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  • शेयर बाजार में IT स्टॉक्स की धूम, ट्रंप के झटके के बाद भी हरे निशान में कारोबार

    शेयर बाजार में IT स्टॉक्स की धूम, ट्रंप के झटके के बाद भी हरे निशान में कारोबार

    मुंबई   
       अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCLTech समेत आठ बड़ी आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड से जुड़े PERM प्रोग्राम से सस्पेंड किए जाने के बावजूद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली. 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई. मार्केट खुलते ही सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी में 200 से अधिक अंकों की बढ़त दर्ज की गई. वहीं, रुपये में भी डॉलर के मुकाबले मजबूती देखने को मिली. रुपया 4 पैसे मजबूत होकर 96.74 प्रति डॉलर पर खुला. गुरुवार को कारोबार बंद होने के समय यह 96.78 प्रति डॉलर पर था। 

    शुरुआती कारोबार में TCS, इंफोसिस, HCLTech समेत प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर ग्रीन जोन में कारोबार करते नजर आए. शुरुआती कारोबार में इंफोसिस के शेयरों में 2.62%, टीसीएस के शेयरों में 3.39%, एचसीएल के शेयरों में 2.53% और विप्रो के शेयरों में 2.47% की तेजी देखने को मिली. अमेरिकी कार्रवाई के बीच विदेशी बाजारों में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में मिलाजुला रुख देखने को मिला. नैस्डैक (Nasdaq) पर माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.35% तक लुढ़क गए, जबकि कॉग्निजेंट के शेयरों में 5.15% की तेजी दर्ज की गई. वहीं, पेरिस स्टॉक एक्सचेंज में कैपजेमिनी के शेयर 0.045% की मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे. नैस्डैक पर एडोबी के शेयरों में भी 3.56% का उछाल दर्ज किया गया। 

    8 IT कंपनियों पर अमेरिकी एक्शन

    अमेरिकी सरकार की ओर से TCS, इंफोसिस, विप्रो, HCLTech समेत आठ बड़ी आईटी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड किए जाने के बाद माना जा रहा था कि इन कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है. वजह यह है कि प्रोग्राम इलेक्ट्रॉनिक रिव्यू मैनेजमेंट (PERM) अमेरिका में रोजगार के आधार पर विदेशी कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. इस पर रोक से प्रभावित कंपनियों के जरिए स्थायी निवास पाने की तैयारी कर रहे विदेशी कर्मचारियों के मामले अटक सकते हैं. इससे कंपनियों की रिक्रूटमेंट स्ट्रैटेजी और कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। 

    हालांकि, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआती चाल इसके उलट रही. भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला और प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे. इससे संकेत मिला कि निवेशकों ने फिलहाल अमेरिकी फैसले को लेकर तत्काल बड़ी बिकवाली नहीं की. हालांकि, केवल शुरुआती तेजी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि इस कार्रवाई का कंपनियों के कारोबार या शेयरों पर आगे कोई असर नहीं पड़ेगा. आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कंपनियों के बयानों, अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम और इस फैसले के वास्तविक कारोबारी असर पर रहेगी। 

    इस पूरे मामले में एक अहम बात यह है कि PERM से सस्पेंशन और कंपनियों के रोजमर्रा के कारोबार पर असर, दोनों अलग-अलग पहलू हैं. PERM मुख्य रूप से रोजगार के आधार पर ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया से जुड़ा है. इस पर रोक लगने का मतलब यह नहीं है कि कंपनियां अमेरिका में कारोबार नहीं कर सकेंगी या वहां काम कर रहे सभी विदेशी कर्मचारियों के वीजा रद्द हो जाएंगे. यही वजह है कि इस फैसले का बाजार पर तत्काल असर नहीं दिखा. इसके साथ-साथ कंपनियों के कारोबार पर इसके वास्तविक प्रभाव को अगले कुछ कारोबारी सत्रों में देखना अहम रहेगा। 

    एक्शन पर IT कंपनियों ने दी प्रतिक्रया
    भारत में सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के संगठन नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (NASSCOM) ने कहा है कि अमेरिकी सरकार की ओर से आईटी कंपनियों को PERM कार्यक्रम से निलंबित करने का फैसला ग्रीन कार्ड पाने के एक खास रास्ते को प्रभावित करता है, न कि H-1B वीजा कार्यक्रम को. संगठन ने यह भी कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों ने H-1B वीजा पर अपनी निर्भरता कम की है और अमेरिका में स्थानीय स्तर पर भर्तियां बढ़ाई हैं. ये कंपनियां अमेरिकी कारोबारों को सहयोग देने के साथ वहां जॉब क्रिएशन में भी योगदान दे रही हैं। 

