Tag: Stock Market Crash

  • Stock Market Crash: बाजार खुलते ही निवेशकों को बड़ा झटका, ताश के पत्तों की तरह बिखरे ये 10 शेयर

    Stock Market Crash: बाजार खुलते ही निवेशकों को बड़ा झटका, ताश के पत्तों की तरह बिखरे ये 10 शेयर

    मुंबई 
    जिसका डर था वही हुआ, डोनाल्ड ट्रंप के 10% टैरिफ बम के चलते जहां जापान से लेकर कोरिया-हांगकांग तक के शेयर बाजारों में कोहराम मचा नजर आया, तो इस टैरिफ अटैक का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स ओपनिंग के साथ ही 770 अंक से ज्यादा टूटकर 75,613 के लेवल तक फिसल गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी खुलने के साथ ही करीब 200 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,646 पर आ गया. इस गिरावट के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के स्टॉक ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट 
    शेयर मार्केट में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही BSE Sensex अपने पिछले बंद 76,391 की तुलना में गिरावट लेकर 75,708 पर ओपन हुआ और फिर अगले ही पल फिसलकर 75,613 के लेवल पर आ गया. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाई और अपने गुरुवार के बंद 23,869 की तुलना में गिरावट के साथ 23,646 पर आ गया। 

    इन 10 शेयरों में आई बड़ी गिरावट
    बाजार में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई लार्जकैप में शामिल IndiGo Share (2.60%), Eternal Share (2.50%), Bharti Airtel Share (1.60%) फिसल गया. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Phoenix Share (2.20%), तो वहीं Muthoot Finance Share (2%) की गिरावट में कारोबार करता नजर आया. इसके अलावा Nykaa Share (1.70%) और Godrej Properties Share (1.65%) टूटकर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो यहां Hindustan Petroleum Share (2.40%), IIFL Share (2.10%) और AMBER Share (1.95%) की गिरावट में कारोबार कर रहे थे। 

    विदेशों से मिल रहे थे खराब सिग्नल
    बता दें भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार के सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. डोनाल्ड ट्रंप के 10 फीसदी टैरिफ के डर से एशियाई शेयर मार्केट क्रैश नजर आए. जापान का निक्केई इंडेक्स 2000 अंक से ज्यादा, तो साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 6 फीसदी की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी करीब 2 फीसदी फिसलकर ट्रेड कर रहा था. DAX, CAC से लेकर ब्रिटेन के शेयर मार्केट FTSE-100 भी रेड जोन में थे. इसके अलावा Gift Nifty की बात करें, तो इसमें 200 अंक की बड़ी गिरावट देखने को मिल रही थी। 

    शेयर मार्केट क्रैश का सबसे बड़ा कारण
    Stock Market Crash के पीछे की वजह की बात करें, तो इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फोड़ा गया 10% टैरिफ बम रहा है. अमेरिका ने 60 ट्रेडिंग पार्टनर्स पर 10 से 12.5 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया है और भारत समेत 17 देशों पर 10% टैरिफ लगाया है, जो शुक्रवार से ही लागू हो गया है। 

    तेल ने भी बिगाड़ा बाजार का गणित 
    Trump 10% Tariff Bomb के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल से भी शेयर बाजार का गणित खराब हुआ है. दरअसर, मिडिल ईस्ट में जंग के चलते होर्मुज बंद होने के सात ही हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी के जहाजों पर अटैक और लाल सागर में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल का स्तर छू लिया है और इससे भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दबाव देखने को मिला है। 

  • Stock Market Crash: बैंकिंग शेयर धड़ाम, बेहतर तिमाही नतीजों के बाद भी शेयर बाजार में बिकवाली का तूफान

    Stock Market Crash: बैंकिंग शेयर धड़ाम, बेहतर तिमाही नतीजों के बाद भी शेयर बाजार में बिकवाली का तूफान

    मुंबई 

    भारतीय शेयर बाजार में ओपनिंग के साथ ही भूचाल नजर आया है. अमेरिका-ईरान में जंग बढ़ने के बीच जहां एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली, तो वहीं सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही बिखर गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 150 अंक से ज्यादा फिसल गया था। 

    खासतौर पर बैंकिंग इंडेक्स में तबाही मची हुई नजर आई और ये 1 फीसदी से ज्यादा फिसल गया. वहीं, बैंकिंग शेयरों की बात करें, तो HDFC Bank, Kotak Bank से लेकर Axis Bank तक के शेयर 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। 

