Author: NewseDay

  • 862 शिक्षकों के हक में फैसला, 6वें और 7वें पे-स्केल का मिलेगा एरियर

    862 शिक्षकों के हक में फैसला, 6वें और 7वें पे-स्केल का मिलेगा एरियर

    चंडीगढ़.

    सुप्रीम कोर्ट के 21 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशानुसार स्कूल शिक्षा विभाग के 862 शिक्षकों को छठे और सातवें पे स्केल का एरियर मिलेगा। छठे और सातवें पे स्केल का एरियर के यह निदेशक बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग नितिश सिंगला ने किए।

    गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2015 में 1149 पदों पर एनटीटी, जेबीटी, टीजीटी शिक्षकों की भर्ती की थी। भर्ती के बाद मई 2017 में पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई जिसके बाद भर्ती को प्रशासन ने रद्द कर दिया। शिक्षकों ने कैट में याचिका लगाई जहां पर प्रशासन के फैसले पर स्टे लगा दी गई। स्टे के विरूद्ध शिक्षा विभाग पहले पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट और अंत में सुप्रीम कोर्ट गया जहां पर फैसला शिक्षकों के पक्ष में रहा।

  • छाएंगे अयोध्या के खुरचन पेड़ा और कुल्हड़ वाली दही-जलेबी

    छाएंगे अयोध्या के खुरचन पेड़ा और कुल्हड़ वाली दही-जलेबी

    अयोध्या

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) के चतुर्थ संस्करण में अयोध्या के पारंपरिक व्यंजनों के साथ एमएसएमई क्षेत्र के उत्पाद भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाएंगे। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित इस व्यापार मेले में रामनगरी की कुल्हड़ वाली दही-जलेबी, खुरचन पेड़ा के साथ चिकनकारी और बैटरी निर्माण से जुड़े उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
    जिला उद्योग प्रतिष्ठान तथा उद्यमिता विकास केंद्र की सूची के अनुसार, एक जनपद एक व्यंजन के अंतर्गत दीप नारायण मौर्या लाइव किचन में कुल्हड़ वाली दही-जलेबी पेश करेंगे, जबकि पम्मी मौर्या फूड पैकेजिंग के तहत पेड़ा प्रदर्शित करेंगी। दोनों छोटी देवकाली क्षेत्र से हैं। वहीं एमएसएमई श्रेणी में पूनम सिंह रामनगर धौरहरा अयोध्या से चिकनकारी के उत्पाद लेकर भाग लेंगी और सूरजकान्त मुमताजनगर से बैटरी निर्माण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

    दही-जलेबी और खुरचन पेड़ा सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक

    ।अयोध्या के संदर्भ में कुल्हड़ वाली दही-जलेबी और खुरचन पेड़ा सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक हैं, वहीं चिकनकारी हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है। बैटरी निर्माण जैसे औद्योगिक उत्पाद स्थानीय उद्यमिता और रोजगार सृजन की क्षमता को उजागर करते हैं। व्यापार मेले में इन उत्पादों को प्रदर्शित करने से न केवल पर्यटकों और व्यापारियों का ध्यान आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को नए बाजार, व्यावसायिक साझेदारी और विस्तार के अवसर भी मिलेंगे। एक जनपद एक व्यंजन अभियान के साथ एमएसएमई उत्पादों को बढ़ावा देने से अयोध्या की आर्थिक पहचान और मजबूत होगी।

    वैश्विक व्यापारियों तक पहुंचेगी रामनगरी की विविधता

    कुल मिलाकर यूपीआईटीएस अयोध्या के पारंपरिक व्यंजनों और एमएसएमई क्षेत्र के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। कुल्हड़ वाली दही-जलेबी से लेकर चिकनकारी और बैटरी निर्माण तक, रामनगरी की विविधता अब वैश्विक व्यापारियों तक पहुंचेगी।

    अयोध्या का स्टाल ट्रेड शो में विशेष रूप से सजाया जाएगा

    जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसे मेलों से छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, अयोध्या के अधिकारी प्रभात रंजन शुक्ला ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में लगने वाले इस ट्रेड शो में अयोध्या का स्टॉल विशेष रूप से सजाया जाएगा।इससे आगंतुकों को रामनगरी के स्वाद और कौशल दोनों का अनुभव मिलेगा।

