Author: NewseDay

  • पीडब्ल्यूएल 2026: हरियाणा थंडर की शानदार जीत, दिल्ली दंगल वॉरियर्स को फाइनल में हराया

    पीडब्ल्यूएल 2026: हरियाणा थंडर की शानदार जीत, दिल्ली दंगल वॉरियर्स को फाइनल में हराया

    नोएडा 

    हरियाणा थंडर नोएडा इंडोर स्टेडियम में दिल्ली दंगल वॉरियर्स के खिलाफ फाइनल में आखिरी बाउट तक चले मैच के बाद प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) 2026 का चैंपियन बन गया। आठ बाउट के बाद स्कोर 4-4 से बराबर था, नतीजा आखिरी महिलाओं की 62 किलोग्राम बाउट पर निर्भर था, जिसमें पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट इरीना कोलियाडेन्को ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी शानदार टेक्निकल जीत ने हरियाणा थंडर को 5-4 से जीत दिलाई और पीडब्ल्यूएल 2026 का खिताब दिलाया, जो लीग के इतिहास के सबसे नाटकीय फाइनल में से एक था। हरियाणा थंडर पीडब्ल्यूएल 2026 ट्रॉफी के साथ 1.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि घर ले जाएगा। रनर-अप, दिल्ली दंगल वॉरियर्स को 75 लाख रुपये मिलेंगे। व्यक्तिगत पुरस्कारों में, दिल्ली दंगल वॉरियर्स के तुरान बायरामोव ने 57 किलोग्राम पुरुष वर्ग में सभी 7 बाउट जीतकर और पीडब्ल्यूएल 2026 में कुल 59 अंक हासिल करके 2.5 लाख रुपये का 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' खिताब जीता। पंजाब रॉयल्स के चंदरमोहन टूर्नामेंट के टॉप पॉइंट स्कोरर थे।

    नेहा सांगवान (हरियाणा थंडर) को आखिरी बाउट तक फाइनल को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला। रौनक (दिल्ली दंगल वॉरियर्स) को पुरुष 125 किलोग्राम वर्ग में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए 'फाइटर ऑफ द मैच' का सम्मान मिला। 'इंपैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच' अक्षय धेरे (हरियाणा थंडर) थे, जिन्हें 57 किलोग्राम पुरुष वर्ग में उनके मजबूत प्रदर्शन के लिए पहचाना गया।
    चैंपियनशिप की रात दिल्ली ने बढ़त के साथ शुरू की, जब अजेय तुरान बायरामोव ने 74 किलोग्राम पुरुष बाउट जीती, जल्दी ही शुरुआती बढ़त बनाई और 8-1 से जीत हासिल करने के लिए नियंत्रण बनाए रखा। हरियाणा ने 76 किलोग्राम महिला वर्ग में तुरंत जवाब दिया, जहां अंडर20 विश्व चैंपियन काजल धोचक ने यूरोपीय चैंपियन अनास्तासिया अल्पीयेवा को 3-1 से हराकर स्कोर बराबर कर दिया।

    65 किलोग्राम पुरुषों के मैच में मोमेंटम तब बदला जब दिल्ली के कप्तान सुजीत कल्कल ने शानदार वापसी करते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट तुमुर ओचिर तुलगा को 8-6 से हरा दिया। हरियाणा ने तुरंत अपनी स्टार और कई बार की वर्ल्ड चैंपियन यूई सुसाकी के साथ जवाब दिया, जिन्होंने सारिका पर शानदार टेक्निकल जीत हासिल करके अपना कौशल दिखाया और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया।
    86 किलोग्राम पुरुषों के मैच में दिल्ली ने फिर से बढ़त बना ली, जब एशियन चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट वफाईपुर हादी बख्तियार ने अशिरोव अशरफ को 11-0 से हरा दिया। हरियाणा ने जोरदार जवाब दिया, जिसमें अक्षय धेरे ने 57 किलोग्राम पुरुषों के इवेंट में दिल्ली के अमित कुमार को टेक्निकल सुपीरियरिटी से हरा दिया।

    हेवीवेट मैच निर्णायक था, जिसमें रौनक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनिरुद्ध गुलिया को 12-2 से हराया, जिससे दिल्ली को 4-3 की बढ़त मिली। हरियाणा ने हार नहीं मानी, और नेहा सांगवान ने 57 किलोग्राम महिलाओं के मुकाबले में अंजलि को पिन करके मैच को जारी रखा, जिससे स्कोर 4-4 से बराबर हो गया।

    चैंपियनशिप दांव पर लगी थी, और इरीना कोलियाडेन्को ने महत्वपूर्ण 62 किलोग्राम महिलाओं के मैच में कदम रखा। अपने अनुभव और शांत स्वभाव का फायदा उठाते हुए, पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट ने लगातार टर्न-एंड-एक्सपोजर मूव्स से अंजलि को हराया और 16-0 से टेक्निकल जीत हासिल की। ​​इस जीत ने उन्हें हरियाणा थंडरर्स के लिए खिताब दिलाया।

  • बांग्लादेश को मिले बजट में कमी, चाबहार को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, ईरान को नहीं मिलेगा एक भी रुपया

