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  • मुंगेर से सारण तक नए साइबर DSP, सीवान-रोहतास में ट्रैफिक अफसर बदले; 2 IAS भी ट्रांसफर

    मुंगेर से सारण तक नए साइबर DSP, सीवान-रोहतास में ट्रैफिक अफसर बदले; 2 IAS भी ट्रांसफर

    पटना
    बिहार सरकार ने रविवार को एक एसपी, आठ एएसपी और 28 डीएसपी समेत बिहार पुलिस सेवा के 37 पदाधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में मुंगेर, किशनगंज, सारण, लखीसराय में नये साइबर डीएसपी, सीवान, रोहतास और अरवल में नये ट्रैफिक डीएसपी और जमालपुर और समस्तीपुर में नये रेल डीएसपी की तैनाती की गयी है। गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, आरा सदर के एसडीपीओ वन राजकुमार साह को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में एसपी की जिम्मेदारी दी गयी है। मधेपुरा सदर के एसडीपीओ प्रवेंद्र कुमार भारती को ईओयू में एएसपी बनाया गया है। दाऊदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास को निगरानी जबकि सीवान सदर के एसडीपीओ वन अजय कुमार सिंह और सीवान के एएसपी संजय कुमार झा को विशेष शाखा में एएसपी की जिम्मेदारी मिली है। समस्तीपुर सदर के एसडीपीओ वन संजय कुमार पांडेय बी-सैप वन पटना, त्रिवेणीगंज के एसडीपीओ विभाष कुमार बी-सैप सात कटिहार में एएसपी बनाया गया है।

    फुलवारीशरीफ के दीपक कुमार को सारण और बेतिया सदर के एसडीपीओ रजनीश कांत प्रियदर्शी को लखीसराय के साइबर क्राइम डीएसपी की जिम्मेदारी मिली है। पटना के मो आदिल बेलाल को समस्तीपुर का रेल डीएसपी बनाया गया है। अजय चौधरी को सीवान का डीएसपी मुख्यालय, सुनील पांडेय को विशेष सुरक्षा दल बिहार का डीएसपी, संजय कुमार जायसवाल को एसटीएफ का डीएसपी, आलोक कुमार सिंह वन को रोहतास, विपिन नारायण शर्मा को पटना, सुरेंद्र कुमार को सीवान का डीएसपी (रक्षित) एवं मिथिलेश कुमार सिंह को केंद्रीय वस्त्र एवं आयुद्ध भंडार के डीएसपी की जिम्मेदारी मिली है।

    दो आईएएस और आठ बिप्रसे अधिकारियों का तबादला
    सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों का तबादला किया है। साथ ही, बिहार प्रशासनिक सेवा के आठ पदाधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई। राजस्व पर्षद के सचिव कुमार मंगलम को ग्रामीण कार्य में अपर सचिव बनाया गया है। मधेपुरा के उप विकास आयुक्त अनिल बसाक को पथ निर्माण में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है। भविष्य निधि निदेशालय के सहायक निदेशक गौतम कुमार को समस्तीपुर का नगर आयुक्त बनाया है। भागलपुर के अपर समाहर्ता दिनेश राम को योजना पर्षद में संयुक्त सचिव, तिरहुत प्रमंडल क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के संयुक्त आयुक्त सह सचिव अरुण कुमार को मधेपुरा का उप विकास आयुक्त बनाया गया है।

    कहलगांव के डीसीएलआर सरफराज नवाज को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन में ओएसडी, लखीसराय के वरीय उप समाहर्ता शशि कुमार को भविष्य निधि में सहायक निदेशक, कटिहार वरीय उप समाहर्ता शशि भूषण शशि को बांका का भूमि सुधार उप समाहर्ता, नरकटियागंज के भूमि सुधार उप समाहर्ता चंद्रशेखर कुमारन को पर्यावरण, वन में ओएसडी तथा वैशाली की वरीय उप समाहर्ता तनुजा श्री को सीवान का डीएसओ बनाया गया है।

  • राजस्व विभाग ने रोकी राजस्व मंडल की तबादला सूची, अब 164 तहसीलदारों की सूची मान्य

    राजस्व विभाग ने रोकी राजस्व मंडल की तबादला सूची, अब 164 तहसीलदारों की सूची मान्य

    जयपुर
    राजस्थान सरकार की दो अलग-अलग 'तबादला सूची' की वजह से बड़ी गफलत सामने आई है। ये गफलत तब सामने आई जब राजस्व विभाग में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के स्थानांतरण/पदस्थापन आदेशों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। दरअसल, एक ही दिन में दो अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों से दो अलग-अलग तबादला सूचियां जारी होने से न केवल आम जनता में बल्कि खुद राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात अधिकारियों के बीच भी अनिश्चितता का माहौल बन गया। इस पूरे मामले में सबसे ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि राजस्व मंडल और राजस्व विभाग दोनों ने ही अपनी-अपनी अलग-अलग तबादला सूची जारी कर दी, जिससे पूरा मामला उलझ गया और आखिरकार सरकार को एक सूची पर तुरंत रोक लगानी पड़ी।

    पहले आदेश जारी हुआ, फिर कुछ ही देर में रोक
    राजस्थान राजस्व विभाग में जैसे ही तबादला सूची आई, वैसे ही राज्य के अलग-अलग जिलों में काम कर रहे अधिकारियों और आम लोगों के बीच यह खबर आग की तरह फैल गई। लेकिन इस खुशी और चिंता के बीच एक नया मोड़ तब आया जब पता चला कि दो अलग-अलग स्तरों पर तबादला आदेश तैयार किए गए थे।

