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  • UP Weather Update: 1 अक्टूबर से मौसम होगा शुष्क, बढ़ेगा तापमान

    UP Weather Update: 1 अक्टूबर से मौसम होगा शुष्क, बढ़ेगा तापमान

    लखनऊ
     भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आज जारी ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों से वापस लौट रहा है। मानसून की वापसी की रेखा वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ क्षेत्रों से होकर गुजर रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, निचले क्षोभमंडल के स्तर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक ऊपरी हवा का साइक्लोन सर्कुलेशन बना हुआ है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से राज्य के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

    पूर्वी यूपी में हल्की बारिश की संभावना
    29 और 30 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, मीरजापुर, सोनभद्र और आजमगढ़ समेत कुछ जिलों में हल्की या छिटपुट बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके बाद 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

    पश्चिमी यूपी में ऐसा रहेगा मौसम का हाल
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    कब होगी मानसून की विदाई
    देश में मानसून की विदाई अब शुरू हो चुकी है। मानसून के पीछे हटने के कारण आने वाले दिनों में राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बदलाव देखा जा सकता है।

    अक्टूबर के पहले हफ्ते में मानसून के पूरी तरह खत्म होने के आसार हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम के शुष्क रहने के दौरान वे अपनी फसलों की देखभाल और कटाई का कार्य योजनाबद्ध तरीके से करें।

     

  • उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट, आंधी-वज्रपात के साथ कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

    उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट, आंधी-वज्रपात के साथ कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

    लखनऊ
    दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में बने लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी और पश्चिमी यूपी के विभिन्न हिस्सों में बारिश और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहेंगी।

    पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम का हाल
    मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। बिजनौर जिले में सर्वाधिक 12 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में भी तेज बारिश का असर देखा गया है।

    पश्चिमी यूपी में कैसा रहेगा मौसम
    मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि 6 और 7 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है।

    पूर्वी यूपी में ऐसा रहेगा मौसम
    पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 6 से 8 सितंबर तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं 6 से 9 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

    किसानों के लिए जरूरी सलाह
    मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और गीली स्थिति में सिंचाई, खाद व कीटनाशकों का छिड़काव टाल दें। छोटे पौधों, सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा देने की हिदायत दी गई है।

     

  • यूपी में कहीं झमाझम तो कहीं बूंदाबांदी, 7 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून

    यूपी में कहीं झमाझम तो कहीं बूंदाबांदी, 7 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून

    लखनऊ
    यूपी के कुछ इलाकों में शनिवार को बादल भरपूर बरसे। पश्चिम यूपी के मेरठ मंडल और आगरा मंडल में हुई बारिश से गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। लोगों को जलभराव से भी जूझना पड़ा है। दो दिन फिर गर्मी, उमस झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को सूखा रह सकता है। अन्यथा की स्थिति में बूंदाबांदी या रिमझिम देखी जा सकती है। इसके बाद 7 जुलाई से बारिश का दौर फिर शुरू होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खुले में होने वाले आयोजनों को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। शनिवार को करीब एक घंटे से अधिक हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया। अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम होकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 83 दर्ज किया गया।

    कहीं बरसे बादल तो कहीं पर सिर्फ गिरी बूंदें
    पश्चिम यूपी में दिनभर उमस और गर्मी के बीच शनिवार को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई जबकि कुछ जगह केवल बूंदों ने भिगोया। अधिकांश हिस्सा पूरी तरह शुष्क रहा और बारिश का इंतजार करता रहा। आज से सात जुलाई तक कुछ हिस्सों में ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर चलने की उम्मीद है। अधिकांश हिस्से इस अवधि में सूखे रहेंगे। गर्मी एवं उमस का प्रकोप भी बना रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मेरठ में दिन-रात का तापमान क्रमश: 37 एवं 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.7 एवं 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ। शुक्रवार के सापेक्ष दिन में 0.7 एवं रात में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आठ से दस जुलाई के बीच मेरठ सहित वेस्ट यूपी में अच्छी और व्यापक बारिश के आसार हैं, लेकिन इससे पहले केवल कुछ हिस्सों में छुटपुट बारिश का दौर चल सकता है।

    आधे घंटे की बारिश में जलमग्न हुए क्षेत्र
    शनिवार दोपहर को यूपी के कई इलाकों में हुई बारिश के कारण आधे घंटे की बारिश में गलियों में कई फुट पानी भर गया। पानी निकासी का कोई इंतजाम न होने से गांव की सड़कें तालाब बन गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नाले-नालियां बनी ही नहीं हैं। जबार ने बताया कि हर बार यही हाल होता है। आने वाले दिनों में तेज बारिश में पानी भरने की समस्या और बढ़ेगी।

