Author: NewseDay

  • भोपाल में गुटखा फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई, संचालक गिरफ्तार; 60 करोड़ की चोरी

    भोपाल में गुटखा फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई, संचालक गिरफ्तार; 60 करोड़ की चोरी

     भोपाल
     गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) इंटेलिजेंस विभाग ने भोपाल में तंबाकू और गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारकर 60 करोड़ रुपये से अधिक की कथित टैक्स चोरी का पता लगाया है।

    शहर के नवाबगंज इलाके में स्थित यह फैक्ट्री कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से चलाई जा रही थी और इसके परिसर में मशीनें छिपाई गई थीं। यहां गुरु ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद बनाए जा रहे थे।

    छापेमारी के दौरान जीएसटी इंटेलिजेंस के अधिकारियों को बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के साक्ष्य मिले। विभाग वित्तीय अनियमितताओं की पूरी स्थिति का पता लगाकर रहा है। इसके लिए जांच जारी है।

    मामले में फैक्ट्री संचालक सुरेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारी यह भी पता कर रहे हैं कि इस फैक्ट्री के संचालन में और किन-किन लोगों की भूमिका है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर विवाद, राहुल गांधी पर BJP-JDU का हमला

    इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर विवाद, राहुल गांधी पर BJP-JDU का हमला

     पटना
     इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मिमिक्री को लेकर बिहार में भी सियासत गरमा गई है।

    कार्यक्रम के वीडियो को लेकर भाजपा और जदयू नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ प्रतिक्रिया दी है। कार्यक्रम के दौरान स्टैंडअप कॉमेडियन ने मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री की थी। इसका वीडियो वायरल हुआ।  

    सम्राट चौधरी बोले- संवाद का स्तर मर्यादित और गरिमापूर्ण होना चाहिए
    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए इंदौर के कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ करार दिया।

    उन्होंने लिखा कि इंदौर में ‘झूठ की गूंज’ के मंच से राहुल गांधी ने एक बार फिर बुजुर्ग महिला का मजाक उड़ाया। सम्राट चौधरी ने कहा कि किसी की मां और संवेदनशील विषयों को राजनीतिक उपहास का विषय बनाना लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

    उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवाद का स्तर मर्यादित और गरिमापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से मुद्दों, विचारों और नीतियों पर स्वस्थ बहस करने की अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत उपहास और कटुता का रूप देने से बचना चाहिए।

    श्रवण कुमार बोले- लोकतंत्र में लोग अपनी इच्छा से काम करते हैं
    बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने मामले पर कहा कि लोकतंत्र में लोग अपनी इच्छा के अनुसार काम करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम के संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया दी।

    जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने भी इंदौर के कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने व्यक्तिगत लांछन लगाने को दिमागी दिवालियापन और ज्ञान का अभाव करार दिया। उनका कहना था कि राजनीतिक बहस मुद्दों पर होनी चाहिए।

    संजय सरावगी ने कहा- नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा का सवाल
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम को लेकर कहा कि यह नेता प्रतिपक्ष के पद के विरुद्ध अत्यधिक अमर्यादित आचरण है।

     

  • सरकारी बस सेवा पर संकट, पंजाब में कल से 5500 कर्मचारी हड़ताल पर

    सरकारी बस सेवा पर संकट, पंजाब में कल से 5500 कर्मचारी हड़ताल पर

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़. त्योहारी और कामकाजी सीजन के बीच पंजाब की सड़कों पर एक बार फिर परिवहन सेवाएं ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।

    अपनी लंबित मांगों और सेवाओं को नियमित कराने की मांग को लेकर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के लगभग 6500 अनुबंध कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं। यूनियन की घोषणा के मुताबिक आगामी 22 सितंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी, जिसके चलते करीब 2700 से ज्यादा सरकारी बसों के पहिए थम सकते हैं। इस बड़े फैसले से रोजाना सफर करने वाले आम यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।

    साढ़े चार साल से टल रही है नियमितीकरण की मांग
    चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी पिछले साढ़े चार साल से लगातार अपनी नौकरी पक्की करने और शोषणकारी ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने की गुहार लगा रहे हैं। सरकार के नुमाइंदों के साथ इस सिलसिले में अब तक 60 से 65 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा है। बीते 17 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ होने वाली अहम बैठक भी ऐन वक्त पर रद्द कर दी गई, जिसके बाद कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा।

