Tag: student protest

  • पथराव के बाद लाठीचार्ज, वाटर कैनन से भी नहीं टूटा हौसला; छात्र ने सड़क पर ही किया शैंपू बाथ

    पथराव के बाद लाठीचार्ज, वाटर कैनन से भी नहीं टूटा हौसला; छात्र ने सड़क पर ही किया शैंपू बाथ

    पटना.

    बीपीएससी टीआरई-4 में एकल परीक्षा कराने, निगेटिव मार्किंग खत्म करने समेत अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को पटना में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए छात्रों को पहले सचिवालय और बाद में हवाई अड्डा थाने ले जाया गया।

    हालांक‍ि, करीब दो घंटे तक डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। गांधी मैदान के जेपी गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। बड़ी संख्या में छात्र डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए।

    वाटर कैनन की बौछार के बीच डांस, शैंपू लगाकर नहाने लगा छात्र
    डाकबंगला चौराहे पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन चलाया। हालांकि, पानी की तेज बौछार के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी तिरंगा लेकर डांस करने लगे। प्रदर्शन के बीच एक छात्र ने तो अलग ही अंदाज दिखाया। वाटर कैनन की बौछार के बीच उसने शैंपू लगाकर नहाना शुरू कर दिया। इसके बाद वह सिर पर शैंपू लगाए पुलिसकर्मियों के सामने जाकर उन्हें चिढ़ाता नजर आया। प्रदर्शन के बीच छात्र की इस हरकत को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की हंसी भी छूट गई।

    डाकबंगला पर बिगड़े हालात, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
    डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों की बढ़ती भीड़ के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने और पीछे हटाने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इसी दौरान प्रदर्शन कारियों की ओर से पथराव भी किया गया। इसमें टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह के चोटिल होने की सूचना है।

    प्रदर्शन में छात्रा घायल, अस्पताल में भर्ती
    प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के सिर में भी चोट लगी। सिर फटने के बाद उसे इलाज के लिए गार्डिनर रोड अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पुलिस की ओर से लगातार प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया जाता रहा, जबकि छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। दोपहर बाद तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी डाकबंगला और आसपास के इलाकों में जुटे रहे।

  • JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच का ऐलान: CM आवास घेरेंगे अभ्यर्थी, 24 जिलों में पुतला दहन

    JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच का ऐलान: CM आवास घेरेंगे अभ्यर्थी, 24 जिलों में पुतला दहन

     रांची
    झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और धांधली को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। मांगे पूरी न होने पर अभ्यर्थियों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है।

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रांची में 'तिरंगा यात्रा' निकालने के बाद 'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' ने 20 अगस्त को सीएम हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का एलान किया है।

    वहीं, प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वे रविवार को सभी 24 जिलों में सीएम और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाएंगे। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया की सत्ताधारी JMM-कांग्रेस गठबंधन सरकार उनकी मांगों को लेकर ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है।

    प्रदर्शनकारियों की तरफ से यह एलान प्रदर्शन के 22वें दिन की गई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में हजारों छात्रों ने 'तिरंगा यात्रा' में हिस्सा लिया। इनमें व्हीलचेयर पर बैठकर भूख हड़ताल कर रहे दो प्रदर्शनकारी भी शामिल थे।

    20 अगस्त को सीएम आवास घेरने का एलान
    JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि हम 20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव करेंगे। JMM और कांग्रेस दोनों ही हमारे साथ राजनीति कर रहे हैं। इसलिए हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं। अगर मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे हैं, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन से अपना समर्थन वापस ले लें।

    देवेंद्र महतो को अस्पताल से बाहर जाने की नहीं मिली अनुमति
    जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को शनिवार को स्वास्थ्य का हवाला देकर प्रशासन ने सदर अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी।

    देवेंद्र छात्रों द्वारा निकाली जा रही तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे। इसको लेकर करीब एक घंटे तक अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान पुलिस और देवेंद्र महतो के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

