Author: NewseDay

  • प्रधानमंत्री आवास योजना से रामप्रकाश के पक्के घर का सपना हुआ साकार

    प्रधानमंत्री आवास योजना से रामप्रकाश के पक्के घर का सपना हुआ साकार

    प्रधानमंत्री आवास योजना से रामप्रकाश के पक्के घर का सपना हुआ साकार

    पक्का घर मिलने से बदली जीवन की तस्वीर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन से साकार हो रहे जरूरतमंदों के सपने

    रायपुर, 
     अपना घर हर परिवार के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। एक ऐसा घर, जिसकी मजबूत दीवारों के बीच परिवार सुरक्षित रहे, बच्चे बेहतर भविष्य के सपने देखें और जीवन सम्मान एवं सुकून के साथ आगे बढ़े। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सपना कई बार सीमित संसाधनों के कारण अधूरा रह जाता है। ऐसे परिवारों के सपनों को साकार करने में प्रधानमंत्री आवास योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गौरेला के लोहरा झोरकी निवासी रामप्रकाश की कहानी इसी बदलाव और उम्मीद की प्रेरक मिसाल है।

    रामप्रकाश का वर्षों से सपना था कि उनका भी अपना पक्का घर हो, जहां वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुख-शांति से जीवन व्यतीत कर सकें। आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण उनके लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। सीमित आय और घरेलू जरूरतों के बीच अपने घर के निर्माण के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

    ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत प्राप्त सहायता से उनके आवास निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। धीरे-धीरे निर्माण कार्य आगे बढ़ा और वर्षों से देखा जा रहा उनका सपना आखिरकार हकीकत में बदल गया। आज रामप्रकाश का अपना पक्का मकान पूर्ण होकर तैयार है।

    पक्का घर मिलने के बाद रामप्रकाश और उनके परिवार के जीवन में खुशी और संतोष का नया अध्याय शुरू हुआ है। अब उनका परिवार एक सुरक्षित और मजबूत आवास में रह रहा है। बारिश, गर्मी और अन्य मौसम की चुनौतियों से सुरक्षा के साथ उन्हें अपने घर में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है।

    रामप्रकाश के लिए उनका नया घर केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं है, बल्कि यह उनके वर्षों के सपने, संघर्ष और उम्मीदों के पूरा होने का प्रतीक है। वे बताते हैं कि अपने घर का सपना पूरा होना उनके परिवार के लिए बेहद खुशी और भावुकता का क्षण है। पक्का मकान उनके लिए सुरक्षा के साथ-साथ सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार बन गया है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने देशभर में अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के पीछे मूल भावना यही है कि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो तथा वह अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सके।

    रामप्रकाश के जीवन में आया यह बदलाव इसी संकल्प की एक तस्वीर है। जिस पक्के घर का सपना कभी आर्थिक कठिनाइयों के कारण दूर दिखाई देता था, वही सपना आज उनके सामने एक मजबूत आशियाने के रूप में खड़ा है। उनका घर उनके परिवार के लिए वर्तमान की सुरक्षा और भविष्य की उम्मीद दोनों बन गया है।

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से रामप्रकाश को मिला पक्का घर इसी दिशा में हो रहे कार्यों का उदाहरण है।

    पक्का आवास मिलने से रामप्रकाश के परिवार में आत्मविश्वास बढ़ा है। अपने स्वयं के घर में परिवार के साथ रहने की खुशी उनके चेहरे पर साफ दिखाई देती है। यह घर उनके लिए सामाजिक सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व की नई पहचान बन गया है।

    रामप्रकाश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उनका कहना है कि सरकार की सहायता से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है और अब उनका परिवार अपने घर में सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी रहा है।

    रामप्रकाश की कहानी यह बताती है कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचता है, तो सरकारी सहायता केवल एक सुविधा नहीं रहती, बल्कि वह किसी परिवार के जीवन की दिशा बदलने वाली ताकत बन जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला उनका पक्का घर उनके परिवार के लिए खुशियों का आशियाना, सम्मान की पहचान और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन गया है।

