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  • शासन की पहल से परिवार को मिली आर्थिक राहत, रजिस्ट्री में बचाए ₹46,846 बहनों को किए भेंट

    शासन की पहल से परिवार को मिली आर्थिक राहत, रजिस्ट्री में बचाए ₹46,846 बहनों को किए भेंट

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में अभिलाष को मिली 46,846 रुपये की राहत, बचत की पूरी राशि बहनों को दी उपहार में

    पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये होने से कम हुआ आर्थिक बोझ, परिवार की खुशियों का माध्यम बनी शासन की पहल

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन सेवाओं में सुधार से आम नागरिकों को मिल रही सहूलियत

    रायपुर, 
     छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और किफायती बनाने के लिए किए गए सुधार आम नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ परिवारों की खुशियों का भी माध्यम बन रहे हैं। बलौदाबाजार जिले के अभिलाष की कहानी इसकी एक मिसाल है। पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित होने से उन्हें 46 हजार 846 रुपये की बचत हुई। इस आर्थिक राहत से मिली खुशी को उन्होंने अनूठे अंदाज में अपनी बहनों के साथ साझा किया और बचत की पूरी राशि उन्हें उपहार स्वरूप दे दी।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिक सुविधाओं के विस्तार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पारिवारिक हकत्याग के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित करना इन्हीं जनहितैषी सुधारों में शामिल है। इन सुधारों का लाभ हितग्राहियों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं।

    रजिस्ट्री में हुई बचत से बहनों के चेहरे पर बिखरी मुस्कान

    सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान अभिलाष ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कराने पर उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती शुल्क का लाभ मिला। पहले जहां इस प्रक्रिया में अधिक राशि खर्च होती, वहीं अब मात्र 500 रुपये पंजीयन शुल्क लगने से उनके 46,846 रुपये बच गए। उन्होंने इस बचत को केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरी राशि अपनी बहनों को उपहार स्वरूप देकर परिवार की खुशियों को और बढ़ा दिया।

    अभिलाष के लिए शासन की यह पहल दोहरी खुशी लेकर आई। एक ओर संपत्ति संबंधी आवश्यक दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर बचत की राशि परिवार के सदस्यों के काम आई। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया में मिली आर्थिक राहत और सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    पारिवारिक संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन हुआ किफायती

    राज्य सरकार द्वारा पारिवारिक हकत्याग से संबंधित पात्र दस्तावेजों के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित किए जाने से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति संबंधी अधिकारों के व्यवस्थापन में होने वाला खर्च कम हुआ है। विशेष रूप से उन परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है, जिन्हें पहले पंजीयन शुल्क के रूप में अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी।

    बलौदाबाजार के अभिलाष का अनुभव दर्शाता है कि शासन के नीतिगत सुधार किस प्रकार आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। रजिस्ट्री में बचाए गए 46,846 रुपये जब बहनों को उपहार के रूप में मिले, तो पंजीयन शुल्क में मिली राहत पारिवारिक स्नेह और खुशियों की एक यादगार कहानी बन गई।

  • श्रमिक परिवार की बेटी निकिता को मिली नई उम्मीद, सरकारी योजना से शिक्षा और भविष्य को मिला संबल

    श्रमिक परिवार की बेटी निकिता को मिली नई उम्मीद, सरकारी योजना से शिक्षा और भविष्य को मिला संबल

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    श्रमिक परिवार की बेटी निकिता के सपनों को मिला संबल, नोनी सशक्तिकरण योजना से पढ़ाई की राह हुई आसान

    20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से पूरी हो रहीं शैक्षणिक जरूरतें, उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहे कदम

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार, बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही योजना

    रायपुर, 
    आर्थिक संसाधनों की कमी किसी बेटी की शिक्षा और आगे बढ़ने के सपनों में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि बेटियों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने और उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ने में मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुरकोट निवासी निकिता कहरा भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे उनकी आगे की पढ़ाई को सहारा मिला है।

    शिक्षा के सपनों को मिला आर्थिक सहयोग

    निकिता कहरा के लिए योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की सहायता राशि पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच शिक्षा से जुड़े खर्चों की व्यवस्था करना श्रमिक परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में शासन से प्राप्त यह सहायता निकिता को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने में सहयोग प्रदान कर रही है।

    इस आर्थिक सहायता से निकिता को पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। साथ ही उन्हें अपनी शिक्षा जारी रखने और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन भी मिला है।

