Tag: ‘UP RISE’

  • 3 चरणों की स्क्रीनिंग के बाद फाइनल में पहुंचीं 15 टीमें, TMU के स्टार्टअप ने जीता खिताब

    3 चरणों की स्क्रीनिंग के बाद फाइनल में पहुंचीं 15 टीमें, TMU के स्टार्टअप ने जीता खिताब

    मुरादाबाद में ‘यूपी राइज 2026’ का महामंच: 100 टीमों की जंग में टीएमयू के 3 युवा स्टार्टअप्स ने मारी बाजी

     विजेता ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ को मिला 25,000 रुपये का चेक

    3 चरणों की स्क्रीनिंग के बाद फाइनल में पहुंची थीं 15 टीमें

     आत्मनिर्भर यूपी के विजन से युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय देने वाला बनने की मिली प्रेरणा

    डेंटल कॉलेज ने झटके पहले दो स्थान, तीसरे पर कंप्यूटर साइंस

    मुरादाबाद,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को धरातल पर उतारने और युवाओं को नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में यूपी राइज 2026 सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। प्रदेश सरकार और टाइम्स नेटवर्क की सहभागिता में संवाद, संकल्प, सफलता थीम पर आयोजित इस मंच पर विद्यार्थियों ने अपने नए-नए स्टार्टअप्स और व्यावसायिक मॉडलों से मेंटर्स को प्रभावित किया। 

    पहले चरण में पंजीकृत 100 टीमों से शुरू हुआ यह मुकाबला दूसरे दौर में 35 और तीसरे चरण के फाइनल राउंड तक 15 शीर्ष टीमों के बीच पहुंचा। कड़े तकनीकी मूल्यांकन के बाद तीन सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया, जिसमें प्रथम स्थान हासिल करने वाली टीम को 25,000 रुपये के चेक से पुरस्कृत किया गया। सम्मेलन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बदलते दौर में युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि नवाचार के जरिए दूसरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने हैं।

    पहला पुरस्कार: पानी के दबाव से जीभ साफ कर सांसों की बदबू दूर करेगा ‘ओरल केयर’, मिला ₹25,000 का चेक

    प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए डेंटल कॉलेज की टीम ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने ₹25,000 का चेक अपने नाम किया। टीम सदस्यों ने बताया कि लोग दांतों की सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन जीभ की अनदेखी से 'हैलिटोसिस' (मुंह की दुर्गंध) और 'कैंडिडिआसिस' जैसी फंगल दिक्कतों का शिकार होते हैं। टीम पिछले एक साल से एक विशेष प्रोटोटाइप पर काम कर रही थी, जिसमें वाटर प्रेशर (पानी के नियंत्रित दबाव) की मदद से जीभ पर जमी मैल की परत को पूरी तरह साफ किया जा सकेगा। यह आधुनिक तकनीक पारंपरिक टंग क्लीनर से कहीं अधिक सुरक्षित, प्रभावी और आसान सिद्ध होगी।

    दूसरा पुरस्कार: दांत उखाड़ने के दर्द से मुक्ति दिलाएगी ‘सॉकेट सेवर्स’ की नई सूई

    उपविजेता का खिताब डेंटल कॉलेज की समर्पिता गाबा और आशिका जैन की टीम ‘सॉकेट सेवर्स’ ने अपने नाम किया। टीम ने दंत चिकित्सा के सबसे संवेदनशील दर्द का समाधान पेश किया है। छात्राओं का कहना है कि वर्ष 2026 में भी डॉक्टर दांत निकालने के लिए पुराने औजारों और यांत्रिक खिंचाव (मैकेनिकल फोर्स) का सहारा लेते हैं, जिससे एनेस्थीसिया उतरते ही मरीज असहनीय दर्द से जूझता है। टीम ने लोकल एनेस्थीसिया के साथ एक विशेष इंजेक्शन तकनीक ईजाद की है, जिससे बिना भारी खिंचाव के दांत आसानी से निकल सकेगा। टीम का लक्ष्य जल्द क्लिनिकल ट्रायल पूरे कर स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

