Author: NewseDay

  • सौर ऊर्जा से खेती आसान, BIT मेसरा छात्रों ने बनाया 4-इन-1 कृषि उपकरण

    सौर ऊर्जा से खेती आसान, BIT मेसरा छात्रों ने बनाया 4-इन-1 कृषि उपकरण

    रांची
    बीआइटी मेसरा की विभिन्न इकाईयों में लगातार नए नए प्रयोग होते रहते हैं। कभी राकेट्री साइंस डिपार्टमेंट तो कभी फार्मेसी और मैकेनिकल में लेकिन अबकी बार यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक बीआइटी मेसरा के छात्रों ने किसानी को आसान बनाने की दिशा में नवाचार किया है।

    यहां के छात्र प्रांजल ओझा और रोनित कुमार ने मार्गदर्शक डॉ. सतीश कुमार, प्रो. पीआर महतो और प्रो. राकेश के मार्गदर्शन में 'किसान दोस्त' नामक उपकरण विकसित किया है। जो कि सौर उर्जा से संचालित होता है और इसे खेतों या वाटिका में चलाने के लिए किसी अन्य ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है।

    यह उपकरण खेत में एक साथ चार काम करेगा, पहला घास पतवार हटाएगा, दूसरा मेड़ या कियारी निर्माण करेगा, तीसरा बीज बुआई और चौथा खेत को समतल करने में मदद करेगा।

    भविष्य में इसकी मांग बढ़ेगी
    बता दें कि इस उपकरण को बीआइटी मेसरा के प्लैटिनम जुबली समारोह में प्रायोगिक तौर पर यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक के परिसर में प्रदर्शित किया गया था। बेहद किफायती होने के कारण भविष्य में इसकी मांग बढ़ेगी। सौर उर्जा से संचालित इस उपकरण की मदद से घास हटाने और बीज बोने का काम बिना खर्च किया जा सकता है।

    'किसान दोस्त' एक अभिनव और टिकाऊ कृषि उपकरण है, जिसे किसानों की प्रमुख समस्याओं का समाधान करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पर्यावरण अनुकूल खेती की प्रैक्टिस को बढ़ावा देता है। यह उपकरण पूरी तरह से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित होता है और इसमें उन्नत यांत्रिक घटकों के साथ हरित ऊर्जा समाधान जोड़े गए हैं इसलिए यह किसानों के लिए एक कुशल और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील समाधान बनता है।

    जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम
    डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि यह सौर ऊर्जा पर काम करता है, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होती है, संचालन लागत में कमी आती है और पर्यावरण संरक्षण में योगदान होता है, इसमें घास हटाने की प्रणाली विकसित की गईं हैं, इसमें सटीक नियंत्रण वाले उपकरण लगे हैं जो फसलों को बिना नुकसान पहुंचाए घास को प्रभावी रूप से हटा सकते हैं, जिससे फसलों का स्वास्थ्य और उपज बेहतर होती है।

    यह उपकरण सुनिश्चित करता है कि बीजों को सही गहराई और दूरी पर समान रूप से बोया जाए ताकि पौधों की बढ़त और उपज को बढ़ावा मिले।

    किसानों की चुनौतियों का होगा समाधान
    यह उपकरण महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को स्वचालित करता है, जिससे मैन्युअल श्रम पर निर्भरता कम होती है, विशेषकर व्यस्त सीजन में रासायनिक खरपतवार नाशकों की आवश्यकता को समाप्त करके संचालन लागत में कमी करता है।

    यह भूमि अपक्षय और रासायनिक अफवाह को कम कर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देता है, जिससे मृदा और जल संसाधनों की सुरक्षा होती है। यह घास हटाने और बीज बोने की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे किसानों का कीमती समय बचता है।

    यह हल्का और संचालन में आसान है, जो इसे छोटे से लेकर मध्यम आकार के खेतों के लिए उपयुक्त बनाता है। यह रासायनिक खरपतवार नाशकों की आवश्यकता को समाप्त कर और पारंपरिक कृषि मशीनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करके पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देता है।

    किसान दोस्त उन किसानों के लिए आदर्श है जो पारंपरिक कृषि समस्याओं से निपटने के लिए आधुनिक, ईंधन कुशल, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और लागत-कुशल समाधानों की तलाश में हैं। इस उपकरण में एक साथ खरपतवार की कटाई, जमीन की खुदाई, बीज की बुआई और जमीन को समतल करने का मैकेनिज्म शामिल है। यह हरित ऊर्जा से संचालित होती है।-  डॉ. सतीश कुमार, अस्सिटेंट प्रोफेसर सह कन्वेनर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल, यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक।

     

  • हरियाणा बैंक घोटाला केस में बड़ा एक्शन, 6 IAS बने आरोपी

    हरियाणा बैंक घोटाला केस में बड़ा एक्शन, 6 IAS बने आरोपी

    पंचकूला.

