Author: NewseDay

  • छोटे-सीमांत किसानों के लिए सस्ता कर्ज, ब्याज दर 18% से घटकर 6%

    छोटे-सीमांत किसानों के लिए सस्ता कर्ज, ब्याज दर 18% से घटकर 6%

    योगी सरकार में 18 से छह प्रतिशत पर आया किसानों के कर्ज का ब्याज
     
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से छोटे और सीमांत किसानों को सस्ता दीर्घकालिक ऋण
     
    11 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत की गई ब्याज दर, पांच लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य
     
    10 लाख के ऋण पर सालाना ब्याज में 50 हजार रुपये का अंतर
     
    लखनऊ

    खेती के लिए ट्रैक्टर लेना हो, कृषि यंत्र खरीदने हों या खेत से जुड़ा कोई दूसरा बड़ा काम करना हो, छोटे और सीमांत किसानों के लिए पूंजी जुटाना अब पहले के मुकाबले सस्ता होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के जरिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक यानी एलडीबी से मिलने वाले दीर्घकालिक ऋण की ब्याज दर घटाकर छह प्रतिशत कर दी है। कभी यही कर्ज किसानों को 18 प्रतिशत तक के ब्याज पर मिलता था। बाद में यह दर 14 प्रतिशत और फिर करीब 11 प्रतिशत तक पहुंची। अब किसान को छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा।
     
    ब्याज दर में पांच प्रतिशत अंक की कमी का असर किसान की जेब पर सीधे पड़ेगा। इसे 10 लाख रुपये के ऋण से समझें तो 11 प्रतिशत की दर पर एक वर्ष का साधारण ब्याज 1.10 लाख रुपये बनता है। छह प्रतिशत की दर पर यह 60 हजार रुपये होगा। यानी समान मूलधन पर एक वर्ष में ब्याज का अंतर 50 हजार रुपये है। वास्तविक बचत ऋण की अवधि, किस्त और बकाया मूलधन के आधार पर अलग होगी।
     
    पांच लाख किसानों तक पहुंचेगा सस्ता कर्ज
    मुख्यमंत्री योगी ने योजना के शुभारंभ पर अगले कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इस ऋण सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। खेती-बाड़ी और कृषि मशीनरी के लिए किसानों को कम ब्याज पर दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में पांच किसानों को ऋण स्वीकृति पत्र देकर इसकी शुरुआत भी कर दी गई।
     
    मुख्यमंत्री का कहना है कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा और किसान समृद्ध होगा तो भारत भी समृद्ध होगा। इसी सोच के साथ किसानों की पूंजी की जरूरत को कम ब्याज वाले ऋण से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
     
    18 से छह प्रतिशत तक ऐसे घटा ब्याज
    एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण पर ब्याज दर एक समय 18 प्रतिशत तक थी। इसे पहले घटाकर 14 प्रतिशत किया गया और बाद में करीब 11 प्रतिशत तक लाया गया। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के बाद अब यह छह प्रतिशत रह गई है। यानी 18 प्रतिशत के पुराने स्तर के मुकाबले ब्याज दर एक तिहाई रह गई है।
     
    सस्ते दीर्घकालिक कर्ज का सबसे अधिक लाभ उन छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जिन्हें खेती में एकमुश्त बड़े निवेश की जरूरत पड़ती है। कृषि मशीनरी और खेती की दूसरी जरूरतों के लिए कम ब्याज पर पूंजी मिलने से उन पर ब्याज का बोझ घटेगा। मुख्यमंत्री योगी का लक्ष्य इस व्यवस्था के जरिए किसान को खेती में निवेश के लिए सस्ता और संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।

  • छत्तीसगढ़ में किसी सहकारी शक्कर कारखाने को पहली बार इस श्रेणी में मिला नेशनल अवॉर्ड

    छत्तीसगढ़ में किसी सहकारी शक्कर कारखाने को पहली बार इस श्रेणी में मिला नेशनल अवॉर्ड

    रायपुर

    कवर्धा के भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दो पेराई सत्रों—2024-25 और 2025-26—के लिए ‘हाइएस्ट शुगर रिकवरी–अदर एरिया’ श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन ने नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित शुगर फैक्ट्री एफिशिएंसी अवॉर्ड समारोह में कारखाने को सम्मानित किया।

     समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।  छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष गौरव का अवसर है कि राज्य में पहली बार किसी सहकारी शक्कर कारखाने को इस श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

    सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर कारखाने से जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों और कारखाना प्रबंधन को बधाई देते हुए कहा कि किसानों द्वारा गुणवत्तापूर्ण गन्ने की आपूर्ति, कारखाने की तकनीकी दक्षता और बेहतर प्रबंधन से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने कहा, यह सम्मान किसानों की मेहनत और सहकारिता व्यवस्था की सामूहिक शक्ति का सम्मान है।

    सहकारिता मंत्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 'सहकार से समृद्धि’ के संकल्प के अनुरूप सहकारी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार सहकारी संस्थाओं को किसानों की आर्थिक प्रगति और ग्रामीण विकास का मजबूत माध्यम बनाने के लिए काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि संस्थाएं आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनें तथा उनके काम का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सहकारिता को गांवों की अर्थव्यवस्था से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

    सहकारिता मंत्री कश्यप ने कहा कि सहकारिता विभाग में डिजिटलीकरण, प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के कम्प्यूटरीकरण और आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। इससे सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की सफलता प्रदेश की अन्य सहकारी संस्थाओं को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

    लगातार दो वर्षों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
    समारोह में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा को दो पेराई सत्रों वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए “हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया” का नेशनल अवॉर्ड प्राप्त हुआ। कारखाने की ओर से यह पुरस्कार आयुक्त सहकारिता रमेश शर्मा, विभागीय अधिकारियों और कारखाना प्रबंधन के द्वारा  संयुक्त रूप से ग्रहण किया गया।

  • महिला आयोग की संयुक्त बैंच में 38 प्रकरणों की सुनवाई, प्रताड़ना और दहेज मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

    महिला आयोग की संयुक्त बैंच में 38 प्रकरणों की सुनवाई, प्रताड़ना और दहेज मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

    भोपाल

    मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की संयुक्त बैंच ने बुधवार को महिलाओं से जुड़े विभिन्न गंभीर मामलों की सुनवाई की। बैंच के समक्ष कुल 38 प्रकरणों में आवेदक और अनावेदक उपस्थित हुए। इनमें महिला प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, घरेलू अत्याचार, बलात्कार, यौन शोषण, हिंसा, हत्या और विभागीय विवाद सहित अन्य मामले शामिल थे। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव, सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने प्रकरणों की सुनवाई करते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    सुनवाई के दौरान महिला प्रताड़ना के 10, दहेज प्रताड़ना के 5, घरेलू अत्याचार के 5 और बलात्कार के 3 प्रकरण सामने आए। इसके अलावा मारपीट, विभागीय प्रकरण, पारिवारिक विवाद, हत्या, यौन शोषण, हिंसा और अन्य श्रेणी से संबंधित एक-एक प्रकरण की भी सुनवाई हुई। आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद प्रकरणों की प्रकृति के अनुसार संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

    कार्यस्थल पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप

    संयुक्त बैंच के समक्ष कार्यस्थल प्रताड़ना से जुड़ा एक मामला आया, जिसमें एक स्टाफ नर्स ने अस्पताल की प्रभारी मेट्रन और वार्ड इंचार्ज पर लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना किए जाने तथा निजी जीवन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए। शिकायतकर्ता ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से डॉक्टर की सलाह पर नाइट ड्यूटी से राहत मांगे जाने के बाद उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। नर्स ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग आयोग के समक्ष रखी।

    दहेज प्रताड़ना मामले में स्त्रीधन वापस दिलाने की मांग

    दहेज प्रताड़ना के एक अन्य प्रकरण में महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना किए जाने तथा स्त्रीधन और आभूषण अपने पास रखे जाने के आरोप लगाए। महिला ने आयोग को बताया कि उसने पूर्व में पुलिस और महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हुआ, लेकिन महिला के अनुसार विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। उसने पति द्वारा लगातार संपर्क किए जाने और बिना बताए मिलने आने का भी आरोप लगाया। महिला ने आयोग से मामले में उचित कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की।

    आयोग की बैंच ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से तथ्य प्राप्त किए और संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसके समक्ष आने वाले मामलों में शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों की बात सुनकर तथ्यों के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

     

  • रायपुर में रोजगार मेले का आयोजन, 8 हजार से ज्यादा पदों पर मिलेगा अवसर

    रायपुर में रोजगार मेले का आयोजन, 8 हजार से ज्यादा पदों पर मिलेगा अवसर

    राज्य स्तरीय रोजगार मेला 7 एवं 8 अक्टूबर को रायपुर में

    8 हजार से अधिक पदों पर मिलेंगे रोजगार के अवसर

    अधिकाधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

    रायपुर 
    प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन 7 एवं 8 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। यह आयोजन मुख्यमंत्री  श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होगा। रोजगार मेले में तकनीकी एवं गैर-तकनीकी क्षेत्रों के 8 हजार से अधिक पदों की रिक्तियां में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे ।

    कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा रोजगार मेले में प्रदेश के वृहद उद्योगों एवं निजी प्रतिष्ठानों को शामिल कर अधिक से अधिक रिक्त पद युवाओं के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इच्छुक युवा ई-रोजगार पोर्टल पर उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी प्राप्त करने के साथ ही रोजगार मेले के लिए अपना पंजीयन भी करा सकते हैं।

    राज्य एवं जिला स्तरीय रोजगार मेलों में चयनित आवेदकों को कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के करकमलों से ऑफर लेटर वितरित किए जाने की भी तैयारी है। इसके लिए जिलों से चयनित अभ्यर्थियों की सूची 01 अक्टूबर 2026 तक प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    रोजगार मेले में अधिकाधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। साथ ही जिला एवं राज्य स्तरीय रोजगार मेलों में चयनित युवाओं की कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।शासन ने इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने तथा प्रदेश के अधिकाधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर विशेष प्रयास करने को कहा गया है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश बिजली सेक्टर की महत्वपूर्ण जानकारी से परिपूर्ण प्रमुख विद्युत समंक 2026 का किया विमोचन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश बिजली सेक्टर की महत्वपूर्ण जानकारी से परिपूर्ण प्रमुख विद्युत समंक 2026 का किया विमोचन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस मध्यप्रदेश के विद्युत सेक्टर की जानकारियों व नवीनतम आंकड़ों से परिपूर्ण प्रमुख विद्युत समंक 2026 (सैलियंट पावर स्टैटिस्टिक्स) का ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस में विमोचन किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर वर्चुअली शामिल हुए। विद्युत उत्पादन, उपलब्धता, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन के नवीनतम आंकड़ों से समाहित बारह पृष्ठीय प्रमुख विद्युत समंक 2026 का प्रकाशन एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के स्टेट प्लानिंग सेल ने किया है।

    प्रमुख विद्युत समंक 2026 पुस्त‍िका में राज्य विद्युत क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में अर्जित की गई प्रमुख उपलब्ध‍ियों के आंकड़ों को शामिल किया गया है। इस पुस्त‍िका में वित्तीय वर्ष 2024-25 व वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण को समाहित किया गया है।

    प्रमुख विद्युत समंक 2026 में दी गई जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में घरेलू बिजली उपभोक्ता की संख्या 1 करोड़ 32 लाख 70 हजार है, वहीं प्रति व्यक्त‍ि विद्युत खपत 1393 किलोवाट प्रति घंटा हो गई। मध्य प्रदेश की उपलब्ध उत्पादन क्षमता वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 26023 मेगावाट हो गई।

    प्रमुख समंक 2026 में मध्यप्रदेश के विद्युत उत्पादन, उपलब्धता, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में अर्जित की गई उपलब्ध‍ि‍यों के आंकड़ों को टेबल, चार्ट, ग्राफ व नक्शे के द्वारा रोचक व आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। समंक में प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में हुई वृद्ध‍ि, प्रदाय की गई बिजली, शीर्ष मांग, उपभोक्ताओं की संख्या, विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग की गई बिजली, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन सिस्ट्म के विकास, प्रति व्यक्त‍ि बिजली खपत इत्यादि आंकड़ों को प्रदर्श‍ित किया गया है। समंक में प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र व पश्च‍िम क्षेत्र द्वारा किए गए कार्यों व अर्जित उपलब्ध‍ियों को कंपनीवार दर्शाया गया है। समंक 2026 की विशेषता इसमें प्रदर्श‍ित किया गया पावर मेप ऑफ मध्यप्रदेश है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री मनीष सिंह, सचिव ऊर्जा व एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले, ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल श्री आलोक कुमार और वरिष्ठ विद्युत अभियंता एवं विशेषज्ञ उपस्थि‍त थे।

     