  • एसटीपी के लिए 82 करोड़, ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ और सड़क-नाली एवं खेल मैदान विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा

    एसटीपी के लिए 82 करोड़, ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ और सड़क-नाली एवं खेल मैदान विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा

    रायपुर

    विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। हमारे प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, मानव संसाधन और अपार संभावनाओं का उपयोग कर हम सब मिलकर एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।
    मुख्यमंत्री साय ने आज रायपुर जिले के नगर निगम बीरगांव में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ ही क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए लगभग 110 करोड़ रुपये के नवीन विकास कार्यों की घोषणा भी की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी के अनुरूप यहां सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सीवरेज, खेल सुविधाओं और अन्य नागरिक अधोसंरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी जा चुकी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित और भूमिपूजन किए गए विकास कार्यों में नगर निगम से संबंधित 94 करोड़ रुपये से अधिक तथा लोक निर्माण विभाग के 38 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही नगरोत्थान योजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। इन कार्यों के पूरा होने से बीरगांव और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, खेल अधोसंरचना सहित अनेक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

    स्टेट कैपिटल रीजन से बीरगांव के विकास को मिलेगी नई दिशा

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसमें बीरगांव भी शामिल है। स्टेट कैपिटल रीजन के माध्यम से पूरे क्षेत्र के सुनियोजित, समन्वित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसका लाभ आने वाले वर्षों में बीरगांव को भी मिलेगा और यहां आधुनिक शहरी अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क और भवन बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाना भी है। इसी सोच के साथ सरकार सुशासन और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में लगातार सुधार कर रही है। तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण भी किया जाएगा। प्रदेश में 10 मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से भूमि संबंधी सेवाओं को सरल बनाया गया है। मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण से बीरगांव और आसपास के नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित सेवाएं अधिक सुविधाजनक ढंग से उपलब्ध होंगी।

    बीरगांव में एसटीपी के लिए 82 करोड़ रुपये की बड़ी घोषणा

    मुख्यमंत्री साय ने बीरगांव के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इससे क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये, अधोसंरचना मद से सड़क एवं नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा सरोरा में खेल मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से युक्त नालंदा परिसर के निर्माण के लिए भी 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने व्यास तालाब तिराहा से बीरगांव नाला तक स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए एक करोड़ रुपये तथा बुधवारी बाजार बीरगांव से नगर निगम कार्यालय तक स्ट्रीट लाइट के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रावांभाठा में विद्युतीकरण एवं मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये, सर्व मांगलिक भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए 89 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री साय ने बीरगांव में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल का जोन कार्यालय प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों का उद्देश्य बीरगांव के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है।

    सात क्षेत्रों में सर्वे के बाद पात्र परिवारों को मिलेंगे आवासीय पट्टे

    मुख्यमंत्री साय ने बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के रावांभाठा, बंजारी नगर, शक्तिपारा, मठपारा, शीतलापारा, उरकुरा और मजदूर नगर सरोरा में सर्वेक्षण करवाकर पात्र लोगों को नियमानुसार आवासीय पट्टे वितरित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    गरीब, महिला, श्रमिक और जरूरतमंद परिवारों का कल्याण हमारी प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, महिला, श्रमिक, किसान, युवा और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं। सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

    उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि माताओं-बहनों को प्रदान की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5.60 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाने के साथ चरण पादुका योजना को फिर से प्रारंभ किया गया है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभुरामलला के दर्शन कर चुके हैं।

    उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सहायता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना और प्रत्येक परिवार को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में एक बड़ी बाधा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। इससे विशेष रूप से उन क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खुले हैं, जो लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं और अवसरों से वंचित रहे।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है। यहां प्रचुर खनिज और वन संपदा है, धरती उर्वर है और यहां के लोगों में अपार सामर्थ्य है। इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि में छत्तीसगढ़ को अग्रणी भूमिका निभानी है और इसके लिए हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।

