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  • टी20 के तूफान से टेस्ट की तैयारी तक, वैभव सूर्यवंशी ने बदला बल्लेबाजी का अंदाज

    टी20 के तूफान से टेस्ट की तैयारी तक, वैभव सूर्यवंशी ने बदला बल्लेबाजी का अंदाज

    टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी अब रेड बॉल क्रिकेट की परीक्षा के लिए तैयार हैं. आईपीएल में शतक जड़ चुके इस युवा बल्लेबाज का अगला बड़ा इम्तिहान दलीप ट्रॉफी में होगा. जो 23 अगस्त से बेंगलुरु में शुरू हो रही है. इसके लिए वैभव ने अपनी बल्लेबाजी में जरूरी बदलाव शुरू कर दिए हैं और चार-पांच दिन के क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक खुद को ढालने पर काम कर रहे हैं.

    इसी तैयारी के तहत वैभव ने अपने बचपन के कोच मनीष ओझा को खास तौर पर नागपुर स्थित राजस्थान रॉयल्स की एकेडमी में बुलाया. ओझा ने करीब छह दिनों तक वैभव के साथ ट्रेनिंग की और इस दौरान सबसे ज्यादा जोर लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की मानसिकता विकसित करने पर रहा.

    मनीष ओझा ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत में वैभव की इस तैयारी के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि टी20 में वैभव का अलग रौब है, लेकिन अब भारतीय टीम मैनेजमेंट भी उन्हें रेड बॉल क्रिकेट में देख रहा है. इसी वजह से उनका चयन दलीप ट्रॉफी की टीम में हुआ है और उन्हें जोन का उपकप्तान भी बनाया गया है.

    वैभव ने खुद कोच को बुलाया
    मनीष ओझा के मुताबिक, उन्हें राजस्थान रॉयल्स की ओर से नहीं, बल्कि खुद वैभव सूर्यवंशी ने बुलाया था. वैभव ने अपनी इच्छा जताई कि उनके बचपन के कोच को पटना से नागपुर बुलाया जाए, ताकि वह रेड बॉल क्रिकेट की तैयारी में उनकी मदद कर सकें.ओझा ने बताया कि इसके पीछे एक बड़ी वजह दोनों के बीच पुराना तालमेल भी है. बचपन से साथ काम करने के कारण वैभव उनके सामने ज्यादा सहज रहते हैं. एक कोच जो खिलाड़ी के साथ शुरुआती वर्षों से जुड़ा हो, वह उसकी कमजोरियों और खूबियों को अच्छी तरह समझता है. वैभव और ओझा के बीच भी यही कनेक्शन है.

    ओझा ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान सिर्फ तकनीक पर काम नहीं हुआ, बल्कि वैभव को चार और पांच दिन के मैच की मानसिकता के लिए भी तैयार किया गया. सबसे पहले उन्हें यह समझाया गया कि पूरे दिन बल्लेबाजी को अलग-अलग हिस्सों में कैसे बांटना है. लंच से पहले किस तरह खेलना है, लंच के बाद टी तक किस तरह बल्लेबाजी करनी है और दिन के आखिरी सेशन में किस तरह अपना गेम आगे बढ़ाना है, इस पर विशेष ध्यान दिया गया.

    अच्छी गेंद का सम्मान, खराब गेंद पर प्रहार
    ओझा ने बताया रेड बॉल क्रिकेट में सबसे अहम बदलाव शॉट खेलने की मानसिकता को लेकर किया गया. शुरुआत में वैभव कुछ हद तक कॉन्शियस  (सचेत) भी हो गए थे. उन्हें लगने लगा था कि शायद टेस्ट या फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने के लिए अपने स्वाभाविक शॉट्स को पूरी तरह रोकना पड़ेगा. लेकिन कोच ने उन्हें साफ समझाया कि रेड बॉल क्रिकेट का मतलब यह नहीं है कि अपने शॉट्स छोड़ देने हैं.

    उन्हें कहा गया कि अपने शॉट्स जरूर खेलो, लेकिन सही गेंद का इंतजार करो. अच्छी गेंद को सम्मान दो, जरूरत हो तो उसे छोड़ दो और जब गेंदबाज लूज बॉल डाले तो उस पर रन बनाने से पीछे मत हटो.

    असली चुनौती है 90 ओवर तक टिकना
    ओझा के मुताबिक, वैभव की तैयारी में सबसे बड़ा फोकस लॉन्जिविटी पर रहा. यानी वह कितनी देर तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी कर सकते हैं. उनके अनुसार, रेड बॉल क्रिकेट में सिर्फ शॉट खेलने की क्षमता काफी नहीं है. लंबे समय तक एकाग्रता बनाए रखना और मैच की परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी करना उतना ही जरूरी है. इसीलिए वैभव को मानसिक रूप से इस तरह तैयार किया गया कि वह सेशन-दर-सेशन अपनी पारी आगे बढ़ाएं और जरूरत पड़ने पर 90 ओवर तक बल्लेबाजी करने की मानसिकता रखें.

    वैभव में कितना बदलाव आया? कोच ने बताया
    वैभव के स्टार बनने के बाद उनके व्यवहार में आए बदलाव को लेकर भी मनीष ओझा ने दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने और भारत के लिए डेब्यू करने के बावजूद वैभव में उन्हें कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आया. उनके मुताबिक- वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं. वह इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं, आईपीएल में अपनी पहचान बना चुके हैं, लेकिन उम्र के हिसाब से अभी भी बच्चे ही हैं.

    ओझा ने कहा कि 15 साल के बच्चे को उसी तरह समझाना और उसकी उम्र के हिसाब से गाइड करना पड़ता है. वैभव से मिलने पर उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह कोई बहुत बड़े स्टार बन चुके हैं. उन्हें आज भी वही बच्चा नजर आया, जो उनकी एकेडमी में ट्रेनिंग करने आया करता था.

    90 ओवर टिक गया तो तिहरा शतक भी लगा सकता है
    दलीप ट्रॉफी में वैभव से कितनी बड़ी पारी की उम्मीद की जा सकती है, इस सवाल पर उनके बचपन के कोच ने बेहद बड़ा दावा किया. मनीष ओझा ने कहा कि अगर वैभव 90 ओवर तक टिक गए, तो वह तिहरा शतक भी लगा सकते हैं. उनके मुताबिक, वैभव के अंदर इस स्तर की बल्लेबाजी करने की ताकत और प्रतिभा मौजूद है. हालांकि इसके साथ उन्होंने एक अहम शर्त भी जोड़ी. वैभव को धैर्य रखना होगा और हर गेंद को टी20 की तरह हिट करने की कोशिश नहीं करनी होगी. गेंदबाजों का सम्मान करना होगा, अच्छी गेंदों को छोड़ना होगा और लूज बॉल मिलने पर उसका फायदा उठाना होगा.

    वैभव ने कोच को क्या ग‍िफ्ट दिया?
    वैभव के इंग्लैंड और जिम्बाब्वे दौरे से लौटने के बाद क्या उन्हें अपने बचपन के कोच के लिए कोई खास गिफ्ट मिला, इस सवाल पर मनीष ओझा ने कहा कि गुरु के लिए इससे बड़ा तोहफा कुछ हो ही नहीं सकता कि उनका सिखाया हुआ खिलाड़ी इंटरनेशनल लेवल पर देश का नाम रोशन करे.

