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  • आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया हुई आसान, बिहार के राशन कार्डधारक ऐसे उठाएं 5 लाख तक इलाज का लाभ

    आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया हुई आसान, बिहार के राशन कार्डधारक ऐसे उठाएं 5 लाख तक इलाज का लाभ

    पटना
     बिहार सरकार (Bihar Government) ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाते हुए राज्य के करोड़ों राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है।

    सरकार की बीते दिनों की गई घोषणा के अनुसार, अब राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों को 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' और 'आयुष्मान भारत योजना' के तहत प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

    अगर आपके पास भी राशन कार्ड है और आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) बनवाना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि आप घर बैठे या अपने नजदीकी सेंटर्स के माध्यम से यह कार्ड कैसे बनवा सकते हैं।

    सबसे पहला काम: लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?
    कार्ड बनवाने से पहले आपको यह चेक करना होगा कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं। इसके लिए आप मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    •     PMJAY के आधिकारिक पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर जाएं या मोबाइल में 'Ayushman App' डाउनलोड करें।
    •     होमपेज पर 'Beneficiary' (लाभार्थी) ऑप्शन चुनें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से लॉग-इन करें।
    •     इसके बाद अपना राज्य (Bihar), स्कीम (PMJAY/MMJAY), जिला और सर्च का तरीका चुनें।
    •     आप 'Family ID' का विकल्प चुनकर अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर दर्ज कर सकते हैं।
    •     सर्च करते ही आपके परिवार के सभी सदस्यों के नाम स्क्रीन पर आ जाएंगे।

    घर बैठे ऑनलाइन तरीका:
    लिस्ट में नाम दिखने पर उसके आगे 'Action' या 'e-KYC' का ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करें और आधार OTP, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए अपनी पहचान वेरिफिकेशन करें।

    e-KYC प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही समय बाद आपका आयुष्मान कार्ड जनरेट हो जाएगा, जिसे आप वहीं से डाउनलोड कर सकते हैं।

    ऑफलाइन तरीका:
    अगर आप ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, तो आप CSC या PDS डीलर के पास जाकर मुफ्त में कार्ड बनवा सकते हैं।

    नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर): अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं।

    PDS डीलर (राशन की दुकान): जहां से आप राशन लेते हैं, वे जन वितरण प्रणाली (PDS) डीलर भी ई-केवाईसी कर कार्ड बना रहे हैं।

    सरकारी अस्पताल: आप अपने स्थानीय सिविल सर्जन कार्यालय या किसी भी सरकारी अस्पताल के आयुष्मान मित्र से संपर्क कर सकते हैं। ऑफलाइन केंद्र पर जाते समय अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ जरूर ले जाएं।

    योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पताल कैसे खोजें?

    • आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भी मिलता है। आपके आसपास कौन से अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं, यह जानने के लिए सबसे पहले बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति की वेबसाइट shs.bihar.gov.in या PMJAY पोर्टल पर जाएं।
    • यहां 'Find Empanelled Hospitals' (अस्पताल खोजें) सेक्शन पर क्लिक करें।
    • अपना राज्य, जिला, अस्पताल का प्रकार (Public/Private) और बीमारी का विभाग (Specialty) चुनें।
    • सर्च करते ही योजना से जुड़े सभी अस्पतालों की लिस्ट आपके सामने आ जाएगी।
  • झारखंड में राशन कार्ड सत्यापन शुरू, निष्क्रिय कार्ड दोबारा सक्रिय कराने को मिलेगा तीन माह का मौका

    झारखंड में राशन कार्ड सत्यापन शुरू, निष्क्रिय कार्ड दोबारा सक्रिय कराने को मिलेगा तीन माह का मौका

    रांची
    केंद्र सरकार के निर्देश के बाद खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य में राशन कार्डों के सत्यापन और निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. एक अक्तूबर से राज्यभर में कुल 2,87,893 राशन कार्ड निष्क्रिय कर दिए जाएंगे. इनमें छह महीने से खाद्यान्न नहीं उठाने वाले साइलेंट कार्ड और केंद्रीय रिपॉजिटरी के साथ मिलान में सामने आये डुप्लीकेट लाभुक शामिल हैं. विभाग ने ऐसे सभी कार्डधारियों और लाभुकों के लिए ई-केवाइसी कराना अनिवार्य कर दिया है. ई-केवाइसी और जरूरी सत्यापन नहीं कराने पर संबंधित कार्ड या लाभुक का नाम रद्द किया जा सकता है.

