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  • आस्था कुंज गैंगरेप के बाद एक्शन में सरकार, डार्क स्पॉट और स्ट्रीट लाइट पर जोर

    आस्था कुंज गैंगरेप के बाद एक्शन में सरकार, डार्क स्पॉट और स्ट्रीट लाइट पर जोर

    नई दिल्ली
     हाल में ही राजधानी दिल्ली में गैंगरेप, महिलाओं से छेड़छाड़ समेत कई गंभीर आपराधिक मामले सामने आए हैं। सिलसिलेवार हुई इन घटनाओं के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासन की कमियों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन घटनाओं से सबक ले रही है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

    टाइम्स नाउ के पॉडकास्ट में टाइम्स ग्रुप की एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार से बातचीत के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने 16 वर्षीय लड़की से चलती बस में गैंगरेप के मामले पर प्रशासन की गलती को स्वीकार किया है। सीएम रेखा गुप्ता से जब पूछा गया किय 2012 में हुए गैंगरेप के मामले से क्या उन्होंने सबक नहीं लिया और 47 किलोमीटर तक चलने वाली बस को कई चेकपॉइंट से गुजरने के बावजूद एक बार भी क्यों नहीं रोका गया।

    गैंगरेप की घटना पर मानी गलती
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जवाब में कहा, 'निश्चित रूप से, एक गलती हुई थी। बस की जांच नहीं की गई थी। इस घटना के बाद, सभी एजेंसियों को एहसास हुआ कि किसी भी बस को नहीं छोड़ा जाना चाहिए। हां, 11 चालान काटे गए थे। मैंने यह भी कहा है कि किसी भी बस के ड्राइवर या कंडक्टर का भले ही वह प्राइवेट एजेंसी का हो पूरा पुलिस रिकॉर्ड चेक किया जाना चाहिए। किसी भी ऐसे व्यक्ति को, जिसका क्रिमिनल रिकॉर्ड हो, चाहे वह स्कूल बस चला रहा हो, प्राइवेट बस या सरकारी बस, उसे अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। सभी का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी है। इन चीजों को सख्ती से लागू किया जाएगा।'

    'हर घटना हम सभी के लिए दर्दनाक'
    सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा, 'ऐसा नहीं है कि हमने कुछ सीखा नहीं है। मैं कह सकती हूं कि इस शहर में होने वाली हर घटना हम सभी के लिए दुखद होती है। उन्होंने कहा, अगर मैं अपनी बात करूं, एक मां, एक महिला, एक मुख्यमंत्री और समाज के एक हिस्से के तौर पर तो ऐसी घटना होने पर हमें भी उतना ही दुख होता है। रेखा गुप्ता ने कहा, हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करते हैं कि ऐसी कोई घटना न हो। हम 100 प्रतिशत नतीजे चाहते हैं। हम इसी उम्मीद में काम करते हैं कि हमें 100 प्रतिशत नतीजे मिलें। पुलिस बल दिन-रात काम करते हैं। पूरा प्रशासन और सिस्टम इसमें शामिल होता है। लेकिन अगर एक भी घटना होती है, तो वह हम सभी के लिए दुखद होती है।'

    आस्था कुंज गैंगरेप के बाद डार्क स्पॉट पर जोर
    दक्षिण दिल्ली के कालकाजी में आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ गैंगरेप और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर रेखा गुप्ता ने कहा, 'किसी बेटी या महिला के साथ होने वाली हर घटना के बारे में मैं तुरंत पता लगाने की कोशिश करता हूं कि यह कैसे हुई, क्या हुआ, और किन चीजों को ठीक करने की जरूरत है या सरकार को क्या काम करने की जरूरत है।

    उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों को ऐसे डार्क स्पॉट तुरंत सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद करीब एक लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। ये सेंसर से जुड़ी हैं और खराब होने पर कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट मिलता है, जिसके बाद संबंधित एजेंसी उसे ठीक करने पहुंचती है।

    सत्य निकेतन हादसे पर बोलीं- जिम्मेदारी से इनकार नहीं
    सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार और नगर निगम की जिम्मेदारी से इनकार नहीं किया। हालांकि, उन्होंने इसके लिए पिछली सरकारों पर भी दोष मढ़ा।

    उन्होंने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगी कि कोई जिम्मेदारी नहीं है। जिम्मेदारी तो जरूर है। दिल्ली एक दिन में नहीं बनी। यह कई सालों में बनी। तब कौन सी सरकारें थीं? नगर निगम में कौन था? दिल्ली सरकार में कौन था?'

