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  • AI, गेमिंग और हेल्थ टेक का जलवा, 2026 के ये गैजेट्स बदल रहे टेक्नोलॉजी का अंदाज

    AI, गेमिंग और हेल्थ टेक का जलवा, 2026 के ये गैजेट्स बदल रहे टेक्नोलॉजी का अंदाज

    टेक्नोलॉजी की दुनिया में अब सिर्फ तेज प्रोसेसर और बड़ी स्क्रीन ही चर्चा में नहीं हैं. 2026 में गैजेट्स का फोकस ज्यादा खास जरूरतों पर दिखाई दे रहा है. कहीं गेमिंग के लिए स्मार्टफोन और टैबलेट को नए अंदाज में तैयार किया जा रहा है, तो कहीं छोटे साइज यानी मिनी कंप्यूटर में AI की ताकत दी जा रही है. इसी के साथ स्मार्ट वियरेबल्स, AI एडिटिंग टूल्स और स्क्रीन से दूरी बनाने वाले हेल्थ डिवाइस भी तेजी से सामने आ रहे हैं. 2026 के टेक ट्रेंड्स पर नजर डालें तो इस साल तेज परफॉर्मेंस, AI और रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर नए गैजेट्स तैयार किए जा रहे हैं. तो आइए जानते हैं कि गेमिंग फोन से Mini AI PC तक कौन से गैजेट्स खास हैंl  

    गेमिंग फोन से हैंडहेल्ड कंसोल तक 
        गेमिंग फोन और कंसोल में बेहतर परफॉर्मेंस मुख्य रुझान.
        मिनी AI PC, एडिटिंग में AI क्षमताएं प्रमुख हैं.
        स्मार्ट वियरेबल्स, स्वास्थ्य निगरानी पर केंद्रित नए गैजेट्स.

    गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस हार्डवेयर इस साल के प्रमुख ट्रेंड्स में शामिल हैं. Gaming Ecosystem Smartphones और Performance-Driven Gamer Tablets जैसे डिवाइस पोर्टेबल गेमिंग को ज्यादा पावरफुल बनाने पर फोकस कर रहे हैं. वहीं Pro-Level Mini Handheld Consoles छोटे साइज में डेस्कटॉप-क्लास परफॉर्मेंस देने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, ONEXPLAYER X2 Mini Pro इसी ट्रेंड का एक बेस्ट गैजेट है. इसमें AMD Ryzen AI Max+ 388 प्रोसेसर, Radeon 8060S ग्राफिक्स, 64GB तक RAM और 2TB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है. गेमिंग सेटअप को और खास बनाने के लिए Reactive Wireless Gamer Chairs और Cyberpunk Mechanical Keyboards जैसे प्रोडक्ट्स भी चर्चा में हैं. 

    Mini AI PC में क्या खास है?
    AI अब सिर्फ स्मार्टफोन के फीचर्स तक सीमित नहीं है. Mini AI Desktop PCs इस तकनीक को छोटे कंप्यूटिंग डिवाइस में ला रहे हैं. GMKtec EVO-X3 Mini PC में AMD AI Max+ 395 और Radeon 8060S ग्राफिक्स के साथ 128GB RAM और 4TB तक SSD का सपोर्ट दिया गया है.  यह सिस्टम लोकल LLM चलाने के साथ 3D रेंडरिंग, CAD, इमेज और वीडियो जनरेशन जैसे कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. Wi-Fi 7 और Bluetooth 5.4 जैसे कनेक्टिविटी ऑप्शन भी इसमें दिए गए हैं l  

    AI फोटो और वीडियो एडिटिंग ट्रेंड 
    AI का इस्तेमाल क्रिएटिव कामों में भी बढ़ रहा है. AI Photo Editors और AI Video Editors ऐसे टूल्स को दिखाते हैं, जहां एडिटिंग के काम में AI की मदद ली जा रही है. इसके अलावा AI Personal Finance Coaches और Practical AI-Driven Smartphone Models बताते हैं कि AI अब अलग-अलग जरूरतों वाले डिवाइस और सेवाओं में जगह बना रहा है l  