    पीएफ, ईएसआई और किलोमीटर स्कीम पर गंभीर आरोप
    यूनियन के महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने ठेकेदारों के मार्फत काम कर रहे कर्मियों के भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के नाम पर हो रहे कथित शोषण का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कागजी दावों के उलट धरातल पर कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। इसके साथ ही यूनियन ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकारी बेड़े की करीब 800 बसें कंडम घोषित हो चुकी हैं, तो नई बसें खरीदने के बजाय किलोमीटर स्कीम को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है? वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने कहा कि सरकारी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की बजाय इसे कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।

    मंत्रियों के आवास के बाहर प्रदर्शन और आर-पार का अल्टीमेटम
    यूनियन नेताओं ने दोटूक शब्दों में चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 22 सितंबर को होने वाले चक्का जाम के साथ-साथ कर्मचारी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के सरकारी आवासों के बाहर भी जोरदार धरने-प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा आंदोलन के दौरान पूर्व में कर्मचारियों पर दर्ज किए गए पुलिस मामलों को वापस लेने और जेलों में बंद साथियों की रिहाई की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है। बहरहाल, यदि इस गतिरोध को समय रहते बातचीत के जरिए नहीं सुलझाया गया, तो आने वाले दिनों में पंजाब की सड़कों पर यात्रियों का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

  • पारुल चौधरी से गुलवीर सिंह तक, एशियन गेम्स में यूपी के इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद

    पारुल चौधरी से गुलवीर सिंह तक, एशियन गेम्स में यूपी के इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद

    लखनऊ
    आईची-नागोया में एशिया में खेलों में एशिया का सिरमौर बनने के लिए जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। भारतीय दल में करीब दो दर्जन खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से भी हैं। राज्य के खिलाड़ी अपना पिछला रिकार्ड पीछे छोड़ने की चाह लिए एशियाई खेलों में पहुंचे हैं। पिछले यानी हांगझोऊ एशियाई खेल में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल सात स्वर्ण समेत 24 पदक जीते थे। इस बार और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
    पारुल चौधरी

    पिछले एशियाई खेलों में उत्तर प्रदेश के 39 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस बार करीब दो दर्जन खिलाड़ी हैं। पदक की सबसे बड़ी आस मेरठ की एथलीट पारुल चौधरी हैं। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में दो स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था और एक में स्वर्ण और एक में रजत पदक जीते थे। इस बार वह तीन स्पर्धाओं यानी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी। वह 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज में एशिया की सर्वश्रेष्ठ एथलीट हैं। उन्हें दो स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

    गुलवीर सिंह
    गुलवीर सिंह लंबी दूरी की दौड़ में एशिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीट हैं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में उन्होंने एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। पिछले एशियाई खेलों में उन्होंने 10000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। इस बार गुलवीर तीन स्पर्धाओं यानी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10000 मीटर की दौड़ में हिस्सा लेंगे। तीनों में उनसे पदक की उम्मीद है। 10000 मीटर दौड़ में उनका स्वर्ण अभी से पक्का माना जा रहा है।

    इनके अलावा एथलेटिक्स में जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव, लांग जंपर शैली सिंह और हैमर थ्रो की सबसे युवा राष्ट्रीय रिकार्डधारी अस्मिता यादव भी पदक के दावेदार हैं। प्राची चौधरी 400 मीटर और 4 गुणा 400 मीटर रिले में हिस्सा लेंगी। इसमें रिले में उनसे पदक की पूरी उम्मीद है।

    राजकुमार पाल
    पेरिस ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता राजकुमार पाल से पदक की पूरी उम्मीद है। हाकी टीम पिइछले एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता है। इस बार भी उसे स्वर्ण का दावेदार माना जा रहा है।

    दीप्ति शर्मा और विप्रज निगम
    पिछले एशियाई खेलों इस बार भारतीय महिला व पुरुष टीम के चैंपियन बनने की पूरी उम्मीद है। ऐसे महिला टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा और विप्रज निगम के खाते में पदक आने तय हैं।

