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  • लुधियाना आर्मी कैंप में महिला से रेप का मामला, साथी जवान पर गंभीर आरोप

    लुधियाना आर्मी कैंप में महिला से रेप का मामला, साथी जवान पर गंभीर आरोप

    लुधियाना
     लुधियाना के जगराओं ब्रिज के पास स्थित सीजी आर्मी कैंप में तैनात एक जवान पर अपने साथी फौजी की पत्नी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। महिला की शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने पहले उसके परिवार को सरकारी क्वार्टर दिलाने में मदद की और इसके बाद घर आना-जाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का आरोप है कि बाद में आरोपित ने उस पर दबाव बनाकर जबरदस्ती संबंध बनाए।

    पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे सीजी आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 सी रेजिमेंट में तैनात करीब 25 वर्षीय जवान के पास था।

    दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर दबाव बनाकर जबरदस्ती फिजिकल रिलेशन बनाए। 28 सितंबर को उसने महिला को अपने गेस्ट रूम में बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती करने लगा।

    महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसने पति के साथ तलाक करवाने की धमकी देकर जबरदस्ती की। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शिकायत के अनुसार, आरोपित ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। इसके बाद वह मदद और अन्य जरूरतों के बहाने महिला के घर आने-जाने लगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और नजदीकियां हो गईं।

    महिला के मुताबिक, बाद में आरोपित उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर आरोपित ने धमकी दी कि यदि उसने अपने पति को कुछ बताया तो वह उसका तलाक करवा देगा। महिला ने आरोपित के दबाव की बात भी पुलिस को दी शिकायत में बताई है।

    शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपित ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपित ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी।

    सरकारी क्वार्टर दिलाने में की मदद की

    पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे CG आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 C रेजीमेंट में तैनात 25 वर्षीय जवान के पास था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी।

    मदद के बहाने घर आने-जाने लगा

    क्वार्टर मिलने के बाद आरोपी का परिवार के घर आना-जाना बढ़ गया। महिला के मुताबिक, मदद और जरूरत के बहाने उसकी आरोपी से बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उनके बीच संबंध बन गए।

    विरोध करने पर पति से तलाक करवाने की धमकी

    महिला की शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपी उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने पति को कुछ बताया तो वह उनका तलाक करवा देगा। इसके बाद भी आरोपी के दबाव की बात शिकायत में कही गई है।

    28 सितंबर को गेस्ट रूम बुलाया

    शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपी ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की।

    1 अक्टूबर को FIR, जांच ASI को

    मामले में ASI परमजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को आरोपी जवान के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    पुलिस ने कार्रवाई की शुरू
    महिला की शिकायत पर डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआइ को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

     

  • मैरिटल रेप पर सुप्रीम कोर्ट में फिर मंथन, 12 साल पहले पत्नी ने उठाया था सवाल; अब कानून में बदलाव की उम्मीद?

    मैरिटल रेप पर सुप्रीम कोर्ट में फिर मंथन, 12 साल पहले पत्नी ने उठाया था सवाल; अब कानून में बदलाव की उम्मीद?

    नई दिल्ली

    करीब 12 साल पहले एक शादीशुदा महिला अदालत पहुंची. उसका आरोप था कि उसका पति उसकी इच्छा के खिलाफ बार-बार शारीरिक संबंध बनाता है. लेकिन जब उसने न्याय की मांग की तो उसके सामने एक कानूनी दीवार खड़ी हो गई. कानून कह रहा था कि अगर ऐसा काम पति ने अपनी पत्नी के साथ किया है, तो उसे बलात्कार (Rape) नहीं माना जाएगा. यहीं से शुरू हुई बहस दिल्ली हाईकोर्ट से होते हुए अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape) से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की नई तारीख तय करने से फिलहाल इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि पहले केंद्र सरकार का पक्ष रिकॉर्ड पर आने दें. लेकिन कोर्ट की अगली तारीख आने से पहले बड़ा सवाल यह है कि आखिर Marital Rape पर बहस खत्म क्यों नहीं हो रही? क्यों यह मुद्दा हर कुछ साल बाद फिर देश के सामने खड़ा हो जाता है? 

