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  • छात्रों ने कहा- सीएम योगी के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना गौरव का पल

    छात्रों ने कहा- सीएम योगी के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना गौरव का पल

    छात्रवृत्ति से खिले सपनों के पंख, योगी सरकार ने आसान की पढ़ाई की राह

    सीएम योगी ने 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में भेजे 148 करोड़ रुपये से अधिक

    छात्रों ने कहा- आर्थिक मदद से पढ़ाई का बोझ हुआ कम, किताबों और फीस में मिलेगी राहत

    डॉक्टर बनने से पुलिस सेवा तक के सपनों को छात्रवृत्ति से मिला संबल

    छात्रों ने कहा- सीएम योगी के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना गौरव का पल

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर कक्षाओं की 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की। छात्रवृत्ति पाने वाले छात्र-छात्राओं ने सीएम की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक सहायता से पढ़ाई जारी रखने में परिवार को बड़ी राहत मिलेगी। छात्रवृत्ति केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके भविष्य के सपनों को आगे बढ़ाने का सहारा है।

    पढ़ाई के खर्च में मिलेगी राहत, किताबें खरीदेंगे छात्र

    गोसाईंगंज के सत्यम ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई के खर्च में परिवार को राहत मिलेगी। वह राशि का इस्तेमाल किताबों और जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में करेंगे। सुरियामऊ के विवेक कनौजिया ने कहा कि छात्रवृत्ति से फीस और किताबों का खर्च पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे आगे की पढ़ाई के लिए उनका उत्साह बढ़ा है। रकीबखेड़ा के अमन कुमार ने कहा कि वह नई किताबें खरीदकर अपनी पढ़ाई को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएंगे। गोसाईंगंज के मयंक रावत ने भी कहा कि छात्रवृत्ति से शिक्षा से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। सीएम योगी के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना गौरव की बात है।

    डॉक्टर और पुलिस अधिकारी बनने का सपना

    इटौंजा की साक्षी ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से आगे पढ़ाई करने का हौसला बढ़ा है। इससे पढ़ाई से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। डॉक्टर बनने का सपना संजोए सत्येंद्र रावत ने कहा कि आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को पढ़ाई का खर्च संभालने में सहूलियत होगी। इससे वह डॉक्टर बनने के लक्ष्य की तैयारी पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेंगे। पुलिस विभाग में सेवा देने का लक्ष्य रखने वाले छात्र ने कहा कि छात्रवृत्ति से परिवार पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें अपने भविष्य की तैयारी के लिए प्रोत्साहन मिला है।

    आर्थिक दबाव कम होने से पढ़ाई पर रहेगा ध्यान

     इटौंजा की आकांक्षा गौतम ने कहा कि छात्रवृत्ति से किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने में मदद मिलेगी। इससे परिवार पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम होगा। अर्चना ने कहा कि आर्थिक सहयोग उनके लिए पढ़ाई आगे बढ़ाने में बड़ी मदद है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दी जा रही छात्रवृत्ति जैसी सहायता से आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेंगी।

    मजदूर के बेटे रणवीर के लिए यादगार रहा पल
     
    कक्षा 12 के छात्र रणवीर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों छात्रवृत्ति का स्वीकृति पत्र मिलना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति मिलने से उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम होगा और पढ़ाई आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। रणवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों स्वीकृति पत्र मिलने का यह पल वह कभी नहीं भूलेंगे। हिमांशु वर्मा ने भी छात्रवृत्ति मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकार की यह सहायता उन्हें पढ़ाई जारी रखने और भविष्य के लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

    ओबीसी के 2.23 लाख विद्यार्थियों को 60.01 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति

    अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खाते में 60.01 करोड़ रुपये भेजे गए। जबकि अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों के खाते में 64.54 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खाते में 11.43 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। इसी तरह अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों के खाते मे 12.06 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।

  • SC विद्यार्थियों के लिए बड़ा सहारा, 12 साल में ₹7,788 करोड़ से ज्यादा की छात्रवृत्ति वितरित

    SC विद्यार्थियों के लिए बड़ा सहारा, 12 साल में ₹7,788 करोड़ से ज्यादा की छात्रवृत्ति वितरित

    पिछले 12 वर्षों में 2.24 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को 7 हजार 788 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित

    प्राथमिक शिक्षा से विदेश अध्ययन तक विद्यार्थियों को मिल रहा आर्थिक सहायता का संबल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च, तकनीकी, व्यावसायिक एवं विदेश अध्ययन तक विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

    प्रदेश में वर्ष 2014-15 से वर्ष 2025-26 तक अनुसूचित जाति के कुल 2 करोड़ 24 लाख 59 हजार 478 विद्यार्थियों को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से 7 हजार 788 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। छात्रवृत्ति की राशि डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है।

    राज्य छात्रवृत्ति से 1 करोड़ 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ

    अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही शिक्षा से जोड़ने और उनकी शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखने के लिए राज्य छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2014-15 से अब तक कक्षा पहली से आठवीं तक के 1 करोड़ 40 लाख 41 हजार 131 विद्यार्थियों को 466 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत कक्षा पहली से पांचवीं तक की बालिकाओं को 10 माह की अवधि के लिए 250 रुपये प्रतिमाह, कक्षा छठवीं से आठवीं तक के बालकों को 200 रुपये प्रतिमाह और बालिकाओं को 600 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। यह राशि शत-प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन की जाती है।

    प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से 35 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला शैक्षणिक संबल

    कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों की शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2014-15 से अब तक योजना के अंतर्गत 35 लाख 73 हजार 613 विद्यार्थियों को 993 करोड़ 71 लाख रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। योजना के अंतर्गत 2.50 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले पालकों के बालकों को 600 रुपये और बालिकाओं को 1,200 रुपये 10 माह के लिए प्रदान किए जाते हैं। वहीं 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक आय सीमा वाले परिवारों के छात्रावासी विद्यार्थियों को 7 हजार रुपये तथा गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 3 हजार 500 रुपये वार्षिक अकादमिक भत्ता दिया जाता है।

    कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को 620 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

    उच्चतर माध्यमिक शिक्षा तथा पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति समूह-4 संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत अब तक 21 लाख 11 हजार 249 छात्र-छात्राओं को 620 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है। केंद्र एवं राज्य शासन के 60:40 अनुपात में संचालित इस योजना के अंतर्गत कक्षा 11वीं-12वीं के गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 2 हजार 500 रुपये और छात्रावासी विद्यार्थियों को 4 हजार रुपये वार्षिक अकादमिक भत्ता दिया जा रहा है।

    उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए 5 हजार 708 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति

    अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों की उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत महाविद्यालयीन एवं विश्वविद्यालयीन स्तर के 27 लाख 33 हजार 485 छात्र-छात्राओं को 5 हजार 708 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया गया है।

    समूह-1 में एमबीबीएस, इंजीनियरिंग, एमडी, एमएस, एमबीए, एमसीए, एमफिल, पीएचडी आदि पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को शिक्षण शुल्क के साथ गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 7 हजार रुपये तथा छात्रावासी विद्यार्थियों को 13 हजार 500 रुपये वार्षिक अकादमिक भत्ता दिया जाता है। समूह-2 में बी.फार्मा, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट, एमएससी, एमकॉम, एमएड आदि पाठ्यक्रमों के लिए गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 6 हजार 500 रुपये एवं छात्रावासी विद्यार्थियों को 9 हजार 500 रुपये तथा समूह-3 में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएड आदि पाठ्यक्रमों के लिए गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 3 हजार रुपये एवं छात्रावासी विद्यार्थियों को 6 हजार रुपये वार्षिक अकादमिक भत्ता दिया जाता है। शासकीय शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए शुल्क भुगतान के संबंध में आय सीमा का बंधन समाप्त कर दिया गया है।

    विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति से विद्यार्थियों को मिल रहे उच्च शिक्षा के वैश्विक अवसर

    अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु छात्रवृत्ति योजना’ संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 50 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। पात्र विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 8 लाख रुपये तक निर्धारित है।

    योजना के माध्यम से अब तक 150 से अधिक शोधार्थी एवं विद्यार्थी अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, रूस, स्विट्जरलैंड, पोलैंड, चीन, मलेशिया और सिंगापुर सहित विभिन्न देशों में अध्ययन कर चुके हैं। योजना के अंतर्गत इंजीनियरिंग, प्योर एवं एप्लाइड साइंस, एग्रीकल्चर, मेडिकल, मैनेजमेंट, इंटरनेशनल कॉमर्स, लॉ, फॉरेस्ट्री एवं मानविकी विषयों में अध्ययन के लिए शिक्षण शुल्क, मेडिकल इंश्योरेंस, वीजा शुल्क, निर्वाह भत्ता एवं हवाई यात्रा का किराया राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है।

     

  • अनुसूचित विद्यार्थियों को पंजाब सरकार का बड़ा तोहफा, 1 लाख 17 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ

    अनुसूचित विद्यार्थियों को पंजाब सरकार का बड़ा तोहफा, 1 लाख 17 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ

    चंडीगढ़
     पंजाब के अनुसूचित जाति (एससी) विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की ओर से छात्रवृत्ति योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

    आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 94,092 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। इन विद्यार्थियों के लिए पंजाब सरकार ने 13.30 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

    सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

    इसके तहत 1,17,142 एससी विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी बच्चे को स्कूल स्तर पर अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े।

    प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किसे मिलेगा ?
    प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से स्कूल स्तर पर पढ़ने वाले पात्र एससी विद्यार्थियों के लिए है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एससी परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

    जानकारी अनुसार छात्रवृत्ति से बच्चों और उनके परिवारों पर पढ़ाई का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलती है।

    मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक बदलाव की सबसे मजबूत नींव है। सरकार का प्रयास है कि छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचे और सहायता मिलने में किसी प्रकार की देरी न हो।

    2026-27 में बढ़ेगा लाभ का दायरा, 40 करोड़ मंजूर
    सरकार की योजना के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में 1.17 लाख से अधिक विद्यार्थियों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

