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  • SIR के बाद बड़ी राहत, गोरखपुर में 6.45 लाख नाम हटे; अब बिना घोषणा पत्र जुड़ सकेगा नाम

    SIR के बाद बड़ी राहत, गोरखपुर में 6.45 लाख नाम हटे; अब बिना घोषणा पत्र जुड़ सकेगा नाम

     गोरखपुर
     मतदाता सूची में नाम शामिल कराने से वंचित रह गए लोगों के लिए राहत की खबर है। अब अर्ह युवा, पहली बार मतदाता बनने वाले, छूटे हुए, बेघर, दिव्यांग और महिला मतदाता आसानी से सिर्फ फार्म-6 के माध्यम से अपना नाम सूची में शामिल करा सकेंगे।

    इसके लिए आनलाइन या आफलाइन दोनों ही माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिकों के लिए फार्म-6 के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा देता है।

    अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश ने बताया कि जिन पात्र लोगों का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर के संबंध में 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है, वे भी फार्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं।

    फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र देना जरूरी नहीं
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र लगाने की अनिवार्यता निर्वाचन आयोग ने समाप्त कर दी है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरकर लगाना अनिवार्य नहीं है।

    पात्र व्यक्ति संबंधित बीएलओ के माध्यम से आफलाइन आवेदन कर सकते हैं अथवा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए पात्र नागरिक भारतीय नागरिक होना, संबंधित क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और अयोग्य न होना जरूरी है।

    एसआइआर में कटे थे 6.45 लाख नाम
    गोरखपुर में एसआइआर से पहले 36.66 लाख से अधिक मतदाता थे। अभियान में 6.45 लाख से अधिक नाम हटे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो मतदाता तो थे, लेकिन 2003 की मतदाता सूची में अपने, माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से संबंधित जरूरी जानकारी या अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके।

    जिला स्तर पर एसआइआर के बाद जारी आंकड़ों में 6,45,634 नाम हटने और मतदाताओं की संख्या घटकर 30,20,908 होने की जानकारी दी गई थी। एसआइआर के दौरान फार्म छह के साथ घोषणा पत्र के जरिए 2003 के रिकार्ड की जानकारी देना महत्वपूर्ण हो गया था।

    अब इस अतिरिक्त बाध्यता के हटने से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी , जो पुराने पारिवारिक रिकार्ड की जानकारी न होने के कारण आवेदन की प्रक्रिया में अटक रहे थे।

  • झारखंड में SIR का दावा-आपत्ति चरण 30 सितंबर तक, घर बैठे होगी दस्तावेजी प्रक्रिया

    झारखंड में SIR का दावा-आपत्ति चरण 30 सितंबर तक, घर बैठे होगी दस्तावेजी प्रक्रिया

    रांची
    राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं को दस्तावेज देने या सुनवाई के लिए अब निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) कार्यालय का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। उन्हें अनावश्यक भीड़ की परेशानी से भी जूझना नहीं होगा।

    अब बीएलओ उन मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे, जिन्हें दावा-आपत्ति चरण में नोटिस भेजा गया है। विशेष परिस्थितियों में आनलाइन सुनवाई होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने रविवार को सभी जिलों में एसआइआर से संबंधित पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नोटिस की सुनवाई के लिए मतदाताओं को ईआरओ कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।

    जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लाजिकल डिस्क्रेपेंसी के संबंध में नोटिस जारी किया गया है, उनके घर पर बीएलओ द्वारा स्वयं जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर ईसीआइनेट पर अपलोड किए जाएंगे, ताकि ईआरओ द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जा सके।

    उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार बीएलओ को घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ सुपरवाइजर के द्वारा सहयोग किया जाएगा। वैसे बीएलओ जो तकनीकी रूप से ईसीआइनेट पर दस्तावेज को अपलोड करने में कमजोर हैं, उनकी सहायता के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार वालेंटियर एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं।

    उन्होंने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं को पूर्व में नोटिस की सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर आने की सूचना दी जा चुकी है और वे स्वयं सुनवाई स्थल पर पहुंचते हैं, तो ऐसी स्थिति में वहां संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध रहें। कोई भी मतदाता सुनवाई के लिए आए और उसे संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध न मिले, ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए।

