Author: NewseDay

  • सिंहस्थ-2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयंसेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा

    सिंहस्थ-2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयंसेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा

    *भोपाल 

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आस्था का विराट पर्व है। इसके भव्य और दिव्य आयोजन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के साथ पूरी क्षमता के साथ तैयार होना होगा। यह हम सबका दायित्व है कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों एवं गाइड्स के साथ सिंहस्थ सेवा कार्य 2028 के संदर्भ में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सिंहस्थ में भीड़ नियंत्रण सहित कई प्रकार की व्यवस्थाएं संभालने वाले स्काउट एंड गाइड के मास्टर ट्रेनर, सेवादूतों एवं स्वयंसेवकों के विधिवत् प्रशिक्षण के लिए भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर के बनने एवं इसमें प्रशिक्षण शुरू होने तक आवश्यकतानुसार सांदीपनि विद्यालय के भवनों एवं परिसरों का इस्तेमाल किया जाएगा। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा, भारत स्काउट एवं गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ इसका ध्येय वाक्य। स्काउट एंड गाइड ने अपने कार्य के आधार पर दुनिया में अलग ही पहचान बनाई है। पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से उज्जैन सिंहस्थ के आयोजन में इस संगठन की कार्यशाली, सामर्थ्य और समर्पण को करीब से देखा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ कराना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 सेवा-भाव, प्रबंधन क्षमता और सुशासन की व्यापक परीक्षा भी होगा। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में अपील करते हुए कहा कि इस बार आप सबको सेवा के लिए, किसी भी चुनौती और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हमेशा की तरह तैयार रहना होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आजादी के बाद हुए पांच सिंहस्थों में भारत स्काउट-गाइड ने सेवा के कई अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती सबसे बड़ी होगी। उज्जैन सिंहस्थ में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के जरिए सेवाएं दी थीं। इस बार 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवा का मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के हर जिले से 500 तथा उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूतों के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। 

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद तेजी से धार्मिक पर्यटन बढ़ा है। इस वर्ष यहां 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड को सिंहस्थ में सेवा के लिए तैयार हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीक एवं सोशल मीडिया के इस दौर में स्काउट एंड गाइड को इंटरनेट और सोशल मीडिया से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी प्रशिक्षित होना होगा।
     
    मध्यप्रदेश स्काउट एंड गाइड के राज्य कोषाध्यक्ष और सिंहस्थ सेवा दल के प्रभारी रहे रमेश शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में स्काउट एंड गाइड को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनमें से 20 शिविर स्काउट-गाइड के होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं सिहस्थ के पूर्व आयोजनों में सेवादूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसलिए ऐसे धार्मिक आयोजनों में स्काउट एंड गाइड की बड़ी भूमिका को वे बेहतर तरीके से समझते हैं।

    संगोष्ठी में भारत स्काउट एंड गाइड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष  अशोक अर्गल, संस्था के राज्य सचिव डॉ. प्रेम कुमार, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के सभी संभागों से आए सेवादूत उपस्थित थे। अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सेवादूतों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाये।

  • आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम युवाओं को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम युवाओं को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घर छोड़ने को मजबूर किसी बेटी या घरेलू हिंसा की शिकार महिला को अब दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेगी। गोरखपुर में 100 बेड का राजकीय महिला शरणालय ऐसी महिलाओं का संबल बनेगा। आधी आबादी को सम्मान और सुरक्षा देने के साथ स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़ाकर विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने रोजगार को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, आप गिनते जाइए, हम नौकरी बांटते जाएंगे। आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम यूपी के नौजवानों को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी बुधवार को चरगांवा के सेमरा में 8.05 करोड़ रुपये की लागत से बने राजकीय महिला शरणालय के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शरणालय का निरीक्षण कर यहां रह रहीं महिलाओं से मुलाकात की और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं को प्रदर्शित करने वाले बोर्ड का भी अवलोकन किया।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, विवाह, सुरक्षा और स्वावलंबन तक सरकार उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से स्नातक तक बेटी के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये पेंशन और प्रदेश में 65 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए गए हैं।
     
    महिला सुरक्षा को लेकर सपा पर साधा निशाना

    मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि कहावत चल पड़ी थी, “देख सपाई, बिटिया घबराई।” बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे। गुंडागर्दी, जमीन पर कब्जे और अराजकता का माहौल था। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, भय, गुंडागर्दी और कब्जे से मुक्त है। समाज और सरकार ने एक दिशा में काम किया तो इसके परिणाम सामने आए हैं।
     
    उन्होंने कहा कि अच्छे लोगों को चुनने से अच्छी सुविधाएं मिलती हैं। कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों को सरकार चार हजार रुपये प्रतिमाह सहायता दे रही है। ऐसे बच्चों को पढ़ाई में मदद के लिए लैपटॉप भी उपलब्ध कराए गए हैं।
     
    साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इनमें बड़ी संख्या में इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं। 24 हजार से अधिक स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश का युवा अब नौकरी लेने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन रहा है।
     
    उन्होंने कहा कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी के रूप में महिलाएं स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं। नारी वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं के प्रतिनिधित्व का रास्ता सुनिश्चित किया गया है।
     
    इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य पर
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस बच्चों को निगल जाती थी। अकेले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में करीब 500 बच्चों की मौत होती थी। सरकार के प्रयासों से आज मौत का आंकड़ा शून्य पर पहुंच गया है। उन्होंने गोरखपुर में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में आए बदलाव का भी उल्लेख किया। कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से वाराणसी की यात्रा अब करीब ढाई घंटे में पूरी हो रही है।
     
    निराश्रित महिलाओं का संबल बनेगा शरणालय
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिला हो या किसी कारण परिवार से बिछड़ी बेटी, बहन अथवा बुजुर्ग महिला, यह शरणालय उनका सहारा बनेगा। उन्होंने शरणालय में रह रही एक बुजुर्ग महिला का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बोल नहीं पा रही हैं और उनके घर-पते की जानकारी नहीं है। ऐसे लोगों का संबल सरकार बनती है और उन्हें उनके वैधानिक अभिभावकों से मिलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण विभाग से शरणालय का बेहतर संचालन करने की अपेक्षा की।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने वामन जयंती की शुभकामनाएं देते हुए भगवान विष्णु के वामन अवतार का उल्लेख किया और उपस्थित लोगों को बधाई दी।
     
    रवि किशन बोले- बहन-बेटियों के साथ खड़ी है सरकार
    सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि ठंड में कोई निराश्रित बेटी या बहन कहां जाएगी और उसे आश्रय कैसे मिलेगा, इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री योगी ने आठ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह शरणालय बनवाया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने नई करवट ली है। कानून के राज ने माफिया और गुंडागर्दी पर अंकुश लगाया है। पहले गरीबों की जमीन पर कब्जे और रंगदारी की घटनाएं होती थीं, जबकि आज सरकार गरीबों और महिलाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी सरकार के कार्यों का उल्लेख किया।
     
    यूपी उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर: महेंद्रपाल
    पिपराइच विधायक महेंद्रपाल सिंह ने स्वागत संबोधन में कहा कि सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफेलाइटिस से बड़ी संख्या में बच्चों की जान जाती थी, लेकिन सरकार के प्रयासों से इस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। युवाओं को रोजगार और बेटियों को सुरक्षा देने के संकल्प के साथ सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश की छवि से निकलकर उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है।
     
    बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को दिए लैपटॉप
    कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत अक्षिता गुप्ता, पलक चौहान, दीपिका, प्रियांशी यादव, उमरा अंजुम, आयुषी यादव, सुधीर कुमार, प्रियांशु यादव, अनीश कुमार सिंह और रुद्र प्रताप रंजन को लैपटॉप प्रदान किए गए।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ला, कुशीनगर सांसद विजय दुबे, महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ला व श्रवण कुमार निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्त, चरगांवा ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह समेत जनप्रतिनिधि, महिला कल्याण विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

  • फ्लैग ऑफ कर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के भ्रमण हेतु किया रवाना

    फ्लैग ऑफ कर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के भ्रमण हेतु किया रवाना

    भोपाल 

    सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल स्थित टी.टी. नगर स्टेडियम में माँ तुझे प्रणाम योजना के अंतर्गत भ्रमण के लिये ग्वालियर, अशोकनगर एवं दतिया से आए युवाओं से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा फ्लैग ऑफ कर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के भ्रमण के लिए रवाना किया। मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में विभिन्न समूहों में प्रदेश के युवाओं को प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों से जोड़ते हुए 6 जोन में (मालवा, भोपाल, ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड एवं महाकौशल) इन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं भौगोलिक स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माँ तुझे प्रणाम योजना युवाओं को प्रदेश की विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसके साथ ही इस योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष प्रदेश के युवाओं को विभिन्न समूहों में देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा का भी भ्रमण कराया जाता है।

    6 जोन में प्रदेश की विविध विरासत का भ्रमण

    योजना के अंतर्गत 06-जोन में युवाओं को विभिन्न समूहों में मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों में स्थित प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। मालवा जोन में महाकालेश्वर, गांधी सागर, पशुपतिनाथ, धर्मराजेश्वर, ओंकारेश्वर, मांडू एवं महेश्वर जैसे प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है। भोपाल जोन में सांची, उदयगिरि, भोजपुर, रातापानी, मानव संग्रहालय, शौर्य स्मारक, भीमबेटका, मढ़ई एवं पचमढ़ी सहित अन्य प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। ग्वालियर-चंबल जोन में ग्वालियर के फोर्ट एवं पैलेस, कूनो नेशनल पार्क, दतिया, चंदेरी एवं माधव नेशनल पार्क जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। बुंदेलखंड जोन में खजुराहो, जटाशंकर, पन्ना के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल, पन्ना टाइगर रिजर्व, ओरछा एवं नौरादेही टाइगर रिजर्व का भ्रमण कराया जाएगा। बघेलखंड जोन में मैहर, चित्रकूट, बांधवगढ़ नेशनल पार्क, महामृत्युंजय मंदिर रीवा एवं रीवा स्थित व्हाइट टाइगर सफारी सहित प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है। महाकौशल जोन में भेड़ाघाट, चौसठ योगिनी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क एवं पेंच नेशनल पार्क सहित अन्य प्रमुख पर्यटन एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।

    3 दिवसीय भ्रमण में पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियों से होंगे परिचित

    माँ तुझे प्रणाम योजना के अंतर्गत युवाओं का भ्रमण तीन दिवस का होगा। इस दौरान उन्हें प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी देने के साथ ही वन विभाग द्वारा संचालित साहसिक गतिविधियों से भी परिचित कराया जाएगा। इससे युवाओं को मध्यप्रदेश की प्राकृतिक संपदा, वन्यजीवन और पर्यटन की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

