Author: NewseDay

  • तेजस में उड़ान भरकर गदगद हुए जापानी एयर चीफ, भारत-जापान दोस्ती को बताया भरोसे का शक्तिशाली प्रतीक

    तेजस में उड़ान भरकर गदगद हुए जापानी एयर चीफ, भारत-जापान दोस्ती को बताया भरोसे का शक्तिशाली प्रतीक

    नई दिल्ली
     भारत-जापान द्विपक्षीय वायु रक्षा अभ्यास 'वीर गार्जियन 2026' के तहत जापान के एयर चीफ जनरल ताकेहिरो मोरिता और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी। इस बीच जापान के एयर चीफ ने इंडियन आर्मी के चीफ का आभार व्यक्त किया है।

    मेरे लिए सम्मान की बात
    जापान के एयर चीफ जनरल ताकेहिरो मोरिता ने कहा कि एयर चीफ मार्शल सिंह, आज आपके साथ होना मेरे लिए सम्मान की बात है, और मैं आपके गर्मजोशी भरे स्वागत और मेहमाननवाज़ी के लिए अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं। तेजस में उड़ान भरने के इस अमूल्य अवसर के लिए मैं बहुत आभारी हूं।

    तकनीकी नवाचार का प्रतीक
    उन्होंने आगे कहा कि स्वदेशी रक्षा क्षमताओं से बना विमान होने के नाते, तेजस भारत के तकनीकी नवाचार का प्रतीक है और 'मेक इन इंडिया' पहल को साकार करता है। उड़ान के दौरान, मैंने उन कई लोगों के प्रयासों के बारे में सोचा सेना और उद्योग दोनों में जिन्होंने इसके विकास में योगदान दिया।

    शक्तिशाली प्रतीक के रूप में भी याद रखूंगा
    उन्होंने आगे कहा कि इस अनुभव के माध्यम से, मुझे भारतीय वायु सेना में उपलब्ध उत्कृष्ट प्रशिक्षण वातावरण और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (कोकू जीताई) के लिए इस अभ्यास से मिलने वाले जबरदस्त लाभ का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। मैं इसे न केवल एक वास्तव में अमूल्य अनुभव के रूप में याद रखूंगा, बल्कि हमारे दोनों वायु सेनाओं के बीच कई वर्षों से बने भरोसे, विश्वास और दोस्ती के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में भी याद रखूंगा।

    दूसरा द्विपक्षीय लड़ाकू अभ्यास
    उन्होंने आगे कहा कि 'वीर गार्जियन' हमारी सेनाओं के बीच दूसरा द्विपक्षीय लड़ाकू अभ्यास है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह भारत में कोकू जीताई लड़ाकू विमानों की पहली तैनाती है। कई वर्षों से, हमने रक्षा सहयोग और अभ्यासों का लगातार विस्तार किया है। 2018 में यहां आयोजित हमारे पहले द्विपक्षीय अभ्यास 'शिन्यू मैत्री' के बाद से, भारत में हमारे लड़ाकू विमानों की तैनाती एक लंबे समय से चली आ रही इच्छा रही है।

  • आज फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, राजस्थान-MP समेत कई राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट; पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा

    आज फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, राजस्थान-MP समेत कई राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट; पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा

     नई दिल्ली
    मानसून के जाते-जाते मौसम विभाग ने एक बार फिर से मुश्किल बढ़ाने वाला अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज  यानी 21 सितंबर को यूपी, दिल्ली समेत 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। वहीं, पहाड़ी राज्यों के कुछ इलाकों में लैंडस्लाइड की चेतावनी दी गई है। वहीं, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। किसानों और मछुआरों को अलर्ट रहने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा इस तेज आंधी के चलते कुछ इलाकों में बड़े-बड़े वृक्ष धाराशायी हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ राज्यों में किसानों के फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

    इस बीच बंगाल की खाड़ी से चलने वाली तूफानी हवाएं पूर्वी भारत के राज्यों में लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं, राजस्थान के लोगों के लिए आज विशेष अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेस मौजूद है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान के ऊपर ऊपरी हवाओं में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। तो चलिए आपलोगों को बताते हैं देश के अन्य राज्यों में आज  यानी 21 सितंबर को मौसम का हाल कैसा रहेगा। हम जिलावार भी मौसम का हाल बताने जा रहे हैं…

    देश के 13 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी
    मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आज  यानी 21 सितंबर को देश के 13 राज्यों यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक की तेज आंधी चलने का अलर्ट है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों की यात्रा से पहले मौसम विभाग का अपडेट जरूर पढ़ लीजिए नहीं तो परेशानी में फंस सकते हैं।