    Sensex-Nifty खुलते ही धड़ाम
    शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,151.45 की तुलना में फ्लैट ओपन हुआ, लेकिन अगले ही पल इसमें जोरदार गिरावट आ गई और महज पांच मिनट के कारोबार में ही ये फिसलकर 77,542 के लेवल पर आ गया. इसमें 600 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई। 

    एनएसई का निफ्टी भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता हुआ दिखाई दिया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,334.30 की तुलना में गिरावट लेते हुए 24,190 पर खुला और फिर फिसलकर 24,149 पर आ गया. इसमें 150 अंक से अधिक की गिरावट देखने को मिली। 

    HDFC, Axis ताश के पत्तों की तरह बिखरे
    सप्ताह के पहले दिन शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) में सबसे अहम रोल बैंकिंग शेयरों ने निभाया. बीते सप्ताह जोरदार रिजल्ट पेश करने वाले ज्यादातर बैंकों के स्टॉक ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए. बीएसई लार्जकैप में खबर लिखे जाने तक Axis Bank Share (5.30%), HDFC Bank Share (4.90%), Kotak Bank Share (3.20%) की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहे थे। 

    मिडकैप कैटेगरी में शामिल Yes Bank Share (3.50%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था, तो वहीं Federal Bank, AU Bank जैसे शेयर भी रेड जोन में नजर आए. 

    बाजार में गिरावट के ये भी कारण
    जहां बैंकिंग शेयर क्रैश (Banking Stock Crash) ने शेयर बाजार में गिरावट को सपोर्ट किया, तो वहीं सेंसेक्स-निफ्टी के फिसलने के और भी कारण सामने आए हैं. इनका कनेक्शन मिडिल ईस्ट से जुड़ा हुआ है। 

    दरअसल, अमेरिका और ईरान में जंग तेज हो गई है और दोनों ओर से दनादन हमले किए जा रहे हैं. इस बीच जहां ईरान ने होर्मुज बंद कर दिया है, तो वहीं अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी का ऐलान किया है और इन सबके बीच कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है. खबर लिखे जाने तक Brent Crude Oil Price 90 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा था और तेल में उबाल ने दुनिया में महंगाई का खौफ फिर से बढ़ाने का काम किया है। 

    ग्लोबल टेंशन बढ़ने का असर एशियाई शेयर बाजारों में भी देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में ही जापान का निक्केई इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा, तो साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा फिसल गया था. गिफ्ट निफ्टी भी 100 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था, जिससे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा। 

  • शेयर बाजार में आज क्यों आई बड़ी गिरावट? जानें मिड-स्मॉल कैप के टूटने और निफ्टी 24,000 पर आने की वजह

    शेयर बाजार में आज क्यों आई बड़ी गिरावट? जानें मिड-स्मॉल कैप के टूटने और निफ्टी 24,000 पर आने की वजह

    मुंबई 

    अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को फिर से जंग शुरू हो गई थी, जिसके बाद तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली. इनका असर एशिया समेत भारतीय बजार में दिखाई दे रहा है. भारतीय बाजार में गिरावट आई है. सेंसेक्‍स 200 अंक से ज्‍यादा टूट चुका है, जबकि निफ्टी भी फ्लैट कारोबार कर रहा है. सबसे ज्‍यादा दर्द मिडकैप और स्‍मॉल कैप में है, जो क्रमश: 0.34 फीसदी और 0.55 फीसदी तक गिर चुके हैं। 

    बीएसई के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 17 शेयरों में तेजी है और 13 शेयर गिरकर कारोबार कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट कोटक महिंद्रा बैंक में 3 फीसदी की रही है, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा, अडानी पोर्ट और कुछ अन्‍य शेयरों में 1 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। 

    9.30 बजे तक सेंसेक्‍स करीब 200 अंक गिरकर 76,910.61 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 40 अंक गिरकर  24,020 पर था. निफ्टी बैंक में 200 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट देखने को मिली. ग्‍लोबल तनाव के साथ ही कई अन्‍य वहजों से मार्केट में गिरावट आई है. आइए जानते हैं… 

    क्‍यों आई शेयर बाजार में गिरावट? 

