Author: NewseDay

  • अखिलेश राज में बाबा साहेब की मूर्तियां हुईं खंडित, जनता लेगी हिसाब- सपा प्रमुख पर संजय निषाद का निशाना

    अखिलेश राज में बाबा साहेब की मूर्तियां हुईं खंडित, जनता लेगी हिसाब- सपा प्रमुख पर संजय निषाद का निशाना

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार अपनी प्रेस कांफ्रेंस में योगी सरकार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इसपर उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग मंत्री संजय निषाद ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस तरह मीडिया के माध्यम से लगातार बयान दे रहे हैं, वह जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के हर बयान और आरोप का लोग विश्लेषण करते हैं और उसकी तुलना योगी सरकार और सपा शासनकाल से की जाती है। लोग समझदार हैं, सब जानते हैं।

    मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव चाहते हैं कि मीडिया उनके सामने नतमस्तक रहे, लेकिन आज के दौर में ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब एआई (AI) से बने वीडियो के जरिए भी हमले किए जा रहे हैं। संजय निषाद ने कहा कि चुनाव में AI नहीं जनता वोट डालेगी। मंत्री संजय निषाद ने कहा कि जनता को गुमराह करने वाला नहीं, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव रखने वाला नेता चाहिए।

    अंबेडकर और आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश से सवाल
    संजय निषाद ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से जुड़े मुद्दों पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान बाबा साहेब की मूर्तियां खंडित हुईं और प्रमोशन में आरक्षण खत्म कर दिया गया। निषाद के मुताबिक, दलित समाज के लोग इन मुद्दों पर अखिलेश यादव से सवाल कर रहे हैं और उन्हें इसका जवाब देना पड़ेगा।

    निषाद समाज के साथ अन्याय का लगाया आरोप
    मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के राज में निषाद समाज के साथ अन्याय हुआ। संजय निषाद ने निषादों के आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा।

    सपा शासन में दंगों और कर्फ्यू का लगाया आरोप
    संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में दंगों की भरमार थी, आए दिन कर्फ्यू लगता था और पीएसी (PAC) तैनात करनी पड़ती थी। संजय निषाद ने कहा कि उस समय हर त्योहार तलवार के साथ मनाया जाता था, जबकि योगी सरकार में अब त्योहार संस्कार के साथ मनाए जाते हैं।

    रोजगार और नेताओं की भाषा पर भी निशाना
    संजय निषाद ने कहा कि योगी सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को नौकरी देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कामों पर जनता ताली बजाती है, जबकि सपा ने गालीबाज पैदा किए और हर समाज से ऐसे नेताओं को पार्टी में जगह दी गई जो गाली देते हैं।

  • 22 सितंबर राशिफल: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा मंगलवार, जानें किन्हें रहना होगा सतर्क

    22 सितंबर राशिफल: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा मंगलवार, जानें किन्हें रहना होगा सतर्क

    मेष
    आज का दिन धन और वित्त के मामले में अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। दिन के बाद नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है।

    वृषभ
    आज का दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है।

    मिथुन
    आज व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है।

    कर्क
    हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। कारोबार फलेगा-फूलेगा, इसलिए अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं।

    सिंह
    आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। आपके काम की सराहना होगी और तारीफ भी मिलेगी। यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

    कन्या
    आज आज करियर में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। हाइड्रेटेड रहें और सेल्फ-केयर पर फोकस करें। आपके खर्चे और आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।

    तुला
    करियर और फाइनेंशियल लाइफ आज नॉर्मल रहेगी। आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। व्यवसाय में आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है।

    वृश्चिक
    आज आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी लेकिन कुछ अप्रत्याशित खर्चे चीजें बिगाड़ सकते हैं और तनाव का कारण बन सकते हैं।

    धनु
    व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। आज आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। जंक फूड्स से दूरी बनाएं और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें।

    मकर
    आज कुछ नुकसान होने की आशंका है। आज आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। वहीं, खुद और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए।

    कुंभ
    आज फिटनेस पर ध्यान दें और तनाव से दूर रहें। आपके दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं।

    मीन
    आज तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। पार्टनरशिप करने वालों में मतभेद हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है। शाम में आपको कुछ राहत मिलने की संभावना है।

     

  • सपा राज में मिलता था अपराधियों को सरंक्षण, सवाल करने पर पूछते हैं पत्रकारों की जाति- अखिलेश पर दयाशंकर सिंह का हमला