    आयुर्वेद हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा

    मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन और समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। केंद्र सरकार द्वारा आयुष मंत्रालय का गठन कर आयुर्वेद सहित भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, आयुर्वेद के प्रति जागरूक रहने और इसके वैज्ञानिक एवं पारंपरिक ज्ञान का लाभ लेने का आग्रह किया।

    बीरगांव के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन बीरगांव के लिए ऐतिहासिक और स्वर्णिम अवसर है। झमाझम बारिश के बीच बीरगांव में विकास की भी झमाझम बारिश हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी है। इन कार्यों से बीरगांव को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त शहर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बीरगांव के सुनियोजित विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। विधायक मोतीलाल साहू भी क्षेत्र की आवश्यकताओं और विकास कार्यों को लेकर निरंतर प्रयासरत हैं। पिछले ढाई वर्षों में नगर निगम बीरगांव क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है, जिनमें लगभग 90 करोड़ रुपये के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। आने वाले समय में भी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विस्तार का यह क्रम जारी रहेगा।

    हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ, सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का सम्मान

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री गृह निर्माण सम्मान योजना और नोनी सुरक्षा योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि के डेमो चेक भी प्रदान किए।

    कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय एवं जनप्रतिनिधियों ने सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों के पांव धुलवाकर, तिलक लगाकर तथा आरती उतारकर उनकी सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सफाई मित्र और स्वच्छता दीदियां शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके श्रम और सेवा का सम्मान पूरे समाज का दायित्व है।

    मुख्यमंत्री साय ने बीरगांव नगर निगम को दो नए अग्निशमन वाहन भी समर्पित किए। इससे नगर निगम क्षेत्र में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की क्षमता और मजबूत होगी।

    मुख्यमंत्री ने शासकीय महाविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायकमती भावना बोहरा, महापौर नंदलाल देवांगन, सभापति कृपाराम निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • नाबालिग बहनों से दुष्कर्म पर कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को उम्रकैद

    नाबालिग बहनों से दुष्कर्म पर कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को उम्रकैद

    बलौदा बाजार.

    दो नाबालिग सगी बहनों को शादी का प्रलोभन देकर ले जाने और बलात्संग कारित करने वाले आरोपी को अदालत ने आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड लगाया है।

    विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने बताया कि मामला थाना सिमगा का है, जहाँ पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर सिमगा थाना पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर विवेचना के दौरान पीड़िता को नागपुर में बरामद किया। पीड़िता ने पूछताछ में आरोपी सनत साहू द्वारा उसे शादी का प्रलोभन देकर नागपुर भगाकर ले जाने और शारीरिक संबंध बनाने से गर्भवती होकर एक बालिका को जन्म देने और उसके बाद उसे छोड़कर वर्ष 2024 में उसकी छोटी बहन को भगाकर ले जाने व उसके साथ कहीं अलग जगह रहने की बात बताई।

    प्रकरण में तात्कालिक थाना प्रभारी डीएसपी योगिता खापर्डे, सहायक उपनिरीक्षक एसके कुरैशी एवं तत्कालिक एसडीओपी ऐश्वर्य चंद्राकर ने एक टीम बनाकर आरोपी की गिरफ्तारी एवं दोनों बहनों को नागपुर से बरामद कर सकुशल उनके परिजन को सौंपा गया। इसके साथ नाबालिग पीड़ितों के स्कूल के दाखिल खारिज रजिस्टर जप्त कर गवाहों के साक्ष्य लेखन कर न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरुद्ध दोनों मामले में चलान पेश किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल ने प्रकरण की गंभीरता एवं साक्ष्यों के परिशीलन करने बाद आरोपी द्वारा किया गया अपराध सिद्ध होना पाया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दोनों मामले में आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया गया है, तथा सभी सजाएं साथ- साथ भुगताए जाने का आदेश दिया गया।

  • नर्मदापुरम जिला एवं सत्र न्यायालय ने की अपील खारिज, 5 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10 हजार जुर्माने की मिली सजा

    नर्मदापुरम जिला एवं सत्र न्यायालय ने की अपील खारिज, 5 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10 हजार जुर्माने की मिली सजा