    दिल्ली में आज  मौसम कैसा रहेगा
    दिल्ली(21 सितंबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली में आज  यानी 21 सितंबर को दिल्ली में हल्की बारिश और मध्यम गति की हवा की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। वहीं, दिल्ली में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस जाएगा।

    यूपी में आज  मौसम कैसा रहेगा
    यूपी(21 सितंबर-हल्की बारिश का अलर्ट): गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा, मोरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, मिर्जापुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, जौनपुर, सोनभद्र, कुशीनगर, महाराजगंज, प्रयागराज और सुल्तानपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, लखनऊ में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

    बिहार में आज  मौसम कैसा रहेगा
    बिहार (21 सितंबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): सारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, गया, जहानाबाद, भोजपुर, पटना, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, भागलपुर, किशनगंज, मुंगेर और खगड़िया में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी। वहीं, पटना में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

    झारखंड में आज  मौसम कैसा रहेगा
    झारखंड (21-22 सितंबर-तेज बारिश-आंधी का अलर्ट): रांची, रामगढ़, खूंटी, बोकारो, चतरा, देवघर, पश्चिमी सिंहभूम, पलामू, दुमका, पलामू, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह और गुमला में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलेगी। वहीं, रांची में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

    उत्तराखंड में आज  मौसम कैसा रहेगा
    उत्तराखंड (21 सितंबर- बारिश-आंधी की चेतावनी): नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, हरिद्वार और टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी है। देहरादून में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

    हिमाचल में आज  मौसम कैसा रहेगा
    हिमाचल (21 सितंबर-बारिश-तूफान का अलर्ट): किन्नौर, मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कांगड़ा में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, मनाली में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    जम्मू-कश्मीर में आज  मौसम कैसा रहेगा
    जम्मू-कश्मीर (21 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): पुंछ, बारामूला, किश्तवाड़, रियासी, गांदरबल, उधमपुर, रामबन, शोपियां, बांदीपोरा और जम्मू में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, श्रीनगर में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमा 29 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

    पश्चिम बंगाल में आज  का मौसम कैसा रहेगा
    पश्चिम बंगाल(21-22 सितंबर-बारिश-आंधी की संभावना): हावड़ा, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, अलीपुर द्वार, दार्जिलिंग, कूचबिहार, दुर्गापुर, बीरभूम और कोलकाता में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट है। वहीं, कोलकाता में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंचेगा और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

    पंजाब में आज  मौसम कैसा रहेगा
    पंजाब (21 सितंबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): फिरोजपुर, संगरूर, होशियारपुर, कपूरथला, चंडीगढ़, संगरूर, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, बठिंडा, बरनाला और फरीदकोट में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलेंगे।

    राजस्थान में आज  मौसम कैसा रहेगा
    राजस्थान (21 सितंबर-भारी बारिश की संभावना): जयपुर, उदयपुर, चुरू, बारां, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, दौसा, चुरू, भरतपुर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, जैसलमेर और अलवर में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलेंगे। वहीं, जयपुर में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस जाएगा।

    मध्य प्रदेश में आज  मौसम कैसा रहेगा
    मध्य प्रदेश (21 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): अनूपपुर, दमोह, बालाघाट, विदिशा, होशंगाबाद, कटनी, बेतुल, रतलाम, मांडला, खंडवा, नरसिंहपुर, देवास, हर्दा और इंदौर में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी है। वहीं, भोपाल में आज  यानी 21 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    छत्तीसगढ़ में आज  मौसम कैसा रहेगा
    छत्तीसगढ़(21 सितंबर- बारिश-आंधी का अलर्ट): रायपुर, मनेंद्रगढ़, सूरजपुर, बिलासपुर, धमतरी, जांजगीर, कोरबा और महासमुंद में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं।

    ओडिशा में आज  मौसम कैसा रहेगा
    ओडिशा(21 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): पुरी, क्योंझर, बलांगिर, भुवनेश्वर, सुंदरगढ़, भद्रक, मयूरभंज, बालासोर और जाजपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है।

  • 21 सितंबर Horoscope: सोमवार का दिन इन राशि वालों के लिए खास, जानें किसे होगा लाभ-किसे नुकसान

    21 सितंबर Horoscope: सोमवार का दिन इन राशि वालों के लिए खास, जानें किसे होगा लाभ-किसे नुकसान

    मेष
    अपने परिवार या रिश्तेदारों से सलाह लें, जो खराब वक्त में आपका साथ दें। आपके प्रेम संबंध मधुर बने रहेंगे और सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिलेंगे। आप दोनों के बीच विश्वास और अंडर्स्टैंडिंग होनी चाहिए।

