Author: NewseDay

  • MGM मामले में NMC ने मांगी रिपोर्ट, एंटी-रैगिंग रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे

    MGM मामले में NMC ने मांगी रिपोर्ट, एंटी-रैगिंग रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे

    इंदौर 
    एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमवाय अस्पताल में PG JR-1 डॉ. सिम्मी यादव से कथित रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अकादमिक दबाव के मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कॉलेज प्रबंधन से 24 घंटे में पैरावाइज कमेंट और एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने घटना की तत्काल, निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ जांच के निर्देश दिए हैं।

    NMC को यह शिकायत डॉ. सिम्मी के भाई कुणाल यादव की ओर से मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीनियर रेजिडेंट्स ने डॉ. सिम्मी को कथित तौर पर बार-बार प्रताड़ित किया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और कागजी काम करने के लिए दबाव बनाया।

    इंसुलिन की अधिक मात्रा लेने का आरोप
    शिकायत में दावा किया गया है कि डॉ. सिम्मी ने इंसुलिन की अधिक मात्रा लेकर आत्महत्या का प्रयास किया। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। परिवार के पास घटना से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड होने का भी दावा किया गया है।

    NMC ने कॉलेज से घटना की तारीख, समय और परिस्थितियों के साथ यह जानकारी मांगी है कि डॉ. सिम्मी किस स्थिति में मिली थीं और उनकी वर्तमान मेडिकल स्थिति क्या है।

    14-15 घंटे ड्यूटी कराने के आरोप की भी जांच
    शिकायत में आरोप है कि आधिकारिक रोस्टर में करीब 12 घंटे की ड्यूटी के बजाय डॉ. सिम्मी से कथित तौर पर 14 से 15 घंटे तक काम कराया गया। इसके अलावा पर्याप्त गैर-अकादमिक और कागजी काम सौंपे जाने का भी आरोप लगाया गया है।

    NMC ने ड्यूटी रोस्टर, बायोमेट्रिक और अटेंडेंस रिकॉर्ड, ड्यूटी व हैंडओवर रजिस्टर तथा अवकाश रिकॉर्ड मांगे हैं। आयोग ने वास्तविक ड्यूटी अवधि और आधिकारिक रोस्टर के बीच अंतर की जांच करने को भी कहा है।

    सार्वजनिक अपमान और धमकी के आरोप
    शिकायत में मामूली गलतियों पर कथित सार्वजनिक अपमान, मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। डॉ. सिम्मी को लगातार टारगेट करने और परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी दावा किया गया है।

    आयोग ने कॉलेज से पूछा है कि क्या डॉ. सिम्मी ने इससे पहले रैगिंग, उत्पीड़न, अत्यधिक कार्यभार या गैर-अकादमिक काम को लेकर मौखिक अथवा लिखित शिकायत की थी। शिकायत होने पर उसकी कॉपी और उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है।

    NMC ने डॉ. यशस्वी, डॉ. निकिता और डॉ. श्वेता से जुड़े आरोपों की भी अलग-अलग जांच कर उनका पक्ष और जवाब रिपोर्ट में शामिल करने को कहा है।

    HOD को शिकायत की जानकारी थी या नहीं, मांगा जवाब
    आयोग ने पूछा है कि कथित शिकायतों की जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. निलेश दलाल को कब और किस माध्यम से दी गई थी। इसके बाद क्या कार्रवाई की गई, काउंसलिंग, मध्यस्थता, चेतावनी या निगरानी जैसी कोई व्यवस्था की गई या नहीं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।

    एंटी रैगिंग कमेटी और स्क्वाड की भी जांच
    NMC ने कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग स्क्वाड के गठन और कामकाज का ब्योरा मांगा है। इसमें समिति की संरचना, निगरानी व्यवस्था, निरीक्षण व राउंड के रिकॉर्ड, प्राप्त शिकायतें और उन पर हुई कार्रवाई शामिल है।

    आयोग ने संबंधित विभाग के PG छात्रों से वरिष्ठ रेजिडेंट्स और फैकल्टी की अनुपस्थिति में गोपनीय बातचीत करने को भी कहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि विभाग में उत्पीड़न, अपमान, धमकी या गैर-अकादमिक काम के दबाव की अन्य शिकायतें तो नहीं हैं।