    वहीं, TCS ने साफ किया है कि इस कार्रवाई से उसकी अमेरिकी भर्ती रणनीति पर खास असर पड़ने की आशंका नहीं है. कंपनी अगले पांच साल में अमेरिका में 15,000 लोगों को नौकरी देने की योजना पर कायम है. TCS के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में उसके PERM आवेदन एक अंक में रहे हैं और अमेरिका में उसकी भर्ती रणनीति स्थानीय प्रतिभाओं को रोजगार देने पर केंद्रित है. माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में उसने करीब 6,000 H-1B वीजा आवेदन किए थे। 

    इनमें से 80 फीसदी आवेदन पहले से कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों के वीजा की अवधि बढ़ाने या उनकी वीजा स्थिति में बदलाव के लिए थे, न कि नए लोगों को नौकरी देने के लिए. माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, नए कर्मचारियों के लिए किए गए बाकी आवेदन उन लोगों के थे, जो पहले से कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे थे और कंपनी में नौकरी करने का फैसला लिया था. कंपनी ने कहा कि ये आवेदन अमेरिका में उसके कुल कर्मचारियों की संख्या का महज एक फीसदी थे। 

     

  • आठ हफ्ते बाद बाजार में रौनक, Sensex-Nifty ने पकड़ी रफ्तार; निवेशकों के चेहरे खिले

    आठ हफ्ते बाद बाजार में रौनक, Sensex-Nifty ने पकड़ी रफ्तार; निवेशकों के चेहरे खिले

    मुंबई 
    शेयर बाजार में जारी लंबी गिरावट पर सोमवार को ब्रेक लग गया और मार्केट के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स झटके में 600 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 150 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा था. मार्केट में आई इस तेजी के बीच Bajaj Finance, ITC, SBI जैसे शेयर गदर मचाते नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत
    शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत धुआंधार तेजी के साथ हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 71,909 की तुलना में उछलकर 72,340 रुपये पर ओपन हुआ और फिर इसकी रफ्तार तेज होती चली गई. महज कुछ ही मिनटों में BSE Sensex 625 अंकों की तगड़ी उछाल के साथ 72,534 पर कारोबार करता नजर आया। 

    NSE Nifty ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपनी रफ्तार बढ़ाई. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 22,421 की तुलना में तेजी लेकर 22,532 पर ओपन हुआ और फिर अचानक इसमें तेजी बढ़ती चली गई और ये इंडेक्स 22,595 पर पहुंच गया। 

    8 हफ्तों से टूट रहा था शेयर बाजार
    गौरतलब है कि स्‍टॉक मार्केट ये तेजी लंबे समय के बाद लौटी है. करीब आठ सप्ताह से सेंसेक्स-निफ्टी भारी दबाव में कारोबार कर रहे थे. बाजार में दबाव विदेशी फंडों की बिकवाली और कच्‍चे तेल के दाम में उथल-पुथल के चलते देखने को मिला. यहां बता दें कि 25 सालों में ऐसा पहली बार देखने को मिला कि भारतीय शेयर बाजार लगातार 8 हफ्ते तक गिरा है। 

    बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन की परफॉर्मेंस देखें, तो सेंसेक्स-निफ्टी बड़ी गिरावट के साथ क्लोज हुए थे. BSE Sensex 570.59 अंक की गिरावट लेकर 71,909.70 के लेवल पर, जबकि NSE Nifty 198.50 अंक की गिरावट लेकर 22,421.95 पर क्लोज हुआ था। 

    आज इन शेयरों ने मचाया गदर
    अब बताते हैं शेयर मार्केट में लौटी तेजी के बीच खुलने के साथ ही गदर मचाने वाले स्टॉक्स के बारे में, तो BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Bajaj Finance Share (4%), TCS Share (2.25%), ITC Share (1.70%), Reliance Share (1.40%) और SBI Share (1.25%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे। 

    मिडकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो Nykaa Share (5%), Persistent Share (4.20%), MPhasis Share (3.50%), Coforge Share (2.80%) उछलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में TD Power Share (7%), तो Redington Share (4.50%) और KFintech Share (3.90%) की तेजी लिए हुए थे। 

  • शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों के उड़े होश, सेंसेक्स-निफ्टी की तेजी पलटी; जानें 3 बड़े कारण

    शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों के उड़े होश, सेंसेक्स-निफ्टी की तेजी पलटी; जानें 3 बड़े कारण

    मुंबई 
    मंगलवार का दिन शेयर बाजार में पैसे लगाने वालों के लिए अमंगलकारी साबित हो रहा है. सबसे बड़ी बात ये है कि सेंसेक्स-निफ्टी ने तूफानी शुरुआत की थी, लेकिन देखते ही देखते बाजार में ऐसा भूचाल आया कि दोनों इंडेक्स क्रैश हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन के हाई लेवल से एक झटके में 1400 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी डे-हाई से 474 अंकों का गोता लगा गया. शेयर मार्केट में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं।   