  • 27 सितंबर के मार्च से पहले तनाव बढ़ा, PTI नेता के बयान पर इस्लामाबाद छावनी में तब्दील

    27 सितंबर के मार्च से पहले तनाव बढ़ा, PTI नेता के बयान पर इस्लामाबाद छावनी में तब्दील

    इस्लामाबाद 

    पाकिस्तान में इस वक्त हालात कुछ ठीक नहीं हैं. एक तरफ तो मक्का पैक्ट को लेकर वो इंटरनेशनल मोर्चे पर फंसा हुआ है, दूसरी ओर अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक करके तालिबान को बदले के लिए उकसा चुका है. इन सबके बीच आंतरिक मोर्चे पर भी हुकूमत का वक्त कुछ अच्छा नहीं चल रहा है. पाकिस्तान में 27 सितंबर को होने वाले PTI के इस्लामाबाद मार्च से पहले सियासी तनाव बढ़ा हुआ है. खबरें हैं कि PTI के खैबर पख्तूनख्वा अध्यक्ष जुनेद अकबर ने सरकार को चेतावनी देते हुए ये तक कह दिया कि हम इस्लामाबाद को सोमनाथ बना देंगे। 

    जुनेद अकबर ने ये भी कहा कि पार्टी को पता है कि सरकार प्रदर्शन के दौरान गोली चला सकती है, लेकिन इस बार PTI कार्यकर्ता सिर्फ शव लेकर वापस नहीं लौटेंगे. ये बात उन्होंने पेशावर में एक सभा को संबोधित करने के दौरान कहा. यहीं पर उन्होंने ये भी कहा कि – ‘हम इस्लामाबाद को सोमनाथ बना देंगे’. उन्होंने दावा किया कि PTI कार्यकर्ता कई रास्तों से इस्लामाबाद पहुंचेंगे और जरूरत पड़ी तो पैदल भी मार्च करेंगे। 

    सरकार ने सोमनाथ पर दिया कड़ा रिएक्शन 
    उनके इस बयान पर पाकिस्तान सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने इसे हिंसा की धमकी बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत है, लेकिन हिंसा या लोगों की जान को खतरा पैदा करने वाली किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद की ओर मार्च करने वाले प्रदर्शनकारियों पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं.  सरकार ने चेतावनी दी है कि कोई भी समूह राजधानी में किसी भी तरह की बाधा नहीं डाल सकेगा. सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार कहा कि प्रशासन, पुलिस और गृह मंत्रालय स्पष्ट हैं कि अशांति फैलाने वाले समूहों को इस्लामाबाद पहुंचने नहीं दिया जाएगा.  उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें राजनीतिक दलों को सार्वजनिक सड़कों और नागरिकों की आवाजाही बाधित करने से मना किया गया है। 

    27 सितंबर को PTI करने वाली है मार्च
        आपको बता दें कि इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने 27 सितंबर को एक लॉन्ग मार्च का ऐलान कर रखा है. वो देशव्यापी प्रदर्शन से
        पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और पड़ोसी शहर रावलपिंडी में बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है.

        अधिकारियों ने शहर की ओर आने वाले प्रदर्शनों और मार्च की तैयारी में लगभग एक हजार कार्गो कंटेनर लगा दिए हैं. लाल जोन, फैजाबाद और जीरो पॉइंट जैसे महत्वपूर्ण रास्तों तथा संवेदनशील इलाकों को मजबूत किया जा रहा है। 

        सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं. कंटेनर प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों के रास्तों पर रखे गए हैं. फैजाबाद से मुर्री रोड की ओर जाने वाले मार्गों पर भी बैरिकेडिंग दिख रही है। 

