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  • 140 करोड़ भारतीयों की ताकत है सामूहिक संकल्प और विश्वास, कैलाश सारंग ने दिया ‘We Will Do It’ का संदेश

    140 करोड़ भारतीयों की ताकत है सामूहिक संकल्प और विश्वास, कैलाश सारंग ने दिया ‘We Will Do It’ का संदेश

    We Will Do It- 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प

    विश्वास कैलाश सारंग

    भोपाल

    भारत की विकास यात्रा आज उस मुकाम पर पहुंच चुकी है, जहां दुनिया भारत को केवल संभावनाओं वाले देश के रूप में नहीं बल्कि अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता रखने वाली एक सशक्त शक्ति के रूप में देख रही है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वी विल डू इट का मंत्र देशवासियों के भीतर नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और बड़े संकल्प का संचार करता है। 7 अक्टूबर को अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राष्ट्र के सामने भविष्य के भारत की एक ऐसी तस्वीर रखी जिसमें लक्ष्य छोटे नहीं बल्कि विराट हैं। सपने सीमित नहीं बल्कि वैश्विक हैं और उन्हें पूरा करने का विश्वास 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक संकल्प में है।

    प्रधानमंत्री जी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अब असंभव समझे जाने वाले लक्ष्यों से पीछे हटने वाला नहीं है। वी विल डू इट प्रधानमंत्री जी का यह मंत्र भारत की उस बदलती मानसिकता का प्रतीक है, जिसमें चुनौतियों को बाधा नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखने का आत्मविश्वास पैदा हुआ है। हम कर सकते हैं से आगे बढ़कर हम करके दिखाएंगे का भाव ही इस मंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री जी ने जिन लक्ष्यों को सामने रखा उनमें 2047 तक विकसित भारत, विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान, आत्मनिर्भर भारत, भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना, ओलंपिक की मेजबानी और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूना शामिल हैं। हर लक्ष्य के साथ उनका उद्घोष वी विल डू इट देश की सामूहिक संकल्प की इच्छाशक्ति को अभिव्यक्त करता है।

    2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा। यह केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं बल्कि वर्तमान पीढ़ी के सामने इतिहास रचने का अवसर है। आज की युवा पीढ़ी के सामने यह जिम्मेदारी है कि वह ऐसा भारत बनाए जो आर्थिक रूप से मजबूत हो, तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर हो, सामाजिक रूप से सशक्त हो और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता रखता हो।

    प्रधानमंत्री जी ने इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आज सवाल केवल यह नहीं है कि 2047 में भारत को कहां पहुंचना है बल्कि यह है कि उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज से क्या करना है? यही विचार वी विल डू इट को भविष्य के संकल्प से वर्तमान के कर्म से जोड़ता है। आत्मनिर्भर भारत का अर्थ दुनिया से अलग होना नहीं बल्कि दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाते हुए अपनी क्षमताओं को मजबूत करना है। आज भारत मोबाइल निर्माण से लेकर रक्षा उत्पादन, डिजिटल तकनीक से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा से लेकर स्टार्टअप इकोसिस्टम तक अनेक क्षेत्रों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के वी विल डू इट का संदेश इसी आत्मविश्वास को और मजबूत करता है कि भारत केवल दूसरों से सीखने वाला देश नहीं बल्कि दुनिया को सिखाने वाला देश बने। यह आत्मविश्वास उस भारत का है जो अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ वैश्विक बाजार के लिए भी उत्पादन करने की क्षमता रखता है।

    भारत की विशाल युवा आबादी, प्रतिभा, तकनीकि क्षमता और बड़ा घरेलू बाजार उसे वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्वाभाविक रूप से सक्षम बनाते हैं। मेक इन इंडिया से शुरू हुई सोच अब मेक फॉर द वर्ल्ड की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत में निर्मित उत्पाद जब दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बनाते हैं तो यह केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं होती बल्कि भारतीय प्रतिभा और सामर्थ्य पर दुनिया के बढ़ते विश्वास का प्रमाण भी होती है। प्रधानमंत्री जी ने इसी संदर्भ में बड़े लक्ष्यों की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका संदेश स्पष्ट है कि यदि लक्ष्य बड़ा होगा तो प्रयास भी बड़ा होगा और परिणाम भी असाधारण प्राप्त होंगे।