    हरियाणा के कथित बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

    चार्जशीट में अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी धन निवेश कराने, बैंक चयन और एफडी से जुड़े नियमों की अनदेखी, वित्त विभाग की निर्धारित सीमाओं को दरकिनार करने, कथित तौर पर दस्तावेजों में हेर-फेर, साक्ष्य छिपाने तथा रिश्वत अथवा अन्य अनुचित लाभ लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई की चार्जशीट में आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन समेत छह आईएएस अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ कथित साजिश के माध्यम से सरकारी धन को निजी बैंकों में ट्रांसफर कराने तथा निवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों का उल्लेख है।

    पंकज अग्रवाल पर लगे आरोप
    तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल को लेकर चार्जशीट में निजी बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से कथित अनुचित लाभ मिलने का उल्लेख है।

  • अमित शाह बोले- सपा-बसपा के शासन में कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, आज यूपी में बन रहे रक्षा उत्पाद

    अमित शाह बोले- सपा-बसपा के शासन में कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, आज यूपी में बन रहे रक्षा उत्पाद

    सपा सरकार को यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश का कार्यक्रम, योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
     
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ

    योगी सरकार में ऐसा बदला यूपी कि आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय कर सकता है प्रदेश
     
    अमित शाह बोले- सपा-बसपा के शासन में कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, आज यूपी में बन रहे रक्षा उत्पाद
     
    वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चेन स्नैचिंग की जगह बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क: अमित शाह
     
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण तोड़ेगा पिछले सभी रिकॉर्ड, निवेश, उत्पादन और बिक्री में होगी बड़ी बढ़ोतरी
     
    ग्रेटर नोएडा

     केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में आए बदलाव के बहाने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश सरकार को निवेश का कार्यक्रम प्रदेश से बाहर करना पड़ा था। तब अधिकारी कहते थे कि कानून-व्यवस्था की हालत ऐसी है कि निवेशक यहां आने को तैयार नहीं हैं। आज तस्वीर बदल चुकी है। वही उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केंद्र बन रहा है और देश के विकास के इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
     
    शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जमीन पहले भी थी, 24 करोड़ से अधिक की आबादी और मेहनती कारीगर भी थे। कमी उद्योगों के लिए अच्छे माहौल की थी। 2017 में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई और कानून-व्यवस्था बदली। इसी का नतीजा है कि आज निवेशक उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव इतना बड़ा है कि उत्तर प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
     
    कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह बन रहे रक्षा उत्पाद: शाह
    पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों पर तीखा हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में अपराध की इंडस्ट्री चलती थी। कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, वाहन चोरी का कुटीर उद्योग चलता था और चेन स्नैचिंग में युवाओं को हुनर प्राप्त करने का मौका मिलता था। आज करीब 10 साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह रक्षा उत्पाद बन रहे हैं, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सपा-बसपा के समय की गुंडागर्दी को नेस्तनाबूद कर प्रदेश में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।
     
    शाह ने उत्तर प्रदेश के बदलाव को चार चरणों में समझाया। कहा, पहले दुनिया ने देखा कि यूपी बदल रहा है। फिर लोगों ने यहां आने की इच्छा जताई। इसके बाद निवेशक उत्तर प्रदेश आए और अब वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनने जा रहे हैं। यही भागीदारी उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।
     
    डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र कर योगी सरकार को सराहा
    अमित शाह ने कहा कि कार्यक्रम में आते समय उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिफेंस कॉरिडोर का स्टॉल देखा। झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर के छह नोड में रक्षा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश आ रहा है। इसके लिए योगी सरकार ने अनुकूल नीतियां बनाने से लेकर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने तक बड़ा काम किया है।
     
    उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन आज करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। उत्तर प्रदेश भी इसमें अपनी भूमिका तेजी से बढ़ा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यह पाकिस्तान की नींद उड़ा रही है। वहीं अमेठी में बनी एके-203 असॉल्ट राइफल नक्सलियों की नींद उड़ा चुकी है। कभी जिस उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने का साहस नहीं होता था, आज वही रक्षा उत्पादन में अपनी पहचान बना रहा है।
     
    एक्सप्रेसवे ने बढ़ाई रफ्तार, ओडीओपी बना विकास की रीढ़
    शाह ने कहा कि एक्सप्रेसवे और चौतरफा विकास ने उत्तर प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने प्रदेश के परंपरागत हुनर को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम किया। यही हुनर आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में दिखाई दे रहा है और प्रदेश के विकास की रीढ़ बन चुका है।
     
    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। आने वाले समय में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक लोगों के लिए उत्तर प्रदेश के उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे।
     
    पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा चौथा संस्करण
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को प्रदेश के लिए बड़ा कारोबारी अवसर बताते हुए अमित शाह ने कहा कि यहां देश-दुनिया से सैकड़ों व्यापारी आए हैं। कई व्यापारिक समझौते होने वाले हैं। इसका सीधा असर निवेश, उत्पादन और बिक्री पर पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का ट्रेड शो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा।
     
    शाह ने कहा कि 2025 का संस्करण प्रभाव का वर्ष साबित हुआ था। पांच लाख से अधिक लोग इसमें पहुंचे थे और 2,400 से अधिक समझौते हुए थे। हजारों करोड़ रुपये के निवेश और व्यापारिक समझौतों का रास्ता खुला था। इस बार की भागीदारी को देखकर लग रहा है कि चौथा संस्करण उससे भी आगे जाएगा।
     
    मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ा रहा यूपीआईटीएस
    अमित शाह ने कहा कि 12 वर्ष पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेक इन इंडिया मिशन की घोषणा की थी। इन 12 वर्षों में केंद्र और राज्यों ने मिलकर भारत को उत्पादन, डिजाइन और इनोवेशन का केंद्र बनाने के लिए काम किया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उसी मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ाने वाला आयोजन है।
     
    पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा सामने रखी थी। आगे चलकर यही सोच पहले अटल बिहारी वाजपेयी और फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का आधार बनी।
     
    शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास जमीन और मेहनती कारीगरों के साथ अब उद्योगों के लिए अच्छा वातावरण भी है। ट्रेड शो में जुटे कारोबारी और यहां होने वाले समझौते आने वाले दिनों में निवेश, उत्पादन और कारोबार को और गति देंगे। उत्तर प्रदेश के विकास में दुनिया के निवेशक अब भागीदार बनने की ओर बढ़ रहे हैं।

  • ASI के 450 पदों पर सीधी भर्ती, पंजाब पुलिस में जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

    ASI के 450 पदों पर सीधी भर्ती, पंजाब पुलिस में जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

    चंडीगढ़ 
    पंजाब सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 450 सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) की सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। पंजाब सरकार ने इस संदर्भ में एक प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। सरकार के मुताबिक भर्ती पारदर्शी और मेरिट के आधार पर होगी।

    सीएम मान ने कहा कि नई भर्ती से पढ़े-लिखे और योग्य युवाओं को पुलिस विभाग में शामिल होने का अवसर मिलेगा। साथ ही जमीनी स्तर पर पुलिसिंग मजबूत होगी और कानून-व्यवस्था की उभरती चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। 

    मुख्यमंत्री के अनुसार पंजाब पुलिस के पांच कैडरों में एएसआई के 6,810 स्वीकृत पद हैं। चार कैडरों में करीब 70 फीसदी रिक्तियां पदोन्नति से और आर्म्ड कैडर में करीब 90 फीसदी पद पदोन्नति से भरे जाने की संभावना है। इन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 450 पदों पर सीधी भर्ती का फैसला किया गया है। संबंधित विभागों को भर्ती की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    भर्ती और पदोन्नति की योजना तैयार
    6810 एएसआइ पदों का है स्वीकृत कैडर सरकार के अनुसार पंजाब पुलिस के पांच कैडरों में एएसआइ के कुल 6810 स्वीकृत पद हैं। इनमें जिला पुलिस, आर्म्ड पुलिस, ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन, इंटेलिजेंस और टेक्निकल सपोर्ट सर्विस शामिल हैं। सरकार ने मौजूदा और आने वाले समय में संभावित रिक्तियों का विस्तृत आकलन किया है। इसी आधार पर भर्ती और पदोन्नति की योजना तैयार की गई है।