    वृषभ
    अगर आप शादी के बारे में सोच रहे हैं तो आपको आर्थिक और इमोशनल तौर पर सोच-विचार करने की जरूरत है। आगे की एक नई यात्रा के लिए तैयार हो जाइए और अपने करियर और निजी जीवन को एक साथ संतुलित करने का प्रयास करें।

    मिथुन
    आपका पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन संतुलित रहेगा। आपको कुछ नया करने का मौका भी मिलेगा। दूसरी ओर, आपको अपने रिश्ते में रोमांस बनाए रखने की जरूरत है ताकि आप दोनों इसे अगले लेवल पर ले जा सकें।

    कर्क
    आज के दिन आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा लेकिन आप बहुत ज्यादा पैसे नहीं बचा पाएंगे। नियमित रूप से हल्की-फुल्की बातचीत करना जरूरी है। इससे आपको मानसिक शांति पाने में मदद मिलेगी।

    सिंह
    आज का दिन आपके लिए अपने रिश्ते को अगले लेवल पर ले जाने का अच्छा समय है। अपने साथी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें ताकि आप एक साथ गहरा कनेक्शन स्थापित कर सकें।

    कन्या
    अगर आप अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं, तो आपको आय के अन्य स्रोतों के बारे में भी सोचना चाहिए। आपका प्रेम जीवन समृद्ध रहेगा, जिससे आपको अपने साथी के साथ संवाद करने में आसानी होगी।

    तुला
    आज आप आसानी से सफल हो जाएंगे। आपके परिवार को सहयोगी होना चाहिए ताकि यह एक टीम वर्क बन जाए। कुछ बड़ा हासिल करने के लिए आपको अपने पर्सनल समय का त्याग करना होगा।

    वृश्चिक
    आपको इस समय बहुत त्याग करने की आवश्यकता है ताकि आप आगे एक अच्छा जीवन जी सकें। आपको अपने परिवार के लिए एक स्थिर स्थिति भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

    धनु
    आज आप विकास हासिल करने में भी सफल रहेंगे, जो महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस सप्ताह ढेर सारे अवसर पाने के लिए आपको ईमानदार रहना चाहिए। आप देखेंगे कि आपकी प्रतिभा आपके काम आएगी।

    मकर
    आज सब कुछ भगवान की इच्छा के अनुसार होगा. बेहतर भविष्य के लिए रचनात्मक योजना बनाएं ताकि आप अपना ख्याल रख सकें। आज का दिन आपके जीवन में खुशियां और संतुष्टि लेकर आने वाला है।
    कुंभ

    आप उस कनेक्शन को महसूस करेंगे, जो एक साथ एक विशेष बॉन्ड बनाने के लिए आवश्यक है। आपको अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए किसी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
    मीन

    आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा और स्थिर भविष्य के बारे में सोचना आपके लिए फायदेमंद होगा। आप जो कुछ भी चाहते हैं उसे प्राप्त करना हमेशा संभव नहीं होता है, विशेषकर विलासिता की वस्तुएं।

  • 25 करोड़ बच्चों के सपनों को भारत  हर बच्चों को अवसर, हर सपनों को उड़ान: विकसित भारत का संकल्प

    25 करोड़ बच्चों के सपनों को भारत हर बच्चों को अवसर, हर सपनों को उड़ान: विकसित भारत का संकल्प

    रायपुर

    किसी बच्चे की आंखों में देखें तो वहां केवल बचपन नहीं दिखाई देगा, बल्कि वहां आने वाले भारत की तस्वीर दिखाई देगी। किसी की आंखों में अंतरिक्ष तक पहुंचने का सपना है, कोई डॉक्टर बनकर गांव के लोगों की सेवा करना चाहता है, कोई वैज्ञानिक बनकर नई खोज करना चाहता है, तो कोई अपने गांव में ऐसा काम करना चाहता है जिससे उसके साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार का अवसर मिले और भविष्य सुनिश्चित हो सके। वहीं किसी बच्चे का सपना खेल के मैदान से जुड़ा है तो किसी का खेत, तकनीक, शिक्षा, कला या उद्यमिता से। भारत के करोड़ों बच्चों की आंखों में पल रहे यही अनगिनत सपने मिलकर वर्ष 2047 के विकसित भारत की नींव रख रहे हैं।

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा और राष्ट्रनिर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की दूसरी पहल ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ इसी भविष्य को समझने और उसे आकार देने का संकल्प है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि उस पीढ़ी के प्रति विश्वास का संदेश है, जो वर्ष 2047 में विकसित भारत की जिम्मेदारी संभालेगी। आज जो बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वही कल भारत के वैज्ञानिक, चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक, सैनिक, खिलाड़ी, उद्यमी, शोधकर्ता और नीति-निर्माता होंगे।

