Author: NewseDay

  • मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान

    मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान

    मीरजापुर

    योगी सरकार की ओर से उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की यह पहल मीरजापुर के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। इस ट्रेड शो में जनपद के 10 कालीन कारोबारी व 2 मिष्ठान कारोबारी हिस्सा लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाले कारोबारियों और 86 देशों के आयातकों को मीरजापुर में तैयार होने वाले आकर्षक कालीन, दरी और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए बाजार और विदेशी खरीदारों से जुड़ने का मंच मिलेगा।

    जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो मीरजापुर के कालीन उद्योग को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बदलते परिदृश्य में स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए विदेशी खरीदारों और कारोबारियों से संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे निर्यात के नए रास्ते खुलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट तथा मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट हाल नंबर-9 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। वहीं मेसर्स परी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स नंदिनी हैंडीक्राफ्ट तथा मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हाल नंबर-10 में उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स हाल नंबर-14 और मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन हाल नंबर-15 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

    उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना मीरजापुर के कालीन उद्योग के लिए 'संजीवनी' साबित हुई है। ओडीओपी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और आर्थिक सहायता से कालीन कारोबार को प्रोत्साहन मिला है। कारोबार में वृद्धि का सकारात्मक असर कालीन बुनकरों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कालीन निर्माण से जुड़े परिवारों को भी इसका लाभ मिल रहा है।

    विदेशी मेहमान चखेंगे लाल पेड़ा और बालूशाही का स्वाद

    उन्होंने बताया कि एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत मीरजापुर के लाल पेड़ा और बालूशाही जैसे प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों को भी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वैश्विक मंच मिलेगा। ओम मिष्ठान भंडार और गुरुकृपा स्वीट्स हाल नंबर-16 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ट्रेड शो में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े और बालूशाही का स्वाद भी चख सकेंगे। उपायुक्त ने बताया कि स्थानीय कालीनों के साथ मीरजापुर की पारंपरिक मिठाइयों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति से जिले के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है। इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से मीरजापुर की हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों की पहचान देश वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों, बुनकरों और कारीगरों को नए ग्राहक और बाजार मिलने के साथ ही जिले की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।

  • यूपीआईटीएस में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम दे रही योगी सरकार, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे आयोजन का हिस्सा

    यूपीआईटीएस में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम दे रही योगी सरकार, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे आयोजन का हिस्सा

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 को केवल व्यापार और निवेश का मंच ही नहीं, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों के लिए सीखने, संवाद करने और वैश्विक कारोबारी वातावरण को समझने का अवसर बनाने पर भी जोर दे रही है। इसी क्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विद्यार्थियों को आयोजन की विभिन्न गतिविधियों में उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा और परिसर से बाहर निकलकर वास्तविक कारोबारी, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के माहौल को समझने का अवसर देगी।

    आयोजन प्रबंधन से लेकर बी2बी बैठकों तक निभाएंगे भूमिका
    योजना के अनुसार 25 से 29 सितंबर के दौरान विद्यार्थियों की भागीदारी शटल संचालन, स्कैनिंग, सांस्कृतिक गतिविधियों, नॉलेज सेशन, इंफॉर्मेशन डेस्क और बी2बी मीटिंग्स सहित विभिन्न कार्यों में रहेगी। विद्यार्थियों को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वालेंटियर्स के रूप में जोड़ा गया है।इसके लिए वालेंटियर्स की चार टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयोजन से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। छात्र सहभागिता के लिए फैकल्टी सुपरविजन और नोडल संपर्क की व्यवस्था भी की गई है।

    स्टार्टअप और उद्यमिता से सीधे जुड़ेंगे विद्यार्थी
    योगी सरकार की ओर से युवाओं को उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने की दिशा में यूपीआईटीएस में विद्यार्थियों के लिए कई विशेष गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इनमें यंग एंटरप्रेन्योर हंट के साथ स्टार्टअप/फाउंडर जोन प्रमुख है। स्टार्टअप और फाउंडर जोन में विद्यार्थियों को उद्यमियों एवं फाउंडर्स के साथ 15 मिनट की इंटरैक्शन का अवसर मिलेगा।इसके अलावा करियर कॉर्नर में इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट से संबंधित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इससे विद्यार्थी उद्योग जगत की अपेक्षाओं, रोजगार के अवसरों और वास्तविक प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।

