Author: NewseDay

  • पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद से रूबरू हो रहे ट्रेड शो के आगंतुक, मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि

    पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद से रूबरू हो रहे ट्रेड शो के आगंतुक, मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि

    ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में शनिवार को प्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा और स्थानीय व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बनाए गए ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन) पवेलियन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को खास अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है। पवेलियन में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग न सिर्फ यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद का आनंद ले रहे हैं, बल्कि इनके पीछे छिपी परंपरा और स्थानीय उत्पादों की जानकारी भी हासिल कर रहे हैं।

    इसी क्रम में ओडीओसी पवेलियन में आयोजित मास्टर शेफ क्लास इस समय आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। क्लास में पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजन ठेकुआ को तैयार करने की विधि प्रत्यक्ष रूप से समझाई जा रही है। खास बात यह है कि ठेकुआ बनाने में मिर्जापुर के गुड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए आगंतुकों को मिर्जापुर के गुड़ की विशेषताओं और उससे तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों से भी परिचित कराया जा रहा है।

    मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि
    मास्टर शेफ क्लास में ठेकुआ बनाने की पूरी प्रक्रिया को आगंतुकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। विशेषज्ञ उन्हें सामग्री के चयन से लेकर मिश्रण तैयार करने और ठेकुआ को अंतिम रूप देने तक की बारीकियां समझा रहे हैं। इसके साथ ही पूर्वांचल से जुड़े अन्य स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की भी जानकारी दी जा रही है। आगंतुक विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे हैं और यूपी के पारंपरिक स्वाद को करीब से समझ रहे हैं। यह पहल भोजन को केवल स्वाद तक सीमित रखने के बजाय उसके साथ जुड़ी स्थानीय संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था को भी लोगों के सामने रखने का प्रयास है।

    प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी होंगे मौजूद
    ओडीओसी की मास्टर शेफ क्लास में प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी रविवार को मौजूद रहेंगे। उनकी मौजूदगी में आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को आधुनिक पाक कला के साथ जोड़ने की बारीकियां समझने का अवसर मिलेगा। आगंतुक उनसे संवाद कर सकेंगे और यूपी की विविध खान-पान परंपरा से जुड़े सवाल भी पूछ सकेंगे।

    ‘खाऊ गली’ में बढ़ी भीड़, कई उत्पादों की मांग तेज
    ओडीओसी पवेलियन में बनी ‘खाऊ गली’ भी ट्रेड शो में आने वाले लोगों के बीच खास आकर्षण बनी हुई है। यहां प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों का स्वाद लेने के लिए लगातार भीड़ उमड़ रही है। दिन ढलने के साथ कई स्टॉलों पर उत्पादों की मांग इतनी बढ़ी कि कुछ उत्पादों की उपलब्धता कम पड़ने लगी। आगंतुक यूपी के पारंपरिक स्वाद को पसंद करने के साथ-साथ संबंधित जिलों और वहां के स्थानीय उत्पादों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं।

    योगी सरकार की पहल से 75 जिलों का खान-पान एक मंच पर
    उत्तर प्रदेश सरकार की पहल से तैयार ओडीओसी पवेलियन में प्रदेश के सभी 75 जिलों की खान-पान विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों के व्यंजनों और खाद्य परंपराओं को उनके भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ के साथ प्रदर्शित किया गया है। ब्रज की मिठास से लेकर अवध के जायके, बुंदेलखंड की विशिष्टता, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद और पूर्वांचल के व्यंजनों तक ओडीओसी पवेलियन उत्तर प्रदेश की ‘एक प्रदेश, अनेक स्वाद’ वाली पहचान को सामने ला रहा है।

    स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच देने की पहल
    योगी सरकार की ओर से प्रदेश की खान-पान विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में ओडीओसी को महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों की प्रस्तुति से इन्हें देश-विदेश से आए आगंतुकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।

  • मध्य प्रदेश निकाय चुनाव में बड़ा बदलाव! बढ़ी जमानत राशि, प्रत्याशियों को देना होगा खर्च का लेखा-जोखा

    मध्य प्रदेश निकाय चुनाव में बड़ा बदलाव! बढ़ी जमानत राशि, प्रत्याशियों को देना होगा खर्च का लेखा-जोखा