        कुछ जगहों पर बैरिकेड को मजबूत करने के लिए मिट्टी की बोरियां और ढेर लगाए गए हैं. ये तैयारियां जमात-ए-इस्लामी के लंबे मार्च के इस्लामाबाद पहुंचने के बीच हो रही हैं. साथ ही पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, किसान इत्तेहाद और कश्मीरी समूहों के अलग-अलग प्रदर्शनों के कारण भी प्रशासन सतर्क है। 

     

  • सरकार की ‘बिजली बिल समाधान योजना’

    सरकार की ‘बिजली बिल समाधान योजना’

    सरकार की 'बिजली बिल समाधान योजना'

    धमतरी के विशाल परिवार के लिए बनी नई सुबह, बकाया मुक्त जीवन की ओर बढ़ता कदम

    ​रायपुर

    ​राज्य शासन की जनकल्याणकारी नीतियां किस प्रकार जमीनी स्तर पर आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल धमतरी जिले में देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत लागू ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026’ से राज्य भर के हजारों आर्थिक रूप से कमजोर एवं बकाया बिजली बिल से परेशान परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। राज्य सरकार की इस संवेदनशील पहल का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बढ़ते विद्युत बकाया के बोझ से मुक्त कर उन्हें पुनः नियमित भुगतान की मुख्यधारा में जोड़ना है।
           ​धमतरी निवासी श्री बी. एस. विशाल के परिवार के लिए भी बढ़ता हुआ बिजली बिल लंबे समय से एक बड़ी मानसिक और आर्थिक चिंता का कारण बना हुआ था। सीमित पारिवारिक आय के कारण समय पर बिल का भुगतान संभव नहीं हो पा रहा था, जिससे बकाया राशि में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। इसी दौरान जब परिवार को राज्य सरकार की इस जनहितकारी समाधान योजना की जानकारी मिली, तो उनके पुत्र श्री डेनियल विशाल ने तत्परता दिखाते हुए आवेदन प्रक्रिया पूरी की। विभागीय सहयोग और सरल व्यवस्था के चलते विशाल परिवार को शीघ्र ही योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिल गया।
           ​योजना के तहत परिवार को बकाया मूल राशि में पर्याप्त छूट के साथ-साथ अधिभार यानी सरचार्ज की शत-प्रतिशत माफी मिली। इसके साथ ही शेष राशि को आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा मिलने से विशाल परिवार पर से आर्थिक तनाव का बोझ हमेशा के लिए समाप्त हो गया। अब वे पुनः नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करने की स्थिति में आ गए हैं। योजना का लाभ मिलने पर हितग्राही श्री डेनियल विशाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और इस योजना को आम जनता के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
             ​धमतरी जिले में भी इस योजना की प्रगति काफी उल्लेखनीय रही है। जिले में अब तक 4,652 पात्र हितग्राहियों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 4,115 उपभोक्ता ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया में शामिल हो चुके हैं और 537 उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से बकाया मुक्ति का लाभ प्रदान किया जा चुका है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि योजना तेजी से आम जनता तक पहुंच रही है और लोगों को वास्तविक राहत प्रदान कर रही है।
             ​इस योजना के तहत बीपीएल, घरेलू तथा कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी जा रही है। जहां गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले बीपीएल उपभोक्ताओं को बकाया मूल राशि पर 75 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है, वहीं घरेलू और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत तक की राहत दी जा रही है। इसके अतिरिक्त सभी पात्र श्रेणियों के लिए सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जा रहा है। उपभोक्ता मात्र 10 प्रतिशत की न्यूनतम राशि जमा कर शेष बकाया को निर्धारित अवधि में आसान किस्तों में चुका सकते हैं।
          ​उपभोक्ताओं के व्यापक हित और उत्साह को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने योजना की अवधि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया है। विद्युत विभाग द्वारा लगातार शिविरों और जागरूकता अभियानों के जरिए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना न केवल आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को एक नई शुरुआत का अवसर देते हुए राज्य सरकार की पारदर्शी, सुगम और संवेदनशील सुशासन की प्रतिबद्धता को पूरी सार्थकता के साथ दर्शा रही है।

  • महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल, झारखंड में बांटे जा रहे एगकार्ट

    महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल, झारखंड में बांटे जा रहे एगकार्ट

    रांची
     राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति (एनईसीसी) ने झारखंड के लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की है। राज्य के छह जिलों में अंडा को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ महिलाओं को इस व्यवसाय से जोड़ा है। इसके लिए एनईसीसी ने किसान उत्पाद संघ या स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को एगकार्ट यानी अंडा बेचने का ठेला दिया है।

    एनईसीसी ने राज्य में प्रदान संस्था की ओर से कार्यरत सीएलएफ (कलस्टर लेवल फेडरेशन) के जरिए महिलाओं का चयन किया है। राज्य के रांची, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम, गोड्डा जिले में दस-दस एगकार्ट दिया गया है।

    एनईसीसी के सीओओ ए कुमार ने बताया कि राज्य की महिलाएं काफी मेहनती है और प्रदान के जरिए उन्होंने महिलाओं को रोजगार देने के लिए पहल की है। उनकी संस्था की मंशा है कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। इसलिए यह कार्यक्रम झारखंड में किया जा रहा है। पूरे देश में इस साल 2300 एगकार्ट बांटा गया है। जिसके लिए कंपनी ने 11 करोड़ रुपये खर्च किया है।

    उन्होंने बताया कि झारखंड के प्रत्येक जिलों में 250 एगकार्ट बांटने की योजना है। जिससे लगभग तीन साल में पूरा किया जाए। अगले वित्तीय वर्ष में राज्य के 24 जिलों में 25 एगकार्ट दिए जाने की योजना है।

    उन्होंने यह भी कहा कि जिनको यह एगकार्ट मिला है, वह साल में कुछ पैसे बचाकर अपने समूह को दें, ताकि दूसरी महिलाओं को भी इस तरह का एगकार्ट खरीदने में आसानी हो। ए कुमार ने बोकारो की एक महिला का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब छह माह में ठेले की कमाई से जनरल स्टोर भी खोल लिया है और काफी प्रसन्न भी हैं।

    इस दौरान वेंकेटश्वर हेचरी के एजीएम कालू चरण जेना, एनईसीसी के मार्केटिंग मैनेजर विनोद पांडेय, लाइव स्टाक कोऑर्डिनेटर डॉ. रईस अहमद, प्रदान के टीम कोऑर्डिनेटर सुकांत कर्मकार, प्रदान के जिला लाइवलीहुड एक्पर्ट धीरज घोष और जेएसएलपीएस के वीपीएम मुकेश कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे।

    सीएलएफ ने किया लाभुकों का चयन
    प्रदान के कृषि योजना सेल के लीडर सुजीत कुमार दास ने बताया कि लाभुक महिलाओं को चयन सीएलएफ की ओर से किया गया है। इस योजना की जानकारी के बाद ग्रामसभा की बैठक में इसकी जानकारी दी गई। फिर महिलाओं से आवेदन मांगा गया।

    इस बात की जांच की गई कि लाभुक इस काम को करने में समक्ष है या नहीं। उसके बाद फिर सीएलएफ ने उनके नाम को स्वीकृति प्रदान की। इस पर सीएलएफ की ओर से निगरानी की जाएगी, ताकि अगर किसी लाभुक को एगकार्ट चलाने में कोई समस्या आ रही है, तो उसे मदद की जा सके।

  • नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने पर पुलिस सख्त, टेकडाउन के बाद कार्रवाई तेज

    नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने पर पुलिस सख्त, टेकडाउन के बाद कार्रवाई तेज

    पटना
     जमुई में नाबालिग से हुई छेड़खानी के मामले में पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लिया है। एडीजी विधि व्यवस्था केएस अनुपम ने बताया कि मामले में अब तक तीन नाबालिगों को पुलिस ने निरुद्ध किया है। वहीं, दो अन्य युवकों की पहचान की गई है और उनकी तलाश जारी है।