    वॉट्सऐप और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश
    NMC ने संबंधित वॉट्सऐप ग्रुप, मैसेज, ईमेल, शिकायतें, ड्यूटी रोस्टर, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, हैंडओवर रजिस्टर, अवकाश और अकादमिक रिकॉर्ड समेत सभी संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी रिकॉर्ड को बदला, हटाया या नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।

    शिकायत के कारण अकादमिक नुकसान नहीं हो
    NMC ने कॉलेज से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि शिकायत करने या जांच में शामिल होने के कारण डॉ. सिम्मी की PG ट्रेनिंग, अटेंडेंस, फॉर्मेटिव असेसमेंट, थीसिस, परीक्षा पात्रता या अकादमिक प्रगति प्रभावित न हो।

    कॉलेज को यह भी बताना होगा कि डॉ. सिम्मी को आगे के उत्पीड़न, धमकी या प्रतिशोध से बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मानसिक स्वास्थ्य सहायता और काउंसलिंग की व्यवस्था का विवरण भी रिपोर्ट में देना होगा।

    24 घंटे में दस्तावेजों के साथ देनी होगी रिपोर्ट
    NMC ने कॉलेज प्रबंधन से सभी बिंदुओं पर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ पैरावाइज कमेंट और ATR 24 घंटे के भीतर भेजने को कहा है। जांच के दौरान या उसके बाद डॉ. सिम्मी के खिलाफ किसी तरह की प्रताड़ना, धमकी, प्रतिशोध या प्रतिकूल अकादमिक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    आयोग ने जांच में जानकारी देने वाले छात्रों और रेजिडेंट्स की पहचान कानून के दायरे में गोपनीय रखने को कहा है। साथ ही रैगिंग रोकने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और 9 मार्च 2026 के NMC पब्लिक नोटिस के अनुपालन की रिपोर्ट भी मांगी है।

  • गर्भवती महिला से मारपीट और धमकी का मामला, SI समेत 4 पर केस

    गर्भवती महिला से मारपीट और धमकी का मामला, SI समेत 4 पर केस

    बालाघाट
    बालाघाट के किरनापुर पुलिस थाने में दर्ज चोरी के मामले को लेकर महिला से अमानवीय मारपीट का मामला सामने आया था। इसके बाद पुलिस की एसआईटी ने जांच की, जिसमें कानून का उल्लंघन कर महिला को जबरन जुर्म कबूल करने के लिए डराने-धमकाने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आई। 

    चोरी की जांच में थाने लाई गई थी महिला
    मामला 21 अगस्त को किरनापुर पोस्ट ऑफिस के सामने हुई 50 हजार रुपए की चोरी से जुड़ा है। पुलिस 2 सितंबर को टिमकीटोला निवासी सावित्री चौधरी और उनके पति कैलाश चौधरी को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। आरोप है कि यहां दोनों के साथ मारपीट और महिला के साथ दुर्व्यवहार किया गया। 3 सितंबर को सावित्री को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया गया था।

    समाज ने किया था थाने का घेराव
    महिला से मारपीट के आरोपों के विरोध में मरार माली समाज ने 15 सितंबर को किरनापुर में आंदोलन किया था। इस दौरान थाने में पथराव और तोड़फोड़ भी हुई थी। पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, समाज अध्यक्ष रमेश पंचे, जिला पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच समेत 63 नामजद और 100 से 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित धाराओं में केस दर्ज किया था।

    एसआईटी ने जांच में पाई अनियमितताएं
    एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देश पर डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी ने चौधरी दंपती की शिकायत की जांच की। एसआईटी के अनुसार महिला को पर्याप्त कानूनी आधार के बिना थाने में रखा गया। रिपोर्ट में सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी और न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया में भी अनियमितता सामने आने की बात कही गई है।

    केवल इकबालिया बयान के आधार पर कार्रवाई
    जांच रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने पर्याप्त परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए बिना महिला के खिलाफ कार्रवाई की। एसआईटी ने महिला और उसके पति को अवैधानिक रूप से थाने में रखने, डराने-धमकाने और अनुचित दबाव डालने के आरोपों की भी पुष्टि की है।