    बांग्लादेश को मिले बजट में कमी, चाबहार को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, ईरान को नहीं मिलेगा एक भी रुपया

    नई दिल्ली

    बांग्लादेश के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच इस बार के केंद्रीय बजट में उसके विकास के लिए दी जाने वालीराशि चालू वित्त वर्ष में पिछले वर्ष के मुकाबले आधी कर दी गई है। बजट के मुताबिक बांग्लादेश के लिए इस बार केवल 60 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। वहीं भूटान को पिछले साल के मुकाबले ज्यादा राशि दी जाएगी। उसे कास सहायता के रूप में सबसे अधिक 2,288 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि नेपाल के लिए 800 करोड़ रुपये और मालदीव और मॉरीशस के लिए 550-550 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

    चाबहार के लिए कोई आवंटन नहीं

    इस बार के आम बजट में ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई राशि नहीं आवंटित की गई है। बता दें कि भारत चाबहार परियोजना में हिस्सेदार रहा है औऱ वह 100 करोड़ की मदद हर साल करता आ रहा था। अफगानिस्तान, मध्य एशिया और आगे के क्षेत्र में व्यापार के लिए यह बेहद जरूरी पड़ाव माना जाता है। चाबहार ओमान की खाड़ी के मुहाने पर स्थित बंदरगाह है जो कि वैश्विक समुद्री मार्गों तक सीधी पहुंच बनाता है। यह पाकिस्तान की सीमा के पूर्व में ग्वादर पोर्ट के पास है। चीन बी बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव के जरिए ग्वादर को विकसित कर रहा है। ऐसे में यह चाबहार परियोजना भारत के लिए संतुलन बनाने के लिए अहम है। जानकारों का कहना है कि ईरान और अमेरिका में तनाव की वजह से भारत इस बार चाबहार को कुछ नहीं दिया है।

    विदेश मंत्रालय को चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान 20,516 करोड़ रुपये और संशोधित अनुमान 21,742 करोड़ रुपये के मुकाबले 2026-27 के लिए कुल 22,118 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है।

    आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बांग्लादेश के लिए 60 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है, जबकि 2025-26 के बजट में बांग्लादेश के लिये 120 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। हालांकि, बाद में संशोधित अनुमान में यह राशि 34.48 करोड़ रुपये कर दी गई थी।
    अप्रैल में खत्म हो रही है अमेरिका से मिली छूट

    भारत पिछले कुछ वर्षों से ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में जारी वृहद संपर्क परियोजना पर प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। चाबहार बंदरगाह के विकास में भारत एक प्रमुख साझेदार है।

    पिछले वर्ष सितंबर में अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन चाबहार बंदरगाह परियोजना पर लागू प्रतिबंधों से भारत को छह महीने की छूट दी थी। यह छूट 26 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी।

    भारत और ईरान मिलकर चाबहार बंदरगाह का विकास कर रहे हैं, ताकि संपर्क और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिल सके। दोनों देश चाबहार बंदरगाह को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (आईएनएसटीसी) का अभिन्न अंग बनाने के लिए भी पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के आवंटन के तहत 2025-26 के लिए कुल विदेश साझेदारी विकास मद में 6,997 करोड़ रुपये है, जो विदेश मंत्रालय को किए गए आवंटन का 31 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि विदेश साझेदारी विकास मद के तहत कुल आवंटन में से 4,548 करोड़ रुपये निकटवर्ती पड़ोसी देशों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, इस राशि का उपयोग पनबिजली संयंत्रों, बिजली पारेषण लाइनों, आवास, सड़कों, पुल जैसी बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं से लेकर छोटे पैमाने पर जमीनी स्तर की सामुदायिक विकास परियोजनाओं तक विभिन्न प्रकार की पहलों के कार्यान्वयन के लिए किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में लातिन अमेरिकी देशों के लिए कुल सहायता राशि 120 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

  • मोदी सरकार से खुश हुए तेजप्रताप, 10 में 10 अंक देकर कहा- लालू यादव का दौर अब समाप्त

    मोदी सरकार से खुश हुए तेजप्रताप, 10 में 10 अंक देकर कहा- लालू यादव का दौर अब समाप्त

    पटना

    लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) चीफ तेजप्रताप यादव अक्सर चर्चा में रहते हैं। बेबाक अंदाज और बेबाक बात तेजप्रताप यादव की पहचान रही है। अब एक पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने एक बार फिर बड़ी ही बेबाकी से अपनी बातें रखी हैं। तेजप्रताप यादव ने कहा है कि अब लालू राज खत्म हो गया है। तेजप्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 में से दस नंबर दिए और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी खुलकर अपनी राय रखी है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी तेजप्रताप यादव ने अपनी बात रखी है।