    महिला एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT गठित
    एडीजी ने बताया कि मामले की जांच के लिए महिला एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रकरण में पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

    मामले में स्पीडी ट्रायल की तैयारी
    पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस मामले का स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का फोकस आरोपितों की पहचान, गिरफ्तारी और मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने पर है

    आपत्तिजनक वीडियो पर भी पुलिस की नजर
    घटना से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। फेसबुक और एक्स समेत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से वीडियो को टेकडाउन कराया गया है। पुलिस ने वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए भी कदम उठाए हैं।

    नाबालिग का चेहरा दिखाने वालों पर होगी कार्रवाई
    एडीजी विधि व्यवस्था के अनुसार, जिन लोगों या वेबसाइटों ने नाबालिग का चेहरा दिखाते हुए आपत्तिजनक वीडियो चलाया या प्रसारित किया है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

    दो अन्य युवकों की तलाश जारी
    पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। इसके अलावा दो और युवकों की पहचान हुई है। उनकी तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज है प्राथमिकी
    नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। SIT घटना से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध वीडियो समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस मुख्यालय ने मामले में त्वरित कार्रवाई और समयबद्ध जांच पर जोर दिया है।

     

  • यूपी पुलिस की सुविधाओं में विस्तार को गति, कई निर्माण कार्यों के लिए बजट मंजूर

    यूपी पुलिस की सुविधाओं में विस्तार को गति, कई निर्माण कार्यों के लिए बजट मंजूर

    लखनऊ। योगी सरकार ने प्रदेश में पुलिस विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विभिन्न जिलों में पुलिस के अनावासीय भवनों के निर्माण और जरूरी सुविधाओं के विकास के लिए 18.41 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत यह पूरी धनराशि संबंधित निर्माण कार्यों पर खर्च की जाएगी। योगी सरकार ने कुल 18 करोड़ 41 लाख 3 हजार रुपये की स्वीकृति दी हैं। 

    मथुरा में पुलिस लाइन से लेकर चौकी तक काम
    मथुरा की पुलिस लाइन परिसर में पानी की निकासी के लिए नाला और 50 मीटर बाउंड्रीवाल समेत अन्य निर्माण कार्यों के लिए 2.08 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं मथुरा के थाना बलदेव के अंतर्गत पुलिस चौकी बरौली के अनावासीय भवनों के निर्माण पर 1.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मथुरा के दोनों कार्यों की कार्यदायी संस्था आवास एवं विकास परिषद व सीएंडडीएस जल निगम निर्धारित की गई है। 

    बागपत, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर में नए भवन
    बागपत के थाना छपरौली परिसर में 32 क्षमता वाले हॉस्टल/बैरक और एक विवेचना कक्ष के निर्माण के लिए 1.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रतापगढ़ में क्षेत्राधिकारी रानीगंज कार्यालय के निर्माण के लिए 89.59 लाख रुपये की मंजूरी मिली है। सुल्तानपुर के थाना कादीपुर और कोतवाली नगर में 48-48 क्षमता के हॉस्टल/बैरक व एक-एक विवेचना कक्ष के निर्माण के लिए क्रमशः 2.89 करोड़ और 2.84 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इन दोनों कार्यों की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम है। 

    मुरादाबाद, फतेहपुर, गाजियाबाद और अलीगढ़ को भी बजट
    मुरादाबाद के थाना कोतवाली नगर में 48 क्षमता वाले हॉस्टल/बैरक और एक विवेचना कक्ष के लिए 2.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। फतेहपुर की 12वीं वाहिनी पीएसी में 200 जवानों के लिए बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण पर 2.39 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गाजियाबाद की रिजर्व पुलिस लाइन में जर्जर विद्युत तारों को बदलने के लिए 1.04 करोड़ रुपये और अलीगढ़ पुलिस लाइन में जीपी स्टोर के सामान के लिए दो हॉल बनाने के लिए 57.69 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड रहेगी। यह सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरे किए करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्वीकृत धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2027 तक करना होगा।