    तूफानी तेजी, फिर तगड़ी गिरावट
    शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत धुआंधार तेजी के साथ हुई और निवेशकों को लगा कि बीते सप्ताह की गिरावट पर ब्रेक लग गया, लेकिन उनकी खुशी महज घंटेभर बाद ही टेंशन में तब्दील हो गई. सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट का जो सिलसिला शुरू हुआ वो कारोबार आगे बढ़ने के साथ तेज होता चला गया. शेयर बाजार में कारोबार खत्म होने पर BSE Sensex 777 अंक की गिरावट लेकर 74,003 के लेवल पर क्लोज हुआ, जो दिन के हाई लेवल से 1433 अंक की गिरावट है। 

    सिर्फ सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि NSE Nifty ने भी निवेशकों को बुरी तरह चौंकाया है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,398 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ 23,576 पर कारोबार की शुरुआत की थी और 23,592 तक उछला था, लेकिन फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये भी टूटता चला गया और खबर लिखे जाने तक अपने दिन के हाई लेवल से 474 अंक फिसलकर 23,118 पर आकर बंद हुआ। 

    शेयर मार्केट क्रैश के कारण
    Share Market Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो एक नहीं बल्कि कई हैं. इनमें कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से लेकर US बॉन्ड यील्ड तक का रोल है। 

    पहला कारण: वेस्ट एशिया में अमेरिका-ईरान टेंशन और मध्य पूर्व में फैलते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है. इसके असर तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत तेज उछाल के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रही है. इसने महंगाई के जोखिम को बढ़ाते हुए शेयर बाजारों का सेंटीमेंट खराब किया है। 

    दूसरा कारण: शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट के पीछे दूसरा कारण अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, सोमवार को बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी पर जा पहुंची, जो अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार है. गौरतलब है कि 10 साल की बॉन्ड यील्ड को ग्लोबल बेंचमार्क माना जाता है और ये सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है. वहीं बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, जिसका असर मंगलवार को भारतीय बाजार पर भी नजर आया है। 

    तीसरा कारण: शेयर बाजार में मंगलवार को IT इंडेक्स के अलावा ज्यादातर कैटेगरी में तेज गिरावट दर्ज की गई. मार्केट टूटने का तीसरा बड़ा कारण तमाम ग्लोबल टेंशन और तेल की कीमतों में इजाफे के बीच शेयर बाजार के लिए डर का पैमाना माने जाने वाले India VIX में अचानक उछाल भी है. ये 6 फीसदी के आसपास बढ़कर 13 के पार निकल गया, जो आने वाले दिनों में शेयर मार्केट में बिकवाली का इंडिकेशन देता है। 

    ये शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे
    Stock Market Crash के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की लिस्ट देखें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल BEL Share (5%), IndiGo Share (3.56%), Bajaj Finserv Share (2.96%), Adani Ports Share (2.50%), SBI Share (2.42%), Titan Share (2.35%), Bajaj Finance Share (2.34%), Asian Paints Share (2.31%), M&M Share (2.19%), Trent Share (2%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. 

  • शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच IT शेयरों का जलवा, HDFC Bank समेत इन 4 स्टॉक्स ने पकड़ी रफ्तार

    शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच IT शेयरों का जलवा, HDFC Bank समेत इन 4 स्टॉक्स ने पकड़ी रफ्तार

    मुंबई 
    कच्चे तेल पर महंगाई छाई है, वेस्ट एशिया में तनाव जारी है, अमेरिकी शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली है, लेकिन इन सब निगेटिव खबरों के बीच भी भारतीय शेयर बाजार ओपनिंग के साथ गदर मचाए हुए नजर आया. एक दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला BSE Sensex खुलते ही 655 अंक की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला NSE Nifty भी जोरदार तेजी के साथ ओपन हुआ। 

    हालांकि, आधे घंटे तक तेजी के साथ कारोबार करने के बाद शेयर बाजार में बाजी पलटी हुई नजर आई और दोनों इंडेक्स अचानक रेड जोन में आ गए. लेकिन इन बीच भी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर धमाल मचाते हुए नजर आए, तो वहीं HDFC Bank Share भी निवेशकों को तगड़ी कमाई कराता हुआ नजर आया है। 

    सेंसेक्स-निफ्टी की धुआंधार ओपनिंग 
    सोमवार को गणेश चतुर्थी पर शेयर बाजार बंद था, लेकिन एक दिन की छुट्टी के बाद जब सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग की तो ये जोरदार रही. तेल लगातार महंगा होने, देश में रिटेल से लेकर थोक महंगाई तक बढ़ने के बावजूद बीएसई की सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,781 की तुलना में तेजी लेकर 75,369 पर खुला और फिर अचानक छलांग लगाकर 655 अंक चढ़कर 75,436 पर जा पहुंचा. हालांकि, कुछ देर के कारोबार के बाद इसकी रफ्तार धीमी नजर आई। 

    सेंसेक्स की तरह ही एनएसई निफ्टी की भी चाल देखने को मिली है. मंगलवार को ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,398 की तुलना में बढ़त लेकर खुला और फिर एक झटके में उछलकर 23,592 के लेवल पर जा पहुंचा. बीते सप्ताह दोनों इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। 