    सपा राज में मिलता था अपराधियों को सरंक्षण, सवाल करने पर पूछते हैं पत्रकारों की जाति- अखिलेश पर दयाशंकर सिंह का हमला

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव को पूरी तरह बौखलाया हुआ बताते हुए कहा कि मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों की जाति पूछना उनकी बौखलाहट को दिखाता है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़े जाने के मुद्दे पर भी दयाशंकर सिंह ने सपा के पुराने शासनकाल याद दिलाते हुए गंभीर आरोप लगाए।

    अंबेडकर की मूर्तियों के मुद्दे पर सपा पर हमला
    प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव की ओर से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियां तोड़े जाने का मुद्दा उठाए जाने पर दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा अपने शासनकाल में बाबा साहब का लगातार अपमान करती रही है। दयाशंकर सिंह के मुताबिक, लखनऊ के अंबेडकर मैदान में स्थापित मूर्ति को भी सपाइयों ने खंडित करने का काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान बाबा साहब के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया।

    पत्रकारों की जाति पूछने पर अखिलेश पर निशाना
    दयाशंकर सिंह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में उनकी जाति पूछने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि जब मीडिया सपा शासनकाल में अपराध और बलात्कार के आरोपियों को संरक्षण दिए जाने को लेकर सवाल करती है, तो पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के बजाय उनकी जाति पूछी जाने लगती है।

    ‘अपराधियों को संरक्षण के आरोप
    मंत्री दयाशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बलात्कारियों और अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर मीडिया सवाल उठाती है तो अखिलेश यादव बौखलाहट में पत्रकारों की जाति पूछने लगते हैं। इस तरह का व्यवहार अखिलेश यादव की राजनीतिक बौखलाहट को सामने लाता है।

    मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी बोला हमला
    वहीं योगी सरकार में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। सपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने 2012 से 2017 के बीच रहे सपा शासन को भ्रष्टाचार और खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सपा शासन में लोगों के बीच सुरक्षा का अभाव था और कानून व्यवस्था की स्थिति भी ठीक नहीं थी।

    सपा शासन में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
    हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उनके कार्यकाल में यूपी में भ्रष्टाचार का बोलबाला था और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों में खुद को सुरक्षित महसूस करने की स्थिति नहीं थी।

  • सपा राज में कसाई प्राथमिकता थे, योगी सरकार में गाय और किसान… धर्मपाल सिंह का अखिलेश पर निशाना

    सपा राज में कसाई प्राथमिकता थे, योगी सरकार में गाय और किसान… धर्मपाल सिंह का अखिलेश पर निशाना

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा सरकार और योगी सरकार के कार्यकाल में गौ संरक्षण की व्यवस्था का अंतर बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते गाय कसाई को देखकर कांपती थी, जबकि 2017 के बाद स्थिति बदल गई है और अब 'कसाई गाय को देखकर कांपता है। धर्मपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अवैध स्लॉटर हाउस बंद किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में किसान उनकी प्राथमिकता नहीं थे, जबकि योगी सरकार की प्राथमिकता गाय और किसान दोनों हैं।

    अखिलेश को गोबर में बदबू, योगी के लिए चंदन जैसा पवित्र
    पशुधन मंत्री ने गाय को लेकर अखिलेश यादव पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि 'अखिलेश जी को तो गाय के गोबर में बदबू आती है,' जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए गाय का गोबर चंदन की तरह पवित्र है। धर्मपाल सिंह ने गाय की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि देसी गाय का दूध अमृत के समान माना गया है और इसी भावना के साथ योगी सरकार गौ संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है।

    यूपी में 7,500 गौ आश्रय केंद्र, 13 लाख गायें संरक्षित
    गौ आश्रय स्थलों को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि इस समय उत्तर प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 7,500 गौ आश्रय केंद्र हैं, जहां करीब 13 लाख गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन 30 रुपये दिए जाते थे, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिदिन कर दिया है।

    हर जिले में हरे चारे की व्यवस्था
    मंत्री ने बताया कि गौ संरक्षण केंद्रों में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में एक हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा उगाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गौचर भूमि को कब्जामुक्त कराकर वहां चारा बोने का काम किया गया है। उन्होंने बताया कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए छह विभागों की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। इसमें ग्राम विकास, पंचायती राज, राजस्व, पुलिस, पशुधन और नगर विकास विभाग शामिल हैं। जिलाधिकारी को कमेटी का अध्यक्ष और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को संयोजक बनाया गया है।