    प्रधानमंत्री जी के वी विल डू इट मंत्र में भारत की खेल शक्ति के विस्तार का संकल्प भी दिखाई देता है। ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन की आकांक्षा नहीं है बल्कि भारत को वैश्विक खेल शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आज देश में खेल अधोसंरचना का विस्तार हो रहा है। छोटे शहरों और गांवों से प्रतिभाएं सामने आ रही हैं और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गांव से ग्लोबल तक पहुंचती भारतीय खेल प्रतिभा इस विश्वास को मजबूत करती है कि यदि अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिले तो भारत के युवा किसी भी वैश्विक मंच पर तिरंगे की शान बढ़ा सकते हैं।

    जिस देश ने कभी अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत सीमित संसाधनों के साथ की थी, वही भारत आज चंद्रमा पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई महत्वाकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी का अंतरिक्ष में भारत की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का संकल्प यह दर्शाता है कि भारत की आकांक्षाएं अब धरती की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं।

    प्रधानमंत्री जी के संदेश का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि उन्होंने इन लक्ष्यों की जिम्मेदारी केवल सरकार पर नहीं छोड़ी है। उन्होंने देश की 140 करोड़ आबादी को भारत की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया है। भारत की हर समस्या के समाधान में करोड़ों भारतीयों की क्षमता जुड़ी है। किसान, युवा, महिला, वैज्ञानिक, उद्यमी, श्रमिक, खिलाड़ी, शिक्षक, स्टार्टअप संस्थापक और देश का प्रत्येक नागरिक विकसित भारत की यात्रा का भागीदार है। यही कारण है कि वी विल डू इट में वी सबसे महत्वपूर्ण शब्द है। यह मैं करूंगा का नहीं बल्कि हम करेंगे का सामूहिक मंत्र है।

    भारत के पास युवा शक्ति है, विशाल बाजार है, तकनीकी क्षमता है, लोकतांत्रिक मजबूती है और वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रभाव है। इसलिए आज भारत के सामने छोटे सपने देखने का समय नहीं है बल्कि बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी शक्ति से जुट जाने का समय है। वी विल डू इट की वास्तविक शक्ति केवल इसे बोलने में नहीं बल्कि इसे अपने जीवन और कर्म में उतारने में है। 2047 का विकसित भारत किसी एक सरकार, एक संस्था या एक वर्ग के प्रयास से नहीं बनेगा। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता का संकल्प लेना होगा। एक विद्यार्थी बेहतर शिक्षा का संकल्प ले, युवा नवाचार का संकल्प ले, किसान आधुनिक कृषि का संकल्प ले, उद्योग आत्मनिर्भर उत्पादन का संकल्प लें, खिलाड़ी विश्वस्तरीय प्रदर्शन का संकल्प लें और प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को अपने व्यक्तिगत कर्तव्य से जोड़े तो सामूहिक रूप से यही छोटे-छोटे संकल्प विकसित भारत की विराट नींव बनेंगे। प्रधानमंत्री जी का वी विल डू इट मंत्र देश की इसी सामूहिक शक्ति को जगाने का प्रयास है।

  • गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर जोर, मंत्री सारंग ने मांगी कार्ययोजना

    गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर जोर, मंत्री सारंग ने मांगी कार्ययोजना

    उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कमेटी

    सहयोगी संबंधित विभागों के समन्वय से बनायें रूपरेखा : मंत्री सारंग
    प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये हुई बैठक

    भोपाल 

    प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रमाणित एवं हाइब्रिड बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिये कार्य-योजना पर चर्चा की गई।

    मंत्री सारंग ने कहा कि दलहन के बीजों की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाना होगा। जिस प्रकार पिछले वर्ष 5 बीजों पर बीज संघ ने काम किया था, उसी प्रकार इस वर्ष कार्य-योजना बनाई जाये। दूसरे विभागों से क्या अपेक्षाएँ हैं उस पर एक पीपीटी तैयार करें। मंत्री सारंग ने कहा कि एक हाई लेवल कमेटी बनाकर उच्च गुणवत्ता का बीज तैयार करने और इसके लिये अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की जाये। हाई लेवल कमेटी में सहकारिता, कृषि, उद्यानिकी और कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी शामिल हों, जो एक माह में विस्तृत रूप से कार्य कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

