Author: NewseDay

  • एशियन गेम्स में भारत की शूटिंग तिकड़ी का जलवा, 10 मीटर एयर राइफल में सिल्वर

    एशियन गेम्स में भारत की शूटिंग तिकड़ी का जलवा, 10 मीटर एयर राइफल में सिल्वर

    नई दिल्ली
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के तीसरे दिन भारत के निशानेबाजों ने देश को बड़ी सफलता दिलाई है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में हिमांशू ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय तिकड़ी ने मिलकर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला। आइची प्रेफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने कुल 1890.1 अंक हासिल किए और दूसरा स्थान प्राप्त किया।

    चीन के नाम रहा गोल्ड
    इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल चीन की टीम ने अपने नाम किया। सेंग लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगहोंग की चीनी जोड़ी ने 1899.0 अंकों के कुल स्कोर के साथ नया क्वालीफिकेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। भारत इस इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने से थोड़े से के लिए चूक गया।

    इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में पहुंचे दो भारतीय शूटर
    टीम इवेंट में रजत पदक जीतने के साथ-साथ भारत के दो निशानेबाजों ने इंडिविजुअल 10 मीटर एयर राइफल इवेंट के फाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वालीफिकेशन दौर में भारत के स्टार शूटर रुद्राक्ष पाटिल 631.8 अंकों के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि हिमांशू ढिल्लों ने 630.0 अंक हासिल कर सातवां स्थान हासिल किया और फाइनल का टिकट कटाया। वहीं, टीम के तीसरे सदस्य पार्थ माने 628.3 अंकों के साथ 10वें स्थान पर रहे और फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।

    चीन का दबदबा और दो-शूटर नियम का असर
    चीन के सेंग लिहाओ ने 635.4 अंकों का नया एशियन गेम्स क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाते हुए क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनके साथी मा सिहान 633.0 अंकों के साथ दूसरे और झांग चांगहोंग 630.6 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि, शीर्ष आठ में जगह बनाने के बावजूद चांगहोंग फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके, क्योंकि एशियन गेम्स के नियमों के अनुसार एक देश से केवल दो ही निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में हिस्सा ले सकते हैं।

  • शॉर्ट स्टे फ्लैटों का बढ़ता चलन बना चिंता, पुलिस सत्यापन और जिम्मेदारी पर सवाल

    शॉर्ट स्टे फ्लैटों का बढ़ता चलन बना चिंता, पुलिस सत्यापन और जिम्मेदारी पर सवाल

     रांची
     राजधानी में महंगे अपार्टमेंट और गेटेड सोसाइटियों में फ्लैट खरीदकर परिवार के साथ रहने वाले लोगों की सुरक्षा अब एक नए चलन से प्रभावित हो रही है। कुछ फ्लैटों को स्थायी किराये पर देने के बजाय कुछ घंटे या एक-दो दिन के शॉर्ट स्टे के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है।

    बुकिंग के बाद कौन व्यक्ति फ्लैट में पहुंच रहा है, उसका स्थानीय स्तर पर सत्यापन हुआ है या नहीं और वहां ठहरने के दौरान वह क्या गतिविधियां कर रहा है, इसकी जानकारी कई बार सोसायटी के स्थायी निवासियों तक नहीं पहुंचती।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे फ्लैटों में लगातार बदलते लोगों के आने-जाने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है। उनका सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शार्ट स्टे के लिए दिए गए फ्लैट में कोई अपराध, मारपीट या दूसरी आपराधिक घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी- फ्लैट मालिक की, बिल्डर की, बुकिंग कराने वाले की या सोसायटी प्रबंधन की।

    छह से आठ हजार रुपये तक में कुछ घंटों का ठहराव
    स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, कुछ फ्लैटों को प्रतिदिन करीब छह से आठ हजार रुपये तक की दर पर शॉर्ट स्टे अथवा कुछ घंटे के लिए उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। ऑनलाइन मंचों पर रांची में कम अवधि के लिए अपार्टमेंट और सर्विस्ड अपार्टमेंट की उपलब्धता जरूर दिखाई देती है।