    भोपाल 

    नर्मदापुरम के जिला एवं सत्र न्यायालय ने मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एमपीएसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार किये गये बाघ के अवैध शिकार और उसकी हड्डियों की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के आरोपी ताशी शेरपा की अपील खारिज कर दी है। न्यायालय ने 17 सितंबर 2026 को निर्णय सुनाते हुए अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर की 5 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10 हजार के अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा। न्यायालय ने ताशी शेरपा को अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना।

    मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद दिसंबर 2022 में नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने 27 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। जांच के दौरान एमपीएसटीएफ ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) सहित अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी सहयोग प्राप्त किया।

    जुलाई 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ के अवैध शिकार और उसकी हड्डियों की चीन में अवैध की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एमपीएसटीएफ को सौंपी गई। लंबे समय से फरार चल रहे ताशी शेरपा को एमपीएसटीएफ की टीम ने लगातार प्रयासों के बाद 23 जनवरी 2024 को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समीप पानी टंकी, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से फर्जी भारतीय दस्तावेज, विदेशी मुद्रा, नेपाली-भूटानी मुद्रा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

    जांच के दौरान एमपीएसटीएफ ने वैज्ञानिक एवं साइबर साक्ष्यों को इकठ्ठा किया। ताशी शेरपा के ब्रेन मैपिंग (बीईओएस) और नार्को एनालिसिस परीक्षण कराए गए। जांच में बाघ की हड्डियों और पैंगोलिन स्केल्स की तस्करी में उसकी संलिप्तता से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए। साइबर डेटा को भी न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। जांच में एक संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ, जिसमें कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ताशी शेरपा के गिरोह का नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ था। वह चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत का मूल निवासी है।

    मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद दिसंबर 2022 में नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने 27 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। जांच के दौरान STSF ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) सहित अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भी सहयोग प्राप्त किया।

    प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ताशी शेरपा को अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना गया है, जिसका नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ था। वह चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत का मूल निवासी है।

    जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले में STSF द्वारा प्रस्तुत मौखिक, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को संदेह से परे पाया और ताशी शेरपा की अपील को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। इसके साथ ही पूर्व में सुनाई गई 5 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹10 हजार अर्थदंड की सजा प्रभावी बनी रही।

     

  • आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी, BSP नेशनल कोऑर्डिनेटर बने

    आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी, BSP नेशनल कोऑर्डिनेटर बने

    लखनऊ 

    बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को एक बार फिर चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया। इससे पहले यह जिम्मेदारी मायावती ने बड़े भतीजे आकाश आनंद को दी थी। पिछले दिनों आकाश से यह जिम्मेदारी छीनने के साथ ही पार्टी से भी बाहर कर दिया था। हालांकि ईशान को भी कुछ समय के लिए मायावती ने पार्टी से बाहर किया था। पिछले दिनों ही दोबारा उनकी वापसी हुई थी। अब एक तरह से सबसे बड़ी जिम्मेदारी दे दी है।

    अगले छह महीनों में यूपी और पंजाब समेत कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसी को लेकर मायावती ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं और अब तक घोषित प्रत्याशियों की बैठक बुलाई थी। इसी बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों के सामने ही ईशान ने मायावती के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद पहली कतार में सतीश मिश्रा के साथ उन्हें सीट मिली। कुछ देर बाद ही ईशान को सबसे बड़ी जिम्मेदारी देने का ऐलान हो गया।

    अभी तक ईशान बहुजन समाज पार्टी में पर्दे के पीछे रहकर डिजिटल मीडिया, युवा विंग और तकनीकी रणनीतियों को संभाल रहे थे। अब राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी उनके पास आ गई है। माना जा रहा है कि जिस तरह से पिछले कुछ समय से मायावती अपने ही फैसलों को बदलती रही हैं, ईशान के लिए भी इस जिम्मेदारी को संभालना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

    वैसे तो आज की बैठक से पहले ही यह माना जा रहा था कि आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने और ईशान को दोबारा पार्टी में लेने के बाद कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।कहा जा रहा है कि ईशान अब देश भर में राज्यों के प्रभारियों और मुख्य समन्वयकों के साथ सीधे संपर्क में रहेंगे। विधानसभा चुनाव के लिए मायावती से बात कर अहम फैसले लेने के साथ ही पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का काम भी उनके पास होगा। आकाश आनंद अभी तक जिस तरह से मायावती की जगह राज्यों में जाकर चुनावी बागडोर संभालते रहे, उसी तरह अब ईशान को यह करना होगा।