    इंटरनेशनल पासपोर्ट’ से सीखेंगे वैश्विक व्यापार की बारीकियां
    छात्रों की सहभागिता को सीखने की गतिविधियों से जोड़ने के लिए इंटरनेशनल पासपोर्ट की भी व्यवस्था की गई है। इसमें विद्यार्थियों को 10 से 15 स्टांप अर्जित करने होंगे। इसके साथ फोटो इंस्टॉलेशन और अलग-अलग देशों को प्रदर्शित करने वाली कंट्री वॉल्स भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कॉलेज एक्सपो एंबेसडर्स के माध्यम से भी विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक कॉलेज से प्रस्तावित रूप से 5 से 10 विद्यार्थी एंबेसडर के तौर पर जोड़े जा सकते हैं।

    एक्सपो पासपोर्ट से 8-10 डिस्कवरी टास्क
    छात्रों के लिए तैयार लर्निंग एंड रिकॉग्निशन एंड फ्रेमवर्क में एक्सपो पासपोर्ट को विशेष स्थान दिया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को 8 से 10 डिस्कवरी टास्क्स पूरे करने होंगे। इसके अलावा 45 से 60 मिनट की गाइडेड थीम्ड ट्रेल्स भी आयोजित की जाएंगी। निर्धारित गतिविधियां पूरी करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स ऑन कंप्लीशन दिए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की यूपीआईटीएस में मौजूदगी को केवल भ्रमण तक सीमित न रखकर उसे अनुभवात्मक सीख से जोड़ना है।

    युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कदम
    गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की यह भागीदारी यूपीआईटीएस को व्यापार, निवेश और शिक्षा के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। एक ओर विद्यार्थी आयोजन प्रबंधन और स्वयंसेवा का व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे, वहीं दूसरी ओर उन्हें स्टार्टअप, फाउंडर्स, उद्योग, करियर अवसरों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की गतिविधियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। इस तरह योगी सरकार के नेतृत्व में यूपीआईटीएस में व्यापार और निवेश के साथ युवा सहभागिता, कौशल, उद्यमिता और अनुभवात्मक शिक्षा को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जा रहा है।

  • नहरों की बढ़ेगी जल वहन क्षमता, किसानों के खेतों तक सुचारु पहुंचेगा पानी

    नहरों की बढ़ेगी जल वहन क्षमता, किसानों के खेतों तक सुचारु पहुंचेगा पानी

     झज्जर
     नहरों को अब टूटने, क्षतिग्रस्त होने और पानी की बर्बादी से बचाने के लिए मजबूत कवच दिया जाएगा। प्रदेश की 106 नहरों के सुदृढ़ीकरण पर 2484.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विश्व बैंक की सहायता से संचालित होने वाली महत्वाकांक्षी ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना के तहत नहरों के कमजोर हिस्सों को मजबूत करने के साथ उनकी जल वहन क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।

    इससे नहरों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और किसानों के खेतों तक नहरी पानी की आपूर्ति अधिक सुचारु हो सकेगी। परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का जिम्मा निजी एजेंसी को सौंपा गया है।

    डीपीआर तैयार होने के बाद नहरों पर होने वाले कार्यों की लागत, प्राथमिकता और क्रियान्वयन की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद औपचारिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभाग को उम्मीद है कि इसी वित्त वर्ष में बजट जारी कर दिया जाएगा। ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना का कुल अनुमानित बजट करीब 5714 करोड़ रुपये है।

    इसमें विश्व बैंक की ओर से लगभग 4000 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य केवल नहरों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि प्रदेश के जल संसाधनों को संरक्षित करने और उपलब्ध पानी का अधिकतम एवं प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। परियोजना के तहत प्रदेश को 15 क्लस्टरों में बांटा गया है।

     

  • मुख्यमंत्री ने मऊगंज में बलराम आयोजित कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित

    मुख्यमंत्री ने मऊगंज में बलराम आयोजित कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि हमारा संकल्प है। किसानों के लिए खेती के साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, नई तकनीक अपनाना जरूरी हैं। किसानों द्वारा किए जा रहे नवाचार और कृषि उद्योगों की स्थापना से दिन-प्रतिदिन स्थितियां बदल रही हैं। मऊगंज भले ही नया जिला है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और यहां के लोगों के परिश्रम से जिले का तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में किसानों को दिन में ही दस घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार किसानों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार मऊगंज में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय से संबोधित करते हुए व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज के कार्यक्रम में शामिल हो रहे किसानों और जन सामान्य को डोल ग्यारस की बधाई दी। उन्होंने देव तालाब में विराजे भोलेनाथ और अष्टभुजा महारानी को वर्चुअल नमन भी किया।

    प्राकृतिक खेती से कम लागत में अधिक उत्पादन ले रहे हैं किसान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे किसान नीम कोटेड यूरिया, नैनो यूरिया, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और प्राकृतिक खेती जैसे प्रयासों से कम लागत से अधिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उद्यानिकी में भी किसान नए प्रयोग कर रहे हैं। स्ट्रॉबेरी, काला आलू, विशेष का किस्म के तरबूज और मखाने जैसी नवाचार आधारित खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मऊगंज के टमाटर और प्याज के स्वाद के लोग दीवाने हैं। मत्स्य पालन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियां भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

    सीतापुर-हनुमना, सूक्ष्म दबाव सिंचाई योजना से सिंचाई सुविधा बढ़ेगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीतापुर-हनुमना, सूक्ष्म दबाव सिंचाई योजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मऊगंज जिले में गौरमा, नैना और गाड़ा तीन बड़े बांध हैं। इसके साथ ही नई गढ़ी सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। जिले में खेती मजबूत हो किसान समृद्ध हो कृषि आधारित उद्योग लगे और युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले, इसी दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से किया संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को खेती के साथ दुग्ध उत्पादन को भी प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर सांची के ब्रांड को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से इस पहल का लाभ लेते हुए दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज के उन्नत किसानों  जसमन पटेल,  तुलसीराम पांडे, मती अनीता मिश्रा,  उमाशंकर त्रिपाठी से कृषि के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों और कृषि से संबंधित अन्य विषयों पर वर्चुअली चर्चा की। मऊगंज में आयोजित कार्यक्रम में विधायक  प्रदीप पटेल और अपेक्स बैंक के प्रशासक  महेन्द्र सिंह यादव विशेष रूप से उपस्थित थे।

     

  • धान खरीद में देरी से नाराज किसान, कुरुक्षेत्र में GT रोड पर चक्का जाम

    धान खरीद में देरी से नाराज किसान, कुरुक्षेत्र में GT रोड पर चक्का जाम

    शाहाबाद/कुरुक्षेत्र.

    धान की सरकारी खरीद शुरू न होने को लेकर मंगलवार को किसान राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर कूच कर दिया है। इससे पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के साथ बैठक की। वार्ता बेनतीजा रही, जिससे किसान जीटी रोड जाम करने के लिए निकल पड़े।

    किसानों को रोकने के लिए बराड़ा रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कई किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बावजूद कुछ किसान फ्लाईओवर पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने नीचे उतार लिया।

    आधे घंटे चले बवाल के बाद किसानों ने बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह स्मारक के पास धरना शुरू कर दिया। SP चंद्रमोहन भी हालात का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। DSP रणधीर ने कहा कि GT रोड पर ट्रैफिक चल रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा, “देश का पेट पालने वालों पर बमबारी हुई। हम पाकिस्तानी नहीं हैं। सैंकड़ों गोले दागे, पानी छोड़ा, लाठचार्ज किया। मेरे भी पैर पर चोट आई। जब तक हमारी बात नहीं मानी जाएगी, हम यहीं रहेंगे। हमने मोर्चा लगा दिया है।”