    सरकार के मुताबिक चार कैडरों में करीब 70 प्रतिशत रिक्तियां पदोन्नति के माध्यम से भरी जाने की संभावना है, जबकि आर्म्ड कैडर में यह अनुपात करीब 90 प्रतिशत है। पदोन्नति की जरूरतों को ध्यान में रखने के बाद 450 एएसआइ पदों पर सीधी भर्ती का फैसला किया गया है।

    भर्ती प्रक्रिया में नहीं होगी देरी..
    मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भर्ती से जुड़ी सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी।

    उन्होंने कहा कि मजबूत पुलिस बल केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना भी जरूरी है। सरकार के अनुसार नई भर्ती से पंजाब पुलिस की जमीनी स्तर पर कार्यक्षमता बढ़ेगी और उभरती कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी

    युवाओं के लिए खास बात: 450 एएसआइ पदों की सीधी भर्ती को मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, आवेदन की तारीख, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा पैटर्न और आधिकारिक भर्ती विज्ञापन की जानकारी अलग से जारी की जाएगी। इसलिए इच्छुक युवाओं को पंजाब पुलिस की आधिकारिक भर्ती सूचना का इंतजार करना होगा।

     

  • खंडवा में करोड़ों की सरकारी जमीन का मामला, पटवारी पर कार्रवाई

    खंडवा में करोड़ों की सरकारी जमीन का मामला, पटवारी पर कार्रवाई

    खंडवा 
     खंडवा में एक पटवारी ने स्वामित्व योजना का ऐसा गलत तरीके से लाभ उठाया कि सुनकर चौंक जाएंगे. मामला खंडवा के कोलगांव का है. शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में अनियमितता के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पटवारी राजेश मंडलोई को निलंबित कर दिया है. उसने शासकीय भूमि के 50 से ज्यादा पट्टे अपने परिवार व रिश्तेदारों के नाम कर दिए। 

    कलेक्टर ने किया पटवारी को सस्पेंड
    ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह पुरनी ने आरोप लगाया था "ग्राम कोलगांव की शासकीय भूमि से संबंधित रिकॉर्ड में पटवारी ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम 51 पट्टे दर्ज करा लिए हैं." इसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर को निर्देश दिए. राजस्व अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई. जांच प्रक्रिया के दौरान नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। 

    नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर कलेक्टर की कार्रवाई
    कोलगांव की शासकीय भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितता सामने आने के बाद तत्कालीन पटवारी की भूमिका की जांच की गई. नायब तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने पटवारी राजेश मंडलोई को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. निलंबन अवधि के दौरान राजेश मंडलोई का मुख्यालय तहसील कार्यालय खंडवा निर्धारित किया गया है। 

    आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी. मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की जांच और दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है. कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया "स्वामित्व योजना के अंतर्गत पटवारी ने स्वामित्व के प्लॉट में से ढेर सारे प्लॉट खुद और कुछ प्लॉट परिवार के नाम कर लिए. इसकी जांच करवाई गई. जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पटवारी को निलंबित कर दिया है. विभागीय जांच भी शुरू के दी है।  

  • यूपी से अमेरिका तक पहुंचा पावर ट्रांसफॉर्मर, 12-18 महीने में 600 करोड़ निर्यात का लक्ष्य

    यूपी से अमेरिका तक पहुंचा पावर ट्रांसफॉर्मर, 12-18 महीने में 600 करोड़ निर्यात का लक्ष्य

     प्रयागराज
    यूपी में प्रयागराज के नैनी से पहली बार अमेरिका के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर भेजा गया है। शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (एसएसईएल) के नैनी स्थित विनिर्माण संयंत्र में तैयार 175 एमवीए, 345 केवी क्षमता का ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मर अमेरिका के लिए रवाना किया गया। कंपनी के मुताबिक यह नैनी संयंत्र से अमेरिका को भेजा गया पहला ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मर है। इसे कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। अगले 12-18 महीने में 500-600 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य भी तय किया गया है।

