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  • 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका, अभिनेता अरुण बख्शी बनेंगे रावण

    19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका, अभिनेता अरुण बख्शी बनेंगे रावण

    अयोध्या
    भारतीय संस्कृति और रामायण की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई फिल्मी सितारों की रामलीला के आठवें संस्करण का शनिवार को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिला। इस बार पहली बार बाल कलाकारों ने संपूर्ण रामायण का मंचन किया। तीन से 17 वर्ष तक के बच्चों ने अपने अभिनय से रामकथा के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया। वहीं, 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन और आधुनिक मंच सज्जा ने प्रस्तुति को आकर्षक स्वरूप दिया।

    पहली बार बाल कलाकारों ने किया संपूर्ण रामायण का मंचन
    रामलीला के इस संस्करण में पहली बार बच्चों को संपूर्ण रामायण के मंचन का अवसर मिला। तीन से 17 वर्ष तक के बाल कलाकारों ने श्रीराम जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक के विभिन्न प्रसंगों को संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद दर्शकों का ध्यान खींचा और खूब तालियां बटोरीं।मंचन में श्रीराम जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, जनकपुर आगमन, सीता स्वयंवर एवं विवाह, राम वनवास, भरत मिलाप, चित्रकूट प्रसंग, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, किष्किंधा कांड, हनुमान मिलन, लंका दहन, रामसेतु निर्माण, रावण वध, अयोध्या वापसी और श्रीराम के राज्याभिषेक जैसे प्रसंग शामिल रहे।रामलीला के फाउंडर अध्यक्ष सुभाष मलिक, महासचिव शुभम मलिक और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जतिन मलिक ने संयुक्त रूप से बताया कि आयोजन में पहली बार बच्चों को अभिनय का अवसर दिया गया। उनके मुताबिक, हीरा पब्लिक स्कूल, एचएसवी ग्लोबल, पार्थ इंटरनेशनल, एचएसवी इंटरनेशनल और मिसरी देवी ज्ञान निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस पहल के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण की शिक्षाओं, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच देने का प्रयास
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई इस रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकप्रिय कलाकारों की भागीदारी और आधुनिक प्रसारण माध्यमों के जरिए आयोजन को देश-विदेश के दर्शकों से जोड़ने की तैयारी है।आयोजकों के अनुसार, पिछले सात संस्करणों को मिली सफलता के बाद आठवें संस्करण को और भव्य बनाने की तैयारी की गई है। इस बार आकर्षक मंच सज्जा और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य मनोरंजन के साथ भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े मर्यादा, त्याग, सत्य और कर्तव्य जैसे मूल्यों का प्रसार करना भी है।

    63 फिल्मी कलाकारों से सजेगी दिल्ली की रामलीला, 10 से 20 अक्टूबर तक होगा आयोजन
    विश्व की सबसे बड़ी रामलीला के रूप में चर्चित अयोध्या की रामलीला का आयोजन 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली में किया जाएगा। इसमें मनोज तिवारी, रवि किशन, रजा मुराद, बिंदु दारा सिंह, मालिनी अवस्थी और मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 काजिया लिज मेजो समेत 63 फिल्मी कलाकार विभिन्न किरदारों में नजर आएंगे। मेले का आयोजन दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक होगा, जबकि रामलीला का मंचन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा।

    19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका
    रामलीला में फिल्म और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां प्रमुख पात्रों के रूप में नजर आएंगी। आयोजकों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन भगवान श्रीराम की भूमिका निभाएंगे, जबकि अभिनेता अरुण बख्शी रावण का किरदार अदा करेंगे। दोनों कलाकारों की सहभागिता कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। संवाद, अभिनय और मंचीय प्रभावों के जरिए रामायण के प्रसंगों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की तैयारी है, जिससे विभिन्न आयु वर्ग के दर्शक भारतीय परंपराओं से जुड़ सकें।

    40 भाषाओं में प्रसारण, 60 देशों तक पहुंचेगा रामकथा का संदेश
    आयोजकों के मुताबिक, रामलीला का प्रसारण 80 से अधिक उपग्रह चैनलों के माध्यम से 40 भाषाओं में किया जाएगा। इसके जरिए भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामभक्ति का संदेश 60 देशों तक पहुंचाने की योजना है। इस बहुभाषी प्रसारण से विदेशों में रहने वाले भारतीयों सहित विभिन्न देशों के दर्शकों को अपनी भाषा में रामलीला देखने का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक विरासत और रामायण की शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

    परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम
    रामलीला के आठवें संस्करण में 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन, आकर्षक मंच सज्जा और कलाकारों के अभिनय के जरिए रामायण के प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। पारंपरिक कथा शैली के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आयोजन को खास बना रहा है। बाल कलाकारों की भागीदारी, लोकप्रिय फिल्मी कलाकारों की भूमिकाएं और बहुभाषी प्रसारण इस संस्करण की प्रमुख विशेषताएं हैं। आयोजन के जरिए रामायण की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से कोरोना काल में शुरू हुई रामलीला, 15 से 25 जनवरी तक अयोध्या में आयोजन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से कोरोना काल में शुरू हुई रामलीला, 15 से 25 जनवरी तक अयोध्या में आयोजन

    देश की सबसे बड़ी रामलीला में पहली बार तीन वर्ष के बच्चे करेंगे अभिनय

    अयोध्या से चर्चित फिल्मी कलाकारों की रामलीला का आठवां संस्करण दिल्ली में

    -दो माह बाद जनवरी में नौवां संस्करण अयोध्या में किया जाएगा आयोजित

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से कोरोना काल में शुरू हुई रामलीला, 15 से 25 जनवरी तक अयोध्या में आयोजन

    दिल्ली में 10 से 20 अक्टूबर तक सजेगा राममंच, देश-विदेश के दर्शकों को दिखेगी भव्य प्रस्तुति

    -62 करोड़ दर्शकों का आंकड़ा पार कर चुकी प्रस्तुति, 60 देशों तक पहुंचेगा रामभक्ति का संदेश

    अयोध्या
    अयोध्या से चर्चित फिल्मी कलाकारों की रामलीला को देश की सबसे बड़ी रामलीला माना जाता है। इस वर्ष पहली बार दिल्ली में अपना आठवां संस्करण प्रस्तुत करेगी। इस भव्य आयोजन में तीन वर्ष के छोटे बच्चों से लेकर सोलह वर्ष तक के बाल कलाकार सुबह के सत्र में अभिनय करेंगे, जबकि शाम को साठ से अधिक फिल्मी सितारे मंच पर नजर आएंगे। नवां संस्करण दो माह बाद जनवरी में अयोध्या में आयोजित होगा। यह रामलीला कोरोना काल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई थी और अब यह विश्व स्तर पर रामभक्ति का संदेश पहुंचा रही है।

         दिल्ली में आयोजन 10 से 20 अक्टूबर तक नई दिल्ली स्थित रफी मार्ग पर कांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में होगा। यहां सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तीन से सोलह वर्ष के बच्चे अयोध्या की रामलीला में भाग लेंगे। शाम 7 बजे से 10 बजे तक फिल्मी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। आयोजन स्थल पर शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक मेले का भी आयोजन होगा। हॉल की बैठने की क्षमता करीब 600 लोगों की है। 120 फीट लंबी एलईडी टीवी स्क्रीन लगाई जाएगी, ताकि दर्शकों को भव्य दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई दें। माना जा रहा है कि इतनी कम उम्र के बच्चों वाली रामलीला पहली बार हो रही है। इसमें भगवान श्रीराम के बचपन के स्वरूपों को भी विशेष रूप से दिखाया जाएगा। यह आयोजन न केवल कलाकारों के अभिनय से यादगार बनेगा, बल्कि तकनीकी व्यवस्थाओं जैसे विशाल एलईडी स्क्रीन और बहुभाषी प्रसारण से भी नए आयाम स्थापित करेगा। संस्थापक सुभाष मलिक (बॉबी)और शुभम मलिक की अगुवाई में टीम लगातार तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग से शुरू हुई यह रामलीला अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है। दिल्लीवासियों और देश-विदेश के रामभक्तों के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे मावलंकर हॉल में पहुंचकर या टीवी पर बैठकर इस अद्वितीय रामलीला का आनंद लें। अक्टूबर में दिल्ली और जनवरी में अयोध्या दोनों स्थानों पर रामकथा का मंच सजेगा और करोड़ों दिलों में भक्ति का संचार होगा। 