    हेल्थ टेक में स्मार्ट वियरेबल्स
    2026 के ट्रेंड्स में हेल्थ और वियरेबल टेक्नोलॉजी भी जरूरी है. Blood Pressure-Tracking Smart Rings, Early Illness-Detecting Wearables और Fitness-Focused Smartwatch Ranges शरीर और फिटनेस से जुड़ी निगरानी पर फोकस करते हैं. वहीं Mindful Screen-Free Health Trackers स्क्रीन पर निर्भरता कम रखते हुए वेलनेस ट्रैकिंग की दिशा दिखाते हैं l 

  • आईआईएस बेंगलुरु जांच में राजस्थान की सीमन तकनीक गुणवत्ता पर खरी

    आईआईएस बेंगलुरु जांच में राजस्थान की सीमन तकनीक गुणवत्ता पर खरी

     जयपुर
    पशुपालकों की आय में वृद्धि, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा देशी पशुधन के वैज्ञानिक नस्ल सुधार को गति देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार स्वदेशी जेंडर सॉर्टेड सीमन तकनीक के व्यापक उपयोग को गति दे रही है। कम लागत वाली इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली बछियों के जन्म की संभावना बढ़ती है, जिससे पशुपालकों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। इसी दृष्टिकोण के साथ राजस्थान आज देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां इस तकनीक को बड़े स्तर पर किसानों के हित में अपनाया जा रहा है।

    हाल ही में कुछ क्षेत्रों से जेंडर सॉर्टेड सीमन के परिणामों को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। राज्य सरकार ने पशुपालकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल संज्ञान लिया तथा संबंधित क्षेत्रों सहित विभिन्न स्थानों से रैंडम आधार पर सीमन के नमूने एकत्रित कर उनकी स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आई आई एस), बेंगलुरु भेजे। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ है कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे जेंडर सॉर्टेड सीमन में 88 से 96 प्रतिशत तक क्रियाशील एक्स-क्रोमोज़ोम वाले शुक्राणु पाए गए हैं, जो कि पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण, वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप एवं तकनीकी रूप से शुद्ध है। रिपोर्ट में सीमन की गुणवत्ता व तकनीक में किसी भी प्रकार की कमी नहीं पाई गई।

    इस विषय पर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत एवं पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीणा ने विभागीय अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत संवाद किया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार किसानों के हित में स्वदेशी जेंडर सॉर्टेड सीमन तकनीक के उपयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्वदेशी तकनीक न केवल किफायती और प्रभावी है, बल्कि पशुपालन प्रणाली के अनुरूप विकसित होने के कारण पशुपालकों के लिए अधिक उपयोगी एवं लाभकारी सिद्ध होती है।

    विभाग द्वारा निर्धारित वैज्ञानिक प्रोटोकॉल एवं कोल्ड चेन का पालन करते हुए प्रशिक्षित कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं के माध्यम से यह सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में जून मध्य तक 6.24 लाख जेंडर सॉर्टेड सीमन डोज की आपूर्ति की जा चुकी है, जिनमें से 3.23 लाख डोज का उपयोग किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जेंडर सॉर्टेड सीमन से गर्भधारण करने वाले अधिकांश पशुओं में बछियों का जन्म दर्ज किया गया है, जो इस तकनीक की विष्वसनीयता एवं प्रभावशीलता का प्रमाण है।

    बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए स्वदेशी जेंडर सॉर्टेड सीमन का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा फील्ड प्रोटोकॉल एवं कोल्ड चेन का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि प्रत्येक पशुपालक तक इस तकनीक का पूरा लाभ पहुंच सके। राजस्थान सरकार ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक व अपुष्ट जानकारी पर विष्वास न करें तथा अपने निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशुपालन विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर इस वैज्ञानिक एवं प्रमाणित तकनीक का लाभ उठाएं। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार वैज्ञानिक पशुपालन, स्वदेशी तकनीकों के संवर्धन तथा पशुपालकों की समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

  • मुकेश अंबानी का AI विजन: भारत बनेगा टेक्नोलॉजी निर्माता, सिर्फ उपभोक्ता नहीं

    मुकेश अंबानी का AI विजन: भारत बनेगा टेक्नोलॉजी निर्माता, सिर्फ उपभोक्ता नहीं

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विजन पर बात की. उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ AI का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं है, बल्कि अपनी AI टेक्नोलॉजी भी बनानी चाहिए.