    HDFC बैंक से IT शेयरों तक का गदर
    शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा रोल आईटी कंपनियों के शेयरों का रहा, जिनमें तूफानी तेजी देखने को मिली है. सबसे ज्यादा तेज रफ्तार से HCL Tech Share भागा, जो खबर लिखे जाने तक करीब 7 फीसदी की उछाल में कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Tech Mahindra Share (5%), TCS Share (4.96%), Infosys Share (4.60%), MPhasis Share (4.56%), Persistent Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे। 

    बात प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक यानी HDFC Bank Share की करें, तो ये भी शेयर मार्केट ओपन होने के साथ ही गदर मचाए हुए नजर आया. इस बैंकिंग स्टॉक में 2.50% की जोरदार तेजी देखने को मिली है और इसका भाव 725 रुपये के करीब पहुंच गया. अन्य तेजी वाले शेयरों में एचयूएल, आईटीसी, टाटा स्टील शामिल रहे। 

    तेल से लेकर रिटेल महंगाई तक फेल
    शेयर मार्केट में ये जोरदार शुरुआती तेजी ऐसे स
    मय में देखने को मिली है, जबकि अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते होर्मुज, बाब अल मंदेब, सउदी अरब तेल पाइपलाइन को लेकर ग्लोबल टेंशन चरम पर है. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल जारी है. अमेरिकी शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन निगेटिव जोन में बंद हुए हैं और सबसे खास भारत में रिटेल से लेकर थोक महंगाई तक में उछाल आया है. लेकिन इन सबके बावजूद बाजार ने तेज रफ्तार पकड़ी है। 

  • शेयर बाजार में फिर मचा हाहाकार, शुरुआती कारोबार में भरभराकर गिरे Sensex-Nifty; ये हैं बड़ी वजहें

    शेयर बाजार में फिर मचा हाहाकार, शुरुआती कारोबार में भरभराकर गिरे Sensex-Nifty; ये हैं बड़ी वजहें

    मुंबई 
    शेयर बाजार में फिर से बड़ी गिरावट आई है. मंगलवार को ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खराब शुरुआत के बाद तेजी से फिसला और 400 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty-50 भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए करीब 100 अंक फिसल गया. इस बीच बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 बड़ी कंपनियों के शेयरों में से 26 में गिरावट देखने को मिली. Share Market में आई गिरावट का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट टेंशन से है। 

    Sensex-Nifty खुलते ही बिखरे
    शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर BSE Sensex ने अपने पिछले कारोबारी बंद 76,132 की तुलना में गिरावट लेकर 75,970 पर कारोबार की शुरुआत की और फिर देखते ही देखते 418 अंक टूटकर 75,714 तक फिसल गया। 

    सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty की भी ओपनिंग देखने को मिली. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,779 के मुकाबले फिसलकर पहले 23,743 पर खुला और फिर इसके गिरने की रफ्तार भी तेज होती गई. खबर लिखे जाने तक निफ्टी 23,668 पर कारोबार कर रहा था।  

    सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर 
    मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share (1.40%), Bharti Airtel Share (1.10%), ICICI Bank-Axis Bank करीब 1 फीसदी की  गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे। 

    वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Voltas Share (2.50%), TI India Share (1.50%). Godrej Properties Share (1%) की गिरावट में नजर आया. स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की लिस्ट में Amber Share (1.60%), Cyient Share (1.45%) और Angel One Share (1.40%) रहे। 

    शेयर बाजार में गिरावट का बड़ा कारण
    Stock Market में मंगलवार को आई इस गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो इसका सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट टेंशन, ईरान और डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी और इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से है। 

    दरअसल, ईरान ने अपने उपभोक्ताओं के लिए गैस की कीमतों में इजाफा किया है, तो वहीं वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड का दाम 97 डॉलर के पार निकलकर महंगाई का जोखिम बढ़ाता हुआ नजर आ रहा है. डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी 93 डॉलर के पार, तो मर्बन क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रही है। 

  • बाजार खुलते ही निवेशकों की बल्ले-बल्ले, सेंसेक्स में 600 अंकों की छलांग; Reliance शेयर चमके

    बाजार खुलते ही निवेशकों की बल्ले-बल्ले, सेंसेक्स में 600 अंकों की छलांग; Reliance शेयर चमके

    मुंबई 
    भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी आई है. शुकवार को सेंसेक्‍स खुलते ही तेज उछाल के साथ  594 अंक चढ़ गया और आज का हाई लेवल 76,746.80 को टच किया. इसी तरह, निफ्टी में भी अच्‍छी तेजी देखने को मिली. निफ्टी हरे निशान में खुला और फिर 76.4 अंकों की तेजी के साथ 23,949.85 के हाई पर पहुंच गया। 

    बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 3 शेयर ही गिरावट पर कारोबार कर रहे थे, जबकि बाकी 27 शेयर तेजी पर रहे. सबसे ज्‍यादा तेजी टाटा ट्रेंट के शेयरों में देखी गई, जो 2.41 फीसदी चढ़ गया. इसके बाद रिलायंस के शेयरों में 2 फीसदी की उछाल आई. इसके अलावा, इंडिगो, बीईएल और बजाज के शेयर तेजी पर रहे। 

    इस बीच, बीएसई मार्केट कैप करीब 2 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 489.06 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. 2,205 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,246 शेयर गिरावट पर थे. 130 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर थे और 59 शेयर 52 सप्‍ताह के नीचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे थे. 103 शेयरों में लोअर सर्किट लगा रहा. 112 शेयरों में अपर सर्किट लगा। 

    सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
    सेंसेक्स और निफ्टी के ताजा हाल की बात करें तो दोनों में उछाल दिखा है। 9 बजकर 45 मिनट पर 30 शेयरों वाले इंडेक्स सेंसेक्स में 0.62 फीसदी की तेजी दिखी। यह 473.29 अंक मजबूत होकर 76,626.15 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी में 0.23 फीसदी की तेजी दिखी। यह 54.05 अंक चढ़कर 23,927.50 पर ट्रेड कर रहा था।

    टीसीएस समेत इन शेयरों में तेजी
    सेंसेक्स के 30 शेयरों में से एक में गिरावट और बाकी में उछाल दिखा है। 9 बजकर 15 मिनट पर सबसे अधिक तेजी टीसीएस में दिखी। यह 1.85 फीसदी उछलकर हरे निशान में 2354.80 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, इन्फोसिस में 1.44 फीसदी की तेजी दिखी और यह 1144.20 के लेवल पर कारोबार कर रहा था।

    इनके अलावा बजाज फिनसर्व में 1.26 फीसदी, ट्रेंट में 1.24 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.07 फीसदी, इंडिगो में 0.95 फीसदी, कोटक महिंद्रा में 0.85 फीसदी, टाइटन में 0.83 फीसदी, मारुति में 0.76 फीसदी, एसबीआई में 0.64 फीसदी, आईटीसी में 0.55 फीसदी, अडानी पोट्स में 0.50 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.43 फीसदी, इटरनल (जोमैटो) में 0.06 फीसदी और एक्सिस बैंक में 0.06 फीसदी की तेजी दिखी। वहीं, भारती एयरटेल 0.07 गिरकर 1863.90 पर ट्रेड कर रहा था।

    घरेलू और विदेशी निवेशकों का निवेश
    बीते कारोबारी सत्र यानी कि गुरुवार को घरेलू निवेशकों (Domestic Institutional Investor) ने 4977 करोड़ रुपये का निवेश किया। इन्होंने बुधवार को भी कुल 2813 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।

    वहीं, विदेशी निवेशकों (Foreign Institutional Investor) ने भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बिकवाली की है। इन्होंने कुल 2346 करोड़ रुपये के शेयरों को बेचा है। हालांकि, बुधवार इन्होंने कुल 6688 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। इस खरीदारी और बिक्री का बाजार पर आज प्रभाव भी पड़ा है।

    गुरुवार को कैसी थी मार्केट की चाल?
    शेयर बाजार गुरुवार को अपना शुरुआती कारोबार शानदार किया था। घरेलू के अलावा विदेशी निवेशकों की बंपर खरीदारी ने मार्केट को बल दिया था। सेंसेक्स जहां 278 अंकों (0.36 फीसदी) की तेजी के साथ हरे निशान में 76.848.98 के लेवल पर खुला था। वहीं, निफ्टी उछलकर 23,978.85 पर ट्रेड कर रहा था। लेकिन, मार्केट बंद के दौरान इन दोनों में बड़ी गिरावट दिखी थी। सेंसेक्स 0.55 फीसदी लुढ़कर यानी कि 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी की बात करें तो यह 0.17 फीसदी यानी करीब 41 अंक गिरकर लाल निशान में 23,873.45 पर बंद हुआ था।

    10% उछले ये स्‍टॉक 
    Puravankara के शेयर 10 फीसदी चढ़कर 232 रुपये प्रति शेयर पर थे. एचबीएल इंजीनियरिंग के शेयर में 8 फीसदी की चढ़कर 714 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. तेजस नेटवर्क के शेयर 8 फीसदी चढ़कर 613 रुपये पर कारोबार कर रहा थे. आईएफसीआई के शेयर में 5 फीसदी की तेजी आई है. एंजल वन के शेयर में भी 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली है. फिजिक्‍सवाला के शेयर में 4 फीसदी की तेजी आई है। 

    क्‍यों आई ये तेजी? 
    विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में हिस्‍सेदारी बढ़ रही है. दूसरी ओर, आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती देखने को मिली है. साथ ही लार्जकैप कंपनियों जैसे रिलायंस, टाइटन और बजाज जैसे शेयर चढ़े हैं और मार्केट को ऊपर की ओर ले जा रहे हैं। 

  • EPF क्यों माना जाता है रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित विकल्प? शेयर बाजार से तुलना में जानें 6 फायदे