    दिल्ली हाईकोर्ट के जजों का फैसला भी बंटा था
    इन सवालों का जवाब जानने से पहले एक चौंकाने वाला तथ्य समझिए भारत में अगर कोई पुरुष किसी महिला की इच्छा के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाता है, तो यह बलात्कार हो सकता है. लेकिन यदि वही महिला उसकी पत्नी है, तो भारतीय कानून में लंबे समय से एक अपवाद (Exception) मौजूद रहा है. यही "Marital Rape Exception" है, जिस पर पूरी लड़ाई टिकी हुई है. याचिकाकर्ताओं का सवाल है कि "अगर सहमति ही रेप और सेक्स के बीच का फर्क है, तो शादी के बाद सहमति की अहमियत कैसे खत्म हो सकती है?"

    इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जज भी एक राय नहीं बना पाए.  मार्च 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर विभाजित फैसला दिया. एक जज ने कहा कि वैवाहिक बलात्कार अपवाद संविधान के खिलाफ है. लेकिन दूसरे जज इससे सहमत नहीं थे। 

    जाहिर है कि अदालत के भीतर भी मतभेद था. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. यहीं से साफ हो गया कि यह केवल कानून का मसला नहीं, बल्कि समाज और संविधान के बीच टकरा रहे दो विचारों का सवाल है. जो Marital Rape को अपराध बनाने की मांग कर रहे हैं, वे क्या कहते हैं?

    पक्ष में लोग ये तर्क देते हैं

        शादी किसी महिला की शारीरिक स्वायत्तता खत्म नहीं करती.
        संविधान सभी महिलाओं को समान सुरक्षा देता है.
        सहमति (Consent) हर रिश्ते में जरूरी है.
        पत्नी को कानून में कम सुरक्षा देना समानता के अधिकार के खिलाफ है.

    और विरोध करने वाले क्या कहते हैं?

        दूसरा पक्ष कई चिंताएं उठाता है:
        विवाह संस्था पर असर पड़ सकता है.
        झूठे मामलों की आशंका बढ़ सकती है.
        पति-पत्नी के निजी विवाद आपराधिक मुकदमों में बदल सकते हैं.

    29 फीसदी महिलाएं हुई हैं शिकार
    भारत में Marital Rape के अलग अपराध का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता, इसलिए NCRB के पास इसका सीधा डेटा मौजूद नहीं है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शादीशुदा महिलाओं के खिलाफ यौन या शारीरिक हिंसा का कोई अंदाजा ही नहीं लगाया जा सकता. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) की रिपोर्ट बताती है कि 18 से 49 वर्ष की आयु की करीब 29 फीसदी विवाहित महिलाओं ने अपने जीवन में कभी न कभी पति द्वारा शारीरिक, यौन या भावनात्मक हिंसा झेलने की बात कही. इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जिन महिलाओं ने यौन हिंसा की शिकायत की, उनमें अधिकांश मामलों में आरोपी कोई अजनबी नहीं बल्कि उनका अपना पति था. यही आंकड़े बताते हैं कि Marital Rape पर बहस अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे वर्षों से मौजूद एक सामाजिक वास्तविकता है, जिस पर अब कानूनी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। 

    दूसरी तरफ कानून की किताब में ऐसे मामलों को अलग अपराध की श्रेणी नहीं मिली हुई है. यही विरोधाभास इस पूरी बहस का केंद्र है. सुप्रीम कोर्ट के सामने भी मूल प्रश्न यही है कि अगर किसी महिला की सहमति के बिना सेक्स अपराध हो सकता है, तो क्या विवाह उस सहमति को स्थायी रूप से मान लेने का आधार बन सकता है?