    उन्होंने कहा कि वैभव का जिम्बाब्वे दौरे पर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनना ही उनके लिए सबसे बड़ा गिफ्ट है. एक गुरु के लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी कि उसका शिष्य इंटरनेशनल स्तर पर जाकर देश का नाम रोशन करे. अब वैभव के सामने दलीप ट्रॉफी में अपनी बल्लेबाजी का एक नया रूप दिखाने की चुनौती है. टी20 में अपनी आक्रामक शैली से पहचान बना चुके वैभव अगर रेड बॉल क्रिकेट में भी धैर्य, तकनीक और लंबी पारी का हुनर दिखाने में सफल रहते हैं, तो भारतीय क्रिकेट में उनके लिए एक और बड़ा रास्ता खुल सकता है.
     

  • वैभव सूर्यवंशी पर जोस बटलर का बड़ा बयान, बोले- उसमें मेरा वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने का दम है

    वैभव सूर्यवंशी पर जोस बटलर का बड़ा बयान, बोले- उसमें मेरा वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने का दम है

    मुंबई 

    इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस लिस्ट में उन्होंने वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड को पछाड़ा है। हालांकि इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने के बाद उन्होंने युवा भारतीय सेनसेशन वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने बीते कुछ महीनों में खूब नाम कमाया है। आईपीएल, अंडर-19 वर्ल्ड कप और इंडिया ए के लिए खेलने के साथ-साथ उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में भी डेब्यू किया और करियर की शुरुआत में ही कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए। अब बटलर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी टी20 क्रिकेट में भी सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर जोस बटलर की भविष्यवाणी
    वैभव सूर्यवंशी ने टी20 क्रिकेट में अभी 40 ही मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 4 शतक और 8 अर्धशतकों के दम पर 1670 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका हाईएस्ट स्कोर 144 रन का रहा है। वैभव का करियर अभी शुरू ही हुआ है, मगर बटलर का मानना है कि वह टी20 के किंग बन सकते हैं।

    जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद कहा, हां, यह सोचना वाकई बहुत कूल है कि आपने सबसे ज़्यादा T20 रन बनाए हैं (T20 क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने पर, पोलार्ड को पीछे छोड़ते हुए)। कोई एक दिन इसे पार कर जाएगा और उसका नाम शायद सूर्यवंशी होगा।

    फॉर्म में लौटने से जोस बटलर काफी खुश
    बटलर पिछले कुछ समय से अपनी फॉर्म से जूझ रहे थे। हालांकि द हंड्रेड लीग के दौरान वह वापस रंग में लौट आए हैं। अपने पिछले मुकाबले में उन्होंने 20 गेंदों पर 51 रनों की धमाकेदार पारी खेली।

    उन्होंने कहा, “मज़ेदार बात है कि क्रिकेट कितनी जल्दी बदल सकता है। एक दिन आप डॉग होते हैं, एक दिन आप लैंप पोस्ट होते हैं। कुछ महीने पहले मैं फॉर्म के लिए स्ट्रगल कर रहा था। और फिर, खासकर पिछले कुछ हफ्तों में, मुझे शायद लग रहा है कि मैं पहले से कहीं ज्यादा अच्छी बैटिंग कर रहा हूं। यह बहुत मजेदार रहा है। आपके पास हमेशा दो ही ऑप्शन होते हैं। या तो आप हार मान लेते हैं या आपके पास आगे बढ़ते रहने और अपनी फॉर्म को फिर से पाने की एनर्जी होती है। तो मैं इन्हीं सब चीजों पर फोकस कर रहा हूं। मेरे पास वहां वापस जाने की एनर्जी और पक्का इरादा था, और मैंने वही किया है।”

  • IND vs ZIM: वैभव सूर्यवंशी बने जीत के हीरो, चौके-छक्कों की बारिश के दम पर भारत ने 7 विकेट से जीता मुकाबला

    IND vs ZIM: वैभव सूर्यवंशी बने जीत के हीरो, चौके-छक्कों की बारिश के दम पर भारत ने 7 विकेट से जीता मुकाबला

     हरारे 
    भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर टी20 सीरीज का आगाज धमाकेदार अंदाज में किया है. 126 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने महज 13.2 ओवर में जीत हासिल कर ली. भारत को वैभव सूर्यवंशी ने जोरदार शुरुआत दी. वैभव की अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने आसानी से इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ ही भारत ने सीरीज में बढ़त बना ली है. दोनों देशों के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला अब 25 जुलाई यानी शनिवार को खेला जाएगा.

    वैभव ने जड़ा अर्धशतक
    भारत को वैभव सूर्यवंशी ने तेज शुरुआत दिलाई. लेकिन अभिषेक शर्मा महज एक रन बनाकर आउट हो गए. वैभव ने 18 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अगली ही गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए. ईशान किशन 3 चौके और 2 छक्के की मदद से 24 गेंदों में 35 रन बनाकर पवेलियन लौटे.

    जिम्बाब्वे ने बनाए थे 125 रन
    जिम्बाब्वे ने भारत को 126 रनों का लक्ष्य दिया था. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे ने वेस्ले मधेवेरे की 39 रनों की पारी की मदद से 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन बनाए. भारत के लिए मयंक यादव और प्रिंस यादव ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट झटकने में सफलता हासिल की. शिवम दुबे और रवि बिश्नोई भी एक-एक विकेट अपने नाम करने में सफल रहे..

    -श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. भारत की तरफ से अशोक शर्मा इस मैच में अपना डेब्यू किया. पहले ही ओवर की पहली गेंद पर मयंक यादव ने ब्रायन बेनेट को ईशान किशन के हाथों कैच आउट कराया. भारत को दूसरी सफलता प्रिंस यादव ने दिलाई.

     सूर्यवंशी का तूफान, 18 गेंदों में जड़ा अर्धशतक
    जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने तेज तर्रार पारी खेलकर टीम को धमाकेदार शुरुआत दिलाई. 126 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने पारी का आगाज किया. जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वैभव ने पहले ही ओवर से आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। 

    18 गेंदों में जड़ा अर्धशतक
    वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ अंदाज में अर्धशतक जड़ने का काम किया. हालांकि, 50 रन पूरा करते ही वह पवेलियन लौट गए. वैभव सूर्यवंशी ने 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 19 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली. वैभव सूर्यवंशी की पारी देख फैन्स भी गदगद हैं और वह सोशल मीडिया पर लगातार अपना रिएक्शन दे रहे हैं। 

    अभिषेक शर्मा रहे फ्लॉप
    अभिषेक शर्मा इस मुकाबले में फॉर्म में नजर नहीं आए. ब्लेसिंग मुज़ारबानी की गेंद पर वह ब्रैड इवांस को एक आसान सा कैच दे बैठे. उन्होंने 8 गेंदों में सिर्फ एक रन ही बनाया. अभिषेक शर्मा  के पास इस सीरीज में दो मैच और बचे हैं. अभिषेक की कोशिश बचे हुए मुकाबले में बल्ले से दमखम दिखाने की होगी। 

    जिम्बाब्वे ने बनाए थे 125 रन
    जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को जीत के लिए 126 रनों का लक्ष्य दिया था. टॉस हारकर मैदान में उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट गंवाकर 125 रन बनाए. जिम्बाब्वे की ओर से वेस्ले मधेवेरे ने सबसे ज्यादा 39 रनों की पारी खेली. वहीं, रयान बर्ल ने 35 गेंदों में 26 रन बनाए, जिन्हें रवि बिश्नोई की गेंद पर तिलक वर्मा ने कैच आउट किया. कप्तान सिकंदर रजा ज्यादा कुछ खास नहीं कर सके और शिवम दुबे का शिकार बनकर केवल 4 रन पर पवेलियन लौट गए। 

    भारत के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. मयंक यादव और प्रिंस यादव ने घातक गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट झटके. इसके अलावा शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को भी 1-1 सफलता मिली. भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर सीरीज का आगाज जीत के साथ करना चाहेगी। 

    -प्रिंस यादव की गेंद पर 8 गेंदों में 10 रन बनाकर बेन करन प्रिंस यादव की गेंद पर वैभव सूर्यवंशी को कैच थमा बैठे. भारतीय टीम को तीसरा विकेट एक बार फिर मयंक यादव ने दिलाने में सफलता हासिल की. डायोन मायर्स बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में शिवम दुबे के हाथों में गेंद मार बैठे. वह 14 गेंदों में महज 6 रन ही बना सके. 