    यूट्यबूर प्रियंका शर्मा के साथ एक पॉडकास्ट में तेजप्रताप यादव ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। जब तेजप्रताप यादव से पूछा गया कि बिहार चुनाव में राजद के 25 सीटों पर सिमट जाने की एक वजह यह भी है कि आप अलग हो गए? इसपर तेजप्रताप यादव ने कहा कि जब कृष्ण का सम्मान नहीं होगा तो यहीं हश्र होगा। हम मान-सम्मान के लिए लड़ते हैं। जब मान-सम्मान नहीं होगा तो हम अलग हो गए और हमने अपनी अलग लकीर खींच ली। हमारा रास्ता अलग हो गया।

    बिहार में चुनाव के वक्त टिकट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल पर पैसे मांगने के आरोप भी लगे थे। इसपर तेजप्रताप यादव ने बेबाकी से कहा कि हां, तो ऐसा जयचंदों ने किया होगा। तेजप्रताप यादव ने जयचंदों का नाम बताने से इनकार किया और कहा कि 5-6 जयचंद हैं। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि जयचंद कौन हैं। तेजप्रताप यादव ने यह भी कहा कि अभी भी वो (जयचंद) परिवार के अंदर है। आपका राजनीतिक सलाहकार परिपक्व होना चाहिए।
    तेजस्वी के विदेश दौरे पर क्या बोले तेजप्रताप

    बिहार चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर जाने को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि हमारी पार्टी हारी तो हमने तुरंत समीक्षा बैठक की थी। उनको भी उस समय समीक्षा बैठक करनी चाहिए थी। तेजप्रताप यादव ने राजद की हार पर कहा कि हार की वजह वहीं 5-6 लोग (जयचंद) हैं। आपका दुश्मन बाहर नहीं है घर में ही है। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उन्हें बड़े भाई होने का जितना कर्तव्य निभाना था उन्होंने निभा दिया।
    बहन रोहिणी और मां राबड़ी पर भी बोले तेजप्रताप

    अपनी मां राबड़ी देवी को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि वो अपनी मां का आशीर्वाद लेने उनके घर गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उस दिन उनसे घऱ वापस लौटने के लिए कहा था जिसके बाद उन्होंने कहा था कि हमने अलग लाइन बना ली है और हम आगे निकल चुके हैं। बस आपका आशीर्वाद चाहिए। रोहिणी आचार्य को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि बहन के आरोप लगाने के बाद उनकी बातचीत बहन से हुई थी। वो काफी भावुक थीं और उन्होंने कहा था कि उनके साथ ऐसी बातें हुई हैं। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनकी बहन रोहिणी बहुत अच्छी हैं उन्होंने पिता को किडनी दी थी।
    लालू यादव का राज खत्म

    तेजप्रताप यादव ने कहा कि वो परिवार से दूर रहते हैं और परिवार को मिस करते हैं। इस इंटरव्यू में जब तेजप्रताप यादव से कहा गया है कि आप राजा के बेटे हैं लेकिन आपके शौक सब मिडिल क्लास वाले ही हैं। इसपर तेजप्रताप यादव ने कहा कि राजा-प्रजा कुछ नहीं है। क्या राजा, क्या प्रजा। राजा गए उनका राज चला गया। राजा-प्रजा का कोई बात नहीं है।
    पीएम मोदी को 10 में से 10 नंबर – तेजप्रताप

    तेजप्रताप यादव से जब इस साक्षात्कार में कहा गया कि नरेंद्र मोदी को जब आपको प्रधानमंत्री पद और उनके कामों के लिए 10 में से नंबर देने हों तो आप कितने नंबर देंगे? इसपर तेजप्रताप यादव ने बेबाकी से कहा कि 10 में से हम उनको 10 देंगे। वो पूजा-पाठ करते हैं और हम भी पूजा-पाठ करते हैं तो हम उनको दस ही ना देगे। अगर वो पूजा नहीं कर रहे होते तो हो सकता है कि हम उनका नंबर काट देते। इसी के साथ सीएम नीतीश को लेकर तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनमें कोई कमी नहीं है सिर्फ बुर्का वाले विवाद की वजह से एक वीडियो वायरल हुआ था। 

  • पीएम मोदी के पंजाब दौरे के बाद भाजपा के लिए उम्मीद की किरण, क्या सिद्धू परिवार का होगा घर वापसी?

    पीएम मोदी के पंजाब दौरे के बाद भाजपा के लिए उम्मीद की किरण, क्या सिद्धू परिवार का होगा घर वापसी?

    चंडीगढ़ 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के अगले ही दिन प्रदेश से शुभ संदेश आया है. इसके साथ ही कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है कि क्‍या सिद्धू परिवार की घर वापसी मतलब भाजपा में वापसी होने जा रही है. पीएम मोदी के पंजाब विजिट से एक दिन पहले कांग्रेस से नाता तोड़ने वालीं नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उनका दिल से स्‍वागत किया है. उन्‍होंने सोशल मीडिया पोस्‍ट में लिखा कि पंजाब की जनता भोलीभाली है, जिन्‍हें हमारी सरकार अपने हितों और स्‍वार्थ के चलते हमेशा मूर्ख बनाती रहती है. नवजोत कौर सिद्धू ने आगे लिखा – मोदीजी पंजाब में आपका दिल से स्‍वागत है. नवजोत कौर के इस सोशल मीडिया पोस्‍ट से प्रदेश की सियासत गर्मा गई है.