    एयरबीएनबी पर भी रांची में निजी वन बीएचके और अन्य आवासीय इकाइयां कम अवधि के ठहराव के लिए सूचीबद्ध हैं। एक सूची में संपत्ति को गेटेड आवासीय परिसर में स्थित बताते हुए छोटे और लंबे दोनों तरह के ठहराव की सुविधा दी गई है।

    इससे साफ है कि कम अवधि के लिए आवासीय संपत्ति उपलब्ध कराने का आनलाइन बाजार राजधानी में मौजूद है, लेकिन इन संपत्तियों की कुल संख्या और उनमें से कितने सामान्य आवासीय फ्लैट हैं तथा कितने विधिवत लाइसेंस प्राप्त आवास/सर्विस्ड अपार्टमेंट हैं, इसका कोई समेकित सरकारी आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

    रांची में ऑनलाइन रियल एस्टेट बाजार का आकार भी काफी बड़ा है। मैजिकब्रिक्स पर हाल में रांची में बिक्री के लिए 1,162 फ्लैट/अपार्टमेंट सूचीबद्ध दिखाई दिए। इसी मंच पर किराये के लिए 971 फ्लैट/अपार्टमेंट उपलब्ध बताए गए हैं।

    स्थायी परिवारों को सबसे ज्यादा चिंता सत्यापन की
    सोसायटी में रहने वाले लोगों की चिंता सिर्फ इस बात को लेकर नहीं है कि बाहर से लोग क्यों आ रहे हैं। सवाल यह है कि कौन आ रहा है और उसकी पहचान क्या है?

    स्थायी निवासी चाहते हैं कि शार्ट स्टे के नाम पर किसी भी व्यक्ति को फ्लैट देने से पहले उसकी पहचान, मोबाइल नंबर, पता और ठहरने की अवधि का रिकार्ड रखा जाए। साथ ही सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों को भी इसकी जानकारी हो। कई मामलों में फ्लैट मालिक या बुकिंग संचालक केवल आनलाइन बुकिंग और भुगतान पर ध्यान देते हैं।

    सोसाइटी प्रबंधन अथवा स्थानीय पुलिस को अतिथि की जानकारी देने की व्यवस्था स्पष्ट नहीं होती। इससे किसी घटना के बाद संबंधित व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

    नशे और मारपीट की शिकायतें भी
    कुछ सोसाइटियों के निवासियों ने ऐसे शार्ट स्टे फ्लैटों में नशे के सेवन, देर रात तक शोर-शराबे और आपसी विवाद की शिकायतें होने का दावा किया है। उनका कहना है कि कुछ मामलों में नशे के बाद मारपीट तक की स्थिति उत्पन्न हुई।

    देह व्यापार का भी आरोप, लेकिन पुलिस जांच जरूरी
    स्थानीय निवासियों की ओर से कुछ शॉर्ट स्टे फ्लैटों के इस्तेमाल को लेकर देह व्यापार की आशंका और आरोप भी लगाए जा रहे हैं। यही वजह है कि सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासन के सामने यह चुनौती भी है कि आवासीय सोसायटियों में कम अवधि के ठहराव की गतिविधियों पर स्पष्ट निगरानी व्यवस्था कैसे बनाई जाए, ताकि सामान्य वैध अतिथि और आपराधिक गतिविधि के बीच अंतर किया जा सके।

    कौन है जिम्मेदार, क्या कहता है कानून:
    हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता अनूप अग्रवाल ने बताया कि कानून में यह महत्वपूर्ण अंतर है कि किसी संपत्ति में अपराध हो जाना अपने आप में मालिक को उस अपराध का आरोपी नहीं बना देता। लेकिन यदि किसी मकान मालिक को यह जानकारी हो कि उसकी संपत्ति का इस्तेमाल वेश्यावृत्ति/वेश्यालय के लिए किया जा रहा है और वह जानबूझकर उसे इसकी अनुमति देता है, तो अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत मालिक, पट्टेदार या परिसर के प्रभारी व्यक्ति पर कार्रवाई का प्रावधान है

    अधिनियम की धारा 3 में ऐसी स्थिति के लिए दंड का प्रावधान है। इसी तरह धारा 7 में सार्वजनिक स्थानों या उनके आसपास वेश्यावृत्ति से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में अलग प्रावधान हैं।