    ये युवा भोपाल एवं आसपास के प्रमुख स्थलों का करेंगे भ्रमण

    ग्वालियर, अशोकनगर एवं दतिया से आए युवा भ्रमण के दौरान भोपाल एवं आसपास के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों, जिसमें सांची, भोजपुर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं, का भ्रमण करेंगे। इस दौरान युवा इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से परिचित होंगे।

    प्रत्येक विकासखंड से प्रतिभाशाली युवाओं का चयन

    योजना के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड से 10 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया जाता है। इनमें NCC, NSS, खिलाड़ी, मेधावी विद्यार्थी तथा स्काउट एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े युवा शामिल होते हैं। प्रत्येक विकासखंड से 5 युवक एवं 5 युवतियों का चयन किया जाता है, जिससे युवाओं की समान एवं व्यापक सहभागिता सुनिश्चित होती है। खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा यात्रा के दौरान किराया, दैनिक भत्ता, आवास, भोजन, ट्रैक सूट सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है।

     

  • एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के जय मीना ने रचा इतिहास

    एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के जय मीना ने रचा इतिहास

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ी जय मीना ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। जापान के आइची-नागोया में जारी 20वें एशियन गेम्स में जय मीना ने सॉफ्ट टेनिस के पुरुष एकल वर्ग में भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक सुनिश्चित किया। इसके साथ ही वह एशियन गेम्स के इतिहास में सॉफ्ट टेनिस में भारत को पदक दिलाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

    सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका से हुआ मुकाबला

    पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जय मीना का सामना जापान के ताकुया कुरोसाका (Takuya Kurosaka) से हुआ। जय ने मुकाबले में शानदार जुझारूपन दिखाते हुए कड़ी चुनौती पेश की। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही जय ने भारत के लिए कांस्य पदक पक्का कर इतिहास रच दिया।

    क्वार्टरफाइनल में रोमांचक जीत के बाद बनाई थी अंतिम चार में जगह

    जय मीना ने क्वार्टरफाइनल मुकाबले में फिलीपींस के खिलाड़ी के खिलाफ बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। निर्णायक चरण तक पहुंचे इस मुकाबले में जय के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें अंतिम चार में स्थान दिलाया और भारत का पदक सुनिश्चित हुआ।

    खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने जय मीना को ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जय मीना की उपलब्धि मध्यप्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सॉफ्ट टेनिस में भारत को एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाकर जय ने भारतीय खेल इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। उनकी यह सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

    2022 नेशनल गेम्स में जीता था स्वर्ण

    जय मीना ने वर्ष 2022 में गुजरात में आयोजित 36वें नेशनल गेम्स में पुरुष एकल का स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने पुरुष टीम और युगल स्पर्धाओं में भी मध्यप्रदेश के पदक अभियान में योगदान दिया। वर्ष 2025 में वे पुरुष एकल के नेशनल चैंपियन बने। लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद अब उन्होंने एशियन गेम्स में ऐतिहासिक पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है।

    वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी रचा था इतिहास

    जय मीना ने वर्ष 2024 में वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में अंडर-21 मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीतकर भी भारतीय सॉफ्ट टेनिस में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की थी। उन्होंने आध्या तिवारी के साथ मिलकर यह पदक हासिल किया था और यह विश्व चैंपियनशिप में भारत की पहली पदक विजेता जोड़ी बनी थी।

    देवास के स्कूल कोर्ट से शुरू हुआ सफर

    जय मीना का सफर भी बेहद दिलचस्प रहा है। देवास के Pioneer Public School में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहली बार सॉफ्ट टेनिस कोर्ट देखा। शुरुआत में वे केवल खिलाड़ियों को देखने और बॉल बॉय के तौर पर मदद करने जाते थे। धीरे-धीरे इस खेल के प्रति उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने स्वयं खेलना शुरू किया। स्कूल और जिला प्रतियोगिताओं से आगे बढ़ते हुए उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई तथा महज 14 वर्ष की उम्र में जापान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना शुरू कर दिया था।

    भारतीय सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में दर्ज हुआ नया अध्याय

    जय मीना का कांस्य पदक भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। एशियन गेम्स के मंच पर भारत के लिए इस खेल का पहला पदक जीतकर जय ने न केवल देश का गौरव बढ़ाया, बल्कि मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी की यह उपलब्धि प्रदेश में तैयार हो रही प्रतिभाओं की क्षमता को भी रेखांकित करती है। 

  • ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी

    ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी

    प्रयागराज

    ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) 2026 में संगम नगरी प्रयागराज के उद्यमी अपनी व्यापारिक क्षमता और हुनर की धमक दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रयागराज के स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नवाचारियों को एक बड़ा ग्लोबल मंच उपलब्ध हो रहा है। इस वृहद आयोजन में प्रयागराज जनपद की भागीदारी हर साल बढ़ रही है। इस वर्ष जिले के 10 उद्यमी यूपीआईटीएस में हिस्सा लेंगे, जिनके लिए आवंटित स्टाल में जिले के उत्पादों का डंका बजेगा।