    चार पुलिसकर्मियों पर इन धाराओं में केस
    एसआईटी जांच के आधार पर पुलिस ने एसआई दामेन्द्र तुरकर, प्रआर आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम के खिलाफ बीएनएस की धारा 127, 115(2), 296(बी), 351(1) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है।

    एक दिन पहले पीड़िता ने बताई थी पूरी घटना
    एसआईटी रिपोर्ट सामने आने से एक दिन पहले सावित्री चौधरी ने पति कैलाश के साथ मीडिया के सामने थाने में हुई घटना के बारे में बताया था। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने भी महिला को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत की उस टिप्पणी का हवाला दिया था, जिसमें गिरफ्तारी को अवैधानिक बताते हुए महिला को रिहा किए जाने की बात कही गई थी।

  • आज रायगढ़ जाएंगे CM साय, आयुर्वेद सम्मेलन में करेंगे शिरकत

    आज रायगढ़ जाएंगे CM साय, आयुर्वेद सम्मेलन में करेंगे शिरकत

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर और रायगढ़ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रायपुर में आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन में शामिल होंगे.

    इसके बाद दोपहर 12:40 बजे से 1:40 बजे तक बिरगांव में भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. मुख्यमंत्री साय दोपहर 3 बजे दो दिवसीय रायगढ़ दौरे के लिए रवाना होंगे. रायगढ़ में वे भाषा शिक्षण कार्यक्रम और रात में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम रायगढ़ के सर्किट हाउस में होगा.

    24 सितंबर को सीएम साय रायगढ़ में सेवा संकल्प सेवादान और वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम में शामिल होंगे. साथ ही घाट विकास परियोजना का शिलान्यास करेंगे. सुबह करीब 11:35 बजे तक वह रायपुर लौट आएंगे.

  • UPI पेमेंट पर व्यापारियों का विरोध, स्कैनर पर बांधेंगे काला कपड़ा

    UPI पेमेंट पर व्यापारियों का विरोध, स्कैनर पर बांधेंगे काला कपड़ा

    भोपाल/इंदौर / ग्वालियर

    मध्य प्रदेश में आज 'नो-UPI डे' रहेगा। भोपाल, इंदौर समेत पूरे प्रदेश के व्यापारी ₹2000 से अधिक का यूपीआई भुगतान नहीं लेंगे।अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश ने यह आह्वान किया है।हालांकि, किसी भी व्यापारी से जोर-जबर्दस्ती नहीं की जाएगी। भोपाल में यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढांककर सांकेतिक विरोध भी जताएंगे।इससे पहले इंदौर में मंगलवार रात को टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में रीगल स्क्वायर पर हुए प्रदर्शन में 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने ‘यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए।

     अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाया है। सभी व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं।सरकार के इस फैसले का विरोध शहरभर के व्यापारी व उनके संगठन 23 सितंबर बुधवार को नो-यूपीआई डे मनाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

    साथ ही वे अपने-अपने प्रतिष्ठान व दुकान पर यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढंककर रखेंगे। नो यूपीआई डे मनाने का आह्वान शहर की व्यापारिक संस्था चैंबर ऑफ कॉमर्स व मध्यप्रदेश व्यापारी संघ ने किया है।

    चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारियों का कहना है कि दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्सन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लगाना गलत निर्णय है, क्योंकि इसका असर व्यापारियों पर पड़ेगा।

    इसके बाद इसका असर कहीं न कहीं आम लोगों पर ही आएगा। अभी सभी व्यापारी अपने कामकाज को सही तरीके से लिखा पढ़ी में ले आए हैं। इस निर्णय से फिर से नकद लेनदेन शुरू होगा और पहले जैसी टैक्स चोरी व कालाधन जैसी समस्याएं पैदा होंगी।

    यूपीआई से नहीं करेंगे लेनदेन
    इसलिए बुधवार को संस्था के सदस्यों सहित अंचल के सभी व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों से अपील की गई है कि व्यापारिक ट्रांजेक्शन पर एमडीआर चार्ज लिए जाने का विरोध करते हुए सभी नो यूपीआई डे मनाएं और अपने-अपने स्कैनरों को काले कपड़े से ढंक कर रखें और यूपीआई से लेनदेन न करें।