    उनका कहना था कि भारत को सिर्फ विदेशों में बने एआई टूल्स पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद की AI टेक्नोलॉजी विकसित करनी चाहिए ताकि देश इस फील्ड में ग्लोबल लीडर बन सके.

    मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की अनाउंसमेंट की, जिसे कंपनी के फ्यूचर का बड़ा इंजन माना जा रहा है. इसका मिशन है कि लोगों, बिजनेस और सरकार के लिए लार्ज स्केल पर सस्ते एआई टूल्स और सर्विसेज बनाई जाएं.

    रिलायंस फिलहाल दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों जैसे Google, Meta और NVIDIA के साथ काम कर रही है. अंबानी ने बताया कि कंपनी ने अपने गोल तय कर लिए हैं और अब उन्हें लागू करने के लिए तैयार है.

    इस मीटिंग में यह भी बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से युवाओं के लिए नई नौकरियों के दरवाजे खुलेंगे. उन्हें 150 करोड़ लोगों के लिए नई टेक्नोलॉजी बनाने और उनकी परेशानी को सोल्वे करने का मौका मिलेगा.

    जानिए डिजिटल शोकेस में क्या दिखाया गया
    अपने AI विजन के साथ रिलायंस ने कई नई डिजिटल सर्विसेज भी इंट्रोड्यूस कीं. इनकी मदद से एआई और सुपरफास्ट इंटरनेट भारत के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएंगे और कई काम पहले से आसान हो जाएंगे.

    1. Jio Call Agent फोन के अंदर AI एजेंट
    रिलायंस ने कॉल के दौरान मदद करने के लिए Jio Call Agent इंट्रोड्यूस किया है. सबसे खास बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए कोई अलग ऐप इंस्टॉल नहीं करना होगा. यह फीचर साल के आखिर तक सभी Jio यूजर्स के या फीचर देखने मिल सकता है.

    इसे एक्टिव करने के लिए सिर्फ Hey Jio बोलना होगा. इसके बाद एआई एजेंट आपकी कॉल से जुड़ जाएगा और कॉल के दौरान मदद करेगा.

    Transcribing: यह फीचर कॉल पर हो रही बातचीत को लिख सकता है और 10 अलग-अलग भाषाओं को पहचान सकता है.

    Summarizing: यह फीचर कॉल में हुई बातों का छोटा और आसान करेगा. साथ ही जरूरी रिमाइंडर भी कॉल में मौजूद लोगों को भेज सकेगा.

    Taking Action: यह फीचर काफी खास है. अगर आप कॉल पर हैं और एजेंट से कहें कि मेरे लिए खाना ऑर्डर कर दो, तो वह यह काम भी कर सकेगा. इतना ही नहीं, यह कैब बुक करने और टेबल रिजर्व करने जैसे काम भी कर पाएगा.

    2. MyJio AI Care आपका पर्सनल AI मैनेजर
    अब MyJio ऐप पूरी तरह बदलने वाला है. यह सिर्फ रिचार्ज करने वाला ऐप नहीं रहेगा, बल्कि आपका स्मार्ट एआई असिस्टेंट बन जाएगा.

    अगर आप किसी दूसरे शहर में जाते हैं, तो यह आपकी सर्विस अपने आप सेटअप कर देगा.अगर आप विदेश घूमने जा रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे अच्छा रोमिंग प्लान ढूंढ देगा. अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो यह जरूरी पेपरवर्क संभाल सकता है और eSIM एक्टिवेट करने में मदद करेगा.

    3. Jio Home सुपरफास्ट 5Gbps इंटरनेट
    जियो अपने होम इंटरनेट में बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है. इस नए अपग्रेड के साथ यूजर्स को 5Gbps तक डाउनलोड स्पीड और 1Gbps तक अपलोड स्पीड मिलेगी.

