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  • दिल्ली की महिलाओं के लिए खुशखबरी! ‘लक्ष्मी योजना’ पर CM रेखा गुप्ता का नया अपडेट

    दिल्ली की महिलाओं के लिए खुशखबरी! ‘लक्ष्मी योजना’ पर CM रेखा गुप्ता का नया अपडेट

    नई दिल्ली

     ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ में आवेदन करने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नया अपडेट दिया है। इस ताजा जानकारी के मुताबिक, माताओं-बहनों को अब इस योजना की पहली किस्त के लिए ज्यादा इंजतार नहीं करना पड़ेगा। कल से ही पात्र महिलाओं को इसके स्वीकृति पत्र मिलने लगेंगे। बता दें कि, दिल्ली में अब तक लाखों महिलाएं लक्ष्मी योजना में आवेदन कर चुकी हैं। दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 21-60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, ''26 अगस्त का दिन दिल्ली की लाखों महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और अपने सपनों को आगे बढ़ाने की नई शक्ति लेकर आएगा। ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को स्वीकृति पत्र मिलेंगे और 1 सितंबर से हर महीने ₹2,500 सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेंगे, जो जरूरतों का संबल बनेंगे, सपनों को नई हिम्मत देंगे और दिल्ली की बहनों को अपने फैसले आत्मविश्वास के साथ लेने की शक्ति देंगे। ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को मिल रहा अभूतपूर्व उत्साह अपने आप में बहुत कुछ कहता है। लाखों महिलाएं पहले ही रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं और बड़ी संख्या में बहनें लगातार इस सशक्तिकरण की यात्रा से जुड़ रही हैं। रजिस्ट्रेशन खुले हैं। आप भी जुड़िए और आत्मनिर्भरता की इस नई शुरुआत का हिस्सा बनिए।''

    दिल्ली लक्ष्मी योजना में राजधानी की सभी गरीब और पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने 1 अगस्त को इस योजना की शुरुआत की थी। महिलाओं को 2500 रुपये महीना देने वाली यह योजना दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक थी।

    कौन-कौन कर सकता है आवेदन
    योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, 21 से 60 साल तक की वे महिलाएं आवेदन कर सकेंगी, जिनके परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपये तक है। योजना के नियमों के अनुसार, किसी भी अन्य वित्तीय सहायता योजना या पेंशन का लाभ ले रही महिलाओं, करदाताओं, सरकारी कर्मचारियों और तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जिन परिवारों की वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, वे भी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। जिन महिलाओं के परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी करता है या किसी सदस्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है या फिर परिवार के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

    कब तक होंगे रजिस्ट्रेशन
    सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी पात्र महिलाएं योजना के तहत दायरे में नहीं आ जातीं। गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान कहा था कि यह दिल्ली सरकार की अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय सहायता योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से करीब 17 लाख महिलाओं के लाभान्वित होने की उम्मीद है तथा इसे तीन वर्षों के लिए लागू किया जाएगा। गुप्ता ने कहा कि परिवार की सबसे बड़ी योग्य महिला को ही आवेदन करने की अनुमति होगी। आवेदकों या उनके माता-पिता या पति को कम से कम 10 साल से दिल्ली का निवासी होना चाहिए, और लाभार्थी को राजधानी में रजिस्टर्ड वोटर होना चाहिए।

    किस तरह मिलेंगे किस्त के पैसे
    इस योजना के तहत लाभार्थियों को दो वित्तीय विकल्प मिलते हैं। पहले विकल्प में, रोजमर्रा के खर्चों के लिए हर महीने 1,000 रुपये 'सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी' वॉलेट में जमा किए जाएंगे, जबकि बाकी 1,500 रुपये आवर्ती जमा (आरडी) या सावधि जमा (एफडी) खाते में जमा किए जाएंगे। दूसरे विकल्प के तहत, 2,500 रुपये की पूरी मासिक सहायता राशि आरडी या एफडी खाते में जमा की जा सकती है, ताकि लाभार्थी ब्याज के साथ लंबी अवधि की बचत कर सकें।

    गौरतलब है कि, पहले इस योजना को दिल्ली कैबिनेट ने शुरू में इस योजना को 'महिला समृद्धि योजना' के तौर पर मंजूरी दी थी, लेकिन बाद में महिलाओं के सम्मान, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण के व्यापक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए इसका नाम बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कर दिया गया।

  • कारीगरों के लिए खुशखबरी! हरियाणा सरकार दे रही ₹10 लाख तक का लोन, जानें शिल्प संपदा योजना की पूरी प्रक्रिया

    कारीगरों के लिए खुशखबरी! हरियाणा सरकार दे रही ₹10 लाख तक का लोन, जानें शिल्प संपदा योजना की पूरी प्रक्रिया

    सिरसा
    पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़े पिछड़े वर्ग के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम की शिल्प संपदा सावधि ऋण योजना एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के तहत राज्य सरकार पात्र शिल्पकारों को अपने व्यवसाय को आधुनिक संसाधनों और नई तकनीक से जोड़ने के लिए 10 लाख रुपये तक का सावधि ऋण उपलब्ध करा रही है।

    योजना के तहत लाभार्थियों को न केवल वित्तीय सहायता दी जाएगी, बल्कि कंप्यूटर, कैड डिज़ाइन और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों का निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे कारीगर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार अपने उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन को बेहतर बना सकेंगे।

    किन्हें मिलेगा लाभ और पात्रता

        आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
        आय सीमा: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक न हो।

        दस्तावेज: आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी हो और पिछड़ा वर्ग से संबंध रखता हो। आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक विवरण और पासपोर्ट फोटो अनिवार्य हैं। पात्र आवेदक निगम के पोर्टल https://hbews.org.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

    निगम के जिला प्रबंधक धर्मेंद्र खोथ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक तंगी के कारण कई हुनरमंद कलाकार अपने पैतृक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पाते। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने और पारंपरिक कला को जीवित रखने में मील का पत्थर साबित होगी।