    कंपनी मैनेजर अरुण यादव ने बताया कि अमेरिका को पहली सप्लाई के साथ कंपनी ने उच्च क्षमता वाले ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मरों के वैश्विक बाजार में अपनी क्षमता का विस्तार किया है। एसएसईएल के सीईओ शरत चंद्र कोल्ला ने कहा कि अमेरिका को पहले ईएचवी ट्रांसफॉर्मर की सफल सप्लाई कंपनी की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बिजली पारेषण उपकरण निर्माता बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अमेरिका को भेजा गया यह ट्रांसफार्मर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, इंजीनियरिंग और प्रदर्शन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    एसएसईएल के अध्यक्ष सुधीर वेन्त्रम ने कहा कि नैनी से अमेरिका के लिए पहले 175 एमवीए, 345 केवी क्लास ट्रांसफॉर्मर की रवानगी कंपनी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। ईस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष विनय टंडन ने इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि प्रयागराज के उद्यमी बहुत कुछ कर सकते हैं। सरकार जो सहयोग देने की बात करती है, बशर्ते उसे धरातल पर लागू करें। प्रयागराज से लगभग 600 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर भेजे जाएंगे। कंपनी यूरोप में पावर और डिस्ट्रीब्यूशन दोनों श्रेणियों के ट्रांसफार्मरों के लिए स्वीकृति हासिल करने की दिशा में भी काम कर रही है।

    सात दशक में बदली कंपनी, कायम रहा प्रयागराज का औद्योगिक रिश्ता
    1954 में जीईसी से शुरू हुई यह यात्रा 2026 तक आते-आते कई स्वामियों और नामों से गुजर चुकी है। जीईसी से अरेवा, अरेवा से अल्स्टॉम, अल्स्टॉम से जीई और फिर जीई से शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स तक पहुंची यह इकाई एक समय बंदी के दौर में भी गई। लेकिन 2022 में दोबारा उत्पादन शुरू होने के बाद अब वही संयंत्र अमेरिका के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार कर रहा है। इस लिहाज से 1954 से 2026 तक का यह सफर प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र में बदलाव, संकट और पुनर्जीवन की एक लंबी कहानी है।

  • भोपाल में महाराष्ट्र समाज का सांगीतिक कार्यक्रम, तुषार सोहोनी ने भजनों से बांधा समां

    भोपाल में महाराष्ट्र समाज का सांगीतिक कार्यक्रम, तुषार सोहोनी ने भजनों से बांधा समां

    भोपाल
    महाराष्ट्र समाज, तुलसी नगर, भोपाल द्वारा गणेश उत्सव में आयोजित सांगीतिक कार्यक्रमव  स्मृतिगंध – भजन, भावगीत एवं नाट्यगीत प्रस्तुति" का सफल आयोजन हुआ। सुमधुर भजन संध्या में श्रोताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर संगीत का आनंद लिया।
    प्रसिद्ध गायक  तुषार सोहोनी ने एक से बढ़कर एक भजन और भावगीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पं. बलवंत पुराणिक (हारमोनियम), अजय कुलकर्णी (तबला), विद्याधर आमटे (बांसुरी) और श्री धर्मेश (ऑक्टोपैड) की संगत ने कार्यक्रम को और भी मधुर बना दिया।

    महाराष्ट्र समाज के अध्यक्ष शिशिर साठे, सचिव यश बुचके ने कार्यक्रम में पधारे सभी रसिक श्रोताओं, कलाकारों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

  • 14 नवंबर से दिल्ली में ट्रेड फेयर, हरियाणा के उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार

    14 नवंबर से दिल्ली में ट्रेड फेयर, हरियाणा के उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार

    चंडीगढ़
     भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छोटे उद्यमियों और कारीगरों को रियायती दरों पर स्टाल उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वे आसानी से अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विपणन कर सकेंगे और देशभर के खरीदारों तक सीधे पहुंच बना सकेंगे।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में वीरवार को हुई गवर्निंग बाडी की बैठक में मेले में राज्य की भागीदारी की कार्ययोजना बनाई गई। 14 से 27 नवंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में लगने वाले इस प्रतिष्ठित व्यापार मेले में राज्य के एमएसएमई, कारीगरों और राज्य में निर्मित विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

