Author: NewseDay

  • साल का पहला सूर्य ग्रहण: रिंग ऑफ फायर क्या है और क्यों माना जाता है खास?

    साल का पहला सूर्य ग्रहण: रिंग ऑफ फायर क्या है और क्यों माना जाता है खास?

    सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर लगता है. कल यानी 17 फरवरी को फाल्गुन माह की अमावस्या मानाई जाएगी. साथ ही कल साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. सूर्य को ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा. ये वलयाकार सूर्य ग्रहण रहने वाला है. इसे विज्ञान अपनी भाषा में रिंग ऑफ फायर कहता है. ये सूर्य ग्रहण बहुत ही विशेष है.

    ये सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आने वाला है और न ही इसका सूतक काल भारत में माना जाएगा, लेकिन लोगों के मन में सवाल है कि ये रिंग ऑफ फायर क्या है और ये सूर्य ग्रहण विशेष क्यों हैं?

    क्या है रिंग ऑफ फायर?
    NASA के अनुसार, जब धरती से चंद्रमा की दूरी सबसे अधिक होती है और उस दौरान सूर्य ग्रहण लगता है, तो चंद्रमा दूर होने की वजह से सूर्य को पूरी तरह से ढक पाने में असफल रहता है. इसलिए आकार में छोटा नजर आता है. ऐसे में सूर्य का बीच वाला भाग काला दिखता है और उसके चारों ओर रौशनी की पतली चमकदार घेरा बन जाता है. ये चमकदार घेरा आग की अंगूठी जैसा नजर आता है. इसे ही रिंग ऑफ फायर कहते हैं.

    दूसरा, वलयाकार या कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के समय सूर्य, चंद्रमा और धरती एक सीध में होते हैं और चंद्रमा सूर्य के मध्य भाग को ढक लेता है. इस स्थिति में सूर्य एक रिंग जैसा दिखने लगता है.

    सूर्य ग्रहण क्यों है विशेष?
    साल 2026 का ये सूर्य ग्रहण इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि ये शनि देव की राशि कुंभ में और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है. सूर्य के साथ-साथ इस राशि में राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी मौजूद रहने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि सूर्य और राहु के एक साथ किसी राशि में रहने पर ग्रहण योग निर्मित होता है. कुंभ राशि में राहु और सूर्य की युति को परंपरागत तौर पर अशुभ माना जाता है.

    कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण
    भारतीय समय के अनुसार, सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर ये खत्म होगा. ये सूर्य ग्रहण कुल 04 घंटे 32 मिनट तक रहेगा.

  • सोने-चांदी की बाजार गिरावट जारी, चांदी हुई ₹1.84 लाख सस्ती, आज 8,000 रुपये फिसली

    सोने-चांदी की बाजार गिरावट जारी, चांदी हुई ₹1.84 लाख सस्ती, आज 8,000 रुपये फिसली

     नई दिल्ली
    सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम नजर आईं. बीते सप्ताह मामूली उछाल के बाद कारोबार की शुरुआत में ही 1 Kg Silver Price 8,000 रुपये से ज्यादा फिसल गया और अपने हाई से अब तक चांदी के भाव में गिरावट को देखें, तो ये 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. वहीं Gold Rate भी चांदी की तरह ही गिर गया है. एक झटके में सोना 1700 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया. 

    अब कितना रह गया 1Kg चांदी का भाव? 
    सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी पिछले बंद के मुकाबले अचानक 8,857 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई. बता दें कि बीते शुक्रवार को MCX Silver Price 2,44,360 रुपये पर क्लोज हुआ था और इसकी तुलना में ये गिरकर 2,35,503 रुपये के लेवल पर आ गया. 