    हस्तशिल्प, खानपान और परिधानों की त्रिवेणी  

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  के चौथे संस्करण में प्रयागराज  के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को अवसर दिया गया है। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन बताते हैं कि प्रयागराज से विभिन्न श्रेणियों मे इस बार दस प्रतिभागियों को अवसर दिया गया है। मेले में ओडीओपी ( एक जनपद एक उत्पाद) श्रेणी के तहत 3  इकाइयों के  स्टाल लगेंगे। इसके अलावा  एमएसएमई मे 5  इकाइयां और  'नवोदित निर्यातक' श्रेणी में  एक और ओडीओसी के लिए एक इकाई का चयन किया गया है, जिन्हें कुल 12  स्टाल  दिए गए हैं। चयनित इकाइयों मे संगम नगरी के परंपरागत हस्तशिल्प,  यहां के खानपान और परिधानों का मेल देखने को मिलेगा ।

    * पहचान बनाएंगे परंपरागत हस्तशिल्प मूंज के उत्पाद*

    एक जनपद एक उत्पाद की श्रेणी में चयनित मूंज के उत्पादों को ट्रेड शो मे खास पहचान मिलेगी। इस श्रेणी के अंतर्गत प्रयागराज में मूंज के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उत्पाद बनाने वाली इकाई 'द परफेक्ट बाजार' का चयन किया गया है । ‘द परफ़ैक्ट बाजार' के पार्टनर पवन कुमार मिश्रा बताते हैं कि उन्हें ट्रेड शो के हॉल नंबर 10 मे स्टाल मिला है। उनकी इकाई अलग -अलग श्रेणियों में एक दर्जन से अधिक तरह के उत्पाद के स्टाल यहाँ लगाएगी। उनके सभी उत्पाद ईकोफ़्रेंडली हैं और सभी  ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर पहले से उपलब्ध हैं । 

    खानपान में पैक्ड समोसे के जायके का बिखरेगा स्वाद

    उत्तर प्रदेश के समृद्ध व्यंजनों की विरासत की ग्लोबल ब्रांडिंग के लिए योगी सरकार द्वारा शुरू की गई ‘एक जनपद एक व्यंजन योजना’ में चयनित उत्पाद भी यूपी आईटीएस 2026 में अपने जायके का स्वाद बिखेरेंगे। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन का कहना है कि पहली बार यूपी आईटीएस मे ओडीओसी श्रेणी को शामिल किया गया है, जिसे वहां निःशुल्क स्टाल दिया जा रहा है। इस श्रेणी के लिए 11 आवेदन आए थे, जिसमें परम्परागत जायके में अपनी खास पहचान रखने वाले प्रयागराज के पैक्ड समोसे को जगह मिली है। ओडीओसी श्रेणी में चयनित प्रयागराज के बलुआ घाट स्थित मुंडा स्नैक्स के पैक्ड समोसे का जायका इंटरनेशनल ट्रेड शो में जा रहा  है। मुंडा स्नैक्स के प्रतिनिधि अमित यादव का कहना है कि वैसे तो देशी घी, पनीर और ड्राई फ्रूट्स से बने उनके समोसे अपने लज़ीज जायके के लिए मशहूर हैं, लेकिन ट्रेड शो में मूल जायके को बनाए रखने के उनका ड्राई मसाला समोसा जा रहा है। इसके 5  हजार से अधिक ड्राई पीस ट्रेड शो के लिए ले जा रहे हैं | इसकी पैकिंग पर भी खास ध्यान दिया गया है, क्योंकि इसे घर पर 15 दिन रखा जा सकता है । इसके अलावा  खानपान की श्रेणी में ही केशरी गृह उद्योग , इकावा एग्रो और श्याम डेयरी उत्पादों को भी जगह मिली है।
    विशिष्ट परिधानों और फ्रैगनेंस का मेल

    इस बार  ट्रेड शो के लिए चयनित उद्यमियों में हुनर की विविधता भी देखने को मिलेगी। इस बार परिधान और इत्र की इकाइयों का चयन किया गया है। परिधान की श्रेणी में तीन उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें पुष्पांजलि की मिली मेहरोत्रा, अकील एम्ब्रायडरी के अकील अहमद और पवन मिश्रा ग्रामोद्योग के पवन मिश्रा शामिल है।  इस श्रेणी के उद्यमी खादी, कॉटन, एम्ब्रॉयडरी और हैंड प्रिंटिंग में अपने हुनर का जादू बिखेरेंगे। पहली बार whiffhaus fragrance इकाई को इसमें जगह मिली है। एमएसएमई श्रेणी के अंतर्गत चयनित इस इकाई के प्रतिनिधि अनवर आजम कहते हैं कि परंपरा और आधुनिकता से जुड़ी 60 तरह की खुशबू के इत्र ट्रेड शो मे अपनी महक बिखेरेंगे ।

  • अटारी स्थित बॉटनिकल गार्डन का होगा पुनर्विकास; पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं और नए आकर्षण

    अटारी स्थित बॉटनिकल गार्डन का होगा पुनर्विकास; पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं और नए आकर्षण

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की प्राकृतिक धरोहरों को संवारने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ी परियोजना पर कार्य कर रही है। रायपुर के अटारी स्थित प्रसिद्ध नंदनवन को पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल के तहत नए और आकर्षक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। इस कायाकल्प योजना पर लगभग 50 करोड़ रूपए की लागत आएगी।

    मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान नंदनवन पुनर्विकास की प्रस्तावित परियोजना के प्रस्ताव का प्रस्तुतिकरण किया गया। जिसका नंदन वन पीपीपी समिति द्वारा अनुमोदन किया गया। बैठक में नंदनवन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इसे पर्यावरण व पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में चर्चा की गई।