    भोपाल

    महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षद का चुनाव लड़ने वालों को अब सिक्योरिटी डिपॉजिट (जमानत राशि) के रूप में ज्यादा रकम जमा करनी होगी। अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले राज्य सरकार ने महापौर के लिए जमानत राशि 32 हजार रुपए कर दी है, जबकि नपा अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वालों को 24 हजार रुपए जमा करने होंगे।

    इसके साथ ही नामांकन जमा करने की समय-सीमा में भी बदलाव किया गया है। अब यह अवधि सात दिन से कम नहीं होगी। सातवें दिन अवकाश होने पर अगले कार्यदिवस तक नामांकन जमा किए जा सकेंगे। चुनावी खर्च का हिसाब रखने और प्रस्तुत करने के नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में संशोधन किया है। राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्ष के निर्वाचन, नामांकन, जमानत राशि, चुनावी खर्च और पद से वापस बुलाने की प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।

    महापौर, अध्यक्ष और पार्षद पद के उम्मीदवारों के चुनाव खर्च के लिए अलग बैंक खाता खोलने और निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करने से संबंधित प्रावधान भी किए गए हैं।

    नामांकन के लिए सात दिन से कम की समय-सीमा नहीं
    संशोधित नियमों के अनुसार महापौर, अध्यक्ष या किसी वार्ड के पार्षद के निर्वाचन के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख, समय और स्थान निर्धारित किया जाएगा। इसकी सूचना प्रकाशित होने के सातवें दिन को नामांकन की अंतिम तारीख माना जाएगा। यदि सातवां दिन सार्वजनिक अवकाश है तो उसके अगले कार्यदिवस को अंतिम तारीख माना जाएगा।

    एक पद के लिए एक से अधिक नामांकन स्वीकार नहीं होंगे
    एक ही पद के निर्वाचन के लिए किसी प्रत्याशी की ओर से दो या अधिक नामांकन-पत्र प्रस्तुत किए जाने पर एक से अधिक नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। निर्वाचन अधिकारी अतिरिक्त नामांकन-पत्र स्वीकार नहीं करेगा।

    चुनावी खर्च के लिए अलग बैंक खाता जरूरी
    महापौर, नपा और नपं अध्यक्ष तथा पार्षद पद के उम्मीदवारों को चुनाव से संबंधित सभी आय-व्यय का रिकॉर्ड रखने के लिए किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में अलग और स्वतंत्र खाता खोलना होगा। नामांकन-पत्र पेश करते समय इस खाते की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। चुनाव से संबंधित प्राप्तियों और खर्च का पूरा विवरण इसी खाते के माध्यम से रखना होगा।

    नामांकन से मतगणना तक के खर्च का देना होगा हिसाब
    उम्मीदवारों को निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसमें नामांकन-पत्र दाखिल करने की तारीख से लेकर मतगणना की तारीख तक किया गया संबंधित चुनावी खर्च शामिल होगा। निर्धारित समय में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने पर उम्मीदवार के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई हो सकती है।

    महापौर-अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने की प्रक्रिया भी शामिल
    संशोधित नियमों में महापौर और अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने की प्रक्रिया भी शामिल की गई है। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 और मध्यप्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1956 के संबंधित प्रावधानों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    यदि महापौर, अध्यक्ष या पार्षद का पद मृत्यु, त्यागपत्र, निर्वाचन रद्द होने या अन्य कारण से रिक्त होता है, तो इसकी सूचना निर्धारित समय-सीमा में जिला निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी।

    चुनावी खर्च का हिसाब नहीं दिया तो हो सकती है कार्रवाई
    यदि कोई उम्मीदवार निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करता है या निर्धारित अवधि में खर्च का हिसाब देने में विफल रहता है, तो राज्य निर्वाचन आयोग उसे निर्धारित अवधि के लिए संबंधित पद का चुनाव लड़ने से निरर्हित कर सकता है।

    खर्च से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे
    महापौर, अध्यक्ष और पार्षद पद के उम्मीदवारों को चुनाव से संबंधित खर्च का पूरा हिसाब और आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे। अलग बैंक खाते की व्यवस्था से निर्वाचन व्यय से जुड़ी प्राप्तियों और खर्च का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने का प्रावधान किया गया है।

