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  • चक्रधर समारोह में गूंजा महाराजा चक्रधर सिंह का कला योगदान, राज्यपाल बोले- नई पीढ़ी तक पहुंच रही विरासत

    चक्रधर समारोह में गूंजा महाराजा चक्रधर सिंह का कला योगदान, राज्यपाल बोले- नई पीढ़ी तक पहुंच रही विरासत

    महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह: राज्यपाल रमेन डेका

    महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को राज-सिंहासन से ऊपर रखा, रायगढ़ घराने को दिलाई विश्व पहचान 

    23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में देश-प्रदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुतियां

    रायपुर, 
     राज्यपाल रमेन डेका ने संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रायगढ़ की धरती पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का सोमवार को महाराजा चक्रधर की तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत भव्य शुभारंभ किया। राज्यपाल रमेन डेका ने समारोह का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। 14 से 23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में आयोजित समारोह में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी गायन, वादन, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां देंगी।

    राज्यपाल ने कलाकारों का किया सम्मान

              शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने समारोह में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान किया। पद्मडॉ. उषा बारले, पद्मअनुज शर्मा सहित अन्य कलाकारों और कला गुरु स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह की सांस्कृतिक गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की।

              राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चक्रधर समारोह महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और उनकी दूरदृष्टि को स्मरण करने का अवसर है। रायगढ़ भारतीय शास्त्रीय कलाओं की महत्वपूर्ण धरोहर भूमि है और रायगढ़ घराने के कथक ने देश ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। महाराजा चक्रधर सिंह ने राजसिंहासन से अधिक महत्व कला को दिया। उन्होंने कलाकारों को संरक्षण दिया और संगीत, नृत्य एवं साहित्य को आमजन के जीवन से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की कृतियां ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ आज भी कला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने अपनी साधना से यह सिद्ध किया कि कला किसी एक स्थान या केंद्र की मोहताज नहीं होती। जहां निरंतर साधना होती है, वही स्थान कला का तीर्थ बन जाता है। रायगढ़ की पहचान आज संगीत, घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और नृत्य की भाव-भंगिमाओं से जुड़ी है।

                राज्यपाल ने कहा कि चक्रधर समारोह अब केवल एक शासकीय या संस्थागत आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बन चुका है। देश के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलना इस समारोह की विशेषता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में अपनी जड़ों के प्रति जुड़ाव पैदा करते हैं। युवाओं को परंपरा के साथ नवाचार को जोड़ते हुए कला को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पंथी, राउत नाचा, भरथरी, सुआ, करमा सहित आदिवासी नृत्य और लोकगीत हमारी सांस्कृतिक विविधता की पहचान हैं। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता है और चक्रधर समारोह इसी सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

    विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण जरूरी

         राज्यपाल ने कहा कि विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी जरूरी है। रायगढ़ औद्योगिक विकास के साथ-साथ अपनी कला और संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। पिछले वर्ष समारोह ने अपने 40 वर्ष पूरे किए और अब 41वां समारोह नई ऊर्जा और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनते हैं और कला को समाज से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने का माध्यम हैं। आज के डिजिटल युग में भी नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। अपनी जड़ों से जुड़ाव पिछड़ापन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और ताकत है। चक्रधर समारोह अतीत को याद करने के साथ-साथ उस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

    महाराजा चक्रधर सिंह की अमूल्य रचनाओं और ग्रंथों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी- राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह

          41वें चक्रधर समारोह के पावन अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से समारोह की गरिमा और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह की गौरवशाली परंपरा रही है कि इसका शुभारंभ राज्यपाल के करकमलों से होता है। राज्यसभा सांसद सिंह ने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह का जन्म 19 अगस्त 1905 को हुआ था। उन्होंने ऐसे समय भारतीय कला, संगीत और संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया, जब हमारी अनेक सांस्कृतिक परंपराएं अपने मूल स्वरूप से दूर होती जा रही थीं। भारतीय संगीत और कला की उस गौरवशाली परंपरा को, जो मंदिरों, धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक अवसरों के साथ जनजीवन से जुड़ी रही है, उसके मूल स्वरूप में संरक्षित रखने के लिए महाराजा चक्रधर सिंह ने उल्लेखनीय प्रयास किए। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति के महान संरक्षक थे। उनकी रचनाएं और उनके द्वारा सृजित ग्रंथ भारतीय संगीत एवं कला जगत की अमूल्य धरोहर हैं। इन महत्वपूर्ण ग्रंथों का संरक्षण, अध्ययन और व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस महान सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें। राज्यसभा सांसद सिंह ने बताया कि उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह की महत्वपूर्ण रचनाओं और ग्रंथों के संरक्षण एवं प्रकाशन का विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी रखा है, जिस पर प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इन अमूल्य ग्रंथों के प्रकाशन की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार भारतीय संस्कृति, कला और गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। महाराजा चक्रधर सिंह ने जिस उद्देश्य के साथ भारतीय कला और संस्कृति की महान परंपरा को संरक्षित और समृद्ध किया, उसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    चक्रधर समारोह बढ़ा रहा रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासतः लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया

             लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत और नृत्य के क्षेत्र में जो समृद्ध विरासत रायगढ़ को दी, उसे आगे बढ़ाने में यह समारोह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह को निरंतर नई ऊंचाइयों तक ले जाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

             नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने अतिथियों और कलाकारों का स्वागत करते हुए आयोजन की सफलता के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, आयोजन समिति, मीडिया एवं रायगढ़वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की कला-संस्कृति की विशिष्ट पहचान है और इसे और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।