    व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेंद्र खंडेलवाल ने बताया कि व्यापार संघ थाटीपुर के नेतृत्व में क्षेत्र के सभी व्यापारी एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे। सभी व्यापारी इसकी फोटो संघ के ग्रुप में भेजेंगे, जिसे प्रदेश की वेबसाइट पर अपलोड कर सरकार तक व्यापारियों की नाराजगी पहुंचाई जाएगी।

    सरकार का निर्णय व्यापारियों पर आर्थिक बोझ

    व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल ने बताया कि सरकार का यह निर्णय सीधे तौर पर व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डालेगा। अधिकतम राशि 300 रुपए तक वसूली जाएगी।

    यदि व्यापारी एक दिन में 2 हजार रुपए से ज्यादा के 10 ट्रांसजेक्शन भी लेता है तो उसे 3 हजार रुपए देना पड़ सकते हैं। थोक किराना समेत जितने भी थोक व्यापार है, उनके लिए परेशानी ज्यादा बढ़ेगी। किराना में ही 90 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन 2 हजार रुपए से ज्यादा का होता है।

    अग्रवाल ने बताया कि वे खुद थोक तेल के कारोबारी है। यदि किसी ने 15 लीटर का एक जार भी लिया है तो उसकी कीमत 2200 रुपए तक है। जब ग्राहक ट्रांसजेक्शन करेगा तो मुझे सीधे तौर पर एमडीआर देना पड़ेगा।

    15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम बता दें कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 रुपए से ज्यादा के पर्सन टु मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा। ₹75000 और उससे ज्यादा के लेन-देन पर चार्ज ₹300 रुपए होगा।

    प्रदेश के 4700 पेट्रोल पंप पर भी यह फैसला मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से 2 हजार से ज्यादा के बिल पर UPI पेमेंट नहीं लेने का फैसला किया है। इससे पहले बुधवार को होने वाले सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में भी वे शामिल होंगे।

    व्यापारियों के खिलाफ सरकार-खण्डेलवाल
    खण्डेलवाल ने कहा सरकार ने यह शुल्क थोपकर डिजिटल इंडिया को सफल बनाने वाले व्यापारी वर्ग की कमर तोड़ने का काम किया है।

    कैट का नो यूपीआई डे कल राजीव प्लाजा मेंकंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) बुधवार को नो यूपीआई डे राजीव प्लाजा में दोपहर एक बजे से आंदोलन के रूप में मनायेगा।

    कैट के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर सभी मोबाइल व्यवसायी धरना प्रदर्शन करेंगे। साथ ही कैट मध्यप्रदेश के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन सभा को संबोधित करेंगे।

    कैट के महामंत्री रामकुमार गोयल, कोषाध्यक्ष नितिन गोयल, कार्यक्रम संयोजक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज चौरसिया ने सभी कैट पदाधिकारी और सदस्यों को नो यूपीआइ डे में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।

  • कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो छत्तीसगढ़ में विकास को मिलेगी नई रफ्तार: साय

    कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो छत्तीसगढ़ में विकास को मिलेगी नई रफ्तार: साय

    छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच महत्वपूर्ण समझौता

    बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के प्रति मुख्यमंत्री ने जताया आभार

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए समझौते को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक भी पहुंचे। इस समझौते से प्रदेश में नए हवाई संपर्क, हवाई पट्टियों के विकास और दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी उपयोगी होगा।

    मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा।

    उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के अंतर्गत देश में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डे तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर मंत्री जायसवाल ने दिए निर्देश

    सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर मंत्री जायसवाल ने दिए निर्देश

    रायपुर : सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल

    प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारी हेतु ली समीक्षा बैठक

    अंगदान का संकल्प लेने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

    रायपुर

    बलौदाबाजार भाटापारा जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को जिला प्रवास के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष मे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा  बैठक ली।  इस दौरान अंगदान का संकल्प लेने वाले 5 दानदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया औऱ उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। अंगदान संकल्प लेने वालों मे जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल,फिरतराम साहू, पुष्पा साहू,भाटापारा से वेदराम आनंद एवं  रेशमा बाई शामिल हैं।

    सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल

     प्रभारी मंत्री जायसवाल ने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को अति महत्वपूर्ण बताते हुए सभी कार्यक्रमो का बेहतर आयोजन सुनिश्चित करने एवं अधिक से अधिक जनसहभागिता हेतु आवश्यक निर्देश एवं मार्गदर्शन दिये। उन्होंने आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का जिले मे बेहतर आयोजन की सराहना की औऱ आगामी सभी कार्यक्रम को गरिमापूर्ण आयोजन की बात कही।

    बैठक मे आगामी सभी कार्यक्रमों की तैयारी के सम्बन्ध मे विस्तृत समीक्षा की।उन्होंने मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम अंतर्गत विद्यालय स्तर से ब्लॉक एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिये विद्यार्थियों की संख्या निर्धारण करने कहा। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम अंतर्गत अंगाबाड़ी कार्यकर्त्ता,सहायिका मितानिन का सम्मान,गर्भवती माताओ व बच्चों का हेल्थ चेक -अप एवं खेलकूद आयोजित करने के निर्देश दिये।सेवा की कहानी अंतर्गत लाभार्थियों की सफलता की कहानी सभी मीडिया प्लेटफार्म मे जारी करने, सेवा मेरा योगदान अंतर्गत स्वच्छता अभियान गांव,शहरों,नदी,घाट,तालाब आदि की सफाई जनसहभागिता से करें। उन्होंने सेवा सेतु शिविर के सम्बन्ध मे कहा कि सभी ब्लॉक मे एक- एक चिहांकित गांव मे आयोजित करना है जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियो की टीम मौजूद रहेंगे। शिविर मे मेगा हेल्थ कैम्प का विशेष रूप से आयोजन किया जाए। शिविर का उद्देश्य आने वाले आवेदको को लाभार्थी बनाकर वापस भेजने का हो। उनके समस्याओ का तत्काल निराकरण होना चाहिए।

  • गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर जोर, मंत्री सारंग ने मांगी कार्ययोजना

    गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर जोर, मंत्री सारंग ने मांगी कार्ययोजना

    उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कमेटी

    सहयोगी संबंधित विभागों के समन्वय से बनायें रूपरेखा : मंत्री सारंग
    प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये हुई बैठक

    भोपाल 

    प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रमाणित एवं हाइब्रिड बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिये कार्य-योजना पर चर्चा की गई।

    मंत्री सारंग ने कहा कि दलहन के बीजों की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाना होगा। जिस प्रकार पिछले वर्ष 5 बीजों पर बीज संघ ने काम किया था, उसी प्रकार इस वर्ष कार्य-योजना बनाई जाये। दूसरे विभागों से क्या अपेक्षाएँ हैं उस पर एक पीपीटी तैयार करें। मंत्री सारंग ने कहा कि एक हाई लेवल कमेटी बनाकर उच्च गुणवत्ता का बीज तैयार करने और इसके लिये अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की जाये। हाई लेवल कमेटी में सहकारिता, कृषि, उद्यानिकी और कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी शामिल हों, जो एक माह में विस्तृत रूप से कार्य कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

    बैठक में बीज उत्पादन एवं विपणन में शासकीय संस्थानों की उपादेयता, प्रमुख फसलों की बीज आवश्यकता, उपलब्धता, प्रदेश में प्रमुख फसलों का बोया गया क्षेत्रफल, फसलवार अधिक व कम उत्पादकता वाले जिले, हाइब्रिड बीज-आवश्यकता, शासकीय योगदान एवं कार्य-योजना, आगामी 5 वर्षों के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम, उद्यानिकी हाईब्रिड बीजों के लिये आधारभूत संरचना विकसित करने, बीज उत्पादन एवं विपणन में वर्तमान बाधाएँ एवं समाधान जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

    बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त के.सी. गुप्ता, सहकारिता आयुक्त दीपक सिंह, संचालक कृषि उमाशंकर भार्गव, उप सचिव मनोज सिन्हा और प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • ट्रीटेड पानी की होगी खपत, निकाय 50 किमी के दायरे में तलाशेंगे उपयोगकर्ता