    इसकी मदद से पूरा परिवार एक साथ 4K मूवी देख सकेगा, क्लाउड गेमिंग कर सकेगा और ऑनलाइन क्लासेस अटेंड कर सकेगा. साथ ही किसी को भी लैग या स्लो इंटरनेट की परेशानी नहीं होगी.

    4. Jio Teleframe AI सिस्टम आपके घर के लिए
    जिओ ने अपना नया AI इनोवेशन Jio Teleframe भी इंट्रोड्यूस किया है. यह एक AI ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे खास तौर पर घरों के लिए डिजाइन किया गया है.

    यह आपके घर में मौजूद स्मार्ट डिवाइसेज के साथ मिलकर काम करेगा और आपकी रोजमर्रा की आदतों को समझकर मदद करेगा. इसकी वजह से कई काम अपने आप हो जाएंगे और बार-बार ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

    रिलायंस का मानना है कि इन नए AI फीचर्स और डिजिटल सर्विसेज की मदद से AI भारत के हर घर तक पहुंचेगा. कॉल पर एआई एजेंट से लेकर 5Gbps इंटरनेट और स्मार्ट होम सिस्टम तक, ये सभी टेक्नोलॉजी भारत को डिजिटल दुनिया में और आगे ले जाने में मदद करेंगी.

  • चीन की अदालत का बड़ा फैसला: AI के नाम पर नौकरी नहीं जाएगी

    चीन की अदालत का बड़ा फैसला: AI के नाम पर नौकरी नहीं जाएगी

    AI आएगा तो नौकरी जाएगी. ये डर अब तक सिर्फ बहस में था, लेकिन अब इस पर एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. चीन की एक अदालत के फैसले ने साफ कर दिया है कि सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आ जाने से किसी कर्मचारी को नौकरी से निकाला नहीं जा सकता है.

    इस फैसले के बाद टेक कंपनियों की स्ट्रैटिजी और कर्मचारियों की सुरक्षा, दोनों पर नई चर्चा शुरू हो गई है. पूरा मामला चीन के हांगझोउ शहर की एक कंपनी से जुड़ा है. गौरतलब है कि हांगझोउ चीन का वही शहर है जहां से दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां निकली हैं. अली बाबा और डीपसीक जैसी कंपनियां भी इसी शहर से निकली हैं.

    परेशान हो कर इंप्लॉइ ने किया मुकदमा
    इसी शहर में एक कर्मचारी का काम धीरे-धीरे AI टूल्स और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स की वजह से कम हो गया. कंपनी ने सोचा कि अब इंसान की जगह मशीन से काम लिया जा सकता है. इसके बाद उस कर्मचारी को दूसरी पोस्ट ऑफर की गई, लेकिन उस नए रोल में सैलरी काफी कम थी और काम की शर्तें भी अलग थीं.

    कर्मचारी ने इसे मानने से इनकार कर दिया. इसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया. मामला कोर्ट पहुंचा और यहीं से कहानी पलट गई. अदालत ने साफ कहा कि कंपनी का ये कदम सही नहीं था. सिर्फ इस आधार पर कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब वही काम कर सकता है, किसी को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जा सकता.

    AI के नाम पर ना हों जॉब कट
    कोर्ट ने अपने फैसले में एक अहम बात कही, टेक्नोलॉजी बदलना कंपनी का हक है, लेकिन कर्मचारियों के अधिकार उससे खत्म नहीं हो जाते. अगर कंपनी ऑटोमेशन या AI अपना रही है, तो उसे लेबर कानूनों का भी पालन करना होगा. यानी कंपनी सीधे-सीधे ये नहीं कह सकती कि 'अब AI आ गया है, तुम्हारी जरूरत नहीं है'

    इस फैसले का मतलब ये भी है कि कंपनियों को कर्मचारियों के साथ सही तरीके से व्यवहार करना होगा. अगर रोल बदलना है, तो जायज सैलरी और शर्तें देनी होंगी. अगर नौकरी खत्म करनी है, तो उसके लिए वैलिड वजह और प्रक्रिया जरूरी होगी. सिर्फ AI सस्ता है ये वजह काफी नहीं मानी जाएगी.