    ये खिलाड़ी भी पदक के दावेदार
    पिछले बार की चैंपियन कबड्डी टीम की तरफ से स्वर्ण जीतने वाली अर्जुन देशवाल इस बार भी टीम में शामिल हैं। उनसे इस बार भी राज्य को पदक को उम्मीद है। ऐसे ही पिछले एशियाई खेलों के पदक विजेता नौकायन खिलाड़ी अरविन्द कुमार भी पदक के दावेदार हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जूडोका अस्मिता डे एशियाई खेलों में भी पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। उन्हें जापान और चीन जैसे देशों से टक्कर लेनी पड़ेगी। ये देश राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं होते हैं। भारतीय दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्षीय निशानेबाज मेराज अहमद खान का यह चौथा एशियाई खेल होगा।

    यूपी के खिलाड़ियों के पास इस बार पदक जीतने के अच्छे मौके हैं। खासकर पारुल चौधरी, जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव और गुलवीर सिंह जैसे खिलाड़ियों से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। पारुल ने पिछली बार भी धमाकेदार प्रदर्शन किया था। रोहित लगातार प्रभावित कर रहे हैं। इस बार उत्तर प्रदेश से एथलेटिक्स की सबसे बड़ी टीम गई है, जिसमें 14 खिलाड़ी शामिल है। इसलिए पदक भी अधिक आने चाहिए।
    जेएस भाटिया, द्रोणाचार्य अवार्डी एवं अंतरराष्ट्रीय     
         एथलेटिक्स कोच    

     

  • मोहम्मद शमी की सियासी पारी की अटकलें तेज, जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद अमरोहा सीट चर्चा में; अभी आधिकारिक ऐलान नहीं

    मोहम्मद शमी की सियासी पारी की अटकलें तेज, जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद अमरोहा सीट चर्चा में; अभी आधिकारिक ऐलान नहीं

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी के बीच सियासी तिकड़मबाजी भी शुरू होती दिखाई दे रही है, जिसकी एक तस्वीर रविवार को दिल्ली से सामने आई. भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के साथ मुलाकात की. इसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. दिल्ली से लेकर अमरोहा तक राजनीति गरमा गई है। 

    जयंत और मोहम्मद शमी की मुलाकात का कनेक्शन आगामी यूपी चुनाव से बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी अब अपने सियासी सफर की शुरुआत करने जा रहे हैं, वे अमरोहा सदर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में किस्मत आजमा सकते हैं?

    आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से मोहम्मद शमी की मुलाकात की तस्वीर को शेयर किया. इसके बाद ही सियासी कयास लगाए जाने लगे हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या सपा के लिए मजबूत मानी जाने वाली अमरोहा सीट को शमी आरएलडी के लिए सियासी उपजाऊ बना पाएंगे?

    शमी क्या अमरोहा सीट से लड़ेंगे चुनाव?
    आरएलडी सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद शमी की जयंत चौधरी से खुद के लिए या फिर अपने भाई के लिए अमरोहा से विधानसभा चुनाव में लड़ने को लेकर बातचीत हुई है. हालांकि, अभी तक दोनों ही तरफ से औपचारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। 

    मोहम्मद शमी करीब डेढ़ साल से इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर हैं. हाल के वेस्टइंडीज दौरे को लेकर घोषित टीम में उनके नाम की चर्चा तक नहीं हुई. मोहम्मद शमी ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 9 मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. इसके बाद से वे भारतीय टीम से बाहर हैं. शमी की भारतीय टीम में वापसी को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं. इसके बाद उनके सियासत में आने की चर्चा हुई। 

    जयंत चौधरी से रविवार को शमी की मुलाकात ने एक नई सियासी चर्चा को जन्म दे दिया है. मोहम्मद शमी अमरोहा सदर तहसील के सहसपुर अलीनगर के रहने वाले हैं. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वे अपने सियासी सफर की शुरुआत गृह जिले से करना चाहते हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से दिल्ली में मुलाकात की। 

    सपा का मजबूत गढ़ भेदने का प्लान
    अमरोहा का इलाका मुस्लिम और जाट बहुल माना जाता है. सपा के महबूब अली लंबे समय से इस सीट से विधायक हैं. 2027 में उनका टिकट सपा से कन्फर्म माना जा रहा है. बीजेपी और रालोद के गठबंधन के तहत अमरोहा सीट जयंत चौधरी के खाते में जा सकती है. ऐसे में आरएलडी को इस सीट से किसी दिग्गज मुस्लिम नेता की तलाश है, जिसके तहत ही वह मोहम्मद शमी से मिली। 

