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  • गुरुग्राम में बनेंगी 10 आइकोनिक सड़कें, हरियाणा में 7,352 किमी सड़कों के सुधार को मंजूरी

    गुरुग्राम में बनेंगी 10 आइकोनिक सड़कें, हरियाणा में 7,352 किमी सड़कों के सुधार को मंजूरी

     चंडीगढ
    हरियाणा में अब अगर किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खराब होगी। सड़क निर्माण में लापरवाही को संबंधित अधिकारी की एसीआर से जोड़ा जाएगा।

    म्हारी सड़क ऐप और विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की मरम्मत से जुड़ी शिकायतों का 10 दिन में समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतें लंबित न रहें। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

    सड़क निर्माण में टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल का इस्तेमाल किया जाए। पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) सहित सभी विभागों की सड़कें गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान काम में अनियमितता या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत के लिए संबंधित विभाग का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाए।

    इससे लोग निर्माण कार्य के दौरान ही गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। सड़क निर्माण स्थल पर ऐसे बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर निर्माण एजेंसी का नाम, निर्माण पूरा होने की तारीख, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) यानी दोष दायित्व अवधि और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज हों। इससे लोगों को सड़क निर्माण और उसकी देखभाल से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

    बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग हर जिले में एक माडल रोड बना रहा है। 18 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सड़कों को आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान है।

    गुरुग्राम में 10 आइकोनिक सड़कें विकसित की जाएंगी। इन पर स्मार्ट लाइटें, स्ट्रीट फर्नीचर और हरियाली के साथ नो-स्मोकिंग जोन, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा डिस्प्ले पर जागरूकता संदेश जैसी सुविधाएं होंगी।

    कॉलोनियों में जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की
    करीब 63 हजार 621 किलोमीटर सड़कों की जीआइएस मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस व्यवस्था को एसडीओ और जेई स्तर तक जोड़ा गया है, ताकि शिकायत सीधे संबंधित क्षेत्र के अधिकारी तक पहुंचे और कार्रवाई में देरी न हो।

    कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित कॉलोनियों में सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजर की होगी। यदि कॉलोनाइजर मरम्मत नहीं करवाता, तो विभाग अपने स्तर पर काम करवाकर खर्च उससे वसूल करेगा।

    प्रमुख पुलों के आसपास बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, शिक्षा और अन्य सामाजिक विषयों से जुड़े संदेशों के साथ कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल के खिलाफ जागरूकता संदेश लगाए जाएंगे।

    7352 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्य मंजूर
    बैठक में प्रदेश में विभिन्न विभागों के अधीन कुल 63 हजार 621 किलोमीटर सड़क की समीक्षा की गई। वर्ष 2026-27 में 7352 किलोमीटर की 6593 सड़कों के सुधार कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 770 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 1347 किलोमीटर पर काम चल रहा है।

     

  • पटना से बिहारशरीफ तक छोटी सड़कों का होगा रखरखाव, 7 साल की जिम्मेदारी निर्माण कंपनियों पर

    पटना से बिहारशरीफ तक छोटी सड़कों का होगा रखरखाव, 7 साल की जिम्मेदारी निर्माण कंपनियों पर

     पटना
    इस बार की रोड मेंटेनेंस पालिसी में जिन सड़कों को अगले सात वर्षों के रखाव को ले निर्माण कंपनियों को दिया गया है, उनमें प्राय: सभी जिलों में ऐसी सड़कें हैं जिनकी लंबाई एक किमी भी नहीं है।

    पटना के लिए बने पैकेज में तो इसकी भरमार है। निर्माण कंपनी को अब इन छोटे-छोटे स्ट्रेच में अपनी सक्रियता दिखानी है। कहीं भी शिकायत मिली तो मामला ऊपर जाएगा।

    पटना में 0.10 किमी लंबाई वाली सड़क का रख रखाव भी
    पटना के लिए रोड मेंटेनेंस पालिसी के तहत जो पैकेज बना है उसमें एक छोटी सड़क 0.17 किमी लंबी दिखती है। यह सड़क नेहरू पथ में आयकर गोलंबर से तारमंडल की ओर आगे बढ़ने पर सोना मेडिकल हाल के समीप बनी सर्विस लेन है।

    दिलचस्प यह है कि एक सड़क ऐसी है जिसकी लंबाई 0.10 किमी है। यह सड़क फुलवारीशरीफ स्थित पूर्णेंदुनगर से योगेंद्र भगत के घर तक की है।

    न्यू डाकबंगला रोड में 0.40 किमी, बैंक रोड में 0.80 किमी, बंदर बागीचा में 0.10 किमी, चितकोहरा गाेलंबर से अश्नरोही सैन्य बेस तक 0.22 किमी सड़क के रख रखाव को रोड मेंटेनेंस पालिसी के पैकेज में जगह मिल गयी है।

    बिहारशरीफ में भी छोटी-छोटी सड़कों का रख-रखाव
    पटना से सटे बिहारशरीफ में भी छोटी लंबाई वाली सड़कों को रोड मेंटेनेंस पालिसी के तहत बने पैकेज में शामिल कर लिया गया है।

    शहर के भीतर नालंदा कालेज रोड से बारादरी रोड तक की लंबाई 0.43 किमी है। अब यह रोड मेंटेनेंस पालिसी के पैकेज में शामिल है।

    पावर ग्रिड कल्याणबिगहा से हरनौत रेलवे स्टेशन तक की सड़क 0.33 किमी है, दीपनगर बाजार रोड 0.70 किमी, कल्याण बिगहा बापास से चेरो बहादुरपुर लिंक रोड की लंबाई 0.28 किमी है और राजगीर के इंडो-होक्के लिंक रोड की लंबाई 0.95 किमी है। इन सड़को रख रखाव भी तय निर्माण कंपनी द्वारा किया जाएगा।

    बोधगया में 0.58 किमी सड़क शामिल
    रोड मेंटेनेंस पालिसी में शामिल सड़कों की सूची को देखें तो बोधगया में तिब्बत धर्मशाला से होटल ओम इंटरनेशनल तक की 0.58 किमी सड़क, मोतिहारी में पेट्रोल पंप से लेकर गायत्री मंदिर रोड 0.45 किमी, मुजफ्फरपुर में रेवाघाट रोड 0.60 किमी, समस्तीपुर में रेलवे ओवरब्रिज रोड 0.43 किमी, बेगूसराय में बरौनी रेलवे स्टेशन रोड 0.90 किमी भी छोटी सड़कों की सूची में प्रमुख है।