Author: NewseDay

  • मानसरोवर और भरोहिया स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में दर्शन-पूजन कर किया दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक

    मानसरोवर और भरोहिया स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में दर्शन-पूजन कर किया दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक

    मुख्यमंत्री ने रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना

    महाशिवरात्रि पर गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में सीएम योगी ने किया देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक

    मानसरोवर और भरोहिया स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में दर्शन-पूजन कर किया दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक

    गोरखपुर
     देवाधिदेव महादेव भोले शंकर की उपासना के पावन पर्व महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सुबह गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर और भरोहिया के पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी दर्शन, पूजन व दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक किया और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।  

    रविवार सुबह जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में भगवान भोले शंकर का दुग्ध, दही, घी, मधु और शर्करा से पंच स्नान कराया। इसके बाद विधि विधान से रुद्राभिषेक किया। मठ के पुरोहित एवं वेदपाठी ब्राह्मणों ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कराया। रुद्राभिषेक के बाद मुख्यमंत्री ने महादेव भगवान शिव से चराचर जगत के मंगल की प्रार्थना की। 

    गोरक्षपीठ में रुद्राभिषेक करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंधियारी बाग के प्राचीन मानसरोवर मंदिर भी गए। यहां उन्होंने भोलेनाथ का दर्शन पूजन किया। भगवान शिव को पूजन सामग्री अर्पित कर, पंचस्नान कराकर दूध और जल से उनका अभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए पूजन, अभिषेक का अनुष्ठान हवन और आरती के साथ पूर्ण हुआ। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि भी उपस्थित रहे। 

    इसी क्रम में महाशिवरात्रि पर सीएम योगी रविवार दोपहर बाद भरोहिया स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर पहुंचे। यहां बाबा पितेश्वरनाथ का दर्शन, पूजन व विधि विधान से जलाभिषेक कर संपूर्ण मानव जाति के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं शांति की प्रार्थना की। पांडवकालीन मान्यता वाले पितेश्वरनाथ मंदिर का गोरक्षपीठ से गहरा नाता है। गोरक्षपीठाधीश्वर हर महाशिवरात्रि यहां जलाभिषेक करने आते हैं। जलाभिषेक करने के बाद मुख्यमंत्री ने भरोहिया में शिव मंदिर के सामने स्थित गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ के परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। बच्चों से बातचीत कर उन्हें आशीर्वाद दिया। स्थानीय खिलाड़ियों के साथ फोटो खिंचवाई और उनका उत्साहवर्धन किया। भरोहिया में मुख्यमंत्री के आगमन पर विधायक फतेह बहादुर सिंह, भरोहिया के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।

  • IPO के लिए तैयार रहें: इस हफ्ते तीन कंपनियां करेंगी लॉन्च, निवेश की पूरी जानकारी यहां देखें

    IPO के लिए तैयार रहें: इस हफ्ते तीन कंपनियां करेंगी लॉन्च, निवेश की पूरी जानकारी यहां देखें

      नई दिल्ली

    अगर आप आईपीओ में निवेश (IPO Investment) का प्लान बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए खास है. दरअसल, इस हफ्ते तीन कंपनियां अपने आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन करने जा रही है. इनमें एक मैनबोर्ड, जबकि दो एसएमई आईपीओ शामिल हैं, ये दोनों ही SME IPO  मिलकर प्राइमरी मार्केट से 137 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने के लिए उतरेंगे. आइए जानते हैं इनके प्राइस बैंड, इश्यू साइज से लेकर लॉट तक के बारे में फुल डिटेल.

    हफ्ते के पहले दिन ये IPO 
    सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आज 16 फरवरी को ओपन होने वाला आईपीओ एसएमई कैटेगरी का है. फुल-सर्विस गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन कंपनी फ्रैक्टल इंडस्ट्रीज अपना इश्यू (Fractal Industries IPO) ओपन करने वाली है. इसका साइज 49 करोड़ रुपये है और निवेशक इसमें 18 फरवरी तक बोलियां लगा सकेंगे. आईपीओ के तहत कंपनी 22,68,600 शेयर जारी करेगी, जो 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले होंगे. 

