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  • दिल्ली में पानी संकट घटेगा, 7000 करोड़ की पाइपलाइन योजना को मिली रफ्तार

    दिल्ली में पानी संकट घटेगा, 7000 करोड़ की पाइपलाइन योजना को मिली रफ्तार

    नई दिल्ली
     रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ डैम से दिल्ली को भविष्य में मिलने वाले $63 एमजीडी कच्चा पानी यहां लाने का खाका सरकार तैयार कर रही है। इसके लिए हरियाणा से दिल्ली तक करीब 102 किमी लंबे पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

    हरियाणा सरकार करेगी पाइपलाइन बिछाने का काम
    पाइपलाइन बिछाने का काम हरियाणा सरकार करेगी जबकि पैसे का भुगतान दिल्ली सरकार करेगी। इस प्रोजेक्ट पर कुल 7,000 करोड़ रुपये खर्च का एस्टिमेट तैयार किया गया है। पाइपलाइन का रूट मैप तैयार करने व अन्य चीजों का पता लगाने के लिए सरकार IIT रुड़की से प्रोजेक्ट का फिजिबिलिटी स्टडी कराएगी।

    तीन नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना
    दिल्ली सरकार के अफसरों के अनुसार वर्तमान में पानी सप्लाई और डिमांड गैप को पूरा करने के लिए जल बोर्ड ने इरादत नगर, छतरपुर और नजफगढ़ में तीन नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना बनाई है। इरादत नगर और छतरपुर में 80-80 एमजीडी और नजफगढ़ में 75 एमजीडी का प्लांट बनाया जाएगा।

    क्या है पाइपलाइन बिछाने का मकसद
    तीनों प्लांट के निर्माण में तीन साल का वक्त लगेगा और प्लांट से करीब 235 एमजीडी पानी सप्लाई होगा। इन तीनों प्लांटों के लिए जल बोर्ड को तब पानी की जरूरत होगी। इसके लिए सरकार ने हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से दिल्ली तक करीब 102 किमी लंबा पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की योजना बनाई है। पाइपलाइन बिछाने का मकसद यह है कि जितना पानी डैम से दिल्ली के लिए मिले, उसमें से थोड़ा भी पानी का नुकसान न हो।

    हर रोज हरियाणा से कितना पानी आता है दिल्ली
    रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ डैम के बनने के बाद दिल्ली को 863 एमजीडी पानी मिलेगा, जिसे दिल्ली लाने के लिए डीएसबी और सीएलसी नहर के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। दोनों नहरों से रोजाना 1158 क्यूसेक पानी हरियाणा से आ रहा है। जिसमें सीएलसी से 719 और डीएसबी नहर से 439 क्यूसेक पानी दिल्ली आता है। डीएसबी नहर में पानी का नुकसान 30 से 35 प्रतिशत और सीएलसी से पानी नुकसान 5 प्रतिशत है।

  • सुखबासुपारा में बदली तस्वीर: नलकूप से दूर हुआ पेयजल संकट, ग्रामीणों ने जताई खुशी और आभार

    सुखबासुपारा में बदली तस्वीर: नलकूप से दूर हुआ पेयजल संकट, ग्रामीणों ने जताई खुशी और आभार

    रायपुर.

    प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत देने के लिए प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम सपघरा के सुखबासुपारा में नलकूप खनन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

    उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर पेयजल समस्या के समाधान की मांग की थी। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नलकूप खनन कराया, जिससे अब ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल गई है। नलकूप शुरू होने के साथ ही गांव में खुशी का माहौल है। अब लोगों को पानी के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने इस त्वरित पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन का आभार जताते हुए इसे भीषण गर्मी के बीच बड़ी सौगात बताया है।

  • Water Crisis in Mumbai: 5-6 मई को BMC की सप्लाई बंद, जानिए कौन-कौन से इलाके रहेंगे सूखे

    Water Crisis in Mumbai: 5-6 मई को BMC की सप्लाई बंद, जानिए कौन-कौन से इलाके रहेंगे सूखे