    आकाश आनंद को क्यों दरकिनार किया गया?
    ईशान से पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक थे. हालांकि 3 सितंबर को मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया था. उन्होंने कहा था कि आकाश को अभी राजनीतिक तौर पर और परिपक्व होने की जरूरत है. इसके बाद 10 सितंबर को मायावती ने उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह अलग कर दिया। 

    मायावती ने आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी से ज्यादा परिवार को प्राथमिकता दी. मायावती ने यह भी कहा कि आकाश ने उनके उस सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा नहीं किया, जिसमें अशोक सिद्धार्थ से राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने की बात कही गई थी. मायावती ने इसे आकाश के पार्टी के प्रति रुख से जोड़ते हुए सवाल उठाए थे। 

    आकाश को पहले मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया गया था. लेकिन पिछले कुछ सालों में उन्हें कई बार जिम्मेदारी मिली और फिर वापस ली गई. अब मायावती ने साफ कहा है कि आकाश को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. उनकी जगह छोटे भाई ईशान आनंद को आगे बढ़ाया जा रहा है। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती का भविष्य उज्जवल है। किसानों को अपनी खेती को समय के साथ बदलते हुए नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने की दिशा में पहल करनी होगी। अन्न, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों में रूचि लेकर किसान आमदनी के नए रास्तें खोल सकते हैं। सीधी मिलेट उत्पादन में अग्रणी है, यहां कोदो, कुटकी, सांवा, मिजरी और काकुन जैसी कई मिलेट फसलें पारंपरिक रूप से उगाई जाती हैं, जो यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। प्रसन्नता का विषय है कि अन्न को बढ़ावा देने के लिए जिले में 2 हज़ार हेक्टेयर में रागी और लगभग ढाई हज़ार हेक्टेयर में कोदो की फसल को बढ़ावा दिया जा रहा है।  हमारा प्रयास है कि अन्न का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को प्रसंस्करण और बाजार से भी जोड़ा जाए, जिससे उनकी आमदनी के नए रास्तें खुलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंद्रेह शिव मंदिर में विराजे बाबा भोलेनाथ, बढ़ौरानाथ स्वामी और जगत जननी जगदंबा को नमन करते हुए कहा कि सीधी जिले में आदिशक्ति के अनेक पावन धाम हैं, प्रदेशवासियों पर सबकी कृपा बनी रहे, यही कामना है। इस अवसर पर मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई उपस्थित थे।

    खेती-किसानी के साथ पर्यटन और दरी कारीगरी के लिए भी प्रसिद्ध है सीधी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति से सजे सीधी की संभावनाओं की सूची बहुत लंबी है। खेती-किसानी के साथ पर्यटन, दरी कारीगरी, प्रकृति के वैभव और लोक संस्कृति यहां की रीढ़ है। पंजा दरी कारीगरों ने अपनी मेहनत और कला के बल पर सीधी को नई पहचान दी है। सीधी जिला कालीन बुनकरों का घर है, पंजा दरी विश्व प्रसिद्ध है, इसकी मांग विदेश तक है। पंजा दरी और कालीन हथकरघा उत्पादों को 'एक जिला-एक उत्पाद' के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा और आकर्षक खादी परिधान बनाने की इकाई भी संचालित है। इससे स्थानीय कारीगरों को आय के अवसर मिल रहे हैं।

    किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी के किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं। जिले में धान, गेहूं, सरसों, चना, तिल और अरहर जैसी प्रमुख फसलों के साथ फल और सब्जियों का भी उत्पादन हो रहा है। टमाटर उत्पादन में सीधी की अपनी अलग ही पहचान है। प्याज, आलू, भिंडी, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियों के साथ कटहल, कलमी आम, ग्राफ्टेड अमरूद, कलमी नींबू, फूलगोभी और चुकंदर जैसी उन्नत फसलों में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पानी की बचत के साथ पैदावार भी बढ़ रही है।