    सूत्रों की मानें तो मोहम्मद शमी अपने बड़े भाई मोहम्मद हसीब को अमरोहा सीट से चुनाव लड़ाना चाहते हैं. हसीब ही गांव में रहकर सारा कामकाज देखते हैं और राजनीति में उतरने की वो लंबे समय से प्लानिंग कर रहे हैं. हालांकि, आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी चाहते हैं कि मोहम्मद शमी खुद अमरोहा से किस्मत आजमाएं। 

    अमरोहा सीट का सियासी समीकरण
    अमरोहा विधानसभा सीट पर पहला विधानसभा चुनाव 1957 में हुआ था. वर्तमान में यह सीट सपा के अभेद्य किले में तब्दील हो गई है. महबूब अली इस सीट से 2002 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। 

    पिछले चार चुनावों से वे सपा के टिकट पर जीते हैं. इससे पहले 2002 में पहली बार वो शराब कारोबारी डीपी यादव की राष्ट्रीय परिवर्तन दल से जीते थे. इसके बाद उन्होंने सपा का दामन थाम लिया था. 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के महबूब अली ने भाजपा के राम सिंह को 71 हजार वोटों से हराया था. महबूब अली को एक लाख 28 हजार 735 और राम सिंह को 57 हजार 699 वोट मिले थे। 

    अमरोहा विधानसभा सीट मुस्लिम बहुल मानी जाती है, यहां करीब 3.25 लाख वोटरों में से करीब दो लाख मुस्लिम वोटर हैं. इनमें सबसे बड़ी आबादी तुर्क बिरादरी की है, जिससे मोहम्मद शमी आते हैं, इसके अलावा मलिक वोट भी अच्छा खासा है. यहां पांच चुनावों से समाजवादी पार्टी के महबूब अली लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं, वे सपा सरकार में मंत्री भी रहे थे. महबूब अली की मुसलमानों के साथ-साथ हिंदू वोटों पर अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है। 

  • हॉकी की नर्सरी को मिलेगी नई सौगात, जनवरी में बिछेगा नया टर्फ

    हॉकी की नर्सरी को मिलेगी नई सौगात, जनवरी में बिछेगा नया टर्फ

    राजनांदगांव.

    ‘हॉकी की नर्सरी’ को आगामी जनवरी माह तक नए एस्ट्रोटर्फ की सौगात मिल जाएगी। पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिल्ली की एजेंसी को वर्क आर्डर जारी कर दिया है, जिसके बाद युध्द स्तर पर पुराना एस्ट्रोटर्फ को हटाने की कवायद शुरू हो गई है।

    एस्ट्रोटर्फ तैयार होने के बाद अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन हो सकेगा। बता दें कि 11 साल पहले 22 करोड़ की लागत से पूरे स्टेडियम का निर्माण कराया गया था, जिसमें एस्ट्रोटर्फ भी शामिल था। लेकिन टर्फ के खराब होने, सतह उखड़ने और जगह- जगह कीचड़ व काले धब्बे जमने के कारण न केवल खिलाड़ियों का खेलने एक तरह से बंद हो गया था, बल्कि 80 सालों से चली आ रही अखिल भारतीय महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन की परंपरा खत्म हो गई थी।

    पिछले वर्ष मिली स्वीकृति के बाद अब करीब 5.64 करोड़ रुपए की लागत से नया एस्ट्रोटर्फ बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। शनिवार से पुराने टर्फ को उखाड़ने का काम मजदूरों ने शुरू कर दिया है। एक सप्ताह में इसे पूरी तरह से उखाड़ दिया जाएगा। इसके बाद नया टर्फ लगाने का काम शुरू होगा।
    एस्ट्रोटर्फ बदलने के बाद वहां अन्य संसाधनों की भी जरूरत है। बहरहाल, टर्फ को धोने वाली स्प्रंकलर खराब हो चुका है, उसे सुधारना जरूरी होगा, जिसके बाद ही मैच हो सकेंगे। इसी तरह फ्लड लाइट की लंबे समय से मांग की जा रही है। वहीं पवेलियन के दोनों साइड धूप से बचने कुर्सी के उपर शेड लगाने की भी मांग की गई है।

  • छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार, वीबी-जीरामजी के तहत 318 से बढ़कर 375 हुए अनुमेय कार्य

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार, वीबी-जीरामजी के तहत 318 से बढ़कर 375 हुए अनुमेय कार्य

    रायपुर : वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    जल संरक्षण से लेकर सड़क, स्कूल, पंचायत भवन, आजीविका, कृषि, पशुपालन और आपदा प्रबंधन के कार्य शामिल