    नवजोत कौर सिद्धू ने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘जब हमारे देश के प्रमुख हमारे राज्य को कुछ देने आते हैं, तो सभी राजनीतिक चोर उनके घर वापसी कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए एक मंच पर क्यों इकट्ठा हो जाते हैं? हमें यह स्पष्ट समझना चाहिए कि उन्होंने वह पद और शक्ति अपने परिश्रम से अर्जित की है, ताकि वे हमारे राज्य को कुछ महान दे सकें. आभारी बनें. पंजाब के लोग भोले-भाले हैं और स्वार्थी सरकारें अपने हितों के चलते उन्हें हमेशा धोखा देती रही हैं. उन्होंने अपने परिवारों के लिए भारी संपत्ति बना ली है. पंजाब के लिए कुछ करना है नहीं. मोदी जी का प्यार भरे दिल से स्वागत है, यही पंजाबी लोगों की सच्ची प्रकृति है सच्‍चा स्‍वभाव है.’

    बीजेपी या AAP ने संपर्क तो नहीं किया?

    नवजोत कौर सिद्धू ने एक अन्‍य पोस्‍ट में लिखा, ‘मैं संभवतः उन बहुत कम लोगों में से हूं, जिन्होंने किसी भी राजनीतिक कारण से न तो बीजेपी न आप और न ही किसी अन्य पार्टी के किसी नेता से मुलाकात की है और न ही किसी पार्टी ने मुझसे संपर्क किया है. मैं अपनी व्यक्तिगत दृष्टि और चेतना से बात कर रही हूं, क्योंकि मैं केवल वाहेगुरु जी के प्रति उत्तरदायी हूं और किसी और के प्रति नहीं. मैं सिर्फ पंजाब के लोगों की सेवा करना चाहती हूं, जिसे मैं एक एनजीओ बनाकर कर सकती हूं और गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को समझकर तथा जीवित विकसित संतों के सान्निध्य में रहकर निस्वार्थ सेवा और आत्मा के विकास के बारे में थोड़ा सीखते हुए अपनी आत्मा के उत्कर्ष के लिए कार्य करना चाहती हूं. हाल ही में भगवद गीता के उपदेशों के साथ तीन दिन का अद्भुत और आनंदमय समय बिताया और प्रेमानंद महाराज जी जैसे प्रबुद्ध संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिन्होंने अनेक आत्माओं को उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाया है.’

    सीएम भगवंत मान से सीधा सवाल

    नवजोत कौर सिद्धू ने एक और पोस्‍ट में लिखा, ‘पंजाब के मुख्यमंत्री जी, जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने तीन बार स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की, क्योंकि वे गुजरात के हर नागरिक के प्रति जवाबदेह रहे और सभी विभागों के उपयोग प्रमाणपत्र (utilisation certificates) जमा करते थे, क्योंकि तभी केंद्र से जितनी राशि चाहिए उतनी मिल सकती है. आप पंजाब के लोगों के पैसे का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि के लिए करने के बजाय अपने फायदे के लिए मुफ्त योजनाओं में नहीं कर सकते. मुफ्त बिजली देने के बजाय आपने चंडीगढ़ और कई अन्य राज्यों की तरह सोलर पावर को अनिवार्य क्यों नहीं किया? आपकी खनन और शराब नीति कहां है? यह तो बड़े लोगों के साथ साझेदारी में सिर्फ आपकी जेब भरने के लिए है. पहले अकाली दल और कांग्रेस के साथ यह 75:25 था और अब आप और कांग्रेस/अकाली के साथ 80:20 है. हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और आपके शासन में यह सबसे अधिक है, क्योंकि आप अपने निजी हितों के लिए खरीदे हुए मीडिया चैनलों की एक छोटी टीम के साथ अकेले काम कर रहे हैं, जो आपकी महिमा गान में लगे हैं. आपने आपके खिलाफ बोलने वालों की आवाज दबा दी है. हर व्यक्ति का एक समय होता है और वाहेगुरु जी ही सभी के वास्तविक न्यायाधीश हैं. आप उनसे कुछ भी नहीं छुपा सकते.’

  • भागलपुर में बर्ड फ्लू का खतरा, चिकन के शौकिनों के लिए बड़ी चेतावनी

    भागलपुर में बर्ड फ्लू का खतरा, चिकन के शौकिनों के लिए बड़ी चेतावनी

     पटना

    भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल परिसर स्थित मैदान में बड़ी संख्या में मृत मिले कौओं की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. जिला पशुपालन पदाधिकारी अंजली कुमारी ने आधिकारिक रूप से पुष्टि करते हुए बताया कि मृत कौओं का सैंपल जांच के लिए पटना और भोपाल लैब भेजा गया था, जहां से आई रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है.

    रिपोर्ट सामने आते ही जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे में सेनेटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया गया है. वहीं इलाके के सभी पोल्ट्री फार्म से भी सैंपल इकट्ठा किया जा रहा है.