    Myntra, Ajio और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्मों को सर्विस देने वाली गारमेंट्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 205-216 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयरों का है और रिटेल इन्वेस्टर्स को कम से कम दो लॉट के लिए बोली लगानी होगी. ऐसे में अपर प्राइस बैंड के हिसाब से किसी भी निवेशक को इस SME IPO में 1200 शेयरों के लिए 2,59,200 रुपये लगाने होंगे. इसकी लिस्टिंग 23 फरवरी को BSE SME में होगी. 

    ये है हफ्ते का दूसरा आईपीओ
    अगला आईपीओ 18 फरवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन होने वाला है और इसमें निवेशक 20 फरवरी तक पैसे लगा सकेंगे. ये इश्यू 2018 में स्थापित यशतेज इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड ला रही है, जो सोयाबीन ऑयल बनाने के बिजनेस से जुड़ी हुई है. कंपनी B2B सेगमेंट में काम करती है, यानी इसके द्वारा तैयार किया गया ऑयल रिफाइनिंग करने वाले ग्राहकों को बेचा जाता है. इसका एसएमई कैटेगरी के Yashhtej Industries (India) IPO का साइज 88.88 करोड़ रुपये है और कंपनी 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 80,79,600 शेयरों के बोलियां आमंत्रित करेगी. 

    प्राइस बैंड की बात करें, तो ये 110 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1200 शेयरों का है. रिटेल निवेशकों को 2 लॉट यानी 2400 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी और इसके लिए कुल 2,64,000 रुपये का निवेश करना होगा. इसकी लिस्टिंग भी BSE SME पर होगी और संभावित लिस्टिंग डेट 25 फरवरी है. 

    तीसरा IPO होगा मैनबोर्ड 
    अगले हफ्ते ओपन होने वाले तीन आईपीओ में से आखिरी मैनबोर्ड कैटेगरी का इश्यू है. देश में IVF उपचार में काम करने वाली कंपनी गौडियम आईवीएफ एंड वुमन हेल्थ लिमिटेड का इश्यू (Gaudium IVF IPO) 20 फरवरी को ओपन होने जा रहा है और इसमें 24 फरवरी तक पैसे लगाए जा सकेंगे. इससे पहले 18 फरवरी को इसे Anchor Investors के लिए ओपन किया जाएगा. इसके प्राइस बैंक और लॉट साइज का खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है. 

    मौजूदा डिटेल पर गौर करें, तो कंपनी आईपीओ के तहत 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले 2,08,86,200 शेयर जारी करेगी. इनमें से 1,13,92,500 शेयर फ्रेश होंगे, जबकि बारी शेयरों को ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचा जाएगा. 2015 में स्थापित इस कंपनी के शेयरों की BSE-NSE पर लिस्टिंग 27 फरवरी को होगी. 

  • अवि प्रसाद ने की तीसरी शादी, MP के चर्चित IAS अधिकारी की पत्नियां कलेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी

    अवि प्रसाद ने की तीसरी शादी, MP के चर्चित IAS अधिकारी की पत्नियां कलेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी

     भोपाल
       
    मध्य प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक नाम फिर चर्चा के केंद्र में है अवि प्रसाद. वजह इस बार कोई तबादला, सख्त कार्रवाई या विकास मॉडल नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी है. अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर ली है, हालांकि दोनों से उनका तलाक हो चुका है और खास बात यह है दोनों भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी है और वर्तमान में जिले की कलेक्टर के रूप में काम कर रही हैं. तीसरी पत्नी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं. 

    अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर शुरुआत से ही उल्लेखनीय रहा है. वर्ष 2013 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ था, लेकिन उन्होंने दोबारा प्रयास किया और वर्ष 2014 की यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान बनाया. उनकी यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के प्रतिभाशाली अधिकारियों में शुमार करती है. वे मूलतः उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से ताल्लुक रखते हैं. राजनीति और सार्वजनिक जीवन का माहौल उन्होंने बचपन से देखा. उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद उर्फ बच्चा बाबू चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे थे. ऐसे में शासन-प्रशासन की समझ उन्हें विरासत में मिली, ऐसा उनके करीबी बताते हैं.