  • बिहार में मानसून की रफ्तार थमी, लेकिन आज भारी बारिश और वज्रपात का खतरा; मौसम विभाग ने किया सतर्क

    बिहार में मानसून की रफ्तार थमी, लेकिन आज भारी बारिश और वज्रपात का खतरा; मौसम विभाग ने किया सतर्क

    पटना
    बिहार के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राजधानी पटना सहित सूबे के 14 जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ जिलों में ऑरेंज तो कुछ में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। हालांकि, राहत की इस बौछार के बावजूद राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं होने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य का एक बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पटना में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

    कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट
    मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय और समस्तीपुर जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज आंधी को लेकर ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भागलपुर, गया जी, जहानाबाद, जमुई, खगड़िया, नालंदा, नवादा, पटना और शेखपुरा जिलों में भी वज्रपात और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा।

    चलेंगी 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं
    अलर्ट वाले सभी 14 जिलों में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। राज्य में दो तरफा मौसम (कहीं उमस भरी धूप तो कहीं अचानक आंधी-पानी) होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    मानसून के प्रवेश की वर्तमान स्थिति

    • 12 जून को आगमन: दक्षिण-पश्चिम मानसून सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेगूसराय, लखीसराय, बांका, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर सहित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और जमुई के कुछ भागों में प्रवेश कर चुका था।
    • छह दिनों से ठहराव: शुरुआती तेजी के बाद पिछले छह दिनों से मानसून की उत्तरी सीमा जमुई और मुजफ्फरपुर के समीप ही रुकी हुई है, जिससे आगे के जिलों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है।
  • मानसून से पहले तप रहा यूपी, प्रयागराज सबसे गर्म; ‘मानसून पॉज’ को लेकर बढ़ी चिंता

    मानसून से पहले तप रहा यूपी, प्रयागराज सबसे गर्म; ‘मानसून पॉज’ को लेकर बढ़ी चिंता

    लखनऊ
    यूपी में भीषण गर्मी और बार-बार आंधी के कारण मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है। उमस भरी गर्मी और धूल भरी आंधी तो कई इलाकों में चल रही है लेकिन फिर भी मॉनसून आने में अभी समय बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने में और कुछ दिन लगेंगे। कई इलाकों में तापमान 45 के पार होने को है। वहीं, अभी तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है।

    मौसम विशेषज्ञों को मानसून में रुकावट का डर
    मानसून तो लगातार प्रगति कर रहा है लेकिन बारिश कम हो रही है। बिहार तक पहुंचे मानसून के 20-25 जून के बीच यूपी में दाखिल होने की संभावना है। पहले स्पेल में अच्छी बारिश की भी संभावना जताई जा रही है लेकिन विशेषज्ञ मानसून पॉज से डर रहे हैं। यदि मानसून की गति लगातार नहीं बनी रहती है और बीच-बीच लंबा गैप आता है तो स्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की अब तक प्रगति ठीक है, लेकिन सेटेलाइट थ्री डी एस से जो तस्वीरें मिली हैं उसके अध्ययन से मानसून के भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है।

    पश्चिमी जेट स्ट्रीम अपने सामान्य रास्ते पर नहीं है बल्कि नीचे दक्षिणी क्षेत्र की ओर है। जो बादल अब तक के मानसून से दिखने चाहिए थे वह नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेट स्ट्रीम के नीचे खिसकने से पूर्वी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे जो बादलों के बनने की प्रक्रिया है वह उतनी गति वाली नहीं है जितनी अपेक्षित है। मौसम विशेषज्ञ अल नीनो का खतरा लंबे समय से बता रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो बारिश प्रभावित होगी और मानसून पाज की स्थिति स्वतः बन जाएगी। सीएसए मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मानसून की रफ्तार बनी हुई है। उम्मीद है कि यूपी और कानपुर तक यह समय से पहुंचेगा। इसके बाद का लंबा समय मानसून का है जिसके दौरान स्थितियां स्पष्ट होंगी।

    मानसून के पहले फिर तपी संगमनगरी, प्रदेश में रही सबसे गर्म
    एक तरफ जहां लोग बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं वहीं बुधवार को प्रयागराज प्रदेश में फिर सबसे गर्म जिला रहा। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप व लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। लोग सिर से पांव तक खुद को ढंककर बाहर निकले। हालांकि दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद बादल छाने लगे। लगभग चार बजे धूल भरी आंधी चली जबकि यमुनापार के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे शाम को तपिश से थोड़ी राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रहा।