    22 सितंबर तक का दिया था अल्टीमेटम
    गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि 16 सितंबर को धान की सरकारी खरीद को लेकर शाहाबाद अनाज मंडी में किसानों की बैठक हुई थी। इसमें कुरुक्षेत्र के DC विश्राम कुमार मीणा भी पहुंचे थे। किसानों ने मंडियों में फसल पहुंचने का हवाला देते हुए जल्द खरीद शुरू करने की मांग की थी। प्रशासन ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्र से तय समय से पहले 20 सितंबर से खरीद शुरू कराने का अनुरोध किया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था और मांग पूरी न होने पर 22 सितंबर को जाम लगाने की चेतावनी दी थी।

    'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल 27 सितंबर तक खुला
    सरकार ने किसानों को फसल रजिस्ट्रेशन का एक और मौका दिया है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है। किसान 27 सितंबर तक फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसानों की मांग है कि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और खरीद प्रक्रिया में तालमेल रहे, ताकि मंडियों में फसल खरीद के लिए इंतजार न करना पड़े।

    पिछले साल से शुरू हुई खरीद
    धान खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार पर दबाव बनाया था। 2025 में हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। पहले खरीद 1 अक्टूबर से होनी थी, लेकिन किसानों की मांग और विरोध के बाद तारीख आगे बढ़ाई गई थी। पिछले साल करीब 59.62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी।

  • MLC चुनाव से पहले यूपी में सियासी हलचल, शिक्षक संघ के 7 प्रत्याशी तय; 1 सीट पर पेंच

    MLC चुनाव से पहले यूपी में सियासी हलचल, शिक्षक संघ के 7 प्रत्याशी तय; 1 सीट पर पेंच

    लखनऊ
    यूपी विधान परिषद चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। 11 विधान परिषद सीट के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 27 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 6 है। वहीं, विधान परिषद की खंड स्नातक और शिक्षक सीटों पर चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने सोमवार को सात प्रत्याशी घोषित किए। फैजाबाद-गोरखपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार चुनाव जीतने वाले ध्रुव कुमार त्रिपाठी की सीट पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। सुरेश त्रिपाठी ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया है और प्रमोद मिश्रा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।

    बता दें कि 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के चुनाव के लिए भाजपा ने पांच कैंडिडेट के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने इन पांचों सीटों पर मौजूदा एमएलसी को ही दोबारा टिकट दिया है। 11 सीटों में फिलहाल छह भाजपा, तीन सपा, एक शिक्षक दल और एक निर्दलीय के पास है।

    इन्हें मिला टिकट
    उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ की राज्य परिषद की बैठक में वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर प्रमोद कुमार मिश्रा, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जगजीवन प्रसाद शुक्ला, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डा. सुनीत गिरि, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डा. दिलीप कुमार अमौरिया, मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर सुशील कुमार पुंडीर, वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चौधरी दिनेश चंद्र रॉय और मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर अमित जैन को प्रत्याशी बनाया गया है।

    इस सीट से अभी किसी को नहीं मिला टिकट
    उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ से फैजबाद-गोरखपुर खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी की सीट पर अभी किसी को टिकट नहीं दिया गया है। यह सीट अभी छोड़ दी गई है। प्रदेशीय उपाध्यक्ष व प्रवक्ता डा. आरपी मिश्रा ने बताया कि इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए किसी भी प्रत्याशी ने अभी तक दावा नहीं किया गया। ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने भी टिकट नहीं मांगा है। सूत्रों की मानें तो ध्रुव कुमार त्रिपाठी सत्ताधारी दल से टिकट मिलने की आस में अभी इंतजार कर रहे हैं।

    वहीं इलाहाबाद-झांसी खंड शिक्षक सीट पर उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ से चुनाव हार चुके सुरेश कुमार त्रिपाठी ने संगठन के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। अब उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ का कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा को बनाया गया है। सुरेश कुमार त्रिपाठी भी सत्ताधारी दल से खंड स्नातक चुनाव में टिकट की चाह रखते हैं और यही कारण है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ दिया है। कभी विधान परिषद में उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट का दबदबा हुआ करता था। शिक्षक और खंड स्नातक की ज्यादातर सीटों पर उनके प्रत्याशी ही चुनाव जीतते रहे हैं।

  • यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: ग्लोबल मंच पर चमकेगा आगरा, 36 उद्यमी लगाएंगे 60 स्टाल