    छत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा विस्तार

    रायपुर

     

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को रोजगार, आजीविका और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ने की दिशा में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या अब 318 से बढ़ाकर 375 कर दी गई है। 

           उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने अनुमेय कार्यों की संख्या में वृद्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या 318 से बढ़कर 375 होने से विकास कार्यों को गति प्राप्त होगी और ग्रामीण विकास सुदृढ होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का लाभ केवल मजदूरी भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से गांवों में ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेंगी।

            शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए वीबी-जीरामजी के तहत 3,354.85 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन प्रदान किया गया है। मिशन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों की मजदूरी दर 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन की गई है। रोजगार के दिनों में वृद्धि, मजदूरी दर में सुधार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का यह समन्वय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा तथा गांवों के समग्र विकास को नई गति देगा।
           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत/2047 की परिकल्पना में गांवों को विकास की केंद्रीय इकाई के रूप में महत्व दिया है। वीबी-जीरामजी के माध्यम से रोजगार, आजीविका, जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को एक साथ जोड़ने का प्रयास इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है।

    क्यूआर कोड से मिलेगी अनुमेय कार्यों की जानकारी
           उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत 375 अनुमेय कार्यों को 4 मुख्य श्रेणियों और 30 उप-श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है। इनमें 68 प्रकार के व्यक्तिगत कार्य, 99 प्रकार के मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्य तथा समूह और सामुदायिक उपयोगिता से जुड़े कार्य शामिल हैं। अनुमेय कार्यों की जानकारी प्रत्येक ग्रामीण तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए राज्य में क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अनुमेय कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    2027 तक हर बालिका के लिए स्कूलों में शौचालय का लक्ष्य
          वीबी-जीरामजी की कार्य-सूची में शासकीय विद्यालयों की अधोसंरचना को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, प्रयोगशालाएं, रसोई शेड, परिसर की दीवार और खेल मैदान जैसे कार्य इसके अंतर्गत किए जा सकेंगे।
          इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 26 जनवरी 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। यह पहल बालिकाओं की गरिमा, स्वच्छता और विद्यालयों में बेहतर सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय की दिशा में आगे बढ़ रहा राज्य
          ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सामुदायिक अधोसंरचना के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा हर गांव में मुक्तिधाम निर्माण का संकल्प लिया गया है। 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वीबी-जीरामजी में श्मशान घाट तथा अन्य सामुदायिक अधोसंरचना से संबंधित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी अनुमेय बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10 हजार से अधिक बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा।

    जल सुरक्षा से लेकर भूजल पुनर्भरण तक
          अनुमेय कार्यों की पहली मुख्य श्रेणी में जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनमें नहर, बाढ़ नियंत्रण चौनल, चेकडैम, गली प्लग, भूमिगत डाइक, तालाबों का पुनर्जीवन, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट और रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, सिंचाई कुएं, माइक्रो एवं ड्रिप सिंचाई चौनल, वाटरशेड भूमि का पुनरुद्धार, वनीकरण एवं पौधरोपण, मृदा-नमी संरक्षण तथा रूफटॉप वर्षाजल संचयन जैसे कार्य शामिल हैं।
          इन कार्यों से गांवों में जल संचयन क्षमता बढ़ाने, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई सुविधा के विस्तार और कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव को भी इसमें स्थान दिया गया है।

    सड़क, स्कूल, पंचायत भवन और स्वच्छता सहित मजबूत होगी ग्रामीण अधोसंरचना
          कार्यों की दूसरी मुख्य श्रेणी में ग्रामीण अधोसंरचना से संबंधित है। इसमें ग्रामीण सड़कें, पुलिया एवं क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाएं, ग्राम संपर्क सुविधाएं, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पुस्तकालय, सार्वजनिक भवन, स्कूल अधोसंरचना, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, स्कूल परिसर की दीवारें और खेल मैदान जैसे कार्य शामिल हैं।

          इसके साथ श्मशान घाट, कब्रिस्तान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता परिसर, अपशिष्ट पृथक्करण एवं संग्रहण केंद्र, सौर प्रकाश व्यवस्था, बायोगैस प्लांट, पार्किंग एवं परिवहन शेड सहित अन्य सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण और विकास को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत अनुमेय ग्रामीण आवास कार्य तथा जल जीवन मिशन के तहत निर्मित जलापूर्ति परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं रखरखाव भी इस श्रेणी में शामिल हैं।