  • पद्म अनूप जलोटा और क्रिकेटर रजत पा‍टीदार को मिली मानद उपाधि

    पद्म अनूप जलोटा और क्रिकेटर रजत पा‍टीदार को मिली मानद उपाधि

    भोपाल

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थियों के लिए भावी जीवन का वास्तविक उपदेश उनकी दीक्षांत शपथ में ही निहित है। इसलिए दीक्षित विद्यार्थी दीक्षांत शपथ का केवल एक दिन नहीं बल्कि आजीवन पालन करें। हमेशा विनम्र रहें। कभी अभिमान नहीं करें। माता-पिता, गुरूजनों और विश्‍वविद्यालय से प्राप्‍त शिक्षा और संस्‍कारों से जीवन में प्रगति प्राप्‍त करें। उन्‍होंने कहा कि दीक्षित होने वाले चिकित्‍सक हर क्षण पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्‍प धारण करें। मरीजों के साथ अत्‍यंत आत्‍मीय व्‍यवहार करें। उनकी समस्‍याओं को धैर्य के साथ सुने और उपचार करें।

    राज्‍यपाल  पटेल बुधवार को मानसरोवर ग्‍लोबल विश्‍वविद्यालय सीहोर के “दीक्षांत समारोह और ग्रेजुएशन डे” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्‍होंने प्रख्‍यात भजन गायक पद्म अनूप जलोटा और मध्‍यप्रदेश के अंतर्राष्‍ट्रीय क्रिकेटर  रजत पा‍टीदार को मानद उपाधि प्रदान की। विश्वविद्यालय के दीक्षित विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए। सभी को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में उच्‍च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे।

    ''सेवा संकल्‍प की गतिविधियों का करें सतत आयोजन''

    राज्‍यपाल  पटेल ने कहा कि विश्‍वविद्यालय, विद्यार्थियों में सेवा संस्कार विकसित करने के विशेष प्रयास करें। उन्हें वंचित वर्गों के कल्याण की प्रेरणा दें। विशेष अवसरों पर रक्तदान शिविर, सामाजिक सहभागिता आदि पर आधारित गतिविधियों का आयोजन करें। संस्थान के माध्यम से दूरस्थ, ग्रामीण इलाकों के प्रतिभावान बच्चों की बेहतरी के लिए जरूरी कदम उठाए जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने ज्ञान और प्रतिभा से समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए काम करें। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान दें।

    उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा, व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करती है। जागरूक और आदर्श नागरिक बनाती है। सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थी, समाज और देश के कल्याण के लिए सतत चिंतनशील और प्रयत्‍नशील रहें।

    मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थी, प्राप्त ज्ञान से अपने गांव, प्रदेश, संस्थान और देश का नाम रोशन करें। पद्म अनूप जलोटा ने विद्यार्थियों को जीवन की प्रत्येक सफलताओं में हमेशा विनम्र बने रहने की सलाह दी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर  रजत पाटीदार ने दीक्षित विद्यार्थियों को प्रत्येक काम पूर्ण मनोयोग से करने और अपने क्षेत्र में निरंतर प्रगति करने की प्रेरणा दी।

    राज्यपाल  पटेल ने समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा और भगवान धनवंतरी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल  पटेल का विश्वविद्यालय की कुलाधिपति मती मंजुला तिवारी ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रो. चान्सलर  गौरव तिवारी ने दिया। वाइस चान्सलर  ए.एस. यादव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।  ए.एस. राजपूत ने विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरू, पूर्व कुलगुरू, छात्र-छात्राएं और उनके परिजन उपस्थित रहे।

     

  • उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति एवं पूर्ण हो चुके कार्यों के लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों की सतत एवं सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थाओं के भवन निर्माण का कार्य पूर्ण होने के बाद उनके संचालन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर की उपलब्धता तथा आवश्यक मानव संसाधन की पदस्थापना की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए, ताकि स्वास्थ्य संस्थाओं का संचालन तत्काल प्रारंभ किया जा सके।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों, अस्पताल प्रशासन एवं संबंधित विभागीय एजेंसियों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित कर निर्माण, उपकरण, फर्नीचर और मानव संसाधन से संबंधित सभी कार्यों की एकीकृत रूप से मॉनिटरिंग की जाए। प्रत्येक स्तर पर निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित लक्ष्य की तुलना में वर्तमान में कम संस्थाएं लोकार्पण के लिए तैयार हो पाई हैं। प्रगति में कमी के कारणों की विस्तृत समीक्षा कर निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा विलंब के लिए उत्तरदायी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस., प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम  सिबी चक्रवर्ती, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन लिमिटेड  अवि प्रसाद, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

     

  • ग्रेनेड अटैक के मास्टरमाइंड से पुलिस की मुठभेड़, हरमन घायल; साथी भाग निकला

    ग्रेनेड अटैक के मास्टरमाइंड से पुलिस की मुठभेड़, हरमन घायल; साथी भाग निकला

    अमृतसर.