    आवासीय फ्लैट को लाजिंग की तरह चलाने पर भी सवाल
    झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 317 में नगरपालिका क्षेत्र में किसी परिसर को होटल या लॉजिंग हाउस के रूप में इस्तेमाल करने के लिए लाइसेंस की व्यवस्था है। कानून नगर आयुक्त को ऐसे परिसर का निरीक्षण करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उपयोग बंद कराने की शक्ति भी देता है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि सिर्फ आवासीय उपयोग के लिए खरीदे गए फ्लैटों को नियमित रूप से व्यावसायिक शॉर्ट स्टे के रूप में संचालित किया जा रहा है या नहीं और संबंधित परिसर के पास आवश्यक लाइसेंस है या नहीं।

    पुलिस सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
    झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर नागरिक सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं और पुलिस स्थानीय स्तर पर व्यक्तियों के पूर्ववृत्त की जांच जैसी सेवाओं का उल्लेख करती है। पुलिस पोर्टल पर अपराध संबंधी शिकायत के लिए संबंधित थाने में सूचना देने की व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है।

    रांची में पहले भी किरायेदार सत्यापन को लेकर पुलिस की ओर से मकान मालिकों को जागरूक करने की बात सामने आई है। 2025 की एक रिपोर्ट में रांची पुलिस ने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने को सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय बताते हुए मकान मालिकों से इसका पालन करने की अपील की थी।

    बीट रिपोर्टिंग नहीं होने से अपार्टमेंट-सोसाइटी के लोगों की पुलिस के पास
    जानकारी नहीं
    राजधानी में बीट रिपोर्टिंग व्यवस्था प्रभावी नहीं होने से पुलिस के पास अपने क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। वरीय अधिकारियों ने सभी थानेदारों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में बीट पेट्रोलिंग कराने और संबंधित क्षेत्र में रहने वाले लोगों का विवरण रजिस्टर में दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद अपार्टमेंट और सोसाइटी स्तर पर पुलिस की ओर से कोई रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है

    पुलिस को निर्देश दिया गया है कि बीट क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर वहां रहने वाले लोगों, किरायेदारों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाए। खासकर अपार्टमेंट और सोसाइटी में रहने वाले लोगों का सत्यापन कर रिकॉर्ड तैयार किया जाना है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित बीट रिपोर्टिंग नहीं होने से किसी घटना के बाद पुलिस को संबंधित क्षेत्र की जानकारी जुटाने में परेशानी होती है। अधिकारियों के निर्देश के बावजूद व्यवस्था अब तक जमीन पर प्रभावी नहीं दिख रही है।

  • नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत

    नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में होगा आयोजन

    ​रायपुर

             ​छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, आत्मीयता और पारंपरिक तिहारों की मिठास को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में भव्य ‘तीज मिलन उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की मेजबानी में यह गरिमामय उत्सव 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से संध्या 4 बजे तक एम.-12, सेक्टर-24, अटल नगर, नवा रायपुर में संपन्न होगा।  
            ​छत्तीसगढ़िया अस्मिता और पारंपरिक पर्वों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में आयोजित इस विशेष समागम में प्रदेश की शीर्ष हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अपनी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह और  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ  विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इसके साथ ही राज्य के कई मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी इस सांस्कृतिक संध्या के साक्षी बनेंगे।  
           ​इस आयोजन के संदर्भ में मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि ये आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता की मजबूत बुनियाद हैं। इस तीज मिलन उत्सव का मूल उद्देश्य अपनी समृद्ध परंपराओं और छत्तीसगढ़िया संस्कृति की मिठास को आपस में बांटना तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर रखना है। इस अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, लोक-संस्कृति के रंगों और तीजा पर्व के आत्मीय अनुष्ठानों का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

  • अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा

    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा

    बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर
     
    एटा-कासगंज में सपा नेताओं के विवाद पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा
     
    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा
     
    बोले- टिकट बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं, सत्ता मिली नहीं और अभी से चढ़ गई ‘पैसे की गर्मी’
     