    गौ तस्करों पर कार्रवाई, निराश्रित गोवंश को संरक्षण
    धर्मपाल सिंह ने कहा कि सभी विभाग मिलकर निराश्रित गोवंश के संरक्षण का काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गौ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पशुधन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता गौ संरक्षण है और प्रदेश में निराश्रित गोवंश को संरक्षण देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल सिद्धांत 'पशु सेवा अस्माकं धर्मः' है और इसी भावना के साथ गौ संरक्षण की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा है।

  • पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें अखिलेश… भ्रष्टाचार के आरोपों पर अनिल राजभर का करारा जवाब

    पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें अखिलेश… भ्रष्टाचार के आरोपों पर अनिल राजभर का करारा जवाब

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पर आरोप लगाने से पहले समाजवादी पार्टी को अपने कार्यकाल के कामकाज का हिसाब देना चाहिए। अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि हल्का आदमी ही अखिलेश यादव की तरह रोज-रोज बयानबाजी करता है। इसीलिए सपा प्रमुख की उपयोगिता खत्म हो गई है।

    सपा भ्रष्टाचार की बात करे, यह अजूबा है
    अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी का भ्रष्टाचार की बात करना ही अपने आप में अजूबा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेता लगातार सरकार को लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के दावों के साथ-साथ सपा के पुराने रिकॉर्ड को भी समझती है।

    उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी मौजूदा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है, तो उसे अपने शासनकाल से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए। अनिल राजभर ने इसी सिलसिले में JPNIC, गोमती रिवर फ्रंट, आगरा एक्सप्रेसवे, सरकारी नौकरियों और खनन जैसे मामलों का जिक्र किया।

    JPNIC से खनन तक के मुद्दे पर सपा को घेरा
    मंत्री ने कहा कि सपा राज में JPNIC और गोमती रिवर फ्रंट समेत कई परियोजनाओं को लेकर सवाल उठे थे। उन्होंने खनन को लेकर भी सपा सरकार पर निशाना साधते हुए अनियमितताओं के आरोप लगाए। अनिल राजभर ने यह भी कहा कि पिछली सरकार के दौरान खनन से जुड़े मामलों में मंत्रियों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने इन मामलों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी से जवाब मांगा। मंत्री ने कहा कि विपक्ष को मौजूदा सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन उसे अपने कार्यकाल से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।

    अखिलेश को सच्चाई सुनने की हिम्मत रखनी चाहिए
    मीडिया के सवालों को लेकर भी अनिल राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पत्रकार सपा सरकार के कार्यकाल या उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े सवाल पूछते हैं, तो पार्टी के नेता असहज हो जाते हैं।

    उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और राजनीतिक दलों को कठिन सवालों का भी जवाब देने की हिम्मत रखनी चाहिए। अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेता मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों को ही निशाना बनाने लगते हैं।

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    लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ महापुरुषों के गौरवशाली योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मेरठ के फलावदा स्थित जनता पीजी कॉलेज का नाम परिवर्तित कर चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज, फलावदा, मवाना किए जाने की कार्रवाई की गई है।

    प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक बनाने के साथ ही विद्यार्थियों को देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुषों के विचारों एवं जीवन मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है। शिक्षण संस्थानों का महापुरुषों के नाम से जुड़ाव विद्यार्थियों को उनके संघर्ष, विचार और योगदान से परिचित कराने का सशक्त माध्यम है।

    उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा जनता पीजी कॉलेज, फलावदा के नाम परिवर्तन के संबंध में शासन को प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया था। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा प्रस्ताव पर विचार करते हुए नाम परिवर्तन की संस्तुति की गई। इसी क्रम में शासन स्तर से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाही करते हुए महाविद्यालय का नाम चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज, फलावदा, मवाना किए जाने का निर्णय लिया गया है।

    चौधरी चरण सिंह का देश और प्रदेश के सामाजिक, शैक्षिक एवं कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। किसानों, ग्रामीण समाज और शिक्षा के प्रति उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। ऐसे महापुरुषों के नाम से शिक्षण संस्थानों का जुड़ना विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेगा और उन्हें राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायित्वों को समझने में मदद करेगा।

    उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार महापुरुषों के सम्मान को केवल स्मरण तक सीमित रखने के बजाय उनके विचारों और योगदान को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए संस्थागत प्रयास कर रही है। प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की पहचान, गौरव और गुणवत्ता को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, शोध, नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उच्च शिक्षा को नई दिशा देते हुए ऐसे वातावरण का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें युवा ज्ञान, कौशल और संस्कारों के साथ आगे बढ़ सकें।

    उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज, फलावदा का नया नाम विद्यार्थियों को चौधरी चरण सिंह के जीवन, विचारों और राष्ट्रहित में उनके योगदान से जोड़ने के साथ ही उन्हें समाज और देश के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने की प्रेरणा देगा।

  • योगी सरकार करेंगी स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय, पीएम पोषण और ऑपरेशन कायाकल्प भी एजेंडे पर चर्चा

    योगी सरकार करेंगी स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय, पीएम पोषण और ऑपरेशन कायाकल्प भी एजेंडे पर चर्चा

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में कक्षा-कक्ष की गुणवत्ता से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन और विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग तक नियमित निगरानी को मजबूत किया जाएगा। इसी क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी प्रत्येक माह के चतुर्थ शनिवार को प्रधानाध्यापकों के साथ मासिक समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में निपुण भारत मिशन, प्री-प्राइमरी शिक्षा, डिजिटल संसाधन, पीएम पोषण, ऑपरेशन कायाकल्प, बालिका शिक्षा, समावेशी शिक्षा, नामांकन-उपस्थिति और वित्तीय प्रगति समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी। 

    इस मासिक समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से कक्षा-कक्ष की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अधिगम, डिजिटल संसाधनों, नामांकन-उपस्थिति, विद्यालयी सुविधाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन को एक नियमित समीक्षा तंत्र से जोड़ा जाएगा। इससे विद्यालय स्तर पर प्रगति की निरंतर निगरानी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के लिए निर्धारित व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

    निपुण लक्ष्य से अधिगम अंतर तक होगी समीक्षा
    बैठक में निपुण भारत मिशन एवं गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन को प्रमुखता दी जाएगी। शैक्षिक कैलेंडर एवं मासिक पाठ्यक्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति, कक्षा संचालन, निपुण लक्ष्य एवं आईसीटी शिक्षण सामग्री के प्रदर्शन तथा संदर्शिका-टीएलएम के प्रभावी उपयोग की समीक्षा होगी। विद्यार्थियों के अधिगम अंतर को कम करने के लिए कैच-अप शिक्षण, पढ़ने की संस्कृति विकसित करने और पुस्तकालय में पुस्तकों के उपयोग को भी परखा जाएगा। निपुण तालिका में दक्षताओं के अंकन, निपुण एप के नियमित आकलन तथा परख एवं निपुण आकलन के परिणामों की समीक्षा की जाएगी। 

    होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड और प्री-प्राइमरी पर जोर
    विद्यार्थियों की समग्र प्रगति के आकलन के लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड से संबंधित निर्देशों एवं प्रशिक्षण के अनुपालन की समीक्षा होगी। प्रत्येक बैठक में दो प्रधानाध्यापकों द्वारा होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड साझा किए जाएंगे और उनका अभिलेखीकरण किया जाएगा। प्री-प्राइमरी शिक्षा के अंतर्गत विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों, यू-डायस मॉड्यूल में गतिविधियों की प्रविष्टि, बालवाटिका की उपलब्ध सामग्री के उपयोग तथा 3-6 वर्ष आयु के बच्चों के नामांकन एवं उपस्थिति की भी समीक्षा होगी। 

    स्मार्ट क्लास से डिजिटल पुस्तकालय तक उपयोग की होगी पड़ताल
    विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब एवं डिजिटल पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग की समीक्षा की जाएगी। एनबीडीयूपी पोर्टल की मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट रिपोर्ट के आधार पर इन संसाधनों के उपयोग, उपकरणों की कार्यशीलता और तकनीकी समस्याओं की स्थिति देखी जाएगी। साथ ही यू-डायस+ डेटा, अपार आईडी और डिजिटल रजिस्टर को अद्यतन रखने की स्थिति भी परखी जाएगी। 