    EPF क्यों माना जाता है रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित विकल्प? शेयर बाजार से तुलना में जानें 6 फायदे

    नई दिल्ली
    नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सबसे बड़ी चिंताओं में से एक होती है। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि भविष्य के लिए पैसा EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि में जमा करना बेहतर है या शेयर बाजार में निवेश करना। दोनों विकल्पों के अपने फायदे और जोखिम हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग है। EPF को मुख्य रूप से लंबी अवधि में सुरक्षित रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए बनाया गया है, जबकि शेयर बाजार में निवेश का लक्ष्य बाजार की तेजी का फायदा उठाकर ज्यादा रिटर्न कमाना हो सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में रिटर्न अधिक मिलने की संभावना रहती है, लेकिन इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम भी होता है। EPFO ने अपने आधिकारिक वीडियो में EPF और इक्विटी निवेश की तुलना करते हुए बताया है कि रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए EPF किस तरह अधिक स्थिर और सुरक्षित विकल्प बनता है।

    पहला कारण—EPF में नियमित योगदान:- EPFO के मुताबिक, जिन संस्थानों पर EPF कानून लागू होता है और पात्र कर्मचारियों की बेसिक सैलरी निर्धारित सीमा के भीतर है, वहां EPF में योगदान नियमों के तहत किया जाता है। हर महीने कर्मचारी के वेतन से एक हिस्सा EPF में जाता है और नियोक्ता भी निर्धारित योगदान करता है। इसके विपरीत शेयर बाजार में निवेश पूरी तरह स्वैच्छिक है। निवेशक अपनी इच्छा और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार पैसा लगाता है और जरूरत के मुताबिक निवेश को बेच सकता है।

    दूसरा कारण—नियोक्ता का योगदान:- EPF की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ कर्मचारी का पैसा नहीं लगता, बल्कि नियोक्ता भी निर्धारित नियमों के अनुसार योगदान करता है, यानी कर्मचारी के रिटायरमेंट फंड को बनाने में कंपनी की तरफ से भी पैसा जुड़ता है। शेयर बाजार में ऐसा कोई अतिरिक्त नियोक्ता योगदान नहीं मिलता। वहां निवेश की पूरी रकम निवेशक की अपनी होती है।

    तीसरा कारण—स्थिरता:- EPF में हर महीने नियमित बचत होती है और इस पर सरकार द्वारा घोषित ब्याज दर लागू होती है। इससे लंबी अवधि में एक व्यवस्थित रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार करने में मदद मिलती है। दूसरी तरफ शेयर बाजार का रिटर्न कंपनियों के प्रदर्शन, अर्थव्यवस्था और बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है। बाजार बढ़ने पर अच्छा मुनाफा हो सकता है, लेकिन गिरावट आने पर निवेश का मूल्य भी कम हो सकता है।

    चौथा कारण—टैक्स, पेंशन और बीमा:- EPFO के अनुसार EPF से जुड़े नियमों के तहत पात्र मामलों में योगदान, ब्याज और निकासी पर टैक्स लाभ मिल सकते हैं। इसके अलावा पात्र कर्मचारियों को EPS (Employees’ Pension Scheme) के जरिए पेंशन का लाभ भी मिल सकता है। EDLI योजना के तहत बीमा सुरक्षा भी उपलब्ध होती है। शेयर बाजार में निवेश करने पर इस तरह की सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिलतीं और शेयर बेचकर हुए मुनाफे पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स लग सकता है।

    5वां कारण—रिटायरमेंट के लिए भरोसेमंद विकल्प:- EPF केंद्र सरकार द्वारा संचालित और विनियमित व्यवस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के लिए लंबे समय में सुरक्षित फंड तैयार करना है। शेयर बाजार नियामकीय ढांचे के तहत काम करता है, लेकिन इसमें कीमतों का जोखिम बना रहता है। इसलिए रिटायरमेंट जैसे लंबे लक्ष्य के लिए EPF एक स्थिर आधार प्रदान कर सकता है।

    छठा कारण—दोनों का उद्देश्य अलग:- EPFO के मुताबिक EPF का मुख्य उद्देश्य भविष्य के लिए सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता उपलब्ध कराना है, जबकि शेयर बाजार में निवेश अधिक जोखिम लेने की क्षमता और संभावित रिटर्न पर आधारित होता है। इसलिए दोनों को एक-दूसरे का विकल्प मानने के बजाय अलग-अलग उद्देश्यों के लिए समझना जरूरी है। EPF सुरक्षित रिटायरमेंट कॉर्पस की नींव बन सकता है, जबकि जोखिम सहने की क्षमता रखने वाले निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार शेयर बाजार को अतिरिक्त निवेश विकल्प के तौर पर देख सकते हैं।

     

  • Share Market Today: 12 दिन की सुस्ती के बाद बाजार में जोरदार रैली, विदेशी संकेतों से Sensex 500 अंक उछला, Nifty 24,200 के पार