    विकसित भारत की यात्रा की शुरुआत इसलिए स्कूल की कक्षा से होती है। एक बच्चे के हाथ में किताब होती है, लेकिन उसी किताब के पन्नों में उसके भविष्य की पूरी दुनिया छिपी होती है। शिक्षा को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित रखने के बजाय बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, कौशल, तकनीकी समझ और नवाचार की भावना विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास आने वाले भारत की तस्वीर बदल रहे हैं। पीएम श्री स्कूल इसी बदलती सोच का उदाहरण हैं, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ प्रयोग, खेल, कला, तकनीक और अनुभव के माध्यम से सीखने का वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

    लेकिन भारत के सपनों की असली ताकत तब सामने आएगी, जब विकास की रोशनी उन बच्चों तक भी पहुंचेगी, जिनके घर दूरस्थ गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों और वनांचलों में हैं। छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य में यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। एकलव्य आवासीय विद्यालयों ने जनजातीय समाज के अनेक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर दिए हैं। जिन बच्चों के लिए कभी बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई करना दूर का सपना था, उनके लिए आवासीय विद्यालय शिक्षा और बेहतर भविष्य की नई राह बन रहे हैं।

    इन विद्यालयों की कक्षाओं में बैठा कोई बच्चा जब पहली बार बड़े लक्ष्य के बारे में सोचता है, तो उसके साथ केवल उसका अपना सपना नहीं होता। उसके पीछे माता-पिता की उम्मीदें होती हैं, परिवार की वर्षों पुरानी आकांक्षाएं होती हैं और पूरे समाज की बदलती तस्वीर होती है। एक बच्चे की सफलता उसके परिवार को यह विश्वास देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, प्रतिभा को अवसर मिले तो मंजिल हासिल की जा सकती है।

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रयास आवासीय विद्यालय भी विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। स्कूली शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों के सामने उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुल रहे हैं। जेईई, नीट, क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन और तैयारी का वातावरण इन विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास देता है। यह बदलाव केवल शिक्षा व्यवस्था का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह उस सोच का विस्तार है जिसमें बच्चे की प्रतिभा को उसके गांव, परिवार या आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और मेहनत से पहचाना जाता है।

    वर्ष 2047 के भारत की तस्वीर केवल ऊंची इमारतों, आधुनिक शहरों और नई तकनीकों से नहीं बनेगी। उसकी असली पहचान उस बच्चे के आत्मविश्वास से होगी, जो कह सके कि मैं अपने सपने को पूरा कर सकता हूं। विकसित भारत का अर्थ तब और व्यापक होगा, जब देश का युवा रोजगार की तलाश करने के साथ रोजगार पैदा करने की क्षमता भी रखेगा। शिक्षा के साथ कौशल, नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी दक्षता युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने और दूसरों के लिए भी अवसर पैदा करने की शक्ति देगी।

    आज का विद्यार्थी कल का केवल नौकरी तलाशने वाला युवा नहीं, बल्कि नया विचार देने वाला शोधकर्ता, नई तकनीक बनाने वाला नवाचारी, अपना व्यवसाय खड़ा करने वाला उद्यमी और समाज की समस्याओं का समाधान खोजने वाला परिवर्तनकारी नागरिक बन सकता है। यही वह सोच है जो विकसित भारत के संकल्प को व्यापक अर्थ देती है।

    ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ इसलिए केवल बच्चों के भविष्य की बात नहीं करता, यह पूरे देश के भविष्य की बात करता है। आज किसी स्कूल की प्रयोगशाला में प्रयोग करता बच्चा, किसी एकलव्य विद्यालय में पढ़ता जनजातीय विद्यार्थी, प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता युवा और अपने गांव में भविष्य का कोई नया रास्ता तलाशता विद्यार्थी-ये सभी 2047 के भारत की बदलती तस्वीर के गवाह होंगे।

    इन बच्चों के सपनों को अवसर देना ही राष्ट्रनिर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है। क्योंकि किसी देश की वास्तविक शक्ति उसके संसाधनों में नहीं, उसकी नई पीढ़ी की कल्पनाशक्ति और सामर्थ्य में होती है। जब करोड़ों बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी, उनके भीतर सवाल पूछने की हिम्मत होगी, प्रयोग करने की स्वतंत्रता होगी और आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, तब भारत की विकास यात्रा और अधिक मजबूत होगी।

    वर्ष 2047 का विकसित भारत आज से ही बनना शुरू हो चुका है। उसकी नींव आज की कक्षाओं में रखी जा रही है, उसकी उम्मीदें बच्चों की आंखों में पल रही हैं और उसकी दिशा युवाओं के सपनों से तय होगी। इसलिए जरूरी है कि देश का कोई बच्चा अवसर के अभाव में अपने सपने को छोटा न करे। उसके सपनों की उड़ान जितनी ऊंची हो, भारत का आकाश उतना ही खुला हो।