    पुरानी सरकारों पर खड़े किए सवाल
    पीजी के रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई अब शुरू होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'मुझे CM बने डेढ़ साल हो गए हैं। क्या हमसे पहले कोई सरकार नहीं थी? अब तक ऐसा क्यों नहीं किया गया? क्या इससे पहले दिल्ली में कोई घटना नहीं हुई थी? क्या आग नहीं लगी या इमारतें नहीं गिरीं? सरकारें अब तक सो क्यों रही थीं? क्या वे रेखा गुप्ता के आने और कुछ करने का इंतजार कर रही थीं? कम से कम रेखा गुप्ता घटना वाली जगह पर जाती हैं और वहां तीन घंटे तक खड़ी रहती हैं। और वह दर्द को समझती और महसूस करती हैं। वह प्रशासन पर नजर भी रखती हैं, ताकि मशीनरी पहुंचने में कोई देरी न हो।'

    उन्होंने कहा, 'मैंने वह किया जो दूसरी सरकारों ने नहीं किया। दिल्ली में SDRF नहीं था। जब आपको कहीं से तुरंत राहत की जरूरत होती है, तो आपको ऐसी फोर्स चाहिए होती है जो उस स्थिति को संभाल सके। दिल्ली के पास ऐसा काम करने के लिए कोई फोर्स नहीं थी। उस घटना के बाद, दिल्ली के पास अपना SDRF है। मैं भी पूछ सकती हूं कि पिछली सरकारों ने ऐसा क्यों नहीं किया? जब पहले ऐसी घटनाएं होती थीं, तो CM कितनी बार वहां जाकर खड़े हुए और बात की?'

  • छात्रों को मिलेगी बड़ी सुविधा, दिल्ली सरकार बनाएगी 10 हजार बेड की हॉस्टल सुविधा

    छात्रों को मिलेगी बड़ी सुविधा, दिल्ली सरकार बनाएगी 10 हजार बेड की हॉस्टल सुविधा

    नई दिल्ली
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार 10,000 छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने की योजना पर काम कर रही है। इन हॉस्टलों में छात्र और छात्राएं दोनों रह सकेंगे। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

    संबंधित विभागों के साथ बैठकें की गई
    सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन हॉस्टल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना को लागू करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें की गई हैं। सरकार ने हॉस्टल निर्माण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान भी शुरू कर दी है और इसके लिए ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    चिंता मुक्त रहेंगे अभिभावक, छात्रों को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर माहौल
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हॉस्टलों में छात्रों की जरूरतों और उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली जरूरी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की है। उनका लक्ष्य ऐसे हॉस्टल तैयार करना है, जहां देशभर से दिल्ली पढ़ने आने वाले छात्रों को सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके। रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि इन हॉस्टलों के निर्माण के बाद अभिभावक अपने बच्चों को दिल्ली में बिना किसी चिंता के छोड़ सकेंगे। वहीं, छात्रों को रहने और खाने की परेशानियों से राहत मिलेगी और वे पूरी तरह अपनी पढ़ाई तथा अपने भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने छात्रों की ज़रूरतों और इन हॉस्टलों में ज़रूरी सुविधाओं पर अच्छी तरह से विचार किया है। मैं आपको भरोसा दिलाती हूँ कि हम ऐसे हॉस्टल बनाएँगे जहाँ देश भर के माता-पिता पूरी निश्चिंतता के साथ अपने बच्चों को भेज सकें, और जहाँ छात्र—खाने-पीने या रहने की चिंता से मुक्त होकर—पूरी तरह से अपने सपनों को पूरा करने पर ध्यान दे सकें। सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार इमारतों की जांच बढ़ाएगी, सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करेगी और पूरी राजधानी में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों से जुड़े नियमों की समीक्षा करेगी।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में इमारत की सुरक्षा, छात्रों के रहने की व्यवस्था और PG नियमों पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई एक संयुक्त समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में सख्त सुरक्षा जांच, ज़िम्मेदारी तय करने और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर ज़ोर दिया गया। मुख्यमंत्री गुप्ता ने घोषणा की कि शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता वाली एक समिति मौजूदा PG नियमों की समीक्षा करेगी। यह समिति विश्वविद्यालयों, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के माध्यम से छात्रों के लिए आवास की सुविधा बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेगी। 