    दिलचस्प बात ये है कि अदालत ने कर्मचारियों के लिए भी एक संदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि बदलती टेक्नोलॉजी के साथ खुद को अपडेट करना जरूरी है. यानी AI को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि इंसानों को बिना वजह बाहर कर दिया जाए.

    गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले 2024 में गुआंझु की एक अदालत ने इसी तरह के एक केस में कहा था टेक्नोलॉजी अपग्रेड किसी की जॉब खत्म करने की वजह नहीं बन सकता है. चीन फिलहाल कई अलग अलग फ्रंट पर प्लान कर रहा है. इसमें अलग प्रोविजन बनाए जा रहे हैं जिससे AI बूम के बावजूद लोगों की जॉब्स पर ज्यादा असर नहीं पड़़ेगा.

    इस फैसले की चर्चा अब चीन तक सीमित नहीं है. दुनिया भर में Microsoft, Google, Amazon जैसी कंपनियां AI पर तेजी से काम कर रही हैं. कई जगहों पर लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है. ऐसे में चीन की अदालत का ये रुख कर्मचारियों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है.

    अब बड़ा सवाल ये है कि क्या दूसरे देशों में भी ऐसा ही रुख देखने को मिलेगा? क्या भविष्य में AI और नौकरियों को लेकर नए कानून बनेंगे? क्योंकि आने वाले समय में AI का असर हर सेक्टर, मीडिया, टेक, कस्टमर सपोर्ट, यहां तक कि क्रिएटिव फील्ड्स पर पड़ने वाला है.

    AI बनाम नौकरी की ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन चीन के इस फैसले ने इतना जरूर तय कर दिया है कि टेक्नोलॉजी की दौड़ में इंसानों के अधिकारों को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.

  • LG ने लॉन्च की 2026 होम अप्लायंसेस रेंज, जानें नए फीचर्स और कीमतें

    LG ने लॉन्च की 2026 होम अप्लायंसेस रेंज, जानें नए फीचर्स और कीमतें

    LG ने 2026 के लिए अपनी नई होम अप्लायंसेस रेंज लॉन्च कर दी है. कंपनी ने इस बार फोकस सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट पर नहीं रखा, बल्कि अफोर्डेबल-प्रीमियम सेगमेंट को भी काफी मजबूत किया है.

    इस लॉन्च में कंपनी ने Essential Series में कुछ नए प्रोडक्ट्स ऐड किए हैं, जिसे अक्टूबर 2025 में शुरू किया गया था. अब इसमें ज्यादा डिजाइन, अलग-अलग कैपेसिटी और अलग प्राइस रेंज जोड़ी गई है ताकि ज्यादा लोग इसे खरीद सकें. इसके साथ ही प्रीमियम कैटेगरी में भी कई नए प्रोडक्ट्स लाए गए हैं, जो बड़े घरों और एडवांस फीचर्स चाहने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं.
    LG का कहना है कि यह पूरा पोर्टफोलियो भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यानी ऐसे फीचर्स जो रोजमर्रा की जिंदगी में काम आएं और लंबे समय तक भरोसेमंद रहें.

    भारत में से एक्सपोर्ट करेगी कंपनी
    कंपनी अब भारत से बाहर भी इन प्रोडक्ट्स को भेजने की तैयारी में है. 2026 में Essential Series को एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के 22 देशों में एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है.

    रेफ्रिजरेटर की बात करें तो Essential Series में 225 लीटर, 251 लीटर और 276 लीटर के नए ऑप्शन जोड़े गए हैं. इनमें स्मार्ट इनवर्टर कंप्रेसर दिया गया है, जिससे बिजली की खपत कम होती है और आवाज भी कम आती है.