    घर की चारदीवारी के भीतर भी होती है हिंसा
    अगर NCRB के व्यापक आंकड़ों को देखें तो भी एक तस्वीर सामने आती है. महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों में हर साल सबसे बड़ी हिस्सेदारी 'पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता' (IPC 498A) से जुड़े मामलों की रहती है। 

    दूसरे शब्दों में कहें तो महिलाओं के लिए खतरा हमेशा सुनसान सड़क या किसी अजनबी से नहीं जुड़ा होता, कई बार वह उसी व्यक्ति से जुड़ा होता है जिसके साथ वह अपना जीवन साझा कर रही होती है। 

    यही वजह है कि Marital Rape की बहस केवल कानून की व्याख्या तक सीमित नहीं रह जाती. यह बहस उस बुनियादी प्रश्न में बदल जाती है कि भारतीय समाज विवाह को कैसे देखता है. यह भारतीय समाज की उस सोच से जुड़ा है जहां शादी को कभी अधिकार, कभी जिम्मेदारी और कभी पवित्र संस्था के रूप में देखा जाता है. लेकिन नई पीढ़ी एक अलग सवाल पूछ रही है कि "क्या किसी भी रिश्ते में, चाहे वह शादी ही क्यों न हो, सहमति से बड़ा कुछ हो सकता है?" शायद इसी सवाल का जवाब आने वाले वर्षों में भारत के कानून और समाज दोनों को तलाशना होगा। 

  • सोशल मीडिया दोस्ती का खौफनाक अंजाम, मोहाली की ब्लॉगर ने गन पॉइंट पर दुष्कर्म का लगाया आरोप

    सोशल मीडिया दोस्ती का खौफनाक अंजाम, मोहाली की ब्लॉगर ने गन पॉइंट पर दुष्कर्म का लगाया आरोप

    मोहाली 

    मोहाली की सोशल मीडिया ब्लॉगर एवं बिजनेस वुमन के रेप केस की शिकायत कॉपी सामने आई है।‌ शिकायत के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे विश्वास जीतकर नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद उसके फ्लैट पर आया और गन पॉइंट पर रेप किया।

    ब्लॉगर के बताया कि आरोपी ने अश्लील वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। शनिवार (5 सितंबर) को ब्लॉगर मोहाली कोर्ट में पेश हुई। उसने पुलिस जांच पर नाराजगी जताई है।

    उसका आरोप है कि अदालत के निर्देशों के बावजूद जांच के दौरान उससे संपर्क नहीं किया गया। ब्लॉगर का कहना है कि उसे कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। ब्लॉगर के वकील एचएस धनोआ ने कहा कि हमने केस की अनट्रेस कॉपी लेने के लिए अप्लाई किया है। अब इस मामले में कानूनी जंग लड़ेंगे।

    शिकायत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की 5 अहम बातें…

        सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती: पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि मैं बिजनेस वुमन और सोशल मीडिया ब्लॉगर हूं। आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ गुरी चहल मुझसे सोशल मीडिया पर संपर्क में आया था। मेरे ब्लॉग में धीरे-धीरे दिलचस्पी बढ़ाकर मेरे से नजदीकियां बढ़ाईं और विश्वास जीता।

        ऑर्डर देने के बहाने आकर रेप किया: 27 नवंबर 2025 को आरोपी सामान ऑर्डर करने के बहाने मेरे फ्लैट पर आया। इसके बाद मेरे इनकार करने के बाद आरोपी ने गन पॉइंट मेरे से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने मुझे व मेरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। इसके बाद मैं डर गई। मैंने इस संबंधी शिकायत दर्ज नहीं करवाई। मैंने उससे अपने आप को बहुत दूर कर लिया।

        अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी: 2 महीने बाद जनवरी 2026 में आरोपी ने मुझे दोबारा फोन व स्नैपचैट पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। साथ ही धमकी दी कि उसके पास मेरे अश्लील वीडियो व फोटो हैं। अगर मैंने उसकी बातें नहीं मानीं तो उसे वायरल कर देगा।