    बैठक में बीज उत्पादन एवं विपणन में शासकीय संस्थानों की उपादेयता, प्रमुख फसलों की बीज आवश्यकता, उपलब्धता, प्रदेश में प्रमुख फसलों का बोया गया क्षेत्रफल, फसलवार अधिक व कम उत्पादकता वाले जिले, हाइब्रिड बीज-आवश्यकता, शासकीय योगदान एवं कार्य-योजना, आगामी 5 वर्षों के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम, उद्यानिकी हाईब्रिड बीजों के लिये आधारभूत संरचना विकसित करने, बीज उत्पादन एवं विपणन में वर्तमान बाधाएँ एवं समाधान जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

    बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त के.सी. गुप्ता, सहकारिता आयुक्त दीपक सिंह, संचालक कृषि उमाशंकर भार्गव, उप सचिव मनोज सिन्हा और प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • रक्षाबंधन महोत्सव में बना नया उत्साह का माहौल, 31,117 बहनों ने मंत्री सारंग को बांधे रक्षासूत्र

    रक्षाबंधन महोत्सव में बना नया उत्साह का माहौल, 31,117 बहनों ने मंत्री सारंग को बांधे रक्षासूत्र

    विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की विशेषता- मंत्री सारंग

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव 2026: चौथे दिन 31 हज़ार 117 बहनों ने मंत्री सारंग को बांधे रक्षासूत्र
    विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने बांधी राखी; सामाजिक समरसता का दिया संदेश

    भोपाल 

    सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग को शनिवार को वार्ड क्रमांक 71 एवं 79 में आयोजित विश्व के सबसे बड़े नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन 31 हज़ार 117 बहनों ने राखी बांधकर अपना स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में हिंदू, सिख और मुस्लिम सहित अन्य धर्मों और समाजों की बहनों ने राखी बाँधकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में GenZ बहनों ने भी महोत्सव में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। मंत्री सारंग ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में स्नेह और रिश्तों की भावना किसी धर्म या समुदाय की सीमाओं में बंधी नहीं है। उन्होंने कहा कि बहनों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर रक्षाबंधन का पर्व मनाते हुए यह संदेश दिया कि स्नेह और विश्वास का यह बंधन समाज को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता रही है।

    विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की विशेषता

    मंत्री सारंग ने कहा कि विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता रही है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों की एक साथ सहभागिता ने इसी महान भारतीय भावना को साकार किया। अलग-अलग आस्थाओं और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आई बहनों ने एकजुट होकर रक्षासूत्र बांधा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

    विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने की सहभागिता

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के चौथे दिन विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने सहभागिता कर मंत्री सारंग को रक्षासूत्र बांधकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आपसी विश्वास का महापर्व बन चुका है। विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों की सहभागिता ने इस आयोजन को और अधिक व्यापकता प्रदान कर रही है।

    बड़ी संख्या में GenZ बहनें हुई शामिल

    चौथ दिन वार्ड क्रमांक 71 एवं 79 में आयोजित नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में बड़ी संख्या में GenZ बहनों की उत्साहपूर्वक भागीदारी ने महोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया। GenZ बहनों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ मंत्री सारंग को राखी बांधकर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में युवा पीढ़ी का भारतीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव की झलक दिखाई दी।

    तीसरे दिन 29 हज़ार 179 बहनों ने बांधे रक्षासूत्र

    मंत्री सारंग को नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के तीसरे दिन 29 हज़ार 179 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया। पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने मंत्री सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। इस वर्ष भी बहनों के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है।

    6 सितंबर को यहां होंगे कार्यक्रम

    दिनांक 6 सितंबर को वार्ड क्रमांक 36 (प्रातः 11:00 बजे), वार्ड क्रमांक 70 (दोप. 01:00 बजे) एवं वार्ड क्रमांक 37 (शाम 04:00 बजे) में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां भी हजारों की संख्या में बहनें रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल होंगी।

     

  • खेलो इंडिया संवाद से विकसित भारत के विजन को मिलेगी नई ताकत, मंत्री सारंग ने बताया सार्थक मंच

