Author: NewseDay

  • यू जिदी का जलवा! 13 साल की चीनी तैराक ने गोल्ड जीतकर तोड़ा एशियन गेम्स रिकॉर्ड

    यू जिदी का जलवा! 13 साल की चीनी तैराक ने गोल्ड जीतकर तोड़ा एशियन गेम्स रिकॉर्ड

    आइची-नागोया
    चीन की महज 13 साल की तैराक यु जिदी ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 200 मीटर बटरफ्लाई इवेंट में गोल्ड मेडल जीत लिया है. टोक्यो एक्वाटिक्स सेंटर में आयोजित फाइनल में यु जिदी ने 2 मिनट 05.08 सेकंड में नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया.

    यु जिदी ने हांगझोउ एशियन गेम्स 2022 में चीन की ओलंपिक चैम्पियन झांग युफेई द्वारा बनाए गए 2:05.57 सेकंड के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, उन्होंने अपनी हमवतन चांग मोहान को तीन सेकंड से ज्यादा के अंतर से पछाड़कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जापान की मिसा ओकुजोनो ने कांस्य पदक जीता.

    12 साल की उम्र में भी रचा था इतिहास
    यु जिदी का यह पहला बड़ा इंटरनेशनल कारनामा नहीं है, पिछले साल सिंगापुर में हुए विश्व तैराकी चैम्पियनशिप में महज 12 साल की उम्र में वह पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की तैराक बनी थीं. वह चीन की कांस्य पदक जीतने वाली 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम का हिस्सा थीं. इसके अलावा उन्होंने तीन व्यक्तिगत स्पर्धाओं में चौथा स्थान हासिल किया था.

    इस साल की शुरुआत में यु जिदी ने 200 मीटर बटरफ्लाई में अमेरिकी ओलंपिक चैम्पियन रेगन स्मिथ को भी हराया था, अब एशियन गेम्स में अपने डेब्यू पर उन्होंने व्यक्तिगत गोल्ड मेडल के साथ रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है.

    खास बात यह है कि यु जिदी अगले महीने ही 14 साल की होंगी, एशियन गेम्स में 200 मीटर बटरफ्लाई उनका पहला व्यक्तिगत इवेंट था और उन्हें अभी दो और व्यक्तिगत इवेंट में हिस्सा लेना है.

    जीत के बाद भी यु जिदी अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखीं और उन्होंने इसे सिर्फ 'ठीक-ठाक' बताया, उनका मानना है कि वह इससे भी तेज तैर सकती हैं.13 साल की उम्र में एशियन गेम्स चैम्पियन और रिकॉर्ड होल्डर बन चुकी यू ज़िदी पर अब पूरी दुनिया की नजरें हैं.

  • Kabaddi: जापान पर भारी पड़ा भारत, 25 अंकों से दर्ज की जीत; पहले ही मैच में दिखाया दम

    Kabaddi: जापान पर भारी पड़ा भारत, 25 अंकों से दर्ज की जीत; पहले ही मैच में दिखाया दम

    आइची-नागोया 
     
    भारत ने सोमवार को एशियाई खेल 2026 में अपने पुरुष कबड्डी अभियान की शानदार शुरुआत की और अपने पहले मैच में जापान को 49-24 से हराया। जापान ने बोनस पॉइंट के साथ स्कोरिंग की शुरुआत की, लेकिन भारत ने तुरंत जवाब दिया और अयान लोचब ने टच पॉइंट से स्कोर बराबर कर दिया। जल्द ही भारत ने मुकाबले पर पूरी तरह से पकड़ बना ली। आशु ने शानदार तीन-पॉइंट की रेड की, जिसके बाद भारत के डिफेंस ने जापानी रेडर को सफलतापूर्वक टैकल किया। इसके बाद एक और रेड पॉइंट मिला, जिससे भारत ने पहला 'ऑल-आउट' किया और 11-2 की बढ़त बना ली।
     
    भारतीय टीम का दबदबा जारी रहा और उन्होंने दूसरा 'ऑल-आउट' करके अपनी बढ़त को 18-2 तक पहुंचा दिया। भारत हाफ-टाइम तक 31-9 की मजबूत बढ़त के साथ आगे था; आशु और देवांक ने रेडिंग में अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि सुनील कुमार और राहुल ने डिफेंस में अहम योगदान दिया। ब्रेक के बाद भी भारत का दबदबा कायम रहा। पवन सहरावत, अर्जुन देशवाल और असलम इनामदार भी खेल में शामिल हुए और टीम की अटैकिंग ताकत को और बढ़ाया। जापान ने दूसरे हाफ में बेहतर टक्कर दी और 20 से ज़्यादा पॉइंट हासिल किए, लेकिन भारत पूरे समय मुकाबले पर हावी रहा। आखिरकार भारत ने 49-24 से बड़ी जीत हासिल की और एशियाई खेलों में अपने अभियान की जोरदार शुरुआत की।
     
