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  • किसानों को बड़ी राहत! प्रदेश में अब तक 90 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा गया

    किसानों को बड़ी राहत! प्रदेश में अब तक 90 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा गया

    भोपाल 

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 12 लाख 30 हजार 426 किसानों से 90 लाख 8 हजार 469 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 18 हजार 707 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ में से 78 लाख 52 हजार 546 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है।

    मंत्री राजपूत ने बताया है कि गेहूँ उपार्जन 23 मई 2026 तक किया जायेगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

     

  • पंजाब में गेहूं लिफ्टिंग अफवाहों का पर्दाफाश, केंद्र ने साझा किए आंकड़े और ट्रेनें

    पंजाब में गेहूं लिफ्टिंग अफवाहों का पर्दाफाश, केंद्र ने साझा किए आंकड़े और ट्रेनें

    चंडीगढ़ 

    केंद्र सरकार ने पंजाब की मंडियों में भारी भीड़ और गेहूं की लिफ्टिंग न होने को झूठा करार दिया है। अब गेहूं लिफ्टिंग को लेकर केंद्र और सूबे की आप सरकार में तनातनी का माहौल हो गया है। 

    इसके बावजूद मंडियों से गेहूं का उठाव पिछले साल से बेहतर है। इस साल अब तक 78.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 75.63 लाख मीट्रिक टन था। सरकार का कहना है कि आवक कम होने और उठान अधिक होने से यह स्पष्ट है कि इस बार मंडियों में पिछले साल की तुलना में भीड़ कम है और लिफ्टिंग की व्यवस्था ठीक है।

    डायरेक्ट डिलवरी योजना से लिफ्टिंग तेज हुई
    मंडियों में भीड़ कम करने के लिए इस बार सीधी डिलीवरी योजना चलाई गई। अप्रैल में सीधी डिलीवरी के जरिए 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं निकाला गया। मई के लिए 6.6 लाख मीट्रिक टन और जून के लिए 8 लाख मीट्रिक टन की योजना बनाई गई है। केंद्र ने बताया कि आप सरकार के अनुरोध पर गेहूं सीजन में कुल 18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधी डिलीवरी का लक्ष्य रखा गया है, जिससे मंडियों में गेहूं रखने की जगह कम न पड़े।

    413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 अकेले पंजाब को दी
    केंद्र सरकार ने बताया कि रेल मंत्रालय और एफसीआई पंजाब से गेहूं की निकासी के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं। अप्रैल में देशभर में चलीं 413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 अकेले पंजाब को दी गईं। इसी तरह मई में भी उपलब्ध 354 ट्रेनों में से 201 ट्रेनें पंजाब के हिस्से में आई हैं, जो कुल राष्ट्रीय आवागमन का लगभग 60 प्रतिशत है।

    100 अतिरिक्त ट्रेनें पंजाब को आवंटित
    स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश व दक्षिण के राज्यों के लिए मई में 100 अतिरिक्त ट्रेनें पंजाब को आवंटित की गई हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह जमीनी हालात पर नजर रखे हुए हैं और गेहूं की निर्बाध निकासी सुनिश्चित की जा रही है।

     

  • प्रदेश में किसानों के लिए अच्छी खबर, गेहूं उपार्जन की तारीख बढ़ी, जानें ताजा अपडेट

    प्रदेश में किसानों के लिए अच्छी खबर, गेहूं उपार्जन की तारीख बढ़ी, जानें ताजा अपडेट

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन की तारीखों को आगे बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से अबतक अपनी फसलें सरकार को न बेच पाने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। गेहूं उपार्जन व्यवस्था में आ रही दिक्कतों के बीच राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए अहम निर्णय लिए हैं। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्जाट करते हुए कहा कि, जिन किसानों का अब तक स्लॉट नहीं मिल पाया है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी फसल आसानी से बेच सकें।

    आपको बता दें कि, अबतक समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन खरीदी की तारीख 9 मई 2026 निर्धारित थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने बढ़ाकर 23 मई तक कर दिया है। यानी किसान सरकार को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर नई निर्धारित तारीख तक बेच सकते हैं। इसी के साथ, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने प्रदेश में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के भी निर्देश दिए हैं।

    लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा- सीएम
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों को निर्देशानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध करने की व्यवस्था कर स्थितियां सुनिश्चित करें। उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा।

    गेहूं के लिए FAQ क्राइटेरिया में रिलेक्सेशन
    सीएम के निर्देश पर उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्था कर ली गई है। किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज का विक्रय आसानी से कर सकेगा। गेहूं के लिए एफएक्यू मापदंड में शिथिलता प्रदान की गई है। किसानों की उपज की तौल समय पर करने के लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

    खरगोन में सीएम का औचक निरीक्षण
    इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बताया गया कि, महेश्वर प्रवास के दौरान वो अचानक केंद्र पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण भी कर सकते हैं।

    केंद्रों पर की गई ये व्यवस्थाएं
    उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि समेत 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए गेहूं उपार्जन एवं स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है।

    अब तक कितनी गेहूं खरीदी?
    बता दें कि अबतक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस साल युद्ध के विपरीत हालातों के बावजूद किसानों के हित में सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य तय किया है।

  • 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन, 4 लाख 88 हजार किसानों से प्राप्त

    19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन, 4 लाख 88 हजार किसानों से प्राप्त

    4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन

    बड़े एवं मध्यम श्रेणी के 1.60 लाख किसानों ने स्लॉट कराये बुक

    भोपाल 

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2548 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान किए गए हैं। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है।

    विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

    सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं।

    किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं।

    किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है।

    किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।

     

  • गेहूं खरीद आज से शुरू, पंजाब में आढ़तियों की हड़ताल, सरकार ने कमीशन बढ़ोतरी के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था की

    गेहूं खरीद आज से शुरू, पंजाब में आढ़तियों की हड़ताल, सरकार ने कमीशन बढ़ोतरी के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था की

    अमृतसर 

    पंजाब में आज से गेहूं की खरीद शुरू हो रही है लेकिन आढ़तियों की हड़ताल से सीजन पर संकट गहरा गया है। केंद्र ने राज्य को 122 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है जबकि पंजाब सरकार ने 132 लाख मीट्रिक टन खरीद की तैयारी की है। 

    खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आढ़तियों की कमीशन बढ़ाने का मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया था जिसके बाद 4.75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आढ़तियों से हड़ताल खत्म कर खरीद में शामिल होने की अपील की ताकि किसानों को परेशानी न हो।

    मंत्री ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था भी की है ताकि खरीद प्रभावित न हो। उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर बॉर्डर जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है ताकि दूसरे राज्यों से गेहूं लाकर बेचने पर रोक लगाई जा सके।

    राज्य में 1897 खरीद केंद्र अधिसूचित किए गए हैं और 266 अस्थायी यार्ड बनाए गए हैं। एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय है और केंद्र से 30973 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा मिल चुकी है। वहीं आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि 2.50 प्रतिशत कमीशन मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी। 

    बता दें कि आरबीआई ने अप्रैल माह के लिए 20,973 करोड़ की सीसीएल जारी की है। दूसरे राज्यों से अनाज लाकर पंजाब में एमएसपी पर बेचने के मामले में विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आम तौर पर गेहूं के सीजन में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। मुख्य समस्या धान के सीजन में आती है।