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  • सनस्क्रीन लगाने के बाद भी हो रही है टैनिंग? धूप में जाने से पहले करें ये जरूरी काम

    सनस्क्रीन लगाने के बाद भी हो रही है टैनिंग? धूप में जाने से पहले करें ये जरूरी काम

    मार्च का महीना अभी शुरू ही हुआ है और अभी से तेज धूप निकलनी शुरु हो गई है. तापमान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. ऐसे में लोगों ने भी सनस्क्रीन लगाना शुरु कर दिया है. लेकिन क्या धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना ही काफी है?

    दरअसल, कुछ लोगों को लगता है कि सिर्फ सनस्क्रीन लगाने से वो अपनी त्वचा को धूप की तेज किरणों से बचा लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. आज के समय में बढ़ती गर्मी, तेज यूवी किरणें, धूल-मिट्टी और प्रदूषण हमारी त्वचा पर गहरा असर डालते हैं. ऐसे में सिर्फ एक प्रोडक्ट पर निर्भर रहना स्किन के लिए पूरी सुरक्षा नहीं देता. अगर स्किन की सही तरीके से देखभाल न की जाए तो टैनिंग, सनबर्न, पिग्मेंटेशन, ड्राइनेस और समय से पहले झुर्रियां जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं.

    ऐसे में धूप से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए सिर्फ सनस्क्रीन लगाना ही काफी नहीं है. सही स्किनकेयर रूटीन, पर्याप्त हाइड्रेशन और फिजिकल प्रोटेक्शन के साथ ही त्वचा को पूरी तरह सुरक्षित और हेल्दी रखा जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे.

    चेहरे को अच्छे से क्लीन करें

    धूप में निकलने से पहले सबसे पहला स्टेप है चेहरे को साफ करना. रात भर में त्वचा पर ऑयल और गंदगी जमा हो जाती है. इसलिए बाहर निकलने से पहले माइल्ड फेस वॉश से चेहरा धोना जरूरी है, ताकि स्किन साफ रहे और आगे लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स बेहतर तरीके से काम कर सकें.

    टोनर का इस्तेमाल करें

    चेहरा साफ करने के बाद टोनर लगाना फायदेमंद होता है. टोनर त्वचा के पोर्स को टाइट करता है और स्किन का pH बैलेंस बनाए रखता है. इससे त्वचा तरोताजा महसूस करती है और धूप से होने वाले नुकसान से लड़ने की क्षमता भी बेहतर होती है.

    मॉइश्चराइज़र लगाना न भूलें

    कई लोग गर्मियों में मॉइश्चराइज़र लगाना छोड़ देते हैं, लेकिन यह सही नहीं है. हल्का और वॉटर-बेस्ड मॉइश्चराइज़र त्वचा को हाइड्रेट रखता है, और धूप की वजह से होने वाली ड्राइनेस से बचाता है.

    सनस्क्रीन सही तरीके से लगाएं

    सनस्क्रीन जरूर लगाएं, लेकिन सही मात्रा और सही SPF का चुनाव भी जरूरी है. बाहर निकलने से लगभग 15–20 मिनट पहले SPF 30 या उससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन लगाएं और जरूरत पड़ने पर हर 2–3 घंटे में दोबारा लगाएं.

    सन प्रोटेक्शन एक्सेसरीज का इस्तेमाल करें

    सिर्फ स्किनकेयर प्रोडक्ट्स ही नहीं, बल्कि सनग्लासेस, कैप, स्कार्फ या छाता भी धूप से बचाव में मदद करते हैं. ये चीजें यूवी किरणों से सीधे संपर्क को कम करती हैं.

    शरीर को हाइड्रेट रखें

    गर्मियों में त्वचा को हेल्दी रखने के लिए भरपूर पानी पीना भी बहुत जरूरी है. इससे शरीर डिटॉक्स होता है और त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है.

  • घर के अंदर सनस्क्रीन न लगाना पड़ सकता है भारी, जानें कैसे हो सकता है स्किन डैमेज

    घर के अंदर सनस्क्रीन न लगाना पड़ सकता है भारी, जानें कैसे हो सकता है स्किन डैमेज

    सूरज की यूवी किरणों से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है। इसलिए  ज्यादातर लोग मानते हैं कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल केवल तभी करना चाहिए जब हम तेज धूप में बाहर जा रहे हों, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।

    क्या आपने कभी सोचा है कि घर की चारदीवारी में रहते हुए भी आपकी स्किन पर टैनिंग, हाइपरपिग्मेंटेशन या फाइन लाइन्स क्यों नजर आने लगते हैं? इसका जवाब हो सकता है घर के अंदर सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना। आइए समझते हैं क्यों घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाना जरूरी है।

    खिड़कियों से आने वाली यूवी किरणें
    सूरज की किरणें मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं- यूवीए और यूवीबी

        यूवीबी किरणें स्किन बर्न का कारण बनती हैं, लेकिन ये कांच को पार नहीं कर पातीं। इसलिए घर के अंदर आपको सनबर्न नहीं होता।
        यूवीए किरणें ज्यादा खतरनाक होती हैं, क्योंकि ये बादलों और खिड़की के कांच को आसानी से पार कर सकती हैं। ये किरणें त्वचा की गहराई तक जाती हैं और कोलेजन को डैमेज कर देती हैं।

    इसलिए अगर आप घर में ऐसी जगह बैठते हैं, जहां खिड़की से रोशनी आती है, तो आपकी त्वचा लगातार यूवीए किरणों के संपर्क में रहती है। इससे चेहरे पर काले धब्बे और झुर्रियां पड़ने का खतरा बना रहता है।

    डिजिटल स्क्रीन और ब्लू लाइट
    आज के दौर में हम अपना ज्यादातर समय स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन के सामने बिताते हैं। इन डिजिटल उपकरणों से हाई एनर्जी विजिबल लाइट निकलती है, जिसे हम ब्लू लाइट कहते हैं। लंबे समय तक ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से त्वचा में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। यह स्ट्रेस त्वचा की रंगत को असमान बना सकता है और पिगमेंटेशन की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए भी घर के अंदर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है।  

    सही सनस्क्रीन कैसे चुनें?
    घर के अंदर आपको बहुत भारी या चिपचिपी सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं है। आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं-

        SPF 30- घर के अंदर के लिए भी कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल करें।
        ब्रॉड स्पेक्ट्रम- चेक करें कि आपकी सनस्क्रीन UVA और UVB दोनों से सुरक्षा दे।
        लाइटवेट फॉर्मूला- जेल या लोशन बेस्ड सनस्क्रीन घर में लगाने के लिए बेहतर हैं, क्योंकि ये लाइट वेट होते हैं।