    छह माह से राशन नहीं उठाने वाले 1,77,751 कार्ड चिह्नित
    राज्य में छह महीने से खाद्यान्न नहीं उठाने वाले 1,77,751 राशन कार्ड चिह्नित किए गए हैं. ऐसे कार्डों को हर माह की 21 तारीख को चिह्नित किया जाएगा और अगले महीने की पहली तारीख को स्वतः निष्क्रिय कर दिया जाएगा. वहीं, केंद्रीय रिपॉजिटरी के साथ मिलान के दौरान 1,10,142 डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान की गई है. इन लाभुकों के कार्ड भी निष्क्रिय किये जा रहे हैं.

    निष्क्रिय कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने के लिए तीन माह का मौका
    निष्क्रिय किए गए कार्डधारियों और लाभुकों को ई-केवाइसी और जरूरी सत्यापन कराने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा. संबंधित लाभुक अपने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलर या प्रखंड कार्यालय के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी करा सकेंगे. सत्यापन में पात्र पाए जाने पर लाभुक का कार्ड या नाम दोबारा सक्रिय कर दिया जाएगा. वहीं, तय समय सीमा में ई-केवाइसी और सत्यापन नहीं कराने पर संबंधित नाम को स्थायी रूप से सूची से हटाया जा सकता है. विभाग ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं.

  • राशन कार्ड में नाम जोड़ने-हटाने के नए नियम लागू, इन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ

    राशन कार्ड में नाम जोड़ने-हटाने के नए नियम लागू, इन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ

     रांची
     झारखंड में राशन कार्ड बनवाने और पुराने राशन कार्ड में सदस्यों का नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किया गया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत नए प्रविधान लागू किए हैं।

    इसके तहत अब राशन कार्ड बनवाने के समय ही वह तमाम जानकारियां ली जाएंगी जिसके आधार पर पूर्व में राशन कार्ड रद किया जाता था। मसलन, उपभोक्ता को पहले ही बताना होगा कि उनकी आमदनी का मुख्य स्रोत क्या है। उनके पक्के आवास में कितने कमरे हैं और किस प्रकार का टैक्स भरते हैं।

    अब आवेदकों को पहले से अधिक दस्तावेज और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। सबसे अहम बदलाव यह है कि नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करते समय घर की तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसमें स्पष्ट रूप से भवन में बने कमरों की जानकारी देनी होगी।

    अब पहले ही ई-केवाईसी करवाना होगा
    नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित डीलर के यहां ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। ई-केवाईसी सत्यापन पूरा होने के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसी तरह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी स्तर पर लंबित यूआइडी सुधार और परिवर्तन से जुड़े अनुरोधों पर भी ई-केवाईसी पूरा होने के बाद ही आगे प्रक्रिया होगी।

    अधिक जीएसटी भरने वालों और आयकर दाताओं का नाम नहीं जुड़ेगा
    नई व्यवस्था में अब आवेदक को स्वघोषणा करनी होगी कि परिवार का कोई सदस्य आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर या जीएसटी नहीं देता है। अधिक जीएसटी भरने वालों और आयकर देने वालों के नाम राशन कार्ड में नहीं चढ़ाया जा सकेगा।इसके अलावा परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित या दस एकड़ से अधिक असिंचित भूमि नहीं होनी चाहिए।

    इसी तरह परिवार के पास चार पहिया वाहन, तीन या उससे अधिक कमरों वाला पक्का मकान और 5 लाख रुपये या इससे अधिक कीमत का मशीनचालित कृषि उपकरण नहीं होना चाहिए।

    बता दें कि, विभाग ने हाल ही में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शामिल आठ श्रेणियों के अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड रद किए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लाभुक सालाना 25 लाख रुपये तक का जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के बावजूद राशन योजना का लाभ ले रहे थे।

    इसके अलावा अधिक भूमि रखने वाले, दोपहिया वाहन वाले और छह लाख रुपये तक आयकर का भुगतान करने वाले लाभुकों के राशन कार्ड भी रद किए गए हैं।

    जिलावार सीमा और प्रतीक्षा सूची से जुड़ेगा नाम
    झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत नए राशन कार्ड और नए सदस्य का नाम जोड़ने के आवेदनों पर कार्रवाई अब जिला व निर्धारित सीमा और प्रतीक्षा सूची में आवेदक की स्थिति के आधार पर होगी।

    सदस्य का नाम जोड़ने के लिए अलग-अलग दस्तावेज पुराने राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम जोड़ने के लिए अब उसके आधार के अनुसार संबंधित दस्तावेज देने होगा।