    इस बीच, एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए दिन शानदार रहा। भारत ने शूटिंग और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में और मेडल जीते, साथ ही एथलीटों ने तैराकी में फाइनल के लिए क्वालीफाई किया और बॉक्सिंग, सॉफ्ट टेनिस और टेबल टेनिस में जीत हासिल की। शूटिंग में, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत फाइनल में हिमांशु ने सिल्वर और रुद्राक्ष ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इससे पहले, रुद्राक्ष और हिमांशु क्रमशः तीसरे और सातवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे, जबकि पार्थ माने 11वें स्थान पर रहे। भारतीय तिकड़ी ने टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता था। मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में, सुचिका तरियाल ने महिलाओं के ट्रेडिशनल 60kg सेमीफ़ाइनल में सिंगापुर की टेओ हुई हून से हारने के बाद ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। बॉक्सिंग में, सुमित ने पुरुषों के 70kg राउंड ऑफ़ 32 मुकाबले में थाईलैंड के बुंजोंग सिंसिरी को हराकर कॉम्पिटिशन में आगे जगह बनाई।
     
    सॉफ्ट टेनिस में, आध्या तिवारी और जय मीना ने कंबोडिया और मंगोलिया के खिलाफ़ अपने मिक्स्ड डबल्स ग्रुप B मैचों में जीत हासिल की। ​​हालांकि, उन्हें दक्षिण कोरिया के किम येओन-ह्वा और जैक्यू पार्क से हार का सामना करना पड़ा और फिर राउंड ऑफ़ 16 में फिलीपींस की क्रिस्टी सानोसा और शेरविन नुगुइट से भी हार मिली। स्विमिंग में, श्रीहरि नटराज पुरुषों के 50m बैकस्ट्रोक फ़ाइनल में पहुंचे, जबकि ऋषभ दास को रिज़र्व के तौर पर चुना गया। मणि आकाश और गीतेश शाह पुरुषों के 50m फ़्रीस्टाइल फ़ाइनल में जगह नहीं बना पाए, जबकि धनुष सुरेश पुरुषों के 100m ब्रेस्टस्ट्रोक फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करने में नाकाम रहे। वुशु में, न्येमन वांगसु महिलाओं के चांगक्वान फ़ाइनल में 15वें स्थान पर रहीं। टेबल टेनिस में, भारत ने महिलाओं की टीम के ग्रुप F मैच में पाकिस्तान को 3-0 से हराया। हालांकि, सेपकटकरा में भारत को झटका लगा और पुरुषों की टीम के रेगु ग्रुप B मैच में जापान से हार का सामना करना पड़ा।

    भारत के खाते में चार सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज

    एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकवीर
    1. इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद- विमेंस 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट (निशानेबाजी): सिल्वर
    2. इलावेनिल वलारिवन- विमेंस 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): सिल्वर
    3. रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ राकेश माने- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट (निशानेबाजी): सिल्वर
    4. सुचिका तरियाल- विमेंस ट्रेडिशनल 60 किग्रा (MMA)- ब्रॉन्ज
    5. रुद्रांक्ष पाटिल- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): ब्रॉन्ज
    6. हिमांशु ढिल्लों- मेन्स 10 मीटर एयर राइफल (निशानेबाजी): सिल्वर

     

  • कुर्मी समुदाय के लिए शुभेंदु सरकार का बड़ा पैकेज, ₹50 करोड़ विकास फंड और पुराने केस वापस लेने का ऐलान

    कुर्मी समुदाय के लिए शुभेंदु सरकार का बड़ा पैकेज, ₹50 करोड़ विकास फंड और पुराने केस वापस लेने का ऐलान

    कलकत्ता
    पश्चिम बंगाल
    के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बीते पुरुलिया में एक बड़ा ऐलान किया। पुरुलिया के कराडी मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कुर्मी समुदाय के लोगों के खिलाफ सितंबर 2025 में दर्ज किए गए केस वापस लेने का ऐलान किया। ये मामले कुर्मी समुदाय के लोगों के अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर किए गए आंदोलन से जुड़े थे। सरकार के इस फैसले को जंगल महल क्षेत्र में कुर्मी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग को दूर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

    पुरुलिया के कराडी मैदान में आयोजित बड़े कुर्मी करम फेस्टिवल में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कुर्मी समुदाय के आंदोलन के दौरान पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने जो भी केस दर्ज किए थे, उन्हें अब वापस लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह दुर्गापुर में हुई एक बैठक में पहले ही केस वापस लेने के फैसले की घोषणा कर चुके थे। इसके बाद पश्चिमी जिलों को लेकर हुई प्रशासनिक बैठक में भी उन्होंने अधिकारियों को इस फैसले की जानकारी दे दी थी।