    आजीविका के साथ स्थानीय स्तर पर आय के अवसर
          कार्यों की तीसरी मुख्य श्रेणी आजीविका संबंधी अधोसंरचना की है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्कशेड, ग्रामीण हाट एवं साप्ताहिक बाजार, खाद्यान्न एवं कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़ी संरचनाएं, स्वयं सहायता समूह एवं फेडरेशन स्तर के भवन, वर्मी कम्पोस्ट एवं नाडेप इकाइयां, सिल्विपास्चर, डेयरी एवं दुग्ध संग्रहण केंद्र, पशु आश्रय, मत्स्य पालन अधोसंरचना, नर्सरी एवं पौधरोपण तथा भवन निर्माण सामग्री के उत्पादन से जुड़े कार्य शामिल हैं।

          कृषि आधारित प्रसंस्करण को भी इस श्रेणी में स्थान दिया गया है। मिनी फ्लोर मिल, खाद्य प्रसंस्करण, तेल प्रसंस्करण, एकीकृत कृषि प्रसंस्करण, वन उत्पाद प्रसंस्करण, हस्तशिल्प प्रसंस्करण, जैव-अवक्रमणीय उत्पाद प्रसंस्करण तथा बांस शिल्प जैसी गतिविधियों के लिए अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। इससे स्थानीय संसाधनों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा आधार
            स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड और समूह स्तर की गतिविधियों के लिए अधोसंरचना को अनुमेय कार्यों में शामिल किए जाने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को आवश्यक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने के अवसर बढ़ेंगे। वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप, नर्सरी, कृषि उत्पाद भंडारण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियां ग्रामीण परिवारों के लिए आय के विविध स्रोत विकसित करने में सहायक होंगी।

    आपदा और चरम मौसम से निपटने के लिए भी होंगे कार्य
           चौथी मुख्य श्रेणी में अति विषम मौसमी घटनाओं के न्यूनीकरण और आपदा सजगता से संबंधित कार्य शामिल हैं। इनमें चक्रवात आश्रय, बाढ़ आश्रय, तटबंध, मिट्टी एवं गेबियन संरचनाएं, रिटेनिंग वॉल, बाढ़ सुरक्षा दीवार, लेवल बेंच टेरेस, अपलैंड बेंच टेरेस, स्थिरीकरण तालाब, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, विंडब्रेक एवं शेल्टरबेल्ट पौधरोपण तथा वन अग्नि प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।वन अग्नि प्रबंधन के अंतर्गत फायर ब्रेक हेज, वन अग्नि रेखा और फ्यूल बफर जोन सहित अन्य सहायक कार्य भी अनुमेय हैं। इससे प्राकृतिक आपदाओं और चरम मौसमी परिस्थितियों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक और सामुदायिक परिसंपत्तियों की संरक्षण क्षमता को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

          उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वीबी-जीरामजी केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह गांवों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय आजीविका को मजबूत करने और टिकाऊ ग्रामीण अधोसंरचना विकसित करने का व्यापक अवसर है। 375 अनुमेय कार्यों के माध्यम से रोजगार को परिसंपत्ति निर्माण और परिसंपत्तियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए विकसित गांव की दिशा में ठोस आधार तैयार किया जा रहा है।

  • 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त

    500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त

    यूपी के हुनर और उत्पादों को दुनिया का बाजार देगा ट्रेड शो: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा, अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश
     
    एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी गति, जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस होंगे भागीदार देश
     
    72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आएंगे करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार, छह देशों के लिए होंगे प्रीमियम पवेलियन और बी2बी बैठकें
     
    20 से अधिक नॉलेज सेशन में उद्योग और निवेश पर होगा मंथन, संबंधित विभागों के मंत्री और प्रमुख सचिव भी होंगे शामिल
     
    ओडीओपी से डिफेंस-एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी, फार्मा और टेक्सटाइल तक दिखेगी यूपी की औद्योगिक ताकत
     
    युवाओं को जोड़ने के लिए रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज, छात्र संभालेंगे वॉलंटियर की जिम्मेदारी
     
    500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त
     
     ग्रेटर नोएडा

     उत्तर प्रदेश के हुनर, स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक क्षमता को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के जरिए वैश्विक मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
     
