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  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसी योजनाओं के जरिए जल सुरक्षा की दिशा में पहल

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसी योजनाओं के जरिए जल सुरक्षा की दिशा में पहल

    जयपुर
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तरी भारत की वर्षों से लंबित जल परियोजनाएं अब धरातल पर क्रियान्वित होने जा रही हैं। इस दिशा में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के लिए 6 राज्यों के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। किशाऊ परियोजना से प्राप्त जल शेखावाटी के जल की दृष्टि से अभावग्रस्त रहे क्षेत्रों की जल आवश्यकताओं की पूर्ति में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सी आर पाटिल की मौजदगी में हुए इस एमओयू पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किये।

    किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना यमुना की प्रमुख सहायक टौंस नदी पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित है। करीब 15,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 660 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन होगा तथा इससे राजस्थान सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा लाभान्वित होंगे।

    परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश के जल हिस्से का एक भाग राजस्थान और दिल्ली को आवंटित किया जाएगा। इसके बदले इन राज्यों द्वारा हिमाचल प्रदेश के विद्युत घटक की लागत में योगदान किया जाएगा। जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार द्वारा सहायता के रूप में वहन की जाएगी और शेष 10 प्रतिशत भागीदार राज्यों द्वारा दिया जाएगा।

    किशाऊ बांध परियोजना को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय परियोजनाओं की सूची में शामिल किया गया है। परियोजना के निर्माण, संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी किशाऊ कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निभाई जाएगी तथा इसकी निगरानी अपर यमुना बेसिन से संबंधित व्यवस्था के तहत होगी।

    शेखावाटी के लिए जल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
    किशाऊ बांध से राजस्थान को आवंटित 124 एमसीएम पानी को यमुना जल परियोजना के अंतर्गत तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों के माध्यम से हरियाणा के हांसीवासी से चूरू तक पहुंचाने की योजना है। इससे सीकर, चूरू, झुंझुनंू और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

    यह परियोजना शेखावाटी के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और स्वास्थ्य मानकों में सुधार की आधारभूमि भी तैयार करेगी। पर्याप्त और नियमित जल उपलब्धता से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी तथा लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

    यमुना जल समझौते से किशाऊ तक, एक व्यापक जल दृष्टि
    प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र के लिए इस उपलब्धि के तहत दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यमुना जल समझौते के तहत सीकर, चूरू, झुंझुनूं और अन्य क्षेत्रों की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पानी राजस्थान लाने हेतु संयुक्त डीपीआर तैयार करने पर सहमति बनी है।

    अब किशाऊ परियोजना के संशोधित एमओयू से इस पूरी जल व्यवस्था को और मजबूत आधार मिलेगा। परियोजना से उपलब्ध जल का उपयोग पेयजल, सिंचाई और अन्य हितकारी उपयोगों के लिए किया जा सकेगा।

    राजस्थान के हितों का विशेष ध्यान
    संशोधित समझौते में राजस्थान के हितों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। हिमाचल प्रदेश द्वारा अपने विद्युत घटक से संबंधित लागत वहन किए जाने के बदले किशाऊ परियोजना के उसके आवंटित जल हिस्से का 95 प्रतिशत दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध होगा, जबकि 5 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश अपने स्थानीय उपयोग के लिए रखेगा। इस 95 प्रतिशत हिस्से में दिल्ली और राजस्थान की हिस्सेदारी 75ः25 के अनुपात में होगी।

    शेखावाटी में विकास का नया अध्याय
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से शेखावाटी अब जल उपलब्धता के साथ ही कनेक्टिविटी, पर्यटन, विरासत संरक्षण और हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
    क्षेत्र में यमुना जल समझौता, ऐतिहासिक हवेलियों एवं समृद्ध विरासत के संरक्षण के प्रयास, एक्सप्रेस-वे और हाईवे परियोजनाएं, तथा सीकर और झुंझुनूं में हवाई संपर्क से जुड़ी योजनाएं शेखावाटी को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

    इन परियोजनाओं का समन्वित प्रभाव शेखावाटी की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। बेहतर जल उपलब्धता के साथ बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन एवं विरासत संरक्षण से रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। इससे शेखावाटी के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

    32 वर्षों से लंबित जल हिस्से की दिशा में निर्णायक पहल
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल अभावग्रस्त राजस्थान में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित प्रदेश के प्रत्येक जिले में पेयजल व सिंचाई के लिए जल संसाधन उपलब्ध कराने की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।

    वर्ष 1994 में पांच राज्यों के बीच संपन्न यमुना जल समझौते के तहत ताजेवाला हेड से मानसून अवधि में राजस्थान के लिए 1917 क्यूसेक (577 एमसीएम) जल आवंटित किया गया था। जल प्रवाह प्रणाली उपलब्ध नहीं होने के कारण राजस्थान को पिछले 32 वर्षों से अपने हिस्से का पानी प्राप्त नहीं हो पा रहा था।

  • शेखावाटी को यमुना जल मिलने से पेयजल, सिंचाई और रोजगार को मिलेगा बल

    शेखावाटी को यमुना जल मिलने से पेयजल, सिंचाई और रोजगार को मिलेगा बल

    जयपुर
    शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल समझौते को साकार करने पर शेखावाटी फाउंडेशन की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नागरिक अभिनंदन किया गया। बिड़ला सभागार में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में शेखावाटी क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, उद्यमियों, शिक्षाविदों, किसानों, युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि धर्म, अध्यात्म, संत परंपरा और वीरता की पहचान है। यहां के साधु-संत और आध्यात्मिक चेतना व नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देते रहे हैं। सबसे ज्यादा गर्मी और सर्दी शेखावटी में ही पड़ती है। यहां से कुछ प्रवासी व्यापार के लिए गए तो कुछ अभावों में बाहर गए।

    उन्होंने कहा, शेखावाटी ने अभावों से लड़कर देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माथे पर कलश रखा। प्रतीकात्मक रूप में यमुना का पानी शेखावाटी के कलश में डाला गया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा, अब शेखावाटी को फ्लोराइड युक्त पानी से निजात मिलेगी।

    कांग्रेस समझौता रद्द करना चाहती थी : सीएम
    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार केंद्र, हरियाणा और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारें रहीं, तब भी शेखावाटी को यमुना का पानी दिलाने की कोई पहल नहीं हुई। हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने उनकी पार्टी की सरकार बनने पर राजस्थान के साथ हुए यमुना जल समझौते को रद्द करने की बात कही। राजस्थान के कांग्रेस नेता वहां उसका समर्थन करते नजर आए।

    शेखावाटी क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर-तकदीर
    फाउंडेशन के अध्यक्ष विनोद गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्षों से लंबित यमुना जल समझौते को नई दिशा और गति मिली है। यह निर्णय शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों की आशाओं से जुड़ा है और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का आधार बनेगा। राष्ट्रीय महामंत्री गजानंद शर्मा और कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय हरि शर्मा ने कहा कि यमुना जल उपलब्ध होने से शेखावाटी क्षेत्र की तस्वीर-तकदीर बदलेगी। पेयजल-सिंचाई की सुविधाओं में विस्तार होने के साथ कृषि, उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

    नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा, यमुना का जल पाइप लाइन से मिलने के कारण किसानों की भूमि अधिग्रहित करनी नहीं करनी पड़ेगी। केवल पाइपलाइन डालने के समय एक या दो फसलों का मुआवजा ही किसानों को देना पड़ेगा। कार्य हो जाने के बाद किसान फिर से भूमि का उपयोग कर सकेंगे। विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, प्रकाश अग्रवाल, डॉ. एसपी यादव सहित अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।