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  • राज्यपाल रमेन डेका से खिलाड़ियों ने की सौजन्य मुलाकात, प्रदेश की खेल प्रतिभाओं ने बढ़ाया मान

    राज्यपाल रमेन डेका से खिलाड़ियों ने की सौजन्य मुलाकात, प्रदेश की खेल प्रतिभाओं ने बढ़ाया मान

    राज्यपाल रमेन डेका से प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों ने आज लोकभवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। खिलाड़ी छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे।

                 राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया और आगामी प्रतियोगिताओं में सफलता की शुभकामनाएं दीं।

                 राज्यपाल से भेंट करने वालों में अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर प्रदीप क्षत्री एवं लखपति सिंदूर, वेटलिफ्टर कैलाश सिक्का, बास्केटबॉल खिलाड़ी कु. सौपी सिक्का, थाई बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक विजेता कु. मानसी तांडी, सॉफ्टबॉल खिलाड़ी कु. गंगा सोना एवं कु. प्रतिमा सोना, फुटबॉल खिलाड़ी बोस्टो तांडी एवं राजेश महानंद, कराटे खिलाड़ी कु. लक्षिता तांडी, किक बॉक्सिंग खिलाड़ी कु. रीयाशा बाघ, पावरलिफ्टर कु. प्रिया हरपाल तथा ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन-5’ के विजेता रितेश पाल शामिल थे।

               राज्यपाल ने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

  • छत्तीसगढ़ में 26वीं राज्य स्तरीय जूडो चैंपियनशिप शुरू, सब-जूनियर और कैडेट खिलाड़ी दिखाएंगे दम

    छत्तीसगढ़ में 26वीं राज्य स्तरीय जूडो चैंपियनशिप शुरू, सब-जूनियर और कैडेट खिलाड़ी दिखाएंगे दम

    जूडो सिखाता है साहस, आत्मसंयम और अनुशासन का पाठ: राज्यपाल रमेन डेका

    राज्यपाल ने किया 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप का शुभारंभ

    रायपुर, 
    राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जूडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है। यह विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। विशेषकर बालिकाओं के लिए जूडो आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। राज्यपाल डेका आज सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप-2026 का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बालक-बालिका खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के तत्वाधान में बिलासपुर जूडो संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य भर के 16 जिलो से 240 खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक भाग ले रहे है।

    सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान

             राज्यपाल डेका ने कहा कि खेल हमें प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना, जीत में विनम्र रहना और हार से सीखकर आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं सहित एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान है।

    खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत

          राज्यपाल ने कोंडागांव जिले की जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि योगिता मंडावी को उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हेमवती नाग ने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और ओपन नेशनल प्रतियोगिता में पदक हासिल किए हैं। वहीं रंजीता कोरेटी ने ताइवान में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

    जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया

            समारोह में राज्यपाल डेका ने जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले हेमवती नाग, अभिषेक जायसवाल, कुमारी शारदा गोस्वामी और योगिता मंडावी को सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की

            राज्यपाल डेका ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और अनुशासन के साथ  उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।

           कार्यक्रम में कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, महासचिव शम्भू सोनी, बिलासपुर जिला जूडो संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला,  सहित खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।

  • रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने गिनाए खेलों के फायदे, बोले- अनुशासन के साथ बनता है बेहतर करियर

    रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने गिनाए खेलों के फायदे, बोले- अनुशासन के साथ बनता है बेहतर करियर

    रायपुर : खेलों से मिलती है शारीरिक मजबूती, अनुशासन और करियर की नई राह: राज्यपाल रमेन डेका

    नवभारत फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन में शामिल हुए राज्यपाल, विजेता और उपविजेता टीमों को किया सम्मानित

    रायपुर, 

    राज्यपाल रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।

    राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।

    डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है।

    राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। 

    समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।

  • यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव शुरू, राज्यपाल ने किया बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण

    यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव शुरू, राज्यपाल ने किया बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण

    विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा-  रमेन  डेका

    तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ,

    सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया राज्यपाल ने

    रायपुर, 
    राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवाओ को सिर्फ नौकरी पाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि  अपने विचारों को उद्यम में बदलने का साहस भी रखना चाहिए। एक अच्छा विचार, सही मार्गदर्शन और उपयुक्त तकनीक के साथ आगे बढ़े तो वही नवाचार सफल स्टार्टअप का रूप ले सकता है और आगे चलकर अनेक लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन सकता है।

