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  • बहबल कलां गोलीकांड में बढ़ी हलचल, सुखबीर बादल आज SIT के सामने फिर होंगे पेश

    बहबल कलां गोलीकांड में बढ़ी हलचल, सुखबीर बादल आज SIT के सामने फिर होंगे पेश

    चंडीगढ़.

    बहबल कलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल आज चंडीगढ़ में विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश होंगे। वर्ष 2015 में बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बहबल कलां में पुलिस फायरिंग हुई थी।

    कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की इस घटना के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में काफी विवाद हुआ और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे। मामले की जांच अलग-अलग समय पर विभिन्न जांच दलों और आयोगों ने की। बाद में पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल ने भी इसकी जांच शुरू की।

    सुखबीर बादल की भूमिका पर सवाल
    जांच में उस समय के पुलिस प्रशासन से जुड़े फैसलों और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं गृह विभाग संभाल रहे सुखबीर बादल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साबित होना अलग कानूनी प्रक्रिया है।

    20 जुलाई को हुई थी पूछताछ
    इससे पहले 20 जुलाई 2026 को सुखबीर बादल चंडीगढ़ में एसआइटी के सामने पेश हुए थे। उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद सुखबीर बादल ने जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया था। इसके बाद एसआइटी ने उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए 11 सितंबर को पेश होने का समन भेजा। जानकारी अनुसार एसआइटी के सामने उनकी पांचवीं पेशी होगी। इस दौरान उनसे वर्ष 2015 की घटनाओं, पुलिस कार्रवाई और उस समय लिए गए फैसलों से जुड़े सवाल पूछे जाने की संभावना है।

  • नांदेड़ हमले के बाद गरजे सुखबीर बादल, अमृतपाल को बताया ‘वारिस नहीं, वायरस’

    नांदेड़ हमले के बाद गरजे सुखबीर बादल, अमृतपाल को बताया ‘वारिस नहीं, वायरस’

    मलोट/श्री मुक्तसर साहिब.

    महाराष्ट्र के नांदेड़ में 13 अगस्त को हुए हमले के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को मलोट की दाना मंडी में आयोजित ‘पंजाब बचाओ रैली’ से विधानसभा चुनाव की तैयारी का राजनीतिक संदेश दिया। रैली में बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता पहुंचे और पूरे कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया।

    सुखबीर बादल ने अपने संबोधन में मौजूदा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने सिख मर्यादा के खिलाफ काम किए, लेकिन किसी ने इसका विरोध नहीं किया। बेअदबी के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और मौजूदा सरकार के शासनकाल में ऐसी सैकड़ों घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में शिरोमणि अकाली दल के किसी नेता या कार्यकर्ता का नाम सामने नहीं आया।

    वारिस पंजाब दे पर भी निशाना साधा
    सुखबीर बादल ने वारिस पंजाब दे संगठन और सांसद अमृतपाल सिंह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 2022 में दुबई से पंजाब लौटने के बाद अमृतपाल ने खुद को पंजाब का वारिस बताना शुरू किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग गुरुद्वारों को ढाल बनाकर राजनीति कर रहे हैं। सुखबीर बादल ने कहा कि कुछ लोग बंदी सिंहों की रिहाई के नाम पर अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनका उद्देश्य पंजाब के गुरुद्वारों और उनकी गोलकों पर कब्जा करना है। इसी दौरान उन्होंने कहा-

    अकाली सरकार के विकास कार्य गिनाए
    रैली में सुखबीर बादल ने अकाली सरकार के कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने एम्स जैसे अस्पतालों, सड़कों के निर्माण, अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास सौंदर्यीकरण, बंदा सिंह बहादुर स्मारक और ऐतिहासिक यादगारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों को तबाही बताना विपक्ष की राजनीतिक मजबूरी है। रैली के अंत में अकाली कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारेबाजी की और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

  • हमले के बाद एक्टिव मोड में सुखबीर बादल, मलोट पहुंचकर कार्यकर्ताओं से करेंगे सीधा संवाद

    हमले के बाद एक्टिव मोड में सुखबीर बादल, मलोट पहुंचकर कार्यकर्ताओं से करेंगे सीधा संवाद

    श्री मुक्तसर साहिब.

    महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले के बाद स्वस्थ होकर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल बुधवार को पहली बार पंजाब में बड़ी जनसभा करने जा रहे हैं। उनकी रैली उनके गृह जिले श्री मुक्तसर साहिब के मलोट में आयोजित की जा रही है।

    इस रैली को हमले के बाद उनकी पंजाब में राजनीतिक सक्रियता की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। रैली से एक दिन पहले मंगलवार को सुखबीर सिंह बादल ने तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब में पहुंचकर अरदास की और गुरु घर में माथा टेका। इसके बाद बुधवार को मलोट में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच पहुंचेंगे। रैली के दौरान वह कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर सकते हैं। साथ ही पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी की आगे की रणनीति पर भी अपनी बात रख सकते हैं।