    ट्रीटेड पानी की होगी खपत, निकाय 50 किमी के दायरे में तलाशेंगे उपयोगकर्ता

    उपचारित जल के उपयोग पर जोर, निकायों को 50 किमी के दायरे में यूजर तलाशने के निर्देश

    उद्योगों से लेकर रेलवे तक में उपयोग की होगी पड़ताल, 15 दिनों में निकाय देंगे जानकारी

    6 शहरों में बन रहे कुल 338 एमएलडी के एसटीपी

    सूडा ने निकायों को परिपत्र जारी कर संभावित उपयोगकर्ताओं की पहचान और आवश्यक कार्यवाही के दिए निर्देश

    रायपुर
     सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले उपचारित पानी के सदुपयोग के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग गंभीरता से पहल कर रही है। विभाग ने उपचारित जल के दोबारा उपयोग को बढ़ावा देने नगरीय निकायों को संभावित उपयोगकर्ताओं की पहचान और उनकी जल आवश्यकता के आकलन के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एसटीपी से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले थर्मल पावर प्लांट, उद्योग, रेलवे, शासकीय विभाग और अन्य संस्थानों से समन्वय करने को कहा गया है।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने राज्य के जिन 6 नगर निगमों में कुल 338 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माणाधीन है, वहां के आयुक्तों को परिपत्र जारी कर इस दिशा में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इन निकायों को एसटीपी के उपचारित जल के संभावित उपयोगकर्ताओं की जानकारी जुटाने को कहा गया है। साथ ही संबंधित संस्थानों को कितनी मात्रा में उपचारित जल की आवश्यकता होगी, इसका भी आकलन करने को कहा गया है। 

    50 किमी के दायरे में तलाशेंगे उपयोगकर्ता

    उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए एसटीपी के आसपास के क्षेत्र को केंद्र में रखा गया है। निकायों को 50 किलोमीटर की परिधि में स्थित थर्मल पावर प्लांट, उद्योगों, रेलवे, शासकीय विभागों और अन्य संस्थानों से संपर्क कर उनकी जल आवश्यकता की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। इससे एसटीपी से उपचारित जल उपलब्ध होने के बाद उसके उपयोग के लिए संभावित उपभोक्ताओं की पहचान पहले से की जा सकेगी।

    स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 और मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत 6 नगर निगमों में कुल 338 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माणाधीन हैं। बीरगांव में 55 एमएलडी, भिलाई-चरौदा में 13 एमएलडी, भिलाई में 150 एमएलडी, दुर्ग में 47 एमएलडी, अंबिकापुर में 32 एमएलडी और राजनांदगांव में 41 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है।

    केंद्र सरकार और एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप राज्य शासन की पहल

    सूडा ने दुर्ग, भिलाई, भिलाई-चरोदा, बीरगांव, अंबिकापुर और राजनांदगाव के निगम आयुक्तों को परिपत्र जारी कर बताया है कि भारत सरकार के ऊर्जा विभाग की टैरिफ पॉलिसी, 2016 के तहत एसटीपी के 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित थर्मल पावर प्लांटों में उपचारित जल के पुन: उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी एसटीपी के उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए निर्देशित किया है। सूडा ने संबंधित निकायों को संभावित उपयोगकर्ताओं और उनकी जल आवश्यकता के संबंध में जानकारी 15 दिनों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि एसटीपी का संचालन शुरू होने के बाद उपचारित जल का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

  • जम्मू के औद्योगिक विकास से रूबरू हुआ भोपाल का मीडिया दल

    जम्मू के औद्योगिक विकास से रूबरू हुआ भोपाल का मीडिया दल

    भोपाल से आए पत्रकारों के दल ने जम्मू क्षेत्र के औद्योगिक विकास के बारे में जानकारी ली