  • PM मोदी-योगी की अहम मुलाकात, PM आवास पर हुई लंबी बैठक; इन मुद्दों पर मंथन

    PM मोदी-योगी की अहम मुलाकात, PM आवास पर हुई लंबी बैठक; इन मुद्दों पर मंथन

    नई दिल्ली/ लखनऊ 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक लंबी बैठक में यूपी चुनाव की रणनीति के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव और एमएलसी चुनाव पर चर्चा हुई। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मोदी और योगी की ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है। क्योंकि यूपी चुनाव से पहले अक्तूबर में यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्तूबर को वोटिंग होगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि – आपका मार्गदर्शन 'नए उत्तर प्रदेश' के निर्माण हेतु मुझे सदैव नई ऊर्जा देता है। अमूल्य समय प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी। आपको बता दें बीजेपी से अरूण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है। वहीं डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान- निकोबार के उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।

    16 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग
    चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के लिए आगामी 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख होगी। उम्मीदवार 9 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। चुनाव 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न कराया जाएगा। 16 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। राज्यसभा की 10 सीटों में 8 भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास हैं। अभी तक किसी भी पार्टी ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

    राजनीतिक जानकारों की मानें तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली हर मुलाकात का अपना महत्व होता है, खासकर तब जब राज्य में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हों. ऐसे में यह बैठक भी आने वाले समय में पार्टी की दिशा और रणनीति को समझने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस मुलाकात से जुड़ी कोई और जानकारी सामने आती है या नहीं। 

    यूपी की 11 एमएलसी सीटों पर चुनाव
    इसके अलावा आयोग ने चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर भी चुनाव की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11 सीटें, बिहार की 8 सीटें, महाराष्ट्र की 5 सीटें और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। सभी 28 सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। वहीं 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू कर दी है। एमएलसी की 11 सीटों में 8 भाजपा और 3 सपा के पास हैं। भाजपा ने 5 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं।

    शाह से मिले थे केशव प्रसाद मौर्य
    आपको बता दें इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मुलाकात की थी। जिसमें यूपी चुनाव और पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद केशव मौर्य ने कहा कि 2027 में तीसरी बार फिर से कमल खिलने जा रहा है। विपक्ष के 70 साल के शासन पर मोदी के 12 साल भारी पड़े।

  • PM मोदी की तारीफ में ऑस्ट्रेलियाई PM ने पढ़े कसीदे, भारत की ऊर्जा पहुंच पर कही बड़ी बात

    PM मोदी की तारीफ में ऑस्ट्रेलियाई PM ने पढ़े कसीदे, भारत की ऊर्जा पहुंच पर कही बड़ी बात

    नई दिल्ली

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत में ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत में जितने लोगों तक एनर्जी की पहुंच बनी है, उतनी किसी भी दशक, क्षेत्र या देश में मानव इतिहास के दौरान नहीं हुई। अल्बनीज ने यह बात एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में कही। उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते संबंधों का भी जिक्र किया। अल्बनीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के भारत के साथ अच्छे संबंध हैं और पीएम मोदी ऐसे नेता हैं, जिनके साथ उनके देश ने करीबी रिश्ते विकसित किए हैं।

    एंथनी अल्बनीज की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों को ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ा है, जबकि भारत में सप्लाई काफी हद तक स्थिर बनी रही। इस दौरान ईंधन की कीमतों में भी सीमित बढ़ोतरी हुई।