    कहा- राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने नेता भिड़ जाएं तो पार्टी के अनुशासन का हाल समझा जा सकता है
     
    राजभर का तंज- कार्यकर्ता की जगह अपराधी भरेंगे तो क्या होगा, बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय
     
     लखनऊ

     सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एटा-कासगंज में सपा नेताओं के बीच हुए विवाद को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तंज किया कि अखिलेश यादव ने बैठक चुनावी रणनीति बनाने के लिए बुलाई थी, लेकिन उनके सामने ही नेताओं में कुश्ती हो गई। उन्होंने पीडीए का नया मतलब भी “पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई” बताया।
     
    राजभर ने लिखा, “अखिलेश यादव जी! क्या से क्या हो गया, देखते-देखते। बुलाए थे बैठक और हो गई कुश्ती।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की जगह अपराधियों को भरकर रखा जाएगा तो नतीजा ऐसा ही होगा। इसी के साथ उन्होंने कहावत लिखी, “बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।”
     
    सत्ता मिली नहीं, अभी से ‘पैसे की गर्मी’
    राजभर ने एटा-कासगंज की बैठक में हुए विवाद और इसके बाद दोनों जिलों की पार्टी इकाइयां भंग किए जाने को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने अखिलेश की “पैसे की गर्मी” वाली टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि टिकट अभी बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं और सत्ता मिली नहीं, लेकिन “पैसे की गर्मी” अभी से चढ़ गई है।
     
    उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने ही नेता आपस में भिड़ जाएं और अध्यक्ष को बैठक छोड़कर जाना पड़े, वहां अनुशासन का हाल समझा जा सकता है। राजभर ने कटाक्ष किया कि “सपा और अनुशासन” एक साथ नहीं आ सकते।
     
    प्रदेश की इकाई भी भंग कर दीजिए
    राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज करते हुए कहा कि यदि पार्टी को चुनाव जिताना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर देनी चाहिए। सिर्फ एटा-कासगंज के नेताओं को ही “पैसों की गर्मी” नहीं आई है, बल्कि हाल सब जगह एक जैसा है। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव” लिखा।

  • पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव बढ़ा, एयरस्ट्राइक में 28 लोगों के मारे जाने की खबर

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव बढ़ा, एयरस्ट्राइक में 28 लोगों के मारे जाने की खबर

    नूरगल
    पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि हमले में 28 मारे गए। वहीं, तालिबान सरकार ने कहा कि कुनार में 3 नागरिकों की मौत हुई और 4 लोग घायल हुए।

    तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि कुनार में एक घर पर हुए हमले में एक महिला और दो पुरुष मारे गए। पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में भी दो जगहों पर बमबारी हुई। यहां एक घर और दुकान को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने की जानकारी नहीं है।

    मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान इस हमले का उचित जवाब देगा। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से आतंकी उसके खिलाफ हमले कर रहे हैं। हालांकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन हमलों में कितने लोग मारे गए या घायल हुए हैं और कितना नुकसान हुआ है. जानकारी अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए स्थिति की पूरी तस्वीर सामने आने में समय लग सकता है. स्थानीय परिवारों को रात के समय अचानक हुए इन हवाई हमलों का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से डर और तनाव का माहौल पैदा होने की खबर है। 

    आतंकवाद के बहाने अफगानिस्तान में घुस गए 
    आपको बता दें कि 20 सितंबर, 2026 को पाकिस्तान के हंगू जिले में सुरक्षा बलों के काफिले और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई. पाकिस्तानी सेना ने जानकारी दी है कि इस मुठभेड़ में प्रभावी कार्रवाई के दौरान आठ आतंकियों को मार गिराया गया और एक बार फिर से पाकिस्तानी फौज ने इसमें भारत का नाम जोड़ा. ऐसा ही वो अफगानिस्तान को लेकर करता रहा है. अपने आंतरिक हालात जब उससे संभलते नहीं हैं तो वो भारत और अफगानिस्तान पर आरोप लगाने लगता है. इसके साथ ही तलाशी और सफाई अभियान के नाम पर अफगानी सरहद में घुस जाना उसके लिए कोई नई बात नहीं है। 