    सीएम शुभेंदु ने किया ये बड़ा ऐलान
    शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि जब कुर्मी समुदाय ने अपना आंदोलन शुरू किया था, तब पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उसे दबाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर हमला किया गया, पुलिस की तैनाती की गई और उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए। सुवेंदु ने कहा कि इस दौरान बच्चों और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया। सुवेंदु ने आगे कहा कि सरकार ने इस साल के बजट में कुर्मी समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस राशि को और बढ़ाया जाएगा। साथ ही, कुरमाली और राजबंशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का वादा भी पूरा किया जाएगा।

    साल 2025 में हुए थे प्रदर्शन
    बता दें कि, यह घोषणा 20 सितंबर 2025 को हुए कुर्मी आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर की गई है। उस समय कुर्मी संगठनों ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने और संविधान की आठवीं अनुसूची में ‘कुरमाली’ भाषा को शामिल करने की मांग की थी। मांगों के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर रेलवे ट्रैक और सड़कें जाम कर दी थीं। आंदोलन शुरू होने से पहले ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस तरह की नाकाबंदी को गैर-कानूनी और असंवैधानिक बताया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कई जगह रेलवे ट्रैक पर धरना देकर रास्ता रोक दिया। इससे ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और कुछ जगहों पर पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई।

    बंगाल में कुर्मी समुदाय का प्रभाव
    बंगाल के पश्चिमी जिलों में कुर्मी समुदाय का आंदोलन कई बार राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन चुका है। कुर्मी समुदाय लंबे समय से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर 2022, 2023 और 2024 में भी कई जगहों पर रेलवे ट्रैक और सड़कें जाम की गई थीं। आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने कई बार लंबे समय तक चलने वाली नाकाबंदी के मामलों में दखल दिया है। बता दें कि, कुर्मी समाज बंगाल के साथ साथ झारखंड, ओडिशा में भी बसा है। बंगाल में इनकी आबादी 40 लाख है। कुर्मी संगठनों का दावा है कि बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र की 35 विधानसभा सीटों पर इनका प्रभाव है।

  • कोयले की कमी के बीच यूपी में बिजली व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौती से राहत; सरकार ने संभाली सप्लाई

    कोयले की कमी के बीच यूपी में बिजली व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौती से राहत; सरकार ने संभाली सप्लाई

    कोयला संकट के बावजूद योगी सरकार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौतीमुक्त बिजली

    पीक आवर्स में पावर बैंकिंग के जरिए मिल रही 2,400 मेगावाट बिजली

    महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत सात राज्यों से बिजली लेकर आपूर्ति सामान्य रखने के प्रयास

    19 सितंबर को 27,744 मेगावाट पीक डिमांड विद्युत आपूर्ति की गई 

    सभी उपभोक्ताओं को दिन में मिली कटौतीमुक्त बिजली

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। कोयला संकट और विभिन्न चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में विद्युत आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन के समय कटौती-मुक्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी औसतन 20 घंटे से अधिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    महाराष्ट्र समेत सात राज्यों से बिजली लेकर आपूर्ति सामान्य रखने के प्रयास

    पीक आवर्स में बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रदेश को विभिन्न राज्यों से पावर बैंकिंग के माध्यम से औसतन लगभग 2,400 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही है। इसमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश शामिल हैं। दूसरे राज्यों से बिजली प्राप्त करने की इस व्यवस्था से प्रदेश में बिजली की मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल रही है। सरकार और विद्युत विभाग का जोर उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुचारु बिजली उपलब्ध कराने पर है।

    दिन में कटौती मुक्त बिजली

    19 सितंबर को सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन में कटौती-मुक्त बिजली मिली। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 20 घंटे 33 मिनट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इस अवधि में 27,744 मेगावाट की विद्युत मांग की आपूर्ति की गई। यूपी पीक डिमांड बिजली आपूर्ति में देश में दूसरे स्थान पर रहा। इससे पहले 18 सितंबर को भी सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन में कटौती-मुक्त बिजली मिली थी।

    रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

    इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 21 घंटे 43 मिनट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई थी। प्रदेश में 27,173 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई थी। यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जाएं और जहां से भी बिजली उपलब्ध हो, उसे प्राप्त कर आपूर्ति सामान्य बनाए रखी जाए।

    अनुरक्षण माह में प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए तेजी से हो रहे कार्य

    वहीं, सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत अनुरक्षण माह में प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुचारु बनाने के लिए विभिन्न अनुरक्षण कार्य किए जा रहे हैं। यूपीपीसीएल की टीमें फील्ड में आवश्यक रखरखाव कार्यों को पूरा करने में जुटी हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।