    पीपीपी मॉडल पर आधारित योजना के अंतर्गत नंदनवन को आधुनिक एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सार्वजनिक-निजी सहभागिता ली जाएगी। बॉटनिकल गार्डन का पुनर्विकास, प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बॉटनिकल गार्डन को नए सिरे से संवारा जाएगा। परिसर में पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, स्वच्छ सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए नए आकर्षण और गतिविधियां जोड़ी जाएंगी। सुशासन नीति के तहत राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करते हुए पर्यटन के क्षेत्र को नई गति दे रही है। नंदनवन का यह पुनर्विकास प्रकृति, पर्यावरण और आधुनिक जन-सुविधाओं का एक बेहतरीन संगम साबित होगा, जिससे स्थानीय व बाहरी पर्यटकों के अनुभव में बड़ा सुधार आएगा।

    बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ  अरूण कुमार पांडेय, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष कुमार ठाकुर, नीति आयोग के सदस्य  आशीष भट्ट, वित्त विभाग सहित समीति के अन्य सदस्य एवं अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए।

  • नेवता भोज में दिखी सामाजिक समरसता की मिसाल, एक साथ बैठे बैगा पुजारी, जनप्रतिनिधि और अधिकारी

    नेवता भोज में दिखी सामाजिक समरसता की मिसाल, एक साथ बैठे बैगा पुजारी, जनप्रतिनिधि और अधिकारी

    रायपु

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सामाजिक सहभागिता और समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘नेवता भोज’ का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत मल्टीपर्पस स्कूल पेंड्रा के असेंबली हॉल में आयोजित नेवता भोज में आयुर्वेद दिवस पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर एवं कार्यशाला में शामिल बैगा पुजारियों, ग्रामीणजनों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक साथ बैठकर सामूहिक रूप से भोजन किया। सामूहिक भोज के इस आयोजन ने समानता, अपनत्व और सामाजिक एकजुटता का सकारात्मक संदेश दिया।

    नेवता भोज के दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, बैगा पुजारियों और ग्रामीणों ने एक साथ भोजन कर सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत किया। एक ही पंक्ति में साथ बैठकर भोजन करने की यह पहल सामाजिक दूरी को कम करने और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद एवं आत्मीयता बढ़ाने का माध्यम बनी।

    कार्यक्रम में विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर  विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक  मनोज खिलारी, वनमंडलाधिकारी  कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ  मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, बैगा पुजारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए।

    नेवता भोज की विशेषता यह रही कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों ने बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर भोजन किया। इससे आपसी अपनत्व और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने के साथ यह संदेश भी गया कि सामूहिक सहभागिता से सामाजिक समरसता को और मजबूत किया जा सकता है।

    कार्यक्रम के दौरान बैगा पुजारियों एवं ग्रामीणजनों की सहभागिता ने आयोजन को स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ से भी जोड़ा। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ उनके सामूहिक रूप से भोजन करने से संवाद और सहभागिता का वातावरण बना। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सामाजिक सद्भाव और एकजुटता को मजबूत करने वाले ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।

    प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत आयोजित नेवता भोज का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा देना है। सेवा संकल्प अभियान के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने इस उद्देश्य को सामाजिक संवाद और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से सामने रखा।

    नेवता भोज के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि समाज की वास्तविक शक्ति आपसी सहयोग, सम्मान, समानता और सहभागिता में निहित है। जब जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बैगा पुजारी और ग्रामीण एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, तो यह केवल भोजन का आयोजन नहीं रहता, बल्कि आपसी विश्वास और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने का अवसर बन जाता है।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह नेवता भोज सामाजिक समरसता, सामुदायिक भावना और जनभागीदारी को बढ़ावा देने वाली पहल के रूप में सामने आया। सामूहिक भोज में सभी वर्गों की सहभागिता ने ‘साथ चलें, साथ बढ़ें’ की भावना को मजबूत करते हुए समानता, अपनत्व और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।

     

  • IMEC पर ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान नियंत्रित रास्तों से ऊर्जा सप्लाई हटाने पर जोर

    IMEC पर ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान नियंत्रित रास्तों से ऊर्जा सप्लाई हटाने पर जोर

     नई दिल्ली

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए एक बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर खुला समर्थन जताया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान GCC और अरब देशों के नेताओं के साथ बैठक में ट्रंप ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरान के चोकपॉइंट से दूर ले जाने की जरूरत है। 

    ट्रंप ने कहा कि पड़ोसी देशों में कमर्शियल शिपिंग पर ईरान के हमलों ने इस जरूरत को और साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन IMEC और तेल को बाहर निकालने के दूसरे रास्तों का मजबूती से समर्थन करता है. इसमें पाइपलाइन और दूसरे विकल्प भी शामिल हैं. ट्रंप ने कहा कि साथ मिलकर मिडिल ईस्ट के सामने दशकों से चली आ रही चुनौतियों को दूर करने का मौका है। 

    2023 में सामने आया था IMEC का प्लान
    भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर को 2023 में सामने लाया गया था. इसका मकसद भारत को खाड़ी क्षेत्र के जरिए यूरोप से जोड़ना है. इसके तहत एक ईस्टर्न कॉरिडोर भारत को खाड़ी क्षेत्र से जोड़ेगा, जबकि नॉर्दर्न कॉरिडोर खाड़ी को यूरोप से जोड़ेगा। 