    श्रमिक परिवारों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

    मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों की पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक संबल देकर उनकी शिक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है।

    निकिता कहरा ने योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकिता कहरा की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाला आर्थिक सहयोग श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना जैसी पहलें बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें शिक्षित, सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

  • कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर, प्रधानमंत्री आवास योजना ने जया बाई के जीवन में लाई नई उम्मीदें

    कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर, प्रधानमंत्री आवास योजना ने जया बाई के जीवन में लाई नई उम्मीदें

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    पक्के घर का सपना हुआ साकार, प्रधानमंत्री आवास योजना से जया बाई के जीवन में आई नई खुशियां

    अपने आशियाने में परिवार को मिली सुरक्षा और सुकून, बेहतर रहन-सहन की राह हुई आसान

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

    रायपुर, 
     हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई परिवारों के लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ऐसे जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघरी निवासी श्रीमती जया बाई के जीवन में भी इस योजना से खुशियों का नया अध्याय जुड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें अपना पक्का मकान मिला है, जिससे परिवार को सुरक्षित आश्रय और बेहतर रहन-सहन की सुविधा प्राप्त हुई है।

    पक्की छत मिलने से दूर हुई मौसम की चिंता, परिवार को मिला सुरक्षित आश्रय

    श्रीमती जया बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित पक्का मकान केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और सुकून का आधार बन गया है। अब उनका परिवार अपने पक्के घर में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में जीवन बिता रहा है। पक्का आवास मिलने से बारिश और मौसम की अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा मिली है। साथ ही परिवार के रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

    अपने घर का सपना पूरा होने से जया बाई और उनके परिवार को भविष्य के प्रति नया भरोसा मिला है। पक्की छत के नीचे परिवार के साथ सुरक्षित जीवन बिताने की खुशी उनके लिए विशेष महत्व रखती है। यह आवास उनके वर्तमान जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीदों को भी मजबूत कर रहा है।

    पक्का आवास बना सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य का आधार

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित छत मिलने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    श्रीमती जया बाई ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए शासन से मिला यह आवास वर्षों से संजोए अपने घर के सपने के साकार होने जैसा है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती जया बाई की यह कहानी दर्शाती है कि पक्का आवास मिलने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का नया आधार तैयार हो रहा है। अपना घर होने का सुख परिवारों को बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।

  • मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला सहारा, मिनीमाता महतारी जतन योजना से मजबूत हुआ परिवार

    मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला सहारा, मिनीमाता महतारी जतन योजना से मजबूत हुआ परिवार

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला आर्थिक संबल, मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी सहारा

    20 हजार रुपये की सहायता से मां और नवजात शिशु के पोषण एवं देखभाल की राह हुई आसान

    श्रमिक परिवारों की माताओं को मिल रही आर्थिक राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

    रायपुर,
     मां बनना किसी भी महिला के जीवन का अनमोल अनुभव होता है। इस दौरान मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल के लिए परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में छत्तीसगढ़ शासन की मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा निवासी श्रीमती प्रिया कश्यप को भी इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य, पोषण और नवजात शिशु की देखभाल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली है।

    मां और नवजात शिशु की देखभाल में मिली आर्थिक राहत

    श्रीमती प्रिया कश्यप के लिए मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में मिनीमाता महतारी जतन योजना आर्थिक संबल बनकर आई है। प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ नवजात शिशु के पोषण और आवश्यक जरूरतों पर विशेष ध्यान देना होता है। इस दौरान पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने से परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं।

    ऐसे समय में योजना के तहत प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रिया और उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिला, जिससे वे अपने स्वास्थ्य और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल पर ध्यान दे सकीं। आर्थिक सहायता मिलने से मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में परिवार को राहत मिली।

    मिनीमाता महतारी जतन योजना से श्रमिक परिवारों को मिल रहा संबल

    छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना का उद्देश्य पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है, ताकि प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिल सके।

    श्रीमती प्रिया कश्यप ने योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि मातृत्व के दौरान आवश्यक जरूरतों को पूरा करने और नवजात शिशु की देखभाल में महत्वपूर्ण सहयोग बनी है।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती प्रिया कश्यप की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली समयबद्ध आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की महिलाओं को मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में आर्थिक संबल मिल रहा है, जिससे मां और नवजात शिशु के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की दिशा में सहयोग प्राप्त हो रहा है।

  • सरल और समयबद्ध शासकीय सेवाओं से नागरिकों को मिल रही सुविधा, कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत

    सरल और समयबद्ध शासकीय सेवाओं से नागरिकों को मिल रही सुविधा, कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    बेटियों की पढ़ाई की राह हुई आसान, सेवा सेतु केन्द्र से रामप्रसाद को समय पर मिला आय प्रमाण पत्र

    छात्रवृत्ति के लिए जरूरी दस्तावेज मिलने से पिता को मिली राहत, रीमा और चमेली देवी की शिक्षा को मिलेगा संबल

    सरल और समयबद्ध शासकीय सेवाओं से नागरिकों को मिल रही सुविधा, कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत

    रायपुर
    बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत एक पिता को जब जरूरी शासकीय दस्तावेज समय पर मिल जाए, तो उसकी बड़ी चिंता दूर हो जाती है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम फरहदा निवासी रामप्रसाद मरार के लिए सेवा सेतु केन्द्र ऐसी ही राहत लेकर आया है। अपनी दोनों पुत्रियों रीमा और चमेली देवी की छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक आय प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे रामप्रसाद को सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से शीघ्र ही प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उनकी बेटियों को शासन की छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आसान हो गई है।

    बेटियों की छात्रवृत्ति के लिए जरूरी था आय प्रमाण पत्र

    ग्राम फरहदा निवासी रामप्रसाद मरार, पिता स्वर्गीय पृथ्वीराम मरार अपनी दोनों पुत्रियों रीमा और चमेली देवी की शिक्षा को लेकर सजग हैं। बेटियों की पढ़ाई के लिए शासन द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने तहसील कार्यालय अकलतरा स्थित सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया।

    सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से उनके आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही आय प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। समय पर आवश्यक दस्तावेज मिलने से रामप्रसाद को बड़ी राहत मिली। अब वे अपनी दोनों पुत्रियों की छात्रवृत्ति संबंधी आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे। इससे बेटियों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करने का मार्ग सुगम होगा।

    सेवा सेतु से आसान हुई शासकीय प्रक्रिया, समय पर मिला प्रमाण पत्र

    रामप्रसाद मरार के लिए सेवा सेतु केन्द्र की सुविधा उपयोगी साबित हुई। आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल होने और समय पर दस्तावेज उपलब्ध होने से उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। आय प्रमाण पत्र मिलने से बेटियों की छात्रवृत्ति के लिए जरूरी दस्तावेज की आवश्यकता पूरी हो गई है।

    रामप्रसाद ने इस सुविधा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह प्रमाण पत्र केवल एक शासकीय दस्तावेज नहीं, बल्कि बेटियों की पढ़ाई जारी रखने और उनके बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोग है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में सेवा सेतु केन्द्र नागरिकों के लिए सुविधाजनक माध्यम बन रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों तक शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    रामप्रसाद मरार की यह कहानी दर्शाती है कि समय पर मिलने वाली शासकीय सेवाएं आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने के साथ उनके बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य की राह भी आसान बना सकती हैं।

  • लौदाबाजार में मंत्री टंक राम वर्मा ने उठाई झाड़ू, बोले- ‘स्वच्छता आदत है, जो धीरे-धीरे संस्कार बनेगी’

    लौदाबाजार में मंत्री टंक राम वर्मा ने उठाई झाड़ू, बोले- ‘स्वच्छता आदत है, जो धीरे-धीरे संस्कार बनेगी’

    सेवा संकल्प अभियान

    स्वच्छता एक आदत है जो धीरे-धीरे संस्कार बनेगी – मंत्री टंक राम वर्मा

     बलौदाबाजार में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने हाथों में उठाई झाड़ू

    षष्ठी मंदिर परिसर में चला विशेष स्वच्छता अभियान

    ​रायपुर

           प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के ऐतिहासिक 25 वर्ष पूर्ण होने के सुअवसर पर जारी 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिले भर में विविध जनसेवा कार्यक्रमों की धूम है। इसी कड़ी में 'सेवा मेरा योगदान' कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को राज्य के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की अगुवाई में बलौदाबाजार स्थित ऐतिहासिक षष्ठी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया।
         ​अभियान के दौरान राजस्व मंत्री वर्मा, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों ने स्वयं हाथों में झाड़ू थामकर सड़कों पर बिखरे कचरे को साफ किया और उसे डस्टबिन में एकत्रित किया।     
           मंत्री वर्मा के इस प्रतीकात्मक पहल ने आमजनों को स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने का एक सशक्त संदेश दिया।
    ​स्वच्छता एक आदत है जो धीरे-धीरे संस्कार बनती है।   
     