  • नशे के कारोबार पर शिकंजा, झारखंड से रामनगर जा रही गांजे की खेप पकड़ी; 2.51 क्विंटल माल जब्त

    नशे के कारोबार पर शिकंजा, झारखंड से रामनगर जा रही गांजे की खेप पकड़ी; 2.51 क्विंटल माल जब्त

    नशे के कारोबार पर योगी सरकार की सख्ती, 2.65 करोड़ रुपये के गांजे के साथ झारखंड का तस्कर गिरफ्तार

    251 किलो से अधिक गांजा कंटेनर में छिपाकर ले जा रहा था, एएनटीएफ ने चंदौली में पकड़ा

    लखनऊ
    नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे योगी सरकार के अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एएनटीएफ थाना गाजीपुर की टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले झारखंड के एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 251 किलो से अधिक अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की कीमत लगभग 2.65 करोड़ रुपये बताई गई है। 

    एएनटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान झारखंड के बोकारो निवासी बजरंग कुमार सिंह के रूप में हुई है। आरोपी को 20 सितंबर को चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में रामनगर औद्योगिक क्षेत्र की कटारिया सर्विस लेन से गिरफ्तार किया गया। टीम ने उसके कब्जे से गांजे के अलावा एक कंटेनर वाहन, एंड्रॉयड मोबाइल फोन, निर्वाचन कार्ड, आधार कार्ड समेत अन्य सामान भी बरामद किया है।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि झारखंड के एक व्यक्ति ने कंटेनर में गांजा लदवाकर उसे बोकारो से रामनगर जाने के लिए कहा था। रामनगर में एक व्यक्ति को गांजा सौंपने और इसके बदले रकम लेकर वापस आने की बात कही गई थी। आरोपी के मुताबिक उसे इस काम के बदले हिस्सा मिलना था। आरोपी से तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण अन्य जानकारी भी मिली है। इस मामले में अलीनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे कार्रवाई की जा रही है।

  • काशी के हुनर की दुनिया में बढ़ेगी पहचान, UP International Trade Show के जरिए वैश्विक बाजार से जुड़ेंगे कारीगर

    काशी के हुनर की दुनिया में बढ़ेगी पहचान, UP International Trade Show के जरिए वैश्विक बाजार से जुड़ेंगे कारीगर

    योगी सरकार काशी के पारंपरिक हुनर को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से दिला रही वैश्विक बाजार
     
    ॐ और मंत्र मुद्रित योग स्कार्फ़, शॉल व गाउन से लेकर बनारसी सिल्क साड़ियों तक, दुनिया देखेगी काशी की विरासत

    यूपीआईटीएस में काशी के परंपरागत उत्पादों और आधुनिक उत्पादों का संगम दिखाई देगा 

    25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वाराणसी के एक्सपोर्ट को मिलेगा इंटरनेशनल मंच 

    वाराणसी,
     अध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी की पहचान केवल धर्म और परंपराओं तक सीमित नहीं है। सदियों पुरानी हस्तशिल्प और बुनकरी की समृद्ध परंपरा के साथ काशी ने अपने पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों के दम पर देश-दुनिया में अलग पहचान बनाई है। योगी सरकार द्वारा 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित किए जा रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार काशी की इसी समृद्ध विरासत, हुनर और उत्पादों को एक बार फिर वैश्विक मंच मिलने जा रहा है। 

      जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि वाराणसी से 8 निर्यातकों ने ट्रेड शो में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस में काशी के पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों का संगम देखने को मिलेगा। सहायक आयुक्त उद्योग केशव यादव ने बताया कि योगी सरकार यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के साथ ही इसमें प्रतिभाग करने वाले निर्यातकों को सब्सिडी भी प्रदान कर रही है।  

    ॐ और मंत्र मुद्रित योग शॉल और गाउन से लेकर सजावट के सामान तक होंगे प्रदर्शित

    काशी की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भूमि एक बार फिर अपने अनूठे और पारंपरिक उत्पादों के साथ वैश्विक पटल पर चमकने के लिए तैयार है। यहां के उद्यमी अपनी सदियों पुरानी कला और परंपरा को आधुनिक बाजार की जरूरतों के साथ खूबसूरती से जोड़ते नजर आयेंगे। शिवम् आर्ट्स एक्सपोर्ट के निदेशक अभिषेक केशरी ने बताया कि योगी सरकार द्वारा एक बड़ा प्लेटफार्म दिया जा रहा है। ट्रेड शो में  विशेष रूप से  डिजाइन किए गए ॐ और मंत्र मुद्रित योग शॉल ,स्कार्फ़ और गाउन भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इन शॉल को योग और ध्यान के अनुभव को अधिक आध्यात्मिक एवं सहज बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।  इसके अलावा निर्यातक सिल्क ब्रोकेड कुशन कवर, टेबल रनर, वाल हैंगिंग और आकर्षक बेड कवर भी प्रदर्शित करेंगे, जो घर की सजावट और पारंपरिक परिधान प्रेमियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।

    अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले 100 प्रतिशत रिसाइकिल बैग उत्पादों की भी होगी प्रदर्शनी

    आर.ए.एस पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से फ्लेक्सिबल इंटरमीडिएट बल्क कंटेनर्स (एफ.आई.बी.सी) बैग ,मल्टीफिलामेंट यार्न और अन्य उत्पादों प्रदर्शित किए जायेंगे। एफ.आई.बी.सी को जंबो बैग, बल्क बैग,बिग बैग या टनल बैग के नाम से भी जाना जाता है। यह पी.पी. कपड़े से बना औद्योगिक बैग है, जिसका उपयोग विभिन्न वस्तुओं के भंडारण और परिवहन के लिए किया जाता है। यह उत्पाद  लगभग 100 प्रतिशत रिसाइकिल  उपयोग करके उत्पाद तैयार किया जाता है।

    वर्जन 
    पिछले वर्ष यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कंपनी को अच्छा व्यवसाय और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। इसी अनुभव के कारण इस वर्ष भी कंपनी ने ट्रेड शो में भाग लेने का निर्णय लिया है। योगी सरकार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के द्वारा काशी के उद्यमियों और निर्यातकों के लिए अपने उत्पादों को देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बना रही है।
    आर.के. चौधरी, डायरेक्टर, आर.ए.एस पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड 

    वर्जन 
    यूपीआईटीएस में पहले भाग ले चुके निर्यातकों ने बताया कि इस आयोजन से अच्छा व्यापार मिलता है। हम पहली बार इस ट्रेड शो में शामिल होंगे, यहां स्टॉल किफायती है और खरीदारों से सीधे संपर्क का अवसर मिलेगा। बिचौलियों के न होने से लाभ अधिक होगा। योगी सरकार हम जैसे उद्यमियों को अपने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर दे रही है। 
     
    असरार अहमद, निदेशक, असरार अहमद साड़ीज़

  • मेरठ में युवाओं से संवाद करेंगे योगी आदित्यनाथ, क्रांतिधरा से गूंजेगी नई पीढ़ी की आवाज; BJP के बड़े नेता भी होंगे शामिल

    मेरठ में युवाओं से संवाद करेंगे योगी आदित्यनाथ, क्रांतिधरा से गूंजेगी नई पीढ़ी की आवाज; BJP के बड़े नेता भी होंगे शामिल

    युवाओं के बीच योगी, क्रांतिधरा से गूंजेगा संवाद

    – सुभारती विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे युवाओं से सीधा संवाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी रहेंगे मौजूद

    – युवा सम्मेलन के बाद पश्चिमी क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों का सम्मेलन, संगठन की जमीनी तैयारियों पर भी मंथन

    मेरठ
     सोमवार को क्रांतिधरा मेरठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के युवा संवाद की साक्षी बनेगी। सुभारती विश्वविद्यालय के मांगल्य प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ युवाओं के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री का करीब पांच घंटे का मेरठ प्रवास प्रस्तावित है। युवा सम्मेलन के बाद इसी परिसर में पश्चिमी क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों का सम्मेलन होगा।

    युवा संवाद को लेकर सुभारती विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम में युवाओं के साथ संवाद के जरिए उनके सवालों और प्रदेश में शिक्षा, रोजगार, कौशल, उद्यमिता व भविष्य के अवसरों से जुड़े विषयों पर चर्चा की संभावना है। मुख्यमंत्री के संबोधन का विस्तृत एजेंडा हालांकि अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए उनके संबोधन के विषयों को लेकर अंतिम दावा नहीं किया जा सकता। नितिन नबीन भी युवाओं से संवाद करेंगे। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार युवा सम्मेलन के बाद शक्ति केंद्र सम्मेलन प्रस्तावित है।

    युवा शक्ति के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी

    मुख्यमंत्री के युवा संवाद को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं। युवाओं के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगी। युवा सम्मेलन के बाद भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र की संगठनात्मक गतिविधियां भी इसी परिसर में आगे बढ़ेंगी। इसके लिए अलग जर्मन हैंगर तैयार किया गया है, जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शक्ति केंद्र संयोजकों और मंडल अध्यक्षों की भागीदारी होगी।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मेरठ प्रवास के दौरान युवा संवाद के साथ संगठनात्मक बैठकों का भी कार्यक्रम है। रिपोर्टों के अनुसार पश्चिमी क्षेत्र के करीब पांच हजार शक्ति केंद्र संयोजकों से संवाद प्रस्तावित है। बूथ स्तर की सक्रियता, संगठन की तैयारियों और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कार्ययोजना पर चर्चा होगी।