    .हमले से जुड़ी रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नूर मोहम्मद के घर पर पाकिस्तानी सैन्य बलों ने बम गिराए और पूरा घर तबाह हो गया. स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमले के बाद मलबे से बमों के अवशेष मिले हैं. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि हमले में घर के अंदर कितने लोग मौजूद थे और नुकसान कितना हुआ है। 

    कुनार में यह एयरस्ट्राइक ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है. सामने आई रिपोर्टों में इसे पाकिस्तानी विमानों की ओर से की गई ताजा कार्रवाई बताया गया है. फिलहाल हमले में हुए कुल नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी का इंतजार है। 

    दोनों देशों के बीच लगातार बना है तनाव 
        फरवरी, 2026 में सीमा पर बढ़ते तनाव के बाद अफगान तालिबान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर जवाबी और आक्रामक हमले किए। 

    पाकिस्तान ने जवाब में 27 फरवरी 2026 को इसके जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर काबुल, कंधार और पख्तिया जैसे इलाकों में हवाई व जमीनी हमले तेज कर दिए और इसे खुले युद्ध जैसी स्थिति करार दिया। 

        मार्च के बीच में दोनों पक्षों में लगातार संघर्ष जारी रहा, जिसमें काबुल पर हुए हमलों में भारी जानमाल का नुकसान हुआ. कतर, सऊदी अरब और तुर्की की मध्यस्थता से ईद-उल-फितर के अवसर पर मार्च के अंत में कुछ दिनों के लिए अस्थायी युद्धविराम हुआ, लेकिन छिटपुट तनाव और संघर्ष का दौर बीच-बीच में जारी रहा है. इससे पहले अक्टूबर, 2025 में भी दोनों देशों के बीच गंभीर सीमा-संघर्ष हुआ था। 

     

  • उदयपुर में खत्म होगी मीटर रीडिंग की झंझट, ऐप पर मिलेगा बिल और बिजली खपत का हिसाब

    उदयपुर में खत्म होगी मीटर रीडिंग की झंझट, ऐप पर मिलेगा बिल और बिजली खपत का हिसाब

    उदयपुर
    बिजली के स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही अब घर-घर जाकर मीटर रिडिंग लेने की प्रक्रिया बंद की जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली बिल की हार्ड कॉपी नहीं मिलेगी, बल्कि वे ऑनलाइन ही बिजली खपत देख सकेंगे। चाहे तो बिजली बिल डाउनलोड कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था की शुरुआत के लिए शहर के अशोकनगर, पावर हाउस प्रथम और द्वितीय का चयन किया गया है। इन सबडिविजन के 50 हजार उपभोक्ताओं को अगले माह से बिजली बिल नहीं मिलेंगे।

    अमूमन महीने की शुरुआत से करीब 15 दिन तक मीटर रीडिंग का काम ही चलता रहता है। ऐसे में उपभोक्ता को बिजली बिल जमा कराने के लिए कम ही समय मिल पाता है। नई व्यवस्था के तहत महीने की पहली तारीख को ही बिल जनरेट हो जाएगा। ऐसे में उपभोक्ता को बिल जमा कराने का भरपूर समय मिलेगा। इससे जहां बिजली निगम के कार्मिकों को आसानी होगी, वहीं उपभोक्ता को दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

    'बिजली मित्र' ऐप डाउनलोड करना जरुरी
    नई व्यवस्था के तहत बिजली बिल, खपत, भुगतान और शिकायतों से जुड़ी जानकारी के लिए उपभोक्ताओं को बिजली मित्र ऐप डाउनलोड करना होगा। बिजली मित्र ऐप उपभोक्ताओं को बिजली से जुड़ी कई सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा। ऐप के जरिए वर्तमान और पुराने बिजली बिल देखे और डाउनलोड किए जा सकते हैं। साथ ही पिछले भुगतानों की जानकारी भी मिल सकेगी। धीरे-धीरे पूरे शहर में यही व्यवस्था लागू होगी।

