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  • कॉपीराइट विवाद में Samsung पर भारी पड़ा मामला, Swatch को मिलेगा 110 करोड़ रुपये का हर्जाना

    कॉपीराइट विवाद में Samsung पर भारी पड़ा मामला, Swatch को मिलेगा 110 करोड़ रुपये का हर्जाना

     नई दिल्ली

    सैमसंग को स्मार्टवॉच के वॉच-फेस ऐप्स से जुड़े एक मामले में बड़ा झटका लगा है. ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने कंपनी को स्विस घड़ी कंपनी Swatch Group को 11.6 मिलियन डॉलर यानी करीब 110 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. कोर्ट का यह फैसला ट्रेडमार्क के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले में आया है। 

    आइए जानते हैं, क्यों देना होगा सैमसंग को मुआवजा?
    यह पूरा मामला सैमसंग के Galaxy App Store पर मौजूद कुछ स्मार्टवॉच वॉच-फेस ऐप्स से जुड़ा है. ये ऐप्स साल 2015 से 2019 के बीच अवेलेबल थे. आरोप था कि कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स में स्वॉच ग्रुप के लग्जरी वॉच ब्रांड्स के डिजाइन और ट्रेडमार्क की नकल की गई थी। 

    स्वॉच ग्रुप के पास Omega, Longines और Breguet जैसे कई बड़े और महंगे घड़ी ब्रांड हैं. कंपनी का कहना था कि इन ब्रांड्स के नाम और डिजाइन का इस्तेमाल बिना परमिशन के किया गया. इन ऐप्स को सैमसंग के प्लेटफॉर्म पर यूजर्स डाउनलोड कर सकते थे। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन और यूरोप में ऐसे करीब 1.6 लाख डाउनलोड रिकॉर्ड किए गए थे. स्वॉच ने इस मामले में सैमसंग से करीब 170 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1,500 करोड़ रुपये की मांग की थी. वहीं, सैमसंग का कहना था कि उसे सिर्फ करीब 300 डॉलर का भुगतान करना चाहिए। 

    जानिए कोर्ट ने क्या कहा 
    कोर्ट ने हालांकि सैमसंग को भी इस मामले में जिम्मेदार माना. जज ने कहा कि कंपनी ने इन ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म पर आने दिया और उसका ऐप रिव्यू सिस्टम भी ट्रेडमार्क के उल्लंघन को रोक नहीं पाया. यानी ऐप्स किसी थर्ड-पार्टी डेवलपर ने बनाए थे, लेकिन उन्हें प्लेटफॉर्म पर अवेलेबल  कराने में सैमसंग की भी जिम्मेदारी थी। 

    जज ने यह भी कहा कि लग्जरी ब्रांड्स के डिजाइन को मुफ्त या बहुत कम कीमत पर अवेलेबल कराने से उन ब्रांड्स की वैल्यू और उनकी छवि को नुकसान हो सकता है. खासकर महंगे और प्रीमियम ब्रांड्स के लिए उनकी पहचान और डिजाइन काफी अहम होते हैं। 

    इस फैसले के बाद अब सैमसंग के सामने मुआवजा देने का आदेश है. हालांकि कंपनी ने अभी इसे आखिरी फैसला नहीं माना है. सैमसंग इस मामले में अपील करने पर विचार कर रही है। 

    यह मामला बड़ी टेक कंपनियों के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह सवाल उठता है कि किसी प्लेटफॉर्म पर थर्ड-पार्टी ऐप्स में होने वाले ट्रेडमार्क उल्लंघन के लिए प्लेटफॉर्म कंपनी की कितनी जिम्मेदारी हो सकती है। 

  • सैमसंग ने अमेरिका में शुरू की छंटनी, हेडक्वॉर्टर्स शिफ्टिंग से प्रभावित कर्मचारी

    सैमसंग ने अमेरिका में शुरू की छंटनी, हेडक्वॉर्टर्स शिफ्टिंग से प्रभावित कर्मचारी

    सैमसंग ने अमेरिका में सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है. यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कंपनी अपने अमेरिकी हेडक्वॉर्टर्स को न्यू जर्सी से टेक्सास शिफ्ट कर रही है.