    अलग-अलग देशों से बढ़ाया आयात
    पीएम मोदी ने इस साल की शुरुआत में भारत की ऊर्जा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा था कि अलग-अलग देशों से आयात बढ़ाने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है। मोदी ने मई में बजट सत्र के दौरान लोकसभा में बताया था कि भारत पहले 27 देशों से ऊर्जा का आयात करता था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 41 हो गई है। उन्होंने कहा कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई जारी रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    पश्चिम एशिया में संघर्ष के असर से बचाना
    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत की अर्थव्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था और जरूरी सामान पर असर की सरकार ने समीक्षा भी की थी। इस दौरान आम लोगों और कारोबारियों के लिए सप्लाई में रुकावट कम करने के उपायों पर चर्चा हुई थी। पीएम मोदी ने भारत के बढ़े हुए ऊर्जा आयात स्रोतों को देश की स्थिर ऊर्जा आपूर्ति से जोड़ते हुए यह जानकारी दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी अप्रैल में भारत की तेल खरीद को लेकर यही बात कही थी। उन्होंने कहा कि भारत अलग-अलग देशों से तेल खरीदना जारी रखे हुए है। इस खरीद में 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

    नई दिल्ली
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री को फिरोजाबाद के ODOP ग्लासवर्क से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की।

    प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है।

    मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़ी गतिविधियां लगातार चल रही हैं। हालांकि इन मुलाकातों में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी के बिना किसी राजनीतिक एजेंडे की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    मुख्यमंत्री योगी इससे पहले भी दिल्ली दौरों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जेपी नड्डा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करते रहे हैं।

  • आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में शुरू हुई चुनावी चौपाल, दावेदार जुटे जनसंपर्क में

    आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में शुरू हुई चुनावी चौपाल, दावेदार जुटे जनसंपर्क में

    दौसा
    सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से आरक्षण की तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे संभावित दावेदार अब अपने-अपने समीकरण बैठाने में जुट गए हैं। आरक्षण तय होते ही गांव की चौपालों से लेकर ढाणियों तक दावेदारों और समर्थकों की बैठकें शुरू हो गई हैं। पुराने संपर्कों को सक्रिय करने के साथ मतदाताओं की नब्ज टटोलने और नए समीकरण बनाने का दौर चल पड़ा है। कई दावेदार अब यह भी मंथन कर रहे हैं कि सरपंच, पंचायत समिति सदस्य या जिला परिषद सदस्य में किस पद से चुनावी शुरुआत की जाए। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ेगी।

    दौसा जिले में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों ने कई परिवारों में चुनावी रणनीति बदल दी है। कहीं पत्नी तो कहीं बहू या बेटी को मैदान में उतारने पर विचार हो रहा है। वहीं आरक्षण बदलने से कुछ पुराने दावेदारों को अब नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन चौपालों पर कौन किसके साथ है, किसके पास कितना समर्थन है और कौन किस सीट से मैदान में उतरेगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ यह हलचल और बढ़ने की संभावना है।

    लालसोट: 83 में से 41 पंचायतों में बनेंगी महिला सरपंच
    लालसोट विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति लालसोट, रामगढ़ पचवारा एवं शिवसिंहपुरा की ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आरक्षण लॉटरी के अंतिम रूप लेते ही ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और चुनावी पारा चढ़ने लगा है। हालांकि प्रत्याशियों के नाम अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं और सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हैं। इसके बावजूद गांवों की चौपालों, चाय की थड़ियों और घर-आंगन में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए
    आरक्षण के नए स्वरूप से कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। जो दावेदार अब तक सामान्य सीट मानकर चुनाव की तैयारी और प्रचार में जुटे थे, उन्हें अब नई रणनीति बनानी पड़ रही है। तीनों पंचायत समितियों को मिलाकर 83 ग्राम पंचायतों में से 41 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं। यानी करीब आधी ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाएंगी। बड़ी संख्या में सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने से पुरुष दावेदारों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। कई प्रमुख स्थानीय राजनेता और पूर्व दावेदार अब पत्नी, बहू या माता को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारियों में जुट गए हैं। इससे महिला आरक्षित सीटों पर भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने के साथ गांवों में चुनावी मुकाबले के समीकरण और स्पष्ट होने की संभावना है।