    -कप्तान सिकंदर रजा भी पहले टी-20 मैच में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके. सिर्फ 4 रन बनाकर वह शिवम दुबे का शिकार बने. रवि विश्नोई ने भारतीय टीम को पांचवीं सफलता दिलाई. रयान बर्ल विश्नोई की जाल में फंस गए और बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में कैच आउट हो गए. बाउंड्री लाइन के पास तिलक वर्मा ने रयान का एक बेहतरीन कैच पकड़ा. वह 35 गेंदों में 26 रन बनाकर आउट हुए.

  • IPL स्टार वैभव की असली परीक्षा, इंग्लैंड दौरे ने दिखाया आईना

    IPL स्टार वैभव की असली परीक्षा, इंग्लैंड दौरे ने दिखाया आईना

    नई दिल्ली
    वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं.  इसलिए तीन पारियों के आधार पर उनके भविष्य का फैसला सुनाना जल्दबाजी होगी. क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि प्रतिभा आपको पहचान दिला सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबी सफलता तकनीक, धैर्य और परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने की क्षमता से मिलती है. इंग्लैंड में वैभव अभी यही सबक सीख रहे हैं.

    वैभव सूर्यवंशी आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक हैं. अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से उन्होंने रातोरात पहचान बनाई और सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद उनसे उम्मीदें कई गुना बढ़ गईं.

    … लेकिन क्रिकेट का सच यह है कि IPL आपको सुर्खियां और स्टारडम दे सकता है, जबकि इंग्लैंड जैसे कठिन दौरे यह तय करते हैं कि आप सिर्फ स्टार हैं या लंबे समय तक टीम इंडिया का भरोसेमंद बल्लेबाज बन सकते हैं.

    दरअसल, क्रिकेट का सबसे बड़ा सच यह है कि IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दो अलग-अलग दुनिया हैं. खासकर तब, जब मुकाबला इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में हो, जहां बल्लेबाज का साहस नहीं, उसकी तकनीक, धैर्य और निर्णय लेने की क्षमता सबसे बड़ी परीक्षा से गुजरती है. वैभव अभी उसी परीक्षा से गुजर रहे हैं.

    इंग्लैंड ने दिखाया कि असली परीक्षा क्या होती है
    भारतीय बल्लेबाजों के लिए इंग्लैंड हमेशा सबसे कठिन दौरों में रहा है. यहां नई गेंद लगातार हरकत करती है, उछाल अलग होती है और छोटी-सी तकनीकी गलती भी विकेट बन जाती है. यही वजह है कि दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज भी यहां संघर्ष करते रहे हैं.

    ऐसे में यह उम्मीद करना कि 15 साल का एक किशोर बल्लेबाज आते ही 35-40 गेंदों में शतक जड़ देगा, क्रिकेट की वास्तविकता से ज्यादा हमारी कल्पना थी.

    महत्वपूर्ण यह भी है कि सिर्फ वैभव ही नहीं जूझ रहे हैं… पूरी भारतीय बल्लेबाजी लय में नहीं दिखी. अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर को छोड़ दें तो लगभग सभी बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इसलिए तीन पारियों का पूरा बोझ अकेले वैभव के कंधों पर डालना न तो न्यायसंगत है और न ही व्यावहारिक.

    हर असफलता भविष्य की सबसे बड़ी 'कोच' होती है
    क्रिकेट का इतिहास बताता है कि महान खिलाड़ी शुरुआत से महान नहीं होते.
    सचिन तेंदुलकर की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी. वह अपने पहले दो वनडे मैचों में लगातार शून्य पर आउट हुए थे. लेकिन बाद में वही खिलाड़ी 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाला दुनिया का पहला बल्लेबाज बना. इसलिए वैभव सूर्यवंशी का आकलन भी सिर्फ तीन पारियों से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यह उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण सीख बन सकती है.

    किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे अच्छा समय वह होता है, जब उसे जल्दी समझ आ जाए कि उसकी कमजोरियां क्या हैं. जितनी जल्दी आईना सामने आता है, सुधार की प्रक्रिया उतनी जल्दी शुरू होती है.

    तकनीक से ज्यादा सोच बदलने की जरूरत
    वैभव के खेल में सबसे ज्यादा चर्चा शॉर्ट-पिच गेंदों के खिलाफ कमजोरी की हो रही है. IPL के दौरान भी इस पर सवाल उठे थे. श्रीलंका की त्रिकोणीय सीरीज में भी यह कमजोरी दिखाई दी और इंग्लैंड में जोफ्रा आर्चर ने उसी कमजोरी को निशाना बनाया.

    …लेकिन असली मुद्दा सिर्फ तकनीक नहीं है.
    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर गेंद पर हमला करना जरूरी नहीं होता. कई बार सबसे अच्छा शॉट गेंद को छोड़ देना होता है. कई बार बाउंसर के नीचे झुक जाना चौका लगाने से ज्यादा समझदारी होती है. चेस्टर-ली-स्ट्रीट में विल जैक्स के खिलाफ क्रीज छोड़कर स्टंप होना भी यही बताता है कि वैभव अभी परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करना सीख रहे हैं. यही सीख उन्हें आगे एक बेहतर बल्लेबाज बनाएगी.

    सबसे बड़ा फायदा- अब हाइप कम होगी
    वैभव की इन तीन छोटी पारियों का सबसे सकारात्मक असर शायद स्कोरबोर्ड पर नहीं, बल्कि माहौल पर पड़ेगा.

    पिछले कुछ महीनों में उनके इर्द-गिर्द ऐसा शोर पैदा हो गया था कि टीम इंडिया का हर फैसला उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमता हुआ दिखाई देने लगा. इसी माहौल में संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को बाहर करने के फैसले पर भी लगातार सवाल उठे. बहस शुरू हुई कि क्या टीम मैनेजमेंट ने भविष्य की तैयारी को प्राथमिकता दी या मौजूदा फॉर्म को?

    अब यह दबाव स्वाभाविक रूप से कम होगा. टीम मैनेजमेंट भी अधिक संतुलित फैसले ले सकेगा और वैभव को भी हर पारी में खुद को साबित करने की मजबूरी महसूस नहीं होगी.

    भारतीय क्रिकेट को भी सीखने की जरूरत
    यह कहानी सिर्फ वैभव सूर्यवंशी की नहीं है. यह भारतीय क्रिकेट के उस दौर की कहानी है, जहां सोशल मीडिया किसी खिलाड़ी को कुछ महीनों में 'भविष्य का महानायक' बना देता है और तीन खराब पारियों के बाद उसी पर सवाल भी खड़े कर देता है.

    15 साल के खिलाड़ी को सबसे ज्यादा जरूरत सुर्खियों की नहीं, समय की होती है. उसे तालियों से ज्यादा अभ्यास चाहिए. उसे तुलना से ज्यादा मार्गदर्शन चाहिए.

