरफ से स्वदेशी एलसीए तेजस (LCA Tejas), सुखोई (Su-30MKI) और अत्याधुनिक राफेल (Rafale) जैसे फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स इस युद्धाभ्यास में भाग ले रहे हैं।

    जापान एयरफोर्स (JASDF): जापानी वायुसेना अपने बेहद एडवांस F-2A लड़ाकू विमानों के साथ इस अभ्यास में हिस्सा ले रही है।

    ऐतिहासिक मील का पत्थर: यह पहला मौका है जब जापानी वायुसेना ने अपने लड़ाकू विमानों को किसी द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के लिए भारतीय जमीन पर भेजा है।

    इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और आपसी तालमेल बढ़ाना मुख्य मकसद
    'वीर गार्जियन 2026' अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों मित्र राष्ट्रों की वायुसेनाओं के बीच अंतर-संचालन को मजबूत करना और जटिल हवाई युद्ध परिस्थितियों में एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बिठाना है।

    जोधपुर में चल रहे इस अभ्यास से दोनों देशों के पायलटों को एक-दूसरे की सर्वोत्तम युद्ध रणनीतियों, हवाई सुरक्षा तकनीकों और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं को समझने का शानदार अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही, भारत-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री व हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से भी भारत और जापान के बीच का यह रणनीतिक अभ्यास बेहद अहम माना जा रहा है।

    जोधपुर मिलिट्री बेस का सामरिक महत्व
    राजस्थान का जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन अपनी विशेष भौगोलिक स्थिति और विशाल एयरस्पेस के कारण भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण और सक्रिय सामरिक ठिकानों में से एक है।

    पाकिस्तान सीमा के पास स्थित होने के कारण जोधपुर एयरबेस पर लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े युद्धाभ्यास आयोजित होते रहते हैं। 'वीर गार्जियन 2026' के सफल आयोजन और दोनों देशों के प्रमुखों की इस ऐतिहासिक उड़ान से जोधपुर एक बार फिर से वैश्विक रक्षा कूटनीति का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।