    150 से अधिक कौओं की मौत से फैली दहशत

    बता दें कि 11 जनवरी की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने एक ही स्थान पर पेड़ के नीचे 150 से अधिक मृत कौवे पड़े देखे थे. कई कौवे तड़पती हालत में भी मिले थे. घटना के बाद स्थानीय लोगों में बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर दहशत फैल गई थी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से हटाया गया.

    सैंपल जांच के बाद हुई फ्लू की पुष्टि

    वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल कलेक्ट किए. मृत कौओं का सीरम जांच के लिए उच्च स्तरीय लैब भेजा गया था. भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई. जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं.

    प्रभावित इलाकों में कराया जा रहा सैनिटाइजेशन
     
    डॉक्टर अंजली ने कहा कि 11 जनवरी को कौओं की मौत हुई थी. उस समय बहुत ठंड थी. ऐसा लगा कि ये ठंड के कारण मरे हैं. लेकिन इसका सैंपल हमने बाहर भेजा, जिसके बाद सरकार से इसकी पुष्टि हुई कि कौओं की मौत बर्ड फ्लू के कारण ही हुई है. फिलहाल हम लोग प्रभावित इलाकों में सैनिटाइजेशन करवा रहे हैं. हमने 11 तारीख को भी सैनिटाइज कराया था. इसके अलावा इस इलाके में जितने भी पोल्ट्री फार्म हैं, उनका जीरो सर्विलेंस करके दोबारा भेजा जाएगा.

  • भारत को बोनस अंक, पाकिस्तान के लिए नेट रनरेट बना खतरा, मैच न खेलने से हो सकता है नॉकआउट

    भारत को बोनस अंक, पाकिस्तान के लिए नेट रनरेट बना खतरा, मैच न खेलने से हो सकता है नॉकआउट

    नई दिल्ली

    आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के बहिष्कार का फैसला पाकिस्तान क्रिकेट के लिए घातक साबित हो सकता है. अगर पाकिस्तानी टीम 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरती है, तो आईसीसी के नियमों के तहत भारत को वॉकओवर के जरिए पूरे दो अंक मिल जाएंगे, जबकि पाकिस्तान को सीधे 0 अंक मिलेंगे.

    इतना ही नहीं, इस फैसले का असर सिर्फ पॉइंट्स टेबल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पाकिस्तान के नेट रनरेट (NRR) पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. आईसीसी की प्लेइंग कंडीशन्स के मुताबिक, डिफॉल्ट करने वाली टीम का NRR प्रभावित किया जा सकता है, जो आगे चलकर क्वालिफिकेशन में बड़ा फैक्टर बन सकता है.  इसका सीधा मतलब है कि भारत को 2 अंक आसानी से मिलेंगे, जबकि पाकिस्तान के लिए गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी.

    ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, नामीबिया और अमेरिका शामिल हैं. टॉप-2 टीमें सुपर-8 में पहुंचेंगीय. भारत को पहले ही 2 अंक मिलने से उसकी स्थिति मजबूत हो जाएगी, जबकि पाकिस्तान के लिए हर मैच 'करो या मरो' जैसा हो जाएगा. भारत अब अपने बाकी मुकाबले बिना ज्यादा दबाव के खेल सकता है और साफ जीत के साथ नेटरनरेट और मजबूत करने पर फोकस कर सकेगा. वहीं पाकिस्तान के पास भारत के खिलाफ मिलने वाले संभावित अंक गंवाने के बाद सिर्फ तीन मैच ही बचेंगे.

    पाकिस्तान का वर्ल्ड कप सफर तरह नीदरलैंड्स, अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ मैच पर निर्भर करेगा. अगर पाकिस्तान इन तीनों मैचों में जीत दर्ज करता है, तो क्वालिफिकेशन की उम्मीद बनी रहेगी. लेकिन अगर टीम सिर्फ दो मैच जीत पाती है, तो मामला नेट रनरेट और अन्य टीमों के नतीजों पर अटक जाएगा. चू्ंकि भारत से मैच नहीं खेलने पर पाकिस्तान का नेट रनरेट पहले ही खराब होगा, ऐसे में उसकी हालत काफी पतली हो जाएगी. वहीं अगर पाकिस्तान एक या उससे कम मैच जीतता है, तो उसका सुपर-8 में पहुंचना लगभग नामुमकिन हो जाएगा.

    पिछले  टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को संयुक्त राज्य अमेरिका ने पराजित कर दिया था. ऐसे में पाकिस्तान के इन तीनों मैच जीतना आसान नहीं होगा. पाकिस्तान पर ग्रुप स्टेज में ही टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा इस बार भी अभी से मंडरा रहा है.