    समय पर पंजीयन कराएं किसान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। किसानों द्वारा लिए गए कृषि ऋण को चुकाने की व्यवस्था भी उनकी सुविधा की अनुसार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर देने के लिए समय रहते पंजीयन कराने की समझाईश दी।

    किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़कर आय बढ़ाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी में पिछले 6 महीनों में महिला समूहों ने 24 क्विंटल महुआ लड्डू और 5 क्विंटल महुआ बिस्किट बेचकर करीब 13 लाख रुपए की आमदनी अर्जित की है। इस उपलब्धि के लिए महिला उद्यमी बधाई की पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें दुग्ध उत्पादन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अंतर्गत संचालित सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का भी किसानों से आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 25 सितम्बर से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का संचालन आरंभ हो रहा है। राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

    प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव

    “खेती को लाभ का धंधा कैसे बनाएं” विषय पर संगीता मिश्रा मझरेटी खुर्द सिहावल, विपिन शुक्ला मनकीसर रामपुर नैकिन, सजन सिंह बरमानी सीधी, विष्णुकांत कुशवाह भैसरहा रामपुर नैकिन एवं आरती सिंह टीकटकला सीधी ने अपने अनुभव साझा किए।

    मत्स्यपालन, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्राकृतिक खेती, दाल उत्पादन, बेसन प्रोसेसिंग, राइस मिल, भैंस पालन और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वेता सिंह, सिद्धार्थ सिंह, विवेक सिंह चैहान, संगीता मिश्रा, रीतू सिंह, बैयंत सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, उर्मिला साहू, सौखीलाल यादव एवं गुलाब सिंह को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभय गुप्ता, प्रिंस पटेल, चैतन्य सिंह चैहान, प्रिंस सिंह चैहान, आदित्य तिवारी, शिवाक्षत शुक्ला, आदर्श सिंह, आदर्श गुप्ता, यश चतुर्वेदी एवं गरिमा दुबे को सम्मानित किया गया।

    सीधी में आयोजित कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक  कुंवर सिंह टेकाम,  विश्वामित्र पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष मती मंजू रामजी सिंह, कलेक्टर  विकास मिश्रा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • आंध्र-ओडिशा पर मंडरा रहा तूफान का खतरा, तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी

    आंध्र-ओडिशा पर मंडरा रहा तूफान का खतरा, तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी

     नई दिल्ली

    बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से में स्थित डीप डिप्रेशन अब तटीय इलाकों के बहुत नजदीक पहुंच चुका है. 23 सितंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे भारतीय समय के अनुसार यह सिस्टम अक्षांश 18.0 डिग्री उत्तर और देशांतर 84.7 डिग्री पूर्व के पास केंद्रित था। 

    यह आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 70 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व में, ओडिशा के गोपालपुर से 150 KM दक्षिण में, पुरी से 230 KM दक्षिण-पश्चिम में और विशाखापट्टनम से 150 KM पूर्व-उत्तर पूर्व में स्थित था. पिछले छह घंटों में यह पश्चिम दिशा में 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है। 

    मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात तक उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों को पार कर सकता है. संभावित क्रॉसिंग क्षेत्र विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच है और यह कलिंगपट्टनम के करीब से गुजर सकता है. डीप डिप्रेशन की स्थिति में ही तट पार करने की संभावना है. इससे तटीय जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्री लहरों का खतरा बढ़ गया है। 

    सिस्टम की वर्तमान स्थिति और गति
    डीप डिप्रेशन बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया बना हुआ था. पिछले कुछ दिनों में यह लगातार तेज होता रहा और अब तट के बेहद करीब आ गया है. सुबह की स्थिति में यह कलिंगपट्टनम से महज 70 किलोमीटर दूर था जो दर्शाता है कि लैंडफॉल का समय निकट है. पश्चिम दिशा में इसकी गति 12 किलोमीटर प्रति घंटे रही है। 

    आगे पश्चिम-उत्तर पश्चिम मार्ग अपनाने से यह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से ओडिशा की ओर बढ़ेगा. इतने करीब आने से स्थानीय प्रभाव तेजी से महसूस होने लगेंगे. तटीय क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है. समुद्र उग्र हो सकता है इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है. निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है। 