    खपत पर भी रख सकेंगे नजर
    ऐप की मदद से उपभोक्ता पिछले महीनों की बिजली खपत देख सकते हैं। मासिक और औसत खपत की जानकारी मिलने से यह समझने में मदद मिलती है कि किस महीने बिजली का इस्तेमाल कितना बढ़ा या घटा। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए 'माय स्मार्ट मीटर' सुविधा के जरिए प्रति घंटे, साप्ताहिक और मासिक खपत, रियल टाइम मीटर रीडिंग और ऑन-डिमांड रीडिंग जैसी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    बिल भुगतान और शिकायत की सुविधा
    ऐप से वर्तमान बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है। बिजली आपूर्ति, सुरक्षा, बिजली चोरी या अन्य तकनीकी समस्याओं से संबंधित शिकायत और सुझाव भी दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के बाद उसका स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकता है। ऐप पर नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। कई प्रक्रियाओं में कागजी दस्तावेज लेकर कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।

    डिजिटल ज्ञान नहीं तो परेशानी
    जिन उपभोक्ताओं को डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी होती है, उनके लिए इन सुविधाओं का लाभ लेना कठिन हो सकता है। एप की सुविधाएं कनेक्शन और मीटर की उपलब्ध सेवाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। कई घरों में बुजुर्ग ही निवासरत हैं, जो डिजिटल या तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें बिल देखने में परेशानी आएगी। याद नहीं रखने पर भी बिजली उपभोक्ताओं को दिक्कत आ सकती है।

    इनका कहना है-
    'अजमेर मुख्यालय से लिए गए निर्णय के अनुसार फिलहाल तीन सबडिविजन का चयन किया गया है। इन सबडिविजन के क्षेत्र में आने वाले उपभोक्ताओं तक रीडिंग के माध्यम से बिल नहीं पहुंचाए जाएंगे। वे मोबाइल के जरिये खुद ही खपत व बिल देख सकेंगे।' -केआर मीणा, एसइ, एवीवीएनएल उदयपुर सर्कल

  • फ्रिज के ऊपर रखें ये 3 चीजें, वास्तु के अनुसार घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा

    फ्रिज के ऊपर रखें ये 3 चीजें, वास्तु के अनुसार घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा

    वास्तु शास्त्र और वैदिक ज्योतिष में घर की हर एक चीज और उसके स्थान का हमारे जीवन पर गहरा असर पड़ता है.  हम अक्सर अपने ड्राइंग रूम और लिविंग रूम को सजाने में लगे रहते हैं, लेकिन घर के कुछ ऐसे खास हिस्सों को नजरअंदाज कर देते हैं जो चुंबक की तरह सकारात्मक ऊर्जा को खींच सकते हैं.  ऐसा ही एक स्थान है आपका फ्रिज! यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन फ्रिज के ऊपर कुछ विशेष चीजें रखकर आप घर की ऊर्जा (Aura) को पूरी तरह बदल सकते हैं और वास्तु दोषों को दूर कर सकते हैं.

    वैदिक ज्योतिष के अनुसार, फ्रिज का ऊपरी हिस्सा प्राणा रिसेप्टर की तरह काम करता है.  यहाँ सही वस्तुएं रखने से घर में शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का आगमन होता है.  आइए जानते हैं उन 3 खास चीजों के बारे में जिन्हें फ्रिज के ऊपर रखना बेहद शुभ माना जाता है:

    1. समुद्री नमक का कटोरा (Sea Salt Bowl)
    वास्तु और ज्योतिष में नमक को नकारात्मक ऊर्जा को सोखने वाला सबसे शक्तिशाली माध्यम माना गया है.

    कैसे रखें: एक कांच के कटोरे में मोटा समुद्री नमक (Coarse Sea Salt) भरकर फ्रिज के ऊपर रखना चाहिए.

    फायदा: यह नमक घर की छुपी हुई नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव को सोख लेता है.  यह आसपास के वातावरण को शुद्ध करता है. यह घर के इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फील्ड को संतुलित करता है.  वास्तु के जानकारों के अनुसार, इस नमक को रोजाना घड़ी की सुई की दिशा में (Clockwise) थोड़ा सा चलाना चाहिए ताकि घर के कंपन और ऊर्जा हमेशा सकारात्मक बनी रहें.