    तीसरा पुरस्कार: बेहोशी में भी डॉक्टर को मरीज का इतिहास बताएगा ‘टीम वास्तव’ का एसओएस सिस्टम

    कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज के छात्र तन्मय, विनीत, कार्तिक और नमन की ‘टीम वास्तव’ तीसरे स्थान पर रही। उन्होंने सड़क हादसों में त्वरित जान बचाने वाला आपातकालीन मेडिकल डेटा सिस्टम विकसित किया है। सड़क दुर्घटना में मरीज अक्सर बेहोश हो जाता है और डॉक्टर उसकी मेडिकल हिस्ट्री (एलर्जी, एंग्जाइटी, पुरानी बीमारियां) नहीं जान पाते, जिससे गलत दवा से मरीज के कोमा में जाने का खतरा रहता है। टीम के एसओएस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही संबंधित अस्पताल को मरीज का ब्लड ग्रुप, उम्र और पूरी मेडिकल हिस्ट्री का समराइज्ड डेटा तुरंत मिल जाएगा। टीम जल्द ही इसका व्यापक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है।

    16 हजार विद्यार्थियों वाले वेस्ट यूपी के सबसे बड़े केंद्र पर मंथन

    टीएमयू के कुलपति डॉ. वी.के. जैन ने बताया कि मुरादाबाद मंडल ही नहीं, बल्कि समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में टीएमयू सबसे बड़ा उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां 16 हजार से अधिक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों के बीच अध्ययनरत हैं। इसी व्यापक आधारिक संरचना के चलते शासन ने इसे ‘यूपी राइज’ के आयोजन का मुख्य केंद्र चुना। उन्होंने बताया कि नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता के व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए विद्यार्थियों को तैयार किया गया। जजों के पैनल में खुद कई सफल स्टार्टअप्स के संचालक शामिल रहे, जिन्होंने छात्र-छात्राओं के आइडिया की उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और व्यावसायिक संभावनाओं को परखकर विजेताओं का चयन किया।

    ‘शक्ति क्षेत्र’ में साझा किए विचार, प्रतियोगिताओं में भी दिखाई प्रतिभा

    परिसर में विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ स्थापित किया गया था, जहां छात्र-छात्राओं ने विकसित व आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण को लेकर अपने विचार और सपने साझा किए। आयोजन के दौरान युवाओं के उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें सक्रिय भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों को किट, उपहार व प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

  • मेरठ में UP Rise 2026 का जलवा, युवाओं के इनोवेशन ने जीता दिल; पेट्रो वाटर विजेता

    मेरठ में UP Rise 2026 का जलवा, युवाओं के इनोवेशन ने जीता दिल; पेट्रो वाटर विजेता

    एमआईईटी मेरठ में यूपीराइज 2026 का आयोजन, युवाओं ने दिखाए नवाचार और उद्यमिता के आइडिया

    बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में पेट्रो वाटर विजेता, न्यूरो ग्रिप और एग्री नोवा रहे उपविजेता

    12 छात्र टीमों ने स्थानीय समस्याओं के समाधान पर आधारित आइडिया विशेषज्ञों के सामने किए प्रस्तुत

    टाइम्स नेटवर्क और जूम के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में करीब 1,650 लोगों ने कराया पंजीकरण

    लखनऊ
     योगी सरकार के कैंपस इनोवेशन और करियर ड्राइव से जुड़े यूपीराइज 2026 कार्यक्रम का आयोजन मेरठ के एमआईईटी में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार, उद्यमिता, करियर विकल्पों और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक सोच से जोड़ना रहा। कार्यक्रम टाइम्स नेटवर्क और जूम के सहयोग से प्रस्तुत किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया और बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में 12 छात्र टीमों ने अपने आइडिया प्रस्तुत किए।

    स्टार्टअप और उद्यमिता से जोड़ रहा यूपीराइज 2026

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। यूपीराइज 2026 का विश्वविद्यालय दौरा कैंपस स्तर पर युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने का मंच उपलब्ध करा रहा है। इससे पहले यह अभियान कानपुर, आगरा, लखनऊ, रायबरेली, मथुरा, बरेली और सहारनपुर समेत विभिन्न शहरों में पहुंच चुका है।

    बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में पेट्रो वाटर विजेता

    एमआईईटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजीकरण और एक्टिवेशन जोन में छात्रों की बढ़-चढ़ कर भागीदारी रही। सीएम-युवा योजना जागरूकता स्टॉल, स्कोरकार्ड गतिविधि और शक्ति जोन की स्टिकी-नोट दीवार ने छात्रों को कार्यक्रम से जोड़े रखा। इसके बाद सभागार में बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले आयोजित किया गया। 12 टीमों ने स्थानीय समस्याओं पर आधारित अपने समाधान और विचार निर्णायकों के सामने प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञ सलाहकारों के पैनल ने लाइव किया और समापन पर विजेता टीम को मंच पर 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। बिल्ड फॉर यूपी में पेट्रो वाटर विजेता रहा। न्यूरो ग्रिप रनर अप-1 और एग्री नोवा रनर अप-2 रहा है।

    मेंटर्स के मार्गदर्शन में छात्रों ने सीखे गुर

    कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश मंत्री महामेधा नागर मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी और युवा नेतृत्व से जुड़े विषयों पर भी फोकस रहा। मेंटर पैनल में स्केलेबल कंज्यूमर इंटरनेट प्रोडक्ट्स और इनोवेशन के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले हर्षित देसाई, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञ जयराज जाधव तथा कंटेंट स्ट्रेटजी और फॉर्मेट क्रिएशन के क्षेत्र में कार्यरत क्रिएटिव प्रोड्यूसर बिपाशा सारंगी शामिल रहीं। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से छात्रों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट, डिजिटल बिजनेस और क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग के अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

    डिजिटल माध्यम से 2 लाख तक पहुंचा कार्यक्रम

    कार्यक्रम में करीब 1,650 लोगों ने पंजीकरण कराया और उपस्थित हुए। डिजिटल माध्यम से करीब दो लाख तथा ऑफलाइन माध्यम से करीब आठ हजार लोगों तक कार्यक्रम की पहुंच रही। कैंपस एंबेसडर सलोनी शर्मा, आदर्श शुक्ला और आस्था चौहान ने छात्र सहभागिता बढ़ाने में सहयोग किया। कार्यक्रम में यूपीआरआईएसई की मानक ब्रांडिंग और प्रोडक्शन व्यवस्था भी दिखाई दी। पंजीकरण एवं मीडिया बैकड्रॉप, ऑक्टोनॉर्म एक्टिवेशन जोन, स्टैंडी, बैनर और साइनेज के जरिए पूरे परिसर में एक समान प्रस्तुति तैयार की गई।

  • ‘यूपी राइज 2026’: इनोवेटिव स्टार्टअप आइडियाज से जॉब क्रिएटर बनेंगे आगरा के युवा

    ‘यूपी राइज 2026’: इनोवेटिव स्टार्टअप आइडियाज से जॉब क्रिएटर बनेंगे आगरा के युवा

    'यूपी राइज 2026': इनोवेटिव स्टार्टअप आइडियाज से जॉब क्रिएटर बनेंगे आगरा के युवा

    – कार्यक्रम में 30 में से 11 बेहतरीन स्टार्टअप आइडियाज हुए शॉर्टलिस्ट, युवाओं ने दिखाई अपनी उद्यमशीलता

    – कुकिंग ऑयल के डिजिटल मार्केटप्लेस 'री-ऑयल' ने जीता प्रथम पुरस्कार, 'स्टडी एप' और 'सोलर स्वीप' रहे रनरअप

    – आंबेडकर विवि में छात्रों को दी गई उ.प्र. सरकार की रोजगारपरक और स्टार्टअप योजनाओं की विस्तृत जानकारी

    आगरा
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन को धरातल पर उतारने के लिए मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में 'यूपी राइज 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. आशु रानी और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक आत्रेय मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस आयोजन में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाकर उन्हें केवल नौकरी तलाशने वाला न बनाकर, स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' (रोजगार सृजक) बनाना है।