        सबसे बडी वजह तेल कीमतों में तेजी देखी जा रही है. ब्रेंट क्रूड वायदा 0.85% बढ़कर 72.6 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1% से अधिक बढ़कर 70.01 डॉलर प्रति बैरल हो गया। 

        एशिाई बाजारों में भी दबाव दिखाई दे रहा है. निक्केई 1 फीसदी गिर चुका है और कोस्‍पी में 2 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. वहीं ग्‍लोबल मार्केट में भी दबाव बना हुआ है। 

        अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और आशंका है कि कहीं शांति समझौता बीच में ही ना टूट जाए। 

        फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से अगली बैठक में ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है. इस अनुमान के कारण शेयर बाजारों में दबाव दिखाई दे रहा है। 

    124 शेयरों में लोअर सर्किट
    बीएसई पर आज ट्रेड करने वाले 3,768 शेयरों में से 1,543 शेयरों में तेजी है और 2,002 शेयर गिरे हुए हैं. 223 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वहीं 86 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर हैं और 46 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोाबर कर रहे हैं. 96 शेयरों में अपर सर्किट है और 124 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है। 

  • अचानक बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, IT स्टॉक्स में भारी क्रैश

    अचानक बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, IT स्टॉक्स में भारी क्रैश

    मुंबई 

    शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट (Stock Market Crash) देखने को मिली है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले बुरी तरह फिसलकर ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex देखते ही देखते 800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इस दौरान आईटी शेयर, जो बीते कारोबारी दिन गदर मचाए हुए थे, भरभराकर क्रैश हो गए. इनमें टीसीएस से लेकर इंफोसिस तक शामिल हैं। 

    सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही बिखरे 
    शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार पर नजर डालें, तो पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार धड़ाम हो गया. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,649.84 के स्तर से बुरी तरह फिसलकर 74,507 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 890 अंकों की गिरावट लेकर 73,759 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया।  

    एनएसई निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही रही. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,483 के लेवल से फिसलकर 23,415 पर खुला और फिर देखते ही देखते ये इंडेक्स भी 200 अंकों से ज्यादा फिसलकर अचानक 23,244 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया। 

    IT शेयर देखते ही देखते क्रैश 
    शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच आईटी कंपनियों के शेयर देखते ही देखते क्रैश हो गए. BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल TCS Share (6.20%), Tech Mahindra Share (4.30%), Infosys Share (3.20%), HCL Tech Share (3%) तक बिखरकर कारोबार कर रहे थे। 

    वहीं मिडकैप कंपनियों में नजर डालें, तो Persistent Share (5%), Mphasis Share (3%), Coforge Share (2.90%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. खास बात ये है कि बीते कारोबारी दिन इन शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली थी, जिस पर अचानक से ब्रेक लग गया। 

    गिरावट का ये बड़ा कारण!
    शेयर बाजार में बुधवार को सेंसेक्स-निफ्टी में अचानक मचे कोहराम के पीछे के कारणों पर नजर डालें, तो इसके पीछे अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर जारी अनिश्चितता सबसे अहम है. इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उथल-पुथल नजर आ रही है. ये बीते कुछ दिन टूटने के बाद अब फिर से छलांग लगाती हुई नजर आ रही हैं, खबर लिखे जाने तक Crude Oil Price 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था. दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की लगातार जारी बिकवाली से भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में बना हुआ है।  

  • Stock Market Crash: ₹7.50 लाख करोड़ का नुकसान, शेयर बाजार में हड़कंप, निवेशकों की बढ़ी चिंता

    Stock Market Crash: ₹7.50 लाख करोड़ का नुकसान, शेयर बाजार में हड़कंप, निवेशकों की बढ़ी चिंता

    मुंबई 

    शेयर बाजार में कोहराम (Stock Market Crash) मचा हुआ है. सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश नजर आ रहे हैं. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी हो या मिडकैप हर ओर लाल-लाल रंग पसरा है. बीते कारोबारी दिन बुधवार को आई तेजी मार्केट ओपन होने के साथ ही हवा हो गई. खुलने के कुछ ही मिनटों बाद BSE Sensex 1200 अंक से ज्यादा बिखर गया, तो वहीं NSE Nifty भी 380 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के चलते शेयर बाजार निवेशकों को तगड़ा घाटा हुआ है और एक झटके में उनकी दौलत 7.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गई है। 

