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  • छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ के विकास पर सियासत तेज, साय सरकार की योजना में आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई शामिल

    छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ के विकास पर सियासत तेज, साय सरकार की योजना में आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई शामिल

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम के वनगमन पथ को विकसित करने की योजना को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने शोध के आधार पर राम वनगमन पथ के विकास के लिए स्थलों का चयन किया है। योजना के तहत वर्ष 2026 से 2029 तक तीन चरणों में विकास कार्य प्रस्तावित हैं। चयनित स्थलों पर आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि साधु-संतों और श्रद्धालुओं को ठहरने सहित अन्य जरूरी सुविधाएं मिल सकें।

    तीन चरणों में पूरा होगा विकास कार्य
    राज्य सरकार की योजना के अनुसार, राम वनगमन पथ से जुड़े स्थलों का विकास तीन वित्तीय वर्षों में किया जाएगा। पहले चरण में वर्ष 2026-27, दूसरे चरण में 2027-28 और तीसरे चरण में 2028-29 के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम से जुड़ी मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाना है।

    कांग्रेस सरकार ने 2019-20 में की थी शुरुआत

    छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पर्यटन परिपथ की घोषणा कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2019-20 में की थी। उस समय इतिहासकार स्वर्गीय हेमू यदु के शोध के आधार पर 75 स्थलों की सूची सामने आई थी। इनमें से नौ स्थलों को विकास के लिए चुना गया था।

    कांग्रेस शासन के दौरान चंदखुरी के कौशल्या मंदिर और शिवरीनारायण सहित कुछ प्रमुख स्थलों पर विकास कार्य हुए। हालांकि, बाकी स्थलों पर योजना का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। अब साय सरकार ने 31 स्थलों को शामिल करते हुए इस योजना को नए सिरे से आगे बढ़ाने की तैयारी की है।

    पहले चरण में इन स्थलों का होगा विकास
    वर्ष 2026-27 के पहले चरण में रुद्रेश्वर महादेव मंदिर (रुद्री, धमतरी), शृंगी ऋषि-सप्तर्षि आश्रम (नगरी-सिहावा), खरौद, रामाराम, चिंतामीटर मंदिर (सुकमा), रामगढ़, सीता बेंगरा, रामझरना (रायगढ़), विष्णु मंदिर (रामपुर-जुनवानी, कांकेर), चित्रकोट शिव मंदिर और सीतामढ़ी-हरचौका सहित कई स्थलों के विकास की योजना है।

    दूसरे चरण में इन धार्मिक स्थलों पर काम
    वर्ष 2027-28 के दूसरे चरण में राम-लक्ष्मण पायन, सीतामढ़ी-छतोड़ा, सीतामढ़ी-रापा, सीतामढ़ी-कनवाई, सीता लेखनी, सीताकुंड, राम-जानकी मंदिर (सारासोर), पैसर घाट, गड़िया मंदिर, छोटे डोंगर शिव मंदिर तोडमा, राम मंदिर (सूरजपुर) और कोटमसर-कोटि महेश्वर जैसे स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव है।

    तीसरे चरण में शिवरीनारायण और सिरपुर समेत अन्य स्थल
    वर्ष 2028-29 के तीसरे चरण में इंजराम शिव मंदिर, सिंगेश्वर, लोमश ऋषि
    आश्रम, विष्णु मंदिर, कुलेश्वर मंदिर, तीरथगढ़, सीताकुंड, मांडव्य आश्रम, शिवरीनारायण, वाल्मीकि आश्रम, वागेश्वर शिव मंदिर, रक्सा डोंगरी और सिरपुर स्थित राम दिवाला सहित अन्य स्थलों का विकास प्रस्तावित है।

    कांग्रेस ने चंद्रखुरी मंदिर को लेकर उठाए सवाल
    राम वनगमन पथ के लिए स्थलों के चयन को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भगवान श्रीराम के वनगमन मार्ग से जुड़े 75 स्थलों को विकसित करने की पहल की थी। इनमें चंद्रखुरी, शिवरीनारायण, सीतामढ़ी-हरचौका, रामगढ़, राजिम, नगरी-सिहावा, रामाराम, तुरतुरिया और चंपारण सहित नौ स्थलों पर निर्माण कार्य शुरू किया गया था।

    वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा घोषित स्थलों की सूची में माता कौशल्या मंदिर, चंद्रखुरी का उल्लेख नहीं होने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि राम वनगमन पथ से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और पहले से शुरू किए गए अधूरे विकास कार्य भी पूरे किए जाने चाहिए।

    शोध के आधार पर स्थलों के चयन का दावा
    राज्य सरकार ने स्थलों के चयन के पीछे शोध का हवाला दिया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के इतिहासकार स्वर्गीय हेमू यदु की वर्ष 2018 में प्रकाशित पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ पर्यटन में राम वनगमन पथ’ और पंडित राम अवतार शर्मा के अध्ययन को आधार बताया गया है। पंडित शर्मा ने अयोध्या से श्रीलंका तक भगवान श्रीराम के वनगमन मार्ग का अध्ययन करते हुए देशभर के 240 से अधिक स्थलों का उल्लेख किया था।

    पर्यटन मंत्री और कांग्रेस ने रखे अपने-अपने तर्क
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कुछ स्थलों को राम वनगमन पथ से जोड़ने का उल्लेख किसी ग्रंथ में नहीं मिलता। सरकार के अनुसार, चयन शोध के आधार पर किया गया है और अधूरे विकास कार्यों को भी पूरा किया जाएगा।