    नवाचार और स्टार्टअप को उत्तर प्रदेश सरकार की उड़ान
    उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए निरंतर और धरातलीय कार्य कर रही है। कार्यक्रम में युवाओं को राज्य सरकार की विभिन्न रोजगारपरक नीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना और यूपी स्किल मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर प्रकाश डाला। इसके अलावा कन्या सुमंगला योजना, फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना और महिला सामर्थ्य योजना से जुड़ी नीतियों के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता व आसान सब्सिडी के बारे में भी बताया गया, ताकि युवा बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने स्टार्टअप को एक सफल बिजनेस मॉडल में बदल सकें।

    विद्यार्थियों के इनोवेटिव स्टार्टअप आइडियाज ने खींचा ध्यान
    यूपी राइज की थीम के अनुरूप, आगरा के युवाओं ने अपनी उद्यमशीलता का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन में कुल 30 स्टार्टअप आइडिया आए, जिनमें से 11 बेहतरीन आइडिया को शॉर्टलिस्ट किया गया। इनमें कलाकारों के लिए एआई आधारित मार्केटप्लेस 'Kalaverse', कंस्ट्रक्शन प्लानिंग को आसान बनाने वाला 'Build Easy AI', अनदेखे पर्यटन स्थलों को प्रमोट करने वाला 'Hidden India' और बेकरी के लिए 'Organic floral cream color' जैसे आइडियाज शामिल रहे। वहीं, ई-रिक्शा चालकों की बैटरी समस्या सुलझाने के लिए 'Saathi EV', हस्तशिल्प को बढ़ावा देने वाला 'The Craft Duo' और मंदिर के कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने वाले 'Temple 2 Green' जैसे अनूठे पर्यावरण-अनुकूल प्रोजेक्ट्स ने भी खूब वाहवाही लूटी।

    'री-ऑयल' ने जीता प्रथम पुरस्कार, मेंटर्स ने किया मार्गदर्शन
    जूरी और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के सामने बेहतरीन प्रेजेंटेशन देकर 'Re-Oil' (इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस) ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपये का मुख्य पुरस्कार जीता। वहीं, छात्रों की पढ़ाई को व्यवस्थित करने वाले 'Study App' और सोलर पैनल की सफाई के लिए रोबोटिक ब्रश तकनीक वाले 'Solar Sweep' की टीम संयुक्त रूप से रनरअप रही। छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए जाने-माने कॉर्पोरेट विशेषज्ञ हर्षित देसाई, कपिल त्रिमाल और विवेक गोयल बतौर मेंटर मौजूद रहे। गौरतलब है कि यूपी राइज कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। इसका अगला पड़ाव 18 सितम्बर 2026 को मथुरा स्थित जीएलए विश्वविद्यालय में होगा।

    युवाओं के पास असीम क्षमता: कुलपति प्रो. आशु रानी
    विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने विद्यार्थियों के उत्साह और उनके इनोवेटिव आइडियाज की जमकर सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमारे छात्र- छात्राओं में नवाचार की असीम क्षमता और संभावनाएं हैं। 'यूपी राइज 2026' जैसे मंच युवाओं को अपनी रचनात्मकता और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। आज के युवा कल के सशक्त 'जॉब क्रिएटर' हैं, जो अपनी सोच से न सिर्फ अपना बल्कि पूरे समाज और प्रदेश का आर्थिक विकास सुनिश्चित करेंगे।

  • यूपी राइज: ‘आत्मनिर्भर यूपी’ की दिशा में युवाओं ने पेश किए शानदार स्टार्टअप आइडिया

    यूपी राइज: ‘आत्मनिर्भर यूपी’ की दिशा में युवाओं ने पेश किए शानदार स्टार्टअप आइडिया

    आगरा

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर यूपी विजन को धरातल पर उतारने के लिए एमजी रोड स्थित सेंट जॉन्स कॉलेज में 'यूपी राइज' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए करीब 1000 से अधिक छात्र- छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला न बनाकर, उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है।