    सेंसेक्स-निफ्टी पलक झपकते ही क्रैश 
    शेयर मार्केट में बीते कारोबारी दिन बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 609 अंक की तेजी लेकर 77,496 पर क्लोज हुआ था. वहीं गुरुवार को इस इंडेक्स ने तेज गिरावट लेकर 77,014 पर ओपनिंग की. इसके बाद मिनटों में ही Sensex तेजी से फिसलते हुए 1238 अंक टूट गया और 76,258 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया। 

    न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty का भी शुरुआत से ही बुरा हाल देखने को मिला. बुधवार को ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स 182 अंक उछलकर 24,177 पर बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार को ये 23,996 पर खुला था. इसके बाद सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए निफ्टी 381 अंकों की बड़ी गिरावट लेकर 23,796 पर आ गया। 

    निवेशकों के 750000Cr स्वाहा
    शेयर मार्केट क्रैश होने का सीधा असर मार्केट इन्वेस्टर्स पर देखने को मिला. बीते कारोबारी दिन बुधवार को तूफानी तेजी के चलते बाजार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (BSE MCap) 4.69 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था. वहीं गुरुवार को शुरुआती कुछ मिनट के कारोबार के दौरान ही ये गिरकर 4.61 लाख करोड़ रुपये के लेवल पर आ गया. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो महज कुछ मिनटों के कारोबार के दौरान ही शेयर बाजार निवेशकों के 7,51,481.28 करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। 

    बाजार में भूचाल के कारण क्या? 
    Stock Market Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है. डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और एक बयान में US Hormuz Strait Blockde को जारी रखने की बात कहकर ग्लोबल टेंशन बढ़ा दी है. इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price) पर देखने को मिला है और ये अचानक उछलकर 121 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. इससे महंगाई का जोखिम फिर बढ़ गया है और भारत समेत दुनियाभर के शेयर मार्केट दबाव में नजर आए हैं। 

  • Stock Market Crash: तेल युद्ध में सेंसेक्स 1900 अंक गिरा, जापान से कोरिया तक शेयर बाजार में कोहराम

    Stock Market Crash: तेल युद्ध में सेंसेक्स 1900 अंक गिरा, जापान से कोरिया तक शेयर बाजार में कोहराम

    मुंबई 

    शेयर बाजार में बीते तीन दिन से जारी तेजी पर ब्रेक (Stock Market Crash) लग गया है. मिडिल-ईस्ट में जारी जंग अब एक बड़े तेल युद्ध (Oil War) का रूप लेती जा रही है. खाड़ी देशों में मौजूद तेल-गैस फील्ड्स पर दनादन मिसाइल अटैक होने से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम में आग लग गई है और अचानक Brent Crude Price 113 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इसके चलते एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा नजर आया, तो भारतीय शेयर बाजार खुलने के साथ ही क्रैश हो गया।

    बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही 1900 अंक का गोता लगा गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 550 अंक से ज्यादा टूटकर ओपन हुआ।

    खुलते ही क्रैश हुए सेंसेक्स-निफ्टी 
    सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,704 की तुलना में फिसलकर 74,750 पर ओपन हुआ और फिर शुरुआती कुछ मिनटों में ही ये गिरकर 74,685 तक टूट गया. सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते एनएसई निफ्टी का भी ऐसा ही बुरा हाल नजर आया और ये अपने पिछले बंद 23,777 की तुलना में बड़ी गिरावट लेकर 23,197 पर खुला।

    विदेशी बाजारों में भी मचा कोहराम
    भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. दरअसल, ईरान के कतर में स्थित सबसे बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और खाड़ी देशों के काउंटर अटैक के चलते अचानक क्रूड की कीमत तेज रफ्तार से भागते हुए 113 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. इससे बाजारों की चिंता बढ़ी और एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया।

    जापान का निक्केई इंडेक्स 1500 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार कर रहा था, तो हांगकांग का हैंगसेंग 500 अंक से ज्यादा की गिरावट लिए नजर आया. साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 1.50 फीसदी से ज्यादा फिसला. इसके अलावा अन्य विदेशी बाजार भी लाल रंग में रंगे हुए नजर आए।

    सबसे ज्यादा बिखरे ये 10 शेयर
    लंबी गिरावट के बाद शेयर बाजार में बीते तीन दिनों से रौनक देखने को मिल रही थी, लेकिन मिडिल ईस्ट युद्ध में वो भी साफ हो गई और फिर से निवेशकों में भगदड़ नजर आई. गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों को देखें, तो बीएसई लार्जकैप में शामिल HDFC Bank Share (4.50%), LT Share (3.50%), Eternal Share (3%), Bajaj Finance Share (2.80%), Axis Bank Share (2.75%), Asian Paints Share (2.60%), Kotak Bank Share (2.56%), M&M Share (2.40%), Adani Ports Share (2.35%) और IndiGo Share (2.30%) टूटकर कारोबार कर रहे थे।