    • जन्म प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
    • विवाह के बाद नाम जोड़ना है- पिछले राशन कार्ड से सदस्य का नाम हटाए जाने की स्वीकृति का दस्तावेज देना होगा।
    • दत्तक सदस्य का नाम जोड़ना है- दत्तक ग्रहण प्रमाण पत्र जरूरी होगा।
    • स्थानांतरित या परिवार से अलग सदस्य- पिछले राशन कार्ड से नाम हटाए जाने का प्रमाण पत्र देना होगा

    राशन कार्ड रद या सरेंडर करने के लिए भी सत्यापन
    राशन कार्ड को रद या सरेंडर करने की प्रक्रिया अब परिवार की मुखिया की सहमति से ही पूरी होगी। इसके लिए यूआईडी आधारित ओटीपी सत्यापन भी जरूरी किया गया है। जांच में ऐसे लाभुक भी सामने आए थे जो बेहतर आर्थिक स्थिति के बावजूद योजना का लाभ ले रहे थे। इसके बाद राशन कार्ड की पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर इन नए प्रावधानों को लागू किया गया है।

     

  • राशन कार्ड से वंचित नहीं रहेगा कोई पात्र परिवार, मंत्री अशोक चौधरी की घोषणा

    राशन कार्ड से वंचित नहीं रहेगा कोई पात्र परिवार, मंत्री अशोक चौधरी की घोषणा

    पटना
     खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने गुरुवार को कहा कि अधिक से अधिक पात्र लोगों को राशन कार्ड का लाभ उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस दिशा में आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

    जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित जन-सुनवाई कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के क्रम में उन्होंने यह बात कही। समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता भी जन सुनवाई कार्यक्रम में मौजूद थीं।

    बांकीपुर में एनडीए की प्रचंड जीत सुनिश्चित
    कीपुर उप चुनाव से जुड़े सवाल पर अशोक चौधरी ने कहा कि बांकीपुर में एनडीए की प्रचंड जीत सुनिश्चित है। बंटी यादव हत्याकांड पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ला एंड आर्डर को लेकर पूरी तरह सख्त है। अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    ‘एक देश-एक चुनाव’ की व्यवस्था को देशहित में बताते हुए कहा कि इसके लागू होने से बार-बार होने वाले चुनावों पर होने वाले अनावश्यक खर्च में कमी आएगी। प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा था विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।

    लाभार्थियों के खातों में शीघ्र राशि भेजी जाएगी
    डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि सभी लाभार्थियों के खातों में भेज दी गयी है। जिन लाभार्थियों के जीवन प्रमाणीकरण में समस्या आने के कारण राशि हस्तांतरण में बाधा आई है, उनके मामलों का विभाग गंभीरता से निराकरण कर रहा है। प्रत्येक मामले का व्यक्ति-स्तर पर सत्यापन कर सभी पात्र लाभार्थियों के खातों में शीघ्र राशि भेजी जाएगी।

     

  • फर्जी लाभार्थियों पर शिकंजा, 63 लाख राशन कार्ड रद्द करने की तैयारी; सरकार ने तेज की कार्रवाई

    फर्जी लाभार्थियों पर शिकंजा, 63 लाख राशन कार्ड रद्द करने की तैयारी; सरकार ने तेज की कार्रवाई

    कोलकत्ता 
    पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य के खजाने पर बढ़ रहे अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम करने और सरकारी योजनाओं में हो रही धांधली को रोकने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। सरकार ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खाद्य साथी योजना के तहत मुफ्त और सस्ते अनाज का लाभ ले रहे अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को बाहर निकालने का फैसला किया है। गुरुवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, विशेष गहन समीक्षा 2026 (SIR) के नतीजों के आधार पर उन सभी राशन कार्डों को चिह्नित कर डिलीट किया जाएगा जो नियमों के तहत अयोग्य पाए गए हैं।

    आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से जिन 63 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी पहचान की जाएगी और उनके राशन कार्ड तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने इसमें एक मानवीय और कानूनी पहलू को भी शामिल किया है। आदेश में कहा गया है कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं, लेकिन उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है या ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील की है उनके राशन कार्ड तब तक एक्टिव रहेंगे जब तक कि उनकी याचिकाओं पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता।

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा कुछ दिनों पहले शुरू की गई अन्नपूर्णा योजना के लिए सरकार ने एक नया आवेदन फॉर्म भी पेश किया है। सरकार को संदेह है कि पिछली सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत लगभग 30 लाख से अधिक अपात्र महिलाएं वित्तीय सहायता ले रही थीं। नई अन्नपूर्णा योजना के तहत राज्य सरकार लगभग दो करोड़ महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देगी। इस योजना पर राज्य सरकार को हर साल करीब 72,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।