    पहली शादी: तैयारी के दिनों का रिश्ता

    दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई थी. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में विवाह हुआ. रिजु बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं और राज्य में एक सक्षम व सख्त प्रशासक के रूप में जानी जाती हैं. हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला. कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और तलाक हो गया. 

    दूसरी शादी: मिशा सिंह के साथ
    पहले रिश्ते के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने दूसरी शादी आंध्र प्रदेश की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से की. विवाह के बाद मिशा सिंह ने मध्य प्रदेश कैडर ले लिया. वर्तमान में वे रतलाम की कलेक्टर हैं और 2025 में उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला. रतलाम में उनका कार्यकाल सक्रिय प्रशासनिक शैली के लिए जाना जा रहा है. विकास कार्यों के औचक निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहती हैं. हालांकि अवि प्रसाद और मिशा सिंह का यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया. करीब चार वर्षों बाद दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया.

    तीसरी शादी: कूनो में सादे समारोह में फेरे
    अब अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया है. अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम कर रही हैं. जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी को दोनों ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया. कूनो, जो हाल के वर्षों में अपने वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है, इस निजी आयोजन का साक्षी बना. शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने इसे निजी निर्णय बताते हुए सम्मान की बात कही, तो कुछ ने लगातार वैवाहिक बदलावों पर सवाल उठाए.

    प्रशासनिक पहचान और सख्त कार्यशैली
    अवि प्रसाद की पहचान केवल उनकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है. वे मध्य प्रदेश शासन में एक भरोसेमंद और तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं. फिलहाल वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं. कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था. उस समय जिले में बढ़ते कुपोषण के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी.

    अवि प्रसाद ने आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने जैसे कदम उठाए. उनके इस अभियान की राज्य स्तर पर सराहना हुई थी. कई बार उन्हें प्रशासनिक नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है. उनके समर्थक कहते हैं कि वे निर्णय लेने में देरी नहीं करते और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देते हैं. तीसरी शादी को लेकर अवि प्रसाद की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. न ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी है.

  • Ahmedabad के शैक्षणिक संस्थानों को बम धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई, इलाके में हड़कंप

    Ahmedabad के शैक्षणिक संस्थानों को बम धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई, इलाके में हड़कंप

    अहमदाबाद 

    अहमदाबाद के तीन स्कूलों को एक धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई है. स्कूल को प्राप्त हुए ईमेल में स्कूल को 1:11 बजे बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है. पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और स्कूलों में डॉग स्क्वाड, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड (बॉम्ब स्क्वाड) की टीमों के साथ व्यापक जांच शुरू की गई है.

    पुलिस-प्रशासन ने बताया कि कुछ स्कूलों ने धमकी भरे ईमेल मिलने की शिकायत मिली है. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन शुरू कर दिया गया है और सतर्कता बरतते हुए स्कूल प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी कर दी है और बच्चों को सुरक्षित घर भेजना शुरू कर दिया है.

    पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की तलाशी ले रही हैं. अभी तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है. अधिकारी ये पता लगाने में जुटे हैं कि ईमेल किसने और कहां से भेजा गया. विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकी होक्स (झूठी) हो सकती है, जैसा कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और अहमदाबाद में कई बार हुआ है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर कोई रिस्क नहीं लिया जा रहा.

     

  • ना ड्रामा काम आया, ना दांव… करारी हार के बाद आफरीदी का गुस्सा फूटा, टीम PAK की खुलकर लगाई क्लास

    ना ड्रामा काम आया, ना दांव… करारी हार के बाद आफरीदी का गुस्सा फूटा, टीम PAK की खुलकर लगाई क्लास

     नई दिल्ली/ इस्लामाबाद   

    भारतीय टीम के खिलाफ करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है. रविवार (15 फरवरी) को कोलंबो में खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम मुकाबले में 61 रनों से मिली शिकस्त के बाद पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद आफरीदी ने अपनी टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर खुलकर निशाना साधा है. आफरीदी ने अपने दामाद शाहीन आफरीदी को भी नहीं बख्शा. 