    Share Market Today: 12 दिन की सुस्ती के बाद बाजार में जोरदार रैली, विदेशी संकेतों से Sensex 500 अंक उछला, Nifty 24,200 के पार

    मुंबई 
    शेयर बाजार में बीते 12 कारोबारी दिनों से जारी गिरावट पर गुरुवार को ब्रेक लग गया. विदेशों से मिले ग्रीन सिग्नल का असर सीधे सेंसेक्स-निफ्टी पर देखने को मिला. एक ओर जहां मार्केट ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की 77,494 के स्तर पर पहुंचकर ट्रेड करता दिखा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी खुलने के साथ ही 24,200 के पार निकल गया. शुरुआती कारोबार में बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 बड़े शेयरों में से 29 में तेजी दर्ज की गई। 

    सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत 
    Share Market में कारोबार की शुरुआत प
    र नजर डालें, तो बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 76,909 के लेवल से तेजी लेकर 77,468 पर ओपन हुआ और अगले ही पल रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 593 अंक की तेजी के साथ 77,500 के आंकड़े के पार निकल गया. एनएसई के 50 शेयरों वाले निफ्टी इंडेक्स ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाए रखा और अपने पिछले बंद 24,078 की तुलना में तेज उछाल के सात 24,225 पर खुला। 

    IT शेयरों ने खुलते ही मचाया गदर
    शुरुआती कारोबार के दौरान आईटी शेयरों (IT Stocks) में तेज बढ़त देखी गई. इंफोसिस के शेयरों में 2% से अधिक का उछाल आया, तो वहीं टीसीएस का शेयर भी 1% से ज्यादा चढ़कर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा एचसीएलटेक और टेक महिंद्रा के स्टॉक भी ग्रीन जोन में नजर आए। 

    फाइनेंशियल स्टॉक्स में एचडीएफसी बैंक 0.77%, बजाज फाइनेंस 1.3%, कोटक महिंद्रा बैंक 1.32% और श्रीराम फाइनेंस 2% से अधिक की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. सेंसेक्स शेयरों में Eternal Share सबसे अधिक लाभ कमाने वाला शेयर रहा, जिसमें 2.36% की उछाल आई, जबकि विप्रो शेयर ने 1.5% की छलांग लगाई। 

    12 दिन की गिरावट पर ब्रेक
    शेयर बाजार में लौटी इस जोरदार तेजी को लेकर जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटिजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि बीते 12 कारोबारी सत्रों में लगातार गिरावट के बाद बाजार में शॉर्ट टर्म उलटफेर के संकेत मिले हैं. उन्होंने कहा कि Stock Market ओवरसोल्ड सेक्टर में है और शॉर्ट-कवरिंग के चलते मामूली तेजी आने की संभावना आगे भी दिख रही है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट वैश्विक स्तर पर इक्विटी बाजारों के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती है। 

    विदेशों से मिले गुड सिग्नल
    भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी के संकेत पहले ही विदेशी शेयर बाजारों से मिल रहे थे. Sensex-Nifty के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्टी निफ्टी (Gift Nifty) अपनी ओपनिंग के साथ ही 150 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं तमाम एशियाई शेयर बाजारों में हरियाली देखने को मिली। 

    जापान का निक्केई (Japan Nikkei) 700 अंक की तेजी लेकर 66,000 के पार कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंड इंडेक्स (Hang Seng) भी करीब 300 अंक की उछाल के साथ 25,777 के लेवल पर ट्रेड करता नजर आया. यही नहीं साउथ कोरिया का प्रमुख इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) ताबड़तोड़ 420 या करीब 7 फीसदी की छलांग लगाकर 6,888 के लेवल पर जा पहुंचा. बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार (US Stock Market) भी तेजी के साथ ग्रीन जोन में बंद हुआ था और इसका भी भारतीय शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर असर देखने को मिला है। 

  • शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट, Sensex 77,650 के नीचे; IT सेक्टर ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

    शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट, Sensex 77,650 के नीचे; IT सेक्टर ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

    मुंबई 
    बीते सप्ताह तेज उथल-पुथल के बाद भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में सप्ताह के पहले खराब शुरुआत हुई. मार्केट के दोनों इंडेक्स बुरी तरह टूटकर रेड जोन में ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां 350 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद के मुकाबले गिरकर खुला. शुरुआती कारोबार में खासतौर पर टेक शेयरों में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई. TCS Share, HCL Tech Share, Infosys Share बुरी तरह टूटे, तो वहीं Indigo Share, HUL Share और SBI का स्टॉक भी फिसल गया। 

    सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही फिसले
    शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट शुरू हो गई और जैसे-जैसे ट्रेड बढ़ा ये बढ़ती चली गई. BSE Sensex अपने पिछले शुक्रवार को बंद 78,009 की तुलना में फिसलकर 77,892 पर खुला और फिर तेज गिरावट लेते हुए 429 अंक टूटकर 77,579 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. NSE Nifty का हाल भी सेंसेक्स के जैसा ही रही और पिछले बंद 24,366 की तुलना में गिरावट लेकर रेड जोन में खुलने के बाद ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स भी 100 अंक से अधिक टूटकर 24,259 पर आ गया। 