    सिडको  इंडस्ट्रियल एरिया में औद्योगिक इकाइयों का किया दौरा

    भोपाल/जम्मू 
     पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू आए पत्रकारों के एक दल ने आज जम्मू में उद्योग और वाणिज्य निदेशालय का दौरा किया। सहायक निदेशक श्री जतिंदर पॉल सिंह ने उनका स्वागत किया और उन्हें जम्मू-कश्मीर इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2021–30 और नई सेंट्रल सेक्टर स्कीम
      (NCSS 2021) के तहत जम्मू-कश्मीर में हो रहे तेज़ी से औद्योगिक बदलाव के बारे में जानकारी दी।श्री जतिंदर पॉल सिंह ने  मीडिया दल को बताया कि जम्मू डिवीज़न में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास हुआ है। यहां तय औद्योगिक एस्टेट्स में सरकारी ज़मीन पर 1,767 औद्योगिक इकाइयाँ काम कर रही हैं, जिनमें कुल ₹13,391.46 करोड़ का निवेश हुआ है और 49,795 लोगों को सीधा रोज़गार मिला है। 
    नई सेंट्रल सेक्टर स्कीम 2021 फ्रेमवर्क के तहत, 30 सितंबर 2024 तक 971 इकाइयों का पंजीयन हुआ। इनमें कुल ₹14,294 करोड़ का प्रस्तावित निवेश शामिल है, जिसमें से ₹10,514 करोड़ प्लांट और मशीनरी के लिए हैं। साथ ही, इससे 51,897 लोगों को रोज़गार मिलने का अनुमान है और ₹32,017 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन का भी अनुमान है।
    सहायक निदेशक ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र शासित प्रदेश में असल निवेश ₹5,824 करोड़ तक पहुँच गया। यह 2021 से पहले के समय में हुए औसत सालाना निवेश के मुकाबले 13 गुना ज़्यादा है। तेज़ी से काम करते हुए, 1 अगस्त 2026 तक रजिस्टर्ड 440 नई और विस्तार वाली इकाइयों में से 401 (यानी 91 प्रतिशत) ने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के इतिहास में पहली बार, पैकेजिंग, फ़ूड प्रोसेसिंग, पॉलिमर और फ़ार्मास्यूटिकल्स जैसे तेज़ी से बढ़ने वाले सेक्टर में कई बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ (मेगा इंडस्ट्रियल यूनिट्स) सफलतापूर्वक स्थापित की गई हैं, जिनमें से हर एक में ₹500 करोड़ से ज़्यादा का निवेश हुआ है।
    प्रतिनिधिमंडल को निवेशकों को मिलने वाले मज़बूत संस्थागत सहयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें ₹45 लाख तक के  डीजी सेट पर 100% सब्सिडी, ₹50 लाख तक के प्रदूषण नियंत्रण 
     उपकरणों पर 60% सब्सिडी, पात्र इकाइयों के लिए 10 साल तक 100% नेट SGST की वापसी, 5 साल तक टर्नओवर से जुड़े इंसेंटिव और सिंगल विंडो पोर्टल के ज़रिए मैनेज होने वाला 99 साल तक का पारदर्शी ज़मीन लीज़ फ़्रेमवर्क शामिल है।
    बाद में, प्रतिनिधिमंडल ने SIDCO इंडस्ट्रियल एरिया में मौजूद फील्ड यूनिट्स का दौरा किया और  नई स्थापित इंडस्ट्रियल यूनिट्स के कामकाज, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और ऑपरेशनल इकोसिस्टम को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

  • भोपाल मीडिया दल ने जाना जम्मू विमानतल के विस्तार का हाल

    भोपाल मीडिया दल ने जाना जम्मू विमानतल के विस्तार का हाल

    भोपाल से आए मीडिया दल ने जम्मू विमानतल के आधुनिकीकरण और विस्तार की जानकारी ली
    भोपाल 

    जम्मू से बड़ी खबर सामने आई है।पीआईबी के नेतृत्व में भोपाल से आए मीडिया दल ने जम्मू विमानतल का दौरा किया और यहां चल रहे आधुनिकीकरण एवं विस्तार कार्यों की जानकारी ली।

    इस दौरान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, जम्मू के निदेशक श्री देवेंद्र यादव ने मीडिया दल को विमानतल के विस्तार और नई टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण की जानकारी दी।

    उन्होंने बताया कि जम्मू विमानतल की नई टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण विजन 2047 के अनुरूप किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य की बढ़ती यात्री सुविधाओं और हवाई यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    मीडिया दल ने विमानतल पर चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।