    शाहिद आफरीदी ने साफ तौर पर कहा कि अब बार-बार नाकाम हो रहे वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने बाबर आजम, शाहीन आफरीदी और शादाब खान को बेंच पर बैठाने की बात कही. शाहिद का मानना है कि इन खिलाड़ियों को लगातार मौके मिले हैं, लेकिन बड़े मैचों में ये नाकाम हो जाते हैं.

    शाहिद आफरीदी ने समा टीवी पर कहा, 'अगर फैसला मुझे लेना हो तो मैं शाहीन, बाबर और शादाब तीनों को बैठा दूं. नए लड़कों को मौका दूं, उन पर भरोसा दिखाऊं. नामीबिया के खिलाफ मैच में युवाओं को खिलाकर आत्मविश्वास देना चाहिए. हम इतने अरसे से इन खिलाड़ियों को मौके देते आ रहे हैं. जहां उम्मीद रहती है कि वो इस टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेंगे. अगर सीनियर खिलाड़ी डिलीवर नहीं कर रहे, तो बेंच पर बैठे जूनियर खिलाड़ियों को क्यों नहीं आजमाया जाए.'

      मैदान पर शिकस्त के साथ PAK का घमंड भी हुआ चकनाचूर 

    टीम इंडिया ने एक बार फिर वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को आसानी से पटखनी दे दी. इस जीत के साथ ही भारत ने पाकिस्तान को ये भी बता दिया कि मैदान पर जवाब प्रदर्शन से दिया जाता है. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया. लेकिन ये हार केवल पाकिस्तान के लिए एक मैच की हार तक सीमित नहीं है. बल्कि इस जीत से भारत ने पाकिस्तान की तमाम रणनीतियों, ड्रामेबाजी और प्लान की धज्जियां उड़ा दी.  

    दरअसल, इस मैच से पहले माहौल कुछ और था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ और गृहमंत्री  मोहसिन नकवी की ओर से इस मैच का बायकॉट किया गया. पाकिस्तानी सरकार ने इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और बांग्लादेश को मोहरा बनाया. बीसीसीआई को बदनाम करने की नापाक साजिश रची.

    करीब दो हफ्ते तक पाकिस्तान ने ड्रामेबाजी की. लगातार बयानबाजी की. हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने पलटी मारी और मैच खेलने के लिए राजी हो गया.  

    इसके साथ ही पाकिस्तान ने उस्मान तारिक की मिस्ट्री स्पिन को लेकर भी बड़ा हाइप बनाया. कप्तान सलमान आगा ने उन्हें टीम का ‘ट्रंप कार्ड’ बताया था. लेकिन मैदान पर कहानी अलग निकली.
    नकवी ने अपनी ड्रामेबाजी के जरिए इस मैच को सियासी संग्राम बनाया. कई देशों को साधने की कोशिश की. लेकिन नकवी की एक न चली और आखिरकार मेदान पर जब पाकिस्तान भारत के सामने आया तो हर बार की तरह एक बार फिर उसे धूल चाटनी पड़ी.

    सूर्या की कप्तानी, भारत की समझदारी

    भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने मैच को शांत दिमाग से संभाला. शुरुआती झटके के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने जल्दबाजी नहीं की. जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया.

    जिस उस्मान तारिक को लेकर इतनी चर्चा थी, वह असर छोड़ने में नाकाम रहे. भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें संभलकर खेला और कोई बड़ा मौका नहीं दिया. उनकी मिस्ट्री गेंदबाजी भारत के खिलाफ बेअसर साबित हुई.

    गेंदबाजी में भी भारत भारी
    जब पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करने उतरा तो भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. पावरप्ले में विकेट गिरे और पाकिस्तान संभल नहीं सका. बड़े शॉट खेलने की कोशिश में बल्लेबाज लगातार आउट होते गए.