    सुनवाई के लिए किसी को अधिकृत भी कर सकेंगे मतदाता
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लाजिकल डिस्क्रेपेंसी सूची में नोटिस प्राप्त है, उन्हें सामान्यतः ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल असाधारण परिस्थितियों में ईआरओ के निर्णयानुसार सुनवाई आयोजित की जाएगी। यह सुनवाई भी आनलाइन होगी।

    आवश्यकता पड़ने पर निर्वाचक द्वारा परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। साथ ही, जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को सुदृढ़ एवं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेंगे।

    आश्रय स्थलों में रहनेवाले लोगों के लिए विशेष शिविर
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले व्यक्तियों, श्रमिकों, गरीब, बेघर एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क/विशेष शिविर आयोजित करना सुनिश्चित करें।

    इसके साथ-साथ आउटरीच प्रोग्राम के तहत मतदाताओं को फार्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में जोड़ने एवं वर्तमान में मतदाताओं से प्राप्त फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 द्वारा प्राप्त आवेदनों का डिजिटाइजेशन करें।

    30 को खत्म हो रहा दावा-आपत्ति का चरण
    दावा आपत्ति का चरण 30 सितंबर को खत्म हो रहा है। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि एक बार फिर इसकी तिथि बढ़ सकती है। बताते चलें कि इससे पहले दो बार इसकी तिथि बढ़ाई गई है। अबतक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 6.15 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, 4.12 लाख आवेदन सुधार के लिए प्राप्त हुए हैं।

     

  • झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, वृद्ध और महिला मतदाताओं के सत्यापन पर जारी हुई गाइडलाइन

    झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, वृद्ध और महिला मतदाताओं के सत्यापन पर जारी हुई गाइडलाइन

    रांची
     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के क्रम में चल रही सुनवाई के दौरान मतदाताओं से किसी विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जानी है।

    पहले से उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर पात्रता की जांच करते हुए नियमानुसार स्पीकिंग आर्डर पारित किया जा सकता है। उन्होंने फार्म-6 के माध्यम से प्राप्त नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी ईआर एवं एईआरओ को निर्देश दिया कि बीएलओ के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करें तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि पुनरीक्षण से संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके।

    इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि ईएलसी-2.0 के तहत 19 एवं 20 नवंबर को आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है।

    ऐसे प्रश्नों पर किया शंकाओं का समाधान
    एक व्यक्ति जिसका जन्म 1934 में हुआ है एवं उसके पास अपना कोई दस्तावेज नहीं है,

    ऐसे में क्या करें?
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा ऐसे वृद्ध मतदाताओं का उनके बच्चों अथवा नाती पोते से जो पात्र भारतीय नागरिक है से रिवर्स पैरेंटल लिंकेज करते हुए उनका मतदाता सूची में नाम जुड़वाएं।

    यदि कोई महिला मतदाता अपने ससुराल में रह रही है और उसके पास कोई दस्तावेज नहीं
    हैं तो ऐसी स्थिति में क्या करें?

    महिला मतदाताओं के सत्यापन के लिए उनके माता पिता से मैपिंग ही मान्य है। ऐसे मतदाताओं का यदि वो पात्र भारतीय नागरिक हैं, तो उनके माता पिता अथवा भाई बहन द्वारा मतदात सूची में समर्पित किए जा रहे मान्य दस्तावेज को संकलित करते हुए ऐसे पात्र भारतीय महिला मतदाताओं का मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाए।

    मतदाताओं द्वारा मुखिया स्तर पर वंशावली समर्पित किए जा रहें है, क्या ये मान्य हैं?
    केवल सक्षम पदाधिकारियों/अंचल अधिकारी के स्तर पर जारी किए हुए वंशावली अथवा किसी प्रकार के पारिवारिक सूची ही मान्य है।

  • वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधार का आखिरी मौका, झारखंड में तारीख 30 सितंबर

    वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधार का आखिरी मौका, झारखंड में तारीख 30 सितंबर