    इस बदलाव का असर सबसे ज्यादा सैमसंग के मोबाइल, डिस्प्ले और दूसरे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ा है.

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका के न्यू जर्सी ऑफिस में 739 पद इस बदलाव से प्रभावित हुए हैं. कंपनी का कहना है कि इनमें से कई कर्मचारियों को टेक्सास जाकर काम करने का विकल्प दिया गया है, जबकि कुछ कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर दी गई है.

    इसके अलावा टेक्सास के प्लेनो ऑफिस में भी करीब 100 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है.  सैमसंग ने साफ किया है कि यह फैसला पूरी कंपनी में छंटनी करने के लिए नहीं लिया गया है.

    कंपनी का कहना है कि वह अपने कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस के अमेरिकी मुख्यालय को टेक्सास ले जा रही है ताकि अलग-अलग टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके और कामकाज को ज्यादा आसान बनाया जा सके.

    दरअसल सैमसंग पिछले कुछ समय से अपने बिजनेस में बड़े बदलाव कर रही है. कंपनी का सेमीकंडक्टर यानी चिप बिजनेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से तेजी से बढ़ रहा है.

    दूसरी तरफ मोबाइल, टीवी और दूसरे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस पर बढ़ती लागत और ऐपल के अलावा चीनी कंपनियों से कड़ी टक्कर का दबाव है. ऐसे में सैमसंग अपने खर्च कम करने और बिजनेस को नए तरीके से व्यवस्थित करने में जुटी है.

    सैमसंग का अमेरिकी हेडक्वॉर्टर्स पहले न्यू जर्सी में था, लेकिन अब कंपनी इसे टेक्सास के Plano शहर में शिफ्ट कर रही है. टेक्सास में पहले से सैमसंग की कई बड़ी ऐक्टिविटीज चल रही हैं.

    कंपनी का मानना है कि एक ही जगह पर अलग-अलग टीमों के आने से फैसले जल्दी होंगे और काम करने में आसानी होगी.

    यह खबर ऐसे समय में आई है जब दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां अपने खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं. माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और दूसरी कंपनियां भी पिछले कुछ समय में बड़े स्तर पर छंटनी कर चुकी हैं.

    अब सैमसंग का नाम भी उन कंपनियों की सूची में जुड़ गया है जो AI के दौर में अपने बिजनेस मॉडल को बदल रही हैं. हालांकि सैमसंग का कहना है कि जिन कर्मचारियों का रोल नए व्यवस्था में जरूरी है, उन्हें टेक्सास जाकर काम करने का मौका दिया जा रहा है. लेकिन जिन कर्मचारियों के लिए नई जगह जाना मुमकिन नहीं है या जिनके रोल खत्म हो गए हैं, उन्हें कंपनी छोड़ना पड़ रहा है.

  • सैमसंग में बड़ा श्रमिक संकट, AI को लेकर कर्मचारियों का विरोध; 45 हजार कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे

    सैमसंग में बड़ा श्रमिक संकट, AI को लेकर कर्मचारियों का विरोध; 45 हजार कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे

     नई दिल्ली

    दुनिया इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में तेजी से आगे बढ़ रही है. हर बड़ी कंपनी AI की रेस में लगी है और इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत है चिप यानी सेमीकंडक्टर. लेकिन इसी बीच दुनिया की सबसे बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों में से एक Samsung में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। 

    रिपोर्ट्स के मुताबिक सैमसंग के करीब 45 हजार कर्मचारी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं. यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी हड़ताल मानी जा रही है. खास बात यह है कि ये वही कर्मचारी हैं जो कंपनी के मेमोरी चिप प्लांट्स में काम करते हैं, यानी वही जगह जहां से AI, स्मार्टफोन, लैपटॉप और सर्वर के लिए जरूरी चिप्स बनते हैं। 