    अपने हाई से कितनी सस्ती मिल रही Silver?
    बात अगर चांदी के हाई लेवल से करें, तो अब चांदी काफी सस्ती हो चुकी है. बता दें कि बीते 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत रॉकेट सी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े के पार निकली थी और कारोबार के अंत में 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई रिकॉर्ड बना दिया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Silver Price Crash होने का सिलसिला शुरू हुआ और एक-दो दिनों को छोड़कर ये तेजी से फिसली है. चांदी फिलहाल अपने हाई लेवल से 1,84,545 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट चुकी है. ये तगड़ी गिरावट चांदी के हाई छूने के बाद महज 17 दिन में देखने को मिली है. 

    Gold Rate भी अचानक फिसला 
    चांदी के साथ-साथ गोल्ड रेट भी सोमवार को खुलने के साथ ही बुरी तरह फिसला है. MCX पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का भाव बीते शुक्रवार को 1,55,895 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और इसकी तुलना में ये खुलते ही गिरते हुए 1,54,191 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो 10 Gram 24 Karat Gold 1,704 रुपये सस्ता हो गया है. 

    सोना अपने हाई लेवल से इतना सस्ता 
    अब सोने के हाई लेवल से अब तक आई गिरावट की बात करें, तो चांदी की तरह ही Gold Rate भी बीते 29 जनवरी को ही अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था. सोने का वायदा भाव तेज रफ्तार के भागते हुए 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था और यहां से इसमें तेज गिरावट देखने को मिली है. सोमवार की ओपनिंग गिरावट को देखें, तो अब तक Gold Price 38,905 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुआ है. 

  • T20 World Cup में पकिस्तान को दी है करारी हार, CM विष्णुदेव साय ने टीम इंडिया को दी बधाई

    T20 World Cup में पकिस्तान को दी है करारी हार, CM विष्णुदेव साय ने टीम इंडिया को दी बधाई

    रायपुर.

    महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रनों से पराजित कर राष्ट्र का मान बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने संयम, रणनीति और उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए यादगार जीत दर्ज की। यह क्षण करोड़ों देशवासियों के लिए गर्व, उत्साह और उल्लास का अवसर है।

        महाशिवरात्रि पर महाविजय की हार्दिक बधाई!

        आज श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रनों से पराजित कर राष्ट्र का मान बढ़ाया है।

        हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने पाकिस्तान पर दबदबा कायम रखते हुए एक और यादगार जीत… 
        — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 15, 2026

    मुख्यमंत्री साय ने भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को इस गौरवपूर्ण सफलता के लिए हार्दिक बधाई देते हुए आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

  • एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में बढ़ाया मान, रेवाड़ी की चहक ने जीता रजत पदक

    एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में बढ़ाया मान, रेवाड़ी की चहक ने जीता रजत पदक

    चंडीगढ़.

    नई दिल्ली स्थित डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में रेवाड़ी जिले की चहक यादव ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। रेवाड़ी के पी.एम. श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 12वीं कक्षा की छात्रा चहक यादव ने 10 मीटर ऐयर पिस्टल यूथ महिला वर्ग में 600 में से 574 अंक हांसिल कर रजत पदक और भारतीय टीम की प्रतिभागी में यह स्वर्ण पदक हासिल किया है।

    इस उपलब्धि से चहक यादव ने न केवल अपने जिला रेवाड़ी अपितु हरियाणा व देश का नाम रोशन किया है। चहक यादव हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत सुनील कुमार की पुत्री है। डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज नई दिल्ली में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में एशिया महाद्वीप के 20 देशों के लगभग 300 खिलाडिय़ों ने अलग-अलग वर्गों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह जानकारी चहक यादव के कोच रमन राव ने दी। उन्होंने बताया कि चहक यादव 12 वर्ष की आयु से उनकी शूटिंग स्पोर्ट्स अकेडमी में शूटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।

  • पंजाब में कल से होगी बारिश, मौसम बदलने से 29 डिग्री पर पहुंचा तापमान

    पंजाब में कल से होगी बारिश, मौसम बदलने से 29 डिग्री पर पहुंचा तापमान

    लुधियाना.