        वर्क प्लेस पर पहुंचा, गालियां दीं: इसके बाद आरोपी अपने अज्ञात साथियों, ड्राइवरों व बॉडीगार्ड व सरकारी सिक्योरिटी मुलाजिमों सहित मेरे वर्क प्लेस पर आया। आरोपी ने मुझे गालियां निकालीं, डराया और जान से मारने की धमकियां दीं।

        दोबारा फिर तंग किया तो पहुंची पुलिस तक: 25 अप्रैल को आरोपी ने स्नैपचैट पर कॉल कर मुझे अपने फ्लैट पर जाने व शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। साथ ही उसने अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गैंगस्टरों से संबंधी धमकी दी। इसके बाद उसी दिन शाम को आरोपी ने मेरी ईमेल आईडी पर धमकी भरे अश्लील मैसेज भेजे। इसके बाद मैंने हिम्मत कर अपनी सारी बात वकील को बताई। इसलिए उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए।

    जांच की सर्टिफाइड कॉपी की मांग की पुलिस ने 24 जुलाई को अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अदालत में बयान दर्ज करवाने के लिए पेश नहीं हो रही थी। अब पीड़िता ने अदालत पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए हैं। उसके वकील धनौआ के अनुसार, पुलिस जांच की सर्टिफाइड कॉपी मांगी गई है। कॉपी मिलने के बाद अनट्रेस रिपोर्ट पर जवाब दाखिल किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।

    कोर्ट ने जून में गाड़ी रिलीज करने के दिए थे आदेश मामले में अदालत ने 16 जून को उस गाड़ी को रिलीज करने के आदेश जारी किए थे, जिसे पुलिस ने केस प्रॉपर्टी बनाया था। मोहाली पुलिस की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि जांच के दौरान अब इस गाड़ी की जरूरत नहीं है। अदालत ने शर्तों के साथ गाड़ी रिलीज करने के आदेश दिए थे।

    इसमें कहा गया था कि जांच अधिकारी या अदालत जब भी गाड़ी पेश करने को कहे, उसे तत्काल पेश करना होगा। इसके अलावा गाड़ी की ऑनरशिप, रंग या किसी अन्य तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

  • नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप ने मचाई सनसनी, चार्जर लेने गई थी पीड़िता

    नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप ने मचाई सनसनी, चार्जर लेने गई थी पीड़िता

     पलवल 

    हरियाणा के पलवल में मस्जिद के अंदर रेप करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि पलवल के हसनपुर में एक मस्जिद के अंदर अपनी 11 साल की साली को बंधक बनाकर कथित तौर पर रेप करने के आरोप में 30 साल के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता के पिता मस्जिद के मौलवी हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी किसी निजी काम से हसनपुर आया था। पीड़िता के पिता ने उसके ठहरने का इंतजाम मस्जिद परिसर में ही किया था। यह घटना मंगलवार को हुई। हसनपुर के एक प्राइवेट स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा अपने पिता के कमरे से मोबाइल फोन चार्जर लेने के लिए मस्जिद परिसर में गई थी।

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब छात्रा मस्जिद में दाखिल हुई तो संदिग्ध ने उसे अकेला पाकर कथित तौर पर एक कमरे के अंदर बुलाया और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उसने उसके साथ रेप किया। जांच करने वाले अधिकारी ने बताया कि जब लड़की कुछ देर तक वापस नहीं लौटी तो उसकी मां को शक हुआ, क्योंकि उसे स्कूल जाना था। वह मस्जिद गई और लड़की के चिल्लाने की आवाज सुनकर शोर मचाया।

    जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के पिता और अन्य लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे बचाया, लेकिन आरोपी भागने में कामयाब रहा। हसनपुर थाने के एसएचओ सब इंस्पेक्टर विजय पाल ने बताया कि पीड़िता को पलवल के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां दो दिन तक उसका इलाज करने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई है।

