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  • वनडे में गिल का तूफानी दोहरा शतक, बनाया नया रिकॉर्ड,  सहवाग-रोहित क्लब में एंट्री

    वनडे में गिल का तूफानी दोहरा शतक, बनाया नया रिकॉर्ड, सहवाग-रोहित क्लब में एंट्री

    गुवाहाटी
    शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में 117 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया। वह वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने और रोहित शर्मा के बाद इस प्रारूप में दो दोहरे शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में खेले जा रहे दूसरे वनडे में इतिहास रच दिया। गिल ने महज 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 200 रन हैं। उन्होंने ईशान किशन के 126 गेंदों में दोहरा शतक लगाने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।  गिल ने अपनी इस तूफानी पारी के दौरान चौकों और छक्कों की बरसात की। दोहरा शतक पूरा करते ही वह वनडे में एक से ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले यह कारनामा केवल रोहित शर्मा ने किया था। गिल ने इससे पहले 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 208 रन की पारी खेली थी।

    सबसे तेज दोहरा शतक का रिकॉर्ड
    गिल का 117 गेंदों में दोहरा शतक वनडे क्रिकेट में नया रिकॉर्ड है। इससे पहले यह रिकॉर्ड ईशान किशन के नाम था, जिन्होंने 10 दिसंबर 2022 को बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में 126 गेंदों में 200 रन पूरे किए थे। गिल ने इस रिकॉर्ड को नौ गेंदों के अंतर से पीछे छोड़ दिया। ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल ने 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ 128 गेंदों में दोहरा शतक लगाया था।  यानी गिल ने अब वनडे में सबसे तेज दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया है। उनके बाद ईशान किशन 126 गेंद और ग्लेन मैक्सवेल 128 गेंद के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

    सहवाग और रोहित की खास सूची में भी नाम
    गिल की इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में पहुंचा दिया है, जिन्होंने वनडे में 200 या उससे ज्यादा रन की पारी खेली है। वीरेंद्र सहवाग ने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 219 रन बनाए थे, जबकि रोहित शर्मा ने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 208 रन की पारी खेली थी। गिल अब इस सूची में एक से ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले रोहित के साथ खड़े हैं।

    गिल का 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया गया 208 रन का स्कोर पहले ही उनके नाम था, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ 200 रन पूरा करते ही उन्होंने अपने वनडे करियर में दूसरी बार यह उपलब्धि हासिल कर ली। इस तरह वह रोहित शर्मा के बाद वनडे में दो दोहरे शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।

    गिल की तूफानी पारी ने बदला रिकॉर्ड बुक का पन्ना
    वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405/7 का विशाल स्कोर बनाया था। जवाब में भारत की ओर से गिल ने पारी को आक्रामक अंदाज में आगे बढ़ाया और दोहरा शतक जड़कर न सिर्फ भारत के लक्ष्य को आसान बनाया, बल्कि वनडे क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज करा दिया। गिल की 117 गेंदों में 200 रन की पारी अब वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक है। यह उनके वनडे करियर का दूसरा दोहरा शतक और कप्तान के रूप में एक बेहद खास उपलब्धि है।

     

  • Shubman Gill का T20 करियर खतरे में? ICC Ranking में गिरावट के बाद 2028 World Cup प्लान पर उठे सवाल

    Shubman Gill का T20 करियर खतरे में? ICC Ranking में गिरावट के बाद 2028 World Cup प्लान पर उठे सवाल

    नई दिल्ली
    भारतीय कप्तान शुभमन गिल और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ताजा ICC टेस्ट रैंकिंग में झटका लगा है. गिल बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान फिसलकर 9वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि बुमराह गेंदबाजों की रैंकिंग में दूसरे से तीसरे नंबर पर खिसक गए. दूसरी ओर, देवदत्त पडिक्कल ने 5 स्थान की छलांग लगाकर 54वां स्थान हासिल किया है। 

    श्रीलंका दौरे पर तीन पारियों में गिल के बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला था. वह अब भी भारत के दूसरे सबसे ऊंची रैंकिंग वाले बल्लेबाज हैं, जबकि ऋषभ पंत 7वें स्थान पर कायम हैं. यशस्वी जायसवाल 11वें नंबर पर बरकरार हैं। 