    क्योंकि 25 करोड़ बच्चों के सपने केवल 25 करोड़ व्यक्तिगत सपने नहीं हैं। ये 25 करोड़ संभावनाएं हैं, 25 करोड़ नई दिशाएं हैं और 25 करोड़ ऐसे भविष्य हैं, जिनसे मिलकर भारत का नया अध्याय लिखा जाएगा। जब इन सपनों को शिक्षा, अवसर, कौशल और सही दिशा का सहारा मिलेगा, तब वर्ष 2047 का विकसित भारत केवल एक लक्ष्य नहीं रहेगा, बल्कि करोड़ों बच्चों की आंखों में दिखाई देने वाला साकार सपना होगा। यही ‘सेवा संकल्प अभियान’ बच्चों के सपनांे के भारत का वास्तविक भाव है।

  • सेवा सेतु के जरिए घर के पास ही राशन कार्ड में जुड़ा बच्चे का नाम

    सेवा सेतु के जरिए घर के पास ही राशन कार्ड में जुड़ा बच्चे का नाम

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों के घर के नजदीक, सरल, पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में सेवा सेतु पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में कोंडागांव जिले में डिजिटल माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल रहा है। ग्राम पंचायत सिंगनपुर निवासी  उमेश कुमार नाग का राशन कार्ड में नाम जुड़वाना सेवा सेतु से आसान हुआ।

     नाग ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अपने राशन कार्ड में बच्चे का नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र मुलमुला के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई और उनका कार्य बहुत ही कम समय में सफलतापूर्वक पूरा हो गया। पहले ऐसे कार्यों के लिए नागरिकों को संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने और अलग से समय निकालना पड़ता था। अब सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने से अब नागरिकों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही आवश्यक शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है। हितग्राही  नाग ने इस त्वरित एवं जनहितकारी सेवा के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा सेतु के माध्यम से उपलब्ध हो रही ऐसी सुविधाएं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के उस संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिसमें शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाकर उन्हें सरल और सहज गांव और आसपास के क्षेत्र में ही आवश्यक सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

  • रटगा की सोनू देवी अपने हुनर से परिवार की आर्थिक मजबूती में निभा रहीं भूमिका

    रटगा की सोनू देवी अपने हुनर से परिवार की आर्थिक मजबूती में निभा रहीं भूमिका

    रायपुर

     गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत रटगा की मती सोनू देवी के हाथों में हुनर पहले से था, जरूरत थी तो बस उस हुनर को आगे बढ़ाने के लिए थोड़े से आर्थिक संबल की। घर पर ही सिलाई का काम करने वाली सोनू देवी परिवार और आसपास के लोगों के कपड़े सिलकर अपनी आमदनी में सहयोग करती थीं। मेहनत और हुनर के बावजूद सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण उनके काम का दायरा छोटा था और वह अपनी सिलाई कला को बड़े स्तर पर नहीं ले जा पा रही थीं।

    सोनू देवी के लिए सिलाई केवल एक काम नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक जरूरतों में हाथ बंटाने और अपने पैरों पर खड़े होने का माध्यम रही है। वह उपलब्ध संसाधनों में ही लगातार मेहनत करती रहीं। इसी बीच महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए बदलाव की शुरुआत बनी।

    महतारी वंदन योजना बना आर्थिक संबल

    महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक आर्थिक सहायता ने सोनू देवी को अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर दिया। उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि और अपनी टेलरिंग मशीन का बेहतर उपयोग करते हुए सिलाई के काम को और गति दी। धीरे-धीरे उनके काम का दायरा बढ़ने लगा और घर से संचालित होने वाला उनका सिलाई कार्य आय के बेहतर साधन के रूप में विकसित होने लगा।

    सोनू देवी बताती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने काम को जारी रखने और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहारा दिया। इससे उन्हें अपने सिलाई कार्य पर ध्यान केंद्रित करने और अपने हुनर को और बेहतर तरीके से उपयोग करने का अवसर मिला।

    महतारी वंदन योजना के अंतर्गत सोनू देवी के बैंक खाते में 31वीं किस्त की राशि भी पहुंच चुकी है। योजना के माध्यम से लगातार मिल रही आर्थिक सहायता उनके लिए नियमित संबल का काम कर रही है। इस सहयोग से उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।

    सिलाई से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

    आज सोनू देवी के लिए सिलाई का काम महज घर तक सीमित गतिविधि नहीं रह गया है। उनका हुनर अब आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ता माध्यम बन रहा है। अपनी मेहनत, लगन और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए वह अपने काम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रही हैं।

    महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने हुनर पर आगे काम करने और जरूरत के अनुसार संसाधनों का उपयोग करने का अवसर दिया है। इससे परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग मिलने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को भी मजबूती मिली है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

    मती सोनू देवी महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके सिलाई कार्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। उनका कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपने काम को जारी रखने का संबल मिला है और अब वह अपने हुनर के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

    सोनू देवी की कहानी यह दर्शाती है कि नियमित आर्थिक सहयोग जब मेहनत और हुनर के साथ जुड़ता है, तो छोटे स्तर पर किया जा रहा काम भी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है। महतारी वंदन योजना उनके लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ अपने हुनर को नई पहचान देने का माध्यम बन रही है।

  • सपा राज की गुंडागर्दी पर योगी सरकार ने लगाया ब्रेक’, मंत्री असीम अरुण का अखिलेश पर तीखा हमला

    सपा राज की गुंडागर्दी पर योगी सरकार ने लगाया ब्रेक’, मंत्री असीम अरुण का अखिलेश पर तीखा हमला

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा सुप्रीमो वहां की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जहां की व्यवस्था पूरे देश के लिए मानक बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बाहर कहीं भी जाइए, लोग उत्तर प्रदेश जैसी कानून व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए धन्यवाद भी दिया।

    पूर्ववर्ती सपा सरकार के समय की कानून व्यवस्था से तुलना करते हुए मंत्री असीम अरुण ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जो स्थिति थी, वह किसी से छिपी नहीं है। लूट, डकैती, अपहरण और माफियागर्दी चल रही थी। योगी जी ने इसे व्यवस्थित तरीके से रोका और समाप्त किया। उन्होंने सरकार के अगले एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसे अपराध की सफाई हुई, उसी तरह अब योगी सरकार भ्रष्टाचार की सफाई में जुटी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसमें भी निर्णायक सफलता मिलेगी।

    आरक्षण को लेकर भी सपा को घेरा

    सरकारी भर्तियों पर असीम अरुण ने कहा कि सपा सरकार के समय नियमित भर्तियां हुई ही नहीं। जो हुईं, उनमें भारी भ्रष्टाचार हुआ। आउटसोर्सिंग की भर्तियों में आरक्षण की व्यवस्था सपा ने खत्म कर दी। योगी जी का धन्यवाद कि आज प्रदेश में लाखों भर्तियां हो रही हैं और इनमें आरक्षण के नियमों को पूरी ईमानदारी और सख्ती से लागू किया जा रहा है। सपा ने आउटसोर्सिंग में जो आरक्षण समाप्त किया था, योगी सरकार ने उसे पूरी तरह लागू किया है। आउटसोर्सिंग कॉरपोरेशन भी बना दिया गया है, ताकि नियमित भर्तियों और आउटसोर्सिंग दोनों में आरक्षण जमीन पर लागू हो।

    महापुरुषों के सम्मान पर मंत्री ने कहा कि बाबा साहेब और अन्य सामाजिक नायकों की प्रतिमाओं के लिए योगी जी ने मूर्ति विकास योजना दी है। प्रत्येक विधानसभा को एक-एक करोड़ रुपये दिए गए हैं। मूर्तियों के जीर्णोद्धार, सुधार और सुंदरता के लिए दस-दस लाख रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। इसके विपरीत सपा सरकार के समय अखिलेश यादव ने महापुरुषों के अपमान में कोई कसर नहीं छोड़ी चाहे जिले हों, मेडिकल कॉलेज हों या कन्नौज का इंजीनियरिंग कॉलेज, हर जगह अपमान का काम हुआ।

    जब बाबा साहेब का अपमान हो रहा था तब हंस रहे थे अखिलेश

    उन्होंने कहा कि सपा जो फर्जी आंकड़े दिखा रही है, उनकी कोई वैल्यू नहीं है। कैबिनेट मंत्री और सुपर सीएम कहे जाने वाले आजम खान ने बाबा साहेब पर अभद्र टिप्पणी की थी और उस समय अखिलेश यादव मंच पर बैठे हंसते रहे। यह सबके सामने है। बस के ऊपर आज कोई भी रंग लगा लीजिए, सबको 2017 वाली बस का रंग भी याद है और वह बस किस तरह फंसी, यह भी याद है।

    रोजगार के सवाल पर असीम अरुण ने कहा कि सपा युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का आरोप लगा रही है। आज व्यापक स्तर पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं, प्राइवेट सेक्टर तेजी से बढ़ा है, कृषि में विस्तार हुआ है। युवाओं के पास काम या नौकरी की कमी नहीं है। बच्चे सरकारी नौकरी कर रहे हैं, प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं और स्वावलंबन से खुद व्यवसाय और स्टार्टअप चला रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया कि ऐसा माहौल बना जिससे यह सफलता मिली।