    विभाग पात्र परिवारों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर देगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने और युवाओं का भविष्य मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • वंचित छात्रों के लिए बड़ी राहत: छात्रवृत्ति आवेदन का पोर्टल फिर खुलेगा

    वंचित छात्रों के लिए बड़ी राहत: छात्रवृत्ति आवेदन का पोर्टल फिर खुलेगा

    छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को मिलेगा एक और मौका, पोर्टल खोलने के लिए कैबिनेट की मंजूरी

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी व अन्य कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्रों को मिलेगा लाभ

    सभी पात्र वर्गों के छात्रों की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए विशेष मामले में पोर्टल फिर खोलने का निर्णय

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ पाने से वंचित रह गए पात्र छात्रों को एक और अवसर दिए जाने का निर्णय किया गया। इसके लिए मंत्रिमंडल ने विशेष मामले के रूप में छात्रवृत्ति पोर्टल को दोबारा खोलने की मंजूरी प्रदान की है।

    प्रेसवार्ता में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न पात्र वर्गों के कुल 2,76,057 छात्र इस निर्णय से लाभान्वित होंगे। इन छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए कुल 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें सामान्य वर्ग के 51,078 छात्रों के लिए 163.42 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के 64,971 छात्रों के लिए 58.17 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति के 5,192 छात्रों के लिए 9.21 करोड़ रुपये और अन्य पिछड़ा वर्ग के 1,36,136 छात्रों के लिए 300 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी क्रम में अल्पसंख्यक वर्ग के 18,680 छात्रों को 21.05 करोड़ रुपये की धनराशि दी जाएगी।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कई पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति की प्रक्रिया विभिन्न कारणों से पूरी नहीं हो सकी। कहीं शिक्षण संस्थानों की ओर से आवेदन अग्रसारित नहीं किए गए, तो कहीं आवेदन में कमियां रहने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से पीएफएमएस स्तर पर भुगतान नहीं हो सका। कुछ मामलों में शिक्षण संस्थानों द्वारा समय से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाने, जनपद स्तरीय समिति में आवेदन लंबित रहने, फीस जमा न होने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भी छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि नहीं मिल सकी।

    मंत्रिमंडल ने अब ऐसे सभी पात्र छात्रों को राहत देने का निर्णय लिया है। सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग सहित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिलाने के लिए विशेष मामले के रूप में एक बार फिर छात्रवृत्ति पोर्टल को खोला जाएगा। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि व्यय किए जाने की अनुमति भी प्रदान की गई है।

    सरकार के इस निर्णय से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जो पात्र होने के बावजूद प्रक्रिया संबंधी तकनीकी अथवा अन्य कारणों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित रह गए थे। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र छात्र केवल प्रक्रियागत या तकनीकी कारणों से अपने अधिकार के लाभ से वंचित न रहे।

  • छात्रों के लिए बड़ी खबर, पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति का आवेदन 11 अगस्त से; जानें अंतिम तारीख

    छात्रों के लिए बड़ी खबर, पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति का आवेदन 11 अगस्त से; जानें अंतिम तारीख

    पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिए आवेदन 11 अगस्त से, 21 सितम्बर है अंतिम तिथि

    योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा को मिला मजबूत सहारा

    2 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों को मिलेगा लाभ

    पिछले 9 सालों में 22 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को मिल चुकी है छात्रवृत्ति

    2025-26 में 36 लाख से अधिक छात्रों को मिला था छात्रवृत्ति का लाभ

    लखनऊ, 
     उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा को सहारा देने के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित कर रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पूर्वदशम, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत वर्ष 2026- 27 के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त से शुरू होगी। छात्र 11 से 25 अगस्त 2026 तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। जबकि वर्ष 2026-27 सत्र के नए छात्र 11 अगस्त से 21 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। 

    छात्रों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की गई है। इस योजना के जरिए पिछले 9 वर्षों में करीब 22 करोड़ से अधिक छात्रों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने और उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है।

    2025-26 में 36 लाख से अधिक छात्रों को मिला था लाभ

    योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना का व्यापक असर साल दर साल देखने को मिल रहा है। वर्ष 2025-26 में पिछड़ा वर्ग के 36 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई। पूर्वदशम यानी कक्षा 9 और 10 की छात्रवृत्ति योजना के तहत 8.88 लाख छात्रों के बैंक खातों में कुल 219.64 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई थी। इस अवधि में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत इंटरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा तक के 27.86 लाख छात्रों को कुल 2882.02 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। 

    आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा का सहारा

    इस योजना का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देना है। योजना के तहत ऐसे विद्यार्थियों को लाभ दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 2 लाख रुपये या उससे कम है। छात्रवृत्ति की मदद से विद्यार्थियों को फीस, पाठ्यक्रम से जुड़े खर्च और पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहारा मिलता है। सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया है। 

    पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त से शुरू हो रही है। उन्होंने पात्र छात्रों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया गया है तथा सत्यापन के बाद पात्र छात्रों के बैंक खातों में सीधे धनराशि भेजी जाती है।