    2. हल्दी से बना दीया (Turmeric Diya)
    हल्दी का इस्तेमाल धार्मिक और आयुर्वेदिक दोनों दृष्टियों से बहुत शुभ माना जाता है.

    कैसे रखें: कांच की एक छोटी प्लेट पर हल्दी की गांठ से बने या हल्दीयुक्त छोटे दीये में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए (इस बात का खास ध्यान रखें कि इससे किसी तरह की दुर्घटना या आग लगने का खतरा न हो).

    फायदा: हल्दी का सुनहरा रंग और इसकी एंटीसेप्टिक प्रकृति घर के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है.  यह उपाय घर से नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है.  गुरु ग्रह के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाकर जीवन में पोषण और आर्थिक समृद्धि लाता है.

    3. क्लियर क्वार्ट्ज क्रिस्टल (Clear Quartz Cluster)
    क्रिस्टल्स का हमारे ऑरा और ऊर्जा पर गहरा प्रभाव पड़ता है.

    कैसे रखें: फ्रिज के ऊपर एक क्लियर क्वार्ट्ज क्रिस्टल पॉइंट रखना बहुत ही चमत्कारी परिणाम दे सकता है.  इसे इस तरह रखें कि इसका मुख पूर्व दिशा की ओर हो.

    फायदा: यह क्रिस्टल सकारात्मक प्राण ऊर्जा (Prana) को कई गुना बढ़ा देता है और वास्तु संबंधी बाधाओं या अवरोधों को तोड़ता है.  पूर्व दिशा की ओर मुंह करके रखने पर यह सूर्य की स्पष्ट ऊर्जा को चैनलize करता है, जिससे घर में पारिवारिक सौहार्द, शांति और मानसिक स्पष्टता बनी रहती है.

  • केजरीवाल बोले- पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू हो नशे के खिलाफ लड़ाई

    केजरीवाल बोले- पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू हो नशे के खिलाफ लड़ाई

    चंडीगढ़.

    पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा है।

    केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि अगर पंजाब की रत्ती भर भी चिंता है तो गुजरात से आने वाले नशे को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब की धरती से नहीं, बल्कि मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए। केजरीवाल ने नितिन नवीन के उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें प्रधानमंत्री के हवाले से पंजाब के युवाओं और भविष्य को नशे से बचाने की बात कही गई थी।

  • चंद्रमा का मकर राशि में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा सावधान

    चंद्रमा का मकर राशि में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा सावधान

    वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, मानसिक स्थिति, माता और भावनाओं का स्वामी माना जाता है, जबकि शनि देव न्याय, अनुशासन, संघर्ष और कठिन परिश्रम के कारक ग्रह हैं. 21 सितंबर 2026 यानी आज चंद्रमा देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु से निकलकर अपने परम शत्रु शनि देव की राशि मकर (Capricorn) में प्रवेश करने जा रहे हैं.

    ज्योतिष शास्त्र में शनि की राशि में चंद्रमा का गोचर मानसिक तनाव, कार्यों में देरी और भावनात्मक उथल-पुथल लाने वाला माना जाता है. इस दौरान व्यक्ति को बनते हुए कामों में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. 21 सितंबर से शुरू हो रहा चंद्रमा का यह गोचर मुख्य रूप से 3 राशियों के लिए थोड़ा सतर्क रहने और संभलकर चलने का संकेत दे रहा है. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है.

    मिथुन राशि (Mithun Rashi)
    अशुभ स्थिति: चंद्रमा आपकी राशि से आठवें (अष्टम – आयु, संकट व अचानक उतार-चढ़ाव) भाव में गोचर करेंगे.

    बढ़ सकती हैं ये परेशानियां: आठवें भाव में चंद्रमा का होना मानसिक तनाव और अज्ञात भय दे सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ किसी बात पर मतभेद हो सकता है. वाहनों के प्रयोग और खान-पान में विशेष सावधानी बरतें, स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. इस दौरान कोई भी नया बड़ा निवेश करने से बचें.

    सिंह राशि (Leo Rashi)
    अशुभ स्थिति: चंद्रमा आपकी राशि से छठे (छठा – रोग, ऋण व शत्रु) भाव में गोचर करने जा रहे हैं.