    भारत के ग्रुप मैच
    बनाम यूएसए- 7 फरवरी, मुंबई
    बनाम नामीबिया- 12 फरवरी, दिल्ली
    बनाम पाकिस्तान- 15 फरवरी, कोलंबो*
    बनाम नीदरलैंड्स- 18 फरवरी, अहमदाबाद

    पाकिस्तान के ग्रुप मुकाबले
    बनाम नीदरलैंड्स- 7 फरवरी, कोलंबो
    बनाम यूएसए- 10 फरवरी, कोलंबो
    बनाम भारत- 15 फरवरी, कोलंबो*
    बनाम नामीबिया- 18 फरवरी, कोलंबो

    भारत के खाते में बिना खेले आए दो अंक उसे ग्रुप में बढ़त दिला देंगे. इससे टीम इंडिया को शुरुआती दौर में ही टूर्नामेंट फेवरेट की तरह खेलने का मौका मिलेगा, जबकि पाकिस्तान हर मुकाबले में अतिरिक्त दबाव के साथ उतरेगा. भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा से टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण रहा है, लेकिन इस बार बहिष्कार का फैसला पाकिस्तान के लिए खुद की राह मुश्किल करने वाला साबित हो सकता है. अगर पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच नहीं खेला, तो वह वर्ल्ड कप से नॉकआउट होने की कगार पर पहुंच सकता है.

  • बजट में बड़ी सौगात, मोबाइल, टीवी और AC सस्ते होंगे, जानें कैसे होगा फायदा

    बजट में बड़ी सौगात, मोबाइल, टीवी और AC सस्ते होंगे, जानें कैसे होगा फायदा

    नई दिल्ली 
    केंद्रीय बजट 2026 का ऐलान हो चुका है और भारत सरकार ने इलेक्ट्रोनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत खर्च को लगभग दोगुना करने का ऐलान कर दिया है. इस रकम को करीब 23 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया है. 

    इस भारी-भरकम बजट से भारतीय इलेक्ट्रोनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री मजबूत होगी. इससे भारतीय घरेलू सप्लाई चेन को स्ट्रांग किया जाएगा. साथ ही भारत में विदेशी कंपनियां भारत में अपनी यूनिट लगाएंगी और भारत में निवेश करेंगी. 

    फोन टीवी, AC आदि को होगा फायदा 

    इस स्कीम से स्मार्टफोन, लैपटॉप और माइक्रोवेव, फ्रिज, टोस्टर जैसे घरेलू प्रोडक्ट के मैन्युफैक्चरिंग पर विदेशों पर निर्भरता कम होगी. इससे प्रोडक्ट सस्ते होंगे या नहीं, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. हालांकि अगर टीवी, स्मार्टफोन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट तैयार करने वाले मैन्युफैक्चरर को सस्ते कंपोनेंट मिलते हैं तो आने वाले दिनों में सस्ते प्रोडक्ट भी भारत में दस्तक देंगे. साथ ही यहां नौकरियों के भी नए अवसर प्राप्त होंगे. 

    वित्त मंत्री ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम अप्रैल 2025 में 22,919 करोड़ रुपये की रकम के साथ शुरू की गई थी. इस स्कीम के तहत मिले इनवेस्टमेंट प्रपोजल और टारगेट को देखते हुए सरकार ने रकम बढ़ाने का फैसला किया है.  उन्होंने कहा कि इस स्कीम की रकम को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. 

    केंद्रीय कैबिनेट ने मार्च में इस स्कीम के लिए 22,919 करोड़ रुपये की रकम के साथ मंजूरी दी थी. इस स्कीम के तहत बड़े आउटकम की उम्मीद है. इससे 4.56 लाख करोड़ रुपये का प्रोडक्शन होगा और करीब 59,350 करोड़ रुपये का एडिशनल इनवेस्टमेंट मिलेगा. 

    46 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है

    अब तक स्कीम के तहत 46 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें कुल प्रोपजल इनवेस्टमेंट 54,567 करोड़ रुपये का है. इससे लगभग 51,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है. 

    आईटी मंत्रालय ने बीते महीने ही Foxconn, Tata Electronics, Samsung, Dixon Technologies और Hikalco Industries जैसी कंपनियों के 22 आवेदन को अप्रूवल दिए हैं. 

    इन इलेक्ट्रोनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा 

    सरकार इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत इलेक्ट्रोनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहते हैं. इसमें कई पार्ट्स शामिल हैं, जिनकी लिस्ट ये है. 

        डिस्प्ले मॉड्यूल
        सब-असेंबली कैमरा मॉड्यूल
        प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली (PCBA)
        लिथियम सेल एनक्लोजर 
        रेजिस्टर 
        कैपेसिटर 
        फेराइट्स आदि 

    इन कंपोनेंट का इस्तेमाल स्मार्टफोन, लैपटॉप और माइक्रोवेव, फ्रिज, टोस्टर जैसे घरेलू उपकरणों में होता है. 

    PLI से कितनी अलग है कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम

    इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, सरकार की पहले की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से अलग है. PLI में सब्सिडी प्रोडक्शन से कनेक्टेड होती है, जबकि  इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम में इंसेंटिव तीन अहम पैमानों पर तय किए गए हैं

        सालाना रोजगार सृजन
        पूंजीगत खर्च (कैपेक्स)
        सालाना उत्पादन

    Apple और Samsung जैसी कंपनियों के भारत में एक्स्ट्रा असेंबली यूनिट्स लगाने केबाद भी देश में वैल्यू एडिशन 15-20% के आसपास है. सरकार इसको बढ़ाकर 30-40% तक करना चाहती है. 

  • लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के विरोध में प्रदर्शन, भविष्य की उम्मीदें बंधी!

    लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के विरोध में प्रदर्शन, भविष्य की उम्मीदें बंधी!

     लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती मामले ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है. इसे लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी आज यानी 2 फरवरी 2026 को लखनऊ में अपनी मांगो को पूरा करवाने के लिए को धरना प्रदर्शन करेंगे. इस मामले में अभ्यर्थियों का आरोप है कि ने कोई पहल नहीं कर रही जिस कारण से मामला इतना आगे चला गया है. इस केस की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में साल 2024 में सितंबर के महीने में हुई थी. उसके बाद से लगातार के इस मामले में तारीख पर तारीख मिल रही है.

    इस केस को लेकर अगली सुनवाई 4 फरवरी को होगी. लेकिन उससे पहले आरक्षित वर्ग के लोग अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए आज प्रदर्शन करने वाले हैं. 

    कौन कर रहा है प्रदर्शन का नेतृत्व 

    ऐसे में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता ने इसे लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा की इस केस को सुलझाने के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है. जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट से केवल तारीखें मिल रही हैं. इस दौरान उन्होंने बताया कि वे दो फरवरी से आंदोलन करेंगे. आंदोलन के शुरुआत में बनाए गए सभी जिला कोऑर्डिनेटर से ब्लाक लेवल पर संपर्क कर आने वाले अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की लिस्ट बनाने को कहा गया है. 

    प्रदर्शकारियों का फूटा गुस्सा 

    ऐसे में इस केस को लेकर प्रदर्शकारियों में गुस्सा भरा पड़ा है. उन्होंने कहा कि ओबीसी आयोग और लखनऊ हाईकोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में है. इस केस पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, मुख्यमंत्री की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट और लखनऊ हाई कोर्ट डबल बेंच का फैसला सब हमारे पक्ष में है, लेकिन हमारे साथ अन्याय इसलिए हो रहा है क्योंकि हम पिछड़े और दलित समाज से आते हैं. 

    इतने सालों से चल रहा है संघर्ष

    वहीं, दूसरे प्रदर्शनकारी ने कहा कि  वो पिछले 6 सालों  से संघर्ष कर रहे हैं.सरकार से मांग करते हैं, लेकिन हमारी बातों को नहीं सुना जाता है. सुनवाई न होने के कारण सभी अभ्यर्थी आहत हैं. 

  • नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड और टूरिज्म ट्रेनिंग सेंटर की होगी स्थापना

    नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड और टूरिज्म ट्रेनिंग सेंटर की होगी स्थापना

    सारनाथ और हस्तिनापुर का होगा वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकास, केंद्रीय बजट में यूपी टूरिज्म को मिली बड़ी सौगात

    पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों का विकास, यूपी टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

    नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड और टूरिज्म ट्रेनिंग सेंटर की होगी स्थापना

    लखनऊ
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  संसद में पेश किए गए 2026-27 के केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश के सारनाथ और हस्तिनापुर के पुरातात्विक स्थलों को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की। साथ ही नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड, टूरिज्म ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी को अपग्रेड करने की घोषणाए भी की गई हैं। वहीं आईआईएम के सहयोग से 10,000 टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षित करने की घोषणा, उत्तर प्रदेश जैसे पर्यटन समृद्ध राज्य में रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।  

    सारनाथ और हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरोहर को मिलेगी वैश्विक पहचान
    वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों को जीवंत अनुभव-आधारित वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख पुरातात्विक स्थल सारनाथ और हस्तिनापुर शामिल हैं। वाराणसी स्थित सारनाथ, बौद्ध धर्म का पवित्र स्थल होने के साथ देश का प्रमुख ऐतिहासिक स्थल भी है। यहां धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और सिंह शीर्ष वाला अशोक स्तंभ भी स्थित है, जिससे भारत का राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न लिया गया है। साथ ही यहां से मौर्य, गुप्त और पाल युगीन मूर्तियों और बौद्ध विहारों के अवशेष भी मिले हैं। इसी क्रम में मेरठ जिले में स्थित महाभारत कालीन हस्तिनापुर को भी शामिल किया गया है। यहां से महाभारत और हड़प्पा कालीन पॉटरी और पुरातात्विक अवशेष भी मिले हैं। साथ ही यहां स्थित पांडव टीला और कर्ण मंदिर भी प्रमुख पुरातात्विक महत्व के साक्ष्य हैं। इन स्थलों को वैश्विक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकास करने से एक ओर पूर्वी यूपी में वाराणसी और दूसरी ओर मथुरा-मेरठ क्षेत्र के साथ पश्चिमी यूपी के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।  