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: ग्लोबल मंच पर चमकेगा आगरा, 36 उद्यमी लगाएंगे 60 स्टाल

    आगरा

    ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) 2026 में ताजनगरी के उद्यमी अपनी व्यापारिक क्षमता और हुनर की धमक दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की इस शानदार पहल से आगरा के स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नवाचारियों को एक बड़ा ग्लोबल मंच उपलब्ध हो रहा है। इस वृहद आयोजन में आगरा जनपद की भागीदारी हर साल बढ़ रही है। इस वर्ष जिले के 36 उद्यमी यूपीआईटीएस में हिस्सा लेंगे, जिनके लिए 60 स्टाल आरक्षित किए गए हैं। 

    नवोदित और महिला उद्यमियों को बड़ा मंच

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार आगरा के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को अवसर दिया गया है। मेले में ओडीओपी ( एक जनपद एक उत्पाद) श्रेणी के तहत 8 इकाइयों के 10 स्टाल लगेंगे। इसके अलावा महिला उद्यमी, एमएसएमई और युवा उद्यमियों की श्रेणी में 7 इकाइयों के 7 स्टाल लगाए जा रहे हैं। इनमें 4 महिला उद्यमी और 3 युवा उद्यमी शामिल हैं, जो अपने नवाचार को वैश्विक खरीदारों के सामने पेश करेंगे। वहीं व्यापार को निर्यात के स्तर पर ले जाने के लिए 'नवोदित निर्यातक' श्रेणी में 17 इकाइयों के 25 स्टाल और 'नियमित निर्यातक' श्रेणी में 9 इकाइयों के 10 स्टाल लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत भी एक इकाई पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रही है।

    आगरा के शिल्प और हुनर की दिखेगी व्यापक रेंज

    ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में सजने वाले इस ट्रेड शो में आगरा के उत्पादों की शानदार रेंज देखने को मिलेगी। स्टॉलों पर मुख्य रूप से आगरा का विश्व प्रसिद्ध लेदर उत्पाद, मार्बल स्टोन उत्पाद, फुटवियर, लेदर फुटवियर, होम डेकोर, कारपेट, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम साड़ियां, गारमेंट्स, जरी जरदोजी और इमीटेशन ज्वेलरी का भव्य कलेक्शन प्रदर्शित किया जाएगा। विदेशी मेहमान और बड़े खरीदार आगरा की इस समृद्ध शिल्प कला और हुनर से सीधे रूबरू होंगे।

    लाइव किचन और लजीज व्यंजनों की रहेगी धूम

    यूपीआईटीएस में न केवल शिल्प बल्कि ताजनगरी के जायके की भी विशेष धूम रहेगी। ओडीओसी श्रेणी के तहत 5 इकाइयां हिस्सा ले रही हैं। ट्रेड शो में आने वाले देशी-विदेशी खरीदार आगरा के विश्व प्रसिद्ध पेठे का स्वाद चख सकेंगे। इसके साथ ही आगरा की पारंपरिक मिठाइयों व नमकीन का बेहतरीन डिस्प्ले किया जाएगा। एक विशेष 'लाइव किचन' भी यहां का प्रमुख आकर्षण होगी, जहां ताजे और स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जाएंगे।

    वर्जन-
    उ.प्र. सरकार के प्रयासों से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो स्थानीय उद्यमियों के लिए व्यापार विस्तार का एक बेहतरीन मंच बन चुका है। इस वृहद आयोजन से हमारे नवोदित और युवा उद्यमियों, विशेषकर महिला उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संवाद करने, बी2बी मीटिंग करने और अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। विभाग द्वारा सभी प्रतिभागियों को हर संभव सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। शैलेंद्र कुमार, उपायुक्त उद्योग

  • भुल्लर परिवार में बढ़ी सियासी खींचतान, फिरोजपुर शहरी सीट से कुलदीप सिंह की एंट्री

    भुल्लर परिवार में बढ़ी सियासी खींचतान, फिरोजपुर शहरी सीट से कुलदीप सिंह की एंट्री

    फिरोजपुर.