    राजस्व मंडल ने अलग सूची निकाली और जयपुर स्थित राजस्व विभाग ने अपनी अलग सूची जारी की। जब इस 'गफलत' या भ्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंची, तो तुरंत कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग ने राजस्व मंडल द्वारा जारी की गई सूची पर रोक लगा दी। इस फैसले ने यह साफ कर दिया कि प्रशासन में समन्वय की कितनी बड़ी कमी रही, जिसके कारण अधिकारियों को भी समझ नहीं आया कि उनका नया पदस्थापन आदेश कहां का है।

    157 बनाम 164 तहसीलदार
    इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह तबादला आंकड़ों में आया अंतर है। विभिन्न जिलों में नई पोस्टिंग का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए ये दोनों सूचियां बिल्कुल अलग कहानी बयां कर रही थीं

    राजस्व मंडल की सूची: राजस्व मंडल ने कुल 157 तहसीलदार और 47 नायब तहसीलदार के तबादले का आदेश जारी किया था।

    राजस्व विभाग की सूची: दूसरी तरफ, राजस्व विभाग ने 164 तहसीलदार और 49 नायब तहसीलदार के तबादले के आदेश जारी कर दिए।

    जब दोनों सूचियों का मिलान किया गया, तो संख्या में अंतर के साथ-साथ कई अधिकारियों के नाम और पदस्थापन स्थानों में भी अंतर पाया गया। इस वजह से जिला स्तर पर प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई।

    तहसीलदार और नायब तहसीलदार किसी भी जिला प्रशासन की वह महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं जो जमीन, राजस्व, जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण और स्थानीय कानून-व्यवस्था जैसे जरूरी कामों से सीधे जुड़े होते हैं।

    राजस्थान के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आम जनता रोजमर्रा के कामों के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काटती है। जब इस तरह की तबादला सूची पर भ्रम बनता है, तो स्थानीय स्तर पर काम पूरी तरह से ठप हो जाता है:

    अब कौन सी ट्रांसफर लिस्ट मान्य?
    राजस्व विभाग के सख्त आदेश के बाद अब पूरी स्थिति साफ हो चुकी है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व मंडल (Revenue Board) द्वारा जारी की गई सूची को निरस्त/होल्ड पर रखा गया है।

    अब सिर्फ और सिर्फ राजस्व विभाग द्वारा जारी की गई तबादला सूची ही मान्य मानी जाएगी। इसका मतलब है कि 164 तहसीलदार और 49 नायब तहसीलदार वाली सूची के हिसाब से ही अधिकारियों को अपनी नई पोस्टिंग की जगह पर रिपोर्टिंग करनी होगी। विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स और संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दे दिए हैं कि वे केवल विभाग के आदेश का ही पालन करें।

    प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
    इस पूरी घटना ने राजस्थान के राजस्व प्रशासन के भीतर चल रहे आंतरिक संवाद के अभाव को उजागर किया है। आमतौर पर तबादला सूची जारी करने से पहले सभी स्तरों पर स्वीकृति और सत्यापन पूरा किया जाता है। लेकिन एक ही दिन में दो अलग-अलग स्रोतों से अलग-अलग संख्या में तबादला आदेशों का बाहर आना यह दर्शाता है कि विभागीय प्रक्रियाओं में समन्वय की कमी थी।

    सरकार ने हालांकि समय रहते इस पर रोक लगाकर स्थिति को संभालने की कोशिश की है, लेकिन इस घटना से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि नए आदेश के बाद सभी तहसीलों में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो पाता है या नहीं।

  • Bhajanlal government extends transfer window; transfers to continue until July 10

    Bhajanlal government extends transfer window; transfers to continue until July 10

    जयपुर 
    राजस्थान में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बड़ी खबर हैं. भजनलाल सरकार ने कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादलों की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. ट्रांसफर पर लगी रोक में दी गई छूट की अवधि 5 दिन के लिए बढ़ाई गई है. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर तबादलों की छूट की अंतिम तिथि 10 जुलाई कर दी है, जो पहले 5 जुलाई थी. यानी ट्रांसफर की लिस्ट 10 जुलाई तक जारी हो सकेगी.

    थर्ड ग्रेड टीचर्स को राहत नहीं
    पिछले महीने 19 जून को सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर विंडो खोली गई थी. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने बैन हटाते हुए तबादलों की अनुमति 5 जुलाई तक दी. आदेश के तहत, स्थानांतरण पर लगे पूर्ण प्रतिबंध में 5 जुलाई तक छूट दी गई थी. अब इस छूट की अवधि को 5 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है. 

    सरकार के इस फैसले के बाद अब विभिन्न विभागों में लंबित तबादला प्रस्तावों पर अगले कुछ दिनों तक कार्रवाई जारी रह सकेगी. हालांकि, सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस छूट से बाहर रखा है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी वेतन श्रृंखला के अध्यापकों के तबादलों पर बैन जारी रहेगा. वहीं, चिकित्सकों को भी छूट नहीं दी गई है.वर्षाकाल में संचालित बीमारियों को देखते हुए चिकित्सा विभाग के कार्मिकों के लिए स्थानांतरण पर प्रतिबंध अगले आदेश तक यथावत रहेगा.