    पडिक्कल के लिए श्रीलंका दौरा शानदार रहा. दो टेस्ट में 328 रन और दो शतक के साथ वह भारत के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, जिसका फायदा उन्हें रैंकिंग में भी मिला। 

    वहीं बुमराह श्रीलंका दौरे पर घुटने की चोट के कारण नहीं खेल सके थे. वह अब गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं, जहां ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और न्यूजीलैंड के मैट हेनरी उनसे आगे हैं। 

    श्रीलंका के सोनल दिनुषा ने भी रैंकिंग में जबरदस्त छलांग लगाई है. भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में शानदार शतक के बाद वह 29 पायदान ऊपर चढ़कर बल्लेबाजों की रैंकिंग में 25वें स्थान पर पहुंच गए हैं। 

    2028 वर्ल्ड कप प्लान से बाहर हो चुका है ‘प्रिंस’?

    वर्ल्ड कप 2026 जीतने से ठीक पहले जो बल्लेबाज तीनों फॉर्मेट का कप्तान माना जा रहा था वो आज फटाफट क्रिकेट में हाशिए पर चढ़ाया जा चुका है. वैसे भारतीय क्रिकेट टीम जब भी किसी नए दौर में कदम रखती है, तो कुछ फैसले प्रशंसकों और विश्लेषकों को हैरान कर देते हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला फैसला हाल ही में देखने को मिला, जब अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम से सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल का पत्ता फिर से कट गया। 

    शुभमन गिल को तीनों फॉर्मेट में भारत का अगला बल्लेबाजी स्तंभ माना जा रहा था. वनडे और टेस्ट में उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी देकर ‘भविष्य का कप्तान’ घोषित किया जा चुका है. ऐसे में टी20 टीम से उनका बाहर होना महज एक आराम देना नहीं, बल्कि भारतीय चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के एक बड़े रणनीतिक बदलाव का सीधा संकेत है. यह फैसला साफ करता है कि टी20 इंटरनेशनल में अब गिल की जगह पक्की नहीं है और टीम मैनेजमेंट आगामी बड़े टूर्नामेंट्स के लिए नए विकल्पों को आजमा रहा है। 

    4 ओपनर्स की मौजूदगी: 2028 वर्ल्ड कप प्लान से गिल बाहर?
    भारतीय चयनकर्ताओं ने अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ सीरीज में चार बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों को टीम में शामिल किया है. इनमें वैभव सूर्यवंशी , ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे आक्रामक नाम शामिल हैं. टीम में इन चार ओपनर्स की मौजूदगी सीधा इशारा करती है कि 2028 टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती खाके से शुभमन गिल फिलहाल बाहर हो चुके हैं. चयनकर्ताओं की इस रणनीति के पीछे मुख्य वजहों को समझने की कोशिश करते हैं. आज का टी20 क्रिकेट पहली ही गेंद से प्रहार करने वाले बल्लेबाजों की मांग करता है. टीम मैनेजमेंट शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों जैसे वैभव और अभिषेक को प्राथमिकता दे रहा है, जो पावरप्ले का भरपूर फायदा उठा सकें. रोहित शर्मा और विराट कोहली के युग के बाद, टीम अब ‘एंकर’ (पारी संभालने वाले) बल्लेबाजों के बजाय ‘इम्पैक्ट’ (तेज रन बनाने वाले) खिलाड़ियों पर दांव लगा रही है. गिल की शैली पारी को बुनने की है, जो इस नए एप्रोच में फिट नहीं बैठ रही। 

    दो फॉर्मेट के कप्तान का टी20 स्ट्राइक रेट कमजोर कड़ी
    शुभमन गिल को टेस्ट और वनडे क्रिकेट का कप्तान (या उप-कप्तान) बनाकर बोर्ड ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है। लेकिन टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन और विशेषकर उनका स्ट्राइक रेट उनके लिए सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है. वैभव, संजू और अभिषेक के मुकाबले गिल का टी20 इंटरनेशनल में करियर स्ट्राइक रेट लगभग 135 से 139 के बीच झूलता रहा है. आज के दौर में जहां ओपनर्स 150 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं, वहां गिल का यह आंकड़ा काफी साधारण नजर आता है.शुरुआती ओवर्स में गिल को क्रीज पर सेट होने के लिए गेंदे चाहिए होती हैं. इससे पावरप्ले में टीम का रन रेट धीमा हो जाता है, जिसका दबाव आने वाले बल्लेबाजों पर पड़ता है. हलांकि आईपीएल में गिल ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत गेंदबाजी आक्रमण और कड़े हालात में वे लगातार तेज गति से रन बनाने में संघर्ष करते दिखे हैं। 