    पाल ने कहा कि मंगलवार को आरोपी के खिलाफ 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन अगेंस्ट सेक्सुअल ऑफेंसेज एक्ट' (पोक्सो एक्ट) की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। एसएचओ ने कहा कि आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

  • बेटी को न्याय नहीं, आरोपी को राहत! पंचायत ने ₹1 लाख में किया समझौता, चिकन पार्टी का आरोप

    बेटी को न्याय नहीं, आरोपी को राहत! पंचायत ने ₹1 लाख में किया समझौता, चिकन पार्टी का आरोप

    रांची
    झारखंड के गुमला जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ इंसानियत बल्कि सिस्टम भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां तीन साल की मासूम बच्ची के साथ रेप की घटना के बाद पुलिस को सूचना देने के बजाय गांव में पंचायत बैठा दी गई. आरोप है कि पंचायत ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाकर मामला गांव में ही निपटाने की कोशिश की. इतना ही नहीं, आरोपी से मौके पर मिले 20 हजार रुपये से कुछ लोगों ने शराब और मांस की पार्टी भी कर ली. मामला तब खुला, जब गांव के ही एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दे दी. सूचना मिलते ही घाघरा थाना पुलिस गांव पहुंची, आरोपी को गिरफ्तार किया और पीड़िता की मां के बयान पर एफआईआर दर्ज कर ली। 

    घटना घाघरा थाना क्षेत्र के पलमा गांव की बताई जा रही है. पुलिस अब सिर्फ आरोपी की भूमिका ही नहीं, बल्कि मामले को दबाने की कोशिश करने वाले लोगों की भी जांच कर रही है. घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन साल की बच्ची के साथ हुई गंभीर वारदात को गांव में पंचायत के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है. गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण परिवार थाने नहीं पहुंच पा रहा था. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल गांव पहुंची. वहां पीड़िता की मां का बयान दर्ज किया गया और उसी आधार पर आरोपी सुनील लोहरा के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध बेहद गंभीर श्रेणी में आते हैं. ऐसे मामलों में किसी भी तरह का समझौता या पंचायत का फैसला कानून के दायरे में मान्य नहीं होता। 

    मां से कहा- बच्ची मुझे दे दो, फिर कमरे में ले गया

    पुलिस के अनुसार, घटना शाम करीब चार बजे की है. आरोपी सुनील लोहरा पीड़िता के घर पहुंचा. उस समय घर में बच्ची अपनी मां के साथ थी. आरोप है कि उसने महिला से कहा कि वह बच्ची को संभाल लेगा और महिला अपना काम कर ले. भरोसा मिलने के बाद वह बच्ची को अपने साथ कमरे में ले गया. कुछ देर बाद बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मां वहां पहुंची. आरोप है कि बच्ची गंभीर रूप से घायल थी. इसके बाद परिवार को दुष्कर्म की आशंका हुई और गांव में हड़कंप मच गया. पुलिस बुलाने के बजाय पंचायत बुलाई गई घटना के बाद सबसे पहले पुलिस को सूचना देने की बजाय मामला गांव के कुछ लोगों तक पहुंचा. आरोप है कि पंचायत के कुछ सदस्यों ने इस मामले को गांव में ही निपटाने की योजना बनाई. बताया जा रहा है कि पहले बच्ची को एक निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया. इसके बाद रविवार को पंचायत की बैठक हुई, जिसमें कथित तौर पर आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया. सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने मौके पर 20 हजार रुपये दे दिए, जबकि शेष 80 हजार रुपये एक सप्ताह के भीतर जमा करने के लिए कहा गया। 