    ट्रेड शो के चौथे संस्करण में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस छह भागीदार देश होंगे। 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाएगा। युवाओं को यहां प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर भी मिलेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने आयोजन की सफलता, सुरक्षा, विदेशी मेहमानों एवं आगंतुकों की सुविधा और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था अथवा कमी नहीं रहनी चाहिए। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, आवास और आगंतुक सुविधाओं के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ काम करें।
     
    छह देशों के लिए प्रीमियम पवेलियन, होंगी बी2बी बैठकें
    छह भागीदार देशों के प्रतिनिधिमंडल समर्पित प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय व्यावसायिक सत्रों और संरचित बी2बी बैठकों के जरिए ट्रेड शो में भाग लेंगे। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और विदेश स्थित भारतीय मिशनों के समन्वित प्रयासों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की संभावना है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास तथा भागीदार देशों के उच्चायुक्तों के लिए लायजन ऑफिसर नियुक्त करने को कहा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को आगंतुकों एवं प्रतिनिधियों की सहायता के लिए वॉलंटियर बनाया जाएगा। सीएम फेलो, उद्यमी मित्र और अन्य क्षेत्रीय संस्थानों के युवा स्वयंसेवक भी खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए तैनात रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री, उद्योग जगत और व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद के लिए अतिरिक्त बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
     
    20 से अधिक नॉलेज सेशन, मंत्री और प्रमुख सचिव भी जुड़ेंगे
    ट्रेड शो में 20 से अधिक उच्च प्रभाव वाले नॉलेज सेशन होंगे। मुख्य
    मंत्री योगी ने प्रसिद्ध वक्ताओं के साथ इन्हें संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए। टेक्निकल सेशन में संबंधित विभागों के मंत्रियों और प्रमुख सचिवों को आमंत्रित किया जाएगा, जिससे महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श और विभागीय समन्वय हो सके। नॉलेज सेशन में आम लोगों की भागीदारी भी प्रोत्साहित की जाएगी।
     
    अवध, ब्रज और बुंदेलखंड की भी दिखेगी झलक
    मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, जिससे ट्रेड शो प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का प्रतिनिधित्व कर सके। इसके लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं। इनमें कथक नृत्य, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी एवं आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य के साथ स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं।
     
    ओडीओपी से डिफेंस-एयरोस्पेस तक दिखेगी ताकत

    इस वर्ष ट्रेड शो की केंद्रीय थीम ‘अद्वितीय सोर्सिंग का अद्भुत मंच’ है। इसमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं हेल्थकेयर, टेक्सटाइल एवं हथकरघा, टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्टर्स, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट (क्रेडाई) तथा पर्यटन एवं संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन होगा।
     
    भूतल और द्वितीय तल के हॉल में 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र पहले ही बुक हो चुका है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और कॉरपोरेट संस्थाओं के लिए पूरा ले-आउट भी अंतिम रूप ले चुका है।
     
    23 सितंबर तक तैयार होंगे सरकारी विभागों के स्टॉल

    मुख्यमंत्री योगी ने सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक स्टॉल लगाने का काम पूरा करने को कहा। प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग, पोस्टर और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टावर लगाने तथा विश्वसनीय इंटरनेट और वाई-फाई सेवा सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
     
    आयोजन स्थल स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त रहेगा। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की व्यापक व्यवस्था होगी। तीनों संबंधित प्राधिकरण स्वच्छता, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारू आवागमन के लिए आपसी समन्वय से काम करेंगे। प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सुरक्षा बल की तैनाती, फ्रिस्किंग, भीड़ प्रबंधन, निगरानी और निर्धारित पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। रील या सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय आगंतुकों को मर्यादा बनाए रखने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
     
    500 से अधिक ईवी शटल बसों से आयोजन स्थल पहुंचेंगे आगंतुक

    पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच पर्यावरण अनुकूल और परेशानी मुक्त परिवहन के लिए 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाई जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी की सहायता के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर समर्पित यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर संचालित किया जा रहा है।
     
    एनएमआरसी मेट्रो लाइनों, सिटी बसों के रैप्स, मल्टीप्लेक्स सिनेमा स्क्रीन, रेडियो और डिजिटल चैनलों पर बहु-चैनल प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं। मेटा प्लेटफॉर्म पर प्रचार वीडियो को अब तक 1.3 करोड़ यानी 13 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
     
    युवाओं और स्कूली छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज आयोजित की जाएगी। आरडब्ल्यूए, औद्योगिक संगठनों और स्थानीय स्कूल-कॉलेजों के साथ भी समन्वय किया गया है।
     