  • गांव की बेटी ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, सुमन लता बनीं ‘लखपति दीदी’

    गांव की बेटी ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, सुमन लता बनीं ‘लखपति दीदी’

    रायपुर

     प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं आजीविका गतिविधियों का सकारात्मक प्रभाव गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की मती सुमन लता वाकरे की कहानी ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, मेहनत और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल बनकर सामने आई है।

    स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी

    मती सुमन लता वाकरे आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। कभी परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को लेकर चिंतित रहने वाली सुमन लता ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से आर्थिक सशक्तिकरण की राह चुनी। वे माँ महामाया महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में समूह की सचिव के दायित्व का निर्वहन कर रही हैं।

    सुमन लता बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला और धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। समूह की गतिविधियों और उपलब्ध वित्तीय सहायता ने उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।

    15 हजार की आरएफ राशि से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की राह

    समूह के माध्यम से मती सुमन लता को 15 हजार रुपये की आरएफ राशि प्राप्त हुई। इसके बाद 60 हजार रुपये की सीआईएफ राशि में से 20 हजार रुपये का उपयोग कर उन्होंने गांव में किराना दुकान शुरू की। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन अपनी मेहनत, ग्राहकों के प्रति विश्वास और बेहतर संचालन के बल पर उन्होंने दुकान का लगातार विस्तार किया।

    व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लेकर अपनी दुकान में आवश्यक सामग्री बढ़ाई। आज उनकी किराना दुकान पहले की तुलना में काफी विस्तृत हो चुकी है और व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। आर्थिक गतिविधि के विस्तार ने न केवल उनके परिवार की आय को मजबूत किया, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया।

    ‘लखपति दीदी’ बनकर बनीं गांव की प्रेरणा

    मती सुमन लता की सफलता इस बात का उदाहरण है कि जब महिलाओं को संगठित होकर आगे बढ़ने का अवसर, आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। स्व-सहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया।

    किराना दुकान के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सुमन लता ने ‘लखपति दीदी’ बनने की उपलब्धि हासिल की है। उनकी कहानी गांव की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।

    महतारी वंदन योजना का भी मिला संबल

    मती सुमन लता को महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। उनके अनुसार योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग दिया है। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उन्हें विभिन्न आजीविका अवसरों का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित होकर गांव की महिलाएं अब सहायता की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं रोजगार और आय के साधन तैयार कर रही हैं। सुमन लता वाकरे की कहानी इसी बदलाव की जीवंत तस्वीर है, जहां समूह से मिला सहयोग, सरकारी योजनाओं का संबल और स्वयं की मेहनत मिलकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार कर रहे हैं।

    सेवा संकल्प अभियान में सुमन लता की कहानी बनी प्रेरणा

    सेवा संकल्प अभियान के परिप्रेक्ष्य में सुमन लता वाकरे की सफलता की कहानी ग्रामीण भारत में हो रहे सकारात्मक बदलाव को सामने लाती है। यह कहानी बताती है कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है, जब लाभार्थी उन्हें अवसर में बदलकर अपनी मेहनत से नई उपलब्धियां हासिल करते हैं।

    गुदुमदेवरी की सुमन लता आज केवल अपने परिवार के लिए आय का मजबूत आधार नहीं बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि संगठित प्रयास, सरकारी योजनाओं का सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति मिलकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

  • समूह से जुड़कर मिली पूंजी के साथ बढ़ा आत्मविश्वास, अब आजीविका से जुड़े फैसले खुद ले रहीं रजनी

    समूह से जुड़कर मिली पूंजी के साथ बढ़ा आत्मविश्वास, अब आजीविका से जुड़े फैसले खुद ले रहीं रजनी

    रायपुर

     जब अवसर और सहयोग साथ मिले तो मेहनत को नई दिशा मिलती है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पाराघाटी की मती रजनी केरकेट्टा की कहानी इसकी मिसाल है। कभी परिवार की आर्थिक जरूरतों में सीमित भूमिका निभाने वाली रजनी ने मुर्गी पालन को आजीविका का साधन बनाया और धीरे-धीरे अपने परिवार की आय बढ़ाने में सहभागी बन गईं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्व-सहायता समूह ने उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ वह आत्मविश्वास भी दिया, जिसके सहारे वे अब अपनी आजीविका गतिविधि से जुड़े निर्णय स्वयं ले रही हैं।

    स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद खुला नया रास्ता

    रजनी जीवन ज्योति स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विभिन्न सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी मिली और मुर्गी पालन को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ।