    जुर्माने के पैसों से की गई पार्टी
    मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी से मिले 20 हजार रुपये से गांव में शराब और मांस की पार्टी की गई. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पंचायत के फैसले के बाद कुछ लोग उसी रकम से जश्न मना रहे थे. इसी दौरान पुलिस गांव पहुंच गई और पूरा मामला सामने आ गया. पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पीड़िता की मां का बयान दर्ज किया गया और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अगर गांव के एक जागरूक व्यक्ति ने गुप्त सूचना नहीं दी होती, तो संभव है कि यह मामला पंचायत के फैसले के साथ दब जाता. यही सूचना पुलिस के लिए पूरे मामले तक पहुंचने का आधार बनी. पुलिस ने बिना देर किए गांव पहुंचकर कार्रवाई की और आरोपी को हिरासत में ले लिया. अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि किन लोगों ने पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया और कानून की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। 

    पंचायत की भूमिका भी जांच के दायरे में
    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पंचायत की बैठक किसने बुलाई, उसमें कौन-कौन शामिल था और किस आधार पर इतने गंभीर अपराध में आर्थिक जुर्माने का फैसला लिया गया. यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी ने जानबूझकर अपराध को छिपाने, पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने या साक्ष्य प्रभावित करने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 

    मुखिया ने कहा- बैठक की जानकारी नहीं थी
    अरंगी पंचायत के मुखिया लोदो एक्का ने कहा कि पलमा गांव में हुई इस बैठक की उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि जब पुलिस गांव पहुंची और मामला सामने आया, तब उन्हें इस बैठक की सूचना मिली. उन्होंने इस पूरी पंचायत से खुद को अलग बताया है. कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों में किसी भी तरह का सामाजिक समझौता, पंचायत या आर्थिक लेनदेन कानून की नजर में स्वीकार्य नहीं है। 

  • दुष्कर्म के आरोपी का एनकाउंटर, बंगाल की राजनीति गरमाई! महुआ मोइत्रा की तीखी प्रतिक्रिया

    दुष्कर्म के आरोपी का एनकाउंटर, बंगाल की राजनीति गरमाई! महुआ मोइत्रा की तीखी प्रतिक्रिया

     बारुईपुर 

    पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। खबरें थीं कि अधिकारियों को चौथे संदिग्ध की भी तलाश थी।

    बुधवार को बारुईपुर एसपी ने जानकारी दी, 'बारुईपुर दुष्कर्म और मर्डर केस का आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जब क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा रहा था, तब उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और गोलियां भी चला दी थीं। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास को मार गिराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।'

    अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच जारी है।

    72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट
    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को इस केस की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को इसके लिए 72 घंटों का समय दिया था। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पीड़िता के परिवार से कहा था कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। वह मंगलवार को परिवार से मिलने पहुंचीं थीं।

    आरोपियों ने कर रखी थी प्लानिंग
    पीटीआई भाषा से बातचीत में अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया, 'प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।'

    शव को ठिकाने लगाने की हुई कोशिश
    जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।' इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटे-मॉर्टम डूबने' के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी।

    एनकाउंटर पर भड़कीं महुआ मोइत्रा

     बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या करने के मामले का आरोपी प्रभाष मंडल बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस एनकाउंटर के बाद राजनीति तेज हो गई है। ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश 2.O करार दिया है।

    महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ''बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों नए बंगाल यानी कि उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। बंगाल भाजपा यह कोई सरकार नहीं है, यह जंगल राज है।''

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपी को मंगलवार रात बारुईपुर के सूर्यपुर ले जाया गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

    पुलिस ने बताया कि इस दौरान गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था।

    शुभेंदु ने 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट
    इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ ष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था। उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने कहा, “हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।”

    उन्होंने कहा, "भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।"

    बोरी में मिला था लड़की का शव
    आपको बता दें कि लड़की का शव रविवार को सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

    मामले के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। राज्य सरकार ने घटना की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

     