    खेलो इंडिया संवाद से विकसित भारत के विजन को मिलेगी नई ताकत, मंत्री सारंग ने बताया सार्थक मंच

    खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम युवाओं को विकसित भारत के विजन से जोड़ने का सार्थक मंच- मंत्री सारंग

    खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम में की सहभागिता

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के युवाओं से वर्चुअली संवाद किया। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहभागिता कर प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी संवाद को सुना। संवाद कार्यक्रम बाद मंत्री सारंग ने उपस्थित युवा साथियों से संवाद कर उनके विचार एवं सुझाव जाने तथा उन्हें नशामुक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा और पदक प्राप्ति तक सीमित न रखते हुए इसे युवा सशक्तिकरण एवं विकसित भारत 2047 के विजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में 21वीं सदी के अनुरूप आधुनिक एवं सुदृढ़ स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन, अवसर और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के मंच उपलब्ध कराने तक हर स्तर पर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

    युवाओं को विकसित भारत के विजन से जोड़ने का सार्थक मंच

    मंत्री सारंग ने कहा कि खेलो इंडिया संवाद केवल खेलों पर चर्चा का कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह देश के युवाओं के विचारों, ऊर्जा, प्रतिभा और आकांक्षाओं को विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं से सीधा संवाद उन्हें नई दिशा, नई प्रेरणा और अपने सामर्थ्य को राष्ट्रहित में लगाने का अवसर प्रदान करता है।

    भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत

    मंत्री सारंग ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास करते हैं। यही गुण एक सशक्त नागरिक और मजबूत राष्ट्र की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे सकारात्मक दिशा दे और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। मंत्री सारंग ने कहा कि खेल केवल मेडल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का प्रभावी साधन है। खेलों के साथ संस्कार, अनुशासन और नशामुक्ति को जीवन का हिस्सा बनाकर युवा स्वयं भी सशक्त बनेंगे और समाज को भी नई दिशा देंगे।

    नशामुक्त युवा ही विकसित राष्ट्र के मजबूत आधार

    मंत्री सारंग ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र के मजबूत आधार हैं। खेल, संस्कार और नशामुक्ति के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश का युवा स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में देश का युवा निर्णायक भूमिका निभाएगा।

    कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण सचिव संजीव सिंह, संचालक अंशुमान यादव, अपर सचिव अजय श्रीवास्तव, साईं भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक अभिषेक चौहान, माय भारत के वालिंटियर्स, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

     

  • MP में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच! खेलो इंडिया योजना के 36,441 करोड़ बजट से बढ़ेगा खिलाड़ियों का दायरा

    MP में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच! खेलो इंडिया योजना के 36,441 करोड़ बजट से बढ़ेगा खिलाड़ियों का दायरा

    भोपाल 
    खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहने वाली नई खेलो इंडिया योजना का कुल बजट 36,441 करोड़ रुपये है, जो पिछली योजना के मुकाबले करीब आठ गुना अधिक है। इसका लाभ पहले की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खेल प्रतिभा और क्षमता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।

    स्कूलों से होगी खिलाड़ियों की पहचान
    मंत्री ने कहा कि नई योजना में स्कूल स्तर से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान पर जोर रहेगा। इसके लिए एआई और वीडियो आधारित टैलेंट स्काउटिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के साथ उनकी डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।  

    तीन स्तरों पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
    मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। इनमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी, स्ट्रेंथनिंग स्ट्रेटजिक स्पोर्ट्स एसेट्स और स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में लागत साझा की जाएगी।  

    ओलंपिक की तैयारी पर फोकस
    मंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल खेल सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर देश और प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर करना है। हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी और जरूरत के अनुसार विदेशी कोचों की सेवाएं भी ली जाएंगी। पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ज्यादा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका देने से उन्हें अनुभव मिलेगा। “देश को हिट करना है तो देश को फिट करना है” के संदेश के साथ समाज, परिवार और अभिभावकों को भी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ड्रग्स के खिलाफ अभियान को भी आगे बढ़ाया जाएगा। 

  • आजादी के बाद पहली बार खेल बजट में 8 गुना बढ़ोतरी! मंत्री सारंग ने नई खेलो इंडिया योजना की दी जानकारी