    पंजाब में पिछले दो सप्ताह से मौसम लगातार साफ है। मौसम साफ रहने से दिन में धूप खिल रही है। धूप की वजह से दिन का तापमान भी बढ़ने लगा है। फरवरी में मार्च के आखिरी दिनों जैसी गर्मी महसूस होने लगी है। बढ़ता तापमान गेहूं की फसल को प्रभावित कर सकता है। रविवार को फरीदकोट में दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

    जबकि लुधियाना, बठिंडा व पटियाला में तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं, फिरोजपुर में 26.5 डिग्री सेल्सियस, चंडीगढ़ में 26.4 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर में 26.8 डिग्री सेल्सियस, मोहाली में 26.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। तीनों जिलों में दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक था। उधर एसबीएस नगर में 25.0 डिग्री सेल्सियस व होशियारपुर में 25 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इन जिलों में दिन का तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

    पिछले एक सप्ताह से कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक चल रहा है। जबकि रात का तापमान तीन दिनों से कई जिलों में सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। रात में मोहाली में सबसे अधिक 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक था। पटियाला में रात का तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं, लुधियाना में रात का तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से 3.0 डिग्रीसेल्सियस अधिक था। जबकि बठिंडा में रात का तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस व फरीदकोट में 11.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    चंडीगढ़ में 10.8 डिग्री, अमृतसर में 8.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार से पंजाब में मौसम बदलेगा। हिमाचल व जम्मू कश्मीर के उपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में 17 व 18 फरवरी को बादल छाएं रहने, बूंदाबांदी व हल्की वर्षा की संभावना है।

  • युवाओं के पास नौकरी पाने का मौका, सरगुजा में संभागीय रोजगार मेला आज से

    युवाओं के पास नौकरी पाने का मौका, सरगुजा में संभागीय रोजगार मेला आज से

    जशपुर.

    प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिकाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरगुजा में 16 और 17 फरवरी 2026 को संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा. जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि मेला में सहभागिता के लिए ऑनलाइन पोर्टल erojgar.cg.gov.in या छत्तीसगढ़ रोजगार एप में ऑनलाईन पंजीयन कर सकते है.

    ऐसे आवेदक जिन्होनें ऑनलाईन पोर्टल erojgar.cg.gov.in या छत्तीसगढ़ रोजगार एप में रोजगार पंजीयन एवं रोजगार मेला हेतु पंजीयन नहीं करवाया है, वे पोर्टल पर अपना पंजीयन करवा सकतें है. एवं अपने समस्त शैक्षणिक योग्यता, पासपोर्ट साईज फोटो, पहचान पत्र, अनुभव प्रमाण पर इत्यादि दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि को उपस्थित हो सकतें है. अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय जशपुर से सम्पर्क किया जा सकता है.

  • प्यार की राह में धर्म बदला, मुस्लिम युवती मिस्बा अहमद ने हिंदू युवक के लिए अपनाया नया नाम मनीषा

    प्यार की राह में धर्म बदला, मुस्लिम युवती मिस्बा अहमद ने हिंदू युवक के लिए अपनाया नया नाम मनीषा

    लुधियान 
    कहते हैं कि मोहब्बत न तो जाति देखती है और न ही धर्म। सच्ची मोहब्बत करने वाले सामाजिक और परिवार की बेड़ियों को भी तोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही मामला यूपी के अलीगढ़ से सामने आया है। यहां पंजाब के लुधियाना की एक युवती ने अलीगढ़ के हिंदू युवक की मोहब्बत में अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। मिस्बा अहमद से मनीषा बनी युवती ने अलीगढ़ में अपने धर्म परिवर्तन का प्रार्थना पत्र दिया है। मामला जिले में उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया पहला केस है।