  • 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा चर्चा में, श्रीलंका-ए ने रोमांचक सुपर ओवर में इंडिया-ए को हराया

    15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा चर्चा में, श्रीलंका-ए ने रोमांचक सुपर ओवर में इंडिया-ए को हराया

    दांबुला
    इंडिया-ए को ट्राई सीरीज में श्रीलंका-ए के हाथों सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा. सोमवार (15 जून) को दांबुला के दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए मुकाबले में श्रीलंका-ए ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए थे. जवाब में इंडिया-ए 10 रन ही बना सका. इंडिया-ए की ओर से सुपर ओवर में सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी बैटिंग करने उतरे थे, लेकिन दोनों मैच फिनिश नहीं कर पाए.

    श्रीलंका-ए की इंडिया-ए पर जीत के बाद मैदान पर बखेड़ा हो गया. श्रीलंका के खिलाड़ी जश्न मनाने लगे और यहीं से सब कुछ गड़बड़ होने लगा. वैभव सूर्यवंशी किसी बात से नाराज हो गए और उनका एक श्रीलंकाई फील्डर से झगड़ा हो जाता है. शेडगे अपने साथी 'बेबी बॉस' को वापस खींच लाते हैं, लेकिन 15 साल के वैभव मैदान छोड़ने के मूड में नहीं लगे. दोनों टीमें गर्मजोशी से हाथ मिलाती हैं और यहीं मैच खत्म हो जाता है.

    बता दें कि कुगाथास मथुलन ने श्रीलंका की ओर से सुपर ओवर में गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली थी. सुपर ओवर में पहली गेंद पर सूर्यांश शेडगे ने दो रन लिए. जबकि दूसरी बॉल डॉट रही. इसके बाद तीसरी गेंद पर एक रन बना. अब स्ट्राइक पर वैभव सूर्यवंशी थे. वैभव चौथी बॉल पर सिर्फ 2 रन बना सके और प्रेशर पूरी तरह इंडिया-ए पर आ गया. फिर पांचवीं गेंद पर उन्होंने चौका लगाया और आखिरी गेंद पर कोई रन नहीं बना.

    मुकाबले में इंडिया-ए ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 49.2 ओवरों में 265 रन बनाए थे. इंडिया-ए के लिए सूर्यांश शेडगे ने 72 और विप्रज निगम ने 51 रनों का योगदान दिया. वैभव सूर्यवंशी कुछ खास नहीं कर पाए और 21 रन बनाकर पवेलियन लौटे. श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत व्यासकांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट झटके.

    जवाब में श्रीलंका-ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट पर 265 रन बनाए और मुकाबला सुपर ओवर में चला गया. श्रीलंका की ओर से सदीरा समरविक्रमा ने शानदार 93 रन बनाए, लेकिन आखिरी ओवर में उनका आउट होना मेजबान टीम को मुश्किल में डाल गया. श्रीलंका की पारी का आखिरी ओवर अरशद खान ने फेंका, जिसमें उन्होंने केवल 4 रन खर्च किए.

     

  • अफगानिस्तान A के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी चमके, 9 चौकों से दिलाई तेज शुरुआत

    अफगानिस्तान A के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी चमके, 9 चौकों से दिलाई तेज शुरुआत

     दांबुला
    श्रीलंका के दांबुला स्थित रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई नेशन A सीरीज 2026 के मुकाबले में भारत A के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरीं. अफगानिस्तान A के खिलाफ गुरुवार (11 जून) को मुकाबले में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे वैभव ने सिर्फ 22 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली.

    आमतौर पर बड़े शॉट्स और छक्कों के लिए पहचाने जाने वाले वैभव इस बार अलग अंदाज में नजर आए. उन्होंने पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया, लेकिन चौकों की ऐसी बरसात की कि अफगानिस्तान A के गेंदबाज दबाव में आ गए. उनकी पारी में कुल 9 चौके शामिल रहे और स्ट्राइक रेट 200 रहा.
     
    भारत A की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पारी की शुरुआत की. अफगानिस्तान A ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, लेकिन वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने नई गेंद का फायदा उठाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेले और टीम को तेज शुरुआत दिलाई.

    हालांकि शानदार अर्धशतक की ओर बढ़ रहे वैभव सातवें ओवर में आउट हो गए. पारी के 7.1 ओवर में अब्दुल्ला अहमदजई की शॉर्ट गेंद पर उन्होंने बैकफुट से गाइड करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर इशाक रहीमी के दस्तानों में चली गई. इस तरह वैभव 22 गेंदों में 44 रन बनाकर पवेलियन लौटे. हालांकि वैभव, जिस तरह आउट हुए उस तरीके पर सवाल भी उठे.

    आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी, क्योंकि वह आसानी से अपना अर्धशतक पूरा कर सकते थे. फिर भी उनकी पारी ने यह दिखा दिया कि वह सिर्फ बड़े शॉट्स के भरोसे नहीं, बल्कि क्लासिकल स्ट्रोकप्ले और टाइमिंग के दम पर भी तेजी से रन बना सकते हैं. यही वजह है कि उनकी यह पारी कई क्रिकेट प्रेमियों को विराट कोहली के शुरुआती दिनों की याद दिला गई, जब चौकों के जरिए रन गति बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी. खास बात यह है कि व‍िराट कोहली भी छक्के जड़ने से ज्यादा इन‍िंग बिल्ट करने में व‍िश्वास करते हैं, उसी अंदाज में वो वैभव भी खेलने उतरे थे.

    इससे पहले श्रीलंका ए के ख‍िलाफ मंगलवार को हुए मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए थे, तब भी उन्होंने 3 चौके जड़े थे. आईपीएल 2026 में 72 छक्के जड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी फ‍िलहाल तो अब तक चौकों में ही डील करते नजर आए हैं.

    भारत A प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विपराज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज.

    अफगानिस्तान A प्लेइंग XI: इमरान मीर (कप्तान) ,हसन ईसाखिल, खालिद तनीवाल, इजाज अहमद अहमदजई, बहिर शाह, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर),फरमानुल्लाह, अब्दुल्ला अहमदजई, खलील गुरबाज, मोहम्मद इब्राहिम, जहीर खान

  • क्रिकेट से ब्रांड तक धमाका: वैभव सूर्यवंशी की बढ़ती फेम और करोड़ों की डील्स

    क्रिकेट से ब्रांड तक धमाका: वैभव सूर्यवंशी की बढ़ती फेम और करोड़ों की डील्स

    नई दिल्ली

    इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 में अपने बल्ले से हाहाकार मचाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) अब मैदान के बाहर भी बड़ी कमाई की ओर बढ़ रहे हैं.

    महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बन चुके वैभव की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है. मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपनी एंडोर्समेंट फीस लगभग दोगुनी कर दी है और अब एक विज्ञापन डील के लिए 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक की चार्ज कर रहे हैं.

    वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा, जिसने पूरे सीजन में क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया. उनके इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्हे और मोस्ट वैल्युबल (MVP) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले.

    राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले वैभव फिलहाल 1.10 करोड़ रुपये के सालाना IPL कॉन्ट्रैक्ट पर हैं. हालांकि IPL नियमों के चलते उनकी सैलरी में तत्काल बदलाव नहीं होगा और इसके लिए उन्हें अभी इंतजार करना पड़ सकता है. लेकिन ब्रांड मार्केट में उनकी कीमत तेजी से बढ़ चुकी है.

    मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताबिक, IPL 2026 शुरू होने से पहले वैभव ने कुछ प्रमुख कंपनियों के साथ लगभग 1 करोड़ रुपये प्रति डील के हिसाब से करार किए थे. इनमें कॉम्पलैन और रेड बुल जैसे बड़े नाम शामिल हैं. अब उनके शानदार सीजन के बाद कई अन्य कंपनियां भी उन्हें अपने ब्रांड से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं.

    कौन संभाल रहा है वैभव की ब्रांड्स डील
    बताया जा रहा है कि वैभव की ब्रांड एंडोर्समेंट डील्स फिलहाल उनके माता-पिता संभाल रहे हैं. वहीं उनकी IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स भी इस प्रोसेस में उनके परिवार की मदद कर रही है. क्रिकेट और विज्ञापन जगत के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में उनकी ब्रांड वैल्यू और तेजी से बढ़ सकती है.

    वैभव अभी अपने क्रिकेट करियर की शुरुआती सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, लेकिन IPL 2026 में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बना दिया है. कई पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ उनकी तुलना सच‍िन तेंदुलकर, व‍िराट कोहली, सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों से करने लगे हैं. हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिभा के बावजूद वैभव के सामने अभी लंबा सफर है और उनके करियर को सही दिशा में आगे बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती होगी.

  • सिर्फ 15 साल की उम्र और खेल दिग्गजों वाला! वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में बनाए बल्लेबाजी के नए मानक

    सिर्फ 15 साल की उम्र और खेल दिग्गजों वाला! वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में बनाए बल्लेबाजी के नए मानक

    अहमदाबाद 

    •     –776 रन, 237.30 का स्ट्राइक रेट और 72 छक्के… सूर्यवंशी ने ऐसे आंकड़े खड़े किए जो IPL इतिहास में पहले कभी नहीं दिखे.
          -अभिषेक शर्मा, आंद्रे रसेल और एलेक्स हेल्स जैसे नामों वाले एलीट क्लब में सूर्यवंशी सबसे ऊपर नजर आए.
          -16 गेंद की फिफ्टी, 36 गेंद का शतक और 29 गेंदों पर 97 रन… हर बड़ी पारी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई.
          -1000 IPL रन तक  440 गेंदों और 23 पारियों में यह मुकाम हासिल कर सूर्यवंशी ने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया.
          -521 रन और 46 छक्के… पहले छह ओवर उनके लिए रन बरसाने का मंच बन गए.
          -पावरप्ले में सूर्यवंशी ने अकेले CSK, RCB, KKR, GT और DC से ज्यादा छक्के जड़ दिए.
          -हर 4.5 गेंद पर एक छक्का लगाकर सूर्यवंशी ने T20 हिटिंग के नए मानक तय किए.
          -बुमराह, स्टार्क, कमिंस और हेजलवुड जैसे दिग्गज भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से नहीं बच सके.
          -मोहसिन खान और सुनील नरेन उन चुनिंदा नामों में रहे जिनके खिलाफ वह खुलकर नहीं खेल सके.
          – प्रफुल्ल  हिंगे की पहली गेंद पर आउट होने के बाद सूर्यवंशी ने अगली भिड़ंत में लगातार चार छक्के जड़कर हिसाब बराबर किया।
       

    15 साल की उम्र में रिकॉर्डों का पहाड़ खड़ा करने वाले सूर्यवंशी के लिए यह सिर्फ शुरुआत मानी जा रही है. आने वाले द‍िनों में वो क्या करेंगे, इस पर अब अनुमान लगाना भी मुश्क‍िल है. ऊपर जो तथ्य बताए गए हैं, वो केवल वैभव की इस आईपीएल की हाइलाइट्स मात्र हैं. आईपीएल फाइनल में उननकी टीम भले नहीं जीती हो, लेकिन उन्होंने आईपीएल के कई ख‍िताबों को अपने नाम किए. वहीं जता द‍िया कि आने वाले द‍िनों में क्या करेंगे।  

    इंडियन प्रीमियर लीग के 19 साल के इतिहास में राजस्थान रॉयल्स युवा प्रतिभाओं को तराशने वाली सबसे सफल फ्रेंचाइजी रही है. रवींद्र जडेजा, संजू सैमसन, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी इसी मंच से निकले. लेकिन 2026 का सीजन इस सूची में एक ऐसे नाम को सबसे ऊपर ले आया, जिसकी उम्र अभी महज 15 साल है. वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ शानदार प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि T20 बल्लेबाजी की उन सीमाओं को भी तोड़ दिया, जिन्हें अब तक अछूता माना जाता था। 

    सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा. उन्होंने सिर्फ 327 गेंदों का सामना किया, जिनमें से 135 बार गेंद बाउंड्री के पार गई. इनमें 72 छक्के शामिल रहे. पूरे सीजन में उनके बल्ले से छह बार 50 से ज्यादा स्कोर निकले, जिनमें एक 36 गेंदों का शतक भी था. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनकी चार फिफ्टी 16 गेंद या उससे कम में पूरी हुईं। 

    उनकी बल्लेबाजी का असर इस बात से भी समझा जा सकता है कि उनका स्ट्राइक रेट बाकी राजस्थान बल्लेबाजों से 87.03 ज्यादा रहा. IPL इतिहास में किसी सीजन में 300 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों के बीच यह सबसे बड़ा अंतर है। 

    IPL इतिहास के 18 सीजन में सिर्फ चार बल्लेबाज ही किसी एक सीजन में उनसे ज्यादा रन बना पाए हैं, लेकिन किसी का स्ट्राइक रेट उनके आसपास भी नहीं पहुंचा. T20 क्रिकेट के इतिहास में 500 से ज्यादा रन और 200 से अधिक स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाजों की सूची बेहद छोटी है. इसमें वैभव सूर्यवंशी सबसे ऊपर नजर आते हैं. उनके 776 रन इस विशेष क्लब में दूसरे नंबर पर मौजूद अभिषेक शर्मा के 563 रनों से 38 प्रतिशत ज्यादा हैं. इस सूची में आंद्रे रसेल और एलेक्स हेल्स जैसे नाम भी शामिल हैं। 

    अगर 300 से ज्यादा रन और 200 से ऊपर स्ट्राइक रेट वाले T20 टूर्नामेंटों को देखा जाए तो केवल अभिषेक शर्मा ने उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट दर्ज किया, लेकिन वह सिर्फ 304 रन ही बना सके थे. दूसरी तरफ सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में 230 से ज्यादा स्ट्राइक रेट बनाए रखते हुए 776 रन ठोक दिए। 

    2025 में अपने डेब्यू सीजन में प्रतिभा की झलक दिखाने वाले सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि क्या वह दूसरे साल भी उसी स्तर का प्रदर्शन कर पाएंगे. उन्होंने इसका जवाब धमाकेदार अंदाज में दिया. राजस्थान रॉयल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार चार जीतों से की और उसमें सूर्यवंशी की अहम भूमिका रही। 

    वह IPL इतिहास के पहले बल्लेबाज बने, जिन्होंने अपने शुरुआती दोनों सीजन में शतक लगाया. 2025 में गुजरात  टाइटन्स के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाने वाले सूर्यवंशी ने 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 36 गेंदों में सैकड़ा जड़ दिया। 

    वह IPL में दो शतक लगाने वाले पहले अनकैप्ड बल्लेबाज भी बने. इतना ही नहीं, उन्होंने यशस्वी जायसवाल के नाम दर्ज अनकैप्ड बल्लेबाज के सर्वाधिक रन बनाने के रिकॉर्ड को 151 रन के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। 