    राम के अभिनय में पहली बार सामने आयेंगे सांसद रवि किशन
    प्रभु श्रीराम की भूमिका में गोरखपुर सांसद और भोजपुरी-बॉलीवुड स्टार रवि किशन नजर आएंगे। 19 अक्टूबर को वे पहली बार राम का किरदार निभाएंगे। इससे पहले वे केवट, भगवान परशुराम और भरत की भूमिकाएं अदा कर चुके हैं। लंकापति रावण की भूमिका में अरुण बख्शी होंगे। बिंदु दारा सिंह भगवान शिव के रूप में, पुनीत इस्सर भगवान परशुराम के रूप में, रजा मुराद अहिरावण के रूप में और अवतार गिल मेघनाद के रूप में मंच पर आएंगे। कुल मिलाकर साठ से अधिक फिल्मी सितारे इस रामलीला में अभिनय करेंगे। रिहर्सल दिल्ली और मुंबई के कलाकार कर रहे हैं।

    अयोध्या में दस दिन चलेगी रामलीला
    अयोध्या में नवां संस्करण 15 जनवरी 2027 से 25 जनवरी 2027 तक होगा। अब तक अयोध्या में सात संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं। कोरोना काल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रामलीला को अनुमति दी थी, जो आज संसार की सबसे बड़ी रामलीला बन चुकी है।

    80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों व 40 भाषाओं में होगा प्रसारण
    सुभाष मलिक बताते हैं कि पिछले वर्ष इस प्रस्तुति को 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने अपने घर बैठे देखा। इस वर्ष भी 80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों पर 40 भाषाओं में इसका प्रसारण होगा। साठ से अधिक देशों तक रामभक्ति का संदेश पहुंचेगा। देश-विदेश के दर्शक इस भव्य प्रस्तुति का आनंद ले सकेंगे।

    राजधानी के लोगों को अयोध्या की भव्यता का होगा अनुभव
    अयोध्या की रामलीला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह बच्चों को रामकथा से जोड़ने का भी माध्यम बन रही है। तीन वर्ष के छोटे बच्चे मंच पर आकर भगवान के बाल स्वरूप को जीवंत करेंगे, जो इस आयोजन को और भी विशेष बनाता है। दिल्ली में पहली बार होने वाला यह संस्करण राजधानी के लोगों को अयोध्या की भव्यता का अनुभव कराएगा। मेले के साथ जुड़ी गतिविधियों से पूरा माहौल राममय हो जाएगा।

  • दिल्ली की लव कुश रामलीला इस बार नई तकनीक और भव्यता से सजेगी

    दिल्ली की लव कुश रामलीला इस बार नई तकनीक और भव्यता से सजेगी

    नई दिल्ली
    लाल किला मैदान में 11 अक्टूबर से होने वाली लव कुश रामलीला में इस बार दर्शकों को काफी कुछ नया देखने को मिलेगा। इस साल रामलीला का पंडाल मीनाक्षी मंदिर की थीम पर सजाया जाएगा। यहां आने वाले लोगों को ऐसा महसूस होगा कि वह मीनाक्षी मंदिर में घूम रहे हैं। यही नहीं, इस साल रामलीला के लिए तैयार मंच चार मंजिला और भव्य होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अलग-अलग कार्यक्रमों में आने की सहमति भी दी है।

    लव कुश रामलीला कमेटी ने बताया, बॉलीवुड के कई कलाकार होंगे शामिल

    • रविवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि रामलीला का मंचन 21 अक्टूबर तक होगा।
    • रामलीला के पंडाल में एलईडी भी बड़ी लगाई जाएंगी। सीता हरण के दृश्य को हवा में होते हुए दिखाया जाएगा।
    • युद्ध के दृश्यों में भी विजुअल इफेक्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।
    • उन्होंने कहा, इस वर्ष की रामलीला में नई तकनीकें एआई और कंप्यूटर ग्राफिक्स, एनीमेशन, डिजिटल, हाइटेक, थ्री-डी मैपिंग, विजुअल इफेक्ट, 8ट्रैक डिजिटल साउंड सिस्टम के माध्यम फिल्म इंडस्ट्री के नामचीन टेक्निशियन की टीम की देख-रेख में मंचन होगा।
    • इस साल बॉलीवुड के 20 नामी फिल्म स्टार्स के अलावा टीवी और रंगमंच के 160 से ज्यादा कलाकार मंचन में विभिन्न किरदारों में नजर आएंगे।
    • पिछले साल की तरह इस साल भी सांसद मनोज तिवारी, सिंगर शंकर साहनी समेत कई महत्वपूर्ण किरदार निभाएंगे।
    • कमेटी का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा के लिए सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और पार्किंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    • हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, इसलिए आयोजन को पहले से ज्यादा भव्य और तकनीक से लैस बनाया जा रहा है।