    वहीं, कांग्रेस के प्रदेश संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चंद्रखुरी में माता कौशल्या मंदिर के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने भाजपा पर भगवान श्रीराम के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करने का आरोप लगाया।

    धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर नजर
    राम वनगमन पथ के विकास से छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी सुविधाएं विकसित होने से श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सकती है। हालांकि, स्थलों के चयन और चंद्रखुरी मंदिर को सूची में शामिल नहीं किए जाने को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। अब योजना के निर्धारित चरणों में कार्य पूरा करना और चयनित स्थलों पर सुविधाएं विकसित करना सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा।

  • राम मंदिर दान व्यवस्था में बड़ा बदलाव: सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए कर्मचारियों पर नया ड्रेस कोड लागू

    राम मंदिर दान व्यवस्था में बड़ा बदलाव: सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए कर्मचारियों पर नया ड्रेस कोड लागू

     लखनऊ,
      
    राम मंदिर के दान काउंटिंग सिस्टम में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. काउंटिंग हॉल में अब कर्मचारियों को सख्त सुरक्षा व्यवस्था और दोहरी जांच (डबल चेकिंग) के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, काउंटिंग कर्मचारियों के लिए अब नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। 

    कर्मचारियों को बिना किसी जेब (पॉकेट) वाली डार्क ब्लू रंग की ड्रेस पहनना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही काउंटिंग हॉल में प्रवेश से पहले प्रत्येक कर्मचारी को दो चरणों की सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। 

    वहीं, काउंटिंग का कार्य अब कुर्सी-मेज पर नहीं, बल्कि जमीन पर बैठकर कराया जाएगा. मोबाइल फोन, कैमरा, बैग और अन्य निजी सामान काउंटिंग हॉल के अंदर ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. कर्मचारियों को काउंटिंग हॉल में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल भी बाहर ही उतारने होंगे। 

    इस बीच, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार नए खुलासों के साथ सुर्खियों में बना हुआ है. इस मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा के नाम पर मंदिर में 'व्यवस्था कार्यकर्ता' के तौर पर एंट्री पास जारी किया जाता था। 

    आरोप है कि मंदिर में होने वाले हर विशेष कार्यक्रम के दौरान अनुकल्प मिश्रा के नाम से एंट्री पास बनाया जाता था. दावा किया जा रहा है कि इसी व्यवस्था कार्यकर्ता वाले पास के जरिए उसे मंदिर परिसर में प्रवेश मिलता था. आरोप यह भी हैं कि इसी पास के आधार पर वह चढ़ावे की राशि की गिनती की प्रक्रिया में शामिल होता था। 

  • नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ में बड़ा खुलासा, 02 अप्रैल को दिखेगा ‘राम’

    नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ में बड़ा खुलासा, 02 अप्रैल को दिखेगा ‘राम’

    मुंबई,

     फिल्मकार नमित मल्होत्रा की आने वाली फिल्म रामायण की अगली झलक ‘राम’ 02 अप्रैल को रिवील होगी। रामायण 2026 की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है, जिसे एक भव्य सिनेमाई स्पेक्टेकल के रूप में ग्लोबल स्तर पर बनाया जा रहा है। नितेश तिवारी के निर्देशन में और नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बन रही यह दो भागों में आने वाली महाकाव्य फिल्म दुनिया भर के बेहतरीन क्रिएटिव टैलेंट को साथ लेकर एक ऐतिहासिक सिनेमाई इवेंट बनने की तैयारी में है।

    इसी उत्साह को और बढ़ाते हुए नमित मल्होत्रा ने 27 मार्च को मनाई जा रही राम नवमी के शुभ अवसर पर अपने सोशल मीडिया पर एक बेहद पर्सनल नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने रामायण के इस सफर के पीछे की कहानी बताई और साथ ही एक बड़ा अपडेट भी रिवील किया।

    पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा,शुभ राम नवमी।यह एक ऐसी कहानी है जो हम सभी की है, और जो भी कदम हम उठा रहे हैं, वह पूरी जिम्मेदारी, श्रद्धा और समर्पण के साथ उठाया गया है, जिससे हमारी अपनी रामायण को उसकी सच्ची भावना और भव्यता के साथ पूरी ईमानदारी से जीवंत किया जा सके।हम अगली झलक ‘राम’ को 02 अप्रैल को, हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर शेयर करने के लिए उत्सुक हैं, जहां हम अपने कई सालों की मेहनत को एक भव्य वर्ल्ड रिवील के जरिए फैंस के साथ साझा करेंगे और इस खास पल को पूरी दुनिया में सेलिब्रेट करेंगे।आपके प्यार, विश्वास और धैर्य के लिए धन्यवाद।”
    फिल्म रामायण ने रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे, साई पल्लवी सीता के किरदार में होंगी, रॉकिंग स्टार यश दमदार रावण के रूप में दिखेंगे, सनी देओल शक्तिशाली हनुमान बनेंगे और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभाएंगे।

    नितेश तिवारी के निर्देशन में और नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज द्वारा, आठ बार ऑस्कर जीत चुकी डीएनइजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के साथ मिलकर बनाई जा रही रामायण को एक पाथब्रेकिंग सिनेमाई स्पेक्टेकल के रूप में देखा जा रहा है। यह दो भागों में आने वाली फिल्म दुनियाभर में आईमैक्स पर रिलीज होगी, जिसमें पहला पार्ट दिवाली 2026 और दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में
    रिलीज होगा।