    2026 में सूर्यवंशी ने चार बार 16 गेंद या उससे कम में अर्धशतक पूरा किया. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने अपने पूरे करियर में भी इतनी बार ऐसा नहीं किया है. इससे पहले  ट्रेव‍िस हेड और निकोलस पूरन ने 2024 में एक सीजन में दो-दो बार यह उपलब्धि हासिल की थी। 

    एलिमिनेटर में SRH के खिलाफ उनकी 16 गेंदों की फिफ्टी IPL प्लेऑफ इतिहास की संयुक्त रूप से सबसे तेज फिफ्टी रही. जयपुर में स्ट्राइक SRH के खिलाफ लगाया गया 36 गेंदों का शतक IPL इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक था. दिलचस्प बात यह है कि दूसरे नंबर पर भी उनका ही नाम दर्ज है. एलिमिनेटर में वह 29 गेंदों पर 97 रन बनाकर आउट हुए, नहीं तो सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो सकता था। 

    सीजन की आखिरी पारी में उन्होंने IPL में 1000 रन पूरे किए और ऐसा करने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए. सिर्फ 440 गेंदों में 1000 रन तक पहुंचकर उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिनको यह उपलब्धि हासिल करने में 545 गेंदें लगी थीं. सूर्यवंशी ने केवल 23 पारियों में 1000 IPL रन पूरे किए, जो लीग के इतिहास में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज और किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज रिकॉर्ड है। 

    पावरप्ले सूर्यवंशी का सबसे पसंदीदा शिकार क्षेत्र साबित हुआ. उनके 776 रनों में से 521 रन पहले छह ओवरों में आए. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने एक सीजन में पावरप्ले में इतने रन नहीं बनाए थे. इससे पहले यह रिकॉर्ड 2016 में डेविड वॉर्नर के 467 रनों का था। 

    उन्होंने चार बार पावरप्ले के भीतर ही अर्धशतक पूरा किया और ट्रेव‍िस हेड के रिकॉर्ड की बराबरी की. IPL करियर में उनके नाम अब पांच पावरप्ले फिफ्टी हैं. उनसे आगे सिर्फ डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने छह बार यह कारनामा किया। 

    छक्कों के मामले में भी सूर्यवंशी ने अलग ही लेवल की बल्लेबाजी दिखाई. उन्होंने पावरप्ले में 223 गेंदों पर 46 छक्के लगाए. यह IPL इतिहास का रिकॉर्ड है. दिलचस्प बात यह है कि 2023 तक किसी पूरी IPL टीम ने एक सीजन के पावरप्ले में इतने छक्के नहीं लगाए थे. 2026 में अकेले सूर्यवंशी ने पावरप्ले में CSK, RCB, KKR, GT और DC जैसी पांच टीमों से ज्यादा छक्के जड़ दिए। 

    अगर T20 छक्केबाजी की बात होती है तो क्रिस गेल का नाम सबसे पहले लिया जाता है. लेकिन सूर्यवंशी ने उस पैमाने को भी बदल दिया. गेल ने 2012 में 456 गेंदों पर 59 छक्के लगाए थे, यानी हर 7.7 गेंद पर एक छक्का. सूर्यवंशी ने 327 गेंदों में 72 छक्के जड़ दिए, यानी हर 4.5 गेंद पर एक छक्का। 

    पूरे सीजन में दो छक्कों के बीच उनका सबसे लंबा इंतजार सिर्फ 20 गेंदों का रहा. IPL इतिहास में 30 से ज्यादा छक्कों वाले सीजन में सिर्फ तीन बल्लेबाज ही उनसे बेहतर छक्का-फ्रीक्वेंसी दर्ज कर पाए हैं। 
    उन्होंने तीन अलग-अलग पारियों में 10 या उससे ज्यादा छक्के लगाए, जो IPL इतिहास में पहली बार हुआ. इससे पहले सिर्फ फिन एलन ने 2026 में एक सीजन में यह उपलब्धि एक से ज्यादा बार हासिल की थी। 

    सूर्यवंशी ने दो बार एक पारी में 12-12 छक्के लगाए. यह किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा IPL में एक पारी में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं. उन्होंने अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. एलिमिनेटर में स्ट्राइक रेट के खिलाफ उनके 12 छक्के IPL नॉकआउट मुकाबलों का रिकॉर्ड भी बने. इनमें से आठ छक्के सिर्फ पावरप्ले में आए। 

    स्ट्राइक रेटH के खिलाफ जयपुर में लगाए गए शतक के दौरान वह IPL में सबसे तेजी से 50 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बने. उन्होंने यह मुकाम सिर्फ 15 पारियों और 250 गेंदों में हासिल किया. इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल और प्रियांश आर्य के नाम था। 

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    उनके 72 छक्कों में 50 छक्के लेग साइड पर आए, जबकि 34 छक्के स्क्वायर लेग और मिडविकेट के बीच के क्षेत्र में लगे. सिर्फ रिकॉर्ड ही नहीं, दुनिया के बड़े गेंदबाज भी सूर्यवंशी के सामने बेबस दिखे. जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मैट हेनरी, मिचेल स्टार्क और लुंगी एनगिडी जैसे दिग्गजों की पहली ही गेंद पर उन्होंने चौका जड़ दिया। 

    तेज गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने 648 रन 239.11 के स्ट्राइक रेट से बनाए. स्पिनरों के खिलाफ भी उनका स्ट्राइक रेट 228.57 रहा. यॉर्कर को छोड़ दें तो लगभग हर लेंथ उनके लिए रन बनाने का मौका बन गई. उन्होंने लेंथ गेंदों पर 268 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जबकि बाउंसर पर यह आंकड़ा 300 से ऊपर रहा। 

    सीजन में उन्होंने 46 अलग-अलग गेंदबाजों का सामना किया और 34 के खिलाफ छक्के लगाए. केवल चार गेंदबाज ऐसे रहे, जिन्होंने उन्हें तीन से ज्यादा गेंदें डालने के बावजूद छक्का नहीं खाने दिया. इनमें मोहसिन खान सबसे सफल रहे. उन्होंने 12 गेंदों में सिर्फ दो रन दिए और एक विकेट भी लिया. IPL में सूर्यवंशी के खिलाफ पहला मेडन ओवर फेंकने वाले गेंदबाज भी मोहसिन ही बने.सुनील नरेन भी उन चुनिंदा गेंदबाजों में रहे, जिनके खिलाफ सूर्यवंशी का स्ट्राइक रेट 100 से कम रहा। 

    सीजन की सबसे दिलचस्प कहानी सनराइजर्स हैदराबाद के युवा गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे और बिहार के उनके साथी साकिब हुसैन से जुड़ी रही. IPL के अपने पहले ओवर में सूर्यवंशी प्रफुल्ल हिंगे की पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे. उसी ओवर में हिंगे ने तीन विकेट भी लिए थे। 

    लेकिन वापसी मुकाबले में सूर्यवंशी ने हिसाब बराबर कर दिया. उन्होंने पारी के पहले ओवर में हिंगे की लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ दिए. IPL इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने मैच के पहले ओवर में ऐसा किया. पूरे सीजन में उन्होंने हिंगे के खिलाफ 17 गेंदों पर 57 रन बनाए। 

    साकिब हुसैन के खिलाफ भी उनका बल्ला जमकर बोला. उन्होंने 19 गेंदों में 59 रन ठोक दिए. पर्पल कैप की दौड़ में शीर्ष-10 गेंदबाजों के खिलाफ सूर्यवंशी ने 113 गेंदों पर 241 रन बनाए और हर गेंदबाज के खिलाफ 160 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बटोरे। 

    भारत की T20 विश्व कप जीत के बाद IPL 2026 कई नई कहानियों की तलाश में था, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में एक कहानी सबसे ऊपर रही. वह थी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की. उन्होंने सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़े, बल्कि बल्लेबाजी की नई परिभाषा लिख दी. और सबसे डराने वाली बात यह है कि यह खिलाड़ी अभी सिर्फ 15 साल का है. उसके करियर का सर्वश्रेष्ठ शायद अभी आना बाकी है। 
     
    आइए अब वैभव की आईपीएल 2026 की र‍िकॉर्ड कथा पर एक और नजर डाल लेते हैं. 