    पांच घंटे में युवा संवाद से संगठन तक
    मुख्यमंत्री का मेरठ प्रवास करीब पांच घंटे का प्रस्तावित है। वह सुबह करीब 11 बजे सुभारती विश्वविद्यालय पहुंचेंगे और युवा सम्मेलन तथा शक्ति केंद्र सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद शाम करीब चार बजे उनके लौटने का कार्यक्रम बताया गया है।
    वहीं नितिन नबीन का मेरठ प्रवास करीब 24 घंटे का रहेगा। युवा संवाद और शक्ति केंद्र सम्मेलन के बाद वह पश्चिमी क्षेत्र के सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। होटल ब्रावुरा में भी संगठनात्मक बैठकें प्रस्तावित हैं। अगले दिन उनका सहारनपुर जाने का कार्यक्रम है।
    इस तरह सोमवार को मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम युवा संवाद के साथ शुरू होकर संगठनात्मक संवाद तक पहुंचेगा। सुभारती विश्वविद्यालय का परिसर दिनभर युवा शक्ति और संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बना रहेगा।

  • जिनपिंग के स्वागत को तैयार ट्रंप, चीन पर सख्ती के बाद अब रिश्तों में क्यों आई नरमी?

    जिनपिंग के स्वागत को तैयार ट्रंप, चीन पर सख्ती के बाद अब रिश्तों में क्यों आई नरमी?

    वाशिंगटन
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी चीन को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बताते थे। उनका कहना था कि बीजिंग ने अमेरिकी कारखानों को कमजोर किया और मध्यम वर्ग को नुकसान पहुंचाया। इसी सख्त रुख के साथ वह करीब एक दशक पहले व्हाइट हाउस पहुंचे थे। लेकिन अब ट्रंप का चीन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रति रवैया काफी नरम नजर आ रहा है। जिनपिंग 24 सितंबर को अमेरिका की यात्रा पर पहुंचेंगे और ट्रंप उनके सम्मान में राजकीय डिनर देंगे। ट्रंप ने हाल में जिनपिंग को ‘बड़ा सज्जन’ बताया और कहा कि दोनों के रिश्ते बहुत अच्छे हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से जुड़े कई मुद्दों पर पहले जैसा कड़ा रुख नहीं अपनाया है। ईरान को चीन की ओर से कथित तौर पर सैटेलाइट तस्वीरें दिए जाने की खबरों पर भी उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ने सही बर्ताव किया है। 2020 में ट्रंप ने चीन पर अमेरिकी मतदाता रिकॉर्ड तक पहुंच बनाने का आरोप लगाया था, लेकिन अब उन्होंने जवाबी कार्रवाई को लेकर भी सावधानी दिखाई है। इस बीच चीन विनिर्माण के साथ AI और इलेक्ट्रिक गाड़ियों जैसी नई तकनीकों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। इससे अमेरिका समेत कई औद्योगिक देशों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।

    चीन पर भारी टैरिफ का क्या निकला नतीजा
    डोनाल्ड ट्रंप ने चीन का रुख बदलने के लिए भारी टैरिफ और तकनीकी पाबंदियों का सहारा लिया था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इससे बेहतर नतीजे नहीं मिले। चीन ने इलेक्ट्रॉनिक सामान में इस्तेमाल होने वाले दुर्लभ खनिजों पर अपनी मजबूत पकड़ का इस्तेमाल करते हुए दबाव बनाया और दूसरे बाजारों में भी सामान की बिक्री बढ़ाई। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के सीनियर सलाहकार माइकल कोवरिग के मुताबिक, ट्रंप का शुरुआती तरीका सफल नहीं हुआ और दबाव की लड़ाई में जिनपिंग को बढ़त मिली। ट्रंप के कदमों से अमेरिका के पुराने सहयोगियों के साथ रिश्तों पर असर पड़ा है।

    AI पावर और सैन्य क्षमता बढ़ा रहा बीजिंग
    इसके बावजूद, दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। चीन AI और सैन्य क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है, जबकि ट्रंप प्रशासन दुर्लभ खनिजों के लिए साझेदारी और अमेरिका में एआई के विकास पर जोर दे रहा है। चीन पर अमेरिकी AI मॉडलों से अपनी कंपनियों को ट्रेनिंग देने के आरोप भी हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि चीन को केवल एआई के मामले में खराब कहना सही नहीं है। इसे बड़े पैमाने पर देखने की जरूरत है।