    ‘विकास और विरासत’ थीम पर आयोजित होने वाले इस मेले के माध्यम से एमएसएमई और कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार और नए खरीदारों तक पहुंच बनाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।

    रियायती दरों पर उपलब्ध करवाए जाने वाले स्टालों से छोटे उद्यमों और कारीगरों को देश के प्रमुख व्यापारिक मंचों में अपने उत्पादों की पहचान बनाने, ग्राहकों से सीधे जुड़ने तथा नए कारोबारी संपर्क विकसित करने में सहायता मिलेगी।

    विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित करने का अवसर
    इससे राज्य में निर्मित उत्पादों के विपणन और ब्रांडिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। मेले में 22 नवंबर को भारत मंडपम के एम्फीथिएटर में ‘हरियाणा राज्य दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक क्षमता, उद्यमिता, हस्तशिल्प तथा स्थानीय उत्पादों की विविधता और विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

    बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण के 4.14 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी प्रदान की गई। इस बजट के माध्यम से प्राधिकरण की विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ देश के प्रमुख व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों में हरियाणा की भागीदारी को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।

    बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डा. आदित्य दहिया, हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण के प्रशासक विनय प्रताप सिंह तथा वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव मनोज खत्री ने भी अपनी बात रखी।

    आहार इंटरनेशनल फेयर की भी तैयारी
    9 से 11 दिसंबर तक मुंबई में आयोजित होने वाले ‘अन्नपूर्णा इंटर फूड-2026’ में राज्य की भागीदारी प्रस्तावित है। इसका आयोजन फिक्की तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा। जनवरी 2027 में गुवाहाटी में आयोजित होने वाले ‘ईस्ट हिमालयन एक्सपो’ में भी राज्य की भागीदारी प्रस्तावित है।

    यह भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा आयोजित बहु-उत्पाद प्रदर्शनी है। इसके बाद मार्च 2027 में भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘आहार इंटरनेशनल फेयर-2027’ में भी हरियाणा की भागीदारी प्रस्तावित है

  • वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो तुरंत करें आवेदन, झारखंड SIR की डेडलाइन 30 सितंबर

    वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो तुरंत करें आवेदन, झारखंड SIR की डेडलाइन 30 सितंबर

    रांची
    झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम से संबंधित आपत्ति दर्ज कराने, नाम विलोपित कराने, प्रविष्टियों में सुधार अथवा स्थानांतरण के लिए अब सिर्फ सात दिन शेष है. दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने पात्र भारतीय नागरिकों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने और निर्धारित समय के भीतर संबंधित प्रपत्र जमा करने की अपील की है.

    ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरें
    रविकुमार ने कहा कि जिन पात्र नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 एवं आवश्यक घोषणा पत्र 30 सितंबर तक इसीआइनेट के माध्यम से अथवा संबंधित बीएलओ के सहयोग से जमा करें, उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ऐसे युवाओं को समय रहते मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिये आवेदन करना चाहिए, जो पात्र होने के बावजूद ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं है.

    फॉर्म-7 पर जांच और सुनवाई के बाद ही होगा फैसला
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 के माध्यम से दर्ज आपत्तियों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच एवं सुनवाई के बाद ही निर्णय लिया जायेगा. केवल फॉर्म 7 जमा कर देने मात्र से किसी मतदाता का नाम स्वतः विलीपित नहीं होगा. वहीं, मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधारअथवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम स्थानांतरित कराने के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है.

    राजनीतिक दलों और बीएलए से सहयोग की अपील
    रवि कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, बीएलए, बीएलओ तथा निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के पात्र नागरिकों को समय-सीमा के भीतर आवेदन करने के लिए जागरूक करें. नागरिक अपने नाम और अन्य विवरण की जांच कर लें तथा आवश्यकता होने पर संबंधित प्रपत्र 30 सितंबर से पहले जमा कर दें. इसके बाद दावा-आपत्ति के लिए अतिरिक्त समय नहीं बढ़ाया जा सकेगा.