    राज्यपाल डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर रायपुर में छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवाचार, उद्यमिता विकास और प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय ‘यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर उन्होंने  विश्वविद्यालय में स्थापित  सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी किया।

    राज्यपाल ने कहा कि हर क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ नई तकनीकों और नए प्रयोगों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के लिए आवश्यक मूलभूत खाद्य पदार्थों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है। जब हमारी खाद्य आवश्यकताएं सुरक्षित होंगी, तभी हम विकास के अन्य क्षेत्रों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवाचार की सबसे बड़ी संभावनाएं हमारे अपने संसाधनों में हैं। कृषि, वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट, जैविक खेती, पशुपालन और जनजातीय उत्पादों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। कृषि और जैव-प्रौद्योगिकी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि आज ऐसे नवाचारों की आवश्यकता है, जो किसानों की लागत कम करें, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाएं, फसल के नुकसान को कम करें तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध कराने में मदद करें। ऐसे नवाचार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।

    उन्होंने किचन गार्डन और बाड़ी की अवधारणा को फिर से बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

    राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार का सर्वेक्षण करें और उत्पाद या सेवा की मांग तथा बाजार की संभावनाओं को समझें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी स्पष्ट योजना और रोडमैप तैयार करना चाहिए। योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं।

    उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए परिश्रम और प्रशिक्षण के साथ बाजार का सर्वेक्षण, प्रबंधन क्षमता और वित्तीय समझ भी महत्वपूर्ण है। शिक्षा के साथ युवाओं को कौशल प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास में योगदान दे सकें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और नई शिक्षा नीति में भी कौशल एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है।
    इस अवसर पर डेका ने युवा नवाचारी उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन  भी किया।

    इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर डॉक्टर राजीव प्रकाश, एनआईटी के डायरेक्टर डॉ समीर बाजपेई, नाबार्ड के अधिकारी, सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्यमी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

  • ‘हनुमान अंश’ देखने पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, CM साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, सपरिवार लिया फिल्म का आनंद

    ‘हनुमान अंश’ देखने पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, CM साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, सपरिवार लिया फिल्म का आनंद

    राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सपरिवार देखी फिल्म ‘हनुमान अंश’

    मुख्यमंत्री साय ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की

    भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है : मुख्यमंत्री साय

    नीम करौली बाबा का जीवन मानव सेवा, प्रेम और भक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण : मुख्यमंत्री

    भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम

    मंत्रिपरिषद के सदस्य एवं निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्ष भी रहे उपस्थित

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल के सिनेमाघर में सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी सपरिवार उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों ने भी फिल्म देखी।

    फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और उसके जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से समाज को मानवता और लोककल्याण का संदेश दिया है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नीम करौली बाबा ने अत्यंत सरल शब्दों और सहज जीवन के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव सर्वोपरि रहा। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की सामर्थ्य रखता है।

    मुख्यमंत्री साय ने फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम है। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित है। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में समाज तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं।

    उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनके सेवा एवं भक्ति के संदेश पर आधारित है। 

    इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में राज्यपाल रमेन डेका का संदेश, समय का सदुपयोग और मेहनत से मिलेगी सफलता

    ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में राज्यपाल रमेन डेका का संदेश, समय का सदुपयोग और मेहनत से मिलेगी सफलता

    रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में हुए शामिल, कहा-समय का सदुपयोग और परिश्रम ही सफलता की कुंजी

    शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षक हुए सम्मानित

    रायपुर
    राज्यपाल रमेन डेका शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

    इंटरनेट और तकनीक का सदुपयोग करते हुए युवा सही दिशा में आगे बढ़े
         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

    आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक
          राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।

    देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर
            राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

    ’शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित’
            इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
          कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल,  एसईसीएल के डायरेक्टर बिरंची दास, हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर राज्यपाल रमेन डेका का बड़ा संदेश, बोले- और प्रयास जरूरी

    दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर राज्यपाल रमेन डेका का बड़ा संदेश, बोले- और प्रयास जरूरी

    दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयास जरूरी -राज्यपाल रमेन डेका

    वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज

    राज्यपाल ने टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित

    रायपुर
     राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में अभी और बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री सहज रूप से उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। तकनीक के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है।

    वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम को उल्लेखनीय योगदान के लिए किया सम्मानित