    AI से फायदा बढ़ा, लेकिन कर्मचारियों की सैलरी नहीं

    इस हड़ताल की वजह सिर्फ एक नहीं है. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बेहतर सैलरी, बोनस और काम के हालात चाहिए. AI बूम की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, लेकिन कर्मचारियों को उसका फायदा उतना नहीं मिला. यही असंतोष अब बड़े आंदोलन में बदलता दिख रहा है। 

    असल कहानी यहां से दिलचस्प होती है. AI की वजह से चिप्स की मांग पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. ChatGPT जैसे टूल्स, डेटा सेंटर और नई टेक्नोलॉजी के लिए भारी मात्रा में मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है. सैमसंग इस सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सा है. अगर यहां प्रोडक्शन रुकता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। 

    लंबी चली हड़ताल तो महंगे होंगे डिवाइसेज
    अगर यह हड़ताल लंबे समय तक चलती है, तो सबसे पहले असर चिप सप्लाई पर दिखेगा. चिप्स कम होंगे, तो कंपनियों के लिए प्रोडक्ट बनाना मुश्किल होगा. इसका मतलब है कि स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं। 

    सीधे शब्दों में कहें तो अगर सैमसंग के प्लांट्स में काम रुकता है, तो आने वाले समय में मोबाइल और गैजेट्स महंगे हो सकते हैं. यह असर सिर्फ टेक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा। 

    आज बैंकिंग, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल और यहां तक कि सरकारी सिस्टम भी चिप्स पर निर्भर हैं. ऐसे में सप्लाई में गड़बड़ी आने से कई सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं। 

    फिलहाल बातचीत जारी है, लेकिन अगर कंपनी और यूनियन के बीच समझौता जल्दी नहीं होता, तो यह हड़ताल लंबी खिंच सकती है. और जितनी लंबी यह चलेगी, उतना ही बड़ा असर बाजार पर पड़ेगा। 

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सिर्फ एक कंपनी का मामला नहीं है, बल्कि आने वाले समय का संकेत है. AI की वजह से कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं. अगर उन्हें उनका हिस्सा नहीं मिला, तो ऐसी हड़तालें और बढ़ सकती हैं। 

    दुनिया AI और टेक्नोलॉजी की बात कर रही है, लेकिन उसके पीछे काम करने वाले लाखों लोग भी हैं. अगर वही लोग काम रोक दें, तो पूरी डिजिटल दुनिया की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। 

    आम आदमी के लिए यह खबर सिर्फ एक कॉर्पोरेट विवाद नहीं है. इसका सीधा असर उसकी जेब पर पड़ सकता है. आने वाले महीनों में अगर गैजेट्स महंगे होते हैं या उनकी कमी होती है, तो इसकी एक बड़ी वजह यही हड़ताल हो सकती है। 

  • Samsung के नए फ्लैगशिप S26, S26+ और Ultra भारत में आए, जानें क्या खास है इन फीचर्स में

    Samsung के नए फ्लैगशिप S26, S26+ और Ultra भारत में आए, जानें क्या खास है इन फीचर्स में

    मुंबई 

    स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Samsung ने Galaxy Unpacked 2026 इवेंट में भारत और ग्लोबल मार्केट में Galaxy S26 सीरीज़ को लॉन्च कर दिया है. इस लाइनअप में Galaxy S26, Galaxy S26+ और Galaxy S26 Ultra मॉडल शामिल हैं. टॉप-स्पेक Galaxy S26 Ultra, Galaxy के लिए कस्टमाइज़्ड Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर के साथ आता है.

    इसके अलावा, इसमें अपग्रेडेड 200MP क्वाड रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसके साथ ही, स्टैंडर्ड और Plus वेरिएंट 2nm Exynos 2600 चिपसेट से लैस हैं और इनमें 50MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. नया लाइनअप Samsung के वन UI 8.5 इंटरफ़ेस के साथ एंड्रॉयड 16 पर चलता है.