    लॉटरी ने बदला पंचायतों का गणित, गांव-ढाणियों में चुनावी चौपाल शुरू
    मानपुर पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही चौपालों, बैठकों और आपसी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। संभावित दावेदार सामाजिक समीकरण, रिश्तेदारी और वार्डवार मतदाताओं की स्थिति को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आरक्षण बदलने से कई पंचायतों में दावेदारी के समीकरण भी बदल गए हैं। पुरुष सीटों के महिला आरक्षित होने से परिवारों में नई रणनीति पर मंथन शुरू हुआ है। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय महिलाओं को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। कई जगह सामाजिक समूहों और परिवारों की बैठकें होने लगी हैं। चुनावी सरगर्मी का असर गांव से बाहर रहने वाले ग्रामीणों की आवाजाही पर भी दिखाई दे रहा है। शहरों और दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग परिवार व रिश्तेदारों से संपर्क कर पंचायत की स्थिति और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि चुनाव कार्यक्रम अभी घोषित होना बाकी है, लेकिन आरक्षण के बाद गांवों में दावेदारी और जनसंपर्क का शुरुआती दौर शुरू हो गया है।

  • झमाझम बारिश का असर, यूपी में बिजली की मांग 27,577 से घटकर 21,380 मेगावाट हुई

    झमाझम बारिश का असर, यूपी में बिजली की मांग 27,577 से घटकर 21,380 मेगावाट हुई

    ओबरा (सोनभद्र)
     प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हो रही झमाझम बारिश का सीधा असर बिजली की खपत और अधिकतम मांग पर पड़ा है। बीते 24 घंटों में प्रदेश की बिजली खपत में 125.1 मिलियन यूनिट की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही अधिकतम बिजली मांग में भी 6197 मेगावाट की कमी आई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच बारिश से आई इस गिरावट ने बिजली प्रबंधन को बड़ी राहत दी है।

    यूपीएसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार 24 सितंबर को प्रदेश में बिजली की खपत 501.3 मिलियन यूनिट दर्ज की गई थी। मौसम में हुए बदलाव के बाद बारिश का दौर तेज होने से 25 सितंबर को यह घटकर 376.2 मिलियन यूनिट रह गई। इस तरह एक दिन में खपत में 125.1 मिलियन यूनिट की कमी दर्ज हुई। इसी तरह बिजली की अधिकतम मांग भी तेजी से नीचे आई।

    24 सितंबर को प्रदेश में अधिकतम मांग 27577 मेगावाट थी, जो 25 सितंबर को घटकर 21380 मेगावाट रह गई। यानी मांग में एक दिन में 6197 मेगावाट की गिरावट दर्ज हुई। दरअसल सितंबर के दूसरे पखवाड़े में बारिश कमजोर पड़ने के साथ उमस बढ़ने से बिजली की मांग में फिर तेजी आई थी।

    23 सितंबर की रात प्रदेश में मांग 29 हजार मेगावाट के करीब पहुंच गई थी। इसके बाद 24 सितंबर को भी मांग 27577 मेगावाट रही। ऐसे में बारिश की सक्रियता बढ़ने से तापमान और उमस में कमी आई तथा पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर जैसे घरेलू विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल में कमी का असर कुल खपत पर दिखाई दिया।

    दो दिन और सक्रिय रह सकता है मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 27 सितंबर को भी दोनों अंचलों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि 28 सितंबर से प्रदेश में मौसम साफ़ होने का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में अगले एक-दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने पर बिजली की मांग अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बनी रह सकती है। हालांकि 28 सितंबर के बाद मौसम में सुधार और तापमान बढ़ने की स्थिति में घरेलू खपत एक बार फिर बढ़ सकती है। इससे बिजली की मांग में दोबारा उछाल होने की संभावना जताई जा रही है।

  • बिहार में रुके विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, सड़क मरम्मत और गुणवत्ता पर जोर

    बिहार में रुके विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, सड़क मरम्मत और गुणवत्ता पर जोर

    पटना
    मानसून समाप्त होने के साथ ही नमामि गंगे और अमृत 2.0 के तहत चल रही योजनाओं के काम में तेजी लाई जाएगी। शुक्रवार को बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) मुख्यालय में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव सह बुडको के प्रबंध निदेशक (एमडी) अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 38 जिलों में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

    उन्होंने कहा कि मानसून अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में सभी संवेदक और पदाधिकारी कार्यों को फिर से गति दें और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार योजनाओं को समय पर पूरा करें

    उन्होंने कहा कि मानसून और जलस्तर बढ़ने के कारण जिन स्थानों पर काम प्रभावित हुआ है, वहां जल्द काम शुरू किया जाए। साथ ही काम की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए।