    सत्य निकेतन में सात लोगों की मौत
    गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री का यह ऐलान दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए हादसे के बाद आया है। बता दें कि यहां एक पांच मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से सात लोगों की मौत हो गई है। इस इमारत में लड़कों का पीजी चलता था। इस घटना के बाद MCD के कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया और जर्जर पीजी, मकानों, हॉसटल और घरों का सर्वे कर उन्हें सील करने के निर्देश भी लगातार दिए जा रहे हैं।

  • रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये

    रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये

     नई दिल्ली

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी की महिलाओं को रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को महिलाओं के लिए लक्ष्मी योजना का अप्रूवल पत्र दिया है. लक्ष्मी योजना के तहत नौ लाख से ज्यादा महिलाओं ने अब तक रजिस्ट्रेशन किया है। 

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी शुरुआत करते हुए कहा कि PM मोदी की सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना, मातृ वंदन योजना, ड्रोन दीदी योजना समेत महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया। 

    उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार सिर्फ बातें करती थी, काम नहीं. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार जो कहती है वह करती है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार दिल्ली पर भारी कर्ज छोड़ गई थी, जिसे चुकाने में उनकी सरकार का पूरा एक साल लग गया. उन्होंने बताया कि इसी कारण वे पिछली साल इस योजना को शुरू नहीं कर पाई थी। 

    दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत दिल्ली सरकार महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक मदद देगी. ये सहायता आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को दी जाएगी और इसे दो तरीकों से उनके लिए जारी किया जाएगा. लाभार्थी महिलाओं को सरकार 1,500 रुपये RD या FD खाते में देगी, तो 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में दिए जाएंगे। 

    वहीं दूसरे तरीके में पात्र महिलाएं पूरी रकम अपने आरडी/एफडी खाते में ही ले सकेंगी. बता दें कि इन सेविंग खातों में 31 जुलाई 2029 तक पैसे लॉक-इन रहेंगे और तीन साल के बाद ब्याज समेत यह पूरा पैसा उन्हें दे दिया जाएगा। 

    खास बात तो ये है कि सरकार ने लक्ष्मी योजना के तहत पात्रता मानदंड तय करने के साथ ही ये भी साफ किया है कि किन महिलाओं को इस योजना से दूर रखा जाएगा यानी उन्हें 2500 रुपये मंथली आर्थिक मदद का लाभ नहीं मिलेगा। 

    जिन महिलाओं के तीन से अधिक बच्चे हैं उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. जिस परिवार के पास चार पहिया वाहन है, उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही, अगर किसी महिला के खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज होगा तो उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. जिनके परिवार में सालाना 2400 यूनिट से ज्यादा की बिजली खर्च हो रही होगी उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. अगर महिला या परिवार GST या इनकम टैक्स भरता होगा तो उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. अगर कोई सरकारी नौकरी में या है उससे सेवानिवृत्त हुआ है तो उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा। 

    क्‍या है द‍िल्‍ली लक्ष्‍मी योजना की पात्रता 

        महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए
        परिवार की कुल आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए
        एक परिवार से एक ही महिला को लाभ मिलेगा
        महिला कम से कम 10 साल से दिल्ली की स्थायी निवासी हों
        महिला के खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं होना चाहिए
        महिला के 3 से ज्यादा बच्चे नहीं होने चाहिए
        परिवार साल में 2400 यूनिट से ज्यादा बिजली न खर्च करता हो
        महिला या परिवार जीएसटी या इनकम टैक्स न भरता हो
        घर में कार नहीं होनी चाहिए, परिवार से कोई सरकारी नौकरी में न हो या रिटायर न हुआ हो

    पैसा चाहिए तो सीबीडीसी वॉलेट बनाना होगा
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वीकृति पत्र बांटते हुए कहा कि महिलाओं को दिल्ली लक्ष्मी योजना का पैसा कैश नहीं मिलेगा। इन पैसों के लिए बैंक खाता और CBDC वॉलेट मोबाइल में खोलना होगा। 1000 रुपये इसी वॉलेट में आएंगे। इसी के जरिए आप यह पैसा खर्च कर सकती हैं। बाकी के 1500 रुपये FD के रूप में जमा होंगे, जो 3 साल के बाद एक साथ मिलेंगे।