    इसके विपरीत, पिछली तृणमूल कांग्रेस की सरकार लक्ष्मी भंडार योजना को चलाने के लिए सालाना लगभग 30,000 करोड़ रुपये खर्च करती थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "राज्य का खजाना इस वक्त बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है और राजस्व को तुरंत बढ़ाना मुमकिन नहीं है। इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को संभालने के लिए फंड के दुरुपयोग और लीकेज को रोकना बेहद जरूरी है।"

    15,000 करोड़ की लीकेज रोकने की तैयारी
    अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य साथी योजना के तहत सालाना करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जिसके जरिए करीब दो करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया जाता है और किसानों से सीधे धान की खरीद की जाती है। सरकार को अंदेशा है कि टीएमसी (TMC) शासन के दौरान इन योजनाओं में बड़े पैमाने पर धन का दुरुपयोग हुआ है, इसलिए सभी राशन कार्ड धारकों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

    कैसे होगा सत्यापन?
    पश्चिम बंगाल के सभी एसडीओ और बीडीओ अपने-अपने क्षेत्रों से हटाए गए मतदाताओं की सूची खाद्य विभाग के स्थानीय निरीक्षकों को सौंपेंगे। खाद्य विभाग के अधिकारी उन सभी लोगों के घरों पर जाकर जांच करेंगे जिनके नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद अपात्रों के राशन कार्ड बंद कर दिए जाएंगे। सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने इस पूरी प्रक्रिया को 15 जून 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया है।

    टीएमसी राज में हुए धान घोटाले की भी होगी जांच
    भाजपा सरकार केवल राशन कार्डों की ही जांच नहीं करेगी, बल्कि टीएमसी शासन के दौरान हुई धान खरीद प्रक्रिया की भी गहराई से जांच करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "कागजों पर राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में औसतन 55 लाख टन से अधिक धान की खरीद दिखाई है। लेकिन शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि धान से चावल निकालने के लिए राइस मिलों में भेजा गया एक बड़ा हिस्सा कभी राज्य के पास वापस ही नहीं आया। अब इसकी जांच की जाएगी कि क्या कागजों पर दिखाया गया धान वास्तव में खरीदा भी गया था या यह सिर्फ एक कागजी घोटाला था।"

    आपको बता दें कि वर्तमान में केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बंगाल में 6.01 करोड़ लोगों को सस्ता अनाज देती है। इसके अलावा, राज्य सरकार अपनी तरफ से अतिरिक्त दो करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देती है। नई सरकार अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दो करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों में से कितने वास्तव में वास्तविक और जरूरतमंद हैं। धान खरीद घोटाले की आधिकारिक जांच भी जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।

  • फ्री राशन अपडेट: केंद्र सरकार देगी 3 महीने का राशन एकमुश्त, जानें पूरा नियम

    फ्री राशन अपडेट: केंद्र सरकार देगी 3 महीने का राशन एकमुश्त, जानें पूरा नियम

    चंडीगढ़.

    केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत देश के 82 करोड़ जरूरतमंद लोगों को मिलने वाले मुफ्त गेहूं और चावल की योजना में बड़ा फैसला लिया है। अब अप्रैल 2026 से जून 2026 (3 महीने) तक का राशन एक साथ देने के लिए पत्र जारी किया गया है।

    बताया जा रहा है कि देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आमतौर पर हर महीने राशन दिया जाता है, लेकिन पंजाब में पहले से ही 3 महीने का राशन एकमुश्त दिया जाता है। पंजाब के करीब 18 हजार डिपो होल्डर साल में 4 बार राशन वितरित करते हैं। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार आगामी खरीद सीजन को ध्यान में रखते हुए तीन महीने का कोटा तुरंत उठाने और वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मुफ्त राशन प्रति सदस्य 5 किलो के हिसाब से दिया जाता है, जिसकी सप्लाई देशभर में करीब 6 लाख डिपो होल्डर बायोमेट्रिक मशीनों के जरिए करते हैं।

    लोगों में खुशी की लहर
    तीन महीने का मुफ्त कोटा जारी होने पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय वाइस प्रेसिडेंट गुरजिंदर सिंह सिद्धू और पंजाब अध्यक्ष करमजीत सिंह अड़ेचा ने कहा कि इस फैसले से देश के 82 करोड़ लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे महंगाई पर भी नियंत्रण रहेगा और लोगों को गेहूं व चावल आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।