    जिला प्रशासन और नगर निगम से समन्वय कर जल्द कार्रवाई
    उन्होंने लंबित भूमि एनओसी के मामलों में जिला प्रशासन और नगर निगम से समन्वय कर जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डिजाइन और ड्राइंग के काम में भी तेजी लाने को कहा। सभी संवेदकों को साइट पर पर्याप्त संसाधन बढ़ाने तथा खुदाई के बाद सड़क की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

    प्रबंध निदेशक ने जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

    बैठक में बुडको मुख्यालय के अधिकारियों के साथ सभी संबंधित जिलों से आए परियोजना निदेशक, उप परियोजना निदेशक और योजनाओं के संवेदक मौजूद रहे।

  • Gangrel Dam के सभी गेट खोले गए, महानदी के तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट; संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण

    Gangrel Dam के सभी गेट खोले गए, महानदी के तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट; संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण

    गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुले, महानदी के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट मोड पर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा, संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण

    शिवरीनारायण में मोटर बोट और बचाव उपकरणों के साथ DDRF की टीम तैनात, दूसरी टीम जिला मुख्यालय में रिजर्व

    घाट-पुलों पर बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती, जलस्तर एवं बहाव पर लगातार निगरानी

    रायपुर, 
    गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले जाने और जांजगीर-चांपा जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जांजगीर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने महानदी के तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण कर जलस्तर, नदी के बहाव और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर और एसपी संबंधित अधिकारियों से लगातार फीडबैक लेकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता के अनुरूप दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

    कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, जल संसाधन, नगर सेना सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के साथ ही किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन और उपकरण तैयार रखने कहा गया है।

    शिवरीनारायण में DDRF की टीम तैनात, SDRF बिलासपुर से लगातार समन्वय

    जिले में बाढ़ एवं आपदा की संभावित स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड जवानों की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) की दो टीमों को तैयार रखा गया है। इनमें से एक टीम को मोटर बोट एवं अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ शिवरीनारायण में तैनात किया गया है, जबकि दूसरी टीम जिला मुख्यालय में रिजर्व रखी गई है। इसके साथ ही एसडीआरएफ बिलासपुर से लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त सहायता प्राप्त की जा सके।

    शिवरीनारायण और बसंतपुर बैराज सहित संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण

    कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण क्षेत्र में महानदी के शिवरीनारायण बैराज, घाट, पुल, सांस्कृतिक भवन और बसंतपुर बैराज सहित विभिन्न संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। सुरक्षा की दृष्टि से घाटों और पुलों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा आवश्यक संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों को नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर रखने तथा परिस्थिति के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    निरीक्षण के दौरान नदी पर स्थित पुल-पुलियों और आवागमन वाले क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर-एसपी ने निर्देश दिए कि यदि किसी पुल या पुलिया पर पानी का बहाव आवागमन के लिए जोखिमपूर्ण हो तो तत्काल यातायात नियंत्रित किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर आवागमन पूरी तरह रोका जाए। ऐसे सभी स्थानों पर सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    तटीय गांवों में मुनादी के निर्देश, सुरक्षित स्थानों पर आवश्यक व्यवस्था रखने कहा

    कलेक्टर ने महानदी के तटीय क्षेत्रों और पूर्व में जलभराव से प्रभावित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को संभावित जलभराव और आवश्यक सावधानियों की जानकारी मुनादी के माध्यम से देने कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पूर्व से चिन्हांकित स्थानों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, सेल्फी-वीडियो के लिए जोखिम न उठाएं

    कलेक्टर-एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा सके।

    वर्तमान में जिले में स्थिति सामान्य है। एहतियात के तौर पर महानदी के तटीय क्षेत्रों, पुल-पुलियों और जलस्तर पर प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम, एसडीएम सुभावना साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • कनाडा MP ने उठाया गैंगस्टरों का मुद्दा, वीडियो किया शेयर

    कनाडा MP ने उठाया गैंगस्टरों का मुद्दा, वीडियो किया शेयर

    चंडीगढ़.