    भारत ने दिखाया कि बड़े मैच सिर्फ बयानबाजी से नहीं, बल्कि संयम और रणनीति से जीते जाते हैं. पाकिस्तान की तरफ से बनाए गए माइंडगेम मैदान पर टिक नहीं सके.

    बयान बनाम प्रदर्शन

    मैच से पहले जो शोर था, वह मैदान पर शांत हो गया. न तो बायकॉट की चर्चा काम आई और न ही मिस्ट्री स्पिन का दांव. भारत ने एक बार फिर साबित किया कि दबाव में खेलने का अनुभव और मैच की समझ ही असली ताकत है. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली, जबकि पाकिस्तान के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई.

    भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, लेकिन इस बार संदेश साफ था-ड्रामा नहीं, प्रदर्शन मायने रखता है.

    शाहीन की जमकर हुई धुनाई, बाबर-शादाब फेल
    भारत के खिलाफ मुकाबले में शाहीन आफरीदी सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए. उन्होंने सिर्फ दो ओवर में 31 रन लुटाए. इनिंग्स के आखिरी ओवर में शाहीन ने 16 रन खर्च किए, जिससे भारत को 170 प्लस स्कोर बनाने का मौका मिला. बता दें कि शाहीन का निकाह 3 फरवरी 2023 को पूर्व ऑलराउंडर शाहिद आफरीदी की बेटी अंशा से हुआ था. शादाब खान का भी दिन खराब रहा. गेंदबाजी में एक ओवर में 17 रन दिए और बल्लेबाजी में 14 रन बनाकर आउट हो गए. कप्तान बाबर आजम भी टीम को संभालने में नाकाम रहे.

    कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर अपना दबदबा साबित किया. इस जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप में भारत का पाकिस्तान पर हेड टू हेड रिकॉर्ड 8-1 हो गया है. भारत की जीत के हीरो 'प्लेयर ऑफ द मैच' ईशान किशन रहे, जिन्होंने 40 गेंदों पर 77 रनों की तूफानी पारी खेली. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान को 114 रनों पर समेट दिया.

    इस शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान में सीनियर खिलाड़ियों को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं. शाहिद आफरीदी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि अब टीम चयन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है…

     

  • भारत की कूटनीतिक जीत! पासपोर्ट रैंकिंग में बड़ा सुधार, 75वें पायदान पर एंट्री के साथ दो देशों से तनाव बढ़ा

    भारत की कूटनीतिक जीत! पासपोर्ट रैंकिंग में बड़ा सुधार, 75वें पायदान पर एंट्री के साथ दो देशों से तनाव बढ़ा

     नई दिल्ली

    अंतरराष्ट्रीय यात्रा के शौकीनों के लिए एक अच्छी और एक थोड़ी चौंकाने वाली खबर है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पासपोर्ट पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो गया है। भारत ने वैश्विक रैंकिंग में 10 अंकों का सुधार किया है और अब वह 75वें स्थान पर काबिज है लेकिन इस बढ़ती ताकत के बीच दो देशों ईरान और बोलीविया ने भारतीयों के लिए एंट्री के नियम कड़े कर दिए हैं।

    रैंकिंग में सुधार, पर दो रास्तों पर लगा ब्रेक
    भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग सुधरने का मतलब है कि दुनिया के देशों के बीच भारत की साख बढ़ी है। हालांकि रैंकिंग में ऊपर चढ़ने के बावजूद यात्रियों के लिए एक झटका भी लगा है। भारत ने ईरान और बोलीविया में मिलने वाली वीजा-फ्री (बिना वीजा एंट्री) की सुविधा खो दी है।

    ईरान: सुरक्षा और मानव तस्करी बनी वजह
    ईरान ने नवंबर 2025 में भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा को खत्म कर दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान में मानव तस्करी और धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे थे। कई भारतीयों को फर्जी नौकरी के बहाने ईरान बुलाया जा रहा था। अब भारतीयों को ईरान जाने से पहले अनिवार्य रूप से वीजा लेना होगा।

    बोलीविया: ई-वीजा का नया चक्कर
    दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने भी अपने नियमों में बदलाव किया है।

  • CM नीतीश ने तेजी से काम करने के निर्देश, पटना में नाला निर्माण का किया निरीक्षण

    CM नीतीश ने तेजी से काम करने के निर्देश, पटना में नाला निर्माण का किया निरीक्षण

    पटना.