    स्मार्ट मोड खुद ही यूजर के इस्तेमाल के हिसाब से कूलिंग को एडजस्ट करता है. इसके अलावा कनवर्टिबल फीचर के साथ डेयरी मोड भी दिया गया है, जिससे फ्रीजर को जरूरत के हिसाब से फ्रिज में बदला जा सकता है. टर्बो फ्रेश जोन खाने को ज्यादा समय तक ताजा रखने में मदद करता है. इनकी शुरुआती कीमत करीब ₹25,500 रखी गई है.

    नए फीचर्स के साथ वॉशिंग मशीन
    वॉशिंग मशीन में भी कंपनी ने काफी बदलाव किए हैं. Essential Series में 8 किलो से 10 किलो तक की नई टॉप लोड मशीनें आई हैं. लो प्रेशर फिल फीचर कम पानी में भी कपड़े धोने में मदद करता है, जबकि इंटेलिजेंट ऑटो स्टार्ट बिजली जाने के बाद भी मशीन को वहीं से चालू कर देता है. इको वॉश और साड़ी मोड जैसे ऑप्शन भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर दिए गए हैं. इस रेंज की कीमत ₹20,900 से शुरू होती है.

    इसके अलावा AX सीरीज की सेमी ऑटोमेटिक मशीनें भी लाई गई हैं, जिनकी कैपेसिटी 8 किलो से 12 किलो तक है. इसमें डुअल स्पिन शावर और रोलर जेट प्लसेटर जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो कपड़ों की गहरी सफाई में मदद करते हैं. इनकी शुरुआती कीमत ₹17,300 है.

    कुकिंग अप्लायंसेस में LG ने 28 लीटर के कनवर्टिबल कन्वेक्शन ओवन पेश किए हैं. इसमें एयर फ्राइ फीचर दिया गया है, जिससे कम तेल में खाना बनाया जा सकता है.

    चारकोल लाइटिंग हीटर टेक्नोलॉजी खाने का स्वाद बेहतर बनाती है. इसमें 330 से ज्यादा ऑटो कुक मेन्यू दिए गए हैं, जिनमें 28 भारतीय ब्रेड मेन्यू भी शामिल हैं. इसकी कीमत करीब ₹28,700 से शुरू होती है.

    1.18 लाख रुपये का फ्रिज
    प्रीमियम सेगमेंट में कंपनी ने फ्रेंच डोर रेफ्रिज्रेटर लॉन्च किया है, जिसकी सबसे खास बात ऑटो आइस मेकर है, जो बिना पाइप कनेक्शन के बर्फ बना सकता है. इसकी कैपेसिटी 574 लीटर से 610 लीटर तक है और इसमें InstaView Door-in-Door, Hygiene Fresh+ और AI ThinQ जैसे स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत ₹1.18 लाख है.

    इसके साथ साइड बाइ साइड फ्रिज भी आए हैं, जिनकी कैपेसिटी 790 लीटर तक जाती है. इनकी कीमत ₹1.09 लाख से शुरू होती है.

    प्रीमियम वॉशिंग मशीन में AI DD 2.0 टेक्नोलॉजी दी गई है, जो कपड़े के फैब्रिक और गंदगी को पहचानकर खुद ही सही वॉश सेटिंग चुनती है. इसमें Steam+ और माइक्रोप्लास्टि केयर जैसे फीचर्स भी हैं. इस रेंज की कीमत ₹62,900 से शुरू होती है.

    मिड सेगमेंट में TX सीरीज की टॉप लोड मशीनें आई हैं, जिनमें हार्ड वॉटर वॉश और स्टेन क्लीन जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इनकी शुरुआती कीमत ₹32,400 है.

    डिशवॉशर सेगमेंट में LG ने 15 प्लेस सेटिंग वाला ट्रू स्टीम डिशवॉशर लॉन्च किया है, जो भारतीय बर्तनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसमें QuadWash टेक्नोलॉजी दी गई है, जिससे हर एंगल से सफाई होती है. इसकी कीमत ₹73,500 है.

    इसके अलावा कंपनी ने नए वॉटर प्यूरीफायर भी पेश किए हैं, जिनमें UV स्टेरिलाइजेशन और 7+ pH बैलेंस्ड पानी जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत ₹16,600 है.