    सरकारी योजनाओं की जानकारी और मेंटर्स का मार्गदर्शन

    कार्यक्रम के दौरान युवाओं को राज्य सरकार की विभिन्न रोजगारपरक नीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिया और बताया कि आसान शर्तों पर वित्तीय सहायता व सब्सिडी कैसे प्राप्त की जा सकती है। छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए हर्षित देसाई, राहुल सारंगी और साईराज धोंड मेंटर के रूप में शामिल हुए। मेंटर हर्षित देसाई, जो वर्तमान में स्ट्रैटिविटी (एशिया और मिडिल ईस्ट) में मैनेजिंग पार्टनर हैं और पूर्व में आदित्य बिड़ला फाइनेंस व केपीएमजी में शीर्ष पदों पर रह चुके हैं, ने अपने 23 वर्षों के अनुभव से छात्रों को इनोवेशन और स्केलेबल कंज्यूमर इंटरनेट प्रोडक्ट्स बनाने के गुर सिखाए।

    टॉप-10 इनोवेटिव आइडियाज ने खींचा ध्यान

    इस आयोजन में कुल 35 स्टार्टअप आइडिया आए, जिनमें से 10 बेहतरीन आइडिया को शॉर्टलिस्ट किया गया। इनमें साइकिल सॉइल (ऑर्गेनिक कॉटन, बांस और खेती के कचरे से बने बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड), द मंडला स्टूडियो (हाथ से बने मंडला आर्ट प्रोडक्ट), बायो फ्रेश (क्यूआर कोड ट्रैकिंग वाला स्मार्ट डेयरी पैकेजिंग सिस्टम), आर्टेरा (कस्टमाइजेबल टैटू और फेस पेंटिंग सर्विस), बायोकोट (बीजों को बचाने वाली बायोडिग्रेडेबल स्लीव), वेस्ट टू वेल्थ (पेठा-इंडस्ट्री के वेस्ट वाटर और चावल के भूसे से बायोएथेनॉल निर्माण), पीयर पॉड्स (एआई-पावर्ड स्टडी पार्टनर प्लेटफॉर्म), प्रोटियोस्कोप (बायोटेक के लिए प्रोटीन सीक्वेंस एनालिसिस व 3D स्ट्रक्चर प्रेडिक्शन) और प्रोजेक्ट अन्विता (एनईपी आधारित इंटर्नशिप प्लेटफॉर्म) जैसे शानदार आइडिया शामिल रहे।

    विजेताओं को मिली प्रोत्साहन राशि

    जूरी और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के सामने अपनी प्रेजेंटेशन देने के बाद महिलाओं के नेतृत्व वाले 'क्रोशे एंटरप्राइज' ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपये का मुख्य पुरस्कार जीता। यह स्टार्टअप पारंपरिक क्रोशिया कौशल को आधुनिक उत्पादों जैसे बैग, फोन कवर, की-चेन, क्रॉप टॉप और हेयर एक्सेसरीज में बदल रहा है। वहीं 'साइकिल सॉइल' और 'आर्टेरा' की टीमों को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।

    15 सितंबर को आंबेडकर विश्वविद्यालय में होगा आयोजन

    यूपी राइज कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली छात्रों को सीधे बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप तथा रोजगार के अवसर मिलेंगे। आगरा में इस पहल का अगला पड़ाव 15 सितम्बर 2026 को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में होगा। इन इनोवेटिव आइडियाज ने यह साबित कर दिया है कि यूपी का युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • कानपुर से ‘यूपी राइज’ की शुरुआत, प्रदेश के 29 और कॉलेजों में होगा आयोजन, प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगी नौकरी व इंटर्नशिप

    कानपुर से ‘यूपी राइज’ की शुरुआत, प्रदेश के 29 और कॉलेजों में होगा आयोजन, प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगी नौकरी व इंटर्नशिप

    कानपुर

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' के विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय स्थित वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में 'यूपी राइज' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए 1700 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। आयोजन का मूल उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला न बनाकर, स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है।