    आजादी के बाद पहली बार खेल बजट में 8 गुना बढ़ोतरी! मंत्री सारंग ने नई खेलो इंडिया योजना की दी जानकारी

    मंत्री सारंग ने नई खेलो इंडिया योजना की दी जानकारी

    आजादी के बाद पहली बार 8 गुना बढ़ा खेल का बजट
    नई योजना से 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी होंगे लाभान्वित
    ज़मीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक होगा प्रतिभा विकास
    मध्यप्रदेश में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये होंगे सार्थक प्रयास

    भोपाल 

    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नई खेलो इंडिया योजना के लिये वर्ष 2026–27 से 2030–31 की अवधि के लिये ₹36,441 करोड़ राशि की मंज़ूरी प्रदान की है। इसको लेकर खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में योजना के संबंद्ध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। मंत्री सारंग कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना का लक्ष्य जमीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक खिलाड़ियों की पूरी विकास-श्रृंखला तैयार कर भारत को खेल महाशक्ति बनाना है। मंत्री सारंग ने कहा कि इस योजना के माध्यम से खेल को युवा विकास, राष्ट्र निर्माण तथा भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार खेल का बजट 8 गुना बढ़ा है। इस नई योजना के माध्यम से 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये सार्थक प्रयास करेगा।

    खेलो भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को किया गया एकीकृत

    मंत्री सारंग ने बताया कि यह योजना खेलों को शिक्षा, फिटनेस, प्रौद्योगिकी एवं उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण के साथ एकीकृत करते हुए खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। मंत्री सारंग ने कहा कि स्कूलों से खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचान की जाएगी। इससे प्रारंभिक स्तर पर ही प्रतिभा विकास कर भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिये उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार किए जा सके।

    ज़मीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक होगा प्रतिभा विकास

    मंत्री सारंग ने बताया कि यह नई योजना प्रतिभा पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित प्रतिस्पर्द्धाओं, अंतर्राष्ट्रीय अनुभव तथा ओलंपिक तैयारियों को सम्मिलित करते हुए खिलाड़ियों के लिये एक संरचित विकास मार्ग तैयार करेगा। इसमें ज़मीनी स्तर की प्रतियोगिताओं से प्रारंभ होकर खेलो इंडिया कार्यक्रम तथा टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) तक प्रगति का प्रावधान शामिल है।

     खेल से जुड़ी सभी संस्थाओं में आएगी एकरुपता

    मंत्री सारंग ने बताया कि इस नई योजना में देशव्यापी खेल पारिस्थितिकी तंत्र राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE), खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र (KISCE), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) प्रशिक्षण केंद्रों, मान्यता प्राप्त खेल अकादमियों, खेलो इंडिया केंद्रों तथा सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियों को सम्मिलित करते हुए विकसित किया जाएगा। इससे खेल से जुड़े सभी संस्थाओं में एकरुपता आएगी।

    स्कूल एवं प्रतिभा विकास पहल

    मंत्री सारंग ने बताया कि स्कूल टैलेंट सर्च का बहुत बड़ा आधार बने इसका लक्ष्य रखा गया है। नवीन खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय खेलों को शिक्षा प्रणाली के साथ एकीकृत करेंगे। वहीं इमरजिंग खेलो इंडिया एथलीट्स (E-KIAs) श्रेणी के माध्यम से संरचित एथलीट पूल का लगभग 10 गुना तक विस्तार किया जाएगा।

    फिट इंडिया एवं नशामुक्त युवा कार्यक्रम का प्रावधान शामिल

    मंत्री सारंग ने बताया कि फिट इंडिया मूवमेंट का विस्तार सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने, महिलाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने, सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक खेल सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। मादक द्रव्यों के सेवन के विरुद्ध खेल-आधारित पहलों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यह पैरा-एथलीटों, पारंपरिक खेलों तथा सामुदायिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

    कोच, टेक्नोलॉजी एवं साझेदारी से खेल व्यवस्था होगी सुदृढ़

    मंत्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड, कोचिंग योग्यताओं के मानकीकरण में सहायता करेगा। साथ ही एकीकृत डिजिटल खेल मंच तथा निजी खेल अकादमियों एवं कॉर्पोरेट संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से योजना निर्माण, शासन व्यवस्था, खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा एथलीट सहायता प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।

    योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में तैयार होगी विशेष रणनीति 

    मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खेल प्रतिभा और क्षमता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।

    विकसित भारत 2047 का संकल्प होगा मजबूत

    मंत्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को बढ़ी हुई सहायता के माध्यम से कोचिंग, खेल उपकरण, खेल विज्ञान, विदेशी विशेषज्ञों की सेवाओं तथा अंतर्राष्ट्रीय अनुभव के लिये वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना वर्ष 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिये भारत की तैयारियों, ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेलों की मेज़बानी की आकांक्षाओं तथा विकसित भारत 2047 का संकल्प होगा मजबूत।

  • नई पीढ़ी के हाथों में नेतृत्व: राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रतिभा समेत 33 विद्यार्थियों का हुआ अभिनंदन

    नई पीढ़ी के हाथों में नेतृत्व: राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रतिभा समेत 33 विद्यार्थियों का हुआ अभिनंदन

    बाल कायस्थ प्रतिभाओं ने संभाली आयोजन की कमान, 33 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
    समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की अभिनव पहल, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रतिभा सहित विशिष्ट सम्मान प्रदान

    भोपाल
     अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, मध्य भारत प्रदेश एवं जिला भोपाल इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "कायस्थ प्रतिभा सम्मान समारोह एवं चित्रांश पारिवारिक मासिक बैठक" समाज की प्रतिभाओं, संस्कारों और संगठनात्मक शक्ति का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा, संचालन एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी समाज के युवा बच्चों ने संभाली। अधिकांश बच्चे विद्यालयी स्तर के विद्यार्थी थे, जिन्होंने अपने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और संगठन कौशल से सभी को प्रभावित किया।

    यह पहल वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश शासन के मंत्री माननीय विश्वास कैलाश सारंग की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसमें बच्चों को केवल दर्शक नहीं बल्कि समाज के भविष्य के नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करने पर बल दिया गया है। इसी भावना को मूर्त रूप देते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपूर्ण कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं द्वारा संचालित कराया गया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विश्वास कैलाश सारंग तथा विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजातशत्रु श्रीवास्तव थे। भगवान चित्रगुप्त के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

    अपने संबोधन में विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि "जो समाज अपनी प्रतिभाओं का सम्मान करता है, वही समाज भविष्य में नेतृत्व करता है।" उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा समाज को संगठित एवं प्रगतिशील बनाने का आह्वान किया।

    विशिष्ट अतिथि अजातशत्रु श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने बच्चों से उच्च प्रशासनिक, तकनीकी एवं राष्ट्रीय स्तर के पदों तक पहुंचने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
    राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं उत्कृष्टता की भावना विकसित करते हैं और ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए।

    प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा केवल एक संगठन नहीं बल्कि एक सशक्त सामाजिक परिवार है। उन्होंने मासिक चित्रांश पारिवारिक बैठकों की अवधारणा, सामाजिक एकता, युवा सहभागिता, महिला सशक्तिकरण, धार्मिक यात्राओं, गरबा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि समाज का विकास केवल आर्थिक प्रगति से नहीं बल्कि संस्कार, संगठन और शिक्षा से होता है। उन्होंने सभी परिवारों से समाजहित में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 33 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। समारोह में केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय एवं विशिष्ट उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया।

    राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने वाली कुमारी पूजा सिंह को "विशिष्ट कायस्थ सम्मान" से सम्मानित किया गया। वहीं कुमारी पायल सक्सेना को राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि एवं सुरक्षा अध्ययन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए "विशिष्ट कायस्थ सम्मान" प्रदान किया गया।
    स्मृति पुरस्कारों ने समारोह को बनाया भावनात्मक और प्रेरणादायी
    समारोह में समाज के दिवंगत वरिष्ठजनों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न स्मृति पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
    कक्षा 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अदिति श्रीवास्तव को स्वर्गीय सोमेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ की पुण्य स्मृति में ₹3100 की सम्मान राशि सौरभ भावना कुलश्रेष्ठ द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 12वीं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी तान्या श्रीवास्तव तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिवांश सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती फूलमती देवी प्रधान एवं श्यामाचरण प्रधान की स्मृति में दो बच्चों के समान अंक होने की वजह  से एक समान राशि ₹1100-₹1100 की सम्मान राशि अभय वंदना प्रधान द्वारा प्रदान की गई।
    कक्षा 12वीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कृतार्थ श्रीवास्तव को स्वर्गीय श्रीमती सरजू देवी सक्सेना की स्मृति में ₹1100 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिनेश सविता सक्सेना प्रदान किया गया।