    इस कॉरिडोर में रेलवे और शिप-रेल ट्रांजिट नेटवर्क के साथ सड़क परिवहन के रास्ते भी शामिल हैं. ट्रंप के ताजा समर्थन से IMEC को लेकर अमेरिका की रणनीतिक सोच भी सामने आई है. ट्रंप ने इसे मिडिल ईस्ट की ऊर्जा सप्लाई को वैकल्पिक रास्तों से जोड़ने के संदर्भ में रखा। 

    ईरान को फिर दी सख्त चेतावनी
    बैठक में ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को आर्थिक तौर पर अलग-थलग कर दिया है और उम्मीद है कि ईरान जल्द सही फैसला करेगा. ट्रंप ने कहा कि एक समय ऐसा भी आ सकता है जब बहुत देर हो जाएगी और अमेरिका के पास ईरान को एक राष्ट्र के तौर पर बने रहने देने का मौका नहीं होगा। 

    ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ बैठक में मौजूद देशों के नेता भी चाहते हैं कि ईरान जल्द सही कदम उठाए. उन्होंने GCC और अरब देशों के नेताओं को अमेरिका के करीबी सहयोगी और साझेदार बताया और कहा कि उनका मकसद मिडिल ईस्ट को ज्यादा सुरक्षित और समृद्ध बनाना है। 

    ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में जंग और कमर्शियल शिपिंग पर हमलों के बीच ऊर्जा सप्लाई के वैकल्पिक रास्तों को लेकर चर्चा तेज है. ऐसे में IMEC को लेकर अमेरिका का खुला समर्थन भारत के लिए भी अहम माना जा रहा है। 

  • Railway Pension Rules 2026: 100% तक फैमिली पेंशन का प्रावधान, जानें नए नियम

    Railway Pension Rules 2026: 100% तक फैमिली पेंशन का प्रावधान, जानें नए नियम

       नई दिल्ली

    रेलवे में नौकरी करने वालों के लिए पेंशन से जुड़ा एक ऐसा नियम आया है, जिसे कर्मचारी और उनके परिवार को जरूर समझना चाहिए. नौकरी के दौरान अगर किसी कर्मचारी को गंभीर बीमारी, हादसे या किसी ऐसी घटना का सामना करना पड़ता है, जिसका संबंध उसकी सेवा से है, तो उसके बाद मिलने वाली पेंशन सामान्य नियमों से अलग हो सकती है. कर्मचारी की स्थिति, मौत या डिसएबिलिटी किस तरह की घटना से जुड़ी है, इसके आधार पर पेंशन का पूरा ढांचा तय होगा। 

    रेलवे ने अब इसके लिए नए नियम लागू कर दिए हैं. रेलवे बोर्ड ने 'रेल सर्विस एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन रूल्स, 2026' को नोटिफाई कर दिया है. नए नियमों ने 1993 के एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन रूल्स की जगह ली है. इनमें सेवा के दौरान मौत या डिसएबिलिटी से जुड़े मामलों के अलावा फैमिली पेंशन, मेडिकल बोर्ड की अपील, डिसएबिलिटी की गणना, सेवा से जुड़ी बीमारियां और पेंशन में देरी जैसे कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। 

    किन कर्मचारियों और परिवारों को मिलेगा फायदा?

    नए नियम उन मामलों में लागू होंगे, जहां कर्मचारी की डिसएबिलिटी या मौत का संबंध रेलवे सेवा से हो. अगर कर्मचारी डिसएबिलिटी के बाद भी रेलवे की सेवा में बना रहता है, तब भी इन नियमों के तहत प्रावधान लागू हो सकते हैं. इसके अलावा एक्स्ट्राऑर्डिनरी फैमिली पेंशन के दायरे में आने वाले परिवार भी इन नियमों से कवर होंगे. यानी कर्मचारी की सेवा से जुड़ी मौत की स्थिति में उसके परिवार को मिलने वाली पेंशन भी घटना की कैटेगरी के हिसाब से तय होगी. NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्होंने 2025 के संबंधित नियमों के तहत कौन-सा विकल्प चुना है। 

    नए रूल्स में मौत और डिसएबिलिटी की 4 कैटेगरी
    नए नियमों में सेवा से जुड़ी मौत और डिसएबिलिटी को चार कैटेगरी में बांटा गया है. इन्हीं कैटेगरी से यह तय होगा कि कर्मचारी या उसके परिवार को किस तरह का पेंशन लाभ मिलेगा। 

    Category A: ऐसी मौत या डिसएबिलिटी जो प्राकृतिक कारणों से हुई हो और जिसका रेलवे सेवा से कोई संबंध नहीं हो। 

    Category B: ऐसी मौत या डिसएबिलिटी जो रेलवे सेवा के कारण हुई हो या सेवा की वजह से बढ़ी हो। 

    Category C: दंगे, हिंसा, खराब मौसम, राहत या बचाव अभियान जैसी गंभीर परिस्थितियों में हुई मौत या डिसएबिलिटी। 
    Category D: आतंकवादी हमले, युद्ध जैसी परिस्थितियों या दुश्मन की कार्रवाई से जुड़े मामले। 

    यानी हर मामले में एक जैसा पेंशन नियम लागू नहीं होगा. घटना की प्रकृति के आधार पर कर्मचारी या परिवार का लाभ बदल सकता है। 