    उन्हें सामुदायिक निवेश निधि से 50 हजार रुपये, बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 लाख रुपये तथा स्वयं सिद्धा के तहत प्रथम वर्ष में 1.50 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। आजीविका गतिविधि को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए द्वितीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये की राशि का पुनः नवीनीकरण भी किया गया।

    इस आर्थिक सहयोग से रजनी ने मुर्गी पालन गतिविधि को विस्तार दिया। समूह से मिलने वाले मार्गदर्शन ने उन्हें व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने और आय के अवसरों को बढ़ाने का भरोसा दिया।

    आर्थिक सहयोग के साथ बढ़ा आत्मविश्वास

    रजनी बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं मिली, बल्कि आगे बढ़ने का हौसला भी मिला। मुर्गी पालन से जुड़कर वे अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ सकीं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।

    अब आजीविका गतिविधि से जुड़े निर्णय लेने में उनकी सक्रिय भूमिका है। अपनी मेहनत और समूह के सहयोग से उन्होंने यह विश्वास हासिल किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी अपने हुनर और प्रयासों के बल पर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

    गांव की महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूह बन रहे बदलाव का माध्यम

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। समूहों के माध्यम से नियमित बचत, बैंक लिंकेज और विभिन्न निधियों से आजीविका गतिविधियों के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

    इससे ग्रामीण महिलाएं मुर्गी पालन, पशुपालन, कृषि और अन्य आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आय बढ़ाने में सहभागी बन रही हैं। साथ ही आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ने से निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी मजबूत हो रहा है।

    “समूह से मिला सहारा, अपने पैरों पर खड़े होने का मिला अवसर”

    मती रजनी केरकेट्टा ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और स्व-सहायता समूह से मिले सहयोग ने उन्हें अपनी आजीविका आगे बढ़ाने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का रास्ता दिया है।

    रजनी की यह कहानी बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, पूंजी और मार्गदर्शन का साथ मिलता है, तो वे केवल अपने परिवार की आय बढ़ाने वाली नहीं, बल्कि अपने आर्थिक निर्णय स्वयं लेने वाली आत्मनिर्भर उद्यमी भी बन सकती हैं।

  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जामपाली में खुली ‘बदलाव की राह’

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जामपाली में खुली ‘बदलाव की राह’

    ​रायपुर

    कभी अवैध कब्जे की आड़ में उपेक्षित पड़ी शासकीय जमीन आज गांव के मासूमों के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला बन चुकी है। छत्तीसगढ़ के जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ अंतर्गत सरिया तहसील के ग्राम जामपाली ने प्रशासनिक मुस्तैदी और जनहितैषी दृष्टि का एक ऐसा अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है, जहां अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन पर अब बच्चों की किलकारियां और शिक्षा के स्वर गूंज रहे हैं।

    ​अवैध कब्जे की जकड़न से जनहित का सफर

     ​ग्राम जामपाली स्थित शासकीय भूमि (खसरा नंबर 309/1, कुल रकबा 1.833 हेक्टेयर) के एक हिस्से पर लंबे समय से स्थानीय लोगों का अवैध कब्जा था। इसके चलते गांव के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए आवश्यक प्राथमिक सुविधाओं और बाल विकास केंद्र के निर्माण में बाधा आ रही थी।
           ​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत तहसीलदार सरिया द्वारा राजस्व अभिलेखों के सूक्ष्म परीक्षण व कड़े स्थल निरीक्षण के बाद नियमानुसार बेदखली की सख्त कार्रवाई की गई। राजस्व टीम की इस त्वरित प्रशासनिक पहल से करोड़ों मूल्य की शासकीय भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

    ​आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र: बाल विकास की नई मिसाल

     ​जमीन को केवल खाली कराने तक सीमित न रखते हुए, जिला व जनपद पंचायत बरमकेला के समन्वय से वहां एक 'आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र' का भव्य निर्माण कराया गया। अब गांव के छोटे बच्चों को एक ही छत के नीचे सुरक्षित, हाइजीनिक और खेल-खेल में सीखने योग्य परिवेश मिल रहा है। केंद्र के माध्यम से बच्चों को सही पोषण, स्वास्थ्य जांच और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।अतिक्रमण हटने से न केवल गांव की सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षित हुई, बल्कि शासन के प्रति ग्रामीणों का विश्वास भी और मजबूत हुआ है।

    ​बदलाव की स्थायी छाप

    कब्जामुक्त हुई यह जमीन आज जामपाली के बच्चों के सुनहरे कल को आकार दे रही है। यह पहल सिद्ध करती है कि यदि प्रशासनिक दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जनहित को प्राथमिकता दी जाए, तो उपेक्षित पड़ी शासकीय संपत्तियां भी समाज और नई पीढ़ी के उत्थान का सबसे मजबूत आधार बन सकती हैं।