    उत्तर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम और आसपास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. दक्षिण ओडिशा के गंजाम, पुरी और गोपालपुर क्षेत्रों में भी यही स्थिति रहने वाली है. तेज हवाएं पेड़ों को उखाड़ने और बिजली व्यवस्था को प्रभावित करने में सक्षम हैं. नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है जिससे बाढ़ का खतरा पैदा होगा. शहरों में जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। 

    प्रशासन ने तटीय जिलों में अलर्ट जारी रखा है. लोगों को ऊंचे स्थानों पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है. स्कूल और ऑफिस प्रभावित हो सकते हैं. किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने को कहा गया है. राहत सामग्री और आपात टीमें तैयार रखी गई हैं। 

    तैयारी और आगे की निगरानी
    डीप डिप्रेशन के तट पार करने के बाद इसका प्रभाव आंतरिक क्षेत्रों तक भी पहुंच सकता है. तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है. सिस्टम के कमजोर पड़ने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है. मौसम विभाग नियमित बुलेटिन जारी कर रहा है. स्थानीय प्रशासन राहत शिविर और मेडिकल टीमें सक्रिय रखे हुए है। 

    इस तरह के सिस्टम मानसून के अंतिम चरण में आम हैं लेकिन तट के इतने करीब आकर तीव्र रहना चुनौती पैदा करता है. भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा पहाड़ी इलाकों में बढ़ सकता है. बिजली कटौती और संचार बाधित होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए बैकअप व्यवस्था जरूरी है। 

    लोगों को शांत रहकर आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए. सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचना बेहतर होगा. मौसम विभाग की वेबसाइट या ऐप से सही जानकारी लें. डीप डिप्रेशन के गुजरने के बाद भी कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रह सकता है. जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतें. प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से नुकसान को कम किया जा सकता है. सभी को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि सिस्टम रात तक तट पार कर सकता है। 

  • योगी सरकार में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर, ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी

    योगी सरकार में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर, ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी

    लखनऊ

    योगी सरकार प्रदेश में जनसमस्याओं के समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने संभव (शिकायत निस्तारण पोर्टल) के माध्यम से विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों की जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि गंभीर और लंबित शिकायतों में जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए।

    अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

    संभव पोर्टल शिकायतों का समयबद्ध पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने का एक पोर्टल है। अब इस पोर्टल के माध्यम से निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बिजली चोरी करने वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

    अधिकारियों को मंत्री ने दी सख्त हिदायत

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने जनपदीय अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव के तहत जनता को परेशान किए जाने की शिकायतें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    मंत्री ने अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    बजट की कोई कमी नहीं- मंत्री

    मंत्री ने कहा कि विभाग के पास जनहित के कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। जनता से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि जनता की समस्याओं का समाधान निचले स्तर पर ही प्रभावी ढंग से हो और किसी नागरिक को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए उच्च स्तर तक आने की आवश्यकता न पड़े।

  • भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज एवं भारतीय जैन संगटना की पहल से दिव्यांगजनों को मिला सहारा

    भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज एवं भारतीय जैन संगटना की पहल से दिव्यांगजनों को मिला सहारा

    रायपुर

    जिन हाथों ने वर्षों से किसी का सहारा लिया, वही आज खुद गिलास उठाकर पानी पी रहे थे। जिन पैरों ने कभी साथ छोड़ दिया था, वही कृत्रिम पैर लगने के बाद बाइक चला रहे थे। कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम कवर्धा में बुधवार को ये दृश्य सिर्फ एक शिविर की तस्वीर नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में लौटती उम्मीद, बढ़ते आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत रही। इस बदलाव के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा दिव्यांगजनों के बीच पहुंचे और निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ करते हुए हितग्राहियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज एवं भारतीय जैन संगटना (छत्तीसगढ़) और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित शिविर में करीब एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है।