    कनाडा में लॉरेंस गैंग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। गैंग की ओर से कनाडा में राज करने की कथित धमकी वाला पत्र सामने आने के बाद सांसद ब्रैड विस ने गैंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है।

    उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कनाडा में हुई गोलीबारी की 10 घटनाओं के फुटेज दिखाए गए हैं। वीडियो में शूटर मशीनगन से गोलियां चलाते नजर आ रहे हैं। सांसद ने कनाडा सरकार से मांग की है कि लॉरेंस गैंग से जुड़े ऐसे लोगों की तत्काल पहचान की जाए, जो छात्र वीजा अथवा किसी अन्य अस्थायी अनुमति के आधार पर कनाडा में रह रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का आपराधिक गिरोह से संबंध सामने आता है और वह कनाडा में रहने का कानूनी अधिकार खो देता है तो इमिग्रेशन कानून के तहत उसे देश से बाहर किया जाना चाहिए।

    पंजाब से संचालित नेटवर्क बताया
    ब्रैड विस ने लॉरेंस गैंग को मुख्य रूप से पंजाब से संचालित होने वाला आपराधिक नेटवर्क बताया। उन्होंने गैंग पर जबरन वसूली, गोलीबारी और धमकियां देने के आरोप लगाए। सांसद के अनुसार, उनके गृह नगर में कारोबारियों को 10 लाख कनाडाई डॉलर तक की रंगदारी मांग वाले पत्र मिले। मांग पूरी नहीं करने पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं। उन्होंने दावा किया कि कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था। अब उनकी मांग इस सूचीबद्धता के बाद इमिग्रेशन और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की है।

    कारोबारियों को धमकी का भी दावा
    सांसद ने कहा कि कनाडा के रक्षा मंत्री और देशभर की पुलिस को भेजे गए एक कथित पत्र में गैंग ने खुद को भारतीय गैंग बताते हुए कनाडा में उसके खिलाफ कार्रवाई को चुनौती दी। उनके अनुसार पत्र में हिंसा जारी रखने, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और कारोबारियों से जबरन वसूली की धमकी दी गई।

    सीबीएसए और आरसीएमपी को कार्रवाई का अधिकार देने की मांग
    ब्रैड विस ने कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (सीबीएसए) और रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) को गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अधिकार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र वीजा या अन्य अस्थायी वीजा पर कनाडा पहुंचे और बाद में आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों के मामलों में इमिग्रेशन कानून का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

    100 से अधिक रंगदारी मामलों का उल्लेख
    कनाडा की वित्तीय खुफिया एजेंसी फिनट्रैक की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर जबरन वसूली के 100 से अधिक मामले सामने आए। रिपोर्ट में 300 से अधिक संदिग्धों और करीब 63 हजार संदिग्ध लेनदेन का उल्लेख होने की बात कही गई है। अल्बर्टा, ब्रिटिश कोलंबिया और ओंटारियो में कारोबारियों के घरों पर आगजनी और गोलीबारी की घटनाओं का भी जिक्र किया गया है।

    रेस्टोरेंट और कैफे पर फायरिंग के मामले
    कनाडा में इस नेटवर्क से जुड़े होने के दावे वाले कई हमलों का भी सांसद ने उल्लेख किया। अक्टूबर 2025 में सरे में एक भारतीय रेस्टोरेंट संचालक के कई ठिकानों पर गोलीबारी हुई थी। इंटरनेट मीडिया पर गैंग से जुड़े बताए गए गोल्डी ढिल्लों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। सरे स्थित कामेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे पर जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच तीन बार गोलीबारी की घटनाएं हुईं। इन हमलों की जिम्मेदारी भी गैंग से जुड़े शूटरों द्वारा लेने का दावा सामने आया था। इसके अलावा कनाडा में दक्षिण एशियाई मूल के कारोबारियों, राजनेताओं और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को कथित रंगदारी के लिए निशाना बनाए जाने के मामले भी जांच एजेंसियों के सामने आए हैं। एडमंटन, कैलगरी और ओंटारियो में कुछ घरों पर गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं की जिम्मेदारी इंटरनेट मीडिया पर गैंग से जुड़े हैंडलर्स द्वारा लेने के दावे भी किए गए हैं।