    साउथ कोरियन कंपनी ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन लाइनअप के साथ नई Galaxy Buds4 सीरीज़ को भी बाजार में उतारा है. दोनों TWS में ट्रांसपेरेंट क्लैमशेल-टाइप क्रैडल चार्जिंग केस और इयरपीस पर पिच कंट्रोल एरिया दिया है. जहां Buds4 Pro में Enhanced ANC के साथ Adaptive ANC मिलता है, वहीं Buds4 में सिर्फ Enhanced ANC दिया गया है. Pro मॉडल हैंड्स-फ्री जेस्चर कंट्रोल और नए चौड़े वूफर के साथ भी आता है.

    Samsung Galaxy S26 सीरीज की कीमत
    नए Samsung Galaxy S26 Ultra तीन रैम और स्टोरेज वेरिएंट में आता है. इसके 12GB RAM + 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये है, जबकि 12GB RAM + 512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,59,999 है. इसके अलावा, 16GB RAM + 1TB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,89,999 रुपये रखी गई है.

    वहीं, Samsung Galaxy S26 और Galaxy S26+ की बात करें तो ये 12GB RAM के साथ आते हैं. स्टैंडर्ड मॉडल के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 87,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,07,999 रुपये रखी गई है, जबकि Plus वेरिएंट के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,19,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये रखी गई है.

    पूरी Galaxy S26 सीरीज़ प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है और इसमें कोबाल्ट वायलेट, व्हाइट, ब्लैक और स्काई ब्लू जैसे शेयर किए गए कलर ऑप्शन हैं. यह डिवाइस पिंक गोल्ड और सिल्वर शैडो कलर में भी खास तौर पर Samsung.com पर उपलब्ध होगा. यह लाइनअप Samsung.com, Amazon, Vijay Sales और Croma जैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है. शुरुआती डिलीवरी 6 मार्च, 2026 से शुरू होगी.

    जो लोग नई स्मार्टफोन सीरीज़ को प्री-ऑर्डर करेंगे, उन्हें फ्री स्टोरेज अपग्रेड मिलेगा, जिसमें 256GB वेरिएंट के बजाय 512GB स्टोरेज मॉडल मिलेगा और 20,000 रुपये की बचत होगी. Samsung खरीद पर 9 महीने की नो-कॉस्ट EMI और Ultra वेरिएंट की खरीद पर 9,000 रुपये तक का कैशबैक भी दे रहा है.

    Samsung Galaxy S26 सीरीज में क्या है नया
    Galaxy S26 सीरीज़ में हल्का और स्लीक डिज़ाइन मिलता है, जिसमें गोल कर्वेचर और पूरे लाइनअप में एक जैसी डिज़ाइन पहचान है. Galaxy S26 Ultra अपने पिछले मॉडल से 0.3 mm पतला है और इसका वज़न 214 ग्राम है.

    Samsung ने Galaxy S26 Ultra के साथ अपना नया प्राइवेसी डिस्प्ले भी पेश किया है, जो अलग स्क्रीन प्रोटेक्टर की ज़रूरत के बिना साइड-एंगल व्यूइंग को लिमिट करता है. डिस्प्ले सामने से क्लियर रहता है, जबकि साइड से विज़िबिलिटी को कम कर देता है, ताकि आस-पास देखने वालों से ऑन-स्क्रीन कंटेंट को बचाने में मदद मिल सके.

    Samsung का कहना है कि, "यूज़र्स ज़्यादा आसानी के लिए प्राइवेसी डिस्प्ले को साइड बटन के डबल-प्रेस फ़ंक्शन पर भी असाइन कर सकते हैं." "साइड से देखने पर भी, कंटेंट छिपा रहता है — जिससे यह भीड़-भाड़ वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट या लिफ्ट में खास तौर पर काम आता है."

    Galaxy S26 सीरीज़ पर Galaxy AI में बेहतर कॉन्टेक्स्ट अवेयरनेस है और इसमें Now Nudge नाम का एक नया फ़ीचर भी है, जिसका मकसद कॉन्टेक्स्ट में ज़रूरी जानकारी दिखाकर ऐप स्विचिंग को कम करना है. उदाहरण के लिए, अगर कोई दोस्त मैसेजिंग ऐप पर शाम के प्लान के बारे में पूछता है, तो Galaxy AI कैलेंडर चेक करता है, कॉन्फ्लिक्ट का पता लगाता है, और एक खास 'Nudge' पॉप-अप दिखाता है.