    आम आदमी पार्टी के फिरोजपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रणवीर सिंह भुल्लर के भाई कुलदीप सिंह भुल्लर ने भी आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने की इच्छा जाहिर करते हुए पार्टी की टिकट पर दावेदारी पेश कर दी है।

    कुलदीप भुल्लर ने मंगलवार सुबह अपने इंटरनेट मीडिया खाते पर समर्थकों की इच्छा सार्वजनिक करते हुए कहा कि वह स्वयं चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के आग्रह के बाद उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। कुलदीप सिंह भुल्लर के मुताबिक पिछले दिनों करीब 30 से 40 गांवों के लोग उनके पास पहुंचे और उनसे विधानसभा चुनाव लड़ने का आग्रह किया। समर्थकों ने उनसे कहा कि आम आदमी पार्टी को उनसे बेहतर उम्मीदवार नहीं मिल सकता।

    भुल्लर ने पिछले 3 दिन में जुटाए 13 लाख रुपये
    उन्होंने बताया कि जब उन्होंने समर्थकों से कहा कि चुनाव लड़ने के लिए उनके पास धन नहीं है, क्योंकि वह अपना काफी कुछ दान कर चुके हैं, तो समर्थकों ने स्वयं चुनाव का खर्च उठाने की बात कही। भुल्लर ने कहा कि समर्थकों ने पिछले तीन दिनों में ही आपस में करीब 13 लाख रुपये एकत्र कर लिए हैं। उनका प्रयास है कि पार्टी की ओर से उन्हें ही टिकट मिले। कुछ दिन पहले डेढ़ करोड़ रुपये के बॉन्ड पिंगलवाड़ा अमृतसर को दान देने की घोषणा के बाद कुलदीप भुल्लर चर्चा में आए थे।

    पत्रकारिता से जुड़े भुल्लर अब चला रहे योग कक्षा
    तीन दशक तक पत्रकारिता से जुड़े रहे कुलदीप भुल्लर पिछले छह वर्षों से अपने गांव में योग की कक्षाएं भी चला रहे हैं। उनके अनुसार करीब तीन दर्जन लोग नियमित रूप से उनसे योग सीख रहे हैं और विभिन्न बीमारियों में योग के माध्यम से लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि जब उनके भाई रणवीर सिंह भुल्लर पहले से ही आम आदमी पार्टी के विधायक हैं तो वह स्वयं टिकट की दावेदारी क्यों कर रहे हैं, कुलदीप भुल्लर ने कहा कि यह उनका नहीं, बल्कि उनके समर्थकों का फैसला है। समर्थकों ने जो जिम्मेदारी उन्हें दी है, वह उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं।

    15 लोगों ने जताई आप पार्टी से टिकट की इच्छा
    गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में रणवीर सिंह भुल्लर फिरोजपुर शहरी सीट से विजयी हुए थे। उनकी पत्नी डा. अमनदीप कौर गोसल भी आगामी चुनाव में टिकट की इच्छा जता चुकी हैं। वहीं, फिरोजपुर शहरी क्षेत्र में अब तक करीब 15 लोग आम आदमी पार्टी की टिकट के लिए अपनी दावेदारी या इच्छा सार्वजनिक कर चुके हैं। ऐसे में टिकट को लेकर पार्टी के भीतर दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।

  • छत्तीसगढ़ BJP में फिर सक्रिय होंगे किरण सिंह देव, इलाज के बाद कल लौटेंगे

    छत्तीसगढ़ BJP में फिर सक्रिय होंगे किरण सिंह देव, इलाज के बाद कल लौटेंगे

    रायपुर.

    सड़क हादसे में घायल छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव दिल्ली में उपचार के बाद कल छत्तीसगढ़ लौटेंगे। वे दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ निवास से रवाना होकर शाम तक रायपुर पहुंचेंगे।

    इसके साथ ही BJP प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की अटकलों पर विराम लग गया है। किरण सिंह देव लौटते ही प्रदेश में भाजपा की कमान फिर से संभालेंगे।