    केंद्रीय बजट की घोषणाओं से खुलेंगे टूरिज्म में रोजगार के नए अवसर

    केंद्रीय बजट की एक अन्य प्रमुख घोषणा आईआईएम के सहयोग से 10,000 टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षित करने की भी है। जिसके तहत देश के 20 आइकॉनिक पर्यटन स्थलों पर पायलट प्रोग्राम चलाकर टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें टूरिस्ट गाइड़ों के प्रोफेशनल स्किल्स, भाषा और डेस्टिनेशन नॉलेज पर फोकस होगा। यह प्रशिक्षण प्रोग्राम उत्तर प्रदेश जैसे पर्यटन-समृद्ध राज्य में इससे हजारों युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा बजट में नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत के स्थलों का डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन कर पर्यटन को बढ़ावा देगी। साथ ही टूरिज्म ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी को अपग्रेड करने की भी घोषणा भी बजट में की गई है। इससे टूरिस्ट गाइड्स, हॉस्पिटैलिटी स्टॉफ, ट्रैवल मैनेजमेंट से जुड़े युवाओं का स्किल डेवलपमेंट होगा जो न केवल पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देगा साथ ही प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।

  • विकसित भारत की ओर केंद्रीय बजट 2026-27: क्या हैं सरकार की नई रणनीतियां?

    विकसित भारत की ओर केंद्रीय बजट 2026-27: क्या हैं सरकार की नई रणनीतियां?

    केंद्रीय बजट 2026–27: ‘विकसित भारत’ की ओर एक रणनीतिक कदम

    केंद्रीय बजट 2026–27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीए आयुष गर्ग ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि Ease of Doing Business और Tax Simplification की दिशा में एक संरचनात्मक सुधार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट “कर्तव्य” की भावना से प्रेरित है, जिसमें राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए मध्यम वर्ग और उद्योग जगत को संतुलित राहत देने का प्रयास किया गया है।

    प्रत्यक्ष कर: अनुपालन में सुगमता की दिशा में बड़ा कदम

    सीए आयुष गर्ग ने कहा कि बजट का सबसे बड़ा आकर्षण नया आयकर अधिनियम, 2025 है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। उनके अनुसार, इस नए कानून का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल, संक्षिप्त और करदाता-अनुकूल बनाना है।

    उन्होंने बताया कि नई कर व्यवस्था के तहत ₹4 लाख तक की आय को कर-मुक्त रखा गया है, जबकि स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित ₹12.75 लाख तक की आय पर कर देयता शून्य होगी, जिससे मध्यम वर्ग की डिस्पोजेबल आय में वृद्धि होगी।

    सीए गर्ग ने यह भी कहा कि संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च किया जाना करदाताओं और प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दोनों के लिए एक व्यावहारिक राहत है, हालांकि विलंब शुल्क की व्यवस्था जारी रहेगी।

    उन्होंने विदेश यात्रा (LRS), शिक्षा एवं चिकित्सा खर्च पर टीसीएस की दर को 5%/20% से घटाकर 2% किए जाने को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे करदाताओं के नकदी प्रवाह पर दबाव कम होगा। इसके अलावा, शेयर बायबैक से प्राप्त आय को अब शेयरधारकों के हाथों कैपिटल गेन के रूप में करयोग्य बनाना कर ढांचे को अधिक तार्किक बनाता है।

    एमएसएमई और कॉर्पोरेट सेक्टर: विकास को नई गति

    एमएसएमई सेक्टर पर बोलते हुए सीए आयुष गर्ग ने कहा कि सरकार ने छोटे उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा की है।

    उन्होंने यह भी कहा कि ‘कॉर्पोरेट मित्र’ योजना के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों में एमएसएमई को मार्गदर्शन देने हेतु पैरा-प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे, जिनके प्रशिक्षण में आईसीएआई की प्रमुख भूमिका होगी।

    सीए गर्ग के अनुसार, आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सीमा को ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹2000 करोड़ करना बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अनुपालन को सरल बनाएगा। उन्होंने बुनियादी ढांचे के लिए ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय आवंटन को स्टील, सीमेंट और कोर सेक्टर के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी बताया।

    राजकोषीय अनुशासन पर सरकार की प्रतिबद्धता

    राजकोषीय स्थिति पर टिप्पणी करते हुए सीए आयुष गर्ग ने कहा कि वित्त वर्ष 2026–27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.3% रखना सरकार की वित्तीय अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

    शेयर बाजार और निवेशक

    शेयर बाजार पर बजट के प्रभाव को लेकर सीए गर्ग ने कहा कि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में वृद्धि से अल्पकालिक और अत्यधिक सट्टा गतिविधियों पर कुछ नियंत्रण आएगा। उन्होंने बताया कि फ्यूचर्स पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% तथा ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% किया गया है।

    निष्कर्ष

    अंत में सीए आयुष गर्ग ने कहा कि बजट 2026–27 Simplification और Standardization की स्पष्ट दिशा तय करता है। उन्होंने यह भी कहा कि कर कानूनों की जटिलताओं को कम कर डिजिटल और ऑटोमेटेड प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना सरकार की Trust-based Compliance नीति को दर्शाता है।

    उनके अनुसार, यह बजट चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक अवसर है, जिसमें उनकी भूमिका केवल कर अनुपालन तक सीमित न रहकर रणनीतिक सलाहकार के रूप में विकसित हो सकती है।

    विशेषज्ञ राय

    सीए आयुष गर्ग (FCA, CS, CMA, M.Com)