    Galaxy S26 सीरीज़ Bixby, Gemini और Perplexity के साथ अपने AI इकोसिस्टम को भी बढ़ाती है, जिससे इसे खास सेटिंग्स को एडजस्ट करने के लिए नेचुरल लैंग्वेज कमांड से कंट्रोल किया जा सकता है, बिना उनका सही नाम जाने भी. उदाहरण के लिए, 'मेरी आंखें थकी हुई लग रही हैं' कहने पर Bixby आई कम्फर्ट शील्ड को एक्टिवेट करने का सुझाव देगा.

    Galaxy S26 Ultra vs Galaxy S26+ vs Galaxy S26: स्पेसिफिकेशन

    कैटेगरी Galaxy S26 Ultra Galaxy S26+ Galaxy S26
    डिस्प्ले 6.9-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.7-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.3-इंच FHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz
    विशेष डिस्प्ले फीचर 10-bit कलर, प्राइवेसी डिस्प्ले (30° रेस्ट्रिक्शन) — —
    प्रोटेक्शन कॉर्निंग गोरिल्ला आर्मर 2
    प्रोसेसर Snapdragon 8 Elite Gen 5 (Galaxy कस्टम) Exynos 2600 Exynos 2600
    RAM 16GB तक 12GB 12GB
    स्टोरेज विकल्प 1TB तक 256GB / 512GB 256GB / 512GB
    सॉफ्टवेयर One UI 8.5 (Android 16)
    रियर कैमरा 200MP + 50MP (5x) + 50MP (UW) + 10MP (3x) 50MP + 10MP (3x) + 12MP (UW)
    फ्रंट कैमरा 12MP
    बैटरी 5,000mAh 4,900mAh 4,300mAh
    वायर्ड चार्जिंग 60W 45W 25W
    वायरलेस चार्जिंग सुपर फास्ट वायरलेस चार्जिंग फास्ट वायरलेस चार्जिंग 2.0

    Samsung Galaxy Buds4 सीरीज के स्पेसिफिकेश और फीचर्स
    भारत में Samsung Galaxy Buds4 की कीमत 16,999 रुपये रखी गई है, जबकि बेहतर Galaxy Buds4 Pro की कीमत 22,999 रुपये है. दोनों TWS 11 मार्च, 2026 से Amazon और Samsung India ऑनलाइन स्टोर से खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे.

    Galaxy Buds4 ब्लैक और व्हाइट कलर में पेश किया गया है, जबकि Galaxy Buds4 Pro एक एक्स्ट्रा पिंक गोल्ड कलर ऑप्शन में मिलेगा. Galaxy Buds4 Pro में कैनाल-फिट आर्किटेक्चर, एक नया इंजीनियर्ड चौड़ा वूफर है, जो स्पीकर एरिया को लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का दावा करता है, और रिच बेस और डिटेल्ड ट्रेबल के लिए टू-वे स्पीकर सिस्टम है, जिसमें 24-bit/96kHz हाई-फाई ऑडियो का सपोर्ट है.

    इसमें बेहतर Adaptive EQ और Adaptive ANC भी मिलता है, जो कान के आकार और पहनने की कंडीशन के आधार पर समझदारी से एडजस्ट होते हैं, साथ ही हेड जेस्चर कंट्रोल और Bixby, Google Gemini, और Perplexity जैसे AI असिस्टेंट के लिए हैंड्स-फ्री एक्सेस भी है. Galaxy Buds4 में ओपन-फिट डिज़ाइन है, जो पूरे दिन पहनने के लिए है, साथ ही इसमें बेहतर एक्टिव नॉइज़ कैंसलेशन, अडैप्टिव EQ और सुपर क्लियर कॉल टेक्नोलॉजी भी मिलती है.