    दिल्ली लक्ष्मी योजना: क्या आपको भी मिलेगा लेटर, यहां जानें
    दिल्ली लक्ष्मी योजना को लॉन्च कर दिया गया है और इसकी पहली किस्त से पहले पात्र महिलाओं को लेटर बांटने शुरू हो गए हैं। आज 2500 महिलाओ को यह लेटर दिया गया है। अगर आपने भी फॉर्म भरा है तो आप चेक कर सकते हैं कि क्या आपको लेटर मिलेगा या नहीं। इसके लिए आपको Portal पर Track Application पर क्लिक करना है। यहां अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से लॉगिन करके आप अपने आवेदन फॉर्म का स्टेटस जान सकते हैं।

    दिल्ली लक्ष्मी योजना लॉन्च, लाभार्थियों को बांटे गए लेटर
    दिल्ली लक्ष्मी योजना को लॉन्च कर दिया गया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे। तालकटोरा स्टेडियम में 2500 महिलाओं को कार्यक्रम में शामिल किया गया और 65 महिलाओं को मंच पर बुलाकर लेटर दिया गया। बाकी महिलाओं को भी 1 सितंबर से पहले तक लेटर मिल जाएंगे। इसके बाद 1 सितंबर से पैसा मिलना शुरू हो जाएगा।

    द‍िल्‍ली लक्ष्‍मी योजना के 1 स‍ितंबर से खाते में आएंगे पैसे
    दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली लक्ष्मी योजना की पात्र महिलाओं को मिलेगा आधिकारिक पत्र। 1 स‍ितंबर से खाते में 2500 रुपये आएंगे। आज 4000 महिलाओं को स्‍वीकृत‍ि पत्र मिलेगा। अभी तक 9.14 लाख महिला कर योजना में रजिस्ट्रेशन चुकी हैं।

    द‍िल्‍ली लक्ष्‍मी योजना: क्‍या आपके खाते में आएगा पैसा, आपको म‍िलेगा लेटर?

        अगर आपकी उम्र 21 से 60 के बीच है
        अगर आप क‍िसी सरकारी नौकरी या पेंशनधारक नहीं हैं
        पर‍िवार की आय 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा नहीं है
        मह‍िला 10 साल या उससे ज्‍यादा से द‍िल्‍ली की न‍िवासी है
        अगर मह‍िला के ख‍िलाफ कोई आपराध‍िक केस दर्ज नहीं है
        अगर मह‍िला के 3 से ज्‍यादा बच्‍चे नहीं हैं
        पर‍िवार 2400 यून‍िट से ज्‍यादा साल में खर्च नहीं करता है
        मह‍िला या पर‍िवार इनकम टैक्‍स या जीएसटी नहीं भरता हो
        अगर आपके घर में कार नहीं है 

  • दिल्ली में जल संकट से राहत की तैयारी, रेखा गुप्ता सरकार सीवर के पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    दिल्ली में जल संकट से राहत की तैयारी, रेखा गुप्ता सरकार सीवर के पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    नई दिल्ली

    दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने राजधानी में जल संकट को दूर करने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। भीषण गर्मी के बीच हो रही किल्लत को स्वीकार करते हुए दिल्ली सरकार ने पिछली सरकारों को इसके लिए कसूरवार ठहराया तो यह भी बताया कि अब स्थिति में बदलाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को बताया कि उनकी सरकार सीवर के पानी को साफ करके भी पानी की कमी को पूरा करने पर विचार कर रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे सीवर के पानी को ट्रीट करके टॉयलेट या गाड़ी धोने जैसे काम में लाया जा सकता है।

    प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली में रोजाना 1000 एमजीडी पानी घरों में सप्लाई हो रहा है। इसमें से 800 एमजीडी पानी प्रतिदिन सीवर में लौटता है, जबकि केवल 200 एमजीडी पानी का इस्तेमाल लोग पीने या अन्य उपभोग में लाते हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीवर के पानी को एसटीपी प्लांट में इतना ट्रीट किया जाएगा कि वह पीने लायक बन जाएगा। लेकिन फिलहाल उन्हें टायलेट आदि में यूज किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इस पानी को सबसे पहले सरकारी इमारतों में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद कॉलोनियों में डबल पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। जो लोग डबल पाइपलाइन लगवाएंगे उन्हें बिल में छूट दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि एसटीपी में साफ किए गए पानी का इस्तेमाल लोग शौचालय, पौधे में डालने, गाड़ी धोने आदि कामों के लिए कर सकेंगे। इससे मीठे पानी की बचत होगी। प्रवेश वर्मा ने कहा कि कि इससे रोजाना करोड़ों लीटर पानी बचाया जा सकता है।