    रांची
    भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावा-आपत्ति चरण की समय सीमा बढ़ाकर अब 30 सितंबर तक कर दी है। अब पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने या प्रारुप मतदाता सूची में अपने नाम आदि में सुधार के लिए इस अवधि तक निर्धारित फार्म भर सकेंगे।

    दावा-आपत्ति चरण की समय सीमा को दूसरी एवं अंतिम बार अवधि विस्तार दिया गया है। राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके, इस उद्देश्य से यह अवधि विस्तार दिया गया है। पहले दावा-आपत्ति चरण की सीमा 15 सितंबर को खत्म हो रही थी।

    राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि जो नागरिक एसआईआर के तहत प्रकाशित प्रारुप मतदाता सूची में अभी तक सम्मिलित नहीं हैं, वे अब 30 सितंबर तक ईसीआइनेट के माध्यम से अथवा अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर फार्म-6 एवं आवश्यक घोषणा पत्र अवश्य जमा करें।

    उनके अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए एसआइआर के तहत दावा-आपत्ति की पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि चार सितंबर को बढ़ाते हुए 15 सितंबर किया गया था। विभिन्न स्टेकहोल्डर के माध्यम से प्राप्त हो रहे अनुरोध एवं प्राप्त हो रहे फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म–8 की संख्या को देखते हुए दावा आपत्ति की तिथि अंतिम बार बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है।

    इससे उन पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित कराने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जिनका नाम प्रारुप मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं हो पाया है। इसके साथ-साथ फार्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज करा सकते हैं तथा फार्म-8 के माध्यम से अपने संबंधित मतदान केंद्र के लिए नाम स्थानांतरित एवं प्रविष्टियों में सुधार करा सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि ऐसे सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो एक अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरे कर चुके हैं और जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे इस अतिरिक्त अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर फार्म-6 अवश्य भरें।

    क्या है फार्म जमा होने की वर्तमान स्थिति
        फार्म-6 के माध्यम से प्राप्त आवेदन : 4,86,783
        फार्म-6 ए के माध्यम से प्राप्त आवेदन : 87
        फार्म-7 के माध्यम से प्राप्त आवेदन/आपत्तियां : 5,689
        फार्म-8 के माध्यम से प्राप्त कुल आवेदन : 3,11,770

     

  • SIR नोटिस वाले मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, वंशावली से दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

    SIR नोटिस वाले मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, वंशावली से दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

     रांची
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस पाने वाले वैसे मतदाता, जिनके पास निर्धारित 13 प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। वैसे मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था हैं। ऐसे मतदाता अपने, प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अधिकारियों से सहायता ले सकते हैं।

    वे परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता अथवा अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर सीओ से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन ने कहा कि वे अपने संबंधित प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में संपर्क कर सीओ से निर्गत वंशावली, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी, आवासीय प्रमाण पत्र, व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

    ऐसे मतदाता आनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी आवश्यक प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रमाण पत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने को देखते हुए कार्मिक, प्रशासनिक विभाग की ओर से जाति, स्थानीय निवासी व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने की ऑफलाइन व्यवस्था तीन माह तक रखी गई है। इससे खासकर ग्रामीण, गरीब और तकनीकी जानकारी नहीं रखने वाले मतदाताओं को सुविधा मिलेगी।

    2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं मिल रहा तो क्या करें
    एसआईआर में प्रारंभिक स्तर पर नाम हटाए गए मतदाताओं को संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आधार, दसवीं का प्रमाण पत्र, माता-पिता से संबंधित प्रमाण पत्र, पासपोर्ट समेत 13 प्रकार के दस्तावेजों में से निर्धारित प्रमाण प्रस्तुत करने और नोटिस में दी गई तारीख व समय पर अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर कर सकते है।

    लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जो कम पढ़े-लिखे हैं, मजदूरी करते हैं, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, व दूसरे राज्य से आकर यहां बसे हैं। ऐसे मतदाता अपने , प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अधिकारियों से मदद ले सकते हैं।

    सहायता ले सकते हैं। परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता अथवा अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर सीओ से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त किया जा सकता है।