    मालूम हो कि जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन 22 दिनों से चल रहा है। सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता के बावजूद गतिरोध अब तक समाप्त नहीं हुआ है।

    समर्थकों के अनुसार, उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकलने वाली तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जैसे ही उन्होंने अस्पताल से बाहर निकलने का प्रयास किया, पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।

    प्रशासन की ओर से उनके खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अस्पताल से बाहर नहीं जाने देने की बात कही गई। इसे लेकर समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

    समर्थकों ने धक्का-मुक्की करने का लगाया आरोप
    समर्थकों ने आरोप लगाया कि देवेंद्र महतो को जबरन रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। इधर, देवेंद्र के अस्पताल से बाहर नहीं निकल पाने के बावजूद अन्य छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच तिरंगा यात्रा निकाली।

     

  • ‘नेताओं के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें’, छात्र आंदोलन में सोनम वांगचुक का बड़ा बयान

    ‘नेताओं के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें’, छात्र आंदोलन में सोनम वांगचुक का बड़ा बयान

    नई दिल्ली
    कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को तब और बल मिला जब शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मंच पर पहुंचकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से विरोध-प्रदर्शन पसंद नहीं है, लेकिन जब न्याय की मांगों को अनसुना किया जाता है तो लोगों को आवाज उठानी पड़ती है।

    उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव की आवश्यकता है और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। सोनम वांगचुक ने कहा कि बार-बार परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं। ऐसे में जवाबदेही तो तय करनी पड़ेगी।

    राजनीति में आएंगे सोनम वांगचुक?
    वांगचुक ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि नेताओं मंत्रियों और नौकरशाहों के बच्चों को सरकारी स्कूलों और सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ना चाहिए। उनका कहना था कि जो लोग व्यवस्था चला रहे हैं, उन्हें उसी व्यवस्था का अनुभव भी करना चाहिए। मंच के सामने मौजूद छात्रों ने कई बार उन्हें शिक्षा मंत्री बनने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने किसी भी राजनीतिक भूमिका में आने की संभावना को खारिज कर दिया।

    अभीजीत दीपके ने क्या कहा?
    इससे पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की मांगों पर ध्यान देने के बजाय सोशल मीडिया गतिविधियों को निशाना बनाया जा रहा है।
    दीपके ने कहा कि पिछले एक महीने से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
    उन्होंने मंच से कहा कि समाज के कुछ वर्ग दबाव में समझौता कर सकते हैं, लेकिन देश के छात्र और युवा अभी भी अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दोपहर करीब तीन बजे गर्मी से दीपके की बिगड़ गई। हालांकि, अंत में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।

    'अगले शनिवार फिर जंतर मंतर लौटेंगे'
    दीपके ने कहा कि आज का प्रदर्शन समाप्त हो रहा है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। हम अगले शनिवार फिर जंतर मंतर लौटेंगे। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते है तो यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। हम पूरे देश में प्रदर्शन करेंगे और स्टूडेंट्स की आवाज को हर राज्य और हर शहर तक पहुंचाएंगे। विभिन्न छात्र और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन देखने को मिला। जेएनयू के वर्तमान और पूर्व छात्र नेताओं ने भाग लिया। सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी जंतर-मंतर पहुंचे।

    'परिवार को धमकियां, छोड़ना पड़ा घर'
    प्रदर्शन समाप्त होने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक मेसेज साझा किया। उन्होंने लिखा कि वह अपने माता-पिता से मिलने घर लौट रहे हैं, जिनसे उनकी मुलाकात एक साल से अधिक समय से नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 दिन के दौरान उनके परिवार को धमकियों का सामना करना पड़ा और उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। दीपके ने कहा कि अब वह अपने माता-पिता को वापस घर ले जाएंगे। अपने मेसेज में उन्होंने समर्थकों का आभार जताते हुए लिखा कि आज का प्रदर्शन सिर्फ एक ट्रेलर था।