    डिसएबिलिटी पेंशन कैसे तय होगी?
    नई व्यवस्था में डिसएबिलिटी पेंशन को दो हिस्सों में बांटा गया है- सर्विस एलीमेंट और डिसएबिलिटी एलीमेंट. सर्विस एलीमेंट कर्मचारी की पेंशन योग्य सैलरी यानी इमोल्यूमेंट्स या एवरेज इमोल्यूमेंट्स के 50% के बराबर होगा, जो भी अधिक हो. कैटेगरी B, C और D में 100% डिसएबिलिटी होने पर डिसएबिलिटी एलीमेंट 30% होगा. इस तरह 100% डिसएबिलिटी की स्थिति में पेंशन का ढांचा 50% सर्विस एलीमेंट और 30% डिसएबिलिटी एलीमेंट से बनेगा. खास बात यह है कि इसके लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग सर्विस की शर्त नहीं रखी गई है. यानी 10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारी को भी सर्विस एलीमेंट मिल सकता है. हालांकि ऐसी स्थिति में सर्विस ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलेगा। 

    डिसएबिलिटी का प्रतिशत कैसे तय होगा?
    डिसएबिलिटी का प्रतिशत भी पेंशन तय करने में अहम भूमिका निभाएगा. मेडिकल बोर्ड अगर डिसएबिलिटी 50% तक तय करता है, तो डिसएबिलिटी एलीमेंट के लिए 50% ही माना जाएगा. अगर डिसएबिलिटी 50% से ज्यादा और 75% तक है, तो गणना के लिए इसे 75% माना जाएगा. वहीं 75% से ज्यादा और 100% तक डिसएबिलिटी होने पर 100% माना जाएगा. इस व्यवस्था को डिसएबिलिटी की ब्रॉड-बैंडिंग कहा गया है. इसका मकसद यह है कि कुछ स्तर की डिसएबिलिटी होने पर पेंशन की गणना कर्मचारी के लिए ज्यादा अनुकूल तरीके से की जा सके। 

    मौत होने पर परिवार को कितनी पेंशन?
    यहीं नए नियमों का एक अहम हिस्सा सामने आता है. Extraordinary Family Pension में विधवा या विधुर (जिसकी पत्नी मर गई हो) के अलावा पात्र आश्रित बच्चे, माता-पिता और आश्रित भाई-बहन भी शामिल हो सकते हैं. कैटेगरी A के मामलों में सामान्य पेंशन नियम लागू होंगे. लेकिन सेवा से जुड़ी गंभीर घटनाओं वाली कैटेगरी B, C और D में परिवार को अलग प्रावधान के तहत पेंशन मिलेगी. कैटेगरी B में फैमिली पेंशन कर्मचारी की पे के 60% के बराबर होगी. वहीं कैटेगरी C और D में फैमिली पेंशन कर्मचारी की बेसिक पे के 100% के बराबर होगी। 

    रेलवे बोर्ड के नियमों के मुताबिक फैमिली पेंशन ₹18,000 से कम नहीं होगी. अगर डिसएबिलिटी पेंशन पा रहा कर्मचारी उसी चोट या बीमारी के कारण बाद में मृत्यु को प्राप्त होता है, तो उसके लिए भी अलग प्रावधान दिए गए हैं. डिसएबिलिटी रिटायरमेंट की तारीख से सात साल के भीतर ऐसी मौत होने पर संबंधित कैटेगरी के तहत Extraordinary Pension का लाभ परिवार को मिल सकता है। 

    नौकरी जारी रही तो क्या होगा?
    मान लीजिए किसी कर्मचारी को डिसएबिलिटी हुई, लेकिन रेलवे ने उसे नौकरी से हटाने के बजाय सेवा में बनाए रखा. ऐसी स्थिति में उसे हर महीने डिसएबिलिटी एलीमेंट नहीं मिलेगा. इसके बजाय डिसएबिलिटी एलीमेंट की कैपिटलाइज्ड वैल्यू के आधार पर एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा. गजट नोटिफिकेशन में इसका उदाहरण भी दिया गया है. अगर कर्मचारी की उम्र 40 साल है, बेसिक पे ₹30,000 महीना है, वह Category B में आता है और डिसएबिलिटी 40% है, तो 30% डिसएबिलिटी एलीमेंट और 9.075 के कम्यूटेशन फैक्टर के आधार पर एकमुश्त रकम ₹3,92,040 बनती है। 

    पेंशन के लिए अलग से आवेदन नहीं
    नए नियमों में कर्मचारियों और परिवारों के लिए एक अहम राहत आवेदन की प्रक्रिया को लेकर है. डिसएबिलिटी पेंशन या Extraordinary Family Pension के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. संबंधित केस की जांच और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हेड ऑफ ऑफिस की होगी. मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर मामले पर फैसला किया जाएगा. डिसएबिलिटी पेंशन के मामलों में तय समय के भीतर पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी करना होगा। 

    पेंशन में देरी हुई तो इंटरेस्ट मिलेगा
    नए नियमों में पेंशन भुगतान में देरी को लेकर भी प्रावधान किया गया है. अगर प्रशासनिक चूक या लापरवाही की वजह से पेंशन जारी होने में देरी होती है, तो पेंशनर या फैमिली पेंशनर को बकाया रकम पर ब्याज देना होगा. इसका मतलब यह है कि पेंशन की प्रक्रिया में देरी होने पर कर्मचारी या परिवार को सिर्फ बकाया रकम का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि नियमों के तहत ब्याज का भी प्रावधान है। 