    क्या गिल के लिए रास्ते बंद हो चुके हैं?
    अफ़ग़ानिस्तान सीरीज से बाहर होने का मतलब यह कतई नहीं है कि शुभमन गिल का टी20 करियर खत्म हो गया है. हालांकि, इसने उनके लिए खतरे की घंटी जरूर बजा दी है यदि उन्हें टी20 टीम में दोबारा वापसी करनी है और 2028 वर्ल्ड कप की योजना का हिस्सा बनना है, तो उन्हें अपने खेल के तरीके में बड़ा बदलाव करना होगा. उन्हें आईपीएल और घरेलू टी20 मैचों में खुद को एक आक्रामक और निडर बल्लेबाज के रूप में साबित करना होगा, जो पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर हावी हो सके. फिलहाल के लिए, ‘प्रिंस’ को यह समझना होगा कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ क्लास नहीं, बल्कि ‘इम्पैक्ट’ और ‘स्पीड’ ही राज करती है। 

  • ICC Ranking Update: शुभमन गिल टॉप पर पहुंचे, वैभव सूर्यवंशी की रैंकिंग में जबरदस्त उछाल

    ICC Ranking Update: शुभमन गिल टॉप पर पहुंचे, वैभव सूर्यवंशी की रैंकिंग में जबरदस्त उछाल

    मुंबई 

    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार को पुरुष खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी की, जिसमें तगड़ी उठापटक को मिला। शुभमन गिल फिर से नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बन गए हैं। उनके खाते में फिलहाल 801 रेटिंग अंक हैं। भारतीय कप्तान गिल ने न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल (794) से बादशाहत छीनी। मिचेल इस साल जनवरी से टॉप पर थे। भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (767) तीसरे और रोहित शर्मा (758) चौथे स्थान पर हैं। वनडे रैंकिंग में टॉप-10 के अंदर एक बड़ा बदलाव बॉलिंग लिस्ट में हुआ। नामीबिया के स्पिनर बर्नार्ड शोल्ट्ज ने यूट्रेक्ट में नेपाल और नीदरलैंड के खिलाफ आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 ट्राई-सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद पांच पायदान चढ़तकर अब सातवें पर पहुंच गए हैं।

    वैभव सूर्यवंशी ने लगाई बहुत लंबी छलांग
    युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने T20I बल्लेबाजों की रैंकिंग में बहुत लंबी छलांग लगाई है। 15 साल के सूर्यवंशी 230 पायदान चढ़कर 48वें स्थान पर आ गए हैं। उनके 536 अंक हैं। उन्होंने हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर तीन मैचों की टी20 सीरीज में बेहतरीन बैटिंग की। सूर्यवंशी ने 50.33 की औसत से सर्वाधिक 151 रन बनाए और अपना पहला प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड हासिल किया। वह तीसरे टी20 में 81 रनों की पारी खेलकर प्लेयर ऑफ मैच भी बने थे। सूर्यवंशी यह दोनों अवॉर्ड जीतने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर हैं।

    अभिषेक शर्मा को उठाना पड़ा नुकसान
    भारत के ईशान किशन नंबर-1 टी20 बल्लेबाज हैं। उनके 910 अंक हैं। यह ईशान के करियर की बेस्ट रेटिंग है। दूसरे टी20 में 81 रन की पारी खेलने के बाद 916 पॉइंट्स तक पहुंच गए थे। सीरीज समाप्त होने के बाद उनके रेटिंग अंक में गिरवाट आई। हालांकि, यह अब तक की ओवरऑल चौथी बेस्ट बैटिंग रेटिंग है। उनसे आगे सूर्यकुमार यादव (912), डेविड मलान (919) और अभिषेक शर्मा (931) हैं। ईशाने जिम्बाब्वे सीरीज में 145 रन जुटाए। सीरीज में फ्लॉप रहे ओपनर अभिषेक शर्मा (819) एक स्थान लुढ़कर तीसरे पर चले गए हैं। उन्होंने तीन मैचों में केविल 11 रन जोड़े। पाकिस्तान के साहिबजाद फरहान (848) दूसरे स्थान पर आ गए।