    कम हो रहा उत्पादन
    प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी को लेकर जानकारी मिल रही है। जनसंख्या के आधार पर अगर सभी को पानी मिले तो कुल मांग 1250 एमजीडी की है। लेकिन इतना उत्पादन नहीं होता है। आज के दिन में हरियाणा सरकार से लगभगएक हजार क्यूसेक पानी मिल रहा है। वजीराबाद में पानी सूख गई है जिसके चलते वहां प्लांट में पानी नहीं आ रहा है। वहां 200 क्यूसेक पानी से ज्यादा खींचा जाता था जो अभी केवल 75 क्यूसेक ही मिल रहा है।

    पिछली सरकारों पर फोड़ा ठीकरा
    प्रवेश वर्मा ने कहा कि टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां पिछली सरकारों ने पानी की पाइपलाइन नहीं डाली तो वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले दोगुने टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछली सरकार 200 नए बोरवेल लगाती थी जबकि हमारी सरकार ने 560 बोरवेल लगाए हैं। पानी की समस्या पिछले एक साल की नहीं है। पिछली सरकार ने अगर बंदोबस्त किया होता तो इतनी परेशानी नहीं आती। आप सरकार ने अपने अंतिम वर्ष में लगभग 1200 करोड़ इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया था जबकि इस वर्ष जल बोर्ड ने लगभग 2900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

    पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा
    मंत्री ने कहा कि दिल्ली में दशकों पुरानी पाइप लाइन से पानी लीक होता है। इन सभी पाइपलाइंस को बदलने के लिए योजना बन चुकी है। दिल्ली को हमने आठ जोन में बांटा है। चंद्रावल का टेंडर हो चुका है जबकि आगामी वजीरगंज जोन नवंबर तक टेंडर कर कंपनी को सौंप दिया जाएगा। दिल्ली सरकार पानी लीकेज को कम करने के लिए प्रयास कर रही है। यह कंपनिया सभी पाइपलाइन को बदलेगी और पानी का रिसाव खत्म करेगी। पिछले सवा साल में हमारी सरकार की पांच उपलब्धियों में से एक इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क को कम करना है। दिल्ली की 52 फीसदी पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा

    कनाल का पानी पाइपलाइन से आएगा
    हरियाणा से कैनाल के माध्यम से आने वाले पानी को पाइपलाइन के माध्यम से लाया जाएगा। रास्ते में किसान भाई निकाल लेते हैं। अन्य लोग भी पानी निकाल लेते हैं। इसलिए पाइपलाइन डालने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली का पानी का कोटा तय है। हमने बांध के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को पैसा दिया है जिससे 2032 से पानी मिलने लगेगा।

  • रेखा गुप्ता का दिल्ली बजट: मुफ्त बिजली समेत इन सेक्टर्स को मिला खास तोहफा

    रेखा गुप्ता का दिल्ली बजट: मुफ्त बिजली समेत इन सेक्टर्स को मिला खास तोहफा

    नई दिल्ली
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। लगातार दूसरे साल एक लाख करोड़ से अधिक का बजट अनुमान पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली को लेकर भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत की खबर दी। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली योजना को पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली में बेटियों को मुफ्त साइकिल तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने का महत्वपूर्ण ऐलान भी किया गया है।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 प्रतिशत आवंटन होगा और इसलिए बजट को 'ग्रीन बजट' का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए।

    मुफ्त बिजली की स्कीम जारी रहेगी
    दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि उनकी सरकार आगामी वित्त वर्ष में भी मुफ्त बिजली की स्कीम को जारी रखेगी। दिल्ली को 24 घंटे मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए 3942 करोड़ का बजट रखा गया है।

    महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 450 करोड़ करोड़ मुफ्त बस यात्रा के लिए रखे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के लिए एक रुपया नहीं रखा है। इसलिए पिंक कार्ड बनवाए हैं। जितनी बहनें यात्रा करेंगी उनके बदले ही पैसा दिया जाएगा। इसलिए पिंक सहेली कार्ड बनवाए हैं। इनमें सिर्फ महिलाएं नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर वर्ग को भी मुफ्त यात्रा का सौगात दिया गया है।

    महिला समृद्धि योजना के लिए कितना पैसा
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए भरोसा दिलाया कि दिल्ली में जल्द ही महिला समृद्धि योजना के तहत पैसा मिलने की शुरुआत हो जाएगी। महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देने के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि इस योजना में लाभार्थी तय करने के लिए कमेटी बनाई गई है। उस पर काम हो रहा है। जल्द सरकार पोर्टल खोलेगी जिसमे बहनें आवेदन कर सकेंगी।