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कुर्जी (राजीव नगर नाला) व आनंदपुरी नाला निर्माण योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को तेजी से काम पूरा किए जाने का निर्देश दिया। इस नाला निर्माण योजना के अंतर्गत नाले का पक्कीकरण कर इसके ऊपर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को तेजी से पूर्ण करें।

    इन योजनाओं के पूरा होने पर जलजमाव की समस्या से निजात मिलेगी एवं नाले के ऊपर दो लेन सड़क निर्माण से लोगों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी। शहर भी साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान हमने 21 फरवरी, 2025 को पटना जिले के विकास कार्यों का जायजा लिया था और उस दौरान जिले की कई विकास योजनाओं की घोषणाएं की थीं। उसी समय आनन्दपुरी नाला तथा कुर्जी नाला (राजीव नगर नाला) का निरीक्षण किया था जिसमें काफी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित थे। उनकी समस्याओं को देखते हुए मैंने निर्देश दिया था कि इन नालों को ठीक करते हुए इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जाए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा हो। खुशी है कि इस पर काम किया जा रहा है।

    4.26 किलोमीटर लंबा है नाला
    मालूम हो कि राजीव नगर नाला पटना शहर के जल निकासी हेतु एक महत्वपूर्ण नाला है। इसकी लंबाई 4.26 किलोमीटर है, जो दीघा आशियाना रोड से प्रारंभ होकर कुर्जी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर समाप्त होता है। राजीव नगर नाले का पक्कीकरण एवं इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जा रहा है। वहीं आनन्दपुरी नाला पटना शहर के जल निकासी हेतु एक महत्वपूर्ण नाला है। इसकी लंबाई लगभग चार किलोमीटर है, जो बाबा चौक से शुरू होकर अटल पथ एवं एएन कॉलेज के पास से राजापुर पुल ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर समाप्त होता है। आनन्दपुरी नाले का पक्कीकरण एवं इसके ऊपर सड़क निर्माण किया जा रहा है।

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष परासर, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एस,एम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी

    श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी

    ₹382 करोड़ की योजना में ₹251.82 करोड़ की पहली किस्त जारी

     लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक का किया जा रहा निर्माण

    प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 की होगी, कुल 4,000 महिलाओं को मिलेगा लाभ

    लखनऊ

     शहरी क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में आने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। कुल स्वीकृत धनराशि का 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में जारी किया जा चुका है। इससे निर्माण कार्य को गति मिली है। भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में यह परियोजना संचालित की जा रही है, जिसके लिए कुल ₹382 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

    सीएंडडीएस को दी गई जिम्मेदारी
    प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में सीएंडडीएस को इस परियोजना का कार्यदायी संस्थान नामित किया है। विभागीय स्तर पर भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक समेत कुल आठ छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 महिलाओं की होगी। इस प्रकार कुल 4,000 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

    सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर
    इन छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, भोजनालय, सामान्य बैठक कक्ष तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उद्देश्य यह है कि रोजगार के लिए शहरों में आने वाली महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

    महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम
    गाजियाबाद के सूर्यनगर क्षेत्र में प्रस्तावित छात्रावास के लिए आवश्यक अनुमति के लिए प्रक्रिया जारी है। संबंधित प्राधिकरणों से स्वीकृति प्राप्त होते ही वहां भी निर्माण कार्य पूर्ण गति से शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न उद्योगों, सेवा क्षेत्रों, निजी संस्थानों और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। आवास की कमी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उनके सामने बड़ी समस्या बनती हैं। इस परियोजना के माध्यम से सरकार न केवल सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करा रही है, बल्कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम भी उठा रही है।

    महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
    यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। योगी सरकार का फोकस स्पष्ट है कि आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और उन्हें कार्यस्थल के साथ-साथ आवासीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से समयसीमा के अंदर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि गुणवत्ता और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित हो सके।
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के शहरी श्रमबल को मजबूती मिलेगी और कामकाजी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। सुरक्षित और किफायती छात्रावास व्यवस्था महिलाओं को रोजगार के अवसरों से जुड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

  • जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 2026-27 में 36 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की ओर अग्रसर

    जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 2026-27 में 36 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की ओर अग्रसर

    लखनऊ,

    उत्तर प्रदेश की तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था के पीछे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिससे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिल रही है। इसी अवधि में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में करीब 13 लाख करोड़ रुपये तक सीमित रही  जीएसडीपी  2026-27 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये की ओर अग्रसर है।

    महिला श्रम बल भागीदारी दर में हर 1 प्रतिशत की वृद्धि से सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 0.5 से 1 प्रतिशत तक अतिरिक्त उछाल आता है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में  अर्थशास्त्र का यह सिद्धांत व्यवहार में साबित होता दिख रहा है। यही नहीं, महिला कार्यबल बढ़ने से उत्पादन क्षमता, श्रम उत्पादकता और राज्य के टैक्स बेस तीनों में समानांतर विस्तार हुआ है।

    महिलाएं बनीं ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’
    महिलाओं की आय बढ़ने से घरेलू उपभोग में वृद्धि हुई है, जिससे एमएसएमई गतिविधियों और सेवा क्षेत्र को लगातार गति मिल रही है। ग्रामीण स्वयं सहायता समूह,  डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों से लेकर शहरी सेवा क्षेत्र तक महिलाएं अब ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ की भूमिका निभा रही हैं।

    ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह आसान करेंगी महिलाएं
    नीतिगत स्तर पर महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश में आर्थिक भागीदारी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रहेगी।

  • 20 फीट ऊंचे शिवलिंग पर हॉट एयर बैलून से पुष्प वर्षा, आस्था और आध्यात्म का संगम

    20 फीट ऊंचे शिवलिंग पर हॉट एयर बैलून से पुष्प वर्षा, आस्था और आध्यात्म का संगम

    हिसार.

    आस्था, अध्यात्म और उल्लास से सराबोर वातावरण में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती के अवसर पर बालसमंद रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज पीस पैलेस में शनिवार को महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत दो दिवसीय महादेव से महामिलन महामेले का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में उत्साह और श्रद्धा का ऐसा संगम दिखा, जिसने श्रद्धालुओं के मन को आनंद से भर दिया।

    इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज हिसार की संचालिका बीके रमेश कुमारी दीदी उपस्थित रही। इस आध्यात्मिक महोत्सव में हरियाणा सहित पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचें। आकर्षण का केंद्र बना 20 फीट ऊंचा दिव्य महाशिवलिंग, जिसके दर्शन मात्र से वातावरण शिवमय हो उठा। कार्यक्रम में सबसे मनोहारी झलक तब देखने को मिली जब हाट एयर बैलून से महाशिवलिंग पर पुष्प वर्षा की गई। आकाश से बरसते पुष्पों के इस अलौकिक दृश्य को लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में संजोया। इंटरनेट मीडिया फेसबुक व इंस्टाग्राम पर साझा कर अपने प्रियजनों तक शिवभक्ति की अनुभूति पहुंचाई।

    महोत्सव में आध्यात्मिक ज्ञान और आत्मिक शांति से जुड़े अनेक आकर्षक आयाम भी प्रस्तुत किए गए। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, माइंड स्पा, एबीसीडी का आध्यात्मिक रहस्य, तीन लोक की सैर, निश्शुल्क स्ट्रेस लेवल टेस्टिंग तथा वैल्यू गेम्स जैसी गतिविधियों ने सहभागियों को रोमांचक अनुभव के साथ आत्मचिंतन की ओर प्रेरित किया। खेलों और संवादों के माध्यम से सकारात्मक-नकारात्मक विचारों की पहचान कर, स्वयं को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ने का सशक्त संदेश दिया गया।