    उपकरण नहीं, आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिविर में दिव्यांगजनों से मुलाकात की और उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए। शिविर में कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल सहित जरूरत के अनुसार अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपकरण प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने उनका उपयोग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन भी किया। एक हितग्राही ने कृत्रिम पैर की सहायता से बाइक चलाकर दिखया, वहीं एक अन्य दिव्यांगजन ने कृत्रिम हाथ से पानी पीकर बताया कि यह सुविधा उसके दैनिक जीवन को किस तरह आसान बना सकती है।

     उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह शिविर अद्भुत सेवा का उदाहरण है। जैन समाज सेवा कार्यों में हमेशा आगे रहा है। उन्होंने कहा कि कवर्धा में रहते हुए उन्होंने जैन समाज को बहुत करीब से देखा है। जैन समाज के जीवन में एक ओर समृद्धि और सामाजिक दायित्व है, तो दूसरी ओर त्याग और सेवा की प्रबल भावना भी है। यही संतुलन समाज को सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि शिविर के लिए लगभग एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है। श्रवण, दृष्टि और अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित जरूरत के अनुसार कैलिपर, कृत्रिम पैर, हाथ एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपकरण केवल हाथ-पैर का सहारा नहीं हैं, बल्कि इनके मिलने के बाद व्यक्ति के जीवन में आने वाला बदलाव अधिक महत्वपूर्ण है।

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एक दिव्यांगजन का उदाहरण देते हुए बताया कि बिजली के तार की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ चले गए थे। शिविर में कृत्रिम हाथ मिलने के बाद उसने पहली बार अपने हाथ से पानी का गिलास उठाया। उन्होंने कहा कि उस समय उसके मन में क्या भाव रहे होंगे, इसे वही व्यक्ति समझ सकता है। कृत्रिम हाथ-पैर की कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इनके मिलने से दिव्यांगजन के जीवन में कितना बदलाव आता है और उसका आत्मविश्वास कितना बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों से कवर्धा में इस तरह के सेवा कार्य लगातार हो रहे हैं। उन्होंने भारतीय जैन संगठन, भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति, सकल जैन समाज और एनएसई फाउंडेशन के सहयोग की सराहना की। उन्होंने राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार करने की प्रक्रिया भी देखी।

    बस्तर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों तक भी पहुंचेगी सेवा

    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह के शिविर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर में आईईडी विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए लोगों को चिन्हांकित कर कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजनों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें शिविर तक लाकर कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि बस्तर के अंदरूनी गांवों में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि शिविर का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक पहुंचे, इसके लिए सभी लोग इसकी जानकारी अपने स्तर पर साझा करें। उन्होंने समाज, संस्थाओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सेवा कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

    दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन हैं, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। दिव्यांगजनों को केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है। रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न ट्रेड के साथ डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार के लिए दिव्यांगजनों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है तथा पात्र हितग्राहियों को ऋण पर अनुदान भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजनों को किसी पर निर्भर रहने वाला नहीं, बल्कि स्वाभिमान के साथ अपने परिवार और समाज को योगदान देने वाला बनाना है। 

     इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टरमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, भारतीय जैन संगटना राष्ट्रीय सचिव पंकज लूकड़, प्रदेश अध्यक्ष विजय गंगवाल, प्रदेश महासचिव सीए विकास गोलछा, सकल जैन संघ कवर्धा के अध्यक्ष नेमीचंद गोलछा, जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ कवर्धा के अध्यक्ष खुशाल टाटिया, सकल जैन संघ कवर्धा के सचिव अतुल देशलहरा तथा स्वास्थ्य एवं शिविर प्रोग्राम के प्रदेश प्रमुख डॉ. अतुल जैन सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

    23 से 26 सितंबर तक चलेगा शिविर

     शिविर में राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार कर जरूरत के अनुसार उनका परीक्षण और फिटिंग की जा रही है। इससे हितग्राहियों को उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है। शिविर में श्रवण, दृष्टि एवं अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग हितग्राहियों ने पंजीयन कराया है। बड़ी संख्या में पहुंचे हितग्राहियों की जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चार दिवसीय शिविर में 23 से 26 सितंबर तक दिव्यांगजनों को आवश्यकतानुसार उपकरण प्रदान किए जाएंगे।