              राज्यपाल डेका से आज लोक भवन में वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीम के सभी सदस्यों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। टीम की उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने पर उन्होंने सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    शारदा ने 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी

              वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम द्वारा दृष्टिबाधित एवं सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अभिनव अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका सुके. शारदा के नेतृत्व में हुई। सुशारदा स्वयं अब तक 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 शिक्षक- शिक्षिकाएं अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ इस कार्य में योगदान दे रहे हैं।

    दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने समान अवसर

              राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ऑडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को और व्यापक बनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।

    वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल को 8 लाख से अधिक बार देखा गया

            वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं और इसे अब तक 8 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। टीम द्वारा विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम आधारित एवं उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा सहित वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सभी सदस्य उपस्थित थे।

  • सफलता का मंत्र: जुनून के साथ मेहनत करें, लक्ष्य जरूर होगा हासिल—राज्यपाल डेका

    सफलता का मंत्र: जुनून के साथ मेहनत करें, लक्ष्य जरूर होगा हासिल—राज्यपाल डेका

    लक्ष्य हासिल करने के लिए जुनून जगाएं और मेहनत करें: राज्यपाल रमेन डेका

    ​चाम्पा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण

    ​वरिष्ठ शिक्षकों, मेधावी विद्यार्थियों और रोजगार प्राप्त युवाओं का सम्मान

    ​रायपुर, 
    राज्यपाल रमेन डेका आज बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम चाम्पा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण किया। साथ ही, वरिष्ठ शिक्षकों, 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्रों, पीएटी (PAT) में चयनित विद्यार्थियों और 'हम होंगे कामयाब' योजना के तहत रोजगार प्राप्त 9 युवाओं को सम्मानित किया।

    ​जुनून और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी- राज्यपाल

    समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि नवनिर्मित सभाकक्ष से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सांस्कृतिक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शिक्षक-छात्र संबंधों की प्रगाढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने आचरण से छात्रों का रोल मॉडल बनना चाहिए। छात्रों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए जुनून पैदा करें और उसे हकीकत में बदलने के लिए निरंतर कड़ी मेहनत करें। नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह नीति कौशल विकास और विषय विशेषज्ञता हासिल करने में सहायक है।

    ​डिजिटल तकनीक का संतुलित उपयोग जरूरी

    मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक का इस्तेमाल केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही करें। सोशल मीडिया और एआई (AI) सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग आत्ममंथन और सृजनात्मक को कम कर देता है।

    ​ऐतिहासिक और गौरव का क्षण: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राज्यपाल के आगमन को चाम्पा गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए कहा कि शिक्षक न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी कराते हैं। उन्होंने छात्रों को असफलताओं से न घबराकर कड़ी मेहनत जारी रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने भी संबोधित किया।

    इस अवसर पर ​ राज्यपाल ने अपनी स्वर्गीय माता चम्पावती डेका की स्मृति में स्कूल परिसर में अमलताश का पौधा रोपा। राजस्व मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण किया।

    कार्यक्रम में  'बिहान' योजना की आजीविका दीदियों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने अवलोकन किया। इस दौरान दीदियों ने उन्हें धान और चावल के बीजों से निर्मित हस्तनिर्मित राखी बांधी, जिसकी राज्यपाल ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
     
    समारोह में ​शिक्षक व शिक्षाविद एस.एम. पाध्ये, डॉ. निशा झा, डॉ. डी.एन. राय, और भूषण धुरंधर तथा​प्रतिभावान छात्र जिज्ञासु वर्मा (12वीं स्टेट टॉपर), साक्षी वर्मा, अमित कुमार टंडन (10वीं), तथा पीएटी चयनित प्रवीण डहरिया, ममता साहू एवं मयंक वर्मा को सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

  • अंत्योदय पर राज्यपाल रमेन डेका का जोर, बोले- समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

    अंत्योदय पर राज्यपाल रमेन डेका का जोर, बोले- समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

    समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ: राज्यपाल रमेन डेका

    जल संरक्षण, पर्यावरण, जैविक खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं सुशासन पर दिया विशेष जोर

    गंभीरता, जवाबदेही और समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश

    राज्यपाल ने रायगढ़ में जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों से की चर्चा