     

     

     

  • महंगाई की मार: Samsung के A और F सीरीज फोन हुए महंगे, OnePlus 15R की कीमत बढ़ने की अटकलें

    महंगाई की मार: Samsung के A और F सीरीज फोन हुए महंगे, OnePlus 15R की कीमत बढ़ने की अटकलें

    नई दिल्ली

    स्‍मार्टफोन ब्रैंड सैमसंग ने अपनी A और F सीरीज की डिवाइसेज को महंगा कर दिया है। टिप्‍सटर अभिषेक यादव ने यह जानकारी शेयर की है। बताया है कि आने वाले दिनों में OnePlus 15R के दाम भी करीब 4 हजार रुपये तक बढ़ाए जा सकते हैं। हालांकि वनप्‍लस की तरफ से आध‍िकारिक जानकारी इस बारे में नहीं आई है। बताया जा रहा है कि Samsung Galaxy A56, A36 और Galaxy F17 5G के मॉडलों की कीमत बढ़ाई गई है। बढ़े हुए दाम 25 फरवरी से लागू हो गए हैं। आइए जानते हैं कौन सा मॉडल कितना महंगा हुआ है।

    Smartphones A और F सीरीज की कीमतों में बढ़ोतरी
    टिप्‍सटर पर भरोसा किया जाए तो Galaxy A56 (8/256) की कीमत अब 44,999 रुपये हो गई है। इसमें 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। Galaxy A56 (12/256) के दाम अब 48,999 रुपये हो गए हैं। इसमें 2 हजार रुपये की बढ़ाेतरी हुई है। Galaxy A36 (8/256) मॉडल की कीमत 36,499 रुपये हो गई है जो पहले से 1 हजार रुपये अधिक है। Galaxy A36 (12/256) के दाम अब 40,499 रुपये हो गए हैं जो 2 हजार रुपये पहले से ज्‍यादा हैं।

    वहीं, Galaxy F17 5G (4/128) मॉडल के दाम अब 16,499 रुपये हैं। इन्‍हें 1 हजार रुपये बढ़ाया गया है। Galaxy F17 5G (6/128) के दाम अब 17,999 रुपये हैं। इन्‍हें 1 हजार रुपये बढ़ाया गया है। Galaxy F17 5G (8/128) के दाम अब 19,999 रुपये हो गए हैं। इन्‍हें 1,500 रुपये बढ़ाया गया है।

    OnePlus 15R भी होगा महंगा?
    टिप्‍सटर के दावों पर भरोसा किया जाए तो OnePlus 15R को भी महंगा किया जा सकता है। यह स्‍मार्टफोन वनप्‍लस की सबसे लेटेस्‍ट लॉन्‍च ड‍िवाइस है। भारत में इसे 47,999 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। अब कहा जा रहा है कि कंपनी 1 मार्च के इसके दाम बढ़ा सकती है। अभिषेक यादव ने अपडेटेड MOPs शेयर किए हैं। दावा है कि वनप्‍लस 15R को 4 हजार रुपये महंगा किया जा सकता है, जिसके बाद फाेन के दाम 51999 रुपये हो जाएंगे। यह 256 जीबी मॉडल की कीमत होगी। वहीं, 512 जीबी मॉडल के दाम बढ़ाकर 56999 रुपये किए जा सकते हैं।

    क्‍यों बढ़ रहे स्‍मार्टफोन्‍स के दाम?
    स्‍मार्टफोन्‍स की कीमतें बढ़ने की प्रमुख वजह रैम और स्‍टोरेज है। इनके दाम में बढ़ोतरी हो रही है। एआई के कारण दुन‍ियाभर की कंपनियां धड़ाधड़ रैम और स्‍टोरेज के लिए ऑर्डर दे रही हैं। हाल ही में WD यानी वेस्‍टर्न डिजिटल ने बताया था कि उसके पास स्‍टोरेज के अगले 1 साल के ऑर्डर आ गए हैं। इसका असर स्‍मार्टफोन की कीमतों में भी दिखाई दे रहा है।