  • टूटी स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना पड़ सकता है भारी, जानें क्या-क्या नुकसान

    टूटी स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना पड़ सकता है भारी, जानें क्या-क्या नुकसान

    स्मार्टफोन में सबसे जल्दी किसी चीज के खराब होने का खतरा होता है तो वो है डिस्प्ले. क्योंकि फोन इस्तेमाल करते समय कई बार ऐसा होता है कि हाथ से छूटकर फोन गिर जाता है, जिसकी वजह से डिस्प्ले पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है. स्क्रीन क्रैक हो जाती है या अगर स्मार्टफोन किसी कोने की तरफ से गिर जाए तो स्क्रीन पर क्रैक ही क्रैक हो जाते हैं.

    कई लोग डिस्प्ले को ठीक कराने की जगह बहुत ही सस्ता जुगाड़ निकालते हैं. मार्केट से स्क्रीन गार्ड या टेम्पर्ड ग्लास लाकर टूटे हुए डिस्प्ले के ऊपर लगाकर इस्तेमाल करने लगते हैं. लोगों का मानना होता है कि इससे डिस्प्ले ज्यादा खराब नहीं होगा और काफी समय तक इसी तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. आइए जानते हैं इस ट्रिक को इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हो सकते हैं.

    क्यों नहीं लगाना चाहिए टेम्पर्ड ग्लास को टूटे हुए फोन के ऊपर?
    मोबाइल फोन की स्क्रीन टूट जाने के बाद अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में उस पर एक ग्लास लगवाकर इस्तेमाल करते हैं. शुरुआत में तो इससे थोड़ी मदद मिलती है. टूटे हुए स्क्रीन से निकलने वाले छोटे-छोटे पार्टिकल्स उंगलियों में घुस सकते हैं और चोट भी लग सकती है.

    लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि टूटे हुए डिस्प्ले पर ग्लास लगाने के बाद भी स्क्रीन के अंदर मौजूद क्रैक बढ़ सकते हैं. समय के साथ डिस्प्ले और ज्यादा टूट सकता है और खराब हो सकता है. ऐसे में पैसे बचाने के चक्कर में बाद में ज्यादा खर्चा करना पड़ सकता है.

    स्क्रीन पर प्रेशर देने से स्क्रीन और ज्यादा खराब
    स्मार्टफोन यूजर्स जिनके डिस्प्ले पर ग्लास प्रोटेक्टर लगा होता है, उन्हें कई बार ऐसा लगता है कि स्क्रीन अब सुरक्षित है. लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल के दौरान फोन पर पड़ने वाला दबाव धीरे-धीरे क्रैक को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इसकी वजह से छोटा सा क्रैक भी बड़ी समस्या बन सकता है.

    टच जल्दी हो सकता है खराब
    जैसे-जैसे आप फोन इस्तेमाल करते हैं, स्क्रीन पर लगातार टच और प्रेशर पड़ता रहता है. अगर डिस्प्ले पहले से टूटा हुआ है तो लगातार पड़ने वाला प्रेशर क्रैक को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इसके साथ ही फोन के टच में भी दिक्कत आने का खतरा रहता है.

    किसी खास जगह पर ज्यादा प्रेशर पड़ने से स्क्रीन पर फ्लिकर या ग्रेन जैसी लाइन्स भी दिखाई दे सकती हैं. धीरे-धीरे टच रिस्पॉन्स भी खराब हो सकता है और फोन इस्तेमाल करने में परेशानी आने लगती है.

    फोन में इंटरनल डैमेज का खतरा
    डिस्प्ले क्रैक होने के बाद सबसे बड़ा खतरा फोन की वाटर रेसिस्टेंस को लेकर होता है. क्रैक की वजह से नमी और पानी के अंदर जाने का खतरा बढ़ जाता है. अगर पानी या नमी फोन के अंदर चली गई तो इंटरनल पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है और फोन पूरी तरह खराब भी हो सकता है.

    इसलिए थोड़े पैसे बचाने के चक्कर में टूटे हुए डिस्प्ले पर सिर्फ टेम्पर्ड ग्लास लगाकर लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करना सही नहीं है. अगर स्क्रीन ज्यादा टूट गई है या टच में दिक्कत आ रही है, तो फोन को जल्द से जल्द सर्विस सेंटर पर दिखाना बेहतर है.