    अमेरिका-चीन के रिश्ते में तनाव
    राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल (2017-21) में भी अमेरिका-चीन रिश्तों में बड़ा तनाव देखने को मिला था। 2018 में ट्रंप प्रशासन ने चीनी सामान पर भारी टैरिफ लगाकर व्यापार युद्ध शुरू किया, जिसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर टैरिफ बढ़ाया। कोरोना महामारी, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, हांगकांग और शिनजियांग जैसे मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़े। जो बाइडेन के कार्यकाल (2021-25) में रिश्तों में सुधार की सीमित कोशिशों के बावजूद रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जारी रही। बाइडेन ने ट्रंप के ज्यादातर टैरिफ बरकरार रखे और सेमीकंडक्टर समेत कई तकनीकों पर चीन के लिए निर्यात प्रतिबंध बढ़ाए। यानी दोनों कार्यकालों में चीन को लेकर अमेरिकी नीति सख्त रही।

  • UP ट्रेड शो में देश-दुनिया चखेगी यूपी का स्वाद, 16 शहरों के मशहूर व्यंजनों का लगेगा मेला

    UP ट्रेड शो में देश-दुनिया चखेगी यूपी का स्वाद, 16 शहरों के मशहूर व्यंजनों का लगेगा मेला

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदेश की औद्योगिक, कारोबारी और उद्यमशील ताकत के साथ ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा भी देश-दुनिया के सामने दिखाई देगी। ट्रेड शो के फूड कोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों और क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को एक ही स्थान पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके माध्यम से आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के विशिष्ट स्वाद का अनुभव एक ही परिसर में मिलेगा।

    ‘यूपी का स्वाद’ में दिखेगी प्रदेश की खानपान विरासत
    फूड कोर्ट में ‘यूपी का स्वाद’ के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध व्यंजनों को स्थान दिया गया है। यहां मोदीनगर की जैन शिकंजी, खुर्जा की खुरचन, मुरादाबाद की मुरादाबादी दाल और बिस्कुट रोटी, नोएडा की गुर्जरी थाली, लखनऊ के गलौटी कबाब, टुंडे कबाब और लखनवी बिरयानी तथा वाराणसी का बनारसी पान, टमाटर चाट और कुल्हड़ चाय उपलब्ध रहेगी। इसी क्रम में कानपुर की दही-जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा और बेढ़ई संग आलू सब्जी और दालमोट, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज की तहरी, लस्सी और चाट, गोरखपुर का ठेकुआ, बलिया की लिट्टी-चोखा, झांसी का पोहा और बालूशाही, बरेली की आलू टिक्की और सींक कबाब, मेरठ की रेवड़ी और गजक, अयोध्या की गुझिया तथा देसी घी की मिठाइयां, इटावा के मठा के आलू, मुजफ्फरनगर की गजक और गन्ने से जुड़े उत्पाद तथा बरेली की आलू टिक्की और सींक कबाब जैसे स्थानीय स्वाद भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

    ‘यूपी की खाऊ गली’ में दिखेगा क्षेत्रीय स्वाद
    ट्रेड शो में ‘यूपी की खाऊ गली’ भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें बनारस का स्वाद, कानपुर का स्वाद, इलाहाबाद का स्वाद, अवध के व्यंजन, जौनपुर का स्वाद, लखीमपुर का स्वाद, अलीगढ़ का स्वाद, आगरा का स्वाद, मुरादाबाद का स्वाद, खुर्जा का स्वाद, नोएडा का स्वाद, बरेली का स्वाद, गाजियाबाद का स्वाद, बलिया का स्वाद, गोरखपुर का स्वाद और गाजीपुर का स्वाद सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के खानपान को प्रस्तुत किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट खानपान परंपराओं को एक बड़े मंच पर प्रदर्शित करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों और उनसे जुड़े कारोबार को भी व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।

    ग्रामीण आजीविका से जुड़े उत्पादों को भी मिलेगा मंच
    फूड कोर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का विशेष फूड स्टॉल भी होगा। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार किए जाने वाले व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका से जुड़े समूहों को अपने उत्पादों को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही फूड कोर्ट में विभिन्न लोकप्रिय खाद्य प्रतिष्ठानों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनमें डोमिनोज, वॉव मोमोज, सबवे, वॉव चाइना, केवेंटर, चायोस, टैको बेल, केएफसी, बीकानेरवाला, कोक, बर्गर किंग, सीजन्स कैफे, डोसा किचन, बिटवीन द ब्रेड, बरिस्ता कॉफी, फैट रोल और फ्रूट जूस बार शामिल हैं।

    उद्योग और निवेश के साथ दिखेगी यूपी की सांस्कृतिक पहचान
    योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को निवेश, उद्योग और निर्यात के साथ-साथ अपनी स्थानीय पहचान को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी व्यापक प्रयास का महत्वपूर्ण मंच है, जहां प्रदेश की औद्योगिक क्षमता के साथ स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, खानपान और उद्यमिता को भी प्रदर्शित किया जाता है। फूड कोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के व्यंजनों को एक साथ प्रस्तुत किए जाने से उत्तर प्रदेश की विविधता में एकता और समृद्ध खानपान परंपरा भी सामने आएगी। देश-विदेश से आने वाले खरीदारों, निवेशकों, उद्यमियों और आगंतुकों के लिए यह प्रदेश की आर्थिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक और स्थानीय पहचान से परिचित होने का अवसर भी बनेगा।