    8 से 10 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मी
    पूर्व विधायक हरप्रीत सिंह ने बताया कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध और पंजाब के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए दाना मंडी में "पंजाब बचाओ रैली" आयोजित की जा रही है। इसमें शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल वर्करों को संबोधित करेंगे। रैली में 8 से 10 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। भीषण गर्मी के मद्देनजर 5,000 कुर्सियां और पंखों की विशेष व्यवस्था की गई है।

    13 अगस्त को हुआ था हमला
    बता दें कि 13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवाण जी मुगत में सुखबीर बादल पर हमला हुआ था। हमले में उनके दाहिने हाथ पर गंभीर चोट आई थी। उन्हें तत्काल नांदेड़ के यशोसाईं अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने करीब 90 मिनट तक सर्जरी कर कटे हुए टेंडन और अल्नर आर्टरी नर्व को ठीक किया था। चिकित्सकों ने बाद में उन्हें खतरे से बाहर बताया था। हमले के एक दिन बाद सुखबीर बादल पंजाब लौट आए थे, लेकिन चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें आराम करने को कहा गया था। अब स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्होंने दोबारा सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रियता बढ़ा दी है। हमले के मामले में हमलावर की पहचान पुणे निवासी करीब 60 से 62 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में हुई थी। बताया गया कि वह वाणिज्य और कानून का स्नातक है तथा पिछले दो वर्षों से गुरुद्वारे में सेवादार के रूप में काम कर रहा था।

  • SIT के सामने पेश होंगे सुखबीर बादल, CM के ‘जेल जाने की बारी’ बयान के बीच बढ़ी गिरफ्तारी की चर्चा

    SIT के सामने पेश होंगे सुखबीर बादल, CM के ‘जेल जाने की बारी’ बयान के बीच बढ़ी गिरफ्तारी की चर्चा

    चंडीगढ़

     साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े बहिबलकलां गोलीकांड मामले में पंजाब के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल आज एसआईटी के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाएंगे।एसआईटी ने नोटिस जारी करके सुखबीर को चंडीगढ़ में पूछताछ के लिए पेश होने के निर्देश दिए थे। एसआईटी का यह समन श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान के बाद जारी किया गया था। ज्ञानी रघबीर सिंह ने बहिबलकलां गोलीकांड में सुखबीर बादल की कथित भूमिका पर बयान दर्ज कराया था।

    इस गोलीकांड में पुलिस गोलीबारी हुई थी जिसमें दो सिख युवकों की मौत हो गई थी। मामले में अभी एक चार्जशीट दाखिल होना बाकी है। इस बार अकाली दल ने स्पष्ट किया है कि सुखबीर बादल सोमवार को एसआईटी टीम से मिलेंगें और उनके सभी सवालों का जवाब देंगे। पार्टी ने साफ किया है कि यह एक राजनीतिक बदलाखोरी की कार्रवाई है क्योंकि अकाली दल अध्यक्ष का बहिबलकलां फायरिंग की घटना से कोई लेना-देना नहीं क्योंकि वह उस समय देश में नहीं थे।

    SIT ने 16 जुलाई को उन्हें समन भेजा था। इससे एक दिन पहले ही CM भगवंत मान ने मुकेरियां में एक जनसभा में कहा था कि अब जेल जाने की बारी सुखबीर बादल की है। इससे पहले भाजपा नेता विजय सांपला से भी पूछताछ हो चुकी है।

    बेअदबी मामले की जांच में ताजा क्या कार्रवाई हुई…
        क्राइम सीन री-क्रिएशन: जुलाई 2026 की शुरुआत में DIG हरजीत सिंह की अगुवाई वाली नई SIT ने फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला, बरगाड़ी और बहबल कलां घटनास्थलों का दौरा कर पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया। टीम ने सबूतों का मिलान किया और बाजाखाना थाने का भी दौरा किया, जहां मामले की केस डायरी और अन्य दस्तावेज सुरक्षित हैं।

        अकाल तख्त के जत्थेदार का बयान: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने जून 2026 में SIT के सामने अपना बयान दर्ज कराया। यह बयान अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की ओर से दिसंबर 2024 में अकाल तख्त के सामने मांगी गई बिना शर्त माफी के संदर्भ में दर्ज किया गया।

        नेताओं और अफसरों से पूछताछ: जून और जुलाई 2026 के दौरान SIT ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं भाजपा नेता विजय सांपला, पूर्व OSD गगनदीप सिंह बराड़ और तत्कालीन उपायुक्त मालविंदर सिंह जग्गी से समन जारी कर पूछताछ की। इसके अलावा अकाली दल के नेता मंतार सिंह बराड़ को भी SIT के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखना पड़ा।

    2015 के दर्ज मामलों पर टिकी है जांच
    यह पूरी कवायद साल 2015 में थाना बाजाखाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों के तहत की जा रही है। ये मुकदमे 14 अक्टूबर 2015 और 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज किए गए थे। बेअदबी की घटनाओं और इसके बाद बहबल कलां में हुए गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा असर डाला था। अब SIT इन प्रमुख लोगों से आमने-सामने पूछताछ कर मामले की गहराई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।