    कक्षा 10वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अनिका सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी श्रीवास्तव की पुण्य स्मृति में ₹3100 की सम्मान राशि सुनील अनुराधा ‌श्रीवास्तव द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 10वीं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी नम्रता सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती कमलेश प्रधान एवं प्रेमचरण प्रधान की स्मृति में ₹2100 की सम्मान राशि अभय वंदना प्रधान द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 10वीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी लेविता सक्सेना को स्वर्गीय माधव प्रसाद सक्सेना स्मृति शैक्षणिक उत्कृष्टता सम्मान के अंतर्गत ₹1100 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिनेश सविता सक्सेना द्वारा प्रदान किया गया।

    जिला अध्यक्ष महेंद्र श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में समाज सेवा एवं संगठनात्मक योगदान के लिए विभिन्न पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया।

    कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में सौरभ कुलश्रेष्ठ (संयोजक), अमोल सक्सेना, व्योम खरे, अभय प्रधान, दिवाकर श्रीवास्तव, राजकुमार श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव, चंद्रेश सक्सेना, मीना श्रीवास्तव, धर्मेश खरे, सहित समस्त युवा टीम एवं पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शिक्षा, संस्कार, सेवा और संगठन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार किया जाएगा।
    "प्रतिभा का सम्मान ही समाज का सम्मान है, और संस्कारित युवा ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं।"

    इस अवसर पर सारंग ने कहा कि मैं सभी प्रतिभाशाली बच्चों को बधाई देता हूं और यह कामना करता हूं कि आप सभी बच्चे अपने जीवन में स्वामी विवेकानंद जी व डा राजेन्द्र प्रसाद जी के आदर्शों को बेहतर शिक्षा के साथ उच्चतम संस्कारों के  साथ आत्मसात कर सदैव सफलता के कीर्तिमान स्थापित करें और सदैव सभी को यथासंभव सहयोग भी प्रदान करें।

    अजातशत्रु श्रीवास्तव ने कहा कि आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन प्राथमिकता आपको तय करना है। मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।

    कार्यक्रम में अजय श्रीवास्तव नीलू, सुनील श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव,   आरती सारंग, अभय प्रधान, अवंतिका सीजेपी व्यौहार, दिनेश सक्सेना, चन्द्रेश सक्सेना, अनिल श्रीवास्तव, डीके श्रीवास्तव, के के भावना सक्सेना, डा धर्मेश कीर्ति खरे, महेन्द्र श्रीवास्तव, ओपी श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, डा संजय श्रीवास्तव, मीना अरूण श्रीवास्तव, अमोल सक्सेना, सौरभ कुलश्रेष्ठ, व्योम खरे, विनय सक्सेना, आलोक श्रीवास्तव, राजेश नारायण श्रीवास्तव, गौरव खरे, संजीव श्रीवास्तव, जीएम जौहरी, राजेश वर्मा, सुशील श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव, राजीव श्रीवास्तव, अरविंद सक्सेना, सतीश खरे, डा बृजेश श्रीवास्तव, एम के भटनागर, शेखर वर्मा, सुधीर सक्सेना, विश्वनाथ भटनागर, आशीष श्रीवास्तव, दीप श्रीवास्तव, भारत-भूषण माथुर, तान्या श्रीवास्तव, अभिलाषा ब्यौहार, डा अनिल प्रकाश श्रीवास्तव, डा सुनील कुलश्रेष्ठ, आशी सक्सेना, सरिता सक्सेना, प्रांजल निगम,  रूचि सक्सेना, अंशिका सक्सेना, सहित अनेक सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।

    आरंभ में मां सरस्वती जी का पूजन व गान हुआ।