    मुंबई
    मुंबई नगर निगम (BMC) ने शहर के पानी सप्लाई सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अमर महल में तैयार नए वॉटर टनल को मुख्य लाइन से जोड़ने के काम के चलते 5 मई (मंगलवार) सुबह 10 बजे से 6 मई (बुधवार) दोपहर 4 बजे तक करीब 30 घंटे पानी सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। इस पानी कटौती का असर दक्षिण और मध्य मुंबई के छह वार्डों पर पड़ेगा।

    किन इलाकों में रहेगा पानी बंद
    30 घंटे तक पानी की कटौती का असर मुंबई के माटुंगा, सायन, वडाला, परेल, शिवड़ी, कुर्ला, साकीनाका, गोवंडी, मानखुर्द, चेंबूर, घाटकोपर और विद्याविहार समेत कई इलाकों पर पड़ेगा।

    बीएमसी के अनुसार, यह कटौती एफ/नॉर्थ (माटुंगा, सायन, वडाला), एफ/साउथ (परेल, शिवडी), एल वार्ड (कुर्ला, साकी नाकी), एम/ईस्ट (गोवंडी, मानखुर्द), एम/वेस्ट (चेंबूर) और एन वार्ड (घाटकोपर, विद्याविहार) के कई इलाकों को प्रभावित करेगी।

    क्यों जरूरी है यह काम
    बीएमसी ने बताया कि अमर महल में तैयार नई वॉटर टनल अब मुख्य जल आपूर्ति नेटवर्क से जोड़ी जा रही है। इससे शहर के पूर्वी उपनगरों में पानी सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा और भविष्य में पानी की कमी जैसी समस्याओं को कम किया जा सकेगा। इस परियोजना के तहत 1,800 मिमी व्यास की एक सुरंग का निर्माण किया जाएगा, साथ ही उससे जुड़े अन्य सहायक कार्य भी किए जाएंगे। इस दौरान बीएमसी तुर्भे के हाई-लेवल और लो-लेवल जलाशयों से मौजूदा सुरंगों के जरिए होने वाली जल आपूर्ति बंद देगी।

    प्रभावित इलाकों की पूरी सूची-
    एफ/नॉर्थ वार्ड –
    प्रतीक्षा नगर, शास्त्री नगर, संजय गांधी नगर, शांति नगर, एच एम रोड, के डी गायकवाड़ नगर, वडाला ट्रक टर्मिनस, न्यू कफ परेड, आल्मेडा कॉम्प्लेक्स, सायन (पूर्व) और सायन (पश्चिम) ।

    एफ/साउथ वार्ड-
    डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग, दिनशॉ पेटीट मार्ग, डॉ. आर. एस. अर्नेस्ट बोर्जेस मार्ग, परमार गुरुजी मार्ग, गोखले मार्ग, दादासाहेब फाल्के मार्ग, गोविंदजी केणी मार्ग, जेरबाई वाडिया मार्ग, बी. जे. देवरुखकर मार्ग, सेंट पॉल मार्ग, सेंट जेवियर मार्ग, खशाबा मार्ग, महादेव पालव मार्ग, जीजीभॉय लेन, आचार्य डोंडे मार्ग, विठ्ठल चव्हाण मार्ग, जगन्नाथ भातणकर मार्ग, बाटलीवाला गली, चामर बाग मार्ग, आई माई मेरवानजी मार्ग, शिरोडकर मार्ग, चिवड़ा गली, साने गुरुजी मार्ग, आनंद मालवणकर मार्ग, गैस कंपनी गली।

    एल वार्ड-
    साबले नगर, संतोषी माता नगर, क्रांतिनगर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, न्यू तिलक नगर, कुरेशी नगर (कसाईवाड़ा), हिल मार्ग, ताड़ी पेठ, मुक्तादेवी मार्ग, गावदेवी मंडल, डोंगर क्षेत्र, पाटिल गली, गुलमोहर गली, पंचशील नगर, नेहरू नगर, शिव सृष्टि मार्ग, नाइक नगर, मदर डेयरी मार्ग, एस. जी. बर्वे मार्ग (कुर्ला पूर्व), केदारनाथ मंदिर रोड, नवरे बाग, कामगार नगर, हनुमान नगर, पुलिस कॉलोनी, कुर्ला कारशेड, रेलवे कॉलोनी, टैक्सिला नगर, चाफे गली, राहुल नगर, एवरार्ड नगर, पान बाजार, त्रिमूर्ति मार्ग, वी. एन. पुरव मार्ग, उमरवाड़ी मार्ग, अली दादा स्ट्रीट, स्वदेशी मिल चाल, चुनाभट्टी फाटक, म्हाडा कॉलोनी, समर्थ नगर।