    कार्यक्रम के दौरान युवाओं को योगी सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और रोजगारपरक नीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया। छात्रों को बताया गया कि वे किस प्रकार आसान शर्तों पर वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्राप्त करके अपना स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के हर क्षेत्र में नए और ऊर्जावान उद्यमियों को तैयार करना है।
    आयोजन की सबसे खास बात युवाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए बिजनेस मॉडल और स्टार्टअप आइडियाज रहे। इस कार्यक्रम के लिए कुल 30 आइडिया आए, जिनमें से 10 बेहतरीन आइडियाज को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 12 चयनित टीमों ने इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और जूरी मेंबर्स के सामने अपने इनोवेटिव आइडियाज की प्रेजेंटेशन दी। एक्सपर्ट्स ने युवाओं की रचनात्मक सोच की सराहना की और विजेताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। इसमें टीम जॉयलिशियस ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपए का मुख्य पुरस्कार जीता, टीम आयनप्राइम को  (द्वितीय) 15,000 रुपए और टीम कायरो को  (तृतीय) 10,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली, जबकि टीम मेडियोटेक रनर-अप रही।

    'यूपी राइज' कार्यक्रम की शुरुआत कानपुर से हो चुकी है और अब इस अभियान को प्रदेश के 29 अन्य प्रमुख कॉलेजों तक ले जाया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली छात्रों को सीधे बड़ी और नामी कंपनियों में इंटर्नशिप तथा रोजगार पाने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। चयनित टीमों ने कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने व्यावहारिक विचार प्रस्तुत कर यह साबित कर दिया कि यूपी का युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    युवाओं के अनूठे स्टार्टअप आइडियाज

    कार्यक्रम में छात्रों ने रोजमर्रा की समस्याओं और आधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखकर बेहद दिलचस्प प्रोजेक्ट पेश किए। टीम दिव्यकेयर ने 10 मिनट में घर पर नर्स, डॉक्टर, दवाइयां और लैब टेस्ट जैसी हेल्थकेयर सेवाएं पहुंचाने वाला मॉडल पेश किया, तो टीम समर्पण ने छात्रों के लिए एआई-आधारित मल्टीप्लेयर लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार किया। टीम कायरो ने युवाओं के लिए विशेष डिजिटल टेक सॉल्यूशन प्रस्तुत किया, वहीं टीम मेडबिड ने फार्मेसी के लिए रिवर्स ऑक्शन आधारित दवा खरीद सिस्टम बनाया। टीम फाइनट्यूनर्स ने सैलून की कतार से बचाने के लिए 'हेयरकार्ट' ऐप पेश किया। टीम जेनहेर ने महिलाओं के लिए पीरियड साइकिल ट्रैकिंग टूल, टीम कोडरवा ने छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन टेक सपोर्ट देने की सेवा और पुरस्कार विजेता टीम आयनप्राइम ने बिना लाइन में लगे तुरंत प्रिंटआउट निकालने वाला 'सेल्फ प्रिंटिंग कियोस्क' प्रस्तुत किया।

    स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज को नई दिशा देते प्रोजेक्ट्स

    अन्य टीमों ने भी अपनी रचनात्मक सोच से जूरी को काफी प्रभावित किया। टीम वर्चुअललैब ने 11वीं-12वीं और कॉलेज के छात्रों के लिए 'वर्चुअल केमिस्ट्री लैब' का मॉडल बनाया, जबकि टीम कॉस्मोलिथ ने छोटे अस्पतालों के मरीजों का डेटाबेस और रिकॉर्ड मैनेज करने के लिए 'हेल्थ ओएस' प्लेटफॉर्म तैयार किया। टीम इकोकार्बन ने चाय की पत्तियों और केले के छिलकों से ऑर्गेनिक कार्बन फिल्टर बनाने का पर्यावरण अनुकूल विचार दिया। इसके साथ ही, विजेता टीम जॉयलिशियस ने भारतीय मिठाइयों और वेस्टर्न फ्लेवर्स के शानदार मिश्रण से नए 'फ्यूजन डेजर्ट्स' पेश कर बाजी मारी और रनरअप टीम मेडियोटेक ने अस्पतालों में मरीजों को एक बेड या स्ट्रेचर से दूसरे स्थान पर आसानी से शिफ्ट करने के लिए मोटराइज्ड कन्वेयर-बेस्ड सिस्टम का ढांचा पेश किया।