    10 दिनों में अब तक 30 हजार मतदाताओं सुनवाई हो चुकी
    एसआईआर के तहत 24 अगस्त से प्रखंड व अंचल कार्यालयों में मतदाताओं की सुनवाई जारी है। 24 अगस्त से 5 सितंबर तक अंचल कार्यालयों में 30 हजार से अधिक मतदाताओं की सुनवाई हो चुकी है। रोजाना करीब 200 मतदाताओं को सुनवाई के लिए तारीख दी जा रही है, लेकिन करीबन 70 से 80 मतदाता ही पहुंच रहे हैं।

    बता दे कि पांच अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद रांची जिले की सात विधानसभा सीटों के करीब 6.44 लाख मतदाताओं को अलग-अलग कारणों से नोटिस जारी किया गया था।

  • हरियाणा में वोटर लिस्ट का बड़ा अपडेट! 30 सितंबर तक मौका, जन्म वर्ष के हिसाब से देने होंगे दस्तावेज

    हरियाणा में वोटर लिस्ट का बड़ा अपडेट! 30 सितंबर तक मौका, जन्म वर्ष के हिसाब से देने होंगे दस्तावेज

    चंडीगढ़
    हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच अभी तक एक लाख 36 हजार 646 लोगों ने अपना नाम मतदाता सूचियों में जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरा है। अयोग्य या मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से कटवाने के लिए 10 हजार 156 फार्म-7 भरे गए हैं, जबकि एक लाख छह हजार 671 मतदाताओं ने नाम-पते सहित अपनी अन्य जानकारी अपडेट करने के लिए फार्म-8 भरा है।

    त्रुटियां ठीक कराने के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 30 सितंबर की जा चुकी है। फार्म-6 और आठ में पिछले एसआईआर की मतदाता सूची का स्वयं या माता-पिता, दादा-दादी का विवरण भरना होता है।

    यदि किसी पात्र व्यक्ति के पास पिछले एसआईआर की मतदाता सूची का रिकॉर्ड/विवरण उपलब्ध नहीं है तो जन्म वर्ष के अनुसार अपने दस्तावेज फार्म 6 व फार्म 8 के साथ संलग्न अवश्य करें।
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या स्थानांतरण के लिए घोषणा पत्र भी जमा करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पुराना मतदाता रिकॉर्ड या संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता।

    मतदाता की पात्रता का परीक्षण निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। जिन मतदाताओं का पिछली एसआईआर सूची से मिलान नहीं हुआ है, उन्हें अपनी पात्रता के साक्ष्य के रूप में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि किसी व्यक्ति का जन्म भारत में एक जुलाई 1987 से पहले हुआ है तो दस्तावेज सूची में से स्वयं का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है।

    एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपना तथा अपने माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं का, अपने पिता तथा अपनी माता का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

    यदि माता-पिता भारतीय नहीं हैं, तो जन्म के समय के उनके वैध वीजा तथा पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। अगर किसी व्यक्ति का जन्म भारत के बाहर हुआ है तो भारतीय मिशन द्वारा जारी किया गया जन्म पंजीकरण संलग्न करना होगा। यदि पंजीकरण द्वारा भारतीय नागरिकता प्राप्त की है तो नागरिकता पंजीकरण प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा।

    यह दस्तावेज होंगे मान्य

    •     किसी केंद्रीय/राज्य/ पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी कोई पहचान पत्र/ पेंशन भुगतान आदेश
    •     एक जुलाई 1987 से पहले भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/ एसलआइसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/ प्रमाण पत्र/दस्तावेज
    •     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र
    •     पासपोर्ट
    •     मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैटिक परीक्षा/ शैक्षणिक प्रमाण-पत्र
    •     सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र
    •     वन अधिकार प्रमाण-पत्र
    •     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र
    •     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, जहां भी यह प्रचलन में हो
    •     राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
    •     सरकार द्वारा कोई भी भूमि/ मकान आवंटन प्रमाणपत्र
    •     आधार के लिए चुनाव आयोग के माध्यम से जारी अनुदेश लागू होंगे।