    एम/ईस्ट वार्ड-
    लल्लुभाई कॉम्प्लेक्स, कमला रमण नगर, रमण मामा नगर, शिवाजी नगर, लोटस कॉलोनी, गौतम नगर, गायकवाड़ नगर, अयोध्या नगर, वाशी नाका, मानखुर्द, बैंगनवाड़ी, भारत नगर, म्हाडा बिल्डिंग्स, चिता कैंप, साठे नगर, जाकिर हुसैन नगर, देवनार गांव, देवनार वसाहत, न्यू भारत नगर, हशु अडवाणी नगर, नटवर पारेख कॉम्प्लेक्स, सह्याद्री नगर, वडवली गांव, बार्क वसाहत, डंपिंग सप्लाई, रफीक नगर, मंडाला गांव, न्यू मंडाला, पद्मा नगर, विष्णु नगर, एल. यू. गडकरी, आर. एन. ए. पार्क, कुकरेजा बिल्डिंग्स, महाराष्ट्र नगर, इंडियन ऑयल नगर, पाटिल मार्ग स्थित बी. डी. रिफाइनरी विभाग, एचपीसीएल और बीपीसीएल।

    एम/वेस्ट वार्ड-
    मैत्री पार्क, घाटला, चेंबूर गांव, सुभाष नगर, लालडोंगर, सिद्धार्थ वसाहत, स्वास्तिक पार्क, पोस्टल वसाहत, डब्ल्यू. टी. पटेल मार्ग, मुक्ति नगर, काशीनाथ पाटिल वाड़ी, संतोष नगर, केलकर वाड़ी, डायमंड गार्डन, सेंट्रल एवेन्यू मार्ग, एन. बी. पाटिल मार्ग, जनार्दन पाटिल मार्ग, घाटला गांव, सेंट एंथनी मार्ग, चंद्रोदय सोसायटी, एस. जी. बर्वे मार्ग, चराई गांव, बोरला सोसायटी।

    इसके अलावा, एम. एस. बिल्डिंग नंबर 1-32, चेंबूर कैंप, सिंधी कैंप, विजय विहार, सुमन नगर, भक्ति भवन, चिखल वाड़ी, समर्थ नगर, बसंत पार्क, गांधी बाजार, जनता बाजार, इंदिरा नगर, नवजीवन सोसायटी, गोल्फ क्लब, राम टेकड़ी, तोलाराम टावर, चेंबूर वसाहत, कोंकण नगर, गणेश नगर, विजय नगर, अशोक नगर, अन्नाभाऊ साठे मार्ग, सिंधी सोसायटी, कलेक्टरेट वसाहत, मरावली चर्च, आर. सी. रूट, महुल गांव, अंबापाड़ा गांव, मैसूर कॉलोनी, वाशी गांव, डीवाई बी रियल्टी बिल्डिंग, वडवली, शरद नगर, लक्ष्मी नगर, जनता नगर, वाशी नाका, जीजामाता नगर और भक्ति पार्क की सभी इमारतें।

    साथ ही तिलक नगर, सहकार नगर, वत्सलाताई नाइक नगर, श्रमजीवी नगर, पी. एल. लोखंडे मार्ग, एकता मित्र मंडल, मालेकर वाड़ी, पी. वाई. थोरात मार्ग, रमाबाई वसाहत, आमिर बाग, जनता नगर, मोतीलाल रेजिडेंशियल एसोसिएशन, कादरिया नगर, महात्मा फुले नगर, अजंता वसाहत, साहदीप वसाहत, मुकुंद नगर, पंजाबी चाल, नागे वाड़ी, छेड़ा नगर।