    मेडिकल बोर्ड की अपील और दूसरी सुविधाएं
    नए एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन रूल्स में मेडिकल बोर्ड के फैसले के खिलाफ अपील, डिसएबिलिटी की ब्रॉड-बैंडिंग और सेवा से जुड़ी बीमारियों जैसे मामलों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा पेंशन भुगतान में देरी और अटेंडेंट अलाउंस से जुड़े प्रावधान भी नए नियमों का हिस्सा हैं। 

    रेलवे कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी ये नियम?
    इन नियमों को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी के साथ हुई घटना को किस कैटेगरी में रखा जाता है, उसी के आधार पर पेंशन और परिवार को मिलने वाला लाभ तय होगा. खास तौर पर कैटेगरी B, C और D में आने वाले मामलों में कर्मचारी की डिसएबिलिटी और परिवार की पेंशन के लिए अलग प्रावधान हैं. वहीं NPS कर्मचारियों को अपने चुने गए विकल्प के आधार पर लाभ देखना होगा. यानी रेलवे कर्मचारी के लिए सिर्फ यह जानना काफी नहीं है कि एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन का नियम बदल गया है. यह समझना भी जरूरी है कि उसका मामला किस कैटेगरी में आएगा, डिसएबिलिटी कितनी मानी जाएगी और जरूरत पड़ने पर परिवार को किस आधार पर पेंशन मिलेगी। 

  • यूपीआईटीएस-2026 में दिखेगा योगी सरकार के ‘बिजनेस-रेडी’ यूपी का दम

    यूपीआईटीएस-2026 में दिखेगा योगी सरकार के ‘बिजनेस-रेडी’ यूपी का दम

    लखनऊ

    योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के अपने प्रयासों को अब वैश्विक मंच पर और मजबूती देने जा रही है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के ‘बिजनेस-रेडी’ इकोसिस्टम, निवेश-अनुकूल नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हुए सुधारों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

    पांच दिवसीय आयोजन में इन्वेस्ट यूपी की ओर से हॉल-1 और हॉल-4 में दो समर्पित पवेलियन स्थापित किए जा रहे हैं। ये पवेलियन देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों और कारोबारी प्रतिनिधियों के लिए प्रदेश में निवेश और व्यापार के अवसरों को समझने तथा सीधे संपर्क का प्रमुख केंद्र होंगे। यहां उत्तर प्रदेश की 36 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों, नीतिगत प्रोत्साहनों और एकीकृत निवेश सुविधा प्रणाली की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

    वैश्विक निवेशकों के लिए खुलेगा यूपी का बाजार

    यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस साझेदार देशों के रूप में शामिल होंगे। इन देशों की कंपनियां अपने उत्पादों, तकनीकों और कारोबारी अवसरों का प्रदर्शन करेंगी। करीब 100 अंतरराष्ट्रीय खरीदार जहां उत्तर प्रदेश के उत्पादों के लिए सोर्सिंग और खरीद के अवसर तलाशेंगे, वहीं 36 विदेशी प्रदर्शक अपने उत्पादों और औद्योगिक तकनीकों को प्रदर्शित करेंगे। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी बातचीत प्रस्तावित है।

    योगी सरकार की ओर से प्रदेश में तैयार किए गए निवेश-अनुकूल वातावरण को निवेशकों तक पहुंचाने के लिए आयोजन के दौरान बी2बी बैठकें, कंट्री सेशन, एग्जीक्यूटिव राउंडटेबल और सेक्टरल राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से निवेशकों को प्रदेश में कारोबार विस्तार, तकनीकी साझेदारी, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नए निवेश की संभावनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा।

    सेक्टरल राउंडटेबल में निवेश और औद्योगिक अवसरों पर मंथन

    उद्घाटन सत्र के बाद इन्वेस्ट यूपी विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित राउंडटेबल और नॉलेज सेशन का समन्वय करेगा। इनमें ‘रीइमैजिनिंग ग्लोबल सप्लाई चेन्स : व्हाई उत्तर प्रदेश मैटर्स नाउ’, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर एवं ईएसडीएम इन्वेस्टर्स राउंडटेबल तथा फार्मा एवं मेडटेक स्ट्रैटेजिक सेशन प्रमुख हैं। इसके अलावा टेक्सटाइल एवं अपैरल, फूड प्रोसेसिंग तथा सीपीएसयू के माध्यम से निवेश और औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इन सत्रों में नीति-निर्माता, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ संबंधित क्षेत्रों की नीतियों, उभरते अवसरों और विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

    ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन को मिलेगी नई गति

    यूपीआईटीएस-2026 उत्तर प्रदेश के ओडीओपी उत्पादों, एमएसएमई, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और विदेशी प्रदर्शकों की भागीदारी से प्रदेश के उद्यमियों को नए कारोबारी संपर्क और बाजार उपलब्ध होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। योगी सरकार के ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन के अनुरूप यह आयोजन प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने, निर्यात विस्तार को गति देने, तकनीकी साझेदारी बढ़ाने और नए निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को मजबूत करेगा। यूपीआईटीएस-2026 के जरिए उत्तर प्रदेश अपने मजबूत औद्योगिक आधार, निवेश-अनुकूल नीतियों और कारोबारी सुविधाओं को वैश्विक निवेश समुदाय के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।