    नामांकन, उपस्थिति और विद्यालयी सुविधाओं की भी निगरानी
    ‘स्कूल चलो अभियान’, हाउसहोल्ड सर्वे, आउट-ऑफ-स्कूल बच्चों की पहचान एवं नामांकन तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मध्याह्न भोजन के मेन्यू, वितरण, फल एवं दूध की नियमितता को भी देखा जाएगा। ऑपरेशन कायाकल्प एवं निर्माण कार्यों के अंतर्गत लंबित कार्य, विद्यालय परिसर में अतिक्रमण तथा सीडब्ल्यूएसएन और बालिका शौचालयों की क्रियाशीलता की समीक्षा होगी। 

    बालिका शिक्षा से समावेशी शिक्षा तक
    बालिका शिक्षा एवं केजीबीवी के अंतर्गत मीना मंच, रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण और बालिकाओं से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर व्यवस्थाओं और शैक्षिक गतिविधियों का अनुश्रवण किया जाएगा। समावेशी शिक्षा के अंतर्गत प्रशस्त एप के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग की स्थिति भी देखी जाएगी। 

    एजेंडे में खेल, इको क्लब और वित्तीय प्रगति भी
    खेलकूद गतिविधियों के नियमित आयोजन एवं उनकी फोटो प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करने की स्थिति की समीक्षा होगी। इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ, ‘एक पेड़ मां के नाम’, एसएचवीआर और ‘स्पेशल कैंपेन 6.0’ जैसी गतिविधियों के संचालन को भी देखा जाएगा। इसके साथ समग्र शिक्षा, पीएम श्री और पीएम पोषण के अंतर्गत वित्तीय व्यय की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। 

    योगी सरकार में बीईओ-प्रधानाध्यापक की मासिक बैठकों के माध्यम से शैक्षिक गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जाएगी। स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल पुस्तकालय जैसे संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया जाएगा।
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    बीईओ-प्रधानाध्यापक की मासिक बैठक को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और इंटरएक्टिव पैनल के प्रभावी उपयोग से जुड़े प्रशिक्षण वीडियो के माध्यम से विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
    मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा

  • एशियन गेम्स-2026: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय निशानेबाजों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दी बधाई

    एशियन गेम्स-2026: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय निशानेबाजों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दी बधाई

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स-2026 में निशानेबाजी की एयर राइफल स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारतीय खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सोमवार को 10 मीटर एयर राइफल की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने रजत पदक और श्री रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल ने कांस्य पदक जीतकर देशवासियों को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि हमारे प्रतिभावान निशानेबाजों ने एशियन गेम्स में सटीक निशाना साधकर भारत को पहले डबल पोडियम फिनिश के जश्न मनाने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन गेम्स में भाग ले रहे भारतीय दल में शामिल सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामना की है।

  • सड़कों का विकास और समृद्धि से सीधा नाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सड़कों का विकास और समृद्धि से सीधा नाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कों के निर्माण का, क्षेत्र के विकास और समृद्धि से सीधा नाता है। सड़कें अपने साथ क्षेत्र के लिए उज्जवल भविष्य लेकर आती हैं। गणेश उत्सव और सेवा संकल्प अभियान की मंगल बेला में हाटपिपलिया क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात मिल रही है। लगभग 98 करोड रुपए की लागत से बनने वाला 32 किलोमीटर लंबा, राजोदा- केलोद- डबलचौकी मार्ग, हाट पिपल्या को देवास, इंदौर और बैतूल से जोड़ेगा। यह मार्ग राजौदा से शुरू होकर केलोद होते हुए ग्राम डबल चौकी में इंदौर बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा। इस क्षेत्र के निवासियों का इंदौर और बैतूल आना-जाना आसान होगा। सड़क से क्षेत्र के करीब 25 गांव के 70 हजार ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। देवास जिला मुख्यालय आने-जाने में करीब 40 से 45 किलोमीटर की दूरी कम होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवास जिले के हाट पीपल्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजौदा-केलोद -डबल चौकी मार्ग के ग्राम केलोद में सपन्न भूमि पूजन कार्यक्रम को मुख्य मंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। ग्राम केलोद में हुए कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