    उछल पड़ा बाजार के डर का पैमाना
    शेयर बाजार में गुरुवार को आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बैंकिंग और ऑटो शेयर बिखरे हुए नजर आए हैं. Nifty Bank अपनी ओपनिंग के साथ ही करीब 3 फीसदी के आसपास टूट गया, तो वहीं निफ्टी ऑटो में भी लगभग इतनी ही गिरावट देखने को मिली है।

    खात बात ये है कि मिडिल-ईस्ट में Oil War तेज होने के चलते शेयर बाजार के डर के पैमाने यानी India VIX में अचानक उछाल आया है, जो बीते तीन दिनों से लगातार गिर रहा था. इसमें एकदम से 15% के आसपास का उछाल आ गया, जो बाजार में आने वाले दिनों में तगड़े उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।

  • शेयर बाजार में भारी गिरावट: अमेरिका का असर, भारत में Sensex 700 अंक लुढ़का

    शेयर बाजार में भारी गिरावट: अमेरिका का असर, भारत में Sensex 700 अंक लुढ़का

    मुंबई 

    अमेरिकी शेयर बाजार में मचे हाहाकार का असर भारतीय शेयर मार्केट पर भी देखने को मिला है. बीते कारोबारी दिन US Stock Market Crash हो गया था और डाउ जोंस 821 अंक फिसलकर बंद हुआ था. इस बीच एशियाई बाजारों से भारत के लिए मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे और जब सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग की, तो BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. इसके अलावा NSE Nifty टूटकर 25,600 के नीचे कारोबार करता हुआ दिखा. बात करें, सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की तो बाजार में गिरावट से टेक शेयर पर दिखा, Infosys, TCS, HCL और Tech Mahindra जैसे स्टॉक्स धड़ाम नजर आए. 

    सेंसेक्स-निफ्टी अचानक क्रैश
    शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होने पर सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटकर खुले. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,294.66 की तुलना में गिरावट लेकर 83,052 के लेवल पर खुला, लेकिन फिर कुछ ही मिनटों में Sensex करीब 717 अंक फिसलकर 83,577 पर ट्रेड करता नजर आया. 

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलता नजर आया. Nifty-50 ने अपने पिछले कारोबारी बंद 25,713 की तुलना में गिरावट के साथ 25,641 के लेवल पर ट्रेड शुरू किया था और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट दिखाई देने लगी और ये 200 अंक से ज्यादा फिसलकर 25,507 के स्तर पर आ गया. 

    ताश के पत्तों की तरह बिखरे बड़े शेयर 
    शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच जो शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए, उनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share (4%), Eternal Share (3.90%), Infosys Share (3.50%), Tech Mahindra Share (3.20%), TCS Share (3.10%), Bharti Airtel Share (3.05%) सबसे आगे रहे. खासतौर पर आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही क्रैश (IT Stock Crash) दिखाई दिए. 

    मिले-जुले आए थे विदेशी संकेत 
    बता दें कि Donald Trump के नए टैरिफ अटैक से दुनिया में फिर से टेंशन बढ़ची हुई नजर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति के सख्त तेवरों से खुद US Stock Market भी सहमा दिखा. अमेरिका बाजार में सोमवार को आए क्रैश के बाद मंगलवार को भारत के लिए विदेशों से मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे था. दरअसल, जहां जापान का निक्केई इंडेक्स ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग, जर्मनी और ब्रिटेन का मार्केट गिरावट मं ट्रेड करता हुआ नजर आ रहा है. 

    ये भी बाजार में गिरावट का बड़ा कारण
    US Tariff से ग्लोबल टेंशन में इजाफे के साथ मिले-जुले कमजोर ग्लोबल संकेतों ने तो सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव डाला ही है, लेकिन अगर भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई इस तेज गिरावट के पीछे के अन्य कारणों को देखें, तो घरेलू आईटी शेयरों में भारी बिकवाली को भी बड़ी वजह माना जा सकता है, क्योंकि मार्केट टूटने के बीच सबसे ज्यादा IT Stock Crash हुए हैं.