    पंजाब में अमृतसर देहात पुलिस और बदमाशों के बीच बुधवार तड़के मत्तेवाल इलाके में मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई।

    पुलिस और बदमाशों के बीच ताबड़तोड़ गोलीबारी में गुरदासपुर में ग्रेनेड हमला करने का मुख्य आरोपी और कुख्यात बदमाश हरमन सिंह पुलिस की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि उसका साथी पुलिस को गच्चा देकर फरार हो गया। एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही ह।घायल बदमाश का पहले इलाज करवाया जा रहा है। इसके बाद उससे पूछताछ की जाएगी।

    एसएसपी कंवलप्रीत सिंह ने घायल बदमाश की पहचान हरमन सिंह के रूप में बताई है। पता चला है कि आरोपित के खिलाफ गुरदासपुर और अमृतसर में कई केस दर्ज हैं। जांच में पता चला है कि हरमन सिंह ने कुछ समय पहले गुरदासपुर में ग्रेनेड हमला भी किया था।

  • अपेक्स चेयरमैन महेंद्र यादव ने बैंकों की समीक्षा कर दिए ज़रूरी दिशा-निर्देश

    अपेक्स चेयरमैन महेंद्र यादव ने बैंकों की समीक्षा कर दिए ज़रूरी दिशा-निर्देश

    शिवपुरी

    अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने शिवपुरी प्रवास के दौरान जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शिवपुरी की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बैंक की कार्यप्रणाली, प्रगति, सहकारी संस्थाओं से जुड़े विषयों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री यादव ने बैंक की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    उन्होंने किसानों एवं सहकारी संस्थाओं को सुगम एवं बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा सहकारिता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं, इसलिए उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, तत्परता और बेहतर सेवा व्यवस्था सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

    गुना जिला सहकारी बैंक का भी किया निरीक्षण

    उज्जैन प्रवास के लिए जाते समय अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने गुना जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैंक के विभिन्न कार्यों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बैंकिंग और सहकारिता से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बैंक की कार्यप्रगति की जानकारी लेते हुए बेहतर बैंकिंग सेवाओं एवं सहकारी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

  • धर्मांतरण के आरोपों पर बढ़ा तनाव, गांव में तीन दिन से भारी पुलिस बल तैनात

    धर्मांतरण के आरोपों पर बढ़ा तनाव, गांव में तीन दिन से भारी पुलिस बल तैनात

    भानुप्रतापपुर.

    कांकेर जिले के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। एक ग्रामीण के घर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के पर प्रार्थना सभा और धर्मांतरण की आशंका पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने घर को घेर लिया।

    हालात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची आमाबेड़ा पुलिस ने स्थिति को तो नियंत्रित कर लिया, लेकिन तनाव को देखते हुए तीन दिन बाद भी गांव में पुलिस बल तैनात है। दरअसल, बड़े तेवड़ा गांव में एक ग्रामीण के घर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद गांव में यह चर्चा फैल गई कि प्रार्थना सभा आयोजित करने के साथ धर्मांतरण का काम चल रहा है। चर्चा फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर संबंधित घर के सामने पहुंच गए। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही आमाबेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों और घर मालिक के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय से भी अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया। अंतागढ़ एसडीएम और एडिशनल एसपी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। वहीं, घर मालिक का कहना था कि उसके घर में किसी तरह की प्रार्थना सभा या धर्मांतरण नहीं हो रहा था, बल्कि उसकी पुत्री का जन्मदिन मनाया जा रहा था। जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग घर पर पहुंचे थे। हालांकि, ग्रामीणों की ओर से घर में प्रार्थना सभा आयोजित होने और धर्मांतरण की आशंका जताई गई।

    बड़े तेवड़ा में पहले भी हो चुका है विवाद
    बता दें कि कुछ महीने पहले भी बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरण के आरोप को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। उस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और जिले में कई दिनों तक तनाव का माहौल बना रहा था। इसी दौरान गांव में घटना भी सामने आई थी। उस घटना के बाद से ही जिला प्रशासन और पुलिस आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।

    तीन दिन से गांव में पुलिस बल तैनात
    फिलहाल, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत है। एहतियात के तौर पर तीन दिन बाद भी गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घर में वास्तव में किस तरह का आयोजन किया गया था।