    पंजाब के लुधियान आजाद नगर खन्ना निवासी मिस्बा अहमद ने एक धर्म से दूसरे धर्म में आशायित संपरिवर्तन के संबंध में यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र प्रशासन को दिया है। जिसमें मिस्बा ने स्वेच्छा से मुस्लिम से हिन्दू धर्म परिवर्तन करने की जानकारी दी गई है। युवती ने पिछले दिनों हिन्दू धर्म में वापिसी का शपथ पत्र दिया और प्रयागराज में एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर धर्म परिवर्तन भी कर लिया। मिस्बा अब मनीषा के नाम से पहचानी जाएगी। टप्पल निवासी युवक की मोहब्बत में मिस्बा ने ऐसा किया। टप्पल के गांव बैना निवासी युवक के परिजन धर्म परिवर्तन के साक्षी बने। अब धर्म परिवर्तन को विधिवत रजिस्टर्ड किया जाएगा। प्रशासन इस मामले की कार्रवाई में तैयारी शुरू कर दी है।
    2020 में लागू हुआ था अधिनियम

    यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 27 नवंबर 2020 को उत्तर प्रदेश में लागू हुआ था। अधिनियम के तहत जबरन धर्म परिवर्तन करने वालों पर सख्त कार्यवाही का भी प्रावधान है।
    धर्म परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया

    नोटरीकृत हलफनामा तैयार किया जाता है जिसमें नाम, पुराना पता, पुराना धर्म, और नया धर्म दर्ज हो। धर्म परिवर्तन केवल अपनी मर्जी से होना चाहिए। लालच, जबरदस्ती, या विवाह के बहाने (केवल शादी के लिए) किया गया धर्मांतरण गैरकानूनी है। यदि प्रशासन को लगता है कि जबरन धर्म परिवर्तन हुआ है, तो पुलिस जांच की जा सकती है। जबरन या अवैध तरीके से धर्मांतरण के मामलों में 1 से 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
    एक सप्ताह पहले संभल में युवती ने बदला था धर्म

    एक सप्ताह पहले संभल में इसी तरह का मामला सामने आया था। यहां एक युवती हिंदू प्रेमी के लिए घर वालों से बाग बन गई थी। परिवार वालों की मर्जी न होने के बाद उसने धर्म परिवर्तन करके हिंदू युवक से शादी कर ली थी। यही नहीं उसने अपना नाम भी बदल लिया था। हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के नवाड़ा गांव निवासी समरीन और अंकित एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। शादी करने के लिए तैयार नहीं हुए तो 27 जनवरी को समरीन घर छोड़कर अंकित के घर पहुंची और उसके साथ रहने की इच्छा जताई। समरीन के घर से जाने पर उसकी मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और अदालत में पेश किया। अदालत में दोनों ने खुद को बालिग बताया। समरीन ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी इच्छा से अंकित के साथ रहना और विवाह करना चाहती है। 2 फरवरी को बयान दर्ज होने के बाद सीडब्ल्यूसी ने युवती को अंकित के सुपुर्द करने का आदेश दिया। सीडब्ल्यूसी के आदेश के बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। विवाह के उपरांत समरीन ने हिंदू धर्म अपनाते हुए अपना नाम रूही रख लिया। अंकित के परिवार ने उसे स्वीकार कर लिया है।

  • असम कांग्रेस के लिए नया संकट, रिपुन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दिया

    असम कांग्रेस के लिए नया संकट, रिपुन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दिया

    गुवाहाटी

    असम में अगले कुछ महीनों में ही चुनाव होने वाले हैं और उससे ठीक पहले कांग्रेस को करारा झटका लगा है। पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सभी पदों के साथ ही प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। रिपुन बोरा ने 2021 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से तब इस्तीफा दे दिया था, जब कांग्रेस की करारी हार हुई थी। वह राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके थे। तरुण गोगोई सरकार के दो कार्यकालों में वह लगातार मंत्री रहे और पहली बार 2001 में विधायक चुने गए थे।