    कप्तान श्रेयस अय्यर का हुआ फायदा
    T20I बल्लेबाजों की लिस्ट में उपकप्तान तिलक वर्मा दो पायदान ऊपर छठे और कप्ताना श्रेयस अय्यर सात पायदान ऊपर 24वें स्थान पर पहुंच गए हैं। जिम्बाब्वे के बल्लेबाज रयान बर्ल छह पायदान चढ़कर संयुक्त रूप से 85वें स्थान पर पहुंच ग जिम्बाब्वे सीरीज में तीन विकेट लेने के बाद रवि बिश्नोई T20I गेंदबाजों की रैंकिंग में 31 पायदान कीछलांग लगाकर 41वें स्थान पर आ गए हैं। जिम्बाब्वे के लंबे कद के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुज़राबानी 10 पायदान चढ़कर 26वें स्थान पर आ गए। भारत ने सीरीज में जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ किया था।

  • बच्चों को सिखाए क्रिकेट के टिप्स, पैतृक गांव में कप्तान शुभमन गिल ने दादा-दादी के साथ बिताया समय

    बच्चों को सिखाए क्रिकेट के टिप्स, पैतृक गांव में कप्तान शुभमन गिल ने दादा-दादी के साथ बिताया समय

    फाजिल्का.

    भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने अपने पैतृक गांव जैमलवाला पहुंचने की तस्वीरों को अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर सांझा किया है। मिली जानकारी के अनुसार वह बीते दिन अपने दादा-दादी के पास गए थे। सबसे पहले उन्होंने अपने दादा-दादी के साथ समय बिताया और परिवार के साथ कई भावुक पल साझा किए।

    परिवार के बुजुर्गों के साथ मुलाकात के बाद उन्होंने सीधे गांव के खेल मैदान का रुख किया, जहां क्रिकेट सीख रहे नन्हे खिलाड़ी बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे थे। मैदान में पहुंचते ही शुभमन गिल ने बच्चों के साथ पूरी सहजता से बातचीत शुरू की। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रैक्टिस को ध्यान से देखा और उनके खेल में आ रही कमियों की ओर इशारा करते हुए तुरंत सुधार के सुझाव दिए। इस दौरान उनके साथ उनके दादा दीदार सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों को शुभमन के शुरुआती संघर्ष और मेहनत के किस्से भी सुनाए।

    नन्हें युवाओं को दिए बैटिंग टिप्स
    क्रिकेट के प्रति बच्चों का उत्साह देखकर शुभमन गिल भी काफी खुश नजर आए। उन्होंने खिलाड़ियों को बैटिंग तकनीक, संतुलन, फुटवर्क और शॉट चयन के बारे में विस्तार से समझाया। किसी खिलाड़ी को उन्होंने फ्रंट-फुट मूवमेंट सही करने की सलाह दी, तो किसी को बैट का फेस सही समय पर खोलने और सीधा खेलने के बारे में बताया। सिर्फ सलाह देने तक ही सीमित न रहते हुए शुभमन खुद भी नेट पर उतर गए और बल्लेबाजी करके बच्चों को सही तकनीक का उदाहरण दिया। जब गेंदबाजों ने तेज गेंदबाजी की तो उन्होंने उसी गति के अनुसार सही शॉट चयन दिखाया, जिससे युवा खिलाड़ियों को सीखने का अच्छा अवसर मिला।

    युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दी खेल सामग्री
    इस दौरान शुभमन गिल ने गांव के खिलाड़ियों को क्रिकेट किट, ग्लव्स और अन्य जरूरी खेल सामग्री भी उपलब्ध करवाई। इससे बच्चों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। कई खिलाड़ियों ने कहा कि टीम इंडिया के कप्तान से सीधे सीखना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। शुभमन गिल के पिता लखविंदर सिंह ने बताया कि बचपन से ही शुभमन का क्रिकेट के प्रति समर्पण अलग था। वह घंटों मैदान में अकेले अभ्यास करते रहते थे। गांव के खुले मैदानों में की गई वही मेहनत आगे चलकर उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने की मजबूत नींव बनी।

    गांव के बच्चों को संबोधित करते हुए शुभमन गिल ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही खिलाड़ी को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने बच्चों को संदेश दिया कि अगर वे ईमानदारी से मेहनत करते रहें तो कोई भी सपना दूर नहीं रहता।