    संस्कृति समाज की आत्मा और कला उसकी जीवंत अभिव्यक्ति-कलेक्टर

            कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने समारोह में उपस्थित राज्यपाल, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और कला प्रेमियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, अधिकारी-कर्मचारियों, तकनीकी टीम, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों और कला प्रेमी नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति किसी समाज की आत्मा होती है और कला उसकी जीवंत अभिव्यक्ति। चक्रधर समारोह रायगढ़ की इसी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से समारोह कला और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा।

                इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, सभापति डिग्री लाल साहू, गुरूपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावार, सुभाष पाण्डेय, विकास केडिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के, सहित अन्य गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी, कला-संस्कृति से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

    गणेश वंदना से हुई 41 वें चक्रधर समारोह के कार्यक्रम की शुरुआत

    वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने दी मनमोहक प्रस्तुति

              सुर-ताल, छंद और घुंघरुओं की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 की पहली शाम का शुभारंभ रामलीला मैदान में गणेश वंदना के साथ हुआ। वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना ने समारोह के वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

              गणेश वंदना के बाद कलाकारों ने गायन और वादन की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। प्रस्तुति में श्रीमती प्रियंका साहू ने हारमोनियम पर संगत की। कुमारी सुनीता तिवारी, कुमारी ईश्वरी गुप्ता, कुमारी शुभांगी साहू, चवल कुमार पटेल, वेदप्रकाश आदित्य और बसंत यादव ने गायन की प्रस्तुति दी। वाद्य संगीत में देवलाल देवांगन ने पखावज, शान्तनु पटेल ने तबला, किशोर बारीक ने बाँसुरी तथा कुमारी शगुफ्ता बानो ने वायलिन वादन किया। आनन्ददास महंत ने घुंघरू वादन के माध्यम से प्रस्तुति को और आकर्षक बनाया।

              कार्यक्रम का निर्देशन श्रीमती प्रियंका साहू ने किया, जबकि सुरेश कुमार चन्देल संयोजक रहे। कलाकारों की सधी हुई प्रस्तुतियों ने समारोह की पहली शाम को सुर और ताल से यादगार बना दिया। रामलीला मैदान में उपस्थित दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

  • गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर, औद्योगिक विकास के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर: CM साय

    गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर, औद्योगिक विकास के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर: CM साय

    राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट से औद्योगिक विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की आत्मीय भेंट

    इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 सहित प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह से उनके रायपुर स्थित निवास पर आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड के प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 तथा प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में गेल (इंडिया) लिमिटेड का प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ सहायक उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में नई संभावनाओं वाले उद्योगों के विस्तार के साथ आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य आधारित विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 इसी दिशा में छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आधुनिक विनिर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश के लिए नई संभावनाएं बनी हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में आने वाला निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, क्षेत्रीय विकास और आर्थिक समृद्धि का माध्यम बने। राजनांदगांव की प्रस्तावित फर्टिलाइजर परियोजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

  • CG Badminton Tournament: रायपुर में जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ियों का महासंग्राम शुरू, रमन सिंह-साव ने किया उद्घाटन

    CG Badminton Tournament: रायपुर में जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ियों का महासंग्राम शुरू, रमन सिंह-साव ने किया उद्घाटन

    रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ

    रायपुर
    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता 9 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है।
        
    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जूडो, कराटे और कुश्ती सहित विभिन्न खेलों में यहां के खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ रहे हैं। 

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव को खेल नगरी के रूप में और अधिक विकसित करने के लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। खिलाडिय़ों की आवश्यकता के अनुरूप मैदान, कोर्ट, प्रशिक्षण सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर राशि का प्रावधान किया गया है। खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण, कोचिंग और प्रशिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे के लिए बेहतर अवसर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। 

    उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के बच्चे भी खेलों के प्रति उत्साह के साथ मैदानों में पहुंच रहे हैं। सुबह बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी, फुटबॉल और क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों का अभ्यास करते दिखाई देते हैं। यह राजनांदगांव की खेल संस्कृति और यहां की प्रतिभाओं की मजबूत नींव को दर्शाता है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजनांदगांव के खिलाड़ी प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
        
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी खिलाडिय़ों और आयोजकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राजनांदगांव संस्कारधानी के साथ-साथ अब खेलों की राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। ज्ञानेश्वरी यादव जैसे प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों ने विश्व स्तर पर राजनांदगांव का नाम रोशन किया है और जिले में ऐसी अनेक खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश जो खेलेगा, वही खिलेगा को आत्मसात करते हुए खिलाड़ी पूरी लगन और मेहनत के साथ खेलें, आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें। 

    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उत्कृष्ट खिलाडिय़ों की लंबित घोषणा को पूरा करते हुए इस वर्ष 156 खिलाडिय़ों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया है, जो सरकार की खेलों और खिलाडिय़ों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास के साथ विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार बड़े आयोजन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और खिलाडिय़ों की सुविधाओं के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा अधोसंरचना के संबंध में प्रस्ताव दिए जाने पर आवश्यकतानुसार बजट का प्रावधान करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता सफल होगी और यहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलकर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करेंगे।
        
    सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनांदगांव में वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी और बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा के बल पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उपस्थित खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ें। सांसद पाण्डेय ने दिग्विजय स्टेडियम परिसर में उपलब्ध भवन एवं अन्य संसाधनों का खिलाडिय़ों के हित में बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन सहित अन्य खेलों के प्रशिक्षण एवं अभ्यास के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जानी चाहिए, ताकि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, कोमल सिंह राजपूत, रमेश पटेल, राजेश श्यामकर, योगेश बागड़ी और सीईओ जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारी, कोच, प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।