    वह असम कांग्रेस के करीब 5 सालों तक प्रदेश अध्यक्ष रहे थे। 2016 में उन्हें पार्टी की कमान मिली थी। इसी साल वह राज्यसभा के लिए भी चुने गए थे, जिसका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआ था। उन्होंने 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी और टीएमसी का हिस्सा बन गए थे। हालांकि 2024 में वह फिर से कांग्रेस में लौट आए। कांग्रेस में वापसी के बाद भी वह ज्यादा चर्चा में नहीं थे। ऐसे में उनका इस्तीफा अहम है और माना जा रहा है कि कांग्रेस को इसका नुकसान हो सकता है। राज्य में चुनाव प्रचार अगले कुछ दिनों में जोर पकड़ सकता है, जबकि हिमंत बिस्वा सरमा काफी ऐक्टिव हैं। उनका एक वीडियो भी इन दिनों चर्चा में है।

  • Bihar Teacher Recruitment Update: TET खत्म, मास्टर बनने के लिए CTET जरूरी

    Bihar Teacher Recruitment Update: TET खत्म, मास्टर बनने के लिए CTET जरूरी

    पटना 

    बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि राज्य में अब प्रारंभिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8) के लिए 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) का आयोजन नहीं किया जाएगा। विभाग के इस निर्णय के बाद, अब बिहार के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए केवल 'केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा' (CTET) के आधार पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

    क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
    शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली सीटेट (CTET) परीक्षा हर साल नियमित रूप से होती है। राज्य सरकार का मानना है कि सीटेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पर्याप्त है, जिससे शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकता है।

    शिक्षा विभाग ने लगभग तीन साल पहले ही टीईटी के आयोजन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उस समय विभाग ने कहा था कि तत्काल प्रभाव से यह परीक्षा नहीं ली जाएगी, लेकिन भविष्य में इसके आयोजन की संभावना खुली रखी गई थी। हालांकि, अब विभाग ने पूर्ण रूप से यह तय कर लिया है कि सीटेट से ही योग्य शिक्षक मिल रहे हैं, इसलिए अलग से राज्य स्तरीय टीईटी कराने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

    राज्य में टीईटी का इतिहास
    बिहार में अब तक केवल दो बार ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से टीईटी का आयोजन किया गया है। पहली बार वर्ष 2011 में और दूसरी बार वर्ष 2017 में यह परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा के जरिए दो स्तरों पर शिक्षकों की योग्यता जांची जाती थी:

    प्राथमिक कक्षा (1 से 5): छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन।

    उच्च प्राथमिक कक्षा (6 से 8): मध्य विद्यालयों के लिए शिक्षकों की पात्रता का निर्धारण।

    छात्रों और अभ्यर्थियों पर क्या होगा असर?
    इस फैसले का सबसे सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो विशेष रूप से बिहार टीईटी (BTET) की तैयारी कर रहे थे। अब उन्हें अपनी रणनीति बदलनी होगी और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित होने वाली सीटेट (CTET) परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करना होगा। सरकार के इस फैसले से चयन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और बार-बार परीक्षा आयोजित करने का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा।

    शिक्षा विभाग के इस कदम से यह भी स्पष्ट हो गया है कि आने वाली शिक्षक बहालियों में केवल वही छात्र हिस्सा ले पाएंगे जिन्होंने सीटेट के पेपर-1 (कक्षा 1-5 के लिए) या पेपर-2 (कक्षा 6-8 के लिए) में सफलता हासिल की है।

  • MP विधानसभा में बजट सत्र: राज्यपाल ने मोहन सरकार की उपलब्धियां साझा कीं, बजट की अहम जानकारियां जारी

    MP विधानसभा में बजट सत्र: राज्यपाल ने मोहन सरकार की उपलब्धियां साझा कीं, बजट की अहम जानकारियां जारी

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से शुरुआत हो गई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया।

    अपने संबोधन में राज्यपाल ने सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी जाएगी।

    इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।

    6 मार्च तक चलेगा सत्र

    सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव होगा। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे।

    जानिए बजट में क्या मिलने वाला है

    मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है और सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा।

    सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट सिर्फ एक साल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भविष्य की एक विस्तृत वित्तीय योजना होगी, जिसमें पूंजीगत व्यय बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10% की औसत वार्षिक वृद्धि दर हुई है।

    इसे देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट का आकार 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, पोषण, किसान, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।

    बजट में करीब 1.40 करोड़ बच्चों को मिड डे मील में टेट्रा पैक दूध देने से लेकर, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और 'सीएम केयर' योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा देने जैसी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। पढ़िए, इस बजट में क्या खास रहने वाला है…

    स्वास्थ्य: 'सीएम केयर' से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार इस बजट में सरकार 'सीएम केयर' योजना की घोषणा कर सकती है, जिसका मकसद प्रदेश में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।

        स्टेट कार्डियक सेंटर और अंग प्रत्यारोपण संस्थान: बजट में एक अत्याधुनिक स्टेट कार्डियक सेंटर और एक अंग प्रत्यारोपण संस्थान बनाने की घोषणा हो सकती है, जहां लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़े और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध होगी।

        मेडिकल कॉलेजों में इलाज: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के मेडिकल कॉलेजों में ऑन्कोलॉजी (कैंसर), ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी जैसे सुपर-स्पेशलिटी विभाग शुरू किए जा सकते हैं।

        बजट और लागत: इस महत्वाकांक्षी योजना पर अगले पांच सालों में 2,000 करोड़ रुपए खर्च होने का प्रारंभिक अनुमान है, जो परियोजना के आगे बढ़ने पर और बढ़ सकता है।

        नए मेडिकल कॉलेज: सीहोर (बुधनी), दमोह और छतरपुर में केंद्र सरकार के सहयोग से नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया जा सकता है।

    वेलनेस टूरिज्म: 12 आस्था स्थल बनेंगे, पर्यटन और आरोग्य का संगम मध्य प्रदेश अब वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। प्रदेश के 12 स्थलों को आस्था, पर्यटन और आरोग्य के संगम के रूप में विकसित किया जा सकता है।

        चयनित स्थल: उज्जैन, ओंकारेश्वर, खजुराहो, पचमढ़ी, सिंगरौली, चित्रकूट, चंदेरी, मंदसौर, आलीराजपुर, ओरछा, आगर मालवा और दतिया।

        सुविधाएं: इन स्थलों पर 10-10 बेड के झोपड़ीनुमा डीलक्स अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां पर्यटक पंचकर्म, योग और ध्यान जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों से उपचार करा सकेंगे।

        आयुष वीजा: सबसे खास बात यह है कि मध्य प्रदेश, केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बनने जा रहा है जो वेलनेस टूरिज्म को आयुष वीजा से जोड़ेगा। इससे विदेशी पर्यटक सीधे वेलनेस के लिए वीजा लेकर यहां आ सकेंगे।

        उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स: देश के तीन प्रस्तावित आयुर्वेद AIIMS में से एक उज्जैन में स्थापित किए जाने की कोशिश है, यदि ऐसा हुआ तो ये प्रदेश को आयुर्वेदिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में एक नई पहचान देगा।

    पोषण एवं शिक्षा: बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध पहली से आठवीं तक के 98.37 लाख बच्चे और आंगनवाड़ियों में 3 से 6 साल की उम्र के 48 लाख बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मध्यान्ह भोजन के साथ इस भी बच्चों को ट्रेटा पैक दूध भी दिए जाने की योजना है। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत विभाग मप्र दुग्ध महासंघ के साथ एमओयू साइन करेगा।

        टेट्रा पैक दूध की खासियत: यह दूध अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) तकनीक से कीटाणु रहित किया जाता है और इसे 6-परतों वाली एयर-टाइट पैकेजिंग में सील किया जाता है। इससे यह बिना फ्रिज के 6-9 महीने तक सुरक्षित और ताजा रहता है, जो इसे दूर-दराज के इलाकों में वितरण के लिए आदर्श बनाता है।

        शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा हो सकती है। साथ ही, जबलपुर स्थित धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दूसरे चरण के निर्माण के लिए 197 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा सकता है।

    किसानों के लिए: सिंचाई से लेकर भावांतर तक किसानों को साधने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।

        सिंचाई: सिंचाई क्षमता को साढ़े सात लाख हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सिंचाई बजट को 17,214 करोड़ से बढ़ाकर 19-20 हजार करोड़ रुपये किया जा सकता है। राजगढ़ की सुल्तानपुर और बरेली की बारना जैसी नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।
        भावांतर और जैविक खेती: सोयाबीन के साथ अन्य नकदी फसलों पर भी भावांतर योजना की घोषणा हो सकती है। जैविक खेती करने वाले किसानों को शुरुआती नुकसान की भरपाई के लिए प्रोत्साहन राशि और जैविक उत्पादों के लिए विशेष मंडियां विकसित करने की भी घोषणा की जा सकती है।
        WINDS कार्यक्रम: फसल बीमा योजना को और प्रभावी बनाने के लिए WINDS (वेदर इंफॉर्मेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम) कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए 434 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे मौसम के सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे।

    इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और शहरों का कायाकल्प

        मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना: इस योजना को 2026-27 तक जारी रखने के लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा सकती है।
        बड़वाह-धामनोद 4-लेन: इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण के लिए भू-अर्जन सहित 2,508 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है।
        ग्रामीण सड़कें: ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन के लिए अगले पांच साल तक 10,196 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया जा सकता है। इसमें विशेष जनजातीय क्षेत्रों के लिए भी सड़कें और पुल शामिल हैं।
        अमृत योजना: शहरों में सीवेज और पाइपलाइन नेटवर्क के लिए केंद्र और राज्य मिलकर 5,000 करोड़ रुपए खर्च कर सकते हैं।
        मेट्रोपोलिटन रीजन: भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन रीजन के तौर पर विकसित करने के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिलने की संभावना है।

    कर्मचारी और युवा: वेतन वृद्धि से लेकर 50 हजार नौकरियों तक

        कर्मचारियों के लिए: सरकार ने वेतन, भत्ते और स्थायी व्यय की गणना के लिए एक नया फॉर्मूला तैयार किया है, जिसमें 3% वार्षिक वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते की गणना 74%, 84% और 94% के हिसाब से होगी। 50 साल पुराने पेंशन नियम में संशोधन कर 25 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियों को भी परिवार पेंशन का पात्र बनाया गया है।

        युवाओं के लिए: सरकार अगले एक साल में 50,000 नई नौकरियों का ऐलान कर सकती है। विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) के लिए बजट में 30% से अधिक की वृद्धि की जा रही है।

    पहली बार 'रोलिंग बजट': एक बजट, तीन साल की योजना इस बार मध्य प्रदेश सरकार एक नई पहल करते हुए विधानसभा में पहली बार रोलिंग बजट पेश करेगी। यह एक क्रांतिकारी कदम है, जिसमें सरकार एक साथ तीन वित्तीय वर्षों (2026-27 से 2028-29) की वित्तीय योजना पेश करेगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे अगले विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी के तौर पर देख रहे हैं।

    हालांकि, सरकार का तर्क है कि इस व्यवस्था से योजनाओं पर होने वाले खर्च पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा और उनकी लगातार समीक्षा संभव होगी, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा।

    एक छत के नीचे आएंगी समान प्रकृति की योजनाएं बजट में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब हर योजना के लिए यह स्पष्ट करना होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे मिलेगा और उसका सामाजिक व आर्थिक प्रभाव क्या होगा। इस प्रक्रिया में, कई गैर-प्रभावी योजनाओं को समाप्त किया जा रहा है और समान प्रकृति की योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है।

    किसानों, महिलाओं, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक ही छतरी के नीचे लाकर बजट का प्रावधान किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।