    स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच से जोड़ने की पहल
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उद्योग, निवेश और कारोबार के साथ प्रदेश के स्थानीय स्वाद को शामिल करना ‘स्थानीय से वैश्विक’ की अवधारणा को विस्तार देता है। एक ही परिसर में पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्वादों की मौजूदगी प्रदेश की खानपान विविधता को रेखांकित करेगी। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में जहां उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी क्षमता दुनिया के सामने प्रस्तुत होगी, वहीं ‘यूपी का स्वाद’ और ‘यूपी की खाऊ गली’ के माध्यम से प्रदेश की मिट्टी से जुड़े स्वाद और परंपराओं की खुशबू भी देश-दुनिया तक पहुंचेगी।

     

  • H-1B Visa शुल्क पर ट्रंप प्रशासन का नया आदेश, 21 सितंबर 2027 तक देनी होगी $1 लाख फीस

    H-1B Visa शुल्क पर ट्रंप प्रशासन का नया आदेश, 21 सितंबर 2027 तक देनी होगी $1 लाख फीस

    वॉशिंगटन
     अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B गैर-अप्रवासी वीजा के लिए 100,000 डॉलर का शुल्क लगाने वाले कार्यकारी आदेश को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। यह जानकारी व्हाइट हाउस ने दी है। H-1B वीजा अमेरिका का एक अस्थायी गैर अप्रवासी वीजा है। इस वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां आईटी, इंजीनियरिंग और विज्ञान जैसे विशेष क्षेत्रों में विदेशी कुशल पेशेवरों को नियुक्त करती हैं। हर साल लॉटरी के जरिए 85,000 H-1B वीजा जारी किए जाते हैं।

    ट्रंप ने H-1B वीजा के शुल्क की अवधि बढ़ाई
    ट्रंप H-1B वीजा के कड़े आलोचकों में गिने जाते हैं। उन्होंने शुरू से ही इस वीजा प्रोग्राम की आलोचना की है। पहले H-1B वीजा पर फीस को 100000 डॉलर तक बढ़ा दिया था। शुरुआत में यह आदेश सिर्फ एक साल के लिए था, जिसे अब एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब 21 सितंबर 2027 तक H-1B वीजा के लिए 100000 डॉलर की फीस भरनी होगी।

    H-1B वीजा पर अमेरिकी अदालतों में सुनवाई
    हालांकि, ट्रंप के H-1B वीजा शुल्क को अदालतों में कानूनी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है। बोस्टन स्थित एक अपीलीय अदालत जून में एक संघीय न्यायाधीश द्वारा दिए गए फैसले की समीक्षा कर रही है , जिसमें ट्रंप प्रशासन के लगाए गए उच्च शुल्क को अवैध करार दिया गया था और सरकार को इसे वसूलने से रोक दिया गया था। एक अन्य अदालत इस बात पर विचार कर रही है कि क्या न्यायाधीश ने अमेरिकी व्यापार संघ के सबसे बड़े लॉबिंग समूह, यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा शुल्क को चुनौती देने वाली याचिका को उचित रूप से खारिज कर दिया था।

    ट्रंप ने H-1B वीजा का शुल्क कब बढ़ाया था?
    H-1B वीजा शुल्क वृद्धि के लिए ट्रंप का प्रारंभिक आदेश पहली बार सितंबर 2025 में जारी किया गया था। वह आदेश इस महीने समाप्त होने वाला था। यह आदेश उन विदेशी नागरिकों को दिए गए वीजा पर लागू नहीं होता था जो पहले से ही छात्र वीजा पर संयुक्त राज्य अमेरिका में हैं, जो नए एच-1बी प्राप्तकर्ताओं का एक बड़ा हिस्सा हैं, या मौजूदा वीजा के नवीनीकरण पर भी लागू नहीं होता था।

    H-1B वीजा का इस्तेमाल किस लिए होता है?
    ट्रंप की आलोचना के बावजूद कि कुछ कंपनियां अमेरिकियों के बजाय कम वेतन वाले विदेशी श्रमिकों को काम पर रखने के लिए H-1B वीजा का उपयोग करती हैं। व्यापार समूह और कंपनियों का कहना है कि वे H-1B वीजा के जरिए उच्च कुशल पेशेवरों की भर्ती इसलिए करती हैं, ताकि कुछ उद्योगों में योग्य अमेरिकी श्रमिकों की कमी को दूर किया जा सके। कांग्रेस द्वारा 1990 में स्थापित किया गया H-1B वीजा, भारत और चीन से भर्ती करने की इच्छुक प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।