    बढ़ सकती हैं ये परेशानियां: आपके गुप्त शत्रु या विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और आपके बनते कामों में बाधा डालने का प्रयास करेंगे. स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है, विशेष रूप से पेट या मानसिक थकान से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें, बिना सोचे-समझे किसी को उधार न दें.

    धनु राशि (Dhanu Rashi)
    अशुभ स्थिति:
    आपकी राशि से दूसरे (धन, वाणी व कुटुंब) भाव में चंद्रमा का गोचर होगा.

    बढ़ सकती हैं ये परेशानियां: आपकी वाणी में कड़वाहट या कठोरता आ सकती है, जिससे परिवार के सदस्यों या व्यापारिक पार्टनर के साथ अनबन की स्थिति बन सकती है. अचानक से कुछ अप्रत्याशित खर्चे सामने आ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है. बातचीत के दौरान अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें.

    चंद्रमा के गोचर के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय
    – सोमवार या इस गोचर के दौरान नियमित रूप से शिवलिंग पर शुद्ध जल व अक्षत अर्पित करें और ऊं नमः शिवाय का जाप करें.

    – शनि की राशि में चंद्रमा का नकारात्मक प्रभाव दूर करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें.

    – जरूरतमंदों को दूध, चावल या चीनी का दान करें और इस दौरान व्यर्थ के वाद-विवाद से खुद को दूर रखें.

  • शेफाली के शतक से फाइनल में पहुंचा भारत, श्रीलंका से गोल्ड के लिए होगी भिड़ंत

    शेफाली के शतक से फाइनल में पहुंचा भारत, श्रीलंका से गोल्ड के लिए होगी भिड़ंत

    नई दिल्ली
     हाल ही में एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में पहुंच चुकी है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को मात देकर ट्रॉफी उठाई थी और अब एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल मुकाबले में एक बार फिर दोनों टीमें आमने-सामने होंगी।

    दमदार रहा है दोनों टीमों का प्रदर्शन
    भारतीय टीम ने क्वार्टरफाइनल में जापान को 5 ओवर में हराने के बाद, सेमीफाइनल में शेफाली वर्मा के तूफानी शतक के दम पर बांग्लादेश को 114 रनों से रौंदकर फाइनल में जगह बनाई है। वहीं श्रीलंका ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल का टिकट कटाया है। फाइनल जीतने वाली टीम को स्वर्ण पदक जबकि उपविजेता को रजत पदक से संतोष करना होगा।

    कब और कहां खेला जाएगा भारत का गोल्ड मेडल मैच
    भारत और श्रीलंका के बीच एशियन गेम्स 2026 महिला क्रिकेट स्पर्धा का यह हाई-वोल्टेज गोल्ड मेडल मुकाबला मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को जापान के निश्शिन शहर में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार यह मैच सुबह 10:30 बजे शुरू होगा, जबकि मुकाबले के लिए टॉस आधे घंटे पहले यानी सुबह 10:00 बजे फेंका जाएगा

    कहां देख सकेंगे ये मैच
    भारत में इस ऐतिहासिक मुकाबले का सीधा प्रसारण टीवी पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर किया जाएगा। डिजिटल दर्शकों के लिए मैच की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप और उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा जो फैंस इस मुकाबले का आनंद बिना किसी शुल्क के उठाना चाहते हैं, वे डीडी स्पोर्ट्स चैनल पर बिल्कुल मुफ्त में मैच का सीधा प्रसारण देख सकते हैं।

    गोल्ड मेडल मैच के लिए दोनों टीमों का स्क्वॉड
    भारतीय महिला टीम: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव।

    श्रीलंका महिला टीम: चमारी अटापट्टू, अनुष्का संजीवनी, हर्षिता समरविक्रमा, इमेशा दुलानी, कविशा दिलहारी, हासिनी परेरा, सुगंधिका कुमारी, संजना कविंदी, हंसिमा करुणारत्ने, कौशिनी नुथ्यांगना, निमाशा मीपेज, रश्मिका सेवंदी, चामुदी प्रबोदा, मिताली अयोध्या, काव्या कविंदी।