          राजस्व मंत्री वर्मा ने ​उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 सफल वर्षों के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। स्वच्छता केवल एक दिवस का कार्य नहीं, बल्कि एक आदत है जो धीरे-धीरे हमारे व्यवहार का हिस्सा बनती है। हर्ष का विषय है कि आज इस अभियान के माध्यम से जन-जन में स्वच्छता के प्रति अभूतपूर्व जागरूकता देखने को मिल रही है।
            ​स्वच्छता के इस महाअभियान में कलेक्टर , भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, नगर पालिका उपाध्यक्ष सहित विभिन्न वार्डों के पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होकर अपना श्रमदान दिया।

  • 0.40 हेक्टेयर में गुलाब पटेल ने लिखा मछली पालन से समृद्धि का नया अध्याय

    0.40 हेक्टेयर में गुलाब पटेल ने लिखा मछली पालन से समृद्धि का नया अध्याय

    सेवा संकल्प से संवरी उम्मीद

     0.40 हेक्टेयर में गुलाब पटेल ने लिखा मछली पालन से समृद्धि का नया अध्याय

    ​रायपुर,

          ​एक किसान के लिए उसकी ज़मीन सिर्फ मिट्टी का टुकड़ा नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की उम्मीदों का आधार होती है। सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम नवरंगपुर निवासी गुलाब पटेल पिता: स्व. श्री प्रेमलाल पटेल ने अपनी इसी ज़मीन में छिपी संभावनाओं को पहचाना और एक ऐसी मिसाल कायम की, जो आज प्रदेश के हज़ारों किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
         ​पारंपरिक खेती से इतर कुछ नया करने की सोच के साथ गुलाब पटेल ने जल संरक्षण और मत्स्य पालन को आजीविका का जरिया बनाने का फैसला किया। उनकी इस सोच को साकार करने में केंद्र व राज्य सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना और सेवा संकल्प अभियान संबल बने।

    ​शासकीय योजना से मिली राह और संबल

         गुलाब पटेल के पास 0.40 हेक्टेयर भूमि थी, जिसे उन्होंने तालाब निर्माण के लिए चुना। योजना के तहत उन्हें विभाग से 1.20 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। विभागीय मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता से तालाब का निर्माण पूरा हुआ और इसी के साथ शुरू हुआ मछली पालन का एक नया सफर।

    ​250 क्विंटल उत्पादन और 10 से 15 लाख का शुद्ध लाभ

          तालाब बनने के बाद गुलाब पटेल ने मत्स्य पालन को वैज्ञानिक तकनीक और पूरे समर्पण के साथ अपनाया। नियमित देखरेख, उत्तम आहार और सही प्रबंधन का नतीजा यह रहा कि आज उनके 0.40 हेक्टेयर के जलक्षेत्र से प्रतिवर्ष लगभग 250 क्विंटल मछली का उत्पादन हो रहा है। तमाम लागत निकालने के बाद उन्हें हर साल 10 से 15 लाख रुपए तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है।

    ​सेवा संकल्प अभियान: कागजों से निकलकर ज़मीन पर उतरती योजनाएं

           गुलाब पटेल की यह सफलता 'सेवा संकल्प अभियान' की उस मूल भावना को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य शासकीय योजनाओं को केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रखकर आम जन के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाना है। शासन के सहयोग, विभागीय मार्गदर्शन और किसान की अनथक मेहनत के इस संगम ने एक छोटे से भू-खंड को आर्थिक आत्मनिर्भरता के मजबूत मॉडल में बदल दिया है।
          ​आज गुलाब पटेल न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर दूसरों के लिए भी एक मार्गदर्शक बनकर उभरे हैं। उनकी यह कहानी साबित करती है कि यदि सही योजना और दृढ़ संकल्प का साथ मिले, तो ज़मीन का एक छोटा सा टुकड़ा भी समृद्धि का द्वार खोल सकता है।

  • सेवा संकल्प अभियान: धमतरी में दिव्यांग बालिकाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

    सेवा संकल्प अभियान: धमतरी में दिव्यांग बालिकाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

    सेवा संकल्प अभियान: धमतरी में दिव्यांग बालिकाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

    नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति का संदेश

    ​रायपुर,
          राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत धमतरी स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ बालिका विद्यालय में समाज कल्याण विभाग द्वारा एक दिवसीय विभागीय प्रचार-प्रसार एवं सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बालिकाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्त वातावरण का निर्माण करना था।