    सड़क हादसे में घायल हुए थे किरण सिंह देव
    बता दें कि किरण सिंह देव 29 जुलाई को परिवार के साथ बागेश्वर धाम से लौट रहे थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र में झांसी-ललितपुर नेशनल हाईवे-44 पर उनकी इनोवा आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई थी। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए दिल्ली ले जाया गया, जहां मेदांता अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया। हादसे के बाद से उनका उपचार दिल्ली में ही चल रहा था। अब उपचार पूरा होने के बाद वे वापस छत्तीसगढ़ लौट रहे हैं।

    दिल्ली में नेताओं ने की मुलाकात
    इलाज के दौरान दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ निवास में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने किरण सिंह देव से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था।

  • प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादन और ऊर्जा भंडारण समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद पर विचार-मंथन के लिए भोपाल में एकत्र हुईं विद्युत कम्पनियां
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का किया शुभारंभ

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, पावर कट से पावर सरप्लस स्टेट अर्थात बिजली गुल से बिजली फुल राज्य बना है। हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जो अपनी ऊर्जा जरूरत से आगे बढ़कर देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। वर्तमान में नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण केवल देश ही नहीं, अपितु समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज मध्यप्रदेश में 32 हजार मेगावाट की ऊर्जा क्षमता है, जिसमें से 30% हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। मध्यप्रदेश, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद विषय पर आयोजित ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का होटल मैरिएट में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पुस्तक 'सैलियंट पॉवर स्टैटिस्टिक्स वर्ष 2024-25 से 2025-26' विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत वितरण कम्पनियों के इस साझा मंच से ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों के ठोस समाधान निकलेंगे। इस अवसर पर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न विद्युत कम्पनियों के प्रतिनिधि तथा ऊर्जा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

    मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में सभी क्षेत्रों में बिजली अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। राज्य सरकार बिजली की खपत बढ़ाने के साथ-साथ इसके उत्पादन और संधारण पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक के साथ नई इकाईयां प्रारंभ की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में 360 डिग्री बदलाव आया है। जब जी-20 सम्मेलन में ग्रीन-क्लीन एनर्जी का उत्पादन बढ़ाने और उपयोग का मुद्दा उठा, तो भारत ऐसा देश रहा, जिसने 50 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करके दिखाया है। यह प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प से ही संभव हो पाया है। अब हम नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ते जा रहे हैं।

    राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी क्षेत्रों की अपनी एक अलग विशेषता है। ग्रीन- गो ने नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावॉट क्षमता का प्लांट स्थापित किया है। यह देश का सबसे अनूठा और सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। आमतौर पर इतनी बड़ी परियोजना का काम पूरा होने में 4 से 6 वर्ष लग जाते हैं, लेकिन सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में यह काम केवल दो से ढाई साल में पूर्ण हो रहा है। राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी प्रकार की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सौर ऊर्जा की शक्ति से परिचित कराया है। देश में सौर ऊर्जा के उपयोग के कारण कार्बन उत्सर्जन में 20 करोड़ टन से अधिक गिरावट दर्ज की गई है। थर्मल पॉवर और अन्य पारंपरिक तरीकों के स्थान पर अब हम विंड, सोलर और पंप स्टोरेज से बिजली बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में अब पानी से और पानी पर भी बिजली बन रही है।

    सस्ती भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी कार्यशाला

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र अभूतपूर्व बदलाव से गुजर रहा है। हमारी जिम्मेदारी केवल बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करना नहीं, बल्कि उसे विश्वसनीय, टिकाऊ और किफायती बनाना है। भविष्य के लिए हमें सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण का ऐसा संतुलित मिश्रण विकसित करना होगा, जिससे ऊर्जा संक्रमण की लागत न बढ़े और उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार न पड़े।

    मंत्री तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में नई संगठनात्मक संरचना और नई भर्तियों को मिली स्वीकृति, निश्चित ही हमारी विद्युत कंपनियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस कार्यशाला से ऐसे व्यावहारिक सुझाव निकलेंगे जो हमारी वितरण कंपनियों को अधिक सक्षम, वित्तीय रूप से मजबूत और भविष्य के लिए तैयार कर सकेंगे। कार्यशाला सस्ती और भरोसेमंद बिजली के लिए उपयोगी रहेगी। ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार ने कांफ्रेस के उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने कॉन्फ्रेंस में पधारने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।