  • पीआईबी भोपाल के नेतृत्व में जम्मू पहुंचे पत्रकारों के अध्ययन दल ने जम्मू की पीआईबी निदेशक सुनेहा जलाली से की भेंट

    पीआईबी भोपाल के नेतृत्व में जम्मू पहुंचे पत्रकारों के अध्ययन दल ने जम्मू की पीआईबी निदेशक सुनेहा जलाली से की भेंट

    जम्मू। पीआईबी भोपाल के नेतृत्व में जम्मू की छह दिवसीय यात्रा पर पहुंचे पत्रकारों के अध्ययन दल ने आज जम्मू की पीआईबी निदेशक सुनेहा जलाली से भेंट की। मध्य प्रदेश के पत्रकारों का स्वागत करते हुए सु नेहा जलाली ने बताया कि वर्तमान में जम्मू क्षेत्र में कई विकास परीयोजनाएं चल रही हैं। धारा 370 के रद्द होने के बाद से यहां की विकास योजनाओं में गुणात्मक बदलाव और तेजी आई है। जम्मू एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है, वहीं कई राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और  चौडीकरण हो रहा है। उन्होंने अध्ययन दल को बताया कि वह आने वाले दिनों में जम्मू क्षेत्र की कई विकास योजनाओं और सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से रूबरू होंगे। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश शर्मा भी उपस्थित थे, जिनका स्वागत पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल द्वारा किया गया। पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के उपनिदेशक शारिक नूर ने सुनेहा जलाली, मीडिया एवं संचार अधिकारी जाकिर मलिक और मुशर्रफ वाणी को स्मृति चिन्ह भेंट किए।

  • DIG भुल्लर रिश्वत मामले में अहम सुनवाई 24 सितंबर को, शिकायतकर्ता होंगे पेश

    DIG भुल्लर रिश्वत मामले में अहम सुनवाई 24 सितंबर को, शिकायतकर्ता होंगे पेश

    चंडीगढ़.

    पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े आठ लाख रुपये रिश्वतकांड का पूरा सच अब 24 सितंबर को सामने आएगा। शिकायतकर्ता मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता पहली बार चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में गवाही देने पहुंचेंगे।

    अदालत ने बत्ता को समन जारी किया है। रिश्वत मामले में आरोप तय होने के बाद अब शिकायतकर्ता की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी मानी जा रही है। सीबीआई के अनुसार, बत्ता ने शिकायत दी थी कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे आठ लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।

    हाईकोर्ट और विशेष सीबीआई अदालत से पहले लग चुका है झटका
    भुल्लर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 10 अगस्त के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इससे पहले 10 अप्रैल को भी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। तब अदालत ने उन्हें यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो वे दोबारा हाईकोर्ट जा सकते हैं। वहीं, जनवरी में चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने भी भुल्लर को जमानत देने से साफ मना कर दिया था।

    रोपड़ रेंज में तैनाती और पांच लाख रुपये की रिश्वत का आरोप
    यह विवाद पिछले साल अक्टूबर में सामने आई एक शिकायत से जुड़ा है। उस समय भुल्लर रोपड़ रेंज के डीआईजी के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने सरहिंद पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर के सिलसिले में अनुकूल व्यवहार और राहत देने के बदले एक निजी बिचौलिए के जरिए घूस की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज कर पिछले साल 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में जाल बिछाया। इस कार्रवाई के दौरान एक सह-आरोपी को रिश्वत की तय रकम में से पांच लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया, जिसके चलते उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था।

  • CISF भर्ती में फर्जीवाड़े का खुलासा, जाली दस्तावेजों के साथ आरोपी गिरफ्तार

    CISF भर्ती में फर्जीवाड़े का खुलासा, जाली दस्तावेजों के साथ आरोपी गिरफ्तार

    दंतेवाड़ा.

    छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए जिले का निवास और आय प्रमाण पत्र हासिल कर CISF में भर्ती हुआ था। अब पुलिस इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

    दरअसल, सिटी कोतवाली पुलिस ने पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र खूंटे (रा.पु.से.) के साथ एसडीओपी दंतेवाड़ा आकांक्षा ठाकुर (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी सत्यम दीक्षित को राजस्थान के देवली से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दंतेवाड़ा जिले का निवास और आय प्रमाण पत्र हासिल कर उसे CISF भर्ती में इस्तेमाल करने का आरोप है।

    जानिए कैसे हुआ मामले का खुलासा
    पुलिस के मुताबिक, आरोपी इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर CISF में भर्ती हुआ था और वर्तमान में राजस्थान के देवली में नौकरी कर रहा था। मामले की विवेचना के दौरान दस्तावेजों को लेकर संदेह सामने आया, जिसके बाद राजस्व अधिकारियों और तहसील कार्यालय से संबंधित प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्रों के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेज संदिग्ध और फर्जी पाए जाने संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

    राजस्थान से पकड़ा गया आरोपी
    इसके बाद दंतेवाड़ा पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी के राजस्थान में देवली में होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम वहां पहुंची और सत्यम दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटी पुलिस
    पुलिस अब इस मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और प्रमाण पत्र हासिल करने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    आम नागरिकों से पुलिस की अपील
    दंतेवाड़ा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी अथवा किसी शासकीय लाभ के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग न करें। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • ‘2012 से 2017 तक अपराध बढ़े, तब कहां थे सपा नेता?’… दानिश आजाद अंसारी का सवाल

    ‘2012 से 2017 तक अपराध बढ़े, तब कहां थे सपा नेता?’… दानिश आजाद अंसारी का सवाल

    ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’… दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश पर तीखा हमला

    ‘झूठ और भ्रम फैलाना सपा का प्राइमरी एजेंडा’… दानिश आजाद अंसारी ने साधा निशाना

    ‘2012 से 2017 तक अपराध बढ़े, तब कहां थे सपा नेता?’… दानिश आजाद अंसारी का सवाल

    ‘यूपी को बदनाम करने के लिए अपराध बढ़वा रही सपा’… दानिश आजाद अंसारी का गंभीर आरोप

    लखनऊ,
    समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए योगी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा बौखला गई है, क्योंकि उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार साफ और स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सिर्फ झूठ और भ्रम फैलाना आज समाजवादी पार्टी का प्राथमिक एजेंडा बन गया है।

    ‘2012 से 2017 तक अपराधों के समय कहां थे सपा नेता?’

    दानिश आजाद अंसारी ने सपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी पहले इस बात का जवाब दे कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा था और महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे थे, तब उसके नेता कहां थे?

    उन्होंने कहा कि उस समय अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उत्तर प्रदेश में दिनदहाड़े लूट-खसोट, चोरी और दूसरी आपराधिक घटनाएं हुआ करती थीं। दानिश आजाद ने सवाल किया कि तब समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश की भलाई की याद क्यों नहीं आई?

    ‘योगी के नेतृत्व में यूपी की इमेज बेहतर हो रही’

    मंत्री ने कहा कि आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार उत्तर प्रदेश के विकास के लिए काम कर रही है और प्रदेश की छवि बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से समाजवादी पार्टी के नेता बौखलाए हुए हैं।

    दानिश आजाद अंसारी ने सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता रिपोर्टरों का अपमान करने का काम कर रहे हैं।

    ‘यूपी को बदनाम करने के लिए अपराध बढ़वा रही सपा’

    दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम और गरीब लोगों पर जानबूझकर अत्याचार करा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश को बदनाम करने के लिए जानबूझकर आपराधिक घटनाएं बढ़वाने की कोशिश की जा रही है।

    मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह “चाल-चरित्र” अब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता समाजवादी पार्टी की असलियत जानती है और उसके किसी भी बहकावे में आने वाली नहीं है।