Tag: reservation lottery

  • आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में शुरू हुई चुनावी चौपाल, दावेदार जुटे जनसंपर्क में

    आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में शुरू हुई चुनावी चौपाल, दावेदार जुटे जनसंपर्क में

    दौसा
    सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से आरक्षण की तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे संभावित दावेदार अब अपने-अपने समीकरण बैठाने में जुट गए हैं। आरक्षण तय होते ही गांव की चौपालों से लेकर ढाणियों तक दावेदारों और समर्थकों की बैठकें शुरू हो गई हैं। पुराने संपर्कों को सक्रिय करने के साथ मतदाताओं की नब्ज टटोलने और नए समीकरण बनाने का दौर चल पड़ा है। कई दावेदार अब यह भी मंथन कर रहे हैं कि सरपंच, पंचायत समिति सदस्य या जिला परिषद सदस्य में किस पद से चुनावी शुरुआत की जाए। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ेगी।

    दौसा जिले में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों ने कई परिवारों में चुनावी रणनीति बदल दी है। कहीं पत्नी तो कहीं बहू या बेटी को मैदान में उतारने पर विचार हो रहा है। वहीं आरक्षण बदलने से कुछ पुराने दावेदारों को अब नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन चौपालों पर कौन किसके साथ है, किसके पास कितना समर्थन है और कौन किस सीट से मैदान में उतरेगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ यह हलचल और बढ़ने की संभावना है।

    लालसोट: 83 में से 41 पंचायतों में बनेंगी महिला सरपंच
    लालसोट विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति लालसोट, रामगढ़ पचवारा एवं शिवसिंहपुरा की ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आरक्षण लॉटरी के अंतिम रूप लेते ही ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और चुनावी पारा चढ़ने लगा है। हालांकि प्रत्याशियों के नाम अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं और सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हैं। इसके बावजूद गांवों की चौपालों, चाय की थड़ियों और घर-आंगन में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए
    आरक्षण के नए स्वरूप से कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। जो दावेदार अब तक सामान्य सीट मानकर चुनाव की तैयारी और प्रचार में जुटे थे, उन्हें अब नई रणनीति बनानी पड़ रही है। तीनों पंचायत समितियों को मिलाकर 83 ग्राम पंचायतों में से 41 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं। यानी करीब आधी ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाएंगी। बड़ी संख्या में सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने से पुरुष दावेदारों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। कई प्रमुख स्थानीय राजनेता और पूर्व दावेदार अब पत्नी, बहू या माता को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारियों में जुट गए हैं। इससे महिला आरक्षित सीटों पर भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने के साथ गांवों में चुनावी मुकाबले के समीकरण और स्पष्ट होने की संभावना है।

    लॉटरी ने बदला पंचायतों का गणित, गांव-ढाणियों में चुनावी चौपाल शुरू
    मानपुर पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही चौपालों, बैठकों और आपसी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। संभावित दावेदार सामाजिक समीकरण, रिश्तेदारी और वार्डवार मतदाताओं की स्थिति को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आरक्षण बदलने से कई पंचायतों में दावेदारी के समीकरण भी बदल गए हैं। पुरुष सीटों के महिला आरक्षित होने से परिवारों में नई रणनीति पर मंथन शुरू हुआ है। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय महिलाओं को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। कई जगह सामाजिक समूहों और परिवारों की बैठकें होने लगी हैं। चुनावी सरगर्मी का असर गांव से बाहर रहने वाले ग्रामीणों की आवाजाही पर भी दिखाई दे रहा है। शहरों और दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग परिवार व रिश्तेदारों से संपर्क कर पंचायत की स्थिति और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि चुनाव कार्यक्रम अभी घोषित होना बाकी है, लेकिन आरक्षण के बाद गांवों में दावेदारी और जनसंपर्क का शुरुआती दौर शुरू हो गया है।

  • टोंक निकाय चुनाव में बदलेगा सियासी गणित, वार्ड आरक्षण से बढ़ी नेताओं की हलचल

    टोंक निकाय चुनाव में बदलेगा सियासी गणित, वार्ड आरक्षण से बढ़ी नेताओं की हलचल

     टोंक
    टोंक जिले में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजने वाला है। जल्द ही राज्य चुनाव आयोग की ओर से आचार संहिता लागू कर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि 20 अगस्त के बाद चुनाव की तिथि का एलान कर दिया जाएगा। जिला निर्वाचन विभाग की ओर से इस बारे में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इधर, विभाग की ओर से जिले में निकायवार वार्डों के आरक्षण संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। अब सिर्फ नगर निकाय के वार्ड की आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी।

    निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच टोंक की सियासत में पुराने चुनावी आंकड़े एक बार फिर चर्चा में हैं। आगामी चुनाव में जिला प्रमुख का पद एससी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अब जिले की सियासी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पांचवीं बार जिला प्रमुख की कुर्सी किस महिला के सिर सजेगी। इससे पहले टोंक में सरोज बंसल, कंचन देवी जैन, सरोज गुर्जर और कल्ली देवी जिला प्रमुख रह चुकी हैं।

    प्रशासन की तैयारियां जारी
    नगर निकायों में वार्डवार आरक्षण की लॉटरी 17 अगस्त को निकाली जाएगी। इसकी तैयारियों में प्रशासन जुटा हुआ है। नगर परिषद टोंक में 60 वार्ड के लिए मतदान होगा। वर्ष 2019 में हुए नगर परिषद के चुनाव में भी इतने ही वार्डों के लिए मतदान हुआ था। वहीं, चेयरमैन का पद भी पिछली बार ही तरह ही अनारक्षित रखा गया है।

    जिला परिषद में भाजपा ने पलटा था समीकरण
    दिसंबर 2020 में हुए जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने जिला प्रमुख पद पर जीत दर्ज की थी। जिला परिषद के कुल 25 सदस्यों में भाजपा को 14 और कांग्रेस को 11 वोट मिले थे। खास बात यह रही कि कांग्रेस को भाजपा के एक सदस्य का वोट मिला था। वहीं, जिला परिषद के चुनाव परिणाम में भाजपा ने 15 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस के खाते में 10 सीटें आई थी। इसके बावजूद जिला प्रमुख के चुनाव में एक भाजपा सदस्य का क्रॉस वोट चर्चा का विषय बना था।

    2019 में बोर्ड और सभापति कांग्रेस का
    वर्ष 2019 में हुए टोंक नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 27 वार्डों में जीत दर्ज की थी। भाजपा के 23 पार्षद चुने गए, जबकि 10 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल की थी। कुल 60 वार्डों वाली परिषद में सभापति पद के चुनाव के दौरान सियासी समीकरण और दिलचस्प हो गए थे। सभापति के मतदान में कांग्रेस के अली अहमद को 36 वोट मिले, जबकि भाजपा की लक्ष्मी जैन को 24 वोट मिले थे। इस तरह कांग्रेस ने सभापति की कुर्सी पर कब्जा जमाया था।

    अब आरक्षण ने फिर बदल दिया सियासी गणित
    आगामी चुनाव में जिला प्रमुख पद एससी महिला के लिए आरक्षित होने से पुराने राजनीतिक समीकरणों के साथ नए चेहरे भी चर्चा में आ गए हैं। अब प्रमुख दलों में ऐसी महिला दावेदारों की तलाश शुरू होगी, जिनके पास राजनीतिक अनुभव के साथ चुनाव जीतने की क्षमता और संगठन में मजबूत पकड़ हो।

    इन वर्गों के बनेंगे चेयरमैन
    नगर निकाय             चेयरमैन पद की सीट
    टोंक                           अनारक्षित
    निवाई                        अनारक्षित
    मालपुरा                     अनारक्षित
    टोडारायसिंह              अनारक्षित
    उनियारा                     अनारक्षित
    डिग्गी                         अनारक्षित
    लाम्बाहरिसिंह              अनारक्षित महिला
    पीपलू                         एससी
    देवली                          एससी
    दूनी                        एससी महिला

    पंचायत व नगर निकाय चुनाव की तैयारियां जारी हैं। वार्डवार आरक्षण की लॉटरी 17 या 18 अगस्त को निकाली जाएगी। चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा होते ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
    -विनोद कुमार मीना, अतिरिक्त जिला कलक्टर टोंक

    पंचायत व निकाय चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की ओर से गांव-गांव और शहरों में तैयारियां की जा रही हैं। अब प्रत्याशियों को लेकर मंथन किया जाएगा।
    -सउद सईदी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस टोंक

    भाजपा ने टोंक जिले में नगर निकाय और पंचायतराज चुनाव की पूरी तैयारियां कर ली हैं। जल्द ही प्रत्याशियों को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी। पार्टी पूरी ताकत से लड़ेगी।
    -चंद्रवीर सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा टोंक