    सेवा-संकल्प अभियान में सभी करें सहभागिता
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सुखलिया से टिगरिया मार्ग निर्माण की घोषणा की। लगभग 12 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण 1140 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। इससे 20 गांव की 20 हजार से अधिक ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जुलाई माह में सन्नोड़ के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट सांदीपनी विद्यालय भवन की सौगात दी गई है। हाटपिपल्या के विकास में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप प्रदेश में सबका साथ-सबका विकास के भाव को चरितार्थ किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश भर में स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख ग्रामीण अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी माताओं , बहनों, युवाओं और बुजुर्गों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

  • जुड़वा बहनों की बायोमीट्रिक पहचान बनी चुनौती, योगी सरकार की संवेदनशीलता से दूसरी बहन का आधार बना

    जुड़वा बहनों की बायोमीट्रिक पहचान बनी चुनौती, योगी सरकार की संवेदनशीलता से दूसरी बहन का आधार बना

    लखनऊ। योगी सरकार की संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था में जनसमस्याओं के समाधान के साथ मानवीय सरोकारों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। रामपुर में इसका एक उदाहरण उस समय सामने आया, जब बायोमीट्रिक समानता के कारण पिछले कई वर्षों से पहचान के संकट से जूझ रहीं जुड़वा बहनों को जिला प्रशासन की पहल पर अपनी अलग-अलग पहचान मिली। मोहल्ला खारी कुआं निवासी जुबैर इलियास की जुड़वा बेटियों तुबा जुबैर व खिजरा जुबैर के फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियों (रेटिना) की बायोमीट्रिक समानता के चलते आधार पंजीकरण में तकनीकी अड़चन आ रही थी। एक बच्ची का कार्ड बनने के बाद दूसरी बच्ची का डेटा डुप्लीकेट बताकर खारिज कर दिया जाता था।

    योगी सरकार के संवेदनशील प्रशासन ने दिलाई पहचान
    समस्या का समाधान न होने से परिवार कई वर्षों से परेशान था। दूसरी बेटी का पहचान पत्र नहीं बनने से उसके स्कूल दाखिले, सरकारी योजनाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी भविष्य की जरूरतों को लेकर पिता चिंतित थे। ऐसे में अपनी समस्या लेकर जुबैर इलियास रामपुर जिला प्रशासन के जनता दर्शन पहुंचे, जहां डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने योगी सरकार की जनता के प्रति संवेदनशील नीति का परिचय देते हुए दिल्ली स्थित भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) मुख्यालय में संपर्क किया। तीन माह के प्रयास के बाद एक जैसे फिंगरप्रिंट व रेटिना की बायोमेट्रिक समानता के बावजूद दोनों जुड़वा बहनों को आखिरकार अपनी अलग पहचान मिल गई। 

    जनता दर्शन में डीएम ने लिया तत्काल संज्ञान
    रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आमजन की समस्याओं के निस्तारण के लिए रोजाना सुबह दस बजे कलेक्ट्रेट परिसर में जनता दर्शन का आयोजन किया जाता है। करीब तीन माह पहले जनता दर्शन में जब जुबैर इलियास ने अपनी बेटियों की इस समस्या के बारे में बताया तो उन्होंने तुरंत इसका संज्ञान लेते हुए एक्शन लिया। उन्होंने यूआईडीएआई, नई दिल्ली के सचिव से दूरभाष पर सीधा संपर्क साधा और इस दुर्लभ बायोमीट्रिक समस्या से अवगत कराते हुए विशेष तकनीकी समाधान की पैरवी की। इसके बाद मुख्यालय ने अपवाद के तहत दोनों बच्चियों के दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया पूरी की।

    संवेदनशील सरकार का उदाहरण
    वर्षों से पहचान के संकट से जूझ रहे परिवार के लिए यह बड़ी राहत रही। आधुनिक व्यवस्था में स्कूल दाखिले, सरकारी योजनाओं और विभिन्न नागरिक सुविधाओं तक पहुंच के लिए आधार एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में दूसरी बेटी की पहचान सुनिश्चित होने से उसके भविष्य को लेकर परिवार की चिंता भी दूर हुई। सीएम योगी के विजन को साकार करते हुए जिला प्रशासन ने तकनीकी अड़चन को पात्र नागरिक के अधिकार और जरूरी दस्तावेज हासिल करने की राह में बाधा नहीं बनने दिया।

    डीएम से मिलकर जताया आभार
    पहचान पत्र मिलने के बाद जुबैर दोनों बेटियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम का व्यक्तिगत आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जनता दर्शन में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।