    ​योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

           शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शासन की मंशा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है। बालिकाओं को उपलब्ध अवसरों और अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि सही जानकारी ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।

    ​नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र

          कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति रही। कलाकारों ने अपने संवादों और जीवंत अभिनय के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक तथा सामाजिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। नाटक के जरिए संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा सामूहिक दायित्व है।
           उपस्थित ​प्रमुख जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अंत में  लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प दिलाया।

  • प्रदेश के 55 जिलों में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, वरिष्ठ IAS अधिकारी बनाए गए नोडल ऑफिसर

    प्रदेश के 55 जिलों में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, वरिष्ठ IAS अधिकारी बनाए गए नोडल ऑफिसर

    प्रदेशभर में 17 सितम्बर से एक माह तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    घर दीप प्रज्ज्वलन से लेकर जन सेवक महाकुंभ जैसे होंगे आयोजन
    सभी 55 जिलों के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नोडल ऑफिसर नियुक्त

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से 17अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत सभी 55 जिलों में नागरिकों की सेवा से जुड़े प्रकल्वों का आयोजन क्रमबद्ध रूप से किया जाएगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को अभियान के लिए जिलों का नोडल अधिकारी नामांकित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश दिये हैं। सेवा संकल्प अभियान 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 सितंबर 2026 को हुई बैठक में भी दिशा-निर्देश दिए गए थे।

    सेवा संकल्प अभियान 2026 में अनेक गतिविधियां होंगी जिसमें आर्शीवाद का दीया जलाना, यानि हितग्राही परिवारों के घर पर दीप प्रज्ज्‍वलन, सेवा चित्र राष्ट्रव्यापी ड्राईंग और भाषण प्रतियोगिता, सेवा स्मरण संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां, आंगन का मिलन यानि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का सम्मान एवं बच्चों तथा माताओं की सक्रिय भागीदारी, कहानी बदलाव के तहत सरकार की योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की सक्सेस स्टोरी, सेवा ज्योति यात्रा में गांव , जिला स्तर की जनभागीदारी यात्रा, विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ, वड़नगर (गुजरात) से वाराणसी यात्रा जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा, सेवा-मेरा योगदान के तहत 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों में नागरिकों की भागीदारी होगी।

    इसी तरह सेवा सेतु अभियान में सेवा सेतु केन्द्र स्थापित कर आम नागरिकों को एक ही स्थान पर जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना, सेवा के रंगके अंतर्गत घर-घर से राष्ट्र तक आभार और संकल्प की रंगोली का निर्माण, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्ट-अप्स, प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट इनोवेटर और जमीनी स्तर पर नए समाधान विकसित करने वाले लोगों को जोड़ने के लिए होगा। जन सेवक महाकुंभ के तहत पंचायत से पार्लियामेंट तक देशभर से सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन और 25 साल 25 कहानियाँ नेशनल अनबॉक्सिंग गतिविधियां आयोजित होगी।

    वरिष्ठ भाप्रसे अधिकारियों को सौंपा जिलों का दायित्व

    सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत जिलों में अभियान के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समन्वय एवं मॉनिटरिंग की दृष्टि से भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को जिले के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया गया है। नोडल अधिकारीगण अभियान की संपूर्ण अवधि के लिए प्रतिदिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की माईक्रो प्लानिंग में जिला कलेक्टर को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, अभियान की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक सिस्टम तैयार किया जाना, ताकि सभी आयोजन शासन की अपेक्षा के अनुरूप प्रभावी रूप से संचालित हो सकें। जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक जन भागीदारी एवं जन सहयोग प्राप्त हो सके, इस दृष्टि से आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने में जिला प्रशासन का सहयोग करना और जिले के प्रभारी मंत्री एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण के साथ सेवा संकल्प अभियान के स्वरूप एवं रणनीति पर संवाद एवं समन्वय का दायित्व होगा।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए है कि सेवा संकल्प अभियान 2026 के क्रियान्वयन की जिले की संपूर्ण एक माह की योजना आज-कल में अनिवार्य रूप से तैयार करवा ली जाए।समस्त नामांकित नोडल अधिकारीगण 17 सितंबर 2026 को संपूर्ण दिवस अपने प्रभार के जिले में रहेंगे और उस दिन आयोजित होने वाले समस्त कार्यक्रमों आर्शीवाद का दीया एवं अन्य कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लेंगें।