    मुफ्त खाना और सिलेंडर
    दिल्ली की सीएम ने कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ का फंड रखा गया है। मुफ्त सिलेंडर के लिए 260 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सीएम ने कहा कि होली में मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है और दिवाली में भी ऐसा किया जाएगा।

    शिक्षा के लिए बड़ा बजट, साइकिल से लैपटॉप तक
    दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ का बजट रखा है। स्कूलों के विस्तार और निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लाख से ज्यादा बेटियों को मुफ्त साइकिल तो 10वीं क्लास के मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान भी किया गया है।

    ड्रेनेज के लिए बड़ी रकम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया। कई ड्रेनेज को मंजूरी दी गई ताकि जलभराव को खत्म किया जा सके। इसके लिए 610 करोड़ का फंड बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग को दिया गया है।

    बस और मेट्रो के लिए क्या
    सीएम ने कहा कि परिवहन के लिए 8374 करोड़ का बजट रखा गया है। हर महीने बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अगले वर्ष मार्च तक 5800 इलेक्टिक बेस होंगी और कुल बसों की संख्या 7500 हो जाएंगी। मेट्रो के लिए 2885 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है। नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ का बजट रखा है।

    स्वास्थ्य के लिए बजट में कितना पैसा, आरोग्य मंदिर पर बड़ा ऐलान
    रेखा गुप्ता ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। इसलिए उनकी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस साल 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे।

    ग्रीन बजट दिया गया नाम
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस बजट को ग्रीन बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, 'हर योजना को हमने ग्रीन लेंस से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर योजना में प्रकृति और हर निर्णय में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए हमने पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित किया है।'

  • रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान: हेडगेवार प्रतिमा अनावरण के साथ आरोग्य संस्थान को मिलेगा विस्तार

    रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान: हेडगेवार प्रतिमा अनावरण के साथ आरोग्य संस्थान को मिलेगा विस्तार

    नई दिल्ली
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शाहदरा के डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने जो विचार और लक्ष्य शुरू किया था, वह आज मजबूत और विशाल संगठन के रूप में देश सेवा कर रहा है। व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज को संगठित करने का उनका मार्ग आज भारत के सांस्कृतिक जागरण की मजबूत नींव बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में लगी यह प्रतिमा केवल स्मारक नहीं है, बल्कि यह सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना की प्रेरणा देती रहेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री पंकज कुमार सिंह, विश्वास नगर के विधायक ओम प्रकाश शर्मा, लक्ष्मी नगर के विधायक अभय वर्मा, शाहदरा के विधायक संजय गोयल, कृष्णा नगर के विधायक अनिल गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और नागरिक उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने अस्पताल की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इसके विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही यहां नई मंजिल बनाई जाएगी और आधुनिक चिकित्सा मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि संस्थान में जो भी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विस्तार के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर काम जल्द शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनापार की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए मजबूत और व्यवस्थित हेल्थ नेटवर्क बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के एक साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदन योजना’ की शुरुआत की गई है। अब तक 7 लाख से अधिक नागरिक इस योजना में पंजीकृत हो चुके हैं और लगभग 30,000 लोगों को उपचार का लाभ मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब तक 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा चुके हैं और 1100 केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों को पूर्ण रूप से डिजिटल किया जा चुका है। अब प्रत्येक मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड उपलब्ध है, ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू कर दी गई है और किसी भी अस्पताल में उपचार का पूरा इतिहास एक क्लिक में देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि उपचार प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के कारण कई अस्पतालों में आवश्यक मशीनों का अभाव था, लेकिन वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। जी. बी. पंत अस्पताल में अत्याधुनिक सीटी स्कैनर, न्यूरो लैब और न्यूरो आईसीयू जैसी सुविधाएं स्थापित की गई हैं।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से निष्क्रिय पड़े यमुनापार विकास बोर्ड को पुनर्जीवित कर 700 करोड़ रुपये का विशेष फंड प्रदान किया गया है। इस बजट के माध्यम से यमुनापार क्षेत्र में सड़कों, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति और नियत दोनों ही जनसेवा के लिए समर्पित हैं। जनता का धन जनता की सेवा में ही लगाया जा रहा है।