    इससे पहले जिले का 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान 28 मई को रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि जून का यह सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान है। मंगलवार की रात का न्यूनतम तापमान 29.5 सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार की रात का न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यानी 24 घंटे में रात के न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। रात के तापमान में वृद्धि होने से पंखा, कूलर भी बेअसर रहे। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 जून तक हीट वेव चलने के आसार हैं।

  • 40 डिग्री पार पहुंचा तापमान, दामिनी एप से मिलेगी बिजली गिरने की चेतावनी

    40 डिग्री पार पहुंचा तापमान, दामिनी एप से मिलेगी बिजली गिरने की चेतावनी

    लखनऊ

    यूपी में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। लगातार तापमान बढ़ने से गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को सुबह से ही तीखी धूप निकलने के कारण दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग बेहाल नजर आए। दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया और राहगीरों व यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीते दिनों आई आंधी और बारिश के बाद पिछले शनिवार से मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है।

    जहां, गुरुवार को तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, अगले 48 घंटे लू के साथ गर्मी और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि दो दिन लू के थपेड़े सताएंगे और इसके बाद बारिश से राहत मिलेगी। हालांकि अगले दो दिनों में लू के साथ तापमान और गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी। गुरुवार को दिनभर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों को खासा परेशान किया। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने वातावरण को गर्म कर दिया, जिससे दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला।

    गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा और लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय गर्मी का असर अपने चरम पर रहा। बाजारों में भी भीड़ कम देखी गई और लोग छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। गर्मी के कारण राहगीरों, मजदूरों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे।

    मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में वृद्धि के कारण उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम कई बार अचानक करवट ले रहा है। आसमान में काले बादल छाने के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। लेकिन इससे हल्की राहत मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग काक कहना है कि 18 मई से बारिश के आसार हैं।

    एप पर जानकारी
    प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जनहानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल एप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है।

  • Weather Alert: प्रशासन हाई अलर्ट पर, लोगों से घर में रहने की अपील

    Weather Alert: प्रशासन हाई अलर्ट पर, लोगों से घर में रहने की अपील

    लखनऊ

     मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सुबह 8.30 से 10.30 बजे के तेज आंधी, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में मौसम का सबसे अधिक कहर बरपने की आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरआएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दी हैं और पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सबसे गंभीर स्थिति की आशंका है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पेड़ गिरने, कमजोर संरचनाओं को नुकसान और यातायात बाधित होने की आशंका के चलते विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं。

    दूसरे जिलों में मौसम की स्थिति
    रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बस्ती, बाराबंकी, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और लखीमपुर खीरी में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन फसलों, बिजली लाइनों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।

    अन्य जिलों की चेतावनी
    जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, उन्नाव, हरदोई, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बरेली और पीलीभीत में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि इन जिलों में प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा, फिर भी आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी जरूरी है।

    नागरिकों के लिए अपील
    प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पेड़ों, बिजली के खंभों और निर्माणाधीन स्थलों से दूरी बनाए रखें। किसानों को फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन से तत्काल संपर्क करें।

  • UP Weather Alert: 4-5 मई को फिर बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    UP Weather Alert: 4-5 मई को फिर बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    लखनऊ

    दो दिन हल्की बारिश और तेज हवाओं की वजह से दिन के साथ रात का तापमान भी नीचे आया। यूपी की राजधानी लखनऊ में मई माह के दौरान दो वर्ष बाद न्यूनतम तापमान इतना नीचे आया है। अधिकतम तापमान में भी ठीक गिरावट रही। मौसम विभाग के अनुसार अब पछुआ फिर जोर पकड़ेगी और तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद 4 से 5 मई को एक और पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश को प्रभावित करेगा। इससे बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश या बूंदाबांदी होगी। तेज हवा भी चलेगी।

    मौसम में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आए बदलाव ने न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री गिराया। न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार को मई माह में दो साल बाद न्यूनतम तापमान इतना नीचे आया। 2024 में इस माह के दौरान 20.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा था। पिछले वर्ष मई माह का न्यूनतम पारा 21.5 तक आया था। इस साल 0.2 डिग्री और नीचे आ गया। आईएमडी लखनऊ के अनुसार दो दिन बाद फिर मौसम बदलने के आसार हैं। वहीं आज अधिकतम तापमान सामान्य से 6.1 डिग्री कम 33.3 दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने से शनिवार को हल्की तपिश बढ़ेगी । दिन का पारा 40 डिग्री से नीचे रहने का पूर्वानुमान है।

    फिर आंधी और बारिश का अलर्ट
    यूपी में आंधी, बारिश, ओलों की मार का सिलसिला खत्म होने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में भी ऐसा देखना पड़ेगा। मौसम विभाग ने फिर चेतावनी जारी की है। इसके मुताबिक सोमवार से फिर बदलाव की आहट है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार तक आसमान सामान्यत: साफ रहेगा। हालांकि बादलों की आवाजाही चलती रहेगी। इससे धूप और छांव का सिलसिला भी चलेगा। तापमान में अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी, लेकिन तीन मई से मौसम में बदलाव की शुरुआत हो सकती है।

    बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी हो सकती है। जबकि चार और पांच मई को दोबारा तेज रफ्तार आंधी, तूफान, बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है। इस दौरान बिजली गरजने और गिरने का खतरा भी बताया गया है। लिहाजा इस दौरान बाहर निकलने की मनाही की गई है। लोगों को सुरक्षित और पक्के स्थानों में शरण लेने की सलाह दी गई है। पेड़ों, जर्जर भवन या दीवारों, बिजली के खंभों, पुलों, होर्डिंग्स, टिनशेड के नीचे शरण लेना खतरनाक साबित हो सकता है। विभाग के मुताबिक 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी आ सकती है।

    पश्चिम यूपी में 35.8 डिग्री रहा दिन का पारा
    गुरुवार को दिनभर हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में कमी आई है। पश्चिम यूपी में यह 35.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.0 डिग्री कम होकर 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। रात का पारा कम होने के कारण शाम से रात तक नमी का एहसास हो रहा है। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 67 दर्ज किया गया।

    13.7 एमएम रिकॉर्ड हुई बारिश
    मौसम विभाग ने गुरुवार से लेकर शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक हुई बारिश को 13.7 मिलीमीटर रिकॉर्ड किया है। दिन में कई बार तेज और मध्यम स्तर की बारिश होती रही। देर रात भी तेज रफ्तार बारिश हुई। हालांकि इससे कई स्थानों पर जलभराव हो गया। यह शुक्रवार सुबह तक भरा रहा। लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

  • पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होते ही बदलेगा यूपी का मिजाज, तापमान में 10 डिग्री तक बढ़ोतरी का अनुमान

    पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होते ही बदलेगा यूपी का मिजाज, तापमान में 10 डिग्री तक बढ़ोतरी का अनुमान

    लखनऊ

    प्रदेश में जारी बेमौसम वर्षा, तड़ित झंझावत और ओलावृष्टि के दौर से बृहस्पतिवार से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। यह मौसमी बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो रहा था, जिसने पूरे प्रदेश को प्रभावित किया है।

    आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में बना हुआ था। यह उत्तरी पाकिस्तान और संलग्न जम्मू-कश्मीर के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में केंद्रित था।

    एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद
    इसके अतिरिक्त, निचले क्षोभमंडल में प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग पर एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। यह परिसंचरण मणिपुर तक एक द्रोणी के रूप में फैला हुआ है,
    जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हुई।

    बुधवार को प्रदेश के ऊपरी क्षोभमंडल से इन मौसमी प्रणालियों में प्रभावी कमी आने की संभावना है। इस कमी के बाद बृहस्पतिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से मौसम पूर्णतया शुष्क होने की संभावना है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

    तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान
    मौसम में सुधार के साथ ही प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। आगामी चौबीस घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह गिरावट हल्की ठंडक का अनुभव कराएगी। हालांकि, उसके बाद के दिनों में तापमान में आठ से दस डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह बढ़ोतरी मौसम को सामान्य स्थिति में लाएगी और गर्मी का अनुभव कराएगी।

    नवंबर जैसी सर्दी का अहसास
    मात्र 24 घंटे में मौसम के बदले मिजाज ने राजधानी में अप्रैल के महीने में नवंबर जैसा अहसास करा दिया। सुबह से शुरु हुई रिमझिम बारिश दिन में रुक-रुककर होती रही। हालांकि इस दौरान धूप भी निकली और बादलों की आवाजाही भी लगी रही। इस बदलाव से अधिकतम तापमान पर पारा 7.5 डिग्री का गोता लगाते हुए 34.5 डिग्री से 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मंगलवार रात की बारिश 5.3 मिमी दर्ज की गई जबकि बुधवार को शाम तक तीन मिमी बारिश हुई।

    आमतौर पर अप्रैल का महीना गर्म होता है, लेकिन इस बार लखनऊ में स्थिति भिन्न रही। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई। दिन के समय भी मौसम में ठंडक बनी रही। रात में ठंड का अहसास इतना बढ़ गया कि लोगों को नवंबर के मौसम की याद आ गई।

    पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार शाम में ही तेज हवा के साथ बारिश देखने को मिली। रात में रुक-रुककर बारिश होती रही। बुधवार को भी सुबह में हल्की बारिश ने ठंड का अहसास कराया। शाम को भी बूंदाबांदी हुई। देर शाम मौसम काफी सुहाना हो गया।