    1. सबसे ज्यादा  आक्रामक प्रदर्शन (हाई स्ट्राइक रेट रिकॉर्ड)
    50+ रन 300+ स्ट्राइक रेट के साथ एक  गेंदबाज के ख‍िलाफ (IPL सीजन)

    ऋषभ पंत पंत vs मोहित शर्मा (2024) – 62 रन (18 बॉल), स्ट्राइक रेट : 344.44
    मुरली विजय vs एस नरवाल (2010) – 58 रन (17 बॉल), स्ट्राइक रेट: 341.17
    वैभव सूर्यवंशी vs पीपी हिंगे (2026) – 57 रन (17 बॉल), स्ट्राइक रेट: 335.29
    हाश‍िम अमला vs लसिथ मलिंगा (2017) – 51 रन (16 बॉल), स्ट्राइक रेट: 318.75
    वैभव सूर्यवंशी vs साकिब हुसैन (2026) – 59 रन (19 बॉल),  स्ट्राइक रेट: 310.52

    2. पावर हिटिंग रिकॉर्ड्स (सिक्स-हिटिंग रिकॉर्ड्स)
    वैभव सूर्यवंशी (2026)- 72 रन (16 मैच, 327 बॉल), बॉल्स/6: 4.5
    क्रिस गेल गेल (2012) – 59 रन
    आंद्रे रसेल रसेल (2019) – 52 रन
    क्रिस गेल (2013) – 51 रन
    जोस बटलर (2022) – 45 रन

    3. पावरप्ले परफॉर्मेंस (पावरप्ले रिकॉर्ड्स)
    पावरप्ले (ओवर 1-6) में सबसे ज्यादा रन

    वैभव सूर्यवंशी (2026) – 521 रन ,  स्ट्राइक रेट: 233.63 ,  Ave: 74.42
    डेव‍िड वॉर्नर (2016) – 467 रन ,  स्ट्राइक रेट: 150.16
    ट्रेव‍िस हेड (2024) – 402 रन ,  स्ट्राइक रेट: 208.29
    साई सुदर्शन (2025) – 402 रन ,  स्ट्राइक रेट: 158.11
    एडम गिलक्रिस्ट (2009) – 382 रन ,  स्ट्राइक रेट: 165.36

    4. सबसे ज्यादा  रन (ओवरऑल बैटिंग रिकॉर्ड)
    एक IPL सीजन  में सबसे ज्यादा  रन

    व‍िराट कोहली (2016) – 973 रन
    शुभमन गिल (2023) – 890 रन
    जोस बटलर (2022) – 863 रन
    डेव‍िड वॉर्नर (2016) – 848 रन
    वैभव सूर्यवंशी (2026) – 776 रन

    5-अनकैप्ड बैट्समैन द्वारा सबसे ज्यादा  रन
    वैभव सूर्यवंशी (2026) – 776 रन
    यशस्वी  जायसवाल (2023) – 625 रन
    शॉन मार्श (2008) – 616 रन
    र‍ियान पराग (2024) – 573 रन

    5. टीम के बाकी बैट्समैन से अलग परफॉर्मेंस
    टीममेट्स की तुलना में सबसे ज्यादा  स्ट्राइक रेट डिफरेंस

    वैभव सूर्यवंशी (RR, 2026)- 237.30 स्ट्राइक रेट (टीम स्ट्राइक रेट: 150.28),  डिफरेंस: 87.02
    जेएम फ्रेजर-मैकगर्क (DC, 2024) – 234.04 स्ट्राइक रेट (टीम स्ट्राइक रेट: 148.16 ) डिफरेंस: 85.84

  • रिकॉर्ड नहीं, सत्ता परिवर्तन: वैभव सूर्यवंशी ने बदल दी टी20 क्रिकेट की परिभाषा

    रिकॉर्ड नहीं, सत्ता परिवर्तन: वैभव सूर्यवंशी ने बदल दी टी20 क्रिकेट की परिभाषा

    वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 65 छक्के पूरे कर लिए हैं- किसी भी टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा.
    उन्होंने 2012 में क्रिस गेल के 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

    लेकिन असली तबाही यहां छिपी है-
    गेल ने अपने 59 छक्कों तक पहुंचने के लिए 456 गेंदें खेली थीं.
    वैभव ने 65 छक्कों के लिए सिर्फ 280 गेंदें लीं.

    यानी हर चौथी गेंद पर छक्का!
    यह आंकड़ा नहीं, गेंदबाजों के लिए डरावना सपना है.

    16 गेंदों में फिफ्टी… प्लेऑफ इतिहास की बराबरी

    SRH के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया.
    यह IPL प्लेऑफ/नॉकआउट इतिहास की संयुक्त सबसे तेज फिफ्टी है.

    इससे पहले 2014 के क्वालिफायर-2 में सुरेश रैना ने किंग्स XI पंजाब के खिलाफ 16 गेंदों में पचासा ठोका था.
    अब उस सूची में वैभव सूर्यवंशी का नाम भी दर्ज हो चुका है.

    242.85 की स्ट्राइक रेट… जो टी20 इतिहास में कभी नहीं हुई

    वैभव ने इस सीजन 15 पारियों में 680 रन बनाए हैं.
    स्ट्राइक रेट? 242.85!

    टी20 इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने 600+ रन बनाकर 200 से ऊपर की स्ट्राइक रेट रखी है.

    इससे पहले सबसे बेहतर रिकॉर्ड रिली रूसो का था, जिन्होंने 2022 T20 Blast में 623 रन 192.28 की स्ट्राइक रेट से बनाए थे.
    वैभव ने उस सीमा को भी बौना बना दिया.

    12 छक्के… और IPL प्लेऑफ का नया विस्फोट
    एलिमिनेटर में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 12 छक्के जड़ दिए.
    यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा IPL पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्के हैं.

    दिलचस्प बात?
    उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी की, जो इसी सीजन जयपुर में SRH के खिलाफ बनाया था.

    और सिर्फ भारतीयों में ही नहीं-
    IPL प्लेऑफ या नॉकआउट मैच में 12 छक्के अब तक किसी ने नहीं लगाए थे.

    इससे पहले शुभमन गिल ने 2023 क्वालिफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 10 छक्के जड़े थे.

    पहली 24 गेंदों में 10 छक्के… IPL ने ऐसा पहले नहीं देखा

    वैभव के पहले 10 छक्के सिर्फ 24 गेंदों में आए.

    IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने इतनी तेजी से 10 छक्के नहीं लगाए.

    क्रिस गेल ने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ अपनी 175* वाली पारी में पहले 10 छक्कों के लिए 27 गेंदें ली थीं.
    वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया.

    पावरप्ले में 8 छक्के… नई परिभाषा
    SRH के खिलाफ वैभव के 12 में से 8 छक्के पावरप्ले में आए.
    IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा इतने छक्के कभी नहीं लगे थे.