    रायपुर
     प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका ने अपने दो दिवसीय रायगढ़ प्रवास के प्रथम दिवस जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों से चर्चा कर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। जिला कलेक्टोरेट  में आयोजित बैठक में उन्होंने जल संरक्षण, पौधारोपण, पर्यावरण संवर्धन, जैविक कृषि, स्वच्छता, योग, टीबी उन्मूलन, आजीविका, सहकारिता, सड़क सुरक्षा सहित बीस से अधिक बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। राज्यपाल डेका ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर.प्रसन्ना, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

    जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर दिया जोर

    राज्यपाल डेका ने जिले में जल संरक्षण एवं जल संचयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए कहा कि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अन्य राज्यों असम, त्रिपुरा एवं छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला में जल संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए वर्षा जल संग्रहण, वाटर हार्वेस्टिंग तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही पुराने कुओं, बावड़ियों तथा अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए, जिससे भू-जल स्तर में स्थायी सुधार हो सके। 

    ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश

    राज्यपाल डेका ने जिले में चल रहे पौधारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से अमृत सरोवर परिसरों में लगाए गए पौधों की संख्या एवं उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल संख्या बढ़ाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का दीर्घकालीन संकल्प है। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करने तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक परिसरों में व्यापक पौधारोपण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि जिले की औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से 10 हजार पीपल के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन्हें आमजन तक पहुंचाकर रोपित कराया जाएगा। राज्यपाल ने सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने और मृदा की प्रकृति के अनुरूप पौधारोपण एवं जल संरक्षण की समेकित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। 

    जैविक खेती एवं फसल विविधीकरण से बढ़े किसानों की आय

    राज्यपाल डेका ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए जीवामृत, कम्पोस्ट, ग्रीन मैन्योर, मदर कल्चर एवं ब्लू-ग्रीन तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न जैविक एवं औषधीय फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े किसानों को खेती के साथ डबरी निर्माण एवं मत्स्य पालन अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि कृषि आय के अतिरिक्त आय के अन्य स्रोत भी विकसित हो सकें। उन्होंने धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया।

    स्वच्छता केवल निर्माण नहीं, बेहतर रखरखाव भी जरूरी

    राज्यपाल डेका ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों की स्थिति तथा उनके रखरखाव की जानकारी ली। उन्होंने सार्वजनिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, बेहतर रखरखाव एवं उपयोगिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित किया जाए, जिनका पुनर्चक्रण संभव नहीं है, ताकि भूमि एवं पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके।

    योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान

    राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यालयों, छात्रावासों, महाविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में नियमित योग शिविर आयोजित करने तथा आम नागरिकों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

    टीबी उन्मूलन एवं विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास पर विशेष ध्यान

    राज्यपाल ने जिले में टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि जिले के सभी आदि सेवा केंद्र सक्रिय हैं तथा प्रत्येक सोमवार को निर्धारित समय तक ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं आवेदन प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए स्वयंसेवकों की भी नियुक्ति की गई है। 

    नालंदा लाइब्रेरी की सराहना करते हुए युवाओं के लिए बताया उपयोगी

    राज्यपाल ने जिले में संचालित सामुदायिक लाइब्रेरी की जानकारी ली और नालंदा लाइब्रेरी की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला मुख्यालय के साथ जिले के धरमजयगढ़, तमनार, घरघोड़ा एवं लैलूंगा जैसे सुदूर विकासखंडों में भी नालंदा लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    महिलाओं को स्वरोजगार एवं आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों एवं लखपति दीदी पहल की जानकारी लेते हुए राज्यपाल ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को महिलाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार एवं आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला है।

    नशामुक्ति, सहकारिता एवं डिजिटल सेवाओं पर चर्चा 

    राज्यपाल ने नशामुक्ति अभियान को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए इस दिशा में जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने सहकारिता विभाग को निष्क्रिय समितियों के स्थान पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में नई समितियों के गठन की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा करते हुए दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों के समय भारी वाहनों एवं डंपरों के आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण रखने को कहा, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

    रेडक्रॉस एवं एनसीसी को मजबूत बनाने पर जोर

    राज्यपाल ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों की संख्या बढ़ाने तथा अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने एनसीसी गतिविधियों की भी जानकारी ली और युवाओं में अनुशासन, सेवा भावना एवं राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने पर बल दिया। बैठक के अंत में राज्यपाल रमेन डेका का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। बैठक में  जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

    राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

    राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

    रायपुर,
    राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लोकभवन आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी बिरला का स्वागत किया।