    Tech-आईटी शेयरों में तेज गिरावट
    शेयर मार्केट में रेड जोन में हो रहे कारोबार के दौरान खबर लिखे जाने तक बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल 30 में से 28 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा आईटी और टेक कंपनियों के शेयर फिसले. TCS Share (1.60%), Indosys Share (1.55%), HCL Tech Share (1.45%), Tech Mahindra Share (1.20%), Mphasis Share (3.10%) की गिरावट में ट्रेडिंग करते दिखे।  

    ये शेयर भी ओपनिंग पर ही बिखरे
    आईटी-टेक शेयरों के अलावा अन्य शेयरों की बात करें, तो मिडकैप में शामिल Voltas Share (2.60%), Phoenix Share (2%), Fortis Share (1.90%), IDFC First Bank Share (1.20%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं लार्जकैप में शामिल HUL Share (1.40%), SBI Share (1.35%), M&M Share (1.30%) की गिरावट लिए हुए थे। 

    बाजार में गिरावट के बड़े कारण
    शेयर बाजार में गिरावट के बड़े कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट में युद्ध थमा है, लेकिन होर्मुज से तेल-गैस के जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकता है. अमेरिका और ईरान में शांति वार्ता पर बात आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ है. इसके अलावा भारतीय करेंसी रुपया फिर डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.48 पर ओपन हुआ। 

    इसके अलावा सेंसेक्स-निफ्टी के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाले गिफ्ट निफ्टी सोमवार को शुरुआत से ही गिरावट में कारोबार करता नजर आया और खबर लिखे जाने तक Gift Nifty 130 अंक टूटकर रेड जोन में था। 

  • शेयर बाजार में शानदार वापसी! ट्रंप के सिग्नल के बाद सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा, निवेशकों में उत्साह

    शेयर बाजार में शानदार वापसी! ट्रंप के सिग्नल के बाद सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा, निवेशकों में उत्साह

    मुंबई 
    शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन की शुरुआत तूफानी तेजी के साथ हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 700 अंक से ज्यादा की छलांग लगाकर खुला और अगले ही पल 78,800 का स्तर पार कर गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स की तरह ही अपने पिछले बंद के मुकाबले ताबड़तोड़ तेजी लेकर खुलते ही 24,500 के पार निकल गया. शेयर मार्केट में ये गदर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर लिए गए बड़े फैसले के बाद देखने को मिला है। 

    सेंसेक्स-निफ्टी की धांसू शुरुआत 
    शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत की बात करें, तो BSE Sensex अपने पिछले शुक्रवार के बंद 78,094 की तुलना में 789 अंकों की तगड़ी उछाल के साथ 78,883 पर खुला और फिर अगले ही पल 78,895 के लेवल पर जा पहुंचा. वहीं दूसरी ओर NSE Nifty इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 24,383 की तुलना में जोरदार तेजी लेकर 24,572 के स्तर पर ट्रेड शुरू किया। 

    लार्जकैप से स्मॉलकैप तक बमबम
    सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी के बीच सबसे ज्यादा उछाल के साथ ओपनिंग करने वाले स्टॉक्स पर नजर डालें, तो बीएसई लार्जकैप में शामिल Bajaj Finance Share (3%), Indigo Share (2.90%), Bajaj Finserv Share (2.70%), ITC Share (2%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (2.95%), Paytm Share (1.95%), Suzlon Share (1.90%) की तेजी लेकर ट्रेड करते दिखे. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो Radington Share (4.90%), GEShip Share (4.20%) और Reliance Power Share (3.90%) की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे। 

    बाजार में तेजी का ट्रंप कनेक्शन
    Stock Market Rally के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बड़ा कनेक्शन है. दरअसल, ट्रंप ने ईरान युद्ध खत्म होने के संकेत फिर से दिए हैं. Donald Trump ने एयर फोर्स वन में बोलते हुए कहा कि तेहरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर से शुरू होने वाली है, हालांकि उन्होंने समझौते तक पहुंचने की कोई समयसीमा (US Iran War Talk Deadline) नहीं बताई है। 

    ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज  स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव अभी भी अनसुलझा बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद आगे की जान-माल की हानि न हो इसके लिए कूटनीति ही बेहतर विकल्प है। 

    कच्चा तेल धड़ाम, तो बाजार उछला
    इधर ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर ये बयान दिया और उधर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ गई. खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत (Brent Crude Oil Price) 4.80 फीसदी से ज्यादा गिरकर 83 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रही थी. इसके अलावा WTI Crude Oil Price 5.30 फीसदी फिसलकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था. तेल सस्ता होने से महंगाई का जोखिम कम हुआ है और इसका असर शेयर मार्केट निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी देखने को मिला है।