    ये रहे मौजूद
    समीक्षा बैठक में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास दीपक कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक कुमार, एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, मंडलायुक्त मेरठ भानु चंद्र गोस्वामी सहित प्रशासन, प्राधिकरण और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • 36 साल की सुचीका तरियाल ने रचा इतिहास, MMA में भारत के लिए जीता ऐतिहासिक कांस्य

    36 साल की सुचीका तरियाल ने रचा इतिहास, MMA में भारत के लिए जीता ऐतिहासिक कांस्य

    आइची-नागोया
    एशियन गेम्स 2026 में भारत को मिक्सड मार्शल आर्ट्स (MMA) इवेंट में पहला ऐतिहासिक पदक मिल गया है। 36 साल की भारतीय फाइटर सुचीका तरियाल ने सोमवार को महिलाओं की पारंपरिक 60 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। हालांकि यह मुकाबला काफी हाई-ड्रामा से भरा रहा। सेमीफाइनल में सिंगापुर की तेओ हुई हून के खिलाफ सुचीका ने जबरदस्त संघर्ष किया और मैच को ओवरटाइम तक ले गईं, लेकिन जजों का अंतिम फैसला सिंगापुर की खिलाड़ी के पक्ष में रहा। फैसला सुनते ही सुचीका अपने आंसू नहीं रोक सकीं और काफी भावुक होकर रिंग से वापस लौटीं।

    जब मैच के बाद रेफरी ने आधिकारिक विजेता की घोषणा के लिए दोनों खिलाड़ियों को मंच पर बुलाया, तो सुचीका पहले निर्णय से निराश होकर ऊपर जाने के लिए तैयार नहीं थीं। हालांकि, भारतीय कोचों के समझाने के बाद वे अनिच्छा से मंच पर गईं, लेकिन फैसले के बाद आंखों में आंसू लिए वापस लौटीं। गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 में बीएमएक्स, टेकबॉल, पैडेल, सर्फिंग और वर्चुअल ताइक्वांडो के साथ-साथ MMA को भी पहली बार शामिल किया गया है। सुचीका ने रविवार को क्वार्टरफाइनल में मंगोलिया की अलतांचिमेग बायगल्मा को 2-0 से हराकर ही भारत का पदक पक्का कर लिया था।

    करियर और MMA में वापसी का सफर
    सुचीका तरियाल ने साल 2017 में मिक्सड मार्शल आर्ट्स में अपना डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने एमएमए से लगभग सात साल का ब्रेक लिया और इस दौरान जूड़ो व जू-जित्सु में भारत का प्रतिनिधित्व जारी रखा। साल 2024 में उन्होंने ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन के साथ क्रॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया। इसके बाद दिसंबर 2024 में बहरीन में आयोजित ब्रेव सीएफ 92 के जरिए उन्होंने पेशेवर एमएमए रिंग में अपनी शानदार वापसी की थी।

    छेड़छाड़ की घटना से मिली प्रेरणा
    हरियाणा के रोहतक की रहने वाली सुचीका की खेल यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। महज 12 साल की उम्र में अपने साथ हुई छेड़छाड़ की एक घटना के बाद उन्होंने आत्मरक्षा के मकसद से जूड़ो सीखना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया। सुचीका 8 बार की नेशनल जूड़ो चैंपियन हैं। इसके अलावा उन्होंने 2019 राष्ट्रमंडल जूड़ो चैंपियनशिप और 2019 साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने 57 किग्रा वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन किया था, जहां वे बहुत मामूली अंतर से मेडल से चूक गई थीं। खेल के अलावा सुचीका CISF में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात रहीं और बाद में हरियाणा खेल विभाग में जूनियर कोच के रूप में सेवाएं दीं।

  • भुवनेश्वर में CM साय की मोहन चरण माझी से सौजन्य भेंट, दोनों राज्यों के विकास पर हुई अहम बातचीत

    भुवनेश्वर में CM साय की मोहन चरण माझी से सौजन्य भेंट, दोनों राज्यों के विकास पर हुई अहम बातचीत

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट

    छत्तीसगढ़-ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ओडिशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री माझी ने साय का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा पड़ोसी राज्य होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी आत्मीय संबंध हैं। विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को लाभ मिलने के साथ ही पूरे क्षेत्र की प्रगति को भी नई गति मिलेगी।