    इससे पहले कई बल्लेबाज एक पारी में पावरप्ले में 7 छक्के लगा चुके थे, जिनमें खुद वैभव भी शामिल थे.
    लेकिन अब रिकॉर्ड सिर्फ उनके नाम है.

    10+ छक्कों वाली 4 पारियां… गेल की बराबरी
    वैभव अब IPL में 10 या उससे ज्यादा छक्कों वाली 4 पारियां खेल चुके हैं.
    उन्होंने क्रिस गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.

    सबसे हैरान करने वाली बात-
    इनमें से 3 पारियां सिर्फ IPL 2026 में आई हैं.
    किसी एक सीजन में ऐसा पहले किसी बल्लेबाज ने नहीं किया.

    334.48 की स्ट्राइक रेट… 90+ रन वाली सबसे खतरनाक पारी
    29 गेंदों पर 97 रन.
    स्ट्राइक रेट- 334.48.

    IPL इतिहास में 90+ रन की किसी भी पारी में यह सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट है.
    इससे पहले रिकॉर्ड रजत पाटीदार के नाम था, जिन्होंने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 33 गेंदों में 93* बनाते हुए 281.81 की स्ट्राइक रेट हासिल की थी.
    वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया.

    300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर… कोई आसपास नहीं
    वैभव IPL में तीन बार 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ रन बना चुके हैं.
    ऐसा IPL इतिहास में किसी और बल्लेबाज ने नहीं किया.

    पूरे टी20 क्रिकेट की बात करें तो यह चौथी बार है जब उन्होंने ऐसा कारनामा किया.
    उन्होंने कीरोन पोलार्ड की बराबरी कर ली है.

    पावरप्ले में फिफ्टी… वार्नर के पीछे सिर्फ एक कदम
    वैभव अब IPL में पांच बार पावरप्ले के अंदर ही अर्धशतक पूरा कर चुके हैं.
    उनसे आगे सिर्फ डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने ऐसा छह बार किया.

    इनमें से चार फिफ्टी सिर्फ 2026 सीजन में आई हैं, जो ट्रैविस हेड के 2024 रिकॉर्ड की बराबरी है.

    490 रन सिर्फ पहले 6 ओवर में!
    वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान 490 रन बना दिए हैं.  यह IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन हैं. उन्होंने 2016 में डेविड वॉर्नर के 467 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.

    यह सिर्फ सीजन नहीं… सत्ता परिवर्तन है
    क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, सुरेश रैना, कीरोन पोलार्ड, शुभमन गिल…
    एक-एक करके हर बड़े नाम के रिकॉर्ड पर अब वैभव सूर्यवंशी की मुहर लग रही है.

    और सबसे डराने वाली बात?
    यह खिलाड़ी अभी 15 साल का है. आईपीएल 2026 शायद सिर्फ एक सीजन नहीं, बल्कि उस युग की शुरुआत है, जहां रिकॉर्ड टूटने से पहले लोग सिर्फ यह पूछेंगे- 'क्या वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं?'

    वैभव ने जो बड़े रिकॉर्ड तोड़े-
    – एक T20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के – 65
    (क्रिस गेल के 59 छक्के पीछे छोड़े)

    – IPL प्लेऑफ में सबसे ज्यादा छक्के -12
    (शुभमन गिल के 10 छक्कों का रिकॉर्ड टूटा)

    – IPL में सबसे तेजी से 10 छक्के – 24 गेंद
    (गेल के 27 गेंद वाले रिकॉर्ड से आगे)

    – IPL पारी के पावरप्ले में सबसे ज्यादा छक्के – 8
    – एक IPL सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन- 490
    (डेविड वॉर्नर के 467 रन पीछे छोड़े)

    – 600+ रन और 200+ स्ट्राइक रेट वाला पहला बल्लेबाज
    (टी20 इतिहास में पहली बार)

    – 90+ रन वाली IPL पारी में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट – 334.48

    – एक सीजन में 10+ छक्कों वाली सबसे ज्यादा पारियां -3

    – अनकैप्ड बल्लेबाज द्वारा IPL सीजन में सबसे ज्यादा रन – 680*

    – IPL सीजन में सबसे विस्फोटक बाउंड्री रेट

    – हर 4.3 गेंद पर छक्का- गेल के 7.7 से काफी आगे.

    जिन रिकॉर्ड्स की बराबरी की-
    – IPL प्लेऑफ की सबसे तेज फिफ्टी – 16 गेंद (सुरेश रैना के साथ)

    – IPL में 10+ छक्कों वाली 4 पारियां – क्रिस गेल की बराबरी

    – 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर – कीरोन पोलार्ड की बराबरी

    – पावरप्ले में 4 फिफ्टी एक सीजन में – ट्रैविस हेड की बराबरी

    – एक IPL पारी में 12 छक्के – अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी

  • युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बड़ा ऐलान, T20 क्रिकेट में 200 रन ठोकने का जताया भरोसा

    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बड़ा ऐलान, T20 क्रिकेट में 200 रन ठोकने का जताया भरोसा

      नई दिल्ली
    इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में तूफानी बल्लेबाजी अंदाज से सनसनी मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी अब अपने बयान की वजह से चर्चा में हैं. महज 15 साल की उम्र में इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा दावा किया है जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन के साथ बातचीत में वैभव ने साफ कहा कि उन्हें सिर्फ फिफ्टी या सेंचुरी बनाकर संतुष्टि नहीं मिलती. उनका असली सपना T20 क्रिकेट में 200 रन बनाना है। 

    जब केविन पीटरसन ने पूछा कि क्या उन्हें अर्धशतक सेलिब्रेट करना पसंद है, तो वैभव सूर्यवंशी ने बेझिझक कहा, 'नहीं, इतना ज्यादा नहीं.' इसके बाद उन्होंने अपनी सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा का खुलासा किया. वैभव सूर्यवंशी कहते हैं, 'मैं T20 में 200 रन बनाना चाहता हूं. मैं उनका (गेल) रिकॉर्ड तोड़ना चाहता हूं। 

    वैभव सूर्यवंशी यहां क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड की बात कर रहे थे. गेल ने आईपीएल 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए खेलते हुए पुणे वॉरियर्स इंडिया (PWI) के खिलाफ नाबाद 175 रन बनाए थे, जो आज भी T20 इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। वैभव सूर्यवंशी को पूरा भरोसा है कि वह यह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. वैभव ने बताया, 'अगर मैं किसी मैच में पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी करूं, तो 175 रनों का रिकॉर्ड तोड़ सकता हूं.' यही बेखौफ सोच उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है. वैभव ने बताया कि उन्हें नर्वस नाइंटी का भी कोई दबाव महसूस नहीं होता। 

    वैभव सूर्यवंशी ने आगे कहा, 'नहीं, कभी नहीं. मैं बस अपना नेचुरल गेम खेलता रहता हूं.'वैभव का आत्मविश्वास सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं है. उन्होंने पहले ही कई बड़ी पारियां खेलकर सभी को प्रभावित किया है. इस साललअंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने 175 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली थी. वहीं विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बिहार के लिए खेलते हुए वह 190 रनों तक पहुंच गए थे। 

    सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब वैभव सूर्यवंशी ने अपने करियर की सबसे लंबी पारी का जिक्र किया. वैभव ने बताया, 'मैंने अपने राज्य के लिए एक घरेलू मैच में पूरे 50 ओवर बल्लेबाजी की थी और 335 रन बनाकर नाबाद लौटा था। 

    महज 15 साल की उम्र में इतना आत्मविश्वास, इतनी बड़ी सोच और आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सुपरस्टार बना रहा है।