  • नागपुर में पुलिस को बड़ी सफलता, रेप और कथित जबरन धर्मांतरण केस का मुख्य आरोपी मौलवी गिरफ्तार

    नागपुर में पुलिस को बड़ी सफलता, रेप और कथित जबरन धर्मांतरण केस का मुख्य आरोपी मौलवी गिरफ्तार

    नागपुर 

     महाराष्ट्र के नागपुर में वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के साथ मारपीट, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले का तीसरा आरोपी मौलाना मजरत महमूद मकसूद, जो लंबे समय से फरार चल रहा था, बुधवार देर रात सोनेगांव पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया।

    इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मौलाना को आज यानी गुरुवार (18 जून) को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी।

    दरअसल, वायुसेना के एक अधिकारी की पत्नी के कथित धर्म परिवर्तन और दुर्व्यवहार का सनसनीखेज मामला इस सप्ताह की शुरुआत में सामने आया था। महिला ने अपने एक पुराने सहपाठी और उसके साथियों पर बलात्कार, ब्लैकमेल, काला जादू और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है।

    इस मामले में मुख्य आरोपी अय्याज मदारे उसका साथी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। वहीं गिरफ्तार मौलवी ने धर्मांतरण और निकाह में सक्रिय भूमिका निभाई थी ।

    पूछताछ में होगा खुलासा
    मौलाना को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस का कहना है कि इससे पूछताछ के दौरान और भी जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस अब निकाहनामा ( विवाह प्रमाण पत्र) प्राप्त करने और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इसमें और भी लोग शामिल थे। वे यह भी पता लगाएंगे कि क्या अन्य महिलाओं को भी इसी तरह जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था।

    क्या है पूरा मामला
    एफआईआर के अनुसार, 8 फरवरी, 2025 को एक होटल में हुई बैठक के दौरान, अयाज ने 24 वर्षीय महिला के पेय में मादक पदार्थ मिला दिया। इसके बाद महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे। वीडियो और तस्वीरों के आधार पर महिला को ब्लैकमेल किया और धमकी दी कि वह वीडियो उसके पति को भेज देगा और उन्हें सोशल मीडिया पर फैला देगा।

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया और उससे लगभग 4 लाख रुपये जबरन वसूले गए।
    वीडियो में महिला रोती हुई और आरोपी अयाज मदारे से उसे छोड़ने की गुहार लगाती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में महिला को " छोड़ो मुझे " कहते हुए सुना जा सकता है, जबकि अयाज जबरदस्ती उसके हाथ पकड़े हुए धार्मिक मंत्रों का जाप कर रहा है और बार-बार उस पर फूंक मार रहा है। महिला खुद को छुड़ाने के लिए संघर्ष करती हुई दिखाई दे रही है। महिला का आरोप है कि बाद में उसे धर्म परिवर्तित घोषित कर दिया गया और उसके बाद उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास किया गया।

    एफआईआर में महिला ने आरोप लगायै कि अयाज उसके लिए अक्सर एक प्लास्टिक की बोतल में कोई तरल पदार्थ भरकर लाता था और उसे जबरदस्ती पिलाता था। इसके बाद वह कथित तौर पर उर्दू में कुछ बुदबुदाता था, उसके चेहरे पर फूंकता था और कहता था कि यह सम्मोहन और काला जादू है, फिर उसके साथ बलात्कार करता था।

    31 मई को मदारे और उसके साथी ने महिला को जबरन कलमेस्वर ले गए। वहां, तीसरे आरोपी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया गांव के हजरत मौलाना ने धार्मिक अनुष्ठान किए और महिला को जबरन कुबूल है कहने के लिए मजबूर किया ताकि वह इस्लाम धर्म अपना ले।

    महिला का कहना है कि यह सब उसके इच्छा के विरुद्ध किया गया था। अनुष्ठान के बाद, मौलाना ने घोषणा की कि महिला